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80 साल की बुजुर्ग महिला पेंशन लेने कलेक्ट्रेट पहुंची:कहा- फिंगरप्रिंट नहीं आने पर 5 साल पहले अफसरों ने बंद कर दी; चैंबर से बाहर आए कलेक्टर

जालोर में बुधवार को सरकारी व्यवस्था से परेशान एक बुजुर्ग महिला जिला कलेक्ट्रेट पहुंचीं। 80 साल की दृष्टिहीन बुजुर्ग महिला ने बताया कि बुजुर्ग होने के कारण बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान उसके हाथों के निशान स्पष्ट नहीं आ रहे थे। इसके कारण करीब 5 साल पहले उसकी पेंशन बंद कर दी गई। वे 5 सालों से सरकारी ऑफिसों में भटक रही है, लेकिन पेंशन चालू नहीं हुई। आखिरकार वे बुधवार को बेटी और पोती के साथ कलेक्टर से गुहार लगाने पहुंची। हालांकि जानकारी मिलते ही कलेक्टर अपने चैंबर से बाहर आए और गैलरी में ही बुजुर्ग महिला की समस्या सुनकर समाधान के निर्देश दिए। पहले देखिए- 3 तस्वीरें पति की कैंसर से हुई थी मौत
दृष्टिहीन बुजुर्ग महिला कोकु देवी(80) आहोर तहसील के जेतपुरा गांव की रहने वाली है। वे चलने में असमर्थ है, ऐसे में जमीन पर बैठकर ही मुश्किल से चल पाती है। कलेक्ट्रेट परिसर में बुजुर्ग महिला की हालत देखकर वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी चैनाराम मदद के लिए आगे आए। उन्होंने बुजुर्ग को सहारा देकर व्हीलचेयर पर बैठाया और जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गवांडे के चैंबर तक पहुंचाया। कोकु देवी की विधवा बेटी नाथुदेवी ने बताया- करीब 20 साल पहले उनके पिता सोनाराम बावरी की कैंसर से मृत्यु हो गई थी। इसके बाद बड़े भाई वीरमाराम का करीब 10 साल पहले निधन हो गया, जबकि छोटे भाई मंगलाराम की छह-सात महीने पहले खून की उल्टियां होने से मौत हो गई। अब परिवार में केवल महिलाएं और एक पोती रेशमा ही बची हैं, जिनके सामने आजीविका का गंभीर संकट है। फिंगरप्रिंट नहीं आने से बंद हुई पेंशन
नाथुदेवी ने बताया कि कोकु देवी को पहले 500 रुपए और बाद में 1000 रुपए मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिलती थी। लेकिन बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान फिंगरप्रिंट स्पष्ट नहीं आने के कारण करीब 5 साल पहले पेंशन बंद कर दी गई। इसके बाद परिवार ने कई बार आहोर एसडीएम और तहसीलदार कार्यालय के चक्कर लगाए, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला और समस्या का समाधान नहीं हुआ। बुजुर्ग महिला के कलेक्ट्रेट चैंबर पहुंचने की सूचना पर कलेक्टर डॉ. प्रदीप के गवांडे अपने चैंबर से बाहर आए और गैलरी में ही बुजुर्ग महिला की समस्या सुनी। इसके बाद सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को बुलाया और महिला को सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ लंबित पेंशन सहित सभी जरूरी दस्तावेज जल्द तैयार कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर बोले- जल्द मिलेगी पेंशन
कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गवांडे ने कहा- अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोकु देवी की बंद पेंशन शीघ्र शुरू कराई जाए, उन्हें आवास योजना सहित सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। साथ ही जिन दस्तावेजों की कमी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बनवाया जाए। मामले को निस्तारण कर दिया गया है। अफसरों को भी निर्देशित किया है कि बुजुर्ग के मामलों को प्राथमिकता से सुना जाए और उनकी समस्याओं को हाथों-हाथ समाधान हो। इस मामले में भी जरूरी निर्देश दे दिए हैं, पेंशन जल्द ही मिलना शुरू हो जाएगी।

ज्वेलर से 50 लाख के जेवरात लूटने की कोशिश:आंखों में मिर्ची डालकर बैग छीना; बाइक पर भागे दो बदमाश

जयपुर में ज्वेलर की आंखों में मिर्च डालकर 50 लाख के जेवरातों से भरा बैग लूटने की कोशिश की। ज्वेलर के पीछे आ रहे उनके पिता आए तो बदमाश भाग गए। मामला आमेर थाना क्षेत्र में मंगलवार रात का है। आमेर थानाधिकारी गौतम डोटासरा ने बताया कि पुलिस आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। बाइक पर सवार थे बदमाश थानाधिकारी ने बताया कि ज्वेलर अरुण प्रजापति की अकबरी मस्जिद के पास रानीसती नाम से दुकान है। वह मंलगवार रात दुकान को बंद कर फुलबाग कॉलोनी स्थित अपने घर जा रहा था। उसके पास एक बैग में करीब 50 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर भी थी। रास्ते में संस्कार स्कूल के पास बाइक सवार दो युवकों ने उसकी आंखों में मिर्ची डाल दी और जेवर से भरा बैग लूटने की कोशिश की। ज्वेलर के पिता प्रेम प्रजापति दूसरी बाइक से पीछे आ रहे थे। उन्होंने देखा कि दो युवक उनके बेटे से बैग छीनने की कोशिश कर रहे हैं। पिता को देखकर बदमाश घबरा गए और भाग गए। ज्वेलर ने आमेर थाने में आरोपियों के खिलाफ लूट के प्रयास का मामला दर्ज कराया है।

आगरा-मुंबई हाईवे पर 7 घंटे से 25KM का जाम, VIDEO:बसों-ट्रकों में भूखे-प्यासे फंसे लोग; भेरू घाट से मानपुर तक हजारों गाड़ियों की लगी कतार

मध्य प्रदेश के धार जिले में आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर बुधवार शाम 4 बजे से जाम लगा हुआ है। रात 11 बजे तक भी हालात सामान्य नहीं हो सके। भेरू घाट से मानपुर ब्रिज तक करीब 25 किलोमीटर लंबा जाम लगा है। सैकड़ों वाहन करीब 7 घंटे से फंसे हुए हैं। बसों, ट्रकों और निजी कारों में सफर कर रहे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं उमस, भूख और प्यास से परेशान हैं। करीब 7 घंटे से यात्री सड़क पर फंसे हुए हैं। सबसे ज्यादा परेशानी लंबी दूरी की बसों के यात्रियों को हो रही है। बसें घंटों से एक ही जगह खड़ी हैं। खाने-पीने का सामान खत्म होने लगा है। निजी वाहनों में बैठे लोग भी गर्मी और उमस से परेशान हैं। हाईवे पर दूर तक वाहनों की कतारें नजर आ रही हैं। जाम की ये तस्वीरें देखिए… भेरू घाट से मानपुर ब्रिज तक थम गया ट्रैफिक राहगीरों के मुताबिक, घाट वाले हिस्से में सड़क निर्माण कंपनी मरम्मत का काम करा रही है। इसी दौरान यातायात का दबाव बढ़ने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और हाईवे पूरी तरह जाम हो गया। कई लोग सोमवार शाम 4 बजे से भेरू घाट में फंसे हुए हैं। जाम में फंसे यात्री वसीम खान ने बताया कि वे करीब 7 घंटे से एक ही जगह पर खड़े हैं। न आगे बढ़ पा रहे हैं और न पीछे लौटने का रास्ता है। उनके मुताबिक, हाईवे पर हजारों लोग घंटों से फंसे हुए हैं। जानापाव कुटी से गणेश घाट तक लगी वाहनों की कतार वसीम खान ने बताया कि जाम मानपुर थाना क्षेत्र के फोरलेन पर जानापाव कुटी से धामनोद थाना क्षेत्र के गणेश घाट तक फैल गया। सड़क पर दूर तक ट्रक, बसें, कारें और अन्य वाहन खड़े दिखाई दे रहे थे। बारिश और गलत साइड से घुसी गाड़ियों ने बढ़ाई मुश्किल पुलिस के मुताबिक, लगातार बारिश से राहत कार्य प्रभावित हुआ। वहीं, कई वाहन चालक जल्द निकलने की कोशिश में गलत दिशा से वाहन ले आए, जिससे जाम और बढ़ गया। दोनों तरफ से वाहन आमने-सामने आने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। चढ़ाई पर खराब हुआ ट्रक, फिर बिगड़ गए हालात भेरू घाट की खड़ी चढ़ाई पर भारी वाहन पहले से धीमी गति से चल रहे थे। इसी दौरान बीच चढ़ाई पर एक ट्रक खराब होकर खड़ा हो गया। इसके बाद पीछे वाहनों की लंबी कतार लग गई। देखते ही देखते जाम करीब 25 किलोमीटर तक फैल गया और पूरा हाईवे ठहर गया। पुलिस पूरी टीम के साथ जाम खुलवाने में जुटी वाहन चालकों की परेशानी को देखते हुए मानपुर थाना प्रभारी महेंद्र मकाशले अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने यातायात व्यवस्था संभालने के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया। घाट का संकरा रास्ता होने के कारण वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बन सकी। धीरे-धीरे हटाया जा रहा खराब ट्रक, सामान्य करने की कोशिश पुलिस खराब ट्रक को सड़क से हटाकर एक-एक कर वाहनों को निकालने में जुटी है। पुलिसकर्मी यातायात नियंत्रित कर वाहनों को धीरे-धीरे आगे बढ़ा रही है, ताकि यातायात सामान्य हो सके। हालांकि रात 11 बजे तक भी हाईवे पर करीब 25 किलोमीटर लंबा जाम लगा हुआ है। हजारों यात्री, यात्री बसें, ट्रक और निजी वाहन अभी भी फंसे हुए हैं।

हॉस्पिटल में चार दिन से भर्ती ASI का निधन:लीवर में हो गया था इंफेक्शन; बाटाडू चौकी इंचार्ज पद पर कार्यरत थे

बाड़मेर पुलिस एएसआई का बुधवार को जोधपुर में इलाज के दौरान निधन हो गया। पिछले चार दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। बीपी, शुगर की प्रॉब्लम होने के साथ-साथ लीवर में इंफेक्शन हो गया था। एएसआई अनोपाराम फिलहाल बाटाडू चौकी के इंचार्ज है। निधन के बाद बाड़मेर और बालोतरा पुलिस में शोक की लहर है। बाटाडू चौकी इंचार्ज पद पर कार्यरत थे दरअसल, एएसआई अनोपाराम बालोतरा जिले के सिवाना, हिंगलाज थान के रहने वाले है। कांस्टेबल से पुलिस में भर्ती हुए थे। प्रमोशन होने के बाद हैड कांस्टेबल और एएसआई बने थे। अनोपाराम ने बाड़मेर कोतवाली समेत जिले भर के अलग-अलग थानों में ड्यूटी कर चुके है। फिलहाल बाटाडू चौकी इंचार्ज पद पर कार्यरत थे। चार दिन से अस्पताल में भर्ती थे पुलिस के अनुसार- अनोपाराम को बीपी और शुगर की बीमारी थी। करीब चार-पांच दिन पहले तबीयत खराब होने पर बाड़मेर हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। वहां से उनको जोधपुर रेफर कर दिया गया। वहां मेडिपल्स हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। वहां पर लीवर की समस्या ग्रस्त होने के कारण इलाज चल रहा था। बुधवार को सुबह इलाज के दौरान हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। वहां पर कागजी कार्रवाई के बाद उनके पार्थिव देह को उनके पैतृक गांव सिवाना लाया जा रहा है। वहां पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

जहां बस-ट्रेलर भिड़े,वहां घुमावदार सड़क पर न साइनबोर्ड, न लाइट:कन्फ्यूज होकर अचानक ब्रेक लगा देते हैं ड्राइवर, एक्सप्रेस-वे पर हादसे में 8 की मौत

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार रात 2:30 बजे कोलवा थाना इलाके में बस और ट्रेलर की भिड़ंत में 8 लोगों की मौत हो गई। बस में सवार 21 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। FSL और एक्सपट्‌र्स की टीम ने घटना स्थल देखा तो पता चला कि बस ट्रेलर के पीछे चल रही थी। रफ्तार में होने के कारण ट्रेलर नहीं दिखा और बस का आगे का हिस्सा ट्रेलर के बैक में फंस गया और आग लग गई। हादसे की वजह समझने के लिए भास्कर टीम मौके पर पहुंची। पड़ताल में सामने आया कि जहां हादसा हुआ, वहां बने लूप पर न कोई साइन बोर्ड है न ही लाइट। ऐसे में ड्राइवर रास्ता नहीं समझ पाते और कन्फ्यूजन में ब्रेक लगा देते हैं। यही कन्फ्यूजन कई बार हादसे की वजह बन जाता है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… न लाइट, न साइन बोर्ड राहगीरों से बात की तो पता चला कि यहां पर कोई साइन बोर्ड नहीं है, जिससे पता चल सके कि जयपुर के लिए आगे लूप बना हुआ है। लूप पर किसी प्रकार का कोई बोर्ड या अन्य साइन नहीं है। ऐसे में ड्राइवर को पता नहीं चलता कि लूप आ गया है या आने वाला है। लूप से आगे निकलने पर जब गलती का एहसास होता है तो ड्राइवर अचानक गाड़ी रोक लेते हैं। ऐसे में पीछे से आ रही गाड़ी से एक्सीडेंट का खतरा बढ़ जाता है। घटना स्थल के पास जहां से जयपुर के लिए रास्ता निकलता है, वहां रोड लाइट नहीं है। सीसीटीवी भी नहीं है। दुर्घटना संभावित क्षेत्र होने के बावजूद एंबुलेंस या दमकल नहीं थी। हादसे में घायल लोगों ने भी बताया कि हादसे के बाद काफी समय तक कोई सुरक्षा एजेंसी मौके पर नहीं पहुंची। हाईवे पर लगे साइन बोर्ड पर जयपुर का एरो नहीं इसके अलावा एक्सप्रेस-वे पर लूप से पहले एक साइन बोर्ड है। बोर्ड पर अजमेर और जयपुर लिखा है। अजमेर के नीचे एराे बनाकर दिखाया गया है कि आगे आने वाला लूप अजमेर की तरफ जाएगा। जयपुर के पास ऐसा कोई एरो नहीं बना हुआ। ऐसे में लोग कन्फ्यूज हो जाते हैं, क्योंकि गूगल मैप उस रास्ते को जयपुर का बताता है। भास्कर ने वहां से गुजर रहे मुकेश से बात की तो उन्होंने बताया कि नए ड्राइवर को एरो नहीं होने से परेशानी होती है। समझ नहीं पाते कि ये रास्ता जयपुर के लिए जा रहा है। जलते हुए बस से कूदे लोग, ड्राइवर बस में फंसने से जिंदा जला हादसा देखते हुए दूसरे ड्राइवरों ने अपने वाहन रोके और मदद को दौड़े। देखते ही देखते आग पूरी बस में फैल गई। जान बचाने के लिए झुलसे लोग बस से कूदे। इस दौरान कई लोग घायल भी हो गए। सबसे पहले आग केबिन में लगी, फिर पूरी बस में फैल गई। ड्राइवर बस में जिंदा जल गया। बस की डिक्की में जहां सवारियों का सामान रखा जाता है, वहां पर सिगरेट के पैकेट, दवाइयां, केमिकल के ड्रम और ऑयल क केन थे। … एक्सीडेंट की ये खबरें भी पढ़ें… राजस्थान में बस-ट्रेलर भिड़े, 8 मौतें:DNA टेस्ट से पहचान होगी, आग में फंसे थे 40 पैसेंजर्स; दावा- डिक्की में सिगरेट बॉक्स भरे थे राजस्थान के दौसा जिले में मंगलवार देर रात बस-ट्रेलर की भिड़ंत हो गई। एक्सीडेंट में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इनमें 6 लोगों की मौत आग में झुलसने से और 2 की सिर पर चोट लगने के कारण हुई है। (पूरी खबर पढ़ें) दौसा बस-अग्निकांड: ‘मेरी आंखों के सामने पत्नी जल गई साहब’:किसी ने मदद नहीं की; पैसेंजर बोलीं- मालूम नहीं पति कहां गिरे, लोग सीटों में फंसे थे अचानक सोकर उठे थे, झटका लगा और बच्ची का सिर आगे टकराया। मैंने देखा मेरे पति वहां नहीं थे। अपने 2 बच्चों के साथ पति को ढूंढ रही दिव्या ये कहते-कहते रोने लगी। बेटा बार-बार उनके आंसू पोंछ रहा है। (पूरी खबर पढ़ें)

बीकानेर में क्राइम-ब्रांच के सीआई का फ्लैट में शव मिला:चादर से पंखा साफ करते समय हादसा; जयपुर में पोस्टेड थे, 20 दिन से छुट्टी पर थे

बीकानेर में सीआईडी क्राइम ब्रांच के सीआई का शव उनके फ्लैट में मिला। सीआई की पत्नी अपने रिश्तेदारों के साथ बॉडी लेकर हॉस्पिटल पहुंचीं। यहां डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बीछवाल थाना प्रभारी दिगपाल सिंह ने बताया- सीआई श्रवण बिश्नोई पुलिस कॉलोनी स्थित फ्लैट में पत्नी और 7 साल के बेटे के साथ रहते थे। घटना के समय उनकी पत्नी घर पर थी, जबकि बेटा स्कूल गया हुआ था। परिजनों ने सुबह करीब 11 बजे फोन पर घटना की जानकारी दी। थानाधिकारी ने बताया- मृतक सीआई श्रवण के साले मनीराम ने पुलिस में मर्ग दर्ज करवाई है। इसमें बताया कि श्रवण पंखा साफ कर रहे थे। इसी दौरान अचानक लाइट आने से पंखा चल गया। इस दौरान जिस चादर से वे पंखा साफ कर रहे थे, वह उनके गले में फंस गई। इसके कारण श्रवण की मौत हो गई। इसके बाद सीआई की पत्नी ने रिश्तेदारों को फोन कर बुलाया और फिर उनके साथ सीआई का शव लेकर पीबीएम हॉस्पिटल पहुंचीं। यहां डॉक्टर ने जांच के बाद उनको मृत घोषित कर दिया। फिलहाल बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्च्युरी में रखा गया है। हालांकि मौत के कारणों को लेकर जांच की जा रही है। छुट्टी पर आए थे बीकानेर
जानकारी के अनुसार, श्रवण बिश्नोई 2014 बैच के एसआई थे। मूल रूप से कोलायत के चक विजयसिंहपुरा के रहने वाले श्रवण लंबे समय तक बीकानेर में ही एसीबी में कार्यरत थे। 2 महीने पहले उनका ट्रांसफर जयपुर में सीआईडी-सीबी में हो गया था। इसके बाद उन्होंने वापस बीकानेर ट्रांसफर के लिए काफी प्रयास भी किए थे, लेकिन तबादला नहीं हुआ। वे 20 दिन से छुट्टी पर थे और बीकानेर आए हुए थे। ये खबर भी पढ़ें मुझे माफ कर देना भाई…बोलकर युवक ने लगाया फंदा:वीडियो बनाकर ससुराल वालों पर लगाया आरोप; जिंदगी-मौत की जंग लड़ रहा सूरज…मुझे माफ कर देना भाई…मैं मेरी जिंदगी से हार चुका हूं, मैं परेशान हो गया हूं। अब मैं नहीं जी पाऊंगा…मेरे भाई .. अपने भाई से माफी मांगते हुए 25 साल के एक युवक ने फंदा लगाकर सुसाइड करने की कोशिश की। मामला भीलवाड़ा शहर का है। पूरी खबर पढ़ें

दावा- सरकार ने वॉट्सएप से यूजरनेम फीचर रोकने को कहा:मेटा को नोटिस, 3 दिन में जवाब मांगा; कहा- टेलीग्राम की तरह गलत इस्तेमाल की आशंका

केंद्र सरकार ने भारत में वॉट्सएप का यूजरनेम फीचर फिलहाल लॉन्च नहीं करने को कहा है। न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के मुताबिक बताया, सरकार ने मेटा को निर्देश दिया है कि जब तक इस फीचर पर बातचीत पूरी नहीं हो जाती, तब तक इसे भारत में शुरू न किया जाए। सरकार ने मेटा को नोटिस भी भेजा है और 3 दिन के भीतर इस फीचर पर जवाब मांगा है। सरकार इस फीचर के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल सरकार और मेटा की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। सरकार वॉट्सएप के नए यूजरनेम फीचर की जांच करना चाहती है। सरकार का कहना है कि इस फीचर से पहचान छिपाकर धोखाधड़ी और साइबर फ्रॉड का खतरा काफी बढ़ सकता है। चिंता इस बात को लेकर है कि जब यूजर्स को फोन नंबर छिपाने की आजादी मिल जाएगी, तो जालसाजों के लिए किसी दूसरे के नाम का फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों को धोखा देना आसान हो सकता है। मेटा ने अपने वॉट्सएप में मोबाइल नंबर बताए बिना चैट करने वाला फीचर लॉन्च किया है। इसमें लोग सिर्फ यूजरनेम के जरिए किसी नए व्यक्ति से चैट कर सकते हैं। भारत में वॉट्सएप के 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। इतने बड़े यूजर बेस की सुरक्षा और फेक प्रोफाइल से होने वाले फ्रॉड रोकने के लिए सरकार नए फीचर के सेफ्टी स्टैंडर्ड्स परखना चाहती है। तीन दिन पहले यूजरनेम फीचर लॉन्च किया था कंपनी ने 29 जून से दुनियाभर में यूजरनेम का रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। हालांकि, यह सुविधा सभी यूजर्स को एक साथ नहीं मिलेगी। आने वाले कुछ महीनों में इसे धीरे-धीरे सभी देशों में रोल आउट किया जाएगा। जब यह फीचर यूजर के इलाके में उपलब्ध होगा, तब उसके वॉट्सएप के अंदर नोटिफिकेशन मिलेगा। सबसे पहले जानें, जल्दी यूजरनेम बुक करना क्यों जरूरी है दुनियाभर में करोड़ों यूजर्स एक जैसे या मिलते-जुलते यूजरनेम चुन सकते हैं। ऐसे में जो लोग पहले अपना यूजरनेम रिजर्व करेंगे, उन्हें अपनी पसंद का यूजरनेम मिलने की संभावना ज्यादा होगी। WhatsApp के हेड कुणाल शाह ने X पर लिखा था सही समय ही सब कुछ है। दुनिया भर में यह फीचर जारी होने से पहले ही WhatsApp से जुड़ें और अपना यूजरनेम सुरक्षित कर लें। अब अपनी पसंद का यूजरनेम लेने का समय है। लोगों से जुड़ने का एक अधिक निजी (प्राइवेट) तरीका जल्द ही आपके WhatsApp पर आने वाला है। इस नए फीचर से क्या बदलेगा यूजरनेम फीचर आने के बाद कुछ स्थितियों में फोन नंबर अपने-आप दिखाई नहीं देगा। इनमें शामिल हैं: इस बदलाव से आपका फोन नंबर निजी (प्राइवेट) रहेगा। वह तभी दिखाई देगा, जब आप खुद उसे साझा करना चाहेंगे। वॉट्सएप Username फीचर से जुड़े 8 सवाल-जवाब, जो आपको जानना जरूरी है इन लोगों को आपसे संपर्क करने के लिए यूजरनेम की जरूरत नहीं होगी ……………….. यह खबर भी पढ़ें… वॉट्सएप 1 मार्च से सिम कार्ड के बिना नहीं चलेगा: सरकार ने डेडलाइन बढ़ाने से मना किया; कंप्यूटर पर हर 6 घंटे में लॉगआउट होगा केंद्र सरकार ने ‘सिम बाइंडिंग’ के नियमों को लागू करने की 28 फरवरी की डेडलाइन को बढ़ाने से इनकार कर दिया है। नए नियमों के तहत मोबाइल में सिम कार्ड न होने पर वॉट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल जैसे मैसेजिंग एप काम नहीं करेंगे। कंप्यूटर पर लॉगिन वॉट्सएप भी 6 घंटे में लॉगआउट हो जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे साइबर फ्रॉड रोकने में मदद मिलेगी। पूरी खबर पढ़ें…

तमिलनाडु में विजय सरकार गिराने की साजिश:TVK का दावा- 15 विधायकों का एक साथ इस्तीफा कराने 35 करोड़ रिश्वत देने की कोशिश

तमिलनाडु में एक्टर विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के विधायकों को 35 करोड़ रुपए का लालच देकर राज्य सरकार को गिराने की कथित साजिश का दावा किया गया है। राज्य के खुफिया विभाग ने कहा है कि इस योजना को समय रहते नाकाम कर दिया गया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, साजिश के तहत TVK के 15 विधायकों से एक साथ इस्तीफा दिलाकर सरकार को संकट में डालने की तैयारी थी। इसी बीच ऊथंगुरै से TVK विधायक डॉ. एन. इलैयाराजा ने आरोप लगाया कि उन्हें स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में वोट देने के बदले 35 करोड़ रुपए की रिश्वत की पेशकश की गई। शिकायत के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने जांच शुरू की और चेन्नई की एक कंसल्टेंसी फर्म से जुड़े तीन लोगों (तिरुनावुक्करासु, नरेष और त्यागराजन) को गिरफ्तार किया। जांच में उनके DMK विधायक सेंथिल बालाजी से संबंध होने की जानकारी मिली है। 35 करोड़ की पेशकश की गई थी: विधायक 29 जून को विधायक इलैयाराजा ने चेन्नई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि थिरुनावुक्करासु नाम के व्यक्ति ने खुद को एक सर्वे एजेंसी का प्रमुख बताकर उनसे फोन पर संपर्क किया। आरोपी ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव लाया जाएगा और उनसे सत्तारूढ़ दल के खिलाफ वोट देने को कहा। इसके बदले में उसने 35 करोड़ रुपए देने की पेशकश की। विधायक ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया। उनका आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने बातचीत का खुलासा करने पर उन्हें और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। हमारे विधायकों से संपर्क में हैं DMK नेता: कुमार तमिलनाडु के मंत्री सीटी निर्मल कुमार ने डीएमके पर एआईएडीएमके प्रमुख एडप्पाडी के पलानीस्वामी के साथ मिलकर विजय के नेतृत्व वाली सरकार को गिराने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि टीवीके के कई विधायकों को दल-बदल के लिए पैसे की पेशकश की गई है। उन्होंने कहा- डप्पाडी पलानीस्वामी और अन्य लोग गुपचुप तरीकों से सरकार बनाने की कोशिश कर रहे थे। आज हम उसका नतीजा देख रहे हैं। एमके स्टालिन और उदयनिधि के इशारे पर काम करते हुए सेंथिल बालाजी जैसे डीएमके के प्रमुख नेता हमारे कई विधायकों से संपर्क कर रहे हैं। वे उन्हें 20 करोड़ से 50 करोड़ रुपए तक की पेशकश कर रहे हैं। हमारा ऐसा कोई विधायक नहीं है, जिससे उन्होंने संपर्क न किया हो। TVK एक नैरेटिव गढ़ रहा है: डीएमके: डीएमके के प्रवक्ता ए. सरवनन ने कहा- टीवीके जांच से जुड़ी जानकारी लीक करके सिर्फ जनता के बीच सनसनी फैलाना चाहती है। इससे पता चलता है कि उन्हें तथ्यों की जानकारी नहीं है और वे सिर्फ एक मनगढ़ंत कहानी बना रहे हैं। अगर उसके पास पुख्ता सबूत हैं तो वह सेंथिल बालाजी को गिरफ्तार करके दिखाए। उन्होंने आगे कहा- विजय और सेंथिल बालाजी के बीच संबंध बेहद तनावपूर्ण हैं। डीएमके के पूर्व मंत्री करूर से ताल्लुक रखते हैं, जहां विजय की चुनावी रैली के दौरान भगदड़ मच गई थी। विजय ने तब बालाजी पर उन्हें बदनाम करने के लिए भगदड़ की साजिश रचने का आरोप लगाया था। बालाजी ने इस आरोप से इनकार किया था। जनता का समर्थन डीएमके के साथ था: स्टालिन हाल ही में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने कहा था कि TVK के पास अकेले सरकार चलाने के लिए पर्याप्त जनसमर्थन नहीं है, उन्होंने कहा कि पार्टी विधानसभा में बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंची है। इसलिए यह सरकार सहयोगी दलों के समर्थन से चल रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव में जनता का समर्थन उनकी पार्टी के साथ था और मौजूदा सरकार कुछ राजनीतिक दलों के गठबंधन और समर्थन के आधार पर बनी है, उन्होंने TVK सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह व्यवस्था ज्यादा समय तक आगे नहीं बढ़ पाएगी। ———————– तमिलनाडु से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… उदयनिधि का तमिलनाडु CM पर पत्नी को लेकर तंज:विपक्ष के नेता ने कहा- चेंगलपट्टू कोर्ट में पति की तलाश कर रही पत्नी तमिलनाडु की राजनीति में व्यक्तिगत टिप्पणियों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष के नेता उधयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर अप्रत्यक्ष रूप से व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि चेंगलपट्टू कोर्ट में एक पत्नी अपने पति को खोज रही है। पूरी खबर पढ़ें…

7kg तक का बैग हो तो इंडिगो में सस्ता टिकट:इकोनॉमी क्लास के लिए 'इंडिगो लाइट' स्कीम, आज से बुकिंग शुरू

इंडिगो ने केबिन बैग यानी हाथ में ले जाने वाले बैग के साथ सफर करने वाले पैसेंजर्स के लिए एक नया और सस्ता किराया ‘इंडिगो लाइट’ लॉन्च किया है। इस बैग में 7kg सामान ले जाया जा सकेगा। कंपनी ने यह कदम हवाई टिकटों की शुरुआती कीमतें कम करने के लिए उठाया है, ताकि बड़े सामान के बिना चलने वाले यात्रियों को कम पैसे देने पड़े। इंडिगो भारत की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन कंपनी है। पिछले महीने एयर इंडिया ने भी उन यात्रियों के लिए एक बेसिक इकोनॉमी किराया शुरू किया था, जिन्हें फ्लाइट में मुफ्त खाना नहीं चाहिए और वे कम खर्च में सफर करना चाहते हैं। इंडिगो के नए बदलावों को 5 आसान सवाल-जवाब में समझिए… सवाल 1: ‘इंडिगो लाइट’ क्या है और इससे यात्रियों को क्या फायदा? जवाब: ‘इंडिगो लाइट’ कंपनी का नया एंट्री-लेवल इकोनॉमी क्लास है। यह उन यात्रियों के लिए डिजाइन किया गया है, जो कम सामान के साथ यात्रा करते हैं। इसके तहत यात्रियों को सामान्य टिकट के मुकाबले कम बेस प्राइस यानी मूल किराया देना होगा। साथ ही उन्हें बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के ऑटो-असाइंड सीट यानी सिस्टम द्वारा दी गई सीट और अधिकतम 7kg तक का केबिन बैग ले जाने की अनुमति मिलेगी। सवाल 2: नया किराया कब से और कहां लागू होगा? जवाब: इंडिगो का यह नया किराया घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों पर लागू होगा। इसकी बुकिंग कंपनी की वेबसाइट और मोबाइल एप पर 1 जुलाई से शुरू हो गई है, जबकि इस किराए पर यात्रा की शुरुआत 15 जुलाई से प्रभावी होगी। सवाल 3: इंडिगो ने यह कदम क्यों उठाया? जवाब: एयरलाइंस आजकल पैसेंजर्स को सिर्फ उन्हीं सर्विसेज के पैसे चार्ज करना चाहती हैं, जिनका वे इस्तेमाल करते हैं। इंडिगो के चीफ स्ट्रैटजी ऑफिसर आलोक सिंह ने बताया, यह उन ग्राहकों के लिए तैयार किया गया है, जो कम सामान लेकर ट्रैवल करते हैं और सिर्फ उन्हीं सर्विसेस के लिए भुगतान करना चाहते हैं, जिनकी उन्हें जरूरत है। यह सफर को ज्यादा सुलभ और किफायती बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है। सवाल 4: क्या दूसरी एयरलाइंस भी इस तरह के सस्ते विकल्प दे रही हैं? जवाब: हां, बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के कारण कंपनियां लगातार ऐसे बदलाव कर रही हैं। एअर इंडिया ने भी पिछले महीने एक बेसिक इकोनॉमी किराया पेश किया था, जिसमें कॉम्प्लीमेंट्री मील (फ्री खाना) शामिल नहीं था। इसके अलावा, एयर इंडिया एक्सप्रेस के डायरेक्ट चैनल्स पर भी इस तरह का केबिन-बैग ओनली सिस्टम पहले से उपलब्ध है। पूरी खबर यहां क्लिक पढ़ें… सवाल 5: जेट फ्यूल (ATF) की कीमतों को लेकर क्या बड़ी खबर है? जवाब: सरकार ने घरेलू एयरलाइंस के लिए एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) यानी जेट फ्यूल की कीमतों में ₹5 प्रति लीटर की कटौती की है। इस कटौती के बाद देश में ATF की कीमत घटकर ₹110 प्रति लीटर पर आ गई है। फ्यूल सस्ता होने से भी एयरलाइंस को टिकट की कीमतें कंट्रोल करने में मदद मिलेगी। ——————– ये खबर भी पढ़ें… अब खराब विजिबिलिटी में भी प्लेन सुरक्षित उतरेंगे: सैटेलाइट सिग्नल से भारत में पहली बार कॉमर्शियल जेट की लैंडिंग, स्वदेशी गगन सिस्टम का सफल ट्रायल अब खराब विजिबिलिटी में भी प्लेन सुरक्षित लैंड कर सकेंगे। क्योंकि, भारत में पहली बार किसी बड़े कॉमर्शियल जेट को ग्राउंड से रेडियो सिग्नल भेजे बिना सीधे सैटेलाइट सिग्नल्स की मदद से सुरक्षित उतारने का सफल ट्रायल कर लिया गया है। विमानन नियामक DGCA की देखरेख में 27 जून को इंडिगो एयरलाइंस के एयरबस A320 विमान ने स्वदेशी ‘गगन’ नेविगेशन सिस्टम का इस्तेमाल कर यह ऐतिहासिक लैंडिंग की। हालांकि इंडिगो ने 2022 में छोटे ATR विमानों पर इसका परीक्षण किया था, लेकिन बड़े कॉमर्शियल जेट के साथ देश में यह पहला सफल ट्रायल है। पूरी खबर पढे़ं…

वेनेजुएला में मारे गए भारतीय नाविक के ब्रेन, फेफड़े-दिल निकाले:पोस्टमॉर्टम में शरीर पर 22 कट मिले, 55 दिन पहले शिप पर मौत हुई थी

वेनेजुएला में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले भारतीय नाविक राकेश चौहान (33) की बॉडी से दिमाग, फेफड़े, दिल, लीवर, किडनी समेत कई अंग गायब मिले हैं। यह आरोप चौहान की फैमिली ने लगाया है। फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने यह जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट में दी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम हुआ तो शरीर पर 22 टांके मिले। बॉडी से तिल्ली (प्लीहा या स्प्लीन), अग्न्याशय (पैंक्रियास), आंतें, थायरॉयड ग्लैंड, पैंक्रियास, गॉल ब्लेडर, वॉइस बॉक्स और श्वास नली भी गायब थे। राकेश चौहान उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले थे। उन्होंने नवंबर 2025 में मर्चेंट नेवी जॉइन की थी और वेनेजुएला में मरीन फिटर के रूप में काम कर रहे थे। 55 दिन पहले शिप पर गिरने से मौत हुई परिवार के मुताबिक 7 मई को कंपनी ने फोन कर बताया कि राकेश जहाज पर गिर गए हैं और उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। अगले दिन परिवार से कहा गया कि उनके बचने की संभावना सिर्फ 5% है। उसी शाम कंपनी ने राकेश की मौत की सूचना दी। कंपनी का दावा था कि चक्कर आने से गिरने के बाद इलाज के दौरान हार्ट अटैक से उनकी मौत हुई। एक कान से दूसरे कान तक कुल 22 टांके, कई अंग गायब परिवार ने कहा कि राकेश का शव भारत पहुंचने के बाद डॉक्टरों की टीम ने उसका परीक्षण किया, लेकिन पोस्टमॉर्टम नहीं किया। कहा गया कि वेनेजुएला में पहले ही पोस्टमॉर्टम हो चुका था। इसके बाद देवरिया के कलेक्टर मधुसूदन हुलगी के निर्देश पर दूसरा पोस्टमॉर्टम कराया गया। परिवार के अनुसार, जांच में पता चला कि राकेश के शरीर से ब्रेन समेत अंदरूनी अंग गायब थे। विसरा भी नहीं मिला। इस कारण फोरेंसिक जांच भी संभव नहीं हो सकी। दूसरे पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट के मुताबिक, राकेश के शरीर पर गर्दन से नीचे तक एक कान से दूसरे कान तक 22 टांके थे। परिवार को इस बारे में पहले कोई जानकारी नहीं दी गई थी। पत्नी का दावा- मेरे पति की हत्या हुई पत्नी रंजना सिंह ने बताया- मेरे पति मर्चेंट नेवी में थे। उनकी तैनाती वेनेजुएला में थी। हमें 7 मई को उनके निधन की सूचना दी गई। उस समय बताया गया कि हाई ब्लड प्रेशर और शुगर की वजह से उनकी मौत हुई है, लेकिन हमें इस पर भरोसा नहीं है। वहां उनकी सोची-समझी साजिश के तहत हत्या कर अंग चोरी कर लिए गए। रंजना सिंह ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और परिवार को बीमा राशि जल्द देने की मांग की है। उन्होंने बताया कि छह महीने के बच्चे और बीमार ससुर की जिम्मेदारी अब उन पर है, इसलिए परिवार के पालन-पोषण के लिए सरकारी नौकरी देने की मांग की है। FSUI बोला- शव प्राप्ति की रसीद पर पत्नी का नाम गलत फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने कहा, ‘परिवार की सहमति के बिना राकेश के शरीर से सभी महत्वपूर्ण अंग क्यों निकाले गए। परिवार को तब तक अंधेरे में क्यों रखा गया, जब तक उन्होंने भारत में दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग नहीं की।’ यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि शव प्राप्ति की रसीद में पत्नी रंजना चौरसिया की जगह ‘अंजना चौरसिया’ के नाम से हस्ताक्षर दर्ज किए गए। इसके अलावा एम्प्लॉयमेंट एग्रीमेंट में जिस जहाज का नाम था, राकेश की तैनाती उससे अलग जहाज पर दिखाई गई। ये सभी बातें मामले में गड़बड़ी और संभावित साजिश की ओर इशारा करती हैं। परिवार ने जांच और मुआवजे की मांग की राकेश के परिवार ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने मौत से जुड़ी अहम जानकारी छिपाई। परिवार ने पूरे मामले की विस्तृत जांच, दोषियों पर कार्रवाई और आर्थिक मुआवजे की मांग की है। परिवार ने बताया कि राकेश की मां की कोविड के दौरान मौत हो गई थी। राकेश को वेनेजुएला भेजने में लाखों रुपए खर्च किए थे। उसकी पत्नी रंजना 6 महीने के बेटे के साथ मायके में रहती है। परिवार ने कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। FSUI ने भी कहा कि नाविकों की जान और सम्मान के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। ————————————— यह खबर भी पढ़ें… पंजाबी युवक ने अमेरिकन दंपति को पीटा: पहले धक्का-मुक्की, फिर बीच रोड पर लात-घूंसे और थप्पड़ चले; VIDEO सामने आया पंजाब के युवक और अमेरिकन दंपति के बीच हुए झगड़े का वीडियो सामने आया। अमेरिका की न्यूयॉर्क सिटी में नस्लीय टिप्पणी को लेकर लात-घूंसे और थप्पड़ चले। वीडियो में पहले महिला-पुरुष एक युवक से बहस करते दिखते हैं। कार से निकला पंजाबी युवक अचानक एग्रेसिव हो जाता है और अमेरिकन व्यक्ति को एक के बाद एक कई थप्पड़ जड़ देता है। पूरी खबर पढ़ें…