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भाई को बचाने डिग्गी में कूदा बड़ा भाई,दोनों की मौत:रेस्क्यू करने के लिए ग्रामीण उतरे; पाइप ठीक करते समय पैर फिसला था

श्रीगंगानगर में खेत में पाइप ठीक करते समय पानी की डिग्गी में गिरे छोटे भाई को बचाने के लिए बड़ा भाई भी कूद गया। दोनों गहरे पानी में डूब गए। ग्रामीणों ने काफी देर तक रेस्क्यू किया, लेकिन दोनों को नहीं बचाया जा सका। हादसे में दोनों सगे भाइयों की मौत हो गई। हादसा रायसिंहनगर क्षेत्र के 56 एनपी गांव में मंगलवार को सुबह हुआ। पाइप ठीक करते समय छोटा भाई डिग्गी में गिरा, बचाने कूदा बड़ा भाई जानकारी के अनुसार, 45 एनपी के रहने वाले राजदीप सिंह (20) और गुरजीत सिंह (24) खेत में पाइप ठीक कर रहे थे। इसी दौरान राजदीप का पैर फिसल गया और वह डिग्गी में गिर गया। उसे बचाने के लिए बड़ा भाई गुरजीत भी तुरंत डिग्गी में कूद गया, लेकिन दोनों डूब गए। ग्रामीणों ने किया रेस्क्यू, दोनों भाइयों को नहीं बचाया जा सका घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सभी ने मिलकर दोनों भाइयों को बचाने के लिए रेस्क्यू शुरू किया, लेकिन उन्हें नहीं बचाया जा सका। हादसे में दोनों सगे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और गोताखोर पहुंचे, शव डिग्गी से निकाले घटना की सूचना मिलते ही रायसिंहनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने गोताखोरों को भी बुलाया। उनकी मदद से दोनों भाइयों के शव डिग्गी से बाहर निकाले गए। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।

राजस्थान- एक बीमारी के कारण हो रही प्रसूताओं की मौत:डॉक्टर बोले- अचानक हो जाती है खून की कमी; जानिए क्यों हो रही ये समस्या

राजस्थान में सिजेरियन और नॉर्मल डिलीवरी के बाद कई प्रसूताओं की तबीयत खराब होने और मौत होने के मामले सामने लगातार सामने आ रहे है। वहीं कुछ महिलाओं में डिलीवरी के बाद लगातार खून में कमी हो रही है और उसका असर उनकी किडनी पर पड़ रहा है। डॉक्टर्स के अनुसार- इन सभी का कारण HELLP (हेल्प) सिंड्रोम बीमारी है। प्रसूताओं में इसकी पहले स्क्रीनिंग नहीं हो सके तो तबीयत बिगड़ने पर सिजेरियन डिलीवरी ही इसका इलाज है। बताया जा रहा है कि जोधपुर में हाल ही रेफर होकर आईं प्रसूता या​ ​जिनका इलाज चल रहा है, उनमें ये सिंड्रोम सबसे कॉमन पाया गया है। इसमें अचानक खून की कमी होना, ब्लड प्रेशर बढ़ना, किडनी पर असर और फिर ब्लड प्लेटलेट्स कम हो जाता है। जोधपुर में भी एक प्रसूता की मौत इन्हीं कारण से हुई। वह 25 दिन से वेंटिलेटर पर थी। इसके अलावा एक महिला को पाली जिले से उम्मेद हॉस्पिटल में रेफर किया गया था। उसका अचानक बीपी बढ़ गया और जब उसे यहां लाया गया तो उसकी डिलीवरी करनी पड़ी। ये प्रसूताएं अलग-अलग सेंटर से आईं। डिलीवरी से पहले या फिर बाद में इनमें एक ही चीज कॉमन दिखी। अचानक बीपी बढ़ी, एक दिन वेंटिलेटर पर रखना पड़ा पाली जिसे से एक महिला को उम्मेद हॉस्पिटल में रेफर किया गया था। महिला के ब्लीडिंग ज्यादा होने लगी और लीवर में सूजन थी। इस कारण उसे एक बार वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। आगे जानिए क्यों आ रही ये समस्या… प्रसूताएं इसलिए हो रहीं सिंड्रोम की शिकार डॉक्टर्स के अनुसार- हाल ही जो रेफर होकर केस आए हैं, उनमें जानकारी सामने आई कि कई महिलाओं में एंटीनेटल चेकअप (एएनसी) नहीं थी। यानी गर्भावस्था के दौरान महीने, 15 दिन और फिर सात दिन में होने वाली स्क्रीनिंग प्रॉपर नहीं हो रही। ऐसे में गर्भावस्था के दो-तीन महीने बाद जब उनकी जांच हो रही है तो पता चल रहा है कि वे इस सिंड्रोम का शिकार हो रही हैं। एएनसी जांच से हो सकती समस्या दूर दरअसल, जब महिला में प्रेग्नेंसी की शुरुआत होती है तो उसमें सबसे जरूरी होती है एंटीनेटल चेकअप (एएनसी) यानी गर्भावस्था के दौरान होने वाली देखभाल। इसमें महिलाओं में ब्लड की कमी से लेकर, उनके ब्लड प्रेशर और बाकी जांच की जाती है। ताकि पता लगाया जा सके कि गर्भावस्था के दौरान कोई बड़ी समस्या तो नहीं होगी। प्रसूताओं में ब्लड प्रेशर की मॉनिटरिंग जरूरी डॉक्टर्स के अनुसार- प्रेग्नेंसी के दौरान ब्लड प्रेशर की लगातार जांच होनी चाहिए, जो सबसे ज्यादा जरूरी है। ब्लड प्रेशर के भी कंडीशनल और पैरामीटर अलग हैं। इस सिंड्रोम की वजह से ब्लड प्रेशर सबसे सीवियर कंडीशन पर पहुंच जाता है। इससे किडनी, लीवर, ब्रेन सहित दूसरों अंगों पर भी असर होता है। इसके बाद एक ही ऑप्शन रहता है कि प्रसूता की किसी भी हाल में डिलीवरी करवानी होती है। खून और प्लेटलेट्स की कमी, किडनी पर इफेक्ट डॉक्टर्स के अनुसार- इस HELLP सिंड्रोम के चलते शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं (RBC) टूटने लगती हैं और खून की कमी होने लगती है। इसकी वजह से ब्लड प्लेट्लेट्स और प्लाज्मा में भी कमी आने लगती है। इस बीमारी की कंडीशन में जब भी डिलीवरी होती है तो ब्लीडिंग ज्यादा होने लगती है। खून का थक्का जमने में परेशानी होने लगती है। ऐसे में खून का फ्लो नहीं बनने पर किडनी इफेक्ट होती है। डॉक्टर्स के अनुसार- इस स्थिति में कई बार लगातार ब्लीडिंग होने लगती है। कई बार लगातार प्रयास के बाद भी उसे रोक नहीं पाते हैं। ऐसे में बच्चेदानी तक निकालनी पड़ जाती है।

ये खबर भी पढ़िए- उम्मेद हॉस्पिटल में भर्ती दो प्रसूताओं की स्थिति में सुधार:सिजेरियन डिलीवरी के बाद 5 प्रसूताओं की बिगड़ गई थी तबीयत; एक मरीज वेंटिलेटर पर जोधपुर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 5 प्रसूताओं की ​तबीयत बिगड़ी है। इन सभी का इलाज उम्मेद हॉस्पिटल में चल रहा है। (पढ़िए पूरी खबर) डिलीवरी के बाद खून नहीं रुका तो बच्चेदानी निकाली,अब मौत:महिला की किडनी डैमेज हुई; जोधपुर में 25 दिन से वेंटिलेटर पर थी कोटा, बीकानेर, बांसवाड़ा के बाद अब जोधपुर में भी एक प्रसूता की मौत हो गई। महिला की 24 जून को तिंवरी हॉस्पिटल में नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी के बाद खून नहीं रुका तो उसे उम्मेद हॉस्पिटल रेफर किया गया था। (पूरी खबर पढ़ें)

सीकर में बारिश से अंडरपास, कॉलोनियां और पटरियां डूबीं:2 किलोमीटर तक 4 फीट पानी भरा, सीवरेज ओवरफ्लो; 2 दिन का अलर्ट

सीकर में आज मानसून की दूसरी अच्छी बारिश हुई। मानसूनी हवा के दोबारा एक्टिव होने के बाद सीकर में रात डेढ़ बजे से सुबह करीब साढ़े सात बजे तक रुक-रुककर बारिश हुई। इससे नवलगढ़ रोड पर 4 फीट तक पानी भर गया। सीकर में अब तक 90 MM यानी करीब 3.5 इंच बारिश दर्ज की गई है। बारिश के कारण नवलगढ़ रोड पर करीब 2 किलोमीटर क्षेत्र में 4 फीट तक पानी भर गया। जलभराव के चलते आम जनजीवन प्रभावित हुआ। सुबह कोचिंग जाने वाले स्टूडेंट्स को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहन पानी में फंसकर बंद हो गए, जबकि लोगों के लिए घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया। बारिश पुलिसकर्मियों और कलेक्ट्रेट कार्मिकों के लिए आफत बन गई। पुलिस लाइन में बने सरकारी क्वार्टरों में बरसात का पानी भर गया। वहीं, सीवरेज ओवरफ्लो होने की वजह से शहर का गंदा पानी भी सरकारी क्वार्टरों में घुस गया। अंडरपास लबालब हो गया। कॉलोनियों में पानी भर गया। सीकर में मानसून की दूसरी बारिश से ही हालात बदतर होने लगे हैं। बारिश से सीकर में जलभराव की स्थिती के PHOTOS…
सीकर में बारिश से जुड़े अपडेट… पिछले 24 घंटे में बारिश के आंकड़े…

कोटपूतली-बहरोड़ में फिर मानसून सक्रिय, लगातार दूसरे दिन बारिश:पिछले 24 घंटे से शहर में धूप नहीं निकली, अगले 5 दिन तक बारिश का अलर्ट

कोटपूतली-बहरोड़ जिले में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। मंगलवार को लगातार दूसरे दिन रुक-रुककर रिमझिम बारिश होती रही। सुबह से ही आसमान घने बादलों से ढका रहा और धूप नहीं निकलने से मौसम पूरे दिन सुहावना बना रहा। दोपहर करीब 12 बजे से मूसलाधार बारिश का दौर जारी हुआ, जो करीब एक घंटे तक चला। लगातार हो रही बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को उमस से राहत मिली। बारिश का असर सुबह के समय सबसे अधिक स्कूल जाने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों पर देखने को मिला। कई जगह सड़कों पर पानी भरने और फिसलन बढ़ने से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने से स्थानीय नागरिकों की परेशानी भी बढ़ गई। देखें बारिश से जुड़े PHOTOS 36 घंटे में 35 एमएम बारिश दर्ज बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो सोमवार सुबह 17 एमएम और शाम को 11 एमएम वर्षा दर्ज की गई थी। वहीं मंगलवार सुबह तक 7 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। इस तरह पिछले 36 घंटों में कोटपूतली क्षेत्र में कुल 35 एमएम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे जिले में मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं। खरीफ फसलों के लिए बारिश बनी राहत लगातार हो रही बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। कृषि उपनिदेशक डॉ. रामजी लाल यादव ने बताया कि मौजूदा बारिश खरीफ सीजन की फसलों के लिए काफी लाभदायक है। इससे खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहेगी और फसलों की बढ़वार बेहतर होने की उम्मीद है। जलभराव और फिसलन से बढ़ी आवागमन की मुश्किल एक ओर बारिश ने मौसम को खुशनुमा बना दिया है, वहीं दूसरी ओर शहरी इलाकों में जलभराव और सड़कों पर बढ़ी फिसलन लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। कई स्थानों पर वाहन चालकों को सावधानी के साथ सफर करना पड़ रहा है, जबकि पैदल आने-जाने वालों को भी फिसलन की वजह से अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है।

अलवर के कई इलाकों में बूंदाबांदी हुई:मौसम विभाग ने जारी की बिजली गिरने की चेतावनी, अगले पांच दिन येलो अलर्ट

अलवर जिले में सोमवार से मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में हुई बारिश से कई दिनों से पड़ रही उमस और गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली है। मंगलवार सुबह से ही अलवर शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में घने बादल छाए हुए हैं। कई जगह हल्की बूंदाबांदी और रिमझिम बारिश का दौर जारी है, जबकि कुछ इलाकों में फुहारें पड़ रही हैं। कठूमर में सबसे ज्यादा 44 मिमी बारिश लगातार बारिश के कारण मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है। पिछले कई दिनों की तुलना में रात का तापमान भी कम रहा, जिससे मंगलवार सुबह ठंडक का अहसास बना रहा। सोमवार को सबसे अधिक 44 मिमी बारिश कठूमर में दर्ज की गई। इसके अलावा राजगढ़ में 28 मिमी, लक्ष्मणगढ़ में 17 मिमी, रामगढ़ में 14 मिमी, गोविंदगढ़ में 6 मिमी, अलवर शहर और सिलीसेढ़ में 5-5 मिमी, जयसमंद में 4 मिमी, थानागाजी में 2 मिमी तथा मालाखेड़ा और टहला में 1-1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। सोमवार देर रात भी जिले के कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश होती रही। 22 से 26 जुलाई तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार मंगलवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहने और जिले के कई क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वहीं 22 से 26 जुलाई तक जिले में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है। इस अवधि में अधिकांश दिनों के लिए आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। लगातार बारिश के चलते तापमान में और गिरावट आएगी तथा 24 और 25 जुलाई को अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने, पेड़ों के नीचे खड़े नहीं होने और बिजली कड़कने के समय खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है।

कोटा में हुई तेज बारिश, तापमान गिरा:मानसून की एंट्री से अब तक 38% कम बरसात हुई; 2 दिन यलो अलर्ट

कोटा में सुबह रिमझिम बारिश हुई। वहीं दोपहर को तेज बारिश का दौर शुरू हुआ। करीब 20 मिनट तक शहर में तेज बारिश हुई। इससे लोगों को उमस से थोड़ी राहत मिली। वहीं रिमझिम बारिश का दौर अभी जारी है। इस कारण तापमान में 2 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई। हल्की बारिश होने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। सुबह से आसमान में काली घटाएं छाई हुई हैं। मौसम विभाग ने 2 दिन बारिश का अलर्ट जारी किया है। 38% कम बारिश हुई मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस सीजन में 20 जुलाई तक 38% कम बारिश हुई है। सामान्यतया जिले में 20 जुलाई तक औसत 236.4 मिमी बारिश होती है। इस सीजन में मानसून की एंट्री होने से अभी तक 146.2 मिमी बारिश हुई है। एक दिन पहले 32.9 डिग्री रहा था अधिकतम तापमान शहर में सोमवार को भी आसमान में बादल छाए रहे। रात तक बारिश नहीं हुई। बादल छाए रहने से तापमान में 1 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई। सोमवार को अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री व न्यूनतम 28.6 डिग्री दर्ज हुआ। लोग बारिश का इंतजार करते रहे। मौसम विभाग के अनुसार मानसून की टर्फ लाइन अपनी सामान्य स्थिति में है। इससे राज्य के पूर्वी और उत्तर पूर्वी भागों में आगामी दिनों में बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी हवाओं के सक्रिय होने की उम्मीद की जा रही है। मंगलवार को कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम और मध्यम से तेज बारिश हो सकती है।

सबसे खतरनाक सांपों पर राजस्थान में होगी रिसर्च:ऑनलाइन मिलेगा स्नेक बाइट का इलाज, हर तरह के जहर को जांचेंगे डॉक्टर

राजस्थान में हर साल सांप के काटने से करीब 2700 लोगों की मौत होती है। पूरे भारत की बात करें तो ये आंकड़ा करीब 60 हजार है। ऐसे मामलों में कई बार पीड़ित के जहर से प्रभावित अंग तक को काटना पड़ जाता है। वहीं इलाज में देरी के कारण जान गंवानी पड़ जाती है। मौत के इन आंकड़ों को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नेशनल स्नेक बाइट एनवेनमिंग प्रोग्राम के तहत पॉइजन इन्फॉर्मेशन सेंटर (PIC) सेंटर बनाए जा रहे हैं। राजस्थान का पहला PIC अजमेर के जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) हॉस्पिटल में बनाया जा रहा है। यहां पूरे प्रदेश के लिए रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा। 24 घंटे एक्सपर्ट मौजूद रहेंगे। प्रदेश के किसी भी जिले में सांप के काटने का केस होने पर ट्रीटमेंट बताकर पीड़ित की जान बचाई जाएगी। जानिए- सरकार के इस पूरे प्रोजेक्ट के बारे में राजस्थान का पहला पॉइजन इन्फॉर्मेशन सेंटर अजमेर में बनेगा केंद्र सरकार ने 6 महीने पहले राजस्थान में पॉइजन इन्फॉर्मेशन सेंटर स्थापित करने की मंजूरी दी थी। इसके लिए अजमेर के जेएलएन हॉस्पिटल का चयन किया गया। अगले दो महीने में इस सेंटर का काम शुरू होने की उम्मीद है। हॉस्पिटल के मेडिसिन विभाग के डॉ. मुनेश कुमार को इस प्रोजेक्ट का नोडल अधिकारी बनाया गया है। 5 से 7 साल का डेटा खंगालकर बनेगा राजस्थान का एक्शन प्लान इस प्रोजेक्ट के लिए चिकित्सा विभाग, सीएमएचओ और वन विभाग मिलकर पिछले 5 से 7 साल के स्नेक बाइट के मामलों का डेटा जुटा रहे हैं। डेटा डिस्ट्रिक्ट वाइज निकाला जाएगा, जिससे पता लगेगा कि किस जिले में कितने केस आते हैं। कौन-सी प्रजाति के सांप ज्यादा काटते हैं? मरीज को पहला इलाज कहां मिला? मौत की असली वजह क्या थी? किन मामलों में मरीज का कोई अंग काटना पड़ा। इसी अध्ययन के आधार पर राजस्थान का पहला स्टेट स्नेक बाइट एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा, जिससे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में इलाज, एंटी-वेनम की उपलब्धता और जागरूकता को बेहतर बनाया जा सके। जहरीले सांपों पर होगी रिसर्च राजस्थान में पाए जाने वाले जहरीले सांपों पर रिसर्च की जाएगी। इनकी पहचान, इनके जहर के असर और प्रभावी इलाज पर रिसर्च होगी, ताकि प्रदेश की परिस्थितियों के अनुसार इलाज व्यवस्था को ज्यादा मजबूत बनाया जा सके। हर तरह के पॉइजन की होगी जांच अजमेर का पॉइजन इन्फॉर्मेशन सेंटर केवल सर्पदंश तक सीमित नहीं रहेगा। यहां दवाइयों के ओवरडोज, कीटनाशकों, केमिकल पॉइजनिंग और अन्य विषैले पदार्थों से जुड़े मामलों की भी जांच, रिसर्च और विशेषज्ञ सलाह दी जाएगी। यह सेंटर भविष्य में राजस्थान में टॉक्सिकोलॉजी से जुड़ी सबसे बड़ी विशेषज्ञ इकाई के रूप में विकसित किया जाएगा। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को मिलेगी ट्रेनिंग प्रदेश के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मचारियों को इस सेंटर के माध्यम से नियमित ट्रेनिंग दी जाएगी। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उन्हें सर्पदंश के इलाज के राष्ट्रीय प्रोटोकॉल, एंटी-वेनम के सही उपयोग और आपातकालीन प्रबंधन की ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि जिला और उपजिला अस्पतालों में भी मरीजों को तुरंत वैज्ञानिक इलाज मिल सके। नोडल अधिकारी डॉ. मुनेश कुमार के अनुसार, राजस्थान में हर साल करीब 18 हजार केस सांप के काटने के आते हैं। इनमें से 2700 लोगों की मौत हो जाती है। वहीं पूरे भारत में हर साल 20 लाख लोगों को सांप काटते हैं, जिनमें से 60 हजार लोगों की मौत हो जाती है। अन्य राज्यों के अनुभव का भी मिलेगा फायदा केंद्र सरकार इस योजना के तहत देशभर में चरणबद्ध तरीके से पॉइजन इन्फॉर्मेशन सेंटर विकसित कर रही है। दक्षिण भारत के कुछ प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में पहले से विष विज्ञान (टॉक्सिकोलॉजी) और स्नेक बाइट मैनेजमेंट पर काम हो रहा है। अब राजस्थान में इसकी शुरुआत अजमेर से होने जा रही है, जिससे प्रदेश को पहली बार सर्पदंश और अन्य विषाक्त मामलों के लिए समर्पित विशेषज्ञ केंद्र मिलेगा।

डमी कैंडिडेट बैठाकर पटवारी बना, 5 साल बाद गिरफ्तार:5 लाख देकर की थी डील, 9 महीने पहले किया गया था सस्पेंड, अब SOG ने पकड़ा

राजस्थान की 2021 पटवारी भर्ती परीक्षा में अपनी जगह डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलाकर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले पटवारी को एसओजी ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने बिचौलिए के जरिए 5 लाख रुपए में सौदा कर दूसरे युवक को परीक्षा में बैठाया था। मामले में करीब नौ महीने पहले उसे सस्पेंड कर दिया गया था। अब नौकरी मिलने के करीब पांच साल बाद एसओजी ने पकड़ा है। इस फर्जीवाड़े में शामिल बिचौलिए की भी करीब एक साल पहले दूसरी भर्ती परीक्षा देने जाते समय ट्रेन हादसे में मौत हो चुकी है। पढ़िए … सिलसिलेवार पूरा घटनाक्रम • 2021 में डमी अभ्यर्थी से दिलवाई परीक्षा: एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया – जालोर जिले के सांचौर क्षेत्र के भादरूणा निवासी दिनेश कुमार विश्नोई ने 23 अक्टूबर 2021 को उदयपुर के एक परीक्षा केंद्र पर अपनी जगह डमी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठाया। एडमिट कार्ड पर डमी अभ्यर्थी का फोटो लगाकर और फर्जी हस्ताक्षर कर परीक्षा दिलाई गई। • परीक्षा पास कर बना पटवारी: डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलवाने के बाद दिनेश कुमार विश्नोई का पटवारी पद पर चयन हो गया। इसके बाद उसकी नियुक्ति सिरोही जिले की रेवदर तहसील के मगरीवाड़ा पटवार हल्के में कर दी गई, जहां वह पटवारी के रूप में कार्यरत था। • गोपनीय शिकायत पर खुला मामला: एसओजी को वर्ष 2024 में गोपनीय शिकायत मिली। इसके आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच में आरोप सही पाए गए तो इसी मामले में करीब नौ महीने पहले आरोपी को सस्पेंड कर उसका मुख्यालय पिंडवाड़ा एसडीएम कार्यालय कर दिया गया। • पांच साल बाद एसओजी ने किया गिरफ्तार: जांच पूरी होने के बाद एसओजी ने वर्ष 2021 की परीक्षा के करीब पांच साल बाद आरोपी पटवारी दिनेश कुमार विश्नोई को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने खुद की जगह दूसरे युवक से परीक्षा दिलाकर सरकारी नौकरी हासिल की थी। • 5 लाख में हुई थी डील, बिचौलिए की हो चुकी है मौत: जांच में सामने आया कि आरोपी ने अरणाय लियादरा निवासी बिचौलिए चौथाराम विश्नोई के जरिए करड़ा के मीरपुरा निवासी विक्रम पुत्र हेमाराम विश्नोई से संपर्क किया था। डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलाने के लिए 5 लाख रुपए में सौदा तय हुआ था। एसओजी के अनुसार इस पूरे फर्जीवाड़े में अहम भूमिका निभाने वाले बिचौलिए चौथाराम विश्नोई की करीब एक साल पहले दूसरी भर्ती परीक्षा देने जाते समय ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी। — भर्ती में फर्जीवाड़े की ये खबर भी पढ़ें … NEET में डमी बनकर बैठने वाला था MBBS स्टूडेंट:जयपुर में 3 मेडिकल छात्र सहित 5 गिरफ्तार; AI की मदद से फोटो एडिट करते थे जयपुर पुलिस ने NEET में डमी कैंडिडेट बैठाने वाली गैंग के 5 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि डमी बैठने वाला MBBS फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट शामिल है। पूरी खबर पढ़िए

किसानों का दिल्ली कूच स्थगित:दो मांगों पर सहमति बनी, हरियाणा में बॉर्डर सील; कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर 4 किमी लंबा जाम

अमेरिका-भारत फ्री ट्रेड डील के विरोध में पंजाब और हरियाणा के किसानों ने मंगलवार को प्रस्तावित दिल्ली कूच और किसान घाट महापंचायत फिलहाल स्थगित कर दी है। शंभू और खनौरी बॉर्डर पर पुलिस की सख्ती तथा हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के साथ हुई बैठक के बाद किसान वापस लौट गए। कुरुक्षेत्र पुलिस ने किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी को भी रिहा कर दिया। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव दिलबाग सिंह दिराजके ने बताया कि हिरासत में लिए गए किसान नेताओं की रिहाई और केंद्र सरकार से वार्ता कराने पर सहमति बनने के बाद धरना स्थगित करने का फैसला लिया गया। हालांकि, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद घेराव के मद्देनजर हरियाणा के पंजाब, दिल्ली और यूपी से लगे बॉर्डरों पर सुरक्षा व्यवस्था अभी भी कड़ी है। कई जिलों में किसान नेताओं और CJP समर्थकों को हाउस अरेस्ट या डिटेन किया गया। अंबाला के शंभू बॉर्डर पर 27 जुलाई तक धारा 163 लागू कर पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गई। वहीं, सुबह सोनीपत के कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर करीब 4 किलोमीटर लंबा जाम लगा। जांच के बाद ही दिल्ली की ओर प्रवेश दिया जा रहा है। CJP समर्थकों-किसानों के प्रदर्शन के PHOTOS… CJP समर्थकों-किसानों के प्रदर्शन से जुड़े अपडेट्स… महेंद्रगढ़ में सरकारी स्कूल के प्राचार्य सस्पेंड:वांगचुक के समर्थन में छात्राओं ने की नारेबाजी; जांच में स्टाफ को क्लीन-चिट पंजाब के किसानों का दिल्ली कूच, शंभू-खनौरी बॉर्डर सील:अमेरिका से ट्रेड डील का विरोध; हरियाणा पुलिस ने रूट डायवर्ट किया हाईकोर्ट का सोनम वांगचुक को मेदांता शिफ्ट करने का आदेश:4 दिन से सफदरजंग अस्पताल में भर्ती थे; जंतर-मंतर पर पुलिस के खिलाफ नारे CJP समर्थकों-किसानों के प्रदर्शन के अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

पंजाब के किसानों का दिल्ली कूच स्थगित:2 मांगों पर सहमति; शंभू-खनौरी बॉर्डर सील, हरियाणा सरकार की दोटूक, आगे नहीं बढ़ने देंगे

पंजाब के किसानों का मंगलवार (21 जुलाई) को अमेरिका-भारत के बीच ट्रेड डील के विरोध में किया जा रहा दिल्ली कूच अब स्थगित हो गया। दोपहर 3 बजे बाद किसान शंभू बॉर्डर से वापस लौटने लगे। कुरुक्षेत्र पुलिस ने किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी को भी रिहा कर दिया। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव दिलबाग सिंह दिराजके ने कहा कि हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के साथ मीटिंग हुई। जिसमें दोनों मांगों पर सहमति बन गई। इसलिए धरना स्थगित कर दिया है। किसान नेता सरवण पंधेर ने कहा कि कृषि मंत्री राणा की तरफ से कहा गया है कि गिरफ्तार किए गए किसान नेताओं को जल्द ही रिहा कर दिया जाएगा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान से अगले 8-10 दिन में किसानों बातचीत की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। इस दौरान अमेरिका भारत ट्रेड डील पर भी वार्ता होगी। किसान सुबह ही दिल्ली जाने के लिए पटियाला-अंबाला के बीच बने शंभू बॉर्डर और संगरूर-जींद के बने खनौरी बॉर्डर पहुंच गए थे। इसका पता चलते ही हरियाणा पुलिस ने दोनों बॉर्डर पर बैरिकेडिंग कर उन्हें सील कर दिया। ऐसे में किसान आगे नहीं जा सके। हरियाणा की तरफ से दोनों बॉर्डरों पर भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा। वहां JCB भी लगा दी गई थी, ताकि अगर वहां कोई टेंपरेरी या परमानेंट जगह बनाने की कोशिश की जाए तो उसे हटाया जा सके।इसे देखते हुए पंजाब के किसान वहीं बैठ गए। किसान मजदूर मोर्चा (KMM) के संयोजक सरवण पंधेर इसकी अगुआई की। किसानों की भीड़ को देखते हुए अंबाला पुलिस ने धारा 163 लागू कर दी। किसानों को बैरिकेड से 100 मीटर दूर रहने की चेतावनी दी गई। हरियाणा पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट किया
शंभू बॉर्डर बंद किए जाने से जालंधर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही ठप हो गई। इसे देखते हुए हरियाणा पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया है। पुलिस ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में 112 पर कॉल करें। किसान आंदोलन की वजह से NH-44 (जीटी रोड) पर हरियाणा-पंजाब का शंभू बॉर्डर 13 महीने (करीब 401 दिन) बंद रहा था। 13 फरवरी 2024 को सील होने के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर इसे 20 मार्च 2025 को खोला गया। अब इसे फिलहाल दोबारा बंद किया गया है। BJP प्रवक्ता ने कहा- डील हुई ही नहीं, विरोध किस बात का:
पंजाब भाजपा के प्रवक्ता अनिल सरीन ने कहा कि अभी तक डील नहीं हुई। उसकी कोई डिटेल सामने नहीं आई, फिर प्रदर्शन किस बात का हो रहा है। जो काम सरकार ने किया ही नहीं, उसका विरोध हो रहा है। हो सकता है कि इन नेताओं के सोर्स विदेशों में होंगे, तभी इन्हें सब पता है। कुछ लोगों ने हर वक्त पंजाब का माहौल खराब करना होता है। शंभू बॉर्डर पर पहुंचे किसानों और बैरिकेडिंग की PHOTOS… ये खबर भी पढ़ें… पंजाब से 4 साल में 3 बार दिल्ली कूच हरियाणा में बॉर्डर सील, किसान नेता, CJP समर्थक हाउस अरेस्ट किसानों के दिल्ली कूच के पल-पल के अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…