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खैरथल-तिजारा में तंबाकू मुक्त अभियान पर कार्यशाला:तंबाकू नियंत्रण कानूनों के क्रियान्वयन पर दी जानकारी

खैरथल में ‘तंबाकू मुक्त राजस्थान अभियान’ के तहत जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए एक आमुखीकरण कार्यशाला हुई। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस कार्यशाला का आयोजन जिला प्रशासन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा एसआरकेपीएस राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य जिले में तंबाकू नियंत्रण कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना और विभिन्न विभागों के समन्वय से तंबाकू मुक्त एवं स्वस्थ वातावरण तैयार करना था। कार्यशाला को संबोधित करते हुए अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल जाट ने तंबाकू सेवन को एक गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि इससे कैंसर, हृदय रोग और फेफड़ों की बीमारियों सहित कई घातक रोगों का खतरा बढ़ता है। कलेक्टर ने सभी विभागों से जिले को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए समन्वित प्रयास करने और प्रभावी कार्रवाई करने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को तंबाकू की लत से बचाने के लिए कानूनों का सख्ती से पालन और व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। एसआरकेपीएस राजस्थान के कार्यकारी निदेशक राजन चौधरी ने तंबाकू नियंत्रण की राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय रणनीतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने जिले में एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया। चौधरी ने तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान, तंबाकू मुक्त ग्राम पंचायत, तंबाकू मुक्त पीढ़ी अभियान और तंबाकू विक्रेताओं के लिए लाइसेंस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों की भागीदारी के बिना ‘तंबाकू मुक्त राजस्थान’ का लक्ष्य प्राप्त करना संभव नहीं है। कार्यशाला में एसआरकेपीएस के राज्य समन्वयक हीरेन्द्र सेवदा ने सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा), 2003 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंधित है और ऐसे स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाना अनिवार्य है। अधिनियम के तहत तंबाकू उत्पादों के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष विज्ञापनों पर रोक है। साथ ही, 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचना प्रतिबंधित है और शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू बिक्री पर भी रोक है। सभी तंबाकू उत्पादों पर स्वास्थ्य चेतावनी अंकित करना भी कानूनन अनिवार्य है। कार्यशाला में अधिकारियों को तंबाकू नियंत्रण कानूनों के उल्लंघन पर दंडात्मक प्रावधान, प्रवर्तन एजेंसियों की भूमिका, निरीक्षण प्रक्रिया, चालान कार्रवाई, जनजागरूकता कार्यक्रमों और विभागीय जिम्मेदारियों की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों से अपने-अपने विभागों में नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने और नियमित मॉनिटरिंग करने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद गेट, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी रमेश चंद मेघ, डीएसपी लालसिंह यादव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारी रमेश चंद देहमीवाल, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मजदूर विकास फाउंडेशन के संस्थापक ताराचंद खोयड़ावाल और समन्वयक प्रदीप कुमार ने भी तंबाकू मुक्त समाज निर्माण के लिए सक्रिय सहयोग का संकल्प लिया।

जयपुर में क्रिस्टल-कोर्ट मॉल में व्यापारियों ने दुकानें की बंद:दो दिन से धरने पर, बोले- लाखों रुपए किराए के बाद भी सुविधाएं नहीं मिल रहीं

जयपुर में मालवीय नगर स्थित महिमा ग्रुप के क्रिस्टल कोर्ट मॉल में दो दिनों से 300 से ज्यादा दुकानों पर ताले लटके हैं। व्यापारी मॉल के बाहर धरने पर बैठे हैं। व्यापारियों का आरोप है कि लाखों रुपए किराया, हर महीने हजारों रुपए मेंटेनेंस चार्ज और अलग से बिजली बिल देने के बावजूद मॉल में एसी बंद हैं। एस्केलेटर दो महीने से ठप पड़ा है। सफाई और सुरक्षा व्यवस्था बदहाल है। कई बार शिकायत के बाद भी मैनेजमेंट ने कोई सुनवाई नहीं की। इसके बाद व्यापारियों ने दुकानें बंद कर आंदोलन शुरू कर दिया। धरने की वजह से मॉल का कारोबार प्रभावित हो गया है। व्यापारियों ने कहा- दो दिनों में करीब एक करोड़ रुपए के कारोबार पर असर पड़ा है। गंदगी और अव्यवस्था होने से ग्राहक नहीं पहुंच पा रहे। व्यापारियों ने कहा- जब तक सभी सुविधाएं बहाल नहीं होंगी, तब तक दुकानें नहीं खुलेंगी। दो दिन से पूरा मॉल बंद क्रिस्टल कोर्ट मॉल में रेडीमेड गारमेंट्स, फैशन, फुटवियर, कॉस्मेटिक्स समेत कई तरह के रिटेल कारोबार होते हैं। यहां बड़ी संख्या में दुकानें किराए पर संचालित हैं। व्यापारियों ने कहा- लाखों रुपए निवेश और भारी खर्च के बावजूद ग्राहकों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। इससे कारोबार लगातार प्रभावित हो रहा है। दो महीने से एस्केलेटर बंद, ग्राहक ऊपर नहीं पहुंचते रेडीमेड गारमेंट्स शॉप संचालक बंटी ने बताया- मॉल का मेंटेनेंस महिमा ग्रुप की कंपनी के पास है, लेकिन सुविधाओं की हालत बेहद खराब है। पिछले करीब दो महीने से एस्केलेटर बंद पड़ा है। एसी सही तरीके से नहीं चल रहे हैं। पूरे मॉल में केवल पांच-छह गार्ड हैं। सफाई व्यवस्था खराब है। वॉशरूम भी गंदे पड़े रहते हैं। उन्होंने कहा कि ग्राहक रोज इन समस्याओं की शिकायत करते हैं, लेकिन मैनेजमेंट कोई ध्यान नहीं देता। डेढ़ लाख तक किराया, 23 हजार मेंटेनेंस… फिर भी सुविधा नहीं गारमेंट्स व्यापारी मनोहर लाल ने बताया- एक दुकान का मासिक किराया एक लाख से डेढ़ लाख रुपए तक है। इसके अलावा हर महीने 22 से 23 हजार रुपए मेंटेनेंस चार्ज और अलग से बिजली बिल देना पड़ता है। इसके बावजूद बिजली कटने पर बैकअप नहीं मिलता और जनरेटर भी काम नहीं करता। कई बार लिखित शिकायत देने के बाद भी मैनेजमेंट की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। व्यापारियों की चेतावनी, पहले सुविधा, फिर कारोबार धरने पर बैठे व्यापारियों ने कहा- जब तक एसी, एस्केलेटर, सुरक्षा, सफाई और बिजली बैकअप जैसी सभी व्यवस्थाएं ठीक नहीं होंगी, तब तक कोई भी दुकानदार अपनी दुकान नहीं खोलेगा। उनका आरोप है कि मैनेजमेंट बातचीत करने तक नहीं आ रहा और शिकायतों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। धरने पर पहुंचीं कांग्रेस की पूर्व प्रत्याशी अर्चना शर्मा मालवीय नगर विधानसभा सीट से कांग्रेस की पूर्व प्रत्याशी अर्चना शर्मा भी व्यापारियों के बीच पहुंचीं। उन्होंने कहा- यह शहर के सबसे प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में से एक है। जहां अच्छी-खासी फुटफॉल रहती है। व्यापारियों ने मुझे बताया कि दो दिनों में करीब एक करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ है। अर्चना शर्मा ने कहा- व्यापारी नियमित रूप से मेंटेनेंस चार्ज देते हैं, लेकिन सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। अगर चार्ज जमा नहीं करें तो बिजली काट दी जाती है, लेकिन एसी और एस्केलेटर चालू रखने की जिम्मेदारी कोई नहीं निभा रहा। उन्होंने कहा कि मैंने मैनेजमेंट से बात करने की कोशिश की, लेकिन वहां से भी कोई जवाब नहीं मिला। कंज्यूमर कोर्ट के आदेश का भी दिया हवाला अर्चना शर्मा ने कहा- व्यापारियों के पास कंज्यूमर कोर्ट का स्टैंडिंग ऑर्डर है, जिसमें साफ तौर पर मॉल मालिक की जिम्मेदारी तय की गई है कि वह मेंटेनेंस और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि अगर जल्द समाधान नहीं निकलता है तो व्यापारी दोबारा कंज्यूमर कोर्ट जाएं और जरूरत पड़ने पर सरकार और जनप्रतिनिधियों के सामने भी अपनी बात रखें। व्यापारियों की मांग दो महीने से बढ़ती गई परेशानी व्यापारियों ने कहा- पिछले दो महीने से लगातार शिकायतों के बावजूद हालात नहीं सुधरे। गर्मी में एसी बंद होने से लोग खरीदारी किए बिना लौट रहे हैं। कारोबार लगातार गिर रहा है। उनका कहना है कि जब तक मैनेजमेंट सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं करेगा, तब तक मॉल की एक भी दुकान नहीं खुलेंगी।

तेज अंधड़ से मदार नहर में गिरे 5 बड़े पेड़:उदयपुर में नगर निगम ने दिनभर अभियान चलाकर हटाया; पानी का बहाव अब हुआ साफ

उदयपुर में पिछले दिनों मूसलाधार बारिश और अंधड़ से मदार नहर में पांच बड़े पेड़ टूटकर गिर गए थे। इस पर नगर निगम की टीम ने सोमवार को दिनभर अभियान चलाकर इन सभी टूटे पेड़ों को बाहर निकाला। जेसीबी और क्रेन की मदद से रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया गया। इससे नहर में पानी का बहाव फिर से सुचारू हो गया है। दरअसल, पिछले दिनों बारिश और तेज हवा के कारण मदार नहर में कई जगहों पर भारी-भरकम पेड़ ढह गए थे। पेड़ गिरने से पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा था और जलभराव की आशंका लगातार बढ़ती जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने एक्शन लिया। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर जाकर मदार नहर को साफ करने के निर्देश दिए थे। जेसीबी, क्रेन और डंपर से हटाए नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया- नहर से इन भारी पेड़ों को हटाना आसान नहीं था। इसके लिए निगम ने मौके पर जेसीबी, क्रेन और डंपर जैसे बड़े संसाधनों को काम पर लगाया। टीम ने सबसे पहले क्रेन की मदद से पेड़ों की बड़ी-बड़ी टहनियों और शाखाओं को काटकर अलग किया। इसके बाद भारी तनों को खींचकर नहर से बाहर निकाला गया। पेड़ों के साथ-साथ नहर में जमा दूसरे कचरे और अवरोधों को भी पूरी तरह साफ किया गया। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया, ताकि कोई हादसा न हो। आयुक्त खन्ना ने कहा- मानसून के इस मौसम में शहर में जल निकासी व्यवस्था को एकदम सही रखना नगर निगम की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसी वजह से उदयपुर शहर के सभी नालों, नहरों और पानी बहने वाले रास्तों की लगातार सफाई की जा रही है और अधिकारी खुद इसका निरीक्षण कर रहे हैं। शहर में जहां से भी पानी रुकने या पेड़ गिरने जैसी रुकावट की खबर मिलती है, वहां निगम की टीम तुरंत पहुंचकर कार्रवाई कर रही है। नालों और नहरों में नहीं फेंके कचरा नगर निगम आयुक्त ने उदयपुर के आम लोगों से भी इस व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा- बारिश के दिनों में कोई भी नागरिक नालों या नहरों में कचरा और गंदगी न फेंकें। अगर किसी भी इलाके में जलभराव या नहर जाम होने जैसी समस्या दिखाई दे तो इसकी सूचना नगर निगम को दें।

उदयपुर में सूर्य की रोशनी से समय बताएगी अनोखी घड़ी:महाराणा कुंभा के वास्तुकार मंडन की स्मृति में बनेगा 35 फीट ऊंचा आर्किटेक्ट्स टॉवर

उदयपुर में जल्द ही ऐसा आर्किटेक्ट्स टॉवर बनाया जाएगा, जहां सूर्य की रोशनी से समय का पता चलेगा। शहर के एक प्रमुख चौराहे पर बनने वाला यह 35 फीट ऊंचा टॉवर महाराणा कुंभा के प्रसिद्ध वास्तुकार मंडन को समर्पित होगा। इस परियोजना का उद्देश्य उदयपुर की स्थापत्य विरासत को नई पहचान देना और ऐतिहासिक वास्तुकला को आधुनिक स्वरूप में प्रस्तुत करना है उदयपुर शहर के शोभागपुरा से यूनिवर्सिटी जाने वाली 100 फीट सड़क पर बनने जा रहे नए चौराहा पर आर्किटेक्ट्स टॉवर का निर्माण किया जा रहा है। उदयपुर विकास प्राधिकरण के इस चौराहा पर उदयपुर के आर्किटेक्ट सुनील लड्ढा ने अपने स्तर पर इसका निर्माण करने का मन बनाया। यूडीए के साथ हुए अनुबंध के तहत यह निर्माण किया जा रहा है। आर्किटेक्ट लड्ढा ने बताया कि यह टॉवर केवल एक आर्किटेक्चरल संरचना नहीं होगा, बल्कि देश के आर्किटेक्ट्स, शिल्पियों और डिजाइनर्स के योगदान को सार्वजनिक सम्मान देने का प्रतीक बनेगा। मंडन 15वीं शताब्दी में महाराणा कुंभा के थे प्रधान आर्किटेक्ट वे बताते है कि मंडन 15वीं शताब्दी में महाराणा कुंभा के प्रधान आर्किटेक्ट थे। उनके मार्गदर्शन में विश्व प्रसिद्ध कुंभलगढ़ दुर्ग का निर्माण हुआ। उन्होंने प्रासादमंडन, राजवल्लभ, रूपमंडन और वास्तुमंडन जैसे वास्तुशास्त्र के महत्वपूर्ण ग्रंथ भी लिखे, जिन्हें आज भी अध्ययन का आधार माना जाता है। उन्होंने बताया कि मेवाड़ के महान सूत्रधार मंडन को यह विरासत समर्पित होगी। टॉवर की खास बात इसमें लगाया जाने वाला वर्टिकल सन डायल (ऊर्ध्वाधर सूर्य घड़ी) होगा, जो सूर्य की रोशनी से समय बताएगा। इस प्रोजेक्ट की टेक्निकल सहयोगी युवा आर्किटेक्ट प्रियंका कोठारी ने बताया कि यह भारतीय ज्ञान परंपरा, विज्ञान और आधुनिक आर्किटेक्चर का अनूठा संगम होगा। सुनील लड्ढा के अनुसार, दुनिया में राजाओं और ऐतिहासिक व्यक्तियों के सम्मान में कई स्मारक हैं, लेकिन सभ्यताओं को आकार देने वाले आर्किटेक्ट्स और शिल्पियों के लिए सार्वजनिक स्मारक बहुत कम हैं। इसी सोच के साथ इस टॉवर की कल्पना की गई है। करीब 32 से 35 लाख रुपए होंगे खर्च वे बताते है कि रात में आकर्षक लाइटिंग और अनोखी डिजाइन के कारण यह टॉवर पर्यटकों, आर्किटेक्ट्स, इंजीनियरों, विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। भविष्य में इसे उदयपुर की नई पहचान और आर्किटेक्चर टूरिज्म के प्रमुख लैंडमार्क के रूप में विकसित करने की योजना है। लड्ढा कहते है कि उनकी इच्छा थी कि वे आर्किटेक्ट्स से जुड़ी चीज इस शहर में सार्वजनिक स्थान पर दिखाए और इसी के तहत उन्होंने अपने स्तर पर ये काम हाथ में लिया और करीब सवा महीने में ये तैयार हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इस पर करीब 32 से 35 लाख रुपए खर्च होंगे।

मुस्लिम समाज पर आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप, समाज का प्रदर्शन:धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप, नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

सलूम्बर में मुस्लिम समाज ने सोमवार को तहसील कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन सोशल मीडिया पर प्रसारित एक कथित आपत्तिजनक वीडियो के संबंध में था, जिस पर समाज ने सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन नायब तहसीलदार हरि प्रकाश मीणा के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा गया। ज्ञापन में समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि उक्त वीडियो में आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं। इन टिप्पणियों से मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। समाज ने इसे सामाजिक सौहार्द और शांति व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताया। समाज ने संबंधित महिला के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक धाराओं के तहत तत्काल मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की। इसके अलावा, ऐसे आपत्तिजनक वीडियो और संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स पर प्रतिबंध लगाने तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की भी मांग उठाई गई। मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से निष्पक्ष एवं त्वरित कार्रवाई कर कानून व्यवस्था बनाए रखने और सामाजिक सौहार्द कायम रखने की अपील की।

उदयपुर में बुजुर्ग के सिर पर सरिए से हमला:दो भाइयों के परिवार के बीच जमीन को लेकर चल रहा विवाद

उदयपुर में एक बुजुर्ग के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। बुजुर्ग के सिर पर सरिए से हमला किया गया। इससे वे घायल हो गए। तुरंत एमबी हॉस्पिटल भर्ती कराया गया। घटना बड़गांव थाना क्षेत्र के वरडा गांव की है। थानाधिकारी हितेश यादव ने बताया- दो परिवारों का आपसी झगड़ा है। इसमें दो भाइयों के परिवार के बीच जमीन और अन्य कारणों से विवाद चल रहा है। इसके चलते प्रताप सिंह पर उन्हीं के बड़े भाई के परिवार ने हमला कर दिया। मामले में मुकदमा दर्ज करते हुए आगे जांच जारी है। बेटा बोला-मेरी मां को बचाने दौड़े पिता पर हमला किया घायल बुजुर्ग के बेटे लक्ष्मण सिंह देवड़ा ने बताया- मेरे ताउजी का कुछ साल पहले निधन हो चुका है। ताईजी और उनके बेटे ने मेरे माता-पिता पर हमला किया। मेरी मां बाड़े में कुछ काम से गई थी। तभी इन्होंने मेरी मां को मारने का प्रयास किया। बीच बचाव में पिताजी दौड़कर गए तो उनके साथ भी मारपीट की। वीडियो बनाने के डर से पिताजी का मोबाइल छीन लिया। लक्ष्मण ने बताया- हमारा कच्चा घर है और ताईजी का पक्का घर है। उनके बाथरूम से गंदा पानी हमारे घर की तरफ आता है। इससे हमें परेशानी होती है। साथ ही इन्होंने हमारी हिस्से की कुछ जमीन भी दबाई हुई है। इसके लिए हमने कई बार बोला, लेकिन उन्होंने इसे अन्यथा लेकर झगड़ा किया। हमे मारने की धमकी दी।

रेगिस्तान में आंधी के बाद बरसे बादल:सड़कें लबालब, टू-व्हीलर सवार परेशान; देखें बाड़मेर-बालोतरा में कहां-कितनी बारिश

पश्चिमी राजस्थान में मानसून एक्टिव है। सोमवार दोपहर बाड़मेर और बालोतरा जिलों में ज्यादातर हिस्सों में आंधी के साथ बारिश हुई। बाड़मेर में सबसे ज्यादा बारिश नोखड़ा तहसील में 38 एमएम दर्ज की गई। वहीं बालोतरा में सबसे ज्यादा बारिश कल्याणपुर 56 एमएम हुई। बालोतरा के गिड़ा इलाके को छोड़कर करीब-करीब पूरे इलाके में बारिश हुई। इधर बाड़मेर में बारिश के बाद शहर की सड़कें पानी से लबालब हो गईं। कलेक्ट्रेट परिसर और विवेकानंद सर्किल के आसपास 2 फीट पानी बहने लगा। मौसम विभाग ने 10 जुलाई तक बारिश का अलर्ट जारी किया है। बाड़मेर शहर में 6-7 मिमी बारिश इन दिनों भीषण गर्मी-उमस से लोगों के हाल बेहाल हैं। सोमवार सुबह से बादलों की आवाजाही थी। दोपहर बाद अचानक मौसम बदला। तेज हवा के साथ आंधी शुरू हो गई। इसके बाद रिमझिम बारिश हुई। बाड़मेर के धनाऊ, नोखड़ा, चौहटन, शिव और सेड़वा इलाकों में बारिश हुई है। बाड़मेर शहर व आसपास के इलाकों में 6-7 एमएम बारिश हुई है। इधर बालोतरा जिले में सिणधरी, सिवाना, समदड़ी, पाटौदी, कल्याणपुर, पचपदरा, बालोतरा, गुड़ामालानी, धोरीमन्ना में अच्छी बारिश हुई है। गिड़ा इलाके में बारिश नहीं हुई। बालोतरा शहर में भी अच्छी बारिश हुई है। सोमवार को बाड़मेर का अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 30.4 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने 10 जुलाई तक बारिश का अलर्ट जारी किया है। बाड़मेर जिले में तहसील अनुसार बारिश बालोतरा जिले में तहसील अनुसार बारिश

रेलवे स्टेशन पर यात्री ने स्कैनर मशीन में बैग डाला,चोरी:यात्रियों का सामान चुराने वाला बदमाश गिरफ्तार; धमकाकर वारदात को देता था अंजाम, आरोपी को जेल भेजा

जोधपुर में ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों का सामान चोरी करने और डरा-धमकाकर लूटने वाले शातिर बदमाश को जीआरपी थाना ने गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी से चोरी और लूट के दो अलग-अलग मामलों का माल बरामद किया। इसमें एक लैपटॉप, एक मोबाइल और कानों में पहनने वाले सोने की लॉन्ग शामिल हैं। आरोपी पहले भी नकबजनी और लूट के कई मामलों में शामिल रहा है। पुलिस ने आरोपी लीलू उर्फ जीतू उर्फ जितेंद्र (28) पुत्र भंवरूराम ओड निवासी शिवपुरा पोकरण जैसलमेर को गिरफ्तार किया। पहली वारदात: सामान चेकिंग मशीन से उड़ाया लैपटॉप पुलिस के अनुसार- 23 फरवरी 2026 को सांवरमल निवासी डीडवाना कुचामन हाल पुणे ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि वह जोधपुर से पुणे जाने के लिए टिकट लेकर स्टेशन में प्रवेश कर रहा था। लगेज स्कैनर मशीन में उसने अपना बैग रखा, लेकिन बैग आगे से बाहर नहीं आया। पीछे जाकर देखा तो बैग गायब था। इसमें डेल कंपनी का लैपटॉप था। इस पर जीआरपी में मामला दर्ज किया था। दूसरी वारदात: टॉयलेट का रास्ता पूछने पर खंडहर में ले जाकर लूटा दूसरी वारदात 13 अप्रैल 2026 को हुई। पीड़ित नारायण राम निवासी खेड़ापा जोधपुर इलाज के लिए जोधपुर स्टेशन आया था। उसने वहां खड़े एक युवक से टॉयलेट का रास्ता पूछा। आरोपी उसे झांसे में लेकर राईकाबाग स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 के आखिरी छोर पर बने खंडहर में ले गया। वहां आरोपी ने चाकू दिखाकर नारायण राम को जान से मारने की धमकी दी। जेब से मोबाइल और 200 रुपए छीन लिए। इसके बाद आरोपी ने डरा-धमकाकर पीड़ित के कानों से सोने के लॉन्ग भी उतरवा लिए और फरार हो गया। मामले में एएसआई चरण सिंह, हेड कॉन्स्टेबल दीपेंद्र पाल सिंह, कॉन्स्टेबल रीडमल सिंह, मोहनलाल और मुल्तानाराम की विशेष टीम बनाई गई। टीम ने जब दोनों घटनाओं के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और उनका विश्लेषण किया तो सामने आया कि दोनों वारदातों को अंजाम देने वाला शख्स एक ही है। इसके बाद पुलिस ने पुराने अपराधियों का रिकॉर्ड खंगाला और साइबर सेल की तकनीकी मदद से आरोपी लीलू उर्फ जीतू को गिरफ्तार कर पूछताछ की। इस पर दोनों वारदातें कबूल कर ली। भीड़ का फायदा उठाकर करता वारदात पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बेहद शातिर किस्म का है। वह रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले इलाकों में घूमता रहता था। जहां एक तरफ वह भीड़ का फायदा उठाकर जेबतराशी करता था। वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण इलाकों या दूर-दराज से आने वाले सीधे-साधे यात्रियों को अपनी बातों में फंसाता था। मदद करने के बहाने उन्हें सुनसान जगह या खंडहरों में ले जाकर चाकू की नोंक पर लूट लेता था। पुलिस ने बताया- आरोपी लीलू आदतन अपराधी है। इसके खिलाफ पहले भी नकबजनी के 3 मामले, एससी/एसटी एक्ट का 1 मामला और एक बुजुर्ग महिला को डरा-धमकाकर लूटने का 1 मामला दर्ज है। कोर्ट ने आरोपी को जेल में भेजने के आदेश दिए।

डीजीपी बोले- बड़े ड्रग माफिया-गैंगस्टर्स की संपत्तियां होंगी कुर्क:गंभीर अपराधों में 4.65% की कमी का दावा; राजस्थान पुलिस का छह महीने का रिपोर्ट कार्ड पेश

राजस्थान पुलिस अकादमी में महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने कहा- बड़े ड्रग माफिया, संगठित अपराधियों और गैंगस्टर्स की अवैध संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई तेज की जाएगी। डीजीपी राजीव कुमार ने सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह कहा। डीजीपी शर्मा ने पिछले छह महीनों का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कहा- अब राजस्थान पुलिस केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अपराध की रोकथाम, अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने और तकनीक आधारित स्मार्ट पुलिसिंग को प्राथमिकता देगी। उन्होंने कहा- राजस्थान पुलिस ने पिछले छह महीनों में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और तकनीक आधारित पुलिसिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की। गंभीर अपराधों में 4.65 प्रतिशत की कमी, पेपर लीक माफिया पर प्रभावी रोक, नशा तस्करों और संगठित अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई से प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है। अपराधों में 4.65 प्रतिशत की कमी डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने बताया- साल 2025 की पहली छमाही की तुलना में साल 2026 की समान अवधि में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत दर्ज कुल अपराधों में 4.65 प्रतिशत की कमी आई है। साल 2025 में जहां 99 हजार 272 मामले दर्ज हुए थे। वहीं इस साल यह संख्या घटकर 94 हजार 652 रह गई। इन मामलों में 4.25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ऐसे मामलों की संख्या 49,087 से बढ़कर 51,172 हो गई। वहीं अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के मामलों में 18.81 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई है। संपत्ति संबंधी अपराधों में रिकॉर्ड बरामदगी राजस्थान पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधों में भी रिकॉर्ड सुधार दर्ज किया है। लूट के मामलों में माल बरामदगी का प्रतिशत 71 से बढ़कर 79.09 प्रतिशत पहुंच गया है। नकबजनी के मामलों में बरामदगी 9.58 प्रतिशत से बढ़कर 58.24 प्रतिशत तथा चोरी के मामलों में रिकवरी 10.34 प्रतिशत से बढ़कर 24.79 प्रतिशत हो गई है। नशा तस्करों और अवैध हथियारों पर बड़ी कार्रवाई डीजीपी ने बताया- आबकारी अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में 2.06 प्रतिशत, आर्म्स एक्ट के मामलों में 4.23 प्रतिशत और एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों में 29.94 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस अवधि में एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 7 हजार 195 मामले दर्ज कर बड़े ड्रग सिंडिकेट्स के खिलाफ कार्रवाई की गई। राजस्थान पुलिस ने नशे के खिलाफ सप्लाई चेन तोड़ने, मांग कम करने और नशामुक्ति की त्रिस्तरीय रणनीति अपनाई। साल 2025 में 69 और साल 2026 में अब तक 23 इस्तगासे पेश किए गए। 34 मामलों में 83 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 20 जिलों के 224 हॉटस्पॉट पर विशेष अभियान चलाया गया। अवैध मादक पदार्थ तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए वर्ष 2025 में 66 मामलों में 55.01 करोड़ रुपए और वर्ष 2026 में अब तक 15 मामलों में 7.36 करोड़ रुपए की अवैध संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। महिला सुरक्षा में तेजी, अनुसंधान समय घटा महिला सुरक्षा को लेकर डीजीपी ने बताया- महिलाओं से छेड़छाड़ के मामलों में 6.44 प्रतिशत, दुष्कर्म मामलों में 13.36 प्रतिशत और पॉक्सो के मामलों में 20.90 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। पॉक्सो मामलों में अनुसंधान अवधि 78.2 दिन से घटकर 51.2 दिन तथा दुष्कर्म के मामलों में 81 दिन से घटकर 52 दिन रह गई है। महिला सुरक्षा के लिए कालिका पेट्रोल यूनिट, एंटी रोमियो स्क्वॉड, वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर, सुरक्षा सखी और महिला सलाह सुरक्षा केंद्र को ऑपरेशन गरिमा और ऑपरेशन खुशी के तहत और अधिक प्रभावी बनाया गया है। 100 करोड़ रुपए से बनेगा साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर डीजीपी ने बताया- राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर (R4C) और एआई आधारित 1930 कॉल सेंटर की स्थापना प्रक्रियाधीन है। इसके लिए राज्य सरकार ने 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। साइबर हेल्पलाइन 1930 पर अब 53 लाइनें 24 घंटे तीन शिफ्टों में संचालित हो रही हैं। साथ ही शिकायतकर्ताओं की सुविधा के लिए दो वॉट्सएप नंबर 9256001930 और 9257510100 भी उपलब्ध कराए गए हैं। प्रदेश के सभी 41 पुलिस जिलों में साइबर पुलिस थाने स्थापित किए जा चुके हैं। प्रत्येक थाने में साइबर हेल्पडेस्क बनाई गई है। 10 जनवरी 2026 से पांच लाख रुपए तक के साइबर अपराधों में जीरो एफआईआर सुविधा शुरू होने के बाद अब तक 405 ऑनलाइन एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। वर्ष 2025 में साइबर अपराधों की 1,47,384 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। वहीं 30 जून 2026 तक 84,916 शिकायतें मिली हैं। वर्ष 2025 में 768.70 करोड़ रुपए की राशि होल्ड की गई और होल्ड राशि का प्रतिशत बढ़कर 26.47 प्रतिशत हो गया। डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराधों में वर्ष 2023 से जून 2026 तक 136 मामले दर्ज कर 174 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा 52.23 करोड़ रुपये से अधिक की राशि होल्ड की गई। सीईआईआर पोर्टल से 1.84 लाख मोबाइल ट्रेस कर 61,346 मोबाइल उनके मालिकों को लौटाए गए। एटीएस की बड़ी उपलब्धियां एटीएस राजस्थान ने एक साल में यूएपीए के तहत तीन मामले दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। अवैध विस्फोटकों के 7 मामलों में 7 आरोपियों को पकड़ा गया तथा भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की गई। अवैध हथियारों के पांच मामलों में सात आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, जबकि मादक पदार्थ तस्करी के मामलों में 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। फर्जी आधार कार्ड गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 66 आईटी एक्ट से जुड़ी सूचनाओं का निराकरण किया गया। सोशल मीडिया निगरानी के तहत 728 संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखी गई तथा कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित 15 युवाओं की डी-रेडिकलाइजेशन प्रक्रिया शुरू की गई। 25 इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी पर 4.65 लाख रुपए का इनाम बांटा गया। तकनीकी संवर्ग में खुलेगी पदोन्नति की राह डीजीपी ने बताया- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्णय के बाद ड्राइवर, घुड़सवार और बैंड शाखा सहित तकनीकी संवर्ग में कैडर पुनर्गठन किया गया है। गृह विभाग द्वारा 23 जून को जारी स्वीकृति के तहत 403 पदों का पुनर्गठन किया गया है। मादक पदार्थ तस्करों की अपराध से अर्जित संपत्तियों को कुर्क-जब्त होगी राजीव कुमार शर्मा ने कहा- आने वाले समय में सीआईडी (सीबी) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के माध्यम से बड़े मादक पदार्थ तस्करों की अपराध से अर्जित संपत्तियों को बीएनएसएस धारा 107 और बीएनएस की धारा 111 और 112 सहित पीआईटी-एनडीपीएस कानून के तहत कुर्क और जब्त किया जाएगा। उन्होंने कहा- रंगदारी के लिए फायरिंग करने वाले गैंगस्टर्स के खिलाफ एजीटीएफ के विशेष अभियान जारी रहेंगे। आवश्यकता पड़ने पर विदेशों में छिपे अपराधियों के प्रत्यर्पण की कार्रवाई भी की जाएगी। वहीं साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आर-4-सी के माध्यम से तकनीक आधारित कार्रवाई को और मजबूत किया जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडीजी एएनटीएफ एवं एटीएस दिनेश एमएन ने विशेष अभियानों की जानकारी दी। प्रारंभ में पुलिस मुख्यालय के डीआईजी कुंवर राष्ट्रदीप ने छह महीने की उपलब्धियों का प्रस्तुतिकरण दिया। इस अवसर पर डीजी (प्रशिक्षण) अनिल पालीवाल सहित पुलिस मुख्यालय के सभी अतिरिक्त महानिदेशक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

जयपुर में एफटीआई ऑफिस की छत गिरी, 11 मजदूर घायल:एसएमएस ट्रॉमा सेंटर में मची अफरा-तफरी, 9 गंभीर घायलों का इलाज जारी

राजधानी जयपुर में सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। जेएलएन मार्ग स्थित एफटीआई (FTI) ऑफिस की छत अचानक भरभराकर गिरने से वहां काम कर रहे 11 से अधिक मजदूर घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को इलाज के लिए एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। एक साथ बड़ी संख्या में घायलों के पहुंचने से ट्रॉमा सेंटर में भी हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही एसएमएस थाना पुलिस और अस्पताल का मेडिकल स्टाफ मौके पर पहुंचा और घायलों के उपचार की व्यवस्था शुरू कराई। डॉक्टरों की टीम सभी घायल मजदूरों का इलाज कर रही है। 9 गंभीर रूप से घायल मजदूरों को विशेष निगरानी में रखा गया है। जबकि 2 घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा उस समय हुआ, जब मजदूर जेएलएन मार्ग स्थित (एफटीआई) राजस्थान फॉरेस्ट वाइल्ड लाइफ ट्रेनिंग सेंटर में कार्य कर रहे थे और अचानक भवन की छत भरभराकर गिर गई। हादसे के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। घायलों में लाला राम, राजीव कुमार, नीतीश कुमार, उदित, प्रमोद, बकू, कार्तिक, प्रमोद और शोक सहित 10 से अधिक मजदूर शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस घायलों की स्थिति और हादसे के कारणों की विस्तृत जानकारी जुटा रही है। वहीं मामले में बजाज नगर थानाधिकारी भजनलाल ने बताया कि ये हादसा बजाज नगर थाना क्षेत्र में बजाज नगर के टी पॉइंट स्थित फॉरेस्ट विभाग के ऑफिस में हुआ। यहां नई बिल्डिंग बन रही थी, जिसकी छत भराई का काम चल रहा था। इस दौरान सेनेटिंग के लिए लगे पाइप नीचे आ गए। हालांकि ये पाइप कैसे नीचे आए इसकी जांच कर रहे है। हादसे में किसकी लापरवाही रही उसकी जांच की जा रही है। हादसे के लिए जो जिम्मेदार होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एक टीम को मौके पर पहुंचकर राहत बचाव कार्य करवाया गया। वहीं घायलों के बयान दर्ज कर मामले की जांच की जाएगी। यहां देखें फोटोज