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जोधपुर जिले में मानसून की एंट्री:तीन साल बाद देरी से आया; पिछले साल 52 दिन हुई थी बरसात

जोधपुर जिले में आज मानसून की एंट्री हो गई है। तीन साल बाद मानसून देरी से पहुंचा है। 2022 के बाद साल 2026 में मानसून जुलाई में आया है। इससे पहले राजस्थान के 12 जिलों से मानसून की एंट्री हुई थी। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है ​कि जुलाई के दूसरे सप्ताह तक जिले में आंधी-बारिश का दौर चलेगा। इससे पूर्व जून में महीने में भी चार से पांच बार बारिश का अलर्ट जारी किया गया था लेकिन इस बार प्री-मानूसन जोधपुर जिले में पूरा सूखा बीता है। पिछले 10 सालों में 7 साल पहले औसत से कम हुई थी बारिश जोधपुर जिले में मानसून की बात की जाए तो पिछले 10 सालों में लगातार मानसून में औसम से ज्यादा बारिश हुई है। लेकिन, सात साल पहले साल 2017 में औसम से 15 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। इस दौरान महज 232 एमए रिकॉर्ड दर्ज की गई। वहीं साल 2024 में औसत से सबसे ज्यादा 73 प्रतिशत बारिश रिकॉर्ड दर्ज की गई थी। जबकि 2021 में महज औसम 6 प्रतिशत ही ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई थी। जबकि साल 2025 में सबसे 52 दिन जिले में बारिश हुई थी। इसके अलावा 7 दिन ऐसे थे, जब भारी बारिश रिकॉर्ड दर्ज की गई थी। जोधपुर में मानसून में अच्छी बारिश की उम्मीद जोधपुर में जुलाई के दूसरे सप्ताह तक तेज बारिश की संभावना है। इस बार प्री-मानूसन जोधपुर जिले में पूरा सूखा बीता है। ऐसे में मानसून में अच्छी बारिश की उम्मीद है।

पांचना बांध से नहरों में पानी की आपूर्ति शुरू:तकनीकी खराबी दूर करने के बाद तड़के 5 बजे गेट खुले

करौली जिले में स्थित पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी की आपूर्ति मंगलवार तड़के करीब 5 बजे शुरू कर दी गई। जल संसाधन विभाग की टीम ने पूरी रात मशक्कत कर गेट की रॉड जाम होने से आई तकनीकी खराबी को दूर किया। पानी समय पर नहीं पहुंचने के कारण किसानों और ग्रामीणों ने कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किया था। दरअसल पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने के दौरान गेट की रॉड जाम हो गई थी। इस तकनीकी खराबी के कारण पानी निर्धारित समय पर आगे नहीं बढ़ पाया, जिससे पानी की निकासी बाधित रही। सूचना मिलते ही जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत का काम शुरू किया। नहरों में पानी नहीं पहुंचा तो लोगों का फूटा आक्रोश
नहरों में पानी नहीं पहुंचने से नाराज किसानों और ग्रामीणों ने श्रीमहावीरजी क्षेत्र के कोड़िया की बगीची, किरवाड़ा, कैमला मोड़, कुसाय, गाधौली, करौली-हिंडौन मार्ग स्थित कटकड़, गंगापुर मार्ग स्थित मांच और रुंडी सहित कई स्थानों पर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। इस कारण यातायात प्रभावित हुआ और राहगीरों को परेशानी हुई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी पूरी रात पांचना बांध पर मौजूद रहे। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था। तकनीकी खराबी की दूर, नहरों की आपूर्ति शुरू
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लखन सिंह ने बताया कि तकनीकी खराबी दूर कर नहरों में पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी संभावित तकनीकी समस्या से निपटने के लिए विशेषज्ञ टीम मौके पर तैनात है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। जल संसाधन विभाग, जयपुर के अधीक्षण अभियंता विजय कुमार शर्मा ने जानकारी दी कि नहर में पानी छोड़ने के दौरान गेट की रॉड जाम हो गई थी। खराबी दूर करने के लिए देवली और मथुरा से विशेषज्ञ तकनीकी टीम बुलाई गई थी। टीम की कड़ी मशक्कत के बाद मंगलवार तड़के करीब 5 बजे गेट खोलकर नहरों में पानी की आपूर्ति बहाल की गई।

मठ पिपरीपुरा में 4 छप्परपोश मकानों में लगी आग:4 परिवार हुए बेघर, 10 लाख का हुआ नुकसान

धौलपुर जिले के सैपऊ थाना क्षेत्र के गांव मठ पिपरीपुरा में सोमवार देर रात अज्ञात कारणों से 4 छप्परपोश मकानों में भीषण आग लग गई। इस हादसे में करीब 10 लाख रुपए के नुकसान का प्रारंभिक अनुमान लगाया गया है। आग लगने से 4 परिवार बेघर हो गए हैं और अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार रात करीब 3 बजे आशा देवी के छप्परपोश मकान में अचानक आग लगी। उस समय परिवार के सभी सदस्य गहरी नींद में थे। आग तेजी से फैलते हुए पास के अन्य तीन छप्परपोश मकानों तक पहुंच गई। परिवार के सदस्यों ने सबसे पहले बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं घर में रखे 3 गैस सिलेंडरों को समय रहते खेत में फेंक दिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। नकदी, बाइक, गेहूं जलकर खाक
आग की चपेट में आने से करीब एक लाख रुपए की नकदी, एक बाइक, एक साइकिल, 50 क्विंटल गेहूं, 10 क्विंटल सरसों, सोने-चांदी के आभूषण, कपड़े, बर्तन, पशुओं का भूसा सहित गृहस्थी का लगभग पूरा सामान जलकर राक हो गया। पीड़िता आशा देवी ने बताया कि उनके पति का करीब 5 साल पहले निधन हो चुका है और वह बच्चों के सहारे परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। इस हादसे में उनकी वर्षों की मेहनत से जुटाई गई पूरी गृहस्थी पलभर में नष्ट हो गई। बेटे की फीस के लिए रखे 1 लाख रुपए जले
हादसे में आशा देवी के देवर कल्ला को भी भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने अपने पुत्र शिवम की नीट की तैयारी के लिए कोटा में फीस जमा कराने हेतु संदूक में एक लाख रुपये रखे थे, जो आग में जल गए। इसके अलावा, आशा देवी के पुत्र संदीप तथा कल्ला के पुत्र सौरभ का भी पूरा आशियाना आग की भेंट चढ़ गया। ग्राम सरपंच वेदप्रकाश कुशवाह ने बताया कि घटना की सूचना प्रशासन को दे दी गई है और पीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। थाना प्रभारी प्रवेन्द्र कुमार रावत ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है और आग में चार परिवारों का घरेलू सामान तथा नकदी जलकर राख हो गई है।

पटवारी ने चलती कार में ली रिश्वत, ACB ने दबोचा:20 हजार डेशबोर्ड में रखवाए थे; रिकॉर्ड में डिक्री दर्ज करने की एवज में मांगे रुपए

भीलवाड़ा के जहाजपुर तहसील में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) टोंक की टीम ने ऊंचा हल्का के पटवारी भंवर सिंह को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपी कोर्ट के फैसले (डिक्री) को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने के बदले रिश्वत मांग रहा था। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने ट्रैप बिछाया और पटवारी को कार के डैशबोर्ड बॉक्स में रिश्वत की रकम रखते ही रंगे हाथों पकड़ लिया। हेल्पलाइन पर शिकायत, जांच में सही निकला मामला
टोंक ASP ऋषिकेश मीणा ने बताया- जहाजपुर तहसील में ऊंचा हल्का के पटवारी भंवर सिंह के खिलाफ एसीबी हेल्पलाइन 1064 पर शिकायत मिली थी। शिकायत में बताया गया कि कोर्ट के आदेश के अनुसार परिवादी के पिता के पक्ष में जमीन की डिक्री राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने के बदले पटवारी 20 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया तो रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद ट्रैप की योजना बनाकर कार्रवाई की तैयारी की गई। जांच में यह भी सामने आया कि कोर्ट का फैसला पहले ही परिवादी के पिता के पक्ष में आ चुका था, लेकिन रिकॉर्ड में डिक्री दर्ज करने के लिए आरोपी रिश्वत मांग रहा था। चलती कार में लिया रिश्वत का पैसा, एसीबी ने पकड़ा
मंगलवार को पटवारी ने परिवादी को ऑफिस बुलाया और बीच रास्ते अपनी कार में बैठाकर 20 हजार रुपए लिए। उसने रिश्वत की रकम कार के डैशबोर्ड बॉक्स में रखवा दी। एसीबी की टीम पहले से पूरी कार्रवाई पर नजर रखे हुए थी। इशारा मिलते ही टीम ने मौके पर पहुंचकर कार के डैशबोर्ड से 20 हजार रुपए बरामद कर पटवारी को गिरफ्तार कर लिया। सीकर का रहने वाला है आरोपी
यह कार्रवाई एसीबी अजमेर रेंज के उप महानिरीक्षक के निर्देशन और एसीबी टोंक के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की निगरानी में की गई। गिरफ्तार आरोपी भंवर सिंह मूल रूप से सीकर जिले का निवासी है और जहाजपुर तहसील के ऊंचा हल्का में पटवारी के पद पर कार्यरत था। एसीबी ने उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।

ट्रेन में चढ़ते समय पैर फिसला,प्लेटफॉर्म-ट्रेन की बीच फंसी महिला:हाथ बुरी तरह कुचला और शरीर पर आई गंभीर चोटें, मौत; बेटी से मिलकर लौटते समय हादसा

भरतपुर में पैर फिसलने से महिला ट्रेन और प्लटेफॉर्म के बीच फंस गई। इतने में ट्रेन चलने लगी। महिला की चीख-पुकार सुन ट्रेन रुकवाई गई, करीब 10 मिनट तक रेस्क्यू चला और महिला को बाहर निकाला गया। घटना में महिला का एक हाथ बुरी तरह कुचल गया। साथ ही शरीर के कई हिस्सों पर भी चोटें आई। आखिरकार महिला की मौत हो गई। घटना नदबई रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सवेरे 9 बजे की है। महिला की पहचान मध्यप्रदेश के ग्वालियर निवासी प्रीति सक्सेना (42) के रूप में हुई है। प्रीति अपने पति धीरेंद्र सक्सेना के साथ बेटी से मिलने नदबई आई थी। वापस लौटते समय ये हादसा हुआ। देखें घटना के बाद के PHOTOS बेटी से मिलने आई थी नदबई
मिली जानकारी के अनुसार प्रीति सक्सेना अपने पति धीरेंद्र सक्सेना के साथ रविवार को नदबई आई थी। उनकी बेटी भूमि सक्सेना ने हाल ही में नदबई स्थित एचडीएफसी बैंक में नौकरी जॉइन की थी और वो प्रशिक्षण पर थी। बेटी की नई शुरुआत की खुशी साझा करने के बाद मंगलवार सुबह दोनों पति-पत्नी उदयपुर–खजुराहो ट्रेन से वापस ग्वालियर लौट रहे थे। ट्रेन में चढ़ते समय फिसला पैर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब 9 बजकर 5 मिनट पर जैसे ही प्रीति सक्सेना ट्रेन में चढ़ने लगीं, अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने से वो ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच जा फंसीं। इसी दौरान ट्रेन चलने लगी। महिला की चीख-पुकार सुनकर प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। ट्रेन रुकवाई, 10 मिनट तक चला रेस्क्यू
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे और ट्रेन को रुकवाया गया। करीब 10 मिनट तक ट्रेन स्टेशन पर खड़ी रही। कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद महिला को ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। ई-रिक्शा से अस्पताल ले गए
घटना के तुरंत बाद यात्रियों ने एम्बुलेंस को सूचना दी। मौजूद लोगों ने इंसानियत दिखाते हुए महिला को ई-रिक्शा के जरिए नदबई के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सेना के जवान की हार्ट अटैक से मौत:7 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, नासिक में ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ी

डीग जिले के 26 साल के सेना के जवान की हार्ट अटैक से मौत हो गई। जवान बबलू चौधरी सिनसिनी गांव के रहने वाले थे। नासिक में नायक के पद पर तैनात थे। 5 जुलाई को ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मंगलवार को जवान बबलू चौधरी का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव सिनसिनी पहुंचा। पत्नी मंजू, मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जवान का सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार किया गया। जवान के 7 साल के बड़े बेटे यश कुमार और छोटे भाई पंकज ने मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में हजारों ग्रामीण शामिल हुए। स्कूल में अंतिम दर्शन के लिए रखा पार्थिव शरीर मंगलवार को जवान बबलू चौधरी की पार्थिव देह को गांव के प्राथमिक विद्यालय परिसर में अंतिम दर्शन के लिए रखी गई। जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम संस्कार से पहले सेना के जवानों ने अपने साथी को अंतिम सलामी दी। इस दौरान “बबलू चौधरी अमर रहें” और “भारत माता की जय” के नारों से आसमान गूंज उठा। पिता भी सेना से रिटायर्ड बबलू चौधरी साल 2016 में सेना में भर्ती हुए थे। 2018 में मंजू से उनकी शादी हुई थी। उनके 2 बच्चे यश कुमार (7), भावेश (3) हैं। बबलू चौधरी के छोटे भाई पंकज सेना में लांसनायक के पद पर तैनात हैं। पिता विजेंद्र सिंह भी सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। घटना की सूचना मिलने पर सीओ सीताराम बैरवा और तहसीलदार जुगिता मीणा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी जवान के घर पहुंचे पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। गांव के लोगों ने कहा- बबलू चौधरी मिलनसार स्वभाव के थे। उनके निधन से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे गांव को दुख है। जवान के निधन से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… झुंझुनूं के एयरफोर्स जवान का चेन्नई में निधन:2 महीने पहले ही आए थे गांव, नहाते समय डूबे झुंझुनूं जिले के मंडावा क्षेत्र के पीपल का बास गांव निवासी 22 साल के एयरफोर्स जवान आर्यन झाझड़िया का चेन्नई में ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। (पढ़ें पूरी खबर)

झुंझुनूं के एयरफोर्स जवान का चेन्नई में निधन:2 महीने पहले ही आए थे गांव, नहाते समय डूबे

झुंझुनूं जिले के मंडावा क्षेत्र के पीपल का बास गांव निवासी 22 साल के एयरफोर्स जवान आर्यन झाझड़िया का चेन्नई में ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। मंगलवार को नहाते समय पानी में डूबने की घटना हुई। सुबह करीब 11 बजे इसकी सूचना परिवार को मिली, जिसके बाद पूरे गांव में शोक छा गया। जवान की पार्थिव देह बुधवार सुबह गांव पहुंचने की संभावना है। इसके बाद सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। ड्यूटी के दौरान नहाते समय हुई घटना मिली जानकारी के अनुसार आर्यन झाझड़िया चेन्नई स्थित एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात थे। मंगलवार को ड्यूटी के दौरान नहाते समय पानी में डूबने से उनका निधन हो गया। घटना की सूचना मिलने के बाद परिवार में शोक छा गया। दो महीने पहले छुट्टी पर आए थे गांव परिजनों ने बताया कि आर्यन 22 साल के थे और अविवाहित थे। उनके पिता किसान हैं। करीब दो महीने पहले ही वह छुट्टी पर अपने पैतृक गांव पीपल का बास आए थे। परिवार के साथ समय बिताने के बाद वह वापस ड्यूटी पर लौट गए थे। बुधवार को होगा अंतिम संस्कार परिजनों के अनुसार जवान की पार्थिव देह बुधवार सुबह उनके पैतृक गांव पहुंचने की संभावना है। इसके बाद सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। आर्यन झाझड़िया के निधन की सूचना मिलते ही गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीण लगातार उनके घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं। क्षेत्र के लोगों ने युवा जवान के निधन पर गहरा दुख जताया है।

सरकारी स्कूल में छात्रा से छेड़छाड़, लेक्चरर APO:स्टूडेंट ने शिक्षा मंत्री को लिखा था लेटर, उसी दिन मुख्यालय भेजा; जांच टीम बनाई

झुंझुनूं के एक सरकारी स्कूल में छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप के बाद शिक्षा विभाग ने संबंधित लेक्चरर (व्याख्याता) को एपीओ कर दिया है। छात्रा ने शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर शिकायत की थी। शिकायत मिलते ही माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने कार्रवाई करते हुए लेक्चरर को तुरंत प्रभाव से स्कूल से हटाकर निदेशालय, बीकानेर में रिपोर्ट करने के आदेश जारी किए। मामले को गंभीर मानते हुए विभाग ने जांच के लिए उच्च स्तरीय टीम भी गठित की है। छात्रा ने शिक्षा मंत्री से की शिकायत छात्रा ने 2 जुलाई को शिक्षा मंत्री को लेटर भेजकर स्कूल के एक लेक्चरर (व्याख्याता) पर छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे। छात्रा ने शिकायत में लेक्चरर के व्यवहार को लेकर गंभीर बातें लिखीं और कार्रवाई की मांग की। जांच के आदेश, सात दिन में रिपोर्ट तलब शिकायत शिक्षा मंत्री तक पहुंचने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। 5 जुलाई को विभाग ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए और सात दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश जारी किए। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए शिक्षा विभाग ने एक उच्च स्तरीय जांच टीम बनाई। यह टीम पूरे मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंपेगी। मामला शिक्षा मंत्री के संज्ञान में आते ही माध्यमिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर ने संबंधित व्याख्याता को तत्काल प्रभाव से एपीओ कर दिया। उन्हें स्कूल से हटाकर निदेशालय, बीकानेर में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानाचार्या बोलीं- पहले कभी ऐसी शिकायत नहीं मिली स्कूल की प्रिंसिपल ने कहा – व्याख्याता के एपीओ किए जाने की वजह की जानकारी नहीं है। उनके अनुसार 4 जुलाई तक स्कूल का माहौल पूरी तरह सामान्य था। पूरा स्टाफ रोज की तरह साथ में स्कूल से निकलता था और उस समय ऐसी कोई बात सामने नहीं आई थी। उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले किसी छात्रा, स्टाफ सदस्य या गांव के लोगों की ओर से लेक्चरर के खिलाफ कोई शिकायत उनके संज्ञान में नहीं आई थी।

एसआई भर्ती री-एग्जाम: 2021 के सभी कैंडिडेट्स दे सकेंगे परीक्षा:आवेदन अपडेट करना जरूरी, ओटीपी वैरिफिकेशन नहीं किया तो रिजेक्ट होगा फॉर्म

राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने 20 सितंबर 2026 को प्रस्तावित एसआई भर्ती-2021 की री-एग्जाम में आवेदन करने वाले सभी कैंडिडेट्स को शामिल होने का मौका दिया है। 2021 की भर्ती में ऑनलाइन आवेदन करने वाले सभी अभ्यर्थी फिर एग्जाम दे पाएंगे। इसके लिए कैंडिडेट्स को 8 से 22 जुलाई तक अपने आवेदन में जरूरी जानकारी अपडेट करनी होगी। हालांकि, जिन कैंडिडेट्स ने 8 मई 2026 के प्रेस नोट के अनुसार पहले ही आवेदन अपडेट कर दिया है, उन्हें दोबारा संशोधन करने की जरूरत नहीं होगी। कैंडिडेट्स को आवेदन में ये अपडेट करने होंगे आयोग के अनुसार आवेदन अपडेट करने से पहले कैंडिडेट्स को अपने वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) में केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसमें लाइव फोटो, अंगूठे का निशान और हस्ताक्षर अपलोड करना अनिवार्य रहेगा। इसके बाद आवेदन में संशोधन कर स्वघोषणा पत्र स्वीकार करते हुए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी से सत्यापन करना होगा। यह प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। कैंडिडेट्स एसएसओ आईडी से लॉगिन कर माय रिक्रूटमेंट सेक्शन में जाकर आवेदन अपडेट कर सकते हैं। जिनका ओटीआर नई एसएसओ आईडी में माइग्रेट हो चुका है, वे फेच एप्लीकेशन फॉर्म विकल्प का उपयोग कर सकेंगे। यदि आवेदन ट्रांसफर में तकनीकी समस्या आती है तो कैंडिडेट्स 15 जुलाई तक आयोग के कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि भर्ती की पात्रता शर्तें 3 फरवरी 2021 के मूल विज्ञापन और 7 जून 2021 के शुद्धिपत्र के अनुसार ही लागू रहेंगी। परीक्षा का सिलेबस भी 22 मई 2026 को जारी प्रेस नोट के अनुसार रहेगा। आवेदन में केवल मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, पत्राचार का पता, लाइव फोटो, अंगूठे का निशान और हस्ताक्षर ही बदले जा सकेंगे। आयु, शैक्षणिक योग्यता और आरक्षण जैसी मूल जानकारी में कोई बदलाव नहीं होगा। यह निर्णय राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ के 2 जुलाई 2026 के अंतरिम आदेश के बाद लिया गया है। आयोग ने कहा है कि 2021 भर्ती के सभी कैंडिडेट्स को फिलहाल अनंतिम रूप से री-एग्जाम में शामिल होने की अनुमति दी गई है। हालांकि, ओटीआर में उपयोग किए गए फोटो, हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान के उपयोग की सहमति देकर ओटीपी सत्यापन के साथ आवेदन फाइनल सब्मिट करना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने वाले कैंडिडेट्स का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। — ये खबर भी पढ़ें… एसआई भर्ती-2021 री-एग्जाम में याचिकाकर्ताओं को राहत:हाईकोर्ट ने कहा-मूल एग्जाम में फॉर्म भरने वालों को भी शामिल करें राजस्थान हाईकोर्ट ने सब-इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती-2021 की पुन: परीक्षा को लेकर याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत दी है। जस्टिस गणेशराम मीणा की अदालत ने आरपीएससी को गुरुवार को निर्देश दिए कि वे सभी याचिकाकर्ताओं को फॉर्म एडिट का मौका देकर प्रोविजनली परीक्षा में शामिल करें। (पूरी खबर पढ़ें)

अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट केस में 38 दोषियों की फांसी बरकरार:गुजरात हाईकोर्ट का फैसला, 11 को उम्रकैद; 18 साल पहले 70 मिनट में 21 धमाके हुए थे

गुजरात हाईकोर्ट ने 2008 के सीरियल ब्लास्ट मामले में स्पेशल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। कोर्ट ने सभी 38 दोषियों की फांसी की सजा और 11 अन्य दोषियों की उम्रकैद की सजा की पुष्टि की। साथ ही, कोर्ट ने 56 मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए और 200 से ज्यादा घायलों को 1-1 लाख रुपए मुआवजा देने का निर्देश दिया। क्या था अहमदाबाद बम विस्फोट मामला? क्या था अहमदाबाद बम विस्फोट मामला? 26 जुलाई 2008, यही वह दिन था जब 70 मिनट के दौरान 21 बम धमाकों ने अहमदाबाद की रूह को हिलाकर रख दिया। शहर भर में हुए इन धमाकों में 56 लोगों की जान गई, जबकि 200 लोग घायल हुए थे। धमाकों की जांच-पड़ताल कई साल चली और करीब 80 आरोपियों पर मुकदमा चला। 2022 में सुनाई गई थी सजा
अहमदाबाद की विशेष अदालत ने फरवरी 2022 में इस मामले में 38 दोषियों को फांसी और 11 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अब गुजरात हाईकोर्ट ने उस फैसले को बरकरार रखते हुए सभी दोषियों की अपील खारिज कर दी। लॉकडाउन के दौरान चली सुनवाई अहमदाबाद विस्फोट के बाद करीब 12 साल तक इस मामले की जांच और सुनवाई चली थी। लॉकडाउन के दौरान भी इस मामले की सुनवाई लगातार चलती रही। देश में पहली बार एकसाथ 49 आरोपियों को आतंकवाद के गुनाह में दोषी ठहराया गया था। खबर अपडेट हो रही है…