ब्रेकिंग न्यूज़
विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 2 लाख ठगे:पंजाब के 4 लोगों पर धोखाधड़ी का केस, वर्क परमिट वीजा दिलाने का किया था दावा

हनुमानगढ़ में विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 2 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर टाउन थाना पुलिस ने पंजाब के मोहाली निवासी 4 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस ने आकाश, प्रीति, विक्रम और मानव नामक आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। टाउन निवासी जयभगवान सोनी ने कोर्ट में एक परिवाद प्रस्तुत कर बताया कि अक्टूबर 2024 में उन्होंने सोशल मीडिया पर मोहाली स्थित एक कंसल्टेंसी का विज्ञापन देखा था। इस विज्ञापन में विदेश भेजने के लिए वर्क परमिट वीजा उपलब्ध कराने का दावा किया गया था।
विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर आरोपी आकाश ने जयभगवान को लक्जमबर्ग में 3 साल का वर्क परमिट दिलाने और प्रति माह 3160 यूरो वेतन मिलने का भरोसा दिया। इसके लिए कुल 4 लाख रुपए का खर्च बताया गया था। 1 लाख कैश, 1 लाख यूपीआई के जरिए लिए
परिवादी के अनुसार बातचीत के बाद आकाश, प्रीति, विक्रम और मानव लगातार उनके संपर्क में रहे। उन्होंने जयभगवान को दस्तावेजों के साथ मोहाली बुलाया, जहां पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र और आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज जमा करवाए गए। वीजा प्रक्रिया शुरू करने का हवाला देकर आरोपियों ने पहले 50 हजार रुपए नकद लिए। बाद में 50 हजार रुपए हनुमानगढ़ आकर लिए गए।
इसके बाद वीजा स्वीकृति के नाम पर 1 लाख रुपए अलग-अलग तारीखों में यूपीआई के माध्यम से जमा करवाए गए। इस तरह आरोपियों ने कुल 2 लाख रुपए प्राप्त कर लिए। जयभगवान का कहना है कि आरोपियों ने 3 महीने में वीजा जारी करने का आश्वासन दिया था। हालांकि 8 महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें न तो वीजा मिला और न ही उनकी रकम लौटाई गई। कई बार संपर्क करने पर केवल आश्वासन मिलता रहा, और बाद में आरोपियों ने फोन उठाना भी बंद कर दिया। जब परिवादी दोबारा मोहाली पहुंचे और रुपए वापस मांगे, तो कथित तौर पर उनके साथ अभद्रता की गई और पैसे लौटाने से इनकार कर दिया गया। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।

15 साल के स्टूडेंट का दिनदहाड़े किडनैप:स्कॉर्पियों में डालकर लेकर गए बदमाश, मारपीट के बाद नाले में फेंका

अलवर शहर में 15 साल के स्कूल स्टूडेंट का दिनदहाड़े किडनैप कर मारपीट की गई। स्कॉर्पियो सवार युवकों ने स्टूडेंट को जबरन गाड़ी में डाला। इसके बाद लाठी-डंडों और लात-घूंसों से मारपीट कर अलग-अलग जगहों पर ले जाकर जान से मारने की धमकी दी। मारपीट के बाद नाले में धक्का देकर फरार हो गए। मामला अरावली विहार थाना क्षेत्र में मंगलवार का है। पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार- स्टूडेंट ने रिपोर्ट में बताया कि वह 7 जुलाई की सुबह स्कूल गया था। छुट्टी के बाद दोपहर करीब 12:30 बजे एक पार्क के सामने अपने साथी को उतार रहा था। इस दौरान काले रंग की स्कॉर्पियो में सवार 3 नामजद आरोपी पहुंचे और उसे जबरन गाड़ी में डाल लिया। जान से मारने की धमकी देकर नाले में फेंका पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपी पहले उसे भूगोर क्षेत्र में ले गए। इसके बाद बाइक से रूपबास पुलिया के पास पहुंचे। वहां एक ग्रे रंग की कार भी आई, जिसमें से एक युवक लाठी-डंडे लेकर उतरा। इसके बाद सभी आरोपियों ने मिलकर उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। जाते समय आरोपी उसे नाले में धक्का देकर फरार हो गए। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी पहले भी उसके साथ दो बार मारपीट कर चुके हैं। थाने में पहुंचे पीड़ित का पुलिस ने मेडिकल निरीक्षण कराया, जिसमें उसके हाथ, पैर, घुटने और कान के पास चोट के निशान मिले। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियो की तलाश शुरू कर दी हैं।

ड्राइवर-कंडक्टर किराए के लिए झगड़े, बेकाबू बस पलटी, 1 मौत:पैसेंजर का आरोप- शराब के नशे में थे; 15 सवारियां घायल

भरतपुर के दारापुर गांव के पास रात करीब 11 बजे एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई। घटना में एक महिला की मौत हो गई। वहीं करीब 15 सवारियां घायल हो गई। यात्रियों ने बताया कि बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने शराब पी हुई थी और, वह चलती में बस में किराए को लेकर झगड़ा कर रहे थे। इसलिए वह अनियंत्रित हुई थी। बस में 40 सवारियां सवार थी सुनील निवासी बानपुर जिला धौलपुर ने बताया कि कल मैं और मेरी मां गुड्डी और मैं धौलपुर से जयपुर स्लीपर कोच बस से जा रहे थे। बस में करीब 40 सवारियां था। बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने शराब पी हुई थी। दोनों चलती बस में एक दूसरे से बस के किराए को लेकर झगड़ा कर रहे थे। दारापुर गांव के पास हुआ हादसा बस का ड्राइवर काफी स्पीड में बस चला रहा था। ऊंचा नगला चौकी के पास दारापुर गांव के इलाके में अचानक बस अनियंत्रित होकर पलट गई। बस के पलटते ही मौके पर चीख पुकार मच गई। राहगीरों ने हादसे को देखा तो, उन्होंने रूककर सभी यात्रियों को बस से बाहर निकाला। मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। एक महिला की मौत जिन यात्रियों के चोटें आई उन्हें एम्बुलेंस के जरिए आरबीएम अस्पताल लाया गया। वहीं गुड्डी को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। करीब 15 यात्रियों को मामूली चोटें आई थी। उन्हें उपचार दिया गया। जिसके बाद वह धौलपुर चले गए। ड्राइवर की लापरवाही से पलटी बस सेवर थाने के ASI वृंदावन सिंह ने बताया कि कल रात करीब 11 बजे एक प्राइवेट बस पलट गई। बस ड्राइवर की लापरवाही की वजह से पलटी। सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। घटना में एक महिला की मौत हो गई। मृतक महिला के शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

पूर्व सरपंच को चोरी करते पकड़ा, लोगों ने बाल काटे:बाइक चुराते दबोचा, पुलिस के हवाले किया, पहले भी कर चुका चोरियां

बूंदी जिले में नैनवां थाना इलाके में बामनगांव के पूर्व सरपंच को लोगों ने चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद उसके कपड़े उतारे और कैंची से उसके सिर के बाल काट दिए। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है। पढ़िए पूरा घटनाक्रम
1. बाइक चुराते लोगों ने पकड़ा
दरअसल यह पूरा घटनाक्रम है 3 दिन पहले यानि कि 5 जुलाई का है। बामनगांव के पूर्व सरपंच अनिल वाल्मीकि (30) को टोंक जिले के नगरफोर्ट थाना क्षेत्र के रायपुरिया गांव में ग्रामीणों ने एक मकान में बाइक चुराते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। 2. कपड़े उतारकर कैंची से काटे बाल
इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने पहले तो उसकी पिटाई की। फिर उसके कपड़े उतारकर कैंची से सिर के बाल काट दिए। फिर उसे नगरफोर्ट पुलिस के हवाले कर दिया गया। 3. सरपंच का कार्यकाल खत्म होने के बाद करने लगा चोरियां
अनिल वाल्मीकि जनवरी 2015 से 2020 तक बामनगांव ग्राम पंचायत का सरपंच रहा था। पद से हटने के बाद से वह लगातार चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा है। जानकारी के अनुसार वह शराब का आदी है और सरपंची का कार्यकाल समाप्त होने के बाद चोरियां करने लग गया। 4. एक साल पहले भी चोरी करते हुए पकड़ा था
करीब एक साल पहले उसे रघुनाथगंज में चोरी करते हुए पकड़ा गया था। इसके बाद उसने बम्बूली गांव में 2 घरों से मोबाइल चुराए थे। ग्रामीणों ने पीछा कर उसे टोंक में पकड़ा और चोरी के मोबाइल बरामद कर नैनवां पुलिस को सौंप दिया था।
तलाशी के दौरान उसके पास से एक बटनदार चाकू भी मिला था, जिसके बाद टोंक पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जमानत पर छूटने के बाद वह वापस चोरियां करने लगा। कोलाहेड़ा गांव में भी रंगे हाथों पकड़ा, रस्सियों से बांधकर पीटा
कुछ दिन पहले भी अनिल वाल्मीकि को बूंदी के नैनवां क्षेत्र के कोलाहेड़ा गांव में चोरी करते हुए पकड़ा गया था। उस समय भी ग्रामीणों ने उसे रस्सियों से बांधकर पिटाई की थी। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व सरपंच होने के बावजूद अनिल की लगातार चोरी की वारदातों से पूरे क्षेत्र में डर और रोष का माहौल है।
नगरफोर्ट पुलिस मामले की जांच कर रही है। नगरफोर्ट थाना अधिकारी बाबूलाल मीणा ने बताया कि मामला 5 जुलाई का है। आरोपी को ग्रामीणों ने पकड़ लिया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को अरेस्ट किया। फिलहाल वीडियो के संबंध में मामला जांच में है।

चलती बस का एक्सल टूटा, सड़क किनारे पलटी:मध्यप्रदेश के पिपलोदा से प्रतापगढ़ आ रही थी, 10 यात्री घायल; मनोहरगढ़ पेट्रोल पंप के पास हादसा

प्रतापगढ़ में निजी बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में बस में सवार 8 महिलाओं समेत 10 यात्री घायल हो गए। इन्हें प्रतापगढ़ के जिला अस्पताल में पहुंचाया गया है। हादसा मनोहरगढ़ पेट्रोल पंप के पास बुधवार सवेरे हुआ। बस मध्यप्रदेश के पिपलोदा से प्रतापगढ़ सवारियां लेकर जा रही थी। अरनोद थाना अधिकारी शिवलाल मीणा ने बताया- बस में करीब 30 यात्री सवार थे। मनोहरगढ़ पेट्रोल पंप के पास एक्सल टूटने से ड्राइवर नियंत्रण खो बैठा और बस पलट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने में जुट गए। घायलों को ग्रामीणों, निजी वाहनों और 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। सूचना मिलने पर डीएसपी गजेंद्र सिंह राव और कोतवाली थाना अधिकारी शंभू सिंह भी जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों की स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. आलोक यादव ने बताया- घायलों में सोनू प्रजापत (19), नीतू मालवीय (20), नाथी बाई (60), प्रिया मीणा (15), रामसी (35), उषा कुमारी (19), आशा कुमारी (18), राधा कुमारी (20), भेरूलाल (62) और श्यामलाल (38) शामिल हैं। सभी का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।

टक्कर से कार के परखच्चे उड़े, युवक की मौत:सिर में चोट आई, मौके पर ही दम तोड़ा; प्लास्टिक के कट्टों में भरा मिला डोडा-पोस्त

बाड़मेर रिंग रोड पर तेज रफ्तार स्विफ्ट कार पीछे से अज्ञात वाहन में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा तीन फीट तक पिचक गया। हादसे में कार सवार व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने कार से ब्लैक प्लास्टिक के कट्टों में डोडा-पोस्त भरा मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। घटना बाड़मेर रीको थाना क्षेत्र में सिणधरी रोड के पास बुधवार सुबह करीब 8 बजे हुई। तेज रफ्तार कार आगे चल रहे वाहन में घुसी, चालक गंभीर घायल जानकारी के अनुसार, रामसर का कुआ निवासी जगदीश उर्फ जोगाराम (45) अपने घर से रिंग रोड की ओर जा रहा था। बाड़मेर मगरा के पास उसकी तेज रफ्तार स्विफ्ट कार आगे चल रहे एक अज्ञात वाहन में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा करीब तीन फीट तक पिचक गया। ड्राइवर सीट पर बैठे जोगाराम के सिर में गंभीर चोट लगी और पूरी सीट खून से लथपथ हो गई। लोगों ने गेट तोड़कर बाहर निकाला, अस्पताल में मृत घोषित हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। कार का गेट नहीं खुलने पर लोगों ने उसे तोड़कर जोगाराम को बाहर निकाला। इसके बाद एम्बुलेंस की मदद से उसे जिला हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम अस्पताल पहुंची, जबकि रीको थानाधिकारी चैन प्रकाश चौधरी अपनी टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे। पुलिस ने मौके का मुआयना किया और जांच शुरू की। कार से मिले ब्लैक प्लास्टिक के कट्टे, पुलिस खंगाल रही रिकॉर्ड पुलिस ने माप-तौल वाला कांटा मंगवाकर कार में रखे ब्लैक प्लास्टिक के कट्टों को बाहर निकलवाया और उनका वजन कराया। पुलिस के अनुसार कार मृतक जोगाराम के नाम पर दर्ज है। साथ ही उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कार में मिला डोडा-पोस्त कहां से लाया गया था।

कला कॉलेज में परीक्षा में नकल का VIDEO:टर्म टेस्ट में स्टूडेंट ने मोबाइल देखकर पेपर किया सॉल्व, पूर्व प्राचार्य कार पर बैनर लगा पहुंचे

अलवर के बाबू शोभाराम राजकीय कला कॉलेज में परीक्षा व्यवस्था और उच्च शिक्षा की साख को तार-तार करने वाला VIDEO सामने आया है। कॉलेज में चल रहे 4th सेमेस्टर के इतिहास विषय के टर्म टेस्ट के दौरान छात्र परीक्षा कक्ष में खुलेआम टेबल पर मोबाइल रखकर नकल करते नजर आया। ताज्जुब की बात ये है कि जिस वक्त यह नकल चल रही थी, उस वक्त क्लास में वीक्षक (इनविजिलेटर) भी मौजूद थे। कमरे में सीसीटीवी कैमरा भी लगा हुआ था। वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में कॉलेज प्रबंधन ने विषय के टर्म टेस्ट को रद्द कर दिया है। इस खुली धांधली के विरोध में बुधवार को पूर्व प्राचार्य रमेश बैरवा एक कार पर बड़ा बैनर लगा कॉलेज के गेट के पर पहुंच गए। बैरवा ने कहा कि कला कॉलेज प्राचार्य की अव्यवस्थाओं के कारण कॉलेज में खुलेआम नकल होने लगी है। यहां पढ़ाई होती तो स्टूडेंट्स को नकल नहीं करनी पड़ती। विभाग के उच्चाधिकारियों को ज्ञापन भेजकर कला कॉलेज के प्राचार्य को हटाने की मांग की है। ‘आंधी आए या तूफान… जब तक पेपर हमारे पास है’ सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में परीक्षा की शुचिता का मजाक उड़ाते हुए एक छात्र खुद ही मोबाइल से वीडियो बनाता नजर आया है। वह बेखौफ अंदाज में अपनी जाति का उल्लेख करते हुए कहता है- “नहीं दबने वाले, आंधी आए या तूफान, जब तक पेपर हमारे पास है।” छात्र का यह बयान साफ तौर पर दर्शाता है कि उसे न तो कॉलेज प्रशासन का कोई खौफ है और न ही परीक्षा नियमों की कोई परवाह। क्या होता है टर्म टेस्ट? यह टेस्ट मुख्य सेमेस्टर परीक्षा से पहले क्लास स्तर पर किया जाता है। यह टेस्ट कुल 10 अंकों का होता है। सब्जेक्ट टीचर खुद क्लास में पढ़ाए गए सिलेबस के आधार पर पेपर तैयार करता है और वही परीक्षा लेता है। प्राचार्य बोले- कमेटी गठित, परिजनों को बुलाया प्राचार्य डॉ. अशोक आर्य का कहना है कि “यह टर्म टेस्ट का मामला है। जिस छात्र ने मोबाइल ले जाकर वीडियो बनाया है, उसके सीसीटीवी फुटेज निकालकर बारीकी से जांच की जा रही है। छात्र के परिजनों को कॉलेज बुलाया गया है। मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बद्रीनाथ चढ़ावा विवाद- सस्पेंड निजी सचिव पर FIR:CM बोले- यह मां-बाप की हत्या जैसा महापाप; जांच के लिए हाई लेवल कमेटी बनी

बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित हेरफेर मामले में पहली बड़ी आपराधिक कार्रवाई हुई है। मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान की तहरीर पर निलंबित निजी सचिव प्रमोद नौटियाल के खिलाफ बद्रीनाथ थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306 और 316(5) के तहत एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की जांच के लिए हाई लेवल कमेटी गठित की। जिसे 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान सीएम ने कहा- ये गौहत्या जैसा पाप है। जो लोग ऐसे पवित्र स्थानों पर इस प्रकार का कृत्य करते हैं, उनका अपराध वैसा ही है जैसे कोई अपने मां-बाप की हत्या कर दे। यह महापाप है। यह अक्षम्य अपराध है, इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस बीच, चढ़ावा विवाद उजागर करने वाले काल भैरव सेना के अध्यक्ष संदीप खत्री को बुधवार को पुलिस ने देहरादून स्थित उनके कार्यालय में करीब ढाई घंटे तक नजरबंद रखा। खत्री मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने जा रहे थे। इससे एक दिन पहले भी पुलिस उनके आवास पर तैनात रही थी। जानिए क्या है पूरा मामला… 1. CCTV फुटेज से शुरू हुआ विवाद
2 जुलाई की CCTV फुटेज सामने आने के बाद चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोप लगे। BKTC के अनुसार, सुबह करीब 9 बजे से 9:30 बजे के बीच चढ़ावा गणना केंद्र से मंदिर की राशि नियमों के विपरीत निकाले जाने के संकेत मिले। इसके बाद भैरव सेना ने 3 जुलाई को BKTC के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ को लिखित शिकायत देकर जांच की मांग की। 2. प्रथम दृष्टया अनियमितता के संकेत मिले
सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद BKTC ने आंतरिक जांच समिति गठित की। प्रारंभिक रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया मंदिर की धनराशि अनधिकृत रूप से उठाए जाने के संकेत मिले थे। इसी आधार पर अध्यक्ष कार्यालय में तैनात प्रमोद नौटियाल को 7 जुलाई को निलंबित कर 48 घंटे का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। 3. CCTV फुटेज के आधार पर कार्रवाई
प्रारंभिक जांच के बाद प्रमोद नौटियाल को निलंबित किया गया। समिति ने दावा किया कि CCTV फुटेज में वे चढ़ावा गणना के दौरान सामान्य प्रक्रिया से अलग कुछ सामान अपने मोबाइल के साथ रखते हुए दिखाई दिए। इसी आधार पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया। 4. 40 दिन की CCTV फुटेज खंगाली जाएगी
जांच अब सिर्फ 2 जुलाई की घटना तक सीमित नहीं रहेगी। बद्रीनाथ मंदिर परिसर के 32 CCTV कैमरों की करीब 40 दिन की रिकॉर्डिंग की जांच होगी, ताकि यह पता चल सके कि ऐसी घटना पहले भी हुई थी या नहीं। 5. गणना व्यवस्था और रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में
जांच टीम चढ़ावा गणना की पूरी व्यवस्था की समीक्षा करेगी। इसके अलावा पिछले 10-12 वर्षों में समिति को मिले 20-25 लैपटॉप के रिकॉर्ड और अन्य संपत्तियों की भी जांच होगी। 48 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया समिति की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि 2 जुलाई 2026 की CCTV फुटेज में प्रमोद नौटियाल थाली भेंट गणना के दौरान सामान्य प्रक्रिया से अलग कुछ सामान अपने मोबाइल के साथ रखते हुए दिखाई दिए। पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड होने का दावा करते हुए उनसे 48 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया कि उन्होंने अपने पास क्या रखा था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े दस्तावेज, ड्यूटी रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही किसी भी स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। 20-25 लैपटॉप का भी नहीं मिला रिकॉर्ड जांच के दौरान एक और मामला सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक पिछले 10 से 12 वर्षों में BKTC को मिले करीब 20 से 25 लैपटॉप का कोई रिकॉर्ड समिति के पास उपलब्ध नहीं है। ये लैपटॉप मंदिर समिति के कार्यालय में इस्तेमाल के लिए SBI, PNB और कैनरा बैंक ने दिए थे। स्टॉक रजिस्टर में भी इन लैपटॉप का उल्लेख नहीं मिला है। आशंका है कि समिति से जुड़े कुछ लोग इन्हें अपने साथ ले गए। BKTC का कहना है कि लैपटॉप के रिकॉर्ड और स्टॉक रजिस्टर की भी जांच कराई जाएगी। यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हाई लेवल कमेटी 15 दिन में सौंपेगी रिपोर्ट चढ़ावा विवाद सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विस्तृत जांच के निर्देश दिए। इसके तहत शासन ने तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि पूर्व जिलाधिकारी चमोली एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के वित्त निदेशक जगत सिंह चौहान को सदस्य नामित किया गया है। समिति को पूरे प्रकरण की जांच कर 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपनी होगी। सरकार ने कहा है कि धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच के केंद्र में ये बड़े सवाल एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर केंद्रित हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अध्यक्ष कार्यालय में तैनात कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को चढ़ावा गणना और प्रोटोकॉल जैसी संवेदनशील जिम्मेदारियां किसके आदेश पर सौंपी गईं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास करेंगी कि चढ़ावे की निगरानी और गणना की निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया था या नहीं। यदि प्रक्रिया में कहीं चूक हुई है तो उसकी जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होगी। जानिए कौन हैं प्रमोद नौटियाल? प्रमोद नौटियाल लंबे समय से बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति से जुड़े रहे हैं। वे बीकेटीसी अध्यक्ष कार्यालय में निजी सचिव की जिम्मेदारी निभा रहे थे। समिति के अनुसार उन्हें चढ़ावे की व्यवस्था और प्रोटोकॉल से जुड़े कार्यों में भी लगाया गया था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक नौटियाल वर्ष 2014 में इंटरनेट कोऑर्डिनेटर के रूप में समिति से जुड़े थे। बाद में उन्हें निजी सहायक बनाया गया। आगे चलकर नियमों में बदलाव के बाद उन्हें उच्च जिम्मेदारियों तक पहुंचने का अवसर मिला। हालांकि बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का कहना है कि नौटियाल उनके निजी सचिव नहीं थे, बल्कि समिति के कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे। BKTC अध्यक्ष बोले- CCTV सुरक्षित कर उसी दिन जांच बिठाई बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित अनियमितता के आरोप सामने आते ही समिति ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी थी। मुख्य कार्याधिकारी (CEO) को गणना कक्ष से जुड़े सभी कर्मचारियों, अधिकारियों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए। उसी दिन शाम को वरिष्ठ अधिकारियों की जांच समिति भी गठित कर दी गई। उन्होंने बताया कि जांच दल के बद्रीनाथ पहुंचने पर प्रथम दृष्टया कुछ संदेह सामने आया। इसके बाद संबंधित कर्मचारी को तत्काल निलंबित कर दिया गया और देर रात उसके खिलाफ बद्रीनाथ थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। द्विवेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के लिए गढ़वाल आयुक्त की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित की है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच रिपोर्ट जल्द सामने आएगी और यदि कोई दोषी पाया गया तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पहले भी विवादों में रही बीकेटीसी बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) का नाम इससे पहले भी कई विवादों में सामने आ चुका है। वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े कुछ मामलों की जांच जिला पुलिस से लेकर पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) स्तर तक पहुंची थी, लेकिन अब तक उन मामलों में कोई स्पष्ट कार्रवाई या अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया। वर्ष 2023 में बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं से ऑनलाइन दान लेने के लिए लगाए गए क्यूआर कोड को लेकर भी सवाल उठे थे। उस समय यह चर्चा रही कि क्यूआर कोड के माध्यम से प्राप्त दान राशि किस खाते में जमा हुई और उसका उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया गया। हालांकि इस मामले में भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी। वर्ष 2020 में बीकेटीसी में कथित अवैध नियुक्ति का मामला भी सामने आया था। विवाद बढ़ने पर तत्कालीन अध्यक्ष स्वर्गीय मोहन प्रसाद थपलियाल को नियुक्ति निरस्त करनी पड़ी थी। अब मंदिर में चढ़ावे की गणना के दौरान कथित हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद एक बार फिर समिति की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। विपक्ष ने उठाए सवाल मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने बद्रीनाथ में कथित चढ़ावा गड़बड़ी और अन्य प्रशासनिक अनियमितताओं के लिए बीकेटीसी नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराते हुए नैतिक आधार पर समिति अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की है। वहीं, बद्रीनाथ विधायक लखपत बुटोला ने देहरादून में प्रेस वार्ता कर पूरे मामले की जांच तीन वर्तमान (सीटिंग) न्यायाधीशों की समिति से कराने की मांग उठाई। उनका कहना है कि इतनी गंभीर घटना की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच स्वतंत्र समिति से ही संभव है। कांग्रेस का आरोप है कि मामले में वास्तविक जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। पार्टी ने राज्यभर में मंदिरों की पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर विरोध कार्यक्रम भी आयोजित किए। मायावती ने SIT जांच की मांग की बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बद्रीनाथ और अन्य धार्मिक स्थलों से जुड़े विवादों की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की। मायावती ने कहा कि धार्मिक संस्थानों के शीर्ष प्रबंधन की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कथित गड़बड़ियां व्यक्तिगत स्तर की थीं या प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम थीं। भैरव सेना ने SIT जांच की मांग दोहराई भैरव सेना ने विभागीय जांच पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में SIT से जांच कराने और घटना वाले दिन की CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की है। धर्मस्व विभाग ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए BKTC से चढ़ावे की गणना, निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। कमेटी की रिपोर्ट से खुलेगी परतें एफआईआर दर्ज होने और उच्चस्तरीय जांच शुरू होने के बाद अब पूरे मामले की जिम्मेदारी तय होने पर नजर रहेगी। पुलिस जांच और 15 दिन में आने वाली समिति की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कथित अनियमितता कैसे हुई, निगरानी व्यवस्था में कहां चूक हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। बद्रीनाथ धाम देश के सबसे महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों में शामिल है। ऐसे में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़े किसी भी विवाद पर सरकार, प्रशासन और मंदिर समिति की जवाबदेही स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट इस पूरे प्रकरण की दिशा तय करेगी। ———————- ये खबर भी पढ़ें : राम मंदिर के बाद केदारनाथ-बद्रीनाथ से चढ़ावा चोरी का आरोप: कर्मचारियों को नोटिस, तीन दिन में जवाब मांगा; जांच के लिए CCTV सुरक्षित रखा अयोध्या के राम मंदिर के बाद अब केदारनाथ और बद्रीनाथ मंदिर से भी चढ़ावा चोरी का आरोप लग रहा है। धार्मिक संगठन भैरव सेना के अध्यक्ष संदीप खत्री ने बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) को पत्र लिखकर BKTC अध्यक्ष के निजी सहायक पर चोरी के गंभीर आरोप लगाए हैं। पढ़ें पूरी खबर…

जोधपुर में कल भी आंधी-बारिश का येलो अलर्ट:सुबह से आसमान में छाए बादल, अधि​कतम तापमान गिरा; जानिए-कैसा रहेगा मौसम

जोधपुर शहर में मानसून एंट्री ले चुका है। मंगलवार को बारिश की उम्मीद थी लेकिन उमस ने लोगों को काफी परेशान किया। हालांकि देर रात ठंडी हवा चलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इधर, मौसम विभाग ने गुरुवार को भी आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। हालांकि देर शाम तक इसका असर देखने को नहीं मिला। अधिकतम तापमान में भी 1 डिग्री गिरकर 38.2 डिग्री तक पहुंच गया है। शहर में सुबह से ही बादल छाए हुए है और हवा चल रही है। लेकिन उमस से लोग काफी परेशान हो रहे है। इधर, आने वाले दिनों में मौसम सामान्य रहेगा। तीसरी बार जुलाई में पहुंचा मानसून दरअसल, जोधपुर में मानसून एंट्री जून के अंतिम सप्ताह से जुलाई के पहले सप्ताह तक मानसून एंट्री का समय माना जाता है। लेकिन पांच साल में तीसरी बार हुआ है, जब मानसून देरी से आया है। 2022 के बाद साल 2026 में मानसून जुलाई में आया है। 2021 में भी मानसून जुलाई में ही एंट्री किया था ।उम्मीद है कि जुलाई महीने में मानसून की अच्छी बारिश हो सकती है। पूरा सप्ताह जा सकता है सूखा मौसम विभाग के अनुसार कल भी आंधी-बारिश का येलो अलर्ट है। लेकिन, आने वाले दिनों में बारिश की उम्मीद कम है। ऐसे में जुलाई महीने का दूसरा सप्ताह सूखा जा सकता है। इसका कारण है कि टर्फ लाइन उत्तरी राजस्थान की तरफ शिफ्ट होने लगी है। वहीं पिछले दिनों हुई बारिश के बाद अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री दर्ज किया गया। इसके साथ 1.3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और 26.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

भींडर-कानोड़ में जमकर बारिश हुई, उदयपुर सूखा:शहर में शाम को काले बादलों का डेरा पर बारिश नहीं; कल भी बारिश का अलर्ट

उदयपुर में बुधवार सुबह से शाम तक बारिश का इंतजार था, लेकिन शहर की बजाय गांवों में जमकर बारिश हुई। सबसे अच्छी बारिश भींडर और कानोड़ में हुई है। शहर में शाम को काले बादलों का डेरा आसमान में था, जिससे भारी बारिश का अंदेशा लगा। शाम साढ़े सात बजे तक बारिश नहीं हुई। शाम के बाद भींडर और कानोड़ कस्बे में जमकर बारिश हुई। उमस से परेशान लोगों ने बारिश से राहत ली। इन दोनों नगर पालिका सीमा के अलावा आसपास के गांवों में भी जमकर बारिश हुई। भींडर में बारिश से सड़कों पर पानी भरा भींडर में बारिश के दौरान सड़कों पर पानी ही पानी हो गया। वहीं लोगों ने बारिश से बचने के लिए जगह-जगह शरण ली। बच्चों ने इस बारिश के बीच भीगते हुए मजे करते हुए बारिश का स्वागत किया। इससे पहले कानोड़ के पास के गांवों में सुबह बारिश हुई तो इसके बाद कानोड़ कस्बे में शाम को पानी बरसा। कानोड़ तहसील के आसपास सुबह 8 बजे से बारिश का दौर शुरू हुआ। वहां पर करीब एक घंटे तक हल्की बारिश हुई। तीन दिन हल्की बारिश की संभावना मौसम एक्सपर्ट डॉ.आर.एस.देवड़ा कहते हैं कि दक्षिणी राजस्थान में उदयपुर सहित अन्य जिलों में आने वाले तीन दिनों तक बादल छाए रहने के साथ छितराई बारिश होने की संभावना है। उनका मानना है कि इस दौरान तापमान यथावत बना रहेगा और उमस वाली गर्मी का अहसास रहेगा। कई इलाकों में हुई अच्छी बारिश इधर, जल संसाधन विभाग उदयपुर के कंट्रोल रूम के अनुसार सुबह 8 बजे तक बीते 24 घंटे में उदयपुर और सलूंबर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई। सर्वाधिक दो इंच बारिश सेमारी और सोमपिकअप वियर बांध पर हुई है। सलूंबर और खेरवाड़ा क्षेत्र में भी बारिश हुई है। सलूम्बर जिले में चार दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने जनजीवन और खेती-किसानी दोनों में नई उम्मीद जगाई है। मंगलवार को भी दिनभर मौसम का मिजाज बदला रहा। कहीं सुबह तो कहीं दोपहर में बारिश हुई, जबकि कई क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही और उमस बनी रही।
उदयपुर में आज सुबह 8 बजे तक पिछले चौबीस घंटे की बारिश (मिलीमीटर में) पिछले सात दिनों का उदयपुर का तापमान (डिग्री से. में) वीडियो : महेंद्र सिंह राठौड़ और विजय प्रकाश पाटीदार