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सीकर में 6 साल बाद मानसून की रफ्तार कमजोर:हवा चल रही, लेकिन राहत नहीं; एक सप्ताह बाद बारिश की संभावना

सीकर जिले में मानसून पूरी तरह कमजोर पड़ गया है। बीती रात सीकर के रघुनाथगढ़, खोरी ब्राह्मणान ग्रामीण इलाकों और फतेहपुर एरिया में कुछ जगहों पर बारिश हुई। सुबह से हल्की हवा चल रही है, हालांकि धूप निकलने की वजह से उमस बनी हुई है। सीकर में 6 साल बाद जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून की रफ्तार काफी कमजोर रही। मानसून की स्पीड कम होने की वजह से सीकर में तेज गर्मी का उमस का मौसम है। सीकर जिले के लोग अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं तो वहीं, मौसम विभाग ने 18 जुलाई के बाद ही अच्छी बारिश का अनुमान बताया है। सीकर में बीती रात हुई बारिश के बाद आज सुबह के तापमान में गिरावट आई है। सीकर जिले के फतेहपुर में स्थित कृषि अनुसंधान केंद्र के मौसम विज्ञान केंद्र पर आज सुबह का न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री दर्ज किया गया। इससे पहले बृहस्पतिवार को दिन का अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.9 डिग्री दर्ज किया गया था। आज सुबह हल्की हवाओं के बाद दिन में धूप बढ़ गई है। सीकर में मानसून को लेकर जयपुर मौसम केंद्र के डायरेक्टर राधेश्याम शर्मा ने बताया- सीकर समेत आसपास के इलाके में हाई विंड प्रेशर(उच्च वायुदाब) बना हुआ है। इस वजह से सीकर में मानसून की बारिश भी कम हो रही है। 16 जुलाई के बाद एक नया वेदर सिस्टम बनने का अनुमान है, जिसके बाद सीकर में बारिश होने की संभावना है। पिछले 24 घंटे में सीकर की बारिश के आंकड़े

मानसून की एंट्री के बाद से बारिश पर ब्रेक:जोधपुर में सामान्य से 5% कम हुई बारिश; तापमान में गिरावट; जानें-कैसा रहेगा मौसम

जोधपुर में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। जिले में अब तक सामान्य से करीब 5 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि बादलों की आवाजाही और हल्की ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम के मिजाज में बदलाव की संभावना बनी हुई है। जोधपुर में मानसून की एंट्री के चार दिन बाद बारिश पर ब्रेक लग चुका है। हालांकि, मौसम विभाग ने आंधी-बारिश का येलो अलर्ट भी जारी किया था, लेकिन इसका असर शहर में देखने को नहीं मिला। वहीं मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 9 जुलाई तक जोधपुर में 59.5 एमएम बारिश होती है, जो इस बार 56.5 एमएम ही हुई। ऐसे में अब तक सामान्य से 5 प्रतिशत कम बारिश हुई है। बारिश नहीं हुई लेकिन मौसम में उतार-चढ़ाव जारी जोधपुर शहर में सोमवार को तेज बारिश का दौर चला था। इसके बाद बारिश नहीं हुई। हालांकि, इसके बाद मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। पिछले 2-3 दिन से लगातार आसमान में बादल छाए हुए हैं। वहीं शाम को ठंडी हवा का भी दौर चल रहा है। लेकिन, दिनभर हो रही उमस से काफी परेशानी हो रही है। ऐसे में पिछले चार दिनों में अधिकतम तापमान में भी 3 से 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को भी अधिकतम तापमान 36 डिग्री दर्ज किया गया। जब​कि अधिकतम तापमान 29 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। आगे क्या- अगले 6 दिन कोई अलर्ट नहीं जुलाई का दूसरा और तीसरा सप्ताह भी सूखा ​बीतने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने 15 जुलाई तक किसी तरह का कोई अलर्ट जारी नहीं किया है। इस दौरान मौसम साफ रहेगा और तापमान में भी बढ़ोतरी देखी जा सकती है। हालांकि, जुलाई के अंतिम सप्ताह तक बारिश होने की उम्मीद जताई जा रही है।

दो महिलाओं समेत तीन लोगों को सांप ने काटा:रात को सोते युवक के होठ पर काटा, झाड़ू लगा रही महिला के पैर पर डसा

अलवर जिले में पिछले 24 घंटों में रामगढ, राजगढ़ व चिकानी में तीन जनों को सांप ने काट लिया। तीनों अलवर जिला अस्पताल में भर्ती हैं। एक महिला को झाड़ू लगाते समय हाथ पर काट लिया। वहींरात को सोते समय एक युवक के होठ पर काट लिया। तीनों को गंभीर हालत में अलवर जिला अस्पताल के ऑब्जर्वेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। केस 1: सो रहे युवक के होंठ पर काटा रामगढ़ थाना क्षेत्र के मिलकपुर गांव निवासी गुरदीप सिंह रात को अपने घर में सो रहे थे। इसी दौरान एक जहरीले सांप ने सीधे उनके होंठ पर डस लिया। गुरदीप की चीख सुनकर जागे परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां इलाज चल रहा है। केस 2: झाड़ू लगा रही महिला पर कोबरा का हमला दूसरी घटना राजगढ़ इलाके की है। यहां रहने वाली जगन देवी (पत्नी मुकेश मीणा) सुबह अपने घर में झाड़ू लगा रही थीं। इसी दौरान अचानक निकले एक काले कोबरा ने पैर पर काट लिया। महिला भी जिला अस्पताल में भर्ती है। केस 3: चिकानी में महिला बनी शिकार तीसरी घटना सदर थाना क्षेत्र के चिकानी गांव की है। यहां रीना देवी नाम की महिला को एक जहरीले सांप ने काट लिया। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज जारी है।

उदयपुर में सुबह से बादल छाए,लेकिन बारिश का अलर्ट नहीं:उमस वाली गर्मी बनी रहेगी, एक्सपर्ट बोले- कुछ दिन बाद तेज बरसात होगी

मेवाड़ में मानसून एंट्री के बाद कमजोर रहा है। शुक्रवार सुबह से उदयपुर में बादलों ने डेरा डाल रखा है। हवा चल रही है। दूसरी तरफ मौसम एक्सपर्ट ने कहा- हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन अब तेज बारिश कुछ दिनों बाद होगी। इधर, मौसम विभाग का आज उदयपुर में बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। मौसम एक्सपर्ट डॉ.आर.एस. देवड़ा बताते हैं कि उदयपुर में अब मानसून कमजोर होने से एक-दो दिन हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके बाद मानसून में गेप रहेगा और कुछ दिनों बाद बारिश होगी। तापमान में हल्की वृद्धि होगी। नमी के कारण उमस वाली गर्मी बनी रहेगी मौसम केंद्र डबोक के अनुसार गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले बुधवार को अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। तापमान में गिरावट के बावजूद बारिश नहीं होने से दिनभर मौसम शुष्क बना रहा। सबसे पहले- उदयपुर में बारिश की स्थिति पिछले सात दिनों का उदयपुर का तापमान (डिग्री से. में)

बाइक-स्कूटी की भिड़ंत में युवक की मौके पर मौत:छुट्टी पर आया सैनिक घायल, ग्रामीणों ने पहुंचाया अस्पताल

चूरू-सरदारशहर रोड पर रामपुराबास के पास शुक्रवार को बाइक और स्कूटी की आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। इस हादसे में स्कूटी सवार 35 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सेना से छुट्टी पर घर आए बाइक सवार 53 वर्षीय सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल को निजी वाहन से डीबी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। घायल ढाणी डेगा, सरदारशहर निवासी मंगलचंद (53) ने बताया कि वह भारतीय सेना में कार्यरत हैं और फिलहाल छुट्टी पर घर आए हुए हैं। वह बाइक से गांव से चूरू किसी काम से जा रहे थे, तभी रामपुराबास के पास सामने से आ रही स्कूटी से उनकी टक्कर हो गई। लोगों ने पहुंचाया अस्पताल
हादसे में रामपुराबास निवासी 35 वर्षीय दयानंद जांगिड़ की मौत हो गई। दुर्घटना के बाद गांव के श्रवण कुमार, मेजर खान, प्रहलाद और कालू ने दोनों घायलों को अपनी गाड़ी से डीबी अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने दयानंद जांगिड़ को मृत घोषित कर दिया।
हादसे की सूचना मिलने के बाद गांव के लोग भी अस्पताल पहुंच गए। इमरजेंसी वार्ड के स्टाफ ने अस्पताल चौकी को भी घटना की जानकारी दे दी है। मृतक के परिजनों के पहुंचने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुकुल शर्मा को उदयपुर ग्रामीण एडिशनल SP की कमान:प्रदेश में 49 एडिशनल SP के तबादले, उदयपुर में 3 अफसरों की जिम्मेदारी बदली

राज्य सरकार ने पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए प्रदेशभर में 49 एडिशनल एसपी के तबादले किए हैं। इसी क्रम में मुकुल शर्मा को चित्तौड़गढ़ जिले से ट्रांसफर कर उदयपुर ग्रामीण एडिशनल एसपी लगाया है। उदयपुर जिले में ही तीन अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। 49 अधिकारियों की इस लिस्ट में उदयपुर के कई अफसरों को नई पोस्टिंग दी गई है। रजत बिश्नोई को महिला अपराध अनुसंधान सेल राजसमंद से खेरवाड़ा एएसपी की कमान सौंपी है। वहीं, रोशनलाल पटेल को उदयपुर विकास प्राधिकरण से महाराणा प्रताप बटालियन आरएसी प्रतापगढ़ में डिप्टी कमांडेंट लगाया गया है। इसके अलावा तीन अफसरों को उदयपुर में ही इधर-उधर किया है। इनमें उदयपुर के खेरवाड़ा एमबीसी से मंजीत सिंह को महिला अपराध अनुसंधान सेल उदयपुर में, खेरवाड़ा एएसपी अंजना सुखवाल को अब पुलिस परामर्श एवं सहायता केन्द्र उदयपुर में भेजा है। वहीं, महिला अपराध अनुसंधान सेल से माधुरी वर्मा को खेरवाड़ा पीटीएस कमांडेंट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 61 सीआई के तबादले, 9 को रेंज में लगाया, एक जयपुर भेजा पुलिस महानिदेशक ने देर रात आदेश जारी कर प्रदेश के 61 पुलिस निरीक्षकों (सीआई) के तबादले कर दिए। इनमें 10 सीआई को उदयपुर रेंज से इधर-उधर किया है, जबकि एक सीआई को उदयपुर से बाहर भेजा है। वहीं, 9 सीआई को रेंज में लगाया है। आदेश के अनुसार, इन सभी के ट्रांसफर खुद के आग्रह पर ही किए हैं। इनमें देवेन्द्र सिंह कविया, शिवराज सिंह गुर्जर, सुरेन्द्र सिंह बडवा, औंकार सिंह चारण, ईश्वरानंद, लक्ष्मण सिंह राठ़ौड़, रमेश कुमार सर्वटा, गोपाल सिंह थालौड़ और सूर्यभान सिंह शामिल हैं। इसके अलावा उदयपुर रेंज से हरिओम मीणा को जयपुर रेंज भेजा गया है।

घर के बाहर गाड़ी खड़ी करने पर 2 पक्ष भिड़े:लाठी-सरियों और पत्थरों से किया हमला, 4 घायल

श्रीगंगानगर जिले के सादुलशहर में घर के बाहर सब्जियों से भरी गाड़ी खड़ी करने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। देर रात हुई कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठियों, डंडों, लोहे की सरियों और पत्थरों से हमला कर दिया। घटना में दो महिलाओं सहित चार लोग घायल हो गए। घायलों का सादुलशहर के सरकारी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है, जबकि एक व्यक्ति की हालत गंभीर होने पर उसे श्रीगंगानगर रेफर किया गया है। वार्ड नंबर-17 में देर रात हुआ विवाद घटना सादुलशहर के वार्ड नंबर-17 की है। जानकारी के अनुसार एक पक्ष के लोग घर के बाहर सब्जियों से भरी गाड़ी खड़ी कर रहे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष ने इसका विरोध किया। इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठियों, डंडों, लोहे की सरियों और पत्थरों से हमला कर दिया। मारपीट में दोनों पक्षों के चार लोग घायल हो गए, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। एक की हालत गंभीर, श्रीगंगानगर रेफर घटना के बाद आसपास के लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराने का प्रयास किया और घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से सादुलशहर के सरकारी हॉस्पिटल पहुंचाया। घायलों में से एक व्यक्ति की हालत गंभीर होने पर उसे श्रीगंगानगर रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से समझाइश कर मामला शांत कराया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हालांकि, दोनों पक्षों में से किसी की ओर से अभी तक मामला दर्ज नहीं कराया गया है।

मौत के 8 दिन बाद ASI का ट्रांसफर:बाड़मेर से किया होम डिस्ट्रिक्ट बालोतरा तबादला; लीवर में हो गया था इंफेक्शन

जोधपुर रेंज आईजी की ओर से जारी 39 ASI की ट्रांसफर लिस्ट में एक ऐसा नाम भी शामिल है, जिनकी 1 जुलाई को इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। बाड़मेर के बाटाडू चौकी इंचार्ज रहे ASI अनोपाराम का निधन जोधपुर के हॉस्पिटल में हुआ था, लेकिन 9 जुलाई को जारी ट्रांसफर आदेश में उनका नाम बालोतरा ट्रांसफर के लिए शामिल किया गया। मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। 9 जुलाई को जारी हुई ट्रांसफर लिस्ट में शामिल था नाम जोधपुर रेंज आईजी शरत कविराज ने 9 जुलाई को आदेश जारी कर रेंज के अलग-अलग जिलों में 39 ASI के तबादले किए। यह स्थानांतरण संबंधित पुलिसकर्मियों के खुद के प्रार्थना-पत्र के आधार पर किए गए थे। जारी सूची में अनोपाराम पुत्र मोहबतराम का नाम भी शामिल था। उनका ट्रांसफर बाड़मेर से उनके होम डिस्ट्रिक्ट बालोतरा किया गया था। 1 जुलाई को हो चुकी थी मौत ASI अनोपाराम की 1 जुलाई को जोधपुर में इलाज के दौरान मौत हो चुकी थी। ऐसे में मौत के आठ दिन बाद जारी हुई ट्रांसफर सूची में उनका नाम आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इसको लेकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। बाटाडू चौकी इंचार्ज पद पर थे तैनात अनोपाराम बालोतरा जिले के सिवाना क्षेत्र के हिंगलाज थाना इलाके के रहने वाले थे। उन्होंने पुलिस सेवा की शुरुआत कांस्टेबल के रूप में की थी। बाद में प्रमोशन के बाद वे हेड कांस्टेबल और फिर ASI बने। उन्होंने बाड़मेर कोतवाली सहित जिले के कई थानों में ड्यूटी की थी। फिलहाल वे बाटाडू चौकी इंचार्ज पद पर तैनात थे। बीपी, शुगर और लीवर की समस्या से थे परेशान पुलिस के अनुसार अनोपाराम बीपी और शुगर की बीमारी से पीड़ित थे। करीब चार-पांच दिन पहले उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बाड़मेर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। बाद में उन्हें जोधपुर रेफर किया गया, जहां मेडिपल्स हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान लीवर से जुड़ी समस्या सामने आई और 1 जुलाई की सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। मौत के बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव सिवाना लाया गया था। जहां पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। …………………… इससे जुड़ी खबर पढ़े… हॉस्पिटल में चार दिन से भर्ती ASI का निधन:लीवर में हो गया था इंफेक्शन; बाटाडू चौकी इंचार्ज पद पर कार्यरत थे

सरकारी अस्पतालों में 'डॉक्टर डेस्क मॉड्यूल' लागू करने के निर्देश:प्रिस्क्रिप्शन-जांच डिजीटल होंगे, CMHO बोले- पूरी प्रक्रिया पेपलेस और स्मार्ट होगी

झुंझुनूं में सरकारी अस्पतालों में अब व्यवस्था में बदलाव होने जा रहे है। जिससे अब स्टॉफ और डॉक्टरों को परेशानी नहीं होगी। दरअसल, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने 31 जुलाई तक सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में ‘इंटीग्रेटेड हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम’ (IHMS) के ‘डॉक्टर डेस्क मॉड्यूल’ को लागू करने के निर्देश दिए है। इस नई व्यवस्था के बाद मरीजों को न केवल बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी, बल्कि उनका पूरा उपचार इतिहास एक क्लिक पर उपलब्ध होगा। ​सुरक्षित रहेगा इलाज का रिकॉर्ड अक्सर ऐसा होता है कि मरीज अस्पताल की पुरानी पर्ची और जांच रिपोर्ट खो देते है या फिर साथ लेकर नहीं आते है। जिससे दोबारा इलाज शुरू करते समय पुरानी जानकारियां नहीं मिल पाती। अब डॉक्टरों के साथ-साथ मरीजों का भी इस समस्या का समाधान हो गया है। नई व्यवस्था में प्रत्येक मरीज का आभा (ABHA) लिंक्ड इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (EHR) तैयार किया जाएगा। इससे ये फायदा होगा कि मरीज प्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल में जाता है, तो डॉक्टर कंप्यूटर के जरिए उसका पिछला उपचार और जांच आसानी से देख सकेंगे। ​डॉक्टरों का काम होगा आसान ​चिकित्सा विभाग ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल व्यवस्था के दौरान डॉक्टरों को अतिरिक्त बोझ महसूस न हो, इसके लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। डेटा एंट्री के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर, जीएनएम, नर्सिंग स्टाफ और इंटर्न की सेवाएं ली जाएंगी। हालांकि, उपचार का निर्णय, दवाओं का चयन और अंतिम ई-प्रिस्क्रिप्शन की जिम्मेदारी पूरी तरह से संबंधित चिकित्सक की ही होगी। ​प्रत्येक चिकित्सक को लॉगिन आईडी, कंप्यूटर, इंटरनेट और अन्य तकनीकी सुविधाएं विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी। ​अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ी ​चिकित्सा विभाग ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) और प्रमुख चिकित्सा अधिकारियों (PMO) को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे 31 जुलाई तक अपने अधीन आने वाले सभी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में इस मॉड्यूल का 100 प्रतिशत संचालन सुनिश्चित करें। ​जिले के अधिकारियों ने बताया- स्वास्थ्य संस्थानों में कंप्यूटर, लैपटॉप, टैबलेट या आईटी उपकरणों की कमी होने पर उनकी तुरंत खरीद की जाएगी। साथ ही, स्टाफ को तकनीकी प्रशिक्षण और हैंडहोल्डिंग सपोर्ट देने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। पूरी प्रक्रिया पेपरलेस और स्मार्ट होगी डॉ. छोटेलाल गुर्जर, सीएमएचओ ने बताया-​ मरीजों की सुविधा के लिए हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। डॉक्टर डेस्क मॉड्यूल के लागू होने से सरकारी अस्पतालों में इलाज की पूरी प्रक्रिया पेपरलेस और स्मार्ट हो जाएगी। जिला और ब्लॉक स्तर पर तकनीकी टीमें लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं ताकि 31 जुलाई के बाद किसी भी मरीज को डिजिटल रिकॉर्ड में कोई असुविधा न हो।