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जालोर में स्कूल गेट पर स्टूडेंट्स ने लगाया ताला:बोले- टीचर्स के 24 में से 13 पद खाली, पढ़ाई पर हो रहा असर

जालोर के ऐलाना गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी और अव्यवस्थाओं को लेकर शनिवार सुबह छात्रों और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। स्कूल में 24 स्वीकृत पदों में से 13 पद खाली होने और गैर-शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने से नाराज लोगों ने सुबह 10 बजे स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और सड़क जाम कर शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में अधिकारियों के आश्वासन के बाद करीब दो घंटे बाद ताला खोला गया और प्रदर्शन समाप्त हुआ। 450 स्टूडेंट्स के लिए केवल 11 शिक्षक कार्यरत ग्रामीणों ने बताया कि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में करीब 450 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। स्कूल में शिक्षकों के कुल 24 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में 13 पद रिक्त हैं और केवल 11 शिक्षक ही कार्यरत हैं। प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल के पद भी खाली ग्रामीणों के अनुसार प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल दोनों का ट्रांसफर होने के बाद से ये पद खाली पड़े हैं। वरिष्ठ अध्यापक के 6 स्वीकृत पदों में से केवल एक शिक्षक कार्यरत है, जबकि पांच पद रिक्त हैं। तृतीय श्रेणी अध्यापक (एल-2) के तीन पदों में से दो खाली हैं और केवल एक शिक्षक कार्यरत है। वहीं कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के लिए स्वीकृत पांच पदों में से तीन पद खाली पड़े हैं। गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाई जा रही शिक्षकों की ड्यूटी प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्कूल में मौजूद शिक्षकों की ड्यूटी भी विभाग की ओर से जनगणना, चुनाव और विभिन्न सर्वे जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाई जा रही है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। करीब दो घंटे तक चला प्रदर्शन और सड़क जाम शनिवार सुबह 10 बजे ग्रामीणों और स्टूडेंट्स ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया और स्कूल के सामने सड़क जाम कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और व्यवस्था संभाली। अधिकारियों के आश्वासन के बाद खुला ताला
प्रदर्शन और चक्काजाम की सूचना मिलने पर करीब 11 बजे सायला ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों और स्टूडेंट्स से बातचीत की। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और जालोर नायब तहसीलदार की ओर से स्कूल में तीन शिक्षकों की नियुक्ति करने और अन्य रिक्त पद जल्द भरने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और स्कूल का ताला खोल दिया गया। करीब दो घंटे तक चला धरना और जाम इसके साथ समाप्त हो गया।

गार्डन व्यू सोसायटी में निर्विरोध चुने गए सभी उम्मीदवार:सभी पदों पर सिर्फ एक-एक नामांकन आए, चुनाव से पहले ही तय हुई नई कार्यकारिणी

जयपुर। बर्दिया कॉलोनी रोड स्थित गार्डन व्यू रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसायटी (रजि.) की वर्ष 2026-2028 की नई कार्यकारिणी का चुनाव निर्विरोध संपन्न हो गया। चुनाव अधिकारी द्वारा जारी सूचना के अनुसार 12 जुलाई को प्रस्तावित चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 8 जुलाई शाम 5 बजे तक निर्धारित थी। निर्धारित समय तक सभी स्वीकृत पदों के लिए केवल एक-एक नामांकन प्राप्त होने के कारण सभी उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। नई कार्यकारिणी में हरीओम पाण्डे अध्यक्ष, महेश कुलवाल उपाध्यक्ष, अरुण खंडेलवाल सचिव और अभिषेक चोरड़िया कोषाध्यक्ष चुने गए हैं। वहीं सदस्य पद पर वसुंधरा शर्मा, राधामोहन माहेश्वरी और सुनील जैन निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। चुनाव अधिकारी सिद्धार्थ जैन ने 10 जुलाई 2026 को जारी सूचना में सभी निर्वाचित पदाधिकारियों की घोषणा की। अब नई कार्यकारिणी आगामी दो वर्षों तक सोसायटी के कार्यों का संचालन करेगी।

तेज बारिश में नाले में पलटी कार:बहज पुलिस ने पांच लोगों की बचाई जान, बड़ा हादसा टला

डीग के बहज क्षेत्र में शुक्रवार रात एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। तेज बारिश के बीच एक कार बेकाबू होकर सड़क किनारे नाले में पलट गई। कार में सवार दो महिलाओं, एक बच्चे और दो पुरुषों सहित पांच लोगों को बहज पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह घटना बहज पुलिस चौकी से बहज की ओर लगभग 200 मीटर दूर हुई। कार में कुल पांच लोग सवार थे। दुर्घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। सूचना मिलते ही बहज चौकी प्रभारी एसआई मंगतूराम अपनी टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। रात का समय, खराब मौसम और नाले में पलटी कार जैसी चुनौतियों के बावजूद, पुलिसकर्मियों ने बिना देरी किए बचाव अभियान शुरू किया। पुलिस टीम ने सभी पांच यात्रियों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला। प्रारंभिक जांच में सभी को मामूली चोटें आईं, लेकिन किसी के भी गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। प्राथमिक इलाज के बाद, पुलिस ने उनके लिए दूसरे वाहन की व्यवस्था की और उन्हें उनके निवास स्थान गोवर्धन के लिए रवाना कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के समय बारिश के कारण सड़क फिसलन भरी हो गई थी। आशंका है कि इसी वजह से चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। बारिश और अंधेरा होने के कारण रात में कार को नाले से बाहर निकालना संभव नहीं हो सका। पुलिस ने बताया कि मौसम अनुकूल होने पर शनिवार सुबह क्रेन की सहायता से वाहन को सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा। पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और सूझबूझ के कारण एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों ने भी समय पर पहुंचकर राहत कार्य करने के लिए पुलिस टीम की सराहना की है।

जर्जर-भवनों की मरम्मत करवा लें, नहीं तो परिषद करेगी कार्रवाई:आयुक्त ने नोटिस जारी किए, मालिक से वसूलेगी खर्चा

जैसलमेर में बरसाती मौसम में नगर परिषद ने जर्जर और खतरनाक स्थिति में पहुंच बिल्डिंग के मालिकों को तत्काल सुरक्षात्मक कदम उठाने के सख्त निर्देश दिए हैं। आयुक्त लाजपाल सोढा ने साफ किया है कि यदि कोई मकान मालिक या कब्जेदार इन आदेशों की पालना करने में विफल रहता है। नगर परिषद राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 243 के तहत उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी। ढहाने का खर्च भी मालिकों से वसूला जाएगा। 5 से 6 घर चिन्हित, भेजे नोटिस आयुक्त लजपालसिंह सोढ़ा के अनुसार, नगर परिषद की टीम ने हाल ही में शहर का सर्वे कर ऐसे 5 से 6 मकानों को चिन्हित किया है, जो पूरी तरह ढहने की कगार पर हैं। इन भवनों के स्वामियों को परिषद की ओर से आधिकारिक नोटिस जारी कर दिए गए हैं। ये भवन न सिर्फ इनमें रहने वालों, बल्कि आस-पड़ोस के लोगों और वहां से गुजरने वाले राहगीरों के लिए भी बड़ा खतरा बने हुए हैं। परिषद ढहाएगी मकान, मालिक से वसूली आयुक्त ने हिदायत दी है कि जो भवन ध्वस्त हालत में हैं, मकान मालिक उन्हें तुरंत खुद ही गिरा दें या समयबद्ध तरीके से उनकी आवश्यक मरम्मत करवाकर सुरक्षित कर लें। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि मालिकों ने तय समय सीमा में इन जर्जर मकानों को नहीं हटवाया, तो नगर परिषद खुद इन्हें ध्वस्त करने की कार्रवाई करेगी। इस पूरी कार्रवाई में आने वाला जितना भी प्रशासनिक और मजदूरी का खर्च होगा, वह संबंधित मकान मालिक से ही वसूला जाएगा। धारा 243 के तहत होगी कार्रवाई नगर परिषद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मानसून के दौरान जर्जर दीवारों या छतों के गिरने से जान-माल का नुकसान होने की आशंका सबसे अधिक रहती है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद परिषद बिना किसी पूर्व सूचना के ध्वस्तीकरण का अभियान शुरू कर देगी। प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि वे अपने आस-पास के किसी भी खतरनाक भवन की सूचना तुरंत परिषद कार्यालय को दें।

राजस्थान के 35-शहरों में रोबोट से होगी सीवरेज की सफाई:VIDEO में देखें 30 फीट अंदर जाकर कैसे निकालेगा गंदगी; जहरीली गैस होने पर देगा अलर्ट

राजस्थान के कई शहरों में अब सीवरेज चैंबर की सफाई रोबोट से की जा रही है। चैंबर की सफाई के लिए अब न तो किसी कर्मचारी को गंदगी में उतरने की जरूरत पड़ रही है। न ही जिंदगी दांव लगाने की जरूरत पड़ेगी। ये अकेला रोबोट पांच से 6 लोगों का काम कर लेता है। महज 30 से 40 मिनट में पूरे सीवरेज चैंबर की सफाई हो जाती है। खास बात ये है कि इस रोबोट में लगे कैमरे पूरे सीवरेज की लाइव स्ट्रीम स्क्रीन पर बताते रहते हैं। इतना ही नहीं सीवरेज चैंबर में कौनसी जहरीली गैस कितनी मात्रा में है, ये तक बता रहा है। जेन रोबोटिक इनोवेशन कंपनी के इस ‘बैंडीकूट’ रोबोट से राजस्थान में 35 से ज्यादा शहरों में सीवरेज चैंबर की सफाई होगी। वहीं जोधपुर, भीलवाड़ा में इस ‘बैंडीकूट’ रोबोट का ट्रायल चल रहा है। राजधानी जयपुर में 3 मशीनों ने काम करना शुरू कर दिया है। पहले देखें कैसे काम करता है यह रोबोट अब पढ़ें कैसे काम करता है ये ‘बैंडीकूट’ रोबोट चार कैमरे लगे, सीवरेज चैंबर में 30 फीट तक सफाई इस ‘बैंडीकूट’ रोबोट में चार कैमरे लगे हैं, जो पूरे सीवरेज चैंबर की लाइव स्ट्रीमिंग बाहर लगे मॉनिटर पर दिखाते हैं। साथ ही इसमें एआई बेस्ड लेग और हैंड भी लगे हैं। जो मशीन को खड़ा करने और इसकी सफाई के लिए काम में आते हैं। इनमें एक HD कैमरा ऊपर की तरफ लगा है, जो पूरे सीवरेज चैंबर की फुटेज दिखाता है। वहीं तीन कैमरे नीचे की तरफ लगे हैं। जब रोबोट सीवरेज में उतरता है तो इन कैमरों से सारी लाइव फुटेज बाहर मॉनिटर पर ऑपरेटर को दिखती है। ये रोबोट करीब 30 फीट तक सीवरेज चैंबर में उतर जाता है। इसके AI बेस्ड हैंड सीवरेज के चारों तरफ चार से पांच फीट के कचरे को साफ कर देते हैं। 25 किलो तक वेस्ट बाहर ला सकता सीवरेज में रोबोट अंदर जाता है। इसके बाद स्क्रीन पर सीवरेज का पूरा कचरा और गंदगी दिखाता है। ऑपरेटर पैनल की मदद से उस कचरे को एकत्र करते हैं। रोबोट में ही एक बकैट लगी है, जो इस कचरे को उठाती है। रोबोट की मदद से महज 20 से 25 मिनट में सीवरेज की सफाई की जाती है। इससे नाले में पड़े भारी-भरकम पत्थर तक बाहर निकाले जा सकते हैं। कैमरे में लगे सेंसर, जहरीली गैस की देते जानकारी सीवरेज चैंबर में सफाई के दौरान सबसे बड़ा खतरा जहरीली गैस का रहता है। सीवरेज में सफाई करते हुए इन जहरीली गैस से कई कर्मचारियों की जान जा चुकी है। इस रोबोट की खास बात यह है कि सीवरेज चैंबर में कौनसी गैस किस मात्रा में है, ये भी बता देता है। कैमरों के पास सेंसर लगे हैं, जो इन जहरीली गैस को डिटेक्ट कर लेते हैं। सीवरेज से निकला कचरा ऑटोमैटिक डस्टबिन में डाला जाता इस रोबोट को ऑपरेट करने के लिए इसमें एक कम्प्रेशर और जनरेटर लगा है। इस रोबोट के साथ-साथ प्रेशर जेटिंग सिस्टम भी लगा है, जो मेन होल को साफ करने का काम करती है। खास बात ये है कि जब रोबोट बाहर कचरा लेकर आता है तो किसी कर्मचारी को इसे हाथ लगाने की जरूरत नहीं होती है। इसमें डस्टबिन लगा है, जो ऑटोमैटिक काम करता है। बटन के ए​क क्लिक पर डस्टबिन रोबोट के नीचे आता है। उसमें सारा कचरा डाल दिया जाता है। राजस्थान के इन शहरों में रोबोट करेगा सफाई जेन रोबोटिक इनोवेशन कंपनी के अनुसार- जोधपुर में ये पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चल रहा है। इसके अलावा प्रदेश के बड़े और छोटे 35 से ज्यादा शहरों में रोबोट से सीवरेज चैंबर की सफाई होगी। इनमें जयपुर में तीन रोबोट हैं। वहीं पाली, अजमेर, पुष्कर, जैसलमेर, बड़ी सादड़ी, सूरतगढ़, करौली, भीलवाड़ा, सुमेरपुर, राजसमंद, फतेहनगर, चिड़ावा, नवलगढ़, कुशलगढ़ और नाथद्वारा जैसे शहरों में भी सीवरेज चैंबर की सफाई के लिए इस रोबोट का इस्तेमाल किया जाएगा। जबकि देश के 21 राज्यों में ये प्रोजेक्ट चल रहा है। ग्राफिक्स से समझें: कैसे नाम पड़ा, सफाईकर्मियों को कैसे होगा फायदा जोधपुर में चल रहा ट्रायल, 20 मिनट में रोबोट ने की सफाई जेन रोबोटिक इनोवेशन कंपनी के अनुसार- जोधपुर में अभी पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इस रोबोट का ट्रायल चल रहा है। जोधपुर नगर निगम की ओर से हाल ही जेन रोबोटिक इनोवेशन कंपनी का बैंडीकूट रोबोट खरीदा गया है। दैनिक भास्कर ने रोबोट की सफाई का प्रोसेस जाना। शहर के किंग हॉस्पिटल के पास शुक्रवार को सीवरेज चैंबर की सफाई चल रही थी। रोबोट पहले नाले में पड़े भारी-भरकम पत्थर बाहर निकाल कर लाता है। वहीं दूसरी बार रोबोट को अंदर उतारा तो चैंबर से बड़ी मात्रा में कचरा निकालकर लाया। एक बार में ये 25 किलो तक वेस्ट उठाकर बाहर लाया। वहीं इस दौरान मशीन की मॉनिटर पर सीवरेज में मिथेन, कार्बन मोनोऑक्साइड, हाइड्रोजन सल्फाइड और स्मोक जैसी जहरीली गैस की जानकारी भी दी।
यह खबर भी पढ़ें… जहरीली गैस से दम घुटने के कारण 2 की मौत:जयपुर में सीवरेज टैंक की सफाई करने उतरे, सांस नहीं आने पर चिल्लाने लगे थे जयपुर में अप्रैल 2026 को सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान 2 मजदूरों का जहरीली गैस से दम घुटने लगा, तो दोनों चिल्लाने लगे। (पूरी खबर पढ़ें)

हिरण शिकार के तीन आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग पुलिस संरक्षण में:पद्चिन्ह, खून धब्बों ने खोला वन्यजीव शिकार का राज, गैंग पकड़ने के आश्वासन पर मानें

बालोतरा में कुछ लोगों ने रात के अंधेरे का फायदा उठाकर दो चिंकारों का शिकार कर दिया। शिकार करने के लिए उन्होंने तेज रोशनी वाली फॉक्स लाइट और लाठियों का इस्तेमाल किया। जांच के दौरान टीम को मौके पर खून के धब्बे और पैरों के निशान मिले। इन्हीं सुरागों के आधार पर वन विभाग आरोपियों तक पहुंचा। शनिवार को कार्रवाई करते हुए विभाग ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक नाबालिग को संरक्षण में लिया गया है। इसी दौरान कुछ वन्यजीव प्रेमियों को इसकी भनक लग गई। उन्होंने आरोपियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन खुद को पकड़ा जाता देख शिकारी वहां से भागने लगे। वन्यजीव प्रेमियों ने उनका करीब 2 किलोमीटर तक पीछा किया। भागते-भागते आरोपी अपने घर पहुंच गए, लेकिन जल्दीबाजी में घर के बाहर चारपाई के पास मरे हुए चिंकारे और शिकार में इस्तेमाल किया गया सामान छोड़कर फरार हो गए। घटना धोरीमन्ना थाना क्षेत्र के भलीसर तेजे की ढाणी गांव में हुई। मामले की जानकारी मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। टॉर्च की रोशनी देखकर हुआ था शक दरअसल, गुरुवार रात करीब 12 बजे ग्रामीणों ने सुनसान इलाके में टॉर्च की तेज रोशनी देखी, जिससे उन्हें शक हुआ। मौके पर पहुंचने पर खून के निशान मिले। सूचना मिलने पर वन्यजीव प्रेमी भी वहां पहुंचे और करीब दो किलोमीटर तक पदचिन्हों का पीछा शुरू किया। कुछ ही देर में यह निशान आरोपियों के घर तक पहुंच गए, जहां दो मृत चिंकारा बरामद हुए। उस समय आरोपी घर के बाहर खाट बिछाकर सोने की तैयारी कर रहे थे। यहीं से पूरे मामले का खुलासा हुआ। जिसके बाद मामले की जानकारी वन विभाग और प्रशासन को दी गई। तीन आरोपी गिरफ्तार, एक नाबालिग संरक्षण में क्षेत्रीय वन अधिकारी श्रीमरा विश्नोई ने बताया कि गणपतराम, रूगनाथराम और देवाराम को गिरफ्तार किया गया है। वहीं एक नाबालिग को संरक्षण में लिया गया है। आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और शिकार में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। ———————————————————————– इससे जुड़ी खबर पढ़े….. बालोतरा में लाठियों से दो चिंकारा की हत्या:ग्रामीणों ने 2KM किया पीछा, घर के आगे फेंककर भागे; तीन युवक डिटेन, धरने पर बैठे लोग
बालोतरा में फॉक्स लाइट और लाठियों से दो चिंकारों (हिरणों) की हत्या कर दी गई। वन्यजीव प्रेमियों को भनक लगने पर शिकारी मौके से भाग निकले। (पूरी खबर पढ़े)

जयपुर में नाबालिग से रेप, दो महीने की प्रेग्नेंट:मिलने के बहाने बुलाकर किडनैप कर ले गया दोस्त, ढाई महीने पहले हो गई थी लापता

जयपुर में एक दोस्त के नाबालिग लड़की से रेप करने का मामला सामने आया है। मिलने के बहाने बुलाकर नाबालिग दोस्त उसका किडनैप कर ले गया। बंधक बनाकर देहशोषण से नाबालिग दो महीने की प्रेग्नेंट हो गई। पुलिस ने किडनैप नाबालिग को ढूंढ़कर पोक्सो एक्ट के तहत FIR दर्ज की। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल व बयान दर्ज कर आरोपी नाबालिग दोस्त को पकड़ लिया। ढाई महीने पहले हो गई लापता पुलिस ने बताया- जयपुर की रहने वाली 16 साल की लड़की करीब ढाई महीने पहले घर से लापता हो गई थी। परिजनों की ओर से नाबालिग बेटी की तलाश की गई, लेकिन वह नहीं। उसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई। नाबालिग दो महीने की प्रेग्नेंट पुलिस की ओर से किडनैपिंग का मामला दर्ज कर नाबालिग की तलाश शुरू की। काफी प्रयास के बाद पुलिस टीम ने गुरुवार को नाबालिग लड़की को ढूंढ निकाला। नाबालिग पीड़ित के बयान दर्ज कर मेडिकल करवाने पर वह दो महीने की प्रेग्नेंट निकली। बहला-फुसलाकर ले गया पुलिस जांच में सामने आया कि उसका नाबालिग दोस्त उसको बहला-फुसलाकर किडनैप कर ले गया था। राजस्थान से बाहर ले जाकर उसको बंधक बनाकर देहशोषण किया। प्रेंग्नेंट होने का पता चलने पर वह उसे लेकर वापस आ गया। पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई कर आरोपी नाबालिग दोस्त को भी पकड़ लिया।

जनसंख्या नियंत्रण और जनजागरूकता को लेकर निकाली रैली:हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, सीएमएचओ बोले- बच्चों में सही अंतराल से परिवार बनेगा खुशहाल

जैसलमेर में शनिवार को विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर जनसंख्या नियंत्रण और समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से जागरूकता रैली निकाली गई। आशा सहयोगिनियों और एएनएम (ANM) ट्रेनिंग सेंटर की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। रैली चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित की गई। इसकी शुरुआत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राजेंद्र कुमार पालीवाल ने की। उन्होंने स्वास्थ्य भवन (सीएमएचओ कार्यालय) से हरी झंडी दिखाकर इस रैली को रवाना किया। रैली के माध्यम से शहर के नए और योग्य जोड़ों को छोटा परिवार रखने, बच्चों के जन्म में सही समय का अंतर रखने और बढ़ती आबादी को रोकने के फायदों के बारे में आसान भाषा में जानकारी दी गई। मुख्य मार्गों से निकली जागरूकता रैली जागरूकता रैली शहर के व्यस्त इलाकों से होकर गुजरी, जिसमें डेडानसर रोड, अचलवंशी कॉलोनी, गीता आश्रम और हनुमान चौराहा शामिल रहे। इन सभी मुख्य रास्तों से होते हुए रैली अंत में श्री जवाहिर अस्पताल परिसर पहुंची, जहां यह एक सभा के रूप में संपन्न हुई। रैली के दौरान सभी प्रतिभागी अपने हाथों में सुंदर और रंग-बिरंगी तख्तियां लिए हुए थे, जिन पर समाज को सोचने पर मजबूर करने वाले नारे लिखे हुए थे। रास्ते भर लोगों को इन नारों के जरिए छोटे परिवार का महत्व समझाया गया। परिवार नियोजन उपायों का प्रसार करें इस अवसर पर बोलते हुए सीएमएचओ डॉ. राजेंद्र कुमार पालीवाल ने कहा- जनसंख्या का तेजी से बढ़ना आज पूरे देश के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। बढ़ती आबादी के कारण बुनियादी सुविधाएं और साधन लगातार कम होते जा रहे हैं। उन्होंने बताया- जिला मुख्यालय पर रैली निकालने के साथ-साथ जिले के सभी ब्लॉकों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (BCMO) और अस्पतालों के डॉक्टरों को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। वे सभी अपने-अपने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जाकर परिवार नियोजन और जनसंख्या रोकने के उपायों का जोर-शोर से प्रचार करें, ताकि जिले के हर गांव और हर घर तक यह बात आसानी से पहुंच सके और लोग जागरूक हो सकें। ये मौजूद रहे इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों का पूरा सहयोग रहा। इस मौके पर मुख्य रूप से यूएनएफपीए (UNFPA) के जिला समन्वयक उमेश आचार्य, परम सुख सैनी, गोल्डी व्यास, अरविंद शुक्ला मौजूद थे। साथ ही एएनएम ट्रेनिंग सेंटर के प्रभारी लोकेश कुमार, सेंटर की वार्डन पूजा, दिनेश कुमार, हीरालाल, धर्मेंद्र सिंह, बाबूगिरी और चिकित्सा विभाग के कई अन्य कर्मचारी भी इस रैली में शामिल रहे और लोगों को छोटे परिवार की अहमियत बताई।

हुकमसिंह रोहट, कूपसिंह सोजत, मोहनलाल होंगे सुमेरपुर के तहसीलदार:प्रदेश भर में 552 तहसीलदारों के ट्रांसफर

राजस्व मंडल राजस्थान अजमेर की ओर से एक लिस्ट जारी की गई। जिसमें 552 तहसीलदारों के ट्रांसफर किए गए। इसके तहत पाली जिले में भी कई तहसीलदार बदले हैं। भागीरथ चौधरी तहसीलदार पीसांगन (अजमेर) का मारवाड़ जंक्शन तहसीलदार पद पर ट्रांसफर किया गया। इस तरह छगनलाल सैन तहसीलदार जिला कलेक्टर ऑफिस पाली का तहसीलदार PWD जोधपुर मुख्यालय, दिलीप सिंह नायब तहसीलदार सोजत से तहसीलदार पीपाड़ शहर (जोधपुर), हुकुम सिंह सिसोदिया तहसीलदार बालेसर (जोधपुर) का तहसीलदार रोहट (पाली), जितेंद्रसिंह राठौड़ तहसीलदार बाली का तहसीलदार उप पंजीयन बाली, कूपसिंह को तहसीलदार सोजत (पाली), महावीरप्रसाद सिलु तहसीलदार लीव रिजर्व तहसील पाली से तहसीलदार डीडवाना कुचामन, मोहनलाल तहसीलदार जुरहरा (डीग) से तहसीलदार सुमेरपुर (पाली), शिवजीराम बावरी तहसीलदार मारवाड़ जंक्शन से उप पंजीयन पाली प्रथम, सूरजपालसिंह तहसीलदार तिवरी से तहसीलदार बाली (पाली), अम्बाराम बोसिया को तहसीलदार रानी (पाली), भंवरसिंह झाला तहसीलदार भू-अभिलेख पाली लगाया गया है।

गांधी सागर बांध से पहली बार सिंचाई का पानी जारी:कोटा-बूंदी के किसानों को राहत, लोकसभा अध्यक्ष बिरला की पहल पर निर्णय

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर गांधी सागर बांध से पहली बार कोटा-बूंदी क्षेत्र के किसानों के लिए सीधे सिंचाई का पानी छोड़ा गया है। शुक्रवार शाम से नहरों में पानी की आपूर्ति शुरू होने से बूंदी और केशवरायपाटन क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिली है। इससे सूखती फसलों को समय पर पानी मिल सकेगा। इससे पहले गुरुवार को किसानों ने कोटा स्थित बिरला के कार्यालय में उनसे मुलाकात की थी। उन्होंने नहरी पानी की कमी के कारण खरीफ की फसलों के प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की थी। किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए, बिरला ने तत्काल राजस्थान के जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा की। उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार से गांधी सागर बांध से अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने का आग्रह किया। बिरला के प्रयासों के परिणामस्वरूप, मध्यप्रदेश सरकार ने गांधी सागर बांध से सीधे कोटा-बूंदी क्षेत्र के किसानों के लिए सिंचाई का पानी छोड़ने का निर्णय लिया। यह पहली बार है जब इस बांध से सीधे इन क्षेत्रों के लिए पानी जारी किया गया है, जिससे सिंचाई की समस्या दूर हुई है। नहरों में पानी पहुंचने की सूचना मिलते ही किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई। किसानों ने लोकसभा अध्यक्ष का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी पहल से हजारों किसानों को सीधा लाभ होगा और उनकी फसलें सुरक्षित रहेंगी। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि अन्नदाता की हर समस्या का समय पर समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने किसानों के हितों की रक्षा और उनकी समृद्धि के लिए हरसंभव प्रयास जारी रखने का आश्वासन दिया।