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ओबीसी सर्वे में लगे शिक्षाकर्मी अभी नहीं होंगे रिलीव:31 जुलाई या सर्वे पूरा होने तक तबादला पाए कार्मिक भी रुकेंगे

टोंक समेत प्रदेशभर में राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनैतिक प्रतिनिधित्व आयोग) के तहत चल रहे ओबीसी सर्वे में लगे शिक्षा विभाग के कार्मिकों को फिलहाल कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने इस संबंध में सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार सर्वे में नोडल अधिकारी, संदर्भ व्यक्ति और प्रगणक के रूप में लगे कार्मिकों को सर्वे पूरा होने या 31 जुलाई 2026 तक, जो भी पहले हो, कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने जारी किए आदेश माध्यमिक शिक्षा, राजस्थान, बीकानेर के निदेशक सीताराम जाट ने राज्य के सभी संयुक्त निदेशक, सभी संभाग और सभी जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक एवं प्रारम्भिक को निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि ओबीसी सर्वे में लगे शिक्षा विभाग के कार्मिकों को वर्तमान में कार्यमुक्त नहीं किया जाए। नोडल अधिकारी, संदर्भ व्यक्ति और प्रगणक के रूप में लगी है ड्यूटी राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनैतिक प्रतिनिधित्व आयोग) की ओर से करवाए जा रहे सर्वे में शिक्षा विभाग के कार्मिकों को नोडल अधिकारी, संदर्भ व्यक्ति और प्रगणक के रूप में लगाया गया है। ऐसे में उनके कार्यमुक्त होने से सर्वे कार्य प्रभावित हो सकता है। हाल ही में हुए हैं शिक्षा विभाग में तबादले ज्ञात रहे कि प्रशासनिक सुधार विभाग के आदेश के बाद शिक्षा विभाग को 3 जुलाई को स्थानान्तरण में शिथिलता दी गई थी। इसके बाद शिक्षा विभाग के सैकड़ों अधिकारियों और कार्मिकों के तबादला आदेश जारी किए गए। इनमें कई ऐसे कार्मिक भी शामिल हैं जिनकी ड्यूटी वर्तमान में ओबीसी सर्वे में लगी हुई है। 31 जुलाई या सर्वे पूरा होने तक नहीं होगी कार्यमुक्ति इसको लेकर निदेशक सीताराम जाट ने शुक्रवार शाम को सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि ओबीसी सर्वे कार्य में लगे कार्मिकों को सर्वे पूरा होने तक या 31 जुलाई 2026 तक, जो भी पहले हो, कार्यमुक्त नहीं किया जाए और आदेशों की पालना सुनिश्चित की जाए। शिक्षक संघ ने आदेश का किया स्वागत शिक्षक संघ रेसटा राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया कि जिन शिक्षकों का तबादला हुआ है और जो वर्तमान में ओबीसी सर्वे में नियुक्त हैं, उन्हें निदेशक के आदेशानुसार सर्वे कार्य पूरा होने अथवा 31 जुलाई तक कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा, जिससे सर्वे का काम तय समय में पूरा हो सके।

ट्रक की टक्कर से बाइक सवार 2 दोस्तों की मौत:थोड़ी देर पहले ही ली थी सेल्फी, कोटा-उदयपुर नेशनल हाईवे पर हादसा

बाइक से घूमने निकले 3 दोस्तों को तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में दो दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना 10 जुलाई (शुक्रवार) की रात करीब 11:30 बजे कोटा के उद्योग नगर थाना क्षेत्र में कोटा-उदयपुर हाईवे (NH-27) पर धाकड़खेड़ी के पास हुई। मृतकों में अभिषेक (19) और मोनू (20) शामिल हैं। दोनों उम्मेदगंज (थाना उद्योगनगर) के रहने वाले थे। तीसरा दोस्त कालू (21) गंभीर रूप से घायल है। उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। शनिवार को कोटा न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम करवाया गया। हादसे से चंद मिनट पहले ली थी आखिरी सेल्फी अभिषेक के दोस्त दुर्गा शंकर ने बताया- अभिषेक, मोनू और कालू रात को बाइक से रायपुरा से जगपुरा फोरलेन की तरफ घूमने निकले थे। तीनों दोस्त कैथून रोड फ्लाईओवर पर चढ़ने के बाद झालावाड़ रोड की ओर (कोटा-उदयपुर हाईवे) करीब 500 मीटर ही आगे बढ़े थे। तभी तीनों ने बाइक रोकी। हादसे से कुछ समय पहले ही अभिषेक और मोनू ने मोबाइल से एक सेल्फी ली थी। उस समय घायल कालू पास ही पानी पीने चला गया था। सेल्फी लेने के कुछ ही देर बाद जैसे ही वे आगे बढ़े, पीछे से आ रहे एक ट्रक ने उनकी बाइक को रौंद दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों दोस्त सड़क किनारे दूर जा गिरे। अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम हादसे के बाद वहां से गुजर रहे ग्रामीणों ने तीनों युवकों को लहूलुहान हालत में देखा। ग्रामीणों ने तीनों के परिजनों को सूचना दी और एम्बुलेंस की मदद से हॉस्पिटल पहुंचाया। अभिषेक और मोनू के सिर और हाथ-पैरों में इतनी गंभीर चोटें आई थीं कि उन्होंने अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ दिया। मौके पर मिले ट्रक के टायरों के निशान उद्योगनगर थाना एएसआई (ASI) सायर सिंह ने बताया- रात करीब साढ़े 11 बजे कंट्रोल रूम से हादसे की सूचना मिली थी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो फोरलेन पुलिया पर तीन युवक अचेत पड़े थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि किसी ट्रक ने बाइक को पीछे से टक्कर मारी है। मौके पर ट्रक के टायर के घसीटने के निशान भी मिले हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। दोनों घरों के चिराग बुझे मोनू (मृतक) के चाचा सुरेंद्र भील ने बताया कि तीनों दोस्त एक फैक्ट्री में मजदूरी करते थे। शुक्रवार रात को उनके एक दोस्त ने फोन कर उन्हें जगपुरा बुलाया था। मोनू रात करीब 9 बजे घर से निकला था। मोनू दो भाइयों में बड़ा था। महज 6 महीने पहले ही उसकी मां की मौत हुई थी, जबकि उसके पिता लंबे समय से बीमार रहते हैं। अभिषेक (मृतक) के बड़े भाई रवि ने बताया- अभिषेक भी रात 9 बजे घर से निकला था, लेकिन उन्हें हादसे की खबर रात 2 बजे मिली। अभिषेक तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसके पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। — यह खबर भी पढ़िए… शादी के 2 महीने बाद विवाहिता की मौत:पति के साथ सांवलियाजी जा रही थी, बाइक अनबैलेंस हुई, सिर के बल गिरी कोटा से सांवलियाजी दर्शन के लिए जा रहे बाइक सवार पति-पत्नी की बाइक अनियंत्रित हो गई। इससे महिला सड़क पर सिर के बल गिर गई। घायल महिला को कोटा के मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। यह हादसा कोटा-उदयपुर हाईवे पर हुआ। महिला भगवती (26) कोटा के रोजड़ी की रहने वाली थी। (पूरी खबर पढ़ें)

निर्माणाधीन मकान के टैंक में मिला मजदूर का शव:घर नहीं लौटा तो परिजन तलाश करते हुए पहुंचे, घर वालों को हत्या की आशंका

अजमेर शहर के कृष्णगंज थाना क्षेत्र स्थित बलदेव नगर में शनिवार को एक निर्माणाधीन मकान के पानी के टैंक में 28 साल के मजदूर का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। वह रोजाना की तरह काम पर निकला था, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजन उसकी तलाश में निर्माणाधीन मकान पहुंचे। कमरे में मोबाइल मिलने के बाद जब टैंक का ढक्कन खोलकर देखा गया तो अंदर उसका शव पड़ा मिला। घटना की सूचना पर कृष्णगंज थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने हत्या कर शव टैंक में फेंकने की आशंका जताई और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान गोविंद (28) पुत्र श्रवण सिंह रावत, निवासी किशनपुरा (जवाजा) के रूप में हुई है। गोविंद पिछले कुछ समय से बलदेव नगर स्थित निर्माणाधीन मकान में मजदूरी कर रहा था। फोन बजता रहा, लेकिन किसी ने नहीं उठाया मृतक के रिश्तेदार रेवत सिंह ने बताया कि गोविंद शनिवार सुबह हमेशा की तरह काम पर गया था। शाम तक घर नहीं पहुंचने पर उसकी पत्नी ने कई बार फोन किया। घंटी बजने के बावजूद उसने कॉल रिसीव नहीं की। इससे परिवार को चिंता हुई और परिजन उसकी तलाश में निकल पड़े। परिजन सबसे पहले उसी निर्माणाधीन मकान पहुंचे, जहां गोविंद काम कर रहा था। कमरे की तलाशी लेने पर उसका मोबाइल अंदर मिला। इसके बाद रिश्ते में लगने वाले एक भाई ने शक होने पर पानी के टैंक का ढक्कन खोला तो अंदर गोविंद का शव पड़ा मिला। यह देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। परिजनों को हत्या की आशंका परिजनों का आरोप है कि गोविंद की हत्या कर उसके शव को टैंक में डाला गया है। उनका कहना है कि शव मिलने के समय उसकी नाक से खून निकल रहा था, जिससे उन्हें घटना संदिग्ध लग रही है। परिवार ने पुलिस से मामले की गहन जांच कर दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। पुलिस बोली- हर पहलू से जांच जारी कृष्णगंज थाना प्रभारी अरविंद चारण ने बताया कि बलदेव नगर स्थित निर्माणाधीन मकान के टैंक में मजदूर का शव मिलने की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। शव को टैंक से बाहर निकलवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है। प्रारंभिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा।

पाली में रीडिंग लेने गए डिस्कॉम टेक्नीशियन से मारपीट:आरोप-पुराना बकाया रुपए जोड़कर बिल दिया तो पीटा, जातिसूचक शब्द भी बोले

पाली शहर के केरिया दरवाजा स्थित धोबियों की गली में बिजली विभाग के एक टेक्नीशियन के साथ मारपीट और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का मामला सामने आया है। पीड़ित कर्मचारी ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि मीटर रीडिंग लेने और बिजली बिल जारी करने पहुंचे कर्मचारी के साथ विवाद किया गया, मारपीट की गई और उसका विभागीय प्रिंटर भी तोड़ दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मीटर रीडिंग और बिल जारी करने पहुंचे थे कर्मचारी रिपोर्ट के अनुसार सीएसडी फर्स्ट एईएन कार्यालय में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत दौलतराम ने बताया कि 5 जुलाई की सुबह करीब 9:30 बजे वह विभागीय कार्य के तहत विद्युत मीटर की रीडिंग लेने और बिल जारी करने के लिए केरिया दरवाजा स्थित धोबियों की गली पहुंचे थे। इसी दौरान मोहम्मद अमान, रमजान पुत्र मोहम्मद अली घोसी और अन्य लोगों ने उनसे विवाद शुरू कर दिया। जातिसूचक शब्द बोलने और मारपीट का आरोप पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने उसे जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और गालियां दीं। विरोध करने पर उसके साथ लात-घूंसों से मारपीट की गई। आरोप है कि इस दौरान विभागीय बिलिंग प्रिंटर छीनकर जमीन पर पटक दिया गया, जिससे वह टूट गया। बिजली बिल को लेकर हुआ विवाद रिपोर्ट में बताया गया है कि आरोपियों ने बिजली बिल में पुराने बकाया की राशि जोड़ने का आरोप लगाया और इसी बात को लेकर विवाद हुआ। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी। परिवार के अन्य सदस्यों के पहुंचने का भी आरोप दौलतराम ने आरोप लगाया कि बाद में परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई, कपड़े फाड़ दिए गए और गला दबाने का प्रयास किया गया। पीड़ित किसी तरह मौके से निकलकर बाहर आया और अपने सहकर्मियों व अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलने पर विभागीय कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उसे सुरक्षित वहां से लेकर गए। कोतवाली थाना पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

राजस्थान-कल से एक और बड़ी परीक्षा, 12 लाख कैंडिडेट:गुजराती सब्जेक्ट के लिए केवल एक पोस्ट, सबसे ज्यादा मैथ्स में; जानें- एंट्री के क्या हैं नियम

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से सीनियर टीचर भर्ती एग्जाम कल से शुरू होगा। परीक्षा में 12 लाख 30 हजार से ज्यादा कैंडिडेट्स रजिस्टर्ड हैं। ये इस साल होने वाली बड़ी परीक्षाओं में से एक है। एग्जाम के लिए 27 जिलों में 1221 सेंटर बनाए गए हैं। ये भर्ती कुल 9,651 पदों पर की जाएगी। सबसे कम पोस्ट गुजराती में, मैथ्स में सबसे ज्यादा पद। एग्जाम को चार वर्गों में बांटा गया है। एग्जाम 12 से 18 जुलाई 2026 तक होगी। एक घंटे पहले मिलेगी एंट्री एग्जाम सेंटर पर अभ्यर्थियों को एग्जाम शुरू होने के 60 मिनट पहले तक ही एंट्री दी जाएगी। कैंडिडेट्स को एग्जाम सेंटर पर ऑरिजनल आधार कार्ड लेकर जाना होगा। यदि मूल आधार कार्ड पर फोटो पुरानी अथवा अस्पष्ट है तो अन्य फोटो युक्त पहचान-पत्र, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस जिसमें नई और कलर फोटो स्पस्ष्ट रूप से हो, उसे लेकर एग्जाम सेंटर पर जा सकेंगे। इसके साथ ही कैंडिडेट्स को प्रवेश-पत्र पर नया रंगीन फोटो लगाना होगा। किसी के बहकावे में नहीं आएं आरपीएससी की ओर से आयोजित परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि किसी दलाल, मीडिएटर, या अपराधी के बहकावे में नहीं आएं। यदि कोई परीक्षा में पास कराने के नाम पर रिश्वत की मांग या अन्य कोई प्रलोभन व झांसा देता है तो प्रमाण सहित इस संबंध में जांच एजेंसी एवं आयोग कंट्रोल रूम नंबर 0145-2635200, 2635212 एवं 2635255 पर सूचित करें। परीक्षा में अनुचित साधन अपनाए जाने या अनुचित कार्यों में लिप्त होने पर राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के तहत आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपए तक का जुर्माना और चल-अचल संपत्ति कुर्क कर जब्त की जा सकती है। पहले 6500, फिर 10537 व अब 9651 पदों पर भर्ती इस भर्ती का मूल विज्ञापन (संख्या 07/2025-26) पिछले साल 17 जुलाई 2025 को 10 विषयों के कुल 6,500 पदों के लिए जारी किया गया था। बाद में माध्यमिक शिक्षा विभाग से मिले प्रस्ताव के अनुसार पदों को बढ़ाकर पहले 10,537 किया गया था। जिसे नियमानुसार दोबारा संशोधित कर 9,651 किया गया। अलग-अलग सब्जेक्ट की परीक्षाओं को चार ग्रुप में बांटा ग्रुप A- इसमें सोशल साइंस विषय है। इसके अभ्यर्थियों की 12 जुलाई को सुबह 10 से 12 बजे तक सामान्य ज्ञान की परीक्षा होगी। दोपहर 3 से 5:30 बजे तक सोशल साइंस की परीक्षा होगी। ग्रुप B- इसमें हिंदी विषय है। इस सब्जेक्ट के अभ्यर्थियों की 13 जुलाई को सुबह 10 से 12 बजे तक सामान्य ज्ञान की परीक्षा होगी। दोपहर 3 से 5:30 बजे तक हिंदी की परीक्षा होगी। ग्रुप C- इसमें साइंस और संस्कृत सब्जेक्ट है। इन विषयों के सभी अभ्यर्थियों की 14 जुलाई को सुबह 10 से 12 बजे तक सामान्य ज्ञान की परीक्षा होगी। इसके बाद दोपहर 3 से 5:30 बजे तक साइंस विषय की परीक्षा होगी। 15 जुलाई को सुबह 10 से 12:30 बजे तक संस्कृत विषय के अभ्यर्थियों की परीक्षा होगी। ग्रुप D- इसमें गणित, इंग्लिश, उर्दू, पंजाबी, सिंधी और गुजराती सब्जेक्ट रखे गए हैं। इन सब्जेक्ट के सभी अभ्यर्थियों की 16 जुलाई को सुबह 10 से 12 बजे तक सामान्य ज्ञान की परीक्षा होगी। इसके बाद दोपहर 3 से 5:30 बजे तक गणित विषय के अभ्यर्थियों की परीक्षा आयोजित की जाएगी। 17 जुलाई को सुबह 10 से 12:30 बजे तक इंग्लिश और दोपहर 3 से 5:30 बजे तक उर्दू विषय के अभ्यर्थियों की परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। 18 जुलाई को सुबह 10 से 12:30 बजे तक पंजाबी और दोपहर 3 से 5:30 बजे तक सिंधी और गुजराती सब्जेक्ट के अभ्यर्थियों की परीक्षा होगी। 27 जिलों में 1221 एग्जाम सेंटर बनाए …. ये खबर भी पढ़िए…. एमडीएस यूनिवर्सिटी में एडमिशन आवेदन की डेट बढ़ाई:अब स्टूेडेंट्स 24 जुलाई तक भर सकेंगे फॉर्म, 27 को होगी काउंसलिंग महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय ने विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर, सर्टिफिकेट एवं पीजी डिप्लोमा पाठ्‌यक्रमों में प्रवेश आवेदन की अंतिम तिथि को 24 जुलाई तक बढ़ा दिया है।(पूरी खबर पढें)

जयपुर में दिनदहाड़े महिला को हिप्नोटाइज कर लूटे गहने:बच्चे को स्कूल से लेने जा रही थी, 2 बदमाशों ने एड्रेस पूछने के बहाने रोका

जयपुर में हिप्नोटाइज कर एक महिला से गहने लूटने का मामला सामने आया है। शुक्रवार दोपहर वह बच्चों को स्कूल लेने घर से निकली थी। एड्रेस पूछने के बहाने दो बदमाशों ने रास्ते में रोक गहने उतरवा लिए। महेश नगर थाना पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों बदमाशों की तलाश कर रही है। भगवान की कृपा करने की कहकर किया हिप्नोटाइज पुलिस ने बताया- महेश नगर के अवधपुरी निवासी रिटायर्ड तहसीलदार मेवाराम ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। उनकी बहू गायत्री देवी के साथ वारदात हुई है। दोपहर करीब 1:45 बजे वह बच्चों को स्कूल से लेने के लिए घर से निकली थी। रास्ते में मिले दो युवकों ने एड्रेस पूछने के बहाने उसे रोक लिया। बातचीत के दौरान भगवान की कृपा प्राप्त करने की कहकर हिप्नोटाइज कर लिया। बदमाशों के कहे अनुसार गायत्री ने हाथ में पहनी सोने की अंगुठी, नाक का सोने का कांटा उतरवा लिया। बिना पीछे देखे 10-15 कदम चलने को कहकर गहने लेकर दोनों बदमाश फरार हो गए। कुछ देर बाद गायत्री को अपने साथ लूट की वारदात होने का पता चला। महेश नगर थाना पुलिस ने सूचना पर पहुंच वारदातस्थल पर लगे CCTV फुटेज खंगाले। फुटेज में कैद हुए दोनों बदमाशों की पुलिस तलाश कर रही है। देखिए PHOTOS…

रेप के आरोपी ने जमानत मिलते ही 6 हत्याएं कीं:पहले पत्नी-बच्चों, फिर पीड़ित और उसके परिवार को मार डाला, तेलंगाना की घटना

तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले में नाबालिग से रेप के एक आरोपी ने शुक्रवार रात जमानत पर बाहर आते ही 6 हत्याएं कर दीं। पहले उसने अपनी 30 साल की पत्नी, 4 साल और 18 महीने के दो बेटों की हत्या की। इसके बाद वह करीब 6 किलोमीटर दूर दूसरे गांव पहुंचा। जहां उसने 17 साल की रेप पीड़ित, उसकी मां और नानी को भी मार दिया। लड़की ने 16 मई को पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत आरोपी राजकुमार के खिलाफ रेप का केस दर्ज कराया था। घटना से जुड़ी 3 तस्वीरें… परिवार बोला- पहले ही मारने की धमकी दी थी लड़की के मामा नरेश ने बताया, उसने मेरी चाची और भांजी की हत्या कर दी। उसने पहले भी लड़की को परेशान किया था और उस पर POCSO के तहत मामला दर्ज किया गया। उसने धमकी दी थी वह एक-दो हफ्ते में पूरे परिवार को मार डालेगा। मामला दर्ज होने के बाद भी उसे पूछताछ या रिमांड के लिए नहीं ले जाया गया। उसके परिवार को पता था कि वह कहां है, लेकिन पुलिस को इसकी जानकारी नहीं थी और मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। घटना के 20 दिन बाद हमने उन्हें फिर से बताया कि वह घूम रहा है और कह रहा है कि वह लड़की को मार डालेगा। उन्होंने कहा कि वे उसे ढूंढ रहे हैं। मामला दर्ज होने के सिर्फ दो दिन बाद ही वह जमानत पर बाहर आ गया था। उसने रिश्वत दी थी और मामला दबा दिया गया। अब उसने लड़की की हत्या कर दी है और यह सब पुलिस की लापरवाही की वजह से हुआ है। उन्हें सस्पेंड किया जाना चाहिए और आरोपी को हमारे हवाले कर देना चाहिए। क्या है पॉक्सो कानून POCSO एक विशेष कानून है, जो नाबालिग बच्चों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों की रोकथाम और सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए 2012 में लागू किया गया था। ————————- ये खबर भी पढ़ें… रेप-मर्डर के दोषी को फांसी की सजा: पुणे में 65 साल के व्यक्ति ने 3 साल की बच्ची से रेप किया था महाराष्ट्र के पुणे जिले में 3 साल की बच्ची से रेप और हत्या करने के आरोपी 65 साल के दोषी भीमराव कांबले को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट का यह फैसला वारदात के 60 दिन में आया है। अदालत ने इस मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर श्रेणी का बताते हुए कहा कि आरोपी का कृत्य बेहद क्रूर, अमानवीय और बर्बर था। पूरी खबर पढ़ें…

552 तहसीलदारों को किया इधर-उधर:रेवेन्यू बोर्ड ने जारी की लिस्ट; कइयों के जिले बदले, कई जिले में ही एडजस्ट

रेवेन्यू बोर्ड अजमेर ने 552 तहसीलदारों के ट्रांसफर किए गए हैं। इनमें अधिकांश का जिला व पद बदले गए हैं। वहीं कुछ को जिले में ही एडजस्ट किया गया है। इस संबंध में रजिस्ट्रार महावीर प्रसाद की ओर से आदेश जारी किए गए है। यहां देखें पूरी लिस्ट….

हाईकोर्ट ने पूछा-आवासीय भवन में संचालित कोचिंग वैध या नहीं:सरकार और अधिकारियों को रिपोर्ट पेश करने के आदेश, 23 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई के दौरान धार्मिक स्थल की आड़ में संभावित अतिक्रमण और आवासीय क्षेत्र में संचालित कोचिंग संस्थान की वैधता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने राजेंद्र प्रसाद मित्तल की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि यह स्पष्ट किया जाए कि क्या राजस्थान धार्मिक भवन एवं स्थान अधिनियम, 1944 के प्रावधानों के विपरीत कहीं भी मंदिर या धार्मिक निर्माण किया जा सकता है। अधिकारी नहीं सुनते कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि क्या धार्मिक भावनाओं की आड़ में सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण को वैध माना जा सकता है। याचिकाकर्ता का कहना है कि उनके कार्यस्थल के बाहर स्थित मंदिर परिसर में असामाजिक तत्व एकत्र होकर नशा करते हैं, जिसकी शिकायत अधिकारियों से की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 23 जुलाई को होगी अगली सुनवाई हाईकोर्ट ने साथ ही यह भी जांचने के निर्देश दिए कि आवासीय भवन में किराए पर संचालित कोचिंग संस्थान संबंधित नियमों के अनुरूप वैध हैं या नहीं। कोर्ट ने संबंधित अधिकारी को रिपोर्ट सहित अगली सुनवाई पर उपस्थित रहने के आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी।

रेलवे ने भाजपा कार्यालय की जमीन को बताया अवैध:KDA को पत्र लिखकर कहा- सड़क के लिए दी थी जमीन, आपने बीजेपी को अलॉट कर दी

कोटा शहर के 80 फीट रोड पर बन रहे भाजपा के नए जिला कार्यालय को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पश्चिम मध्य रेलवे ने करीब 3 हजार वर्गमीटर भूमि पर हो रहे निर्माण को रेलवे की जमीन पर अवैध निर्माण बताया है। रेलवे ने 16 जून को वरिष्ठ मंडल अभियंता (दक्षिण) की ओर से सहायक मंडल अभियंता (रामगंजमंडी) को पत्र लिखकर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही कोटा विकास प्राधिकरण (KDA ) से भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। रेलवे के अनुसार, यह जमीन 10 जुलाई 2008 में तत्कालीन यूआईटी (अब KDA) को 35 साल की लीज पर केवल सड़क निर्माण के उद्देश्य से दी गई थी। लीज की शर्तों में स्पष्ट था कि इस जमीन का व्यावसायिक या अन्य किसी प्रकार का उपयोग नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद मौके पर भाजपा का जिला कार्यालय बनाया जा रहा है। साल 2020 में यूआईटी ने इसी जमीन का आवंटन भाजपा को कर दिया, जबकि यह लीज की शर्तों के विपरीत है। रेलवे के रिकॉर्ड में संबंधित जमीन की चौड़ाई 182.88 मीटर दर्ज है। पहले भी जताई थी आपत्ति रेलवे के एसएसई (परमानेंट-वे साउथ) ने 7 अप्रैल को उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर रेल लाइन के किलोमीटर 910/10 से 914/00 के बीच रेलवे जमीन पर अवैध निर्माण की जानकारी दी थी। इसके बाद 14 मई को रेलवे, KDA और राजस्व विभाग ने संयुक्त सर्वे किया। संयुक्त सर्वे में जमीन की चौड़ाई को लेकर भी विवाद सामने आया। राजस्व विभाग ने साल 1982 के रिकॉर्ड के आधार पर मौके पर रेलवे जमीन की चौड़ाई 72 मीटर बताई, जबकि रेलवे ने साल 1965 के संयुक्त लैंड प्लान के अनुसार चौड़ाई 182.88 मीटर होने का दावा किया है। सड़क के लिए दी थी जमीन सहायक मंडल अभियंता रामगंज मंडी पश्चिम मध्य रेलवे पुंडरिक चंद्र ने कहा कि यह जमीन सार्वजनिक हित यानी सड़क निर्माण के लिए लीज पर दी गई थी। वर्तमान निर्माण लीज की शर्तों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि KDA की कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी है कि जमीन का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के अनुसार हो। इस संबंध में कोटा विकास प्राधिकरण को पत्र भेज दिया गया है। रेलवे और KDA के बीच का विषय-भाजपा भाजपा शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि पार्टी ने जमीन का पूरा भुगतान किया है। KDA ने विधिवत आवंटन किया है। उन्होंने कहा कि यदि रेलवे का कोई दावा है तो वह रेलवे और KDA के बीच का विषय है। उनका कहना है कि रेलवे की जमीन यहां कहां से आ गई। पूरे क्षेत्र में कई निर्माण पहले से हो रखे हैं। बस स्टैंड तक बना हुआ है। सिर्फ हमारा ऑफिस ही थोड़ी बन रहा है। आवंटन का इतिहास भी विवादित भाजपा जिला कार्यालय के लिए इस भूखंड का आवंटन पहले भी विवादों में रहा है। भाजपा सरकार में साल 2016 में तत्कालीन यूआईटी ने भाजपा को भूखंड आवंटित किया था। जिसके लिए भाजपा ने 1 करोड़ 72 लाख 50 हजार रुपए जमा कराए और रजिस्ट्री के बाद कब्जा भी मिल गया था। लेकिन कांग्रेस सरकार के दौरान 2020 में यह आवंटन रद्द कर दिया गया। बाद में भाजपा सरकार बनने के बाद मार्च 2025 में विधानसभा में मामला उठने पर यूडीएच मंत्री ने आवंटन बहाल करने की घोषणा की। जिसके बाद यूडीएच विभाग ने दोबारा आवंटन जारी कर दिया।