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स्वास्थ्य मंदिर ने स्कूल बच्चों को स्लेट-कॉपी, किताबें बांटी

भरतपुर | शनिवार को स्वास्थ्य मंदिर आश्रम ने शिक्षा मित्र प्रकल्प के तहत नगला जोधसिंह के राजकीय प्राथमिक विद्यालय के सभी छात्रों को स्लेट, पेंसिल, कॉपी, किताब और स्टेशनरी दी। स्वास्थ्य मंदिर के वृद्धाश्रम में रह रहे सीनियर सिटीजन भामाशाह राघवेंद्र गुप्ता ने कहा कि बच्चों को शिक्षा की बुनियादी जरूरत मिलना जरूरी है। देश की बढ़ोतरी के लिए बच्चों का शिक्षित होना जरूरी है। बच्चों की शिक्षा परिवार, समाज और देश के विकास के लिए जरूरी है। स्वास्थ्य मंदिर शिक्षा मित्र प्रकल्प के तहत लगातार सरकारी स्कूलों में गरीब बच्चों को स्टेशनरी बांटता रहता है। स्लिम एरिया में भी सामग्री वितरित की जाती है। अब तक स्वास्थ्य मंदिर की ओर से 5000 से अधिक बच्चों को शिक्षा से जुड़ी सामग्री दी जा चुकी है। 100 से अधिक बच्चों का स्कूल में एडमिशन कराकर उन्हें शिक्षा से जोड़ा जा चुका है। जो बच्चे गरीब हैं, शिक्षा सामग्री नहीं खरीद सकते, वे स्वास्थ्य मंदिर आकर निशुल्क सामग्री ले सकते हैं। स्कूल की प्रतिभा शर्मा, प्रियेश अंग्रे और अन्य अध्यापकों ने सहयोग किया। भरतपुर। बच्चों को पाठय सामग्री देते हुए।

सोलर प्लांट की 70 फीट केबल चोरी

भास्कर न्यूज | राज्यावास राजस्व गांव तेजपुरा में अज्ञात बदमाश एक खेत से सोलर प्लांट की करीब 70 फीट केबल काटकर ले गए। चोर मोटर के बोल्ट भी खोलकर अपने साथ ले गए। पीड़ित रतनलाल तेली ने बताया कि शुक्रवार रात अज्ञात चोरों ने धापूबाई और बालूलाल तेली के खेत में वारदात को अंजाम दिया। शनिवार सुबह परिजन खेत पहुंचे तो चोरी का पता चला। रतनलाल तेली ने बताया कि क्षेत्र में सोलर प्लांट की केबल चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। करीब एक माह पहले अमलोई गांव में किशन जाट के खेत से भी सोलर प्लांट की केबल चोरी हुई थी। वहीं राज्यावास में मांगीलाल गाडरी के खेत को भी चोरों ने निशाना बनाया था। लगातार हो रही चोरियों से किसानों में चिंता और रोष है।

स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग की आरटीआई रिपोर्ट में खुलासा:सुविवि को मिली चंपा बाग की 1255 करोड़ की जमीन, भूमाफियाओं ने बसा दी कॉलोनियां

स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग की आरटीआई रिपोर्ट ने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय (सुविवि) के पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों और भू-माफियाओं के बीच के गठजोड़ को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। विश्वविद्यालय के भविष्य के लिए वर्ष 1981 में अवाप्ति अधीन की गई चंपा बाग और निरंजनी अखाड़ा की 14.5900 हेक्टेयर (1,56,988.4 वर्गफीट) जमीन पर रसूखदारों ने अवैध कॉलोनियां, रिसॉर्ट, रेस्टोरेंट और बहुमंजिला इमारतें खड़ी कर दीं। जून 2025 की उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) की न्यूनतम आवासीय नीलामी दर 8,000 रुपए प्रति वर्गफीट के आधार पर इस घोटाले से विश्वविद्यालय को 12,55,90,72,000 रुपए (करीब 1,255.90 करोड़ रुपए) की भारी-भरकम चपत लगी है। ये जानकारियां आरटीआई में सुविवि के पूर्व छात्र व एडवोकेट शक्ति सिंह भाटी को मिली हैं। इस घोटाले और घोर लापरवाही के सामने आने के बाद निधि अंकेक्षण विभाग ने कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और निजी हित धारकों को फायदा पहुंचाने के आरोप में सुविवि के तत्कालीन तीन भू-सम्पदा अधिकारियों के खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई कराने के लिए संयुक्त सचिव, उच्च शिक्षा विभाग को मामला भेजा है। कोर्ट के आदेश के बाद भी 5 महीने तक दबाई अवाप्ति की फाइल राजस्थान उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने कई स्थगन आदेशों को खारिज करते हुए जमीन पर विश्वविद्यालय का मालिकाना हक पूरी तरह बहाल कर दिया था। इसके बावजूद सुविवि के लापरवाह अधिकारी अवाप्ति की अगली प्रक्रिया के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजने की फाइल 5 महीने से अधिक (18 दिसंबर 2024 से 24 मई 2025 तक) कुलपति कार्यालय में दबाकर बैठे रहे। ऑडिट दल के कड़े हस्तक्षेप के बाद जून 2025 में जिला कलेक्टर को पत्र भेजा गया, लेकिन तब तक भू-माफियाओं को अवैध निर्माण और डिस्ट्रेस सेल का पूरा मौका मिल चुका था। सुविवि प्रशासन इस विवादित भूमि को जिला प्रशासन से अवाप्त कराने के लिए कानूनी दांवपेंच खेलता आ रहा था, लेकिन जिला प्रशासन ने प्रदेश सरकार को रिपोर्ट भेजकर अवाप्ति राशि करीब 693.33 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि के चलते हाथ खड़े कर दिए हैं। अब सुविवि के पास कोर्ट-सरकार से इस भूमि को वापस लेने के अलावा दूसरा कोई विकल्प दिखाई नहीं दे रहा है। स्टे के दौरान भी तन गए रिसॉर्ट्स, होटल्स और रेस्त्रां: अंकेक्षण रिपोर्ट के अनुसार चंपा बाग की अवाप्ति अधिसूचना प्रभावी होने के बावजूद भू-माफियाओं ने कानून की धज्जियां उड़ाकर अवैध कॉलोनियां काट दीं। वर्ष 2014 की कई सेल डीड में साफ लिखा गया कि जमीन सुविवि के अवाप्ति चक्र में है, यदि अधिग्रहित हुई तो विक्रेता की जिम्मेदारी नहीं होगी। इसे डिस्ट्रेस सेल दिखाकर स्टांप ड्यूटी की चोरी की गई। स्थगन आदेशों के दौरान भी चम्पाबाग का परकोटा ढहाया गया और वहां धड़ल्ले से अवैध सड़कें निकाली गईं। इसी भूमि पर बिना किसी भू-उपयोग परिवर्तन (कन्वर्जन) के व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होती रहीं। हद तो तब हो गई जब मास्टर प्लान की 60 फीट सड़क सीमा में आ रहे पक्के निर्माण के बदले तत्कालीन यूआईटी (अब यूडीए) ने 1,98,52,000 रुपए का मुआवजा भी बांट दिया। कानून तोड़ने वालों पर नरमी न बरतें: ऑडिट रिपोर्ट में सुप्रीम कोर्ट के कनीज़ अहमद बनाम साबुद्दीन मामले का हवाला देते हुए कहा है कि जानबूझकर कानून तोड़ने वालों पर नरमी न बरती जाए और न अवैध निर्माण रेगुलराइज हो। विभाग ने निर्देश दिया है कि अवाप्ति प्रक्रिया को तुरंत लॉजिकल एंड तक पहुंचाया जाए, अन्यथा समय बीतने पर यह अवाप्ति स्वतः निरस्त हो जाएगी। साथ ही यूडीए, नगर निगम और उप-पंजीयक कार्यालय को पत्र लिखकर इस भूमि की रजिस्ट्री, पट्टा वितरण व नामांतरण पर रोक लगाने को कहा गया है।

अस्पताल में मरीजों को फल बांटे

बारां| भारत विकास परिषद शाखा बारां ने परिषद का 64वां स्थापना दिवस पीड़ित मानवता की सेवा के रूप में मनाया। शहीद राजमल मीणा राजकीय चिकित्सालय के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य विभाग में सेवा कार्यक्रम हुआ। शाखा अध्यक्ष नरेश लाभी ने बताया कि परिषद अपने 63 वर्षों के सेवा इतिहास को आगे बढ़ाते हुए 64वें स्थापना दिवस को जरूरतमंदों की सेवा के लिए समर्पित कर रही है। इसी क्रम में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य विभाग में भर्ती और उपचाररत महिलाओं और बच्चों को ताजे फल दिए गए। आम जूस के पैकेट भी बांटे। अध्यक्ष लाभी ने कहा कि पीड़ित, रोगी और जरूरतमंद की सेवा ही सच्ची मानव सेवा है। कार्यक्रम में वीरेंद्र माथुरिया, राजेंद्र विजय, श्याम बंसल, प्रवीण बंसल, कमलेश जैन, अम्बिका प्रकाश शर्मा, पवन मित्तल सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

उप स्वास्थ्य केंद्र पर सीएचओ की नियुक्ति की मांग

राज्यावास | समवर्ती ग्राम पंचायत मुख्यालय पीपली डोडियान के उप स्वास्थ्य केंद्र पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी की नियुक्ति की मांग उठी है। गांव के बंटी शर्मा ने बताया कि केंद्र पर अभी एक एएनएम है। एएनएम का ज्यादा समय आंगनबाड़ी में टीकाकरण, बच्चों की जांच में निकल जाता है। इस वजह से उप स्वास्थ्य केंद्र अधिकतर समय बंद रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत मुख्यालय होने के बावजूद यहां अब तक सीएचओ की सुविधा नहीं मिली। करीब 3500 से ज्यादा आबादी वाले क्षेत्र के लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रहीं। सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ भी समय पर नहीं मिल रहा। सामान्य बीमारी या अचानक स्वास्थ्य समस्या होने पर महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों को इलाज के लिए दूर के स्वास्थ्य केंद्रों में जाना पड़ता है। इससे समय, पैसा, मेहनत ज्यादा लगती है। कई बार समय पर इलाज नहीं मिलने से स्थिति गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत मुख्यालय पर सीएचओ की नियुक्ति होने से गांव में ही प्राथमिक इलाज मिलेगा। टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, सरकारी योजनाएं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ पात्र लोगों तक पहुंच सकेगा। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों को अवगत कराने के बाद भी समाधान नहीं हुआ। इससे गांव में रोष है।

चप्पल उतारकर चोरी की; तिसाया के रघुनाथजी मंदिर में दो छत्र और एक मुकुट ले गया चोर

भास्कर न्यूज| बारां सदर थानाक्षेत्र में तिसाया स्थित भगवान रघुनाथजी मंदिर में शुक्रवार देर रात करीब 3 बजे चोरी की वारदात हुई। अज्ञात चोर मंदिर से दो छत्र एवं एक मुकुट चोरी कर ले गया। खास बात यह रही कि चोर ने वारदात से पहले अपने चप्पल उतारे और उसके बाद मंदिर में प्रवेश किया। जाते समय जल्दबाजी में चप्पल और गमछा वहीं छोड़ गया। मंदर में देव प्रतिमाओं पर तीन छत्र लगे हुए थे। जिनमें से दो छत्र और मुकुट चुरा ले गया। जबकि एक छत्र को वहीं छोड़ गया। सुब​ह उसके चप्पल भी मंदिर की सीढियों के नीचे खुले मिले। गमछा भी वहीं पड़ा मिला। जिससे उसकी पहचान से जुड़े अहम सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मंदिर परिसर का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

मरीजों की लगी लंबी कतारें:6 साल बाद भी सुपर स्पेशलिटी में फार्मासिस्ट का एक भी पद नहीं, उधार के स्टाफ से चल रहे 7 डीडीसी

आरएनटी मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल (एसएसएच) में दवा लेने के लिए मरीजों की कतारें दिनों-दिन लंबी होती जा रही हैं, लेकिन इसके पीछे की जो प्रशासनिक वजह चौंकाने वाली है। एसएसएच को खुले करीब 6 साल बीत चुके हैं, लेकिन आज तक यहां के दवा वितरण केंद्रों (डीडीसी) के लिए सरकार स्तर से फार्मासिस्ट का एक भी पद स्वीकृत नहीं किया गया है। अभी सिर्फ व्यवस्थार्थ यानी अस्थायी तालमेल के जरिए काम चलाया जा रहा है। अस्पताल में व्यवस्था बनाने के लिए टीबी हॉस्पिटल (बड़ी) से तीन फार्मासिस्ट उधार लिए गए हैं। वहीं सीएमएचओ कार्यालय से दो फार्मासिस्ट भेजे गए हैं, लेकिन उन्होंने खुद को फर्स्ट ग्रेड बताते हुए दवा बांटने (डिस्पेंसिंग) का काम करने से इनकार कर दिया है। इसके चलते वे अस्पताल में ड्यूटी तो दे रहे हैं, लेकिन मूल कार्य नहीं कर रहे हैं। वर्तमान में खिड़कियों को संभालने के लिए एमबी हॉस्पिटल से 7 नियमित और 8 ठेके पर कार्यरत फार्मासिस्ट लेकर जैसे-तैसे काम चलाया जा रहा है। अस्पताल में यहां हैं दवा केंद्र दावे फेल : दो दिन में काउंटर खोलने की बात कही थी, अब तक नहीं खुले मरीजों की लगातार बढ़ती भीड़ के बावजूद सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में अब तक कोई नया दवा काउंटर नहीं खुल सका है। जबकि अस्पताल अधीक्षक डॉ. विपिन माथुर ने दो दिन में काउंटर शुरू करने का दावा किया था। अस्पताल में विशेषकर सोमवार, गुरुवार और शनिवार को मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिससे मौजूदा काउंटर नाकाफी साबित हो रहे हैं। जरूरत इसलिए… अब आईएचएमएस में जुड़ेंगी डिजिटल पर्चियां, नेट धीमा हुआ तो बढ़ेगी आफत आने वाले दिनों में आईएचएमएस सॉफ्टवेयर में अब डॉक्टरों की पर्चियां सीधे डिजिटल माध्यम से जुड़ेंगी। डॉक्टर मरीज का जो पर्चा ऑनलाइन तैयार करेंगे, वही सीधे डीडीसी काउंटर के कंप्यूटर पर खुलेगा और फार्मासिस्ट उसी आधार पर दवा देगा। इसके लिए डॉक्टरों को टैबलेट, नेट कनेक्शन और कंप्यूटर ऑपरेटर दिए जाएंगे। इस व्यवस्था में पेंच यह है कि यदि इंटरनेट की स्पीड धीमी रही या सर्वर डाउन हुआ तो दवा वितरण प्रक्रिया ठप हो जाएगी। 2 माह के लिए मिले फार्मासिस्ट, काम नहीं करेंगे तो क्या फायदा? हमें सीएमएचओ कार्यालय से सिर्फ दो महीने के लिए फार्मासिस्ट दिए गए हैं। यदि वे भी काम नहीं करेंगे तो हमारे किस काम के? इस पर जल्द ही उच्च स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। मरीजों की सुविधा के लिए ओपीडी और डीडीसी के सामने दो स्क्रीन डिस्प्ले लगा रहे हैं, ताकि लोग बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर सकें। प्रधानाचार्य से अस्पताल की पीछे वाली गली में खाली पड़ी एक डीडीसी जगह मांगी गई है। वहां काउंटर शुरू होते ही मुख्य भवन का भार कम हो जाएगा। बुजुर्गों के लिए बेंच लगाई जा रही हैं। सरकार को फार्मासिस्ट के पदों की स्वीकृति के लिए कई बार प्रस्ताव भेजे हैं।
-डॉ. विपिन माथुर, अधीक्षक, एसएसएच

श्री चन्द्र सागर दिगम्बर जैन माध्यमिक विद्यालय शहर में बच्चों ने लगाए पौधे

सवाईमाधोपुर| श्री चन्द्र सागर दिगम्बर जैन माध्यमिक विद्यालय शहर में हरियाली बचाओ-भविष्य बचाओ अभियान के तहत पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य, शिक्षक और छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढकर भाग लिया। अभियान के तहत विद्यालय परिसर में फल और फूलों के पौधें लगाए गए। साथ ही पौधों के रखरखाव का संकल्प भी लिया।

भास्कर अपडेट्स:कर्नाटक में 2 पाकिस्तानी नागरिक गिरफ्तार; राशन कार्ड और वोटर ID बनवाने का आरोप

कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर जिले में पुलिस ने अवैध रूप से भारत में रह रहे दो पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने अपनी नागरिकता की जानकारी छिपाकर राशन कार्ड और वोटर आईडी बनवा ली थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फराह नाज (महिला) और उसके बेटे मोहम्मद फर्दीन के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, जांच में पता चला कि बागेपल्ली निवासी मोहम्मद अयूब खान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में पाकिस्तानी नागरिक फराह नाज से शादी की थी। दंपती के चार बच्चों में से मोहम्मद फर्दीन का जन्म पाकिस्तान में हुआ, जबकि अयूब खान और उनके बाकी तीन बच्चे भारतीय नागरिक हैं। परिवार फिलहाल बागेपल्ली में रह रहा था। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि फराह नाज और मोहम्मद फर्दीन ने अपनी पाकिस्तानी नागरिकता छिपाकर सरकारी दस्तावेज बनवाए। इसके बाद जिला प्रशासन ने राशन कार्ड और वोटर आईडी दोनों रद्द कर दिए। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है। आज की अन्य खबरें… मुंबई के ताज होटल को बम से उड़ाने की धमकी; 3 घंटे चली तलाशी, कुछ नहीं मिला मुंबई के ताज होटल को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद शुक्रवार देर रात सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया। रात करीब 12:13 बजे नवी मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम में एक कॉल आया, जिसमें कॉलर ने दावा किया कि दाऊद इब्राहिम ने ताज होटल में बम रखवाया है। सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस, क्राइम ब्रांच और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) की टीमें होटल पहुंचीं और पूरे होटल की तलाशी ली। हालांकि, जांच के दौरान कोई संदिग्ध सामान या विस्फोटक नहीं मिला। पुलिस ने इस धमकी को फर्जी बताया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि कॉल नवी मुंबई के तुर्भे इलाके से किया गया था। पुलिस कॉल करने वाले की पहचान कर उसकी तलाश में जुटी है। महाराष्ट्र के सोशल वेलफेयर हॉस्टल में 40 बच्चे बीमार, 5 ICU में; फूड पॉइजनिंग और गैस्ट्राइटिस की आशंका महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के शहादा स्थित सोशल वेलफेयर हॉस्टल में 40 बच्चे फूड पॉइजनिंग और गैस्ट्राइटिस की चपेट में आ गए। जिला कलेक्टर मिथाली सेठी ने बताया कि इनमें से 25 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 20 बच्चों का इलाज शहादा ग्रामीण अस्पताल में चल रहा है, जबकि ऑक्सीजन और ब्लड प्रेशर की समस्या होने पर 5 बच्चों को आईसीयू में भर्ती किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों की हालत फिलहाल स्थिर है और डॉक्टरों से लगातार जानकारी ली जा रही है। कलेक्टर ने बताया कि बच्चों के खाने और उल्टी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद तय किया जाएगा कि लापरवाही किसकी थी। हॉस्टल के हेडमास्टर, समाज कल्याण अधिकारी और वार्डन की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। अमरनाथ यात्रा के दौरान टेंट पर पत्थर गिरा, एक शख्स की मौत जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अमरनाथ यात्रा रूट पर बड़ा हादसा हुआ। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के चंदनवाड़ी में एक बड़ा पत्थर (बोल्डर) टेंट पर गिरने से पोनी पोर्टर शबीर अहमद शाह की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, शबीर ईदगाह चंदनवाड़ी के पास अपने टेंट में सो रहे थे, तभी अचानक एक बड़ा बोल्डर टेंट पर आ गिरा। गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बंगाल में UCC लागू करने की तैयारी, 9 सदस्यीय हाई लेवल कमेटी बनी पश्चिम बंगाल सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) का मसौदा तैयार करने के लिए नौ सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। न्याय विभाग ने शुक्रवार को इसकी अधिसूचना जारी की। समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को कहा कि समिति जल्द अपना काम शुरू करेगी और रिपोर्ट भी शीघ्र सौंपेगी। दिल्ली सरकार की नई EV पॉलिसी का विरोध; उपराज्यपाल को पत्र दिल्ली सरकार की नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी का ट्रांसपोर्ट संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। दिल्ली एनसीआर ट्रांसपोर्ट एकता मंच ने उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना (एलजी) को पत्र लिखकर नई नीति में इलेक्ट्रिक वाहनों को अनिवार्य बनाने के प्रावधानों पर पुनर्विचार करने की मांग की है। टैक्सी और ऑटो चालकों के संगठन ने विशेष रूप से वर्ष 2027 से केवल इलेक्ट्रिक ऑटो के नए पंजीकरण की अनिवार्यता का विरोध किया है। संगठन का कहना है कि मौजूदा समय में राजधानी में न तो पर्याप्त ईवी चार्जिंग स्टेशन हैं, न ही बैटरी स्वैपिंग की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। नई ईवी नीति के अनुसार, 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक तीन-पहिया वाहनों का नया पंजीकरण होगा। इसके अलावा अप्रैल 2028 से राजधानी में नए दोपहिया वाहनों का पंजीकरण भी केवल इलेक्ट्रिक मॉडल के लिए ही किया जाएगा। मणिपुर के कांगपोकपी में एक व्यक्ति की हत्या, 20 राउंड फायरिंग हुई मणिपुर के कांगपोकपी जिले में शनिवार शाम धान के खेत में काम करने के दौरान एक 53 वर्षीय व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अधिकारियों के मुताबिक, कुकी-बहुल जिले के गोवाजांग गांव के रहने वाले हाओलाल सिंगसित अपनी पत्नी नेमनेइकिम सिंगसित के साथ खेत में काम कर रहे थे, तभी हथियारबंद लोगों ने उन पर गोलियां चला दीं। हमले में व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी सुरक्षित बच निकलने में कामयाब रहीं। ग्रामीणों के हवाले से अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने शाम करीब 4 बजे लगभग 20 राउंड फायरिंग की आवाज सुनी थी। घटना के बाद सुरक्षा बल तुरंत इलाके में पहुंचे और शव को बरामद किया गया।

पंजाब कांग्रेस में वड़िंग-चन्नी की लड़ाई, पावरफुल दिल्ली हुई:भूपेश बघेल नए पावर सेंटर; टिकट के लिए अब नेताओं की दिल्ली दौड़ होगी

पंजाब कांग्रेस में पिछले 5 दिनों तक चले सियासी घटनाक्रम का सबसे बड़ा नतीजा न तो राजा वड़िंग की जीत है और न ही चरणजीत सिंह चन्नी की हार। असली बदलाव यह है कि पार्टी के भीतर फैसलों का केंद्र पहले से ज्यादा दिल्ली हो गया है। चन्नी खेमे ने प्रदेश अध्यक्ष बदलने की मांग रखी, वड़िंग अपने पद पर कायम रहे, लेकिन अंतिम फैसला किसी गुट ने नहीं, बल्कि हाईकमान ने लिया। पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने दोनों पक्षों की बातें सुनकर साफ कर दिया कि सभी नेताओं की राय दिल्ली तक जाएगी और टिकट जीतने की क्षमता के आधार पर तय होंगे। साथ ही यह भी साफ हो गया कि पंजाब कांग्रेस के नेतृत्व में कोई बदलाव नहीं होगा। राजनीतिक तौर पर देखा जाए तो इस पूरे घटनाक्रम ने हाईकमान की भूमिका और मजबूत कर दी है। जबकि, पंजाब के नेताओं की अगली राजनीतिक लड़ाई अब दिल्ली में प्रभाव बनाने की होगी। वड़िंग को क्या मिला: कुर्सी बची, लेकिन परीक्षा अभी बाकी पिछले एक सप्ताह से प्रदेश अध्यक्ष बदलने की मांग सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनी रही। इसके बावजूद हाईकमान ने 23 जिला अध्यक्ष राजा वड़िंग के गुट के होने की वजह से नेतृत्व परिवर्तन से इनकार कर दिया। इससे राजा वड़िंग को तत्काल राहत मिली और उनका संगठनात्मक अधिकार बरकरार रहा। हालांकि, इस विवाद ने यह भी दिखा दिया कि पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व को लेकर सवाल मौजूद हैं। अब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन को एकजुट रखना और यह साबित करना होगी कि मौजूदा नेतृत्व में कांग्रेस 2027 का चुनाव मजबूती से लड़ सकती है। चन्नी को क्या मिला: बात सुनी गई, राजनीतिक वजन भी दिखा पूर्व CM चरणजीत सिंह चन्नी नेतृत्व परिवर्तन नहीं करा सके, लेकिन यह जरूर साबित कर दिया कि उन्हें नजरअंदाज करना कांग्रेस के लिए आसान नहीं है। उनकी नाराजगी के बाद अलग बैठक हुई, उनके तर्क सुने गए और प्रभारी ने भरोसा दिया कि पूरी रिपोर्ट हाईकमान तक जाएगी। इससे यह संदेश गया कि पंजाब कांग्रेस में चन्नी अब भी सबसे प्रभावशाली नेताओं में हैं। खासकर, करीब 32% दलित वोट बैंक को कांग्रेस नाराज नहीं करना चाहती। हालांकि, चन्नी को भी यह स्पष्ट संकेत मिला कि केवल राजनीतिक दबाव से संगठनात्मक फैसले नहीं बदलेंगे। हाईकमान सबसे ताकतवर कैसे हुआ? इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा राजनीतिक लाभ केंद्रीय नेतृत्व को मिला। एक तरफ वड़िंग अपने समर्थकों के साथ थे, दूसरी तरफ चन्नी और रंधावा नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहे थे। लेकिन, अंतिम फैसला न चंडीगढ़ में हुआ और न किसी गुट के दबाव में। सभी पक्षों को अपनी बात हाईकमान तक पहुंचानी पड़ी। इससे साफ संकेत गया कि पंजाब कांग्रेस में संगठन, टिकट और बड़े राजनीतिक फैसलों की अंतिम चाभी अब भी दिल्ली के पास ही है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, इस घटनाक्रम ने केंद्रीय नेतृत्व की पकड़ और मजबूत कर दी है। भूपेश बघेल नए पावर सेंटर क्यों बने? 5 दिनों के पूरे घटनाक्रम में सबसे सक्रिय भूमिका पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल की रही। उन्होंने पहले नेताओं से अलग-अलग बातचीत की। फिर असंतुष्ट खेमे की बैठक की और अंत में दोनों पक्षों को एक संदेश दिया कि अंतिम रिपोर्ट हाईकमान के पास जाएगी। टिकट वितरण, नेताओं के प्रदर्शन, संगठन की स्थिति और चुनावी तैयारियों का फीडबैक अब उनके जरिए ही दिल्ली पहुंचेगा। ऐसे में पंजाब कांग्रेस में फिलहाल नेताओं और हाईकमान के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में उनकी भूमिका उभरती दिखाई दे रही है। अब नेताओं की दिल्ली दौड़ क्यों बढ़ेगी? बैठक के बाद यह लगभग साफ हो गया कि 2027 की तैयारी में सबसे अहम फैसले, जैसे; टिकट, संगठनात्मक बदलाव और चुनावी रणनीति, दिल्ली में तय होंगे। ऐसे में विधायक, पूर्व विधायक, जिला अध्यक्ष, टिकट के दावेदार और विभिन्न गुटों के नेता अपनी राजनीतिक स्वीकार्यता का संदेश पहले प्रभारी और फिर हाईकमान तक पहुंचाने की कोशिश करेंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले महीनों में पंजाब से दिल्ली की राजनीतिक आवाजाही और लॉबिंग पहले से ज्यादा बढ़ सकती है। इसके राजनीतिक मायने क्या? 5 दिन पहले यह लड़ाई वड़िंग बनाम चन्नी के रूप में शुरू हुई थी। 5 दिन बाद तस्वीर बदल चुकी है। वड़िंग प्रदेश अध्यक्ष बने रहे, चन्नी अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने में सफल रहे, लेकिन सबसे मजबूत होकर उभरा हाईकमान। अब पंजाब कांग्रेस की अगली बड़ी लड़ाई सार्वजनिक बयानबाजी से ज्यादा दिल्ली में राजनीतिक प्रभाव बनाने की होगी। टिकट से लेकर चुनावी रणनीति तक, हर बड़ा फैसला उसी दरवाजे से निकलेगा। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पंजाब कांग्रेस के बागी गुट की मीटिंग में गर्मागर्मी, चन्नी बोले- वड़िंग कुर्सी छोड़ें, रंधावा बोले- कंप्रोमाइज्ड लीडर नहीं चाहिए पंजाब कांग्रेस में बगावत के बीच AICC के राज्य प्रभारी भूपेश बघेल ने शनिवार को चंडीगढ़ में बागी गुट से 2 घंटे मीटिंग की। इसमें हर वक्त माहौल गर्माया रहा। 3 सांसदों व 9 MLA वाले बागी गुट ने साफ कर दिया कि वह मौजूदा प्रधान राजा वड़िंग की अगुआई में काम नहीं कर सकते। पढ़ें पूरी खबर…