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रातोंरात 18 आईपीएस का ट्रांसफर, फिर बदला जोधपुर कमिश्नर:रिफाइनरी के कारण चर्चित SP को भी फील्ड से हटाया, 4 जिलों में नए पुलिस मुखिया

राजस्थान सरकार ने मंगलवार (14 जुलाई) देर रात 18 आईपीएस अफसरों के ट्रांसफर कर दिए। महानिदेशक (DG) स्तर के दो अफसरों के साथ जोधपुर पुलिस कमिश्नर, अजमेर और भरतपुर रेंज के आईजी भी बदले गए हैं। 4 जिलों में अब नए पुलिस अधीक्षक होंगे। रिफाइनरी हादसे के दौरान चर्चा में आए बालोतरा एसपी का ट्रांसफर भी किया गया है।उन्हें फील्ड पोस्टिंग से हटाया गया है। इधर जोधपुर कमिश्नर को पांच महीने से भी कम समय में बदल दिया गया है। ट्रैफिक की कमान मालिनी अग्रवाल के पास अनिल पालीवाल को डीजी ट्रेनिंग एंड ट्रैफिक से डीजी और कमांडेंट जनरल होमगार्ड (जयपुर) लगाया गया है। वहीं, सीनियर आईपीएस मालिनी अग्रवाल को डीजी और कमांडेंट जनरल होमगार्ड से डीजी पुलिस ट्रैफिक के पद पर लगाया है। वहीं, प्रदीप मोहन शर्मा का ट्रांसफर इंटेलिजेंस ट्रेनिंग एकेडमी (जयपुर) से एडशिनल कमिश्नर (यातायात और प्रशासन), पुलिस कमिश्नरेट जयपुर के पद पर किया है। अजेय सिंह राठौड़ को एएसपी वृत्त-किशनगढ़ से कमांडेंट, 7 वीं बटालियन आरएसी (भरतपुर) लगाया गया है। वहीं, अनुष्ठा कालिया का एएसपी बीकानेर सदर, डीसीपी (मुख्यालय) से पुलिस कमिश्नरेट (जयपुर) ट्रांसफर किया गया है। डॉ रवि अजमेर, डॉ प्रीति चंद्रा भरतपुर की रेंज आईजी इस ट्रांसफर लिस्ट में दो बड़ी रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) भी बदले गए हैं। इनमें अजमेर रेंज आईजी राजेंद्र सिंह का तबादला आईजी सतर्कता (जयपुर) की पोस्ट पर किया गया है। भरतपुर रेंज आईजी कैलाश चंद बिश्नोई का ट्रांसफर आईजी, पुलिस आधुनिकीकरण और कल्याण, (जयपुर) के पद पर किया है। वहीं, पुलिस मॉर्डनाइजेशन और वेलफेयर के आईजी डॉ रवि अजमेर रेंज के नए आईजी होंगे। डॉ प्रीति चंद्रा को आईजी लॉ एंड ऑर्डर से भरतपुर रेंज आईजी के पद पर पोस्टिंग दी गई है। ये ट्रांसफर सबसे ज्यादा चर्चा में फिर बदला कमिश्नर: जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट में फिर बदलाव हुआ है। शरत कविराज को 23 फरवरी को जोधपुर पुलिस कमिश्नर के पद की जिम्मेदारी दी गई थी। पौने पांच महीने में ही उनका त​बादला कर दिया है। वे अब आईजी क्राइम ब्रांच होंगे। वहीं, सीनियर आईपीएस अंशुमन भोमिया नए कमिश्नर होंगे। वे अभी आईजी एसएसबी हैं। बालोतरा एसपी को हटाया: रिफाइनरी के कारण चर्चित बालोतरा के एसपी का भी ट्रांसफर किया गया है। एसपी रमेश का तबादला एसपी सी.बी.(ह्यूमन राइट्स एंड वीकर सेक्शन्स), जयपुर के पद पर किया है। जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में डीसीपी मुख्यालय राजेश कुमार बालोतरा के नए एसपी होंगे। 4 जिलों के पुलिस अधीक्षक भी बदले जोधपुर ग्रामीण एसपी पीडी नित्या अब जोधपुर में ही एसीबी एसपी होंगी। नित्या की जगह अब पंकज यादव जोधपुर ग्रामीण के एसपी होंगे। पंकज यादव अभी आरएसी बटालियन -1 जोधपुर में कमांडेंट हैं। प्रतापगढ़ एसपी बी आदित्य को हनुमानगढ़ एसपी के पद पर लगाया है। हनुमानगढ़ एसपी नरेंद्र सिंह मीणा का तबादला 10वीं आरएसी बटालियन बीकानेर के पद पर किया है। विशाल जांगिड़ को कमांडेंट, 10वीं बटालियन, आरएसी बीकानेर से प्रतापगढ़ एसपी के पद पर लगाया है। …. राजस्थान में ट्रांसफर से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… कैबिनेट मंत्री के बेटे का ट्रांसफर कैंसिल:59 की उम्र में हेडमास्टर का 500KM दूर तबादला, बोले-BJP के लिए काम किया, बदले में यह मिला
राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत के बेटे दीपक कुमावत के तबादले को लेकर भी सोशल मीडिया पर विवाद छिड़ गया है। पूरी खबर पढ़िए…

भास्कर अपडेट्स:जम्मू-कश्मीर के पुंछ में आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़, गोला-बारूद बरामद

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में सुरक्षा बलों ने जंगल में सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़ किया। इस दौरान वहां से मशीनगन के पुराने और जंग लगे कारतूस बरामद किए गए। पुंछ पुलिस के अनुसार बरामदगी के बाद पूरे इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है। आज की अन्य बड़ी खबरें… नासिक में दो ट्रक और कार की टक्कर; 4 की मौत, एक गंभीर घायल महाराष्ट्र के नासिक जिले में मंगलवार शाम भीषण सड़क हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा नासिक-पेठ रोड पर पेठ-दिंडोरी सीमा के पास सवला घाट में हुआ। पुलिस के मुताबिक, गुजरात नंबर की मारुति ईको कार सप्तशृंगी गढ़ से सिलवासा जा रही थी। तभी पीछे से आ रहे एक ट्रक ने कार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार आगे चल रहे दूसरे ट्रक से भी भिड़ गई। हादसे में कार सवार 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो घायल हुए। इनमें से एक ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दूसरे घायल का इलाज चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। अहमदाबाद विमान हादसा: अक्टूबर तक आएगी जांच रिपोर्ट का ड्राफ्ट एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि जून 2025 में अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया AI-171 विमान हादसे की जांच रिपोर्ट का ड्राफ्ट अक्टूबर 2026 तक तैयार होने की उम्मीद है। इस हादसे में 260 लोगों की मौत हुई थी। AAIB ने अदालत को जांच की प्रगति से अवगत कराते हुए यह जानकारी दी। एआई से बने विज्ञापनों पर भी लगाना होगा टैग, विज्ञापन काउंसिल ने बनाया नियमों का मसौदा देश में पहली बार एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से तैयार होने वाले विज्ञापनों के लिए अलग नियम की तैयारी शुरू हो गई है। विज्ञापन नियामक संस्था एडवरटाइजिंग स्टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ASCI) ने इसका मसौदा जारी किया है। इसके अनुसार, किसी विज्ञापन में एआई की मदद से किसी सेलिब्रिटी की आवाज या चेहरा बनाया गया है, प्रोडक्ट का डेमो तैयार किया गया है, वर्चुअल इन्फ्लुएंसर दिखाया गया है या ऐसा दृश्य है जो उपभोक्ता के खरीदी के फैसले पर असर डाल सकता है, तो उस पर साफ तौर पर बताना होगा कि यह एआई से बनाया गया है। हालांकि, केवल टैग लगा देना हर मामले में पर्याप्त नहीं होगा। फर्जी डॉक्टर, नकली प्रशंसापत्र (टेस्टिमोनियल), बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए नतीजे या बिना अनुमति किसी व्यक्ति की आवाज और चेहरा इस्तेमाल करने वाले एआई विज्ञापनों को सीधे खारिज किया जाएगा। इससे पहले केंद्र सरकार सोशल मीडिया पर डीपफेक और एआई कंटेंट की पहचान तथा शिकायत मिलने के तीन घंटे के भीतर उसे हटाने के नियम बना चुकी है। अब एआई से तैयार विज्ञापनों के लिए दिशा-निर्देश लाए जा रहे हैं। इससे यह तय होगा कि कौन-से विज्ञापन टैग से चल सकेंगे और किन पर रोक लगेगी।

खबर हटके – जापानी गांव जहां इंसान से ज्यादा पुतले:लड़की ने शादी से बचने के लिए सिर मुंडवाया; फ्रिज में बना शिवलिंग, पूजा करने पहुंचे लोग

जापान में एक ऐसा गांव है, जहां इंसानों से ज्यादा पुतले हैं। वहीं, केरलम में एक लड़की ने शादी से बचने के लिए सिर मुंडवा लिया। इधर, आगरा में एक फ्रिज में शिवलिंग बन गया, जिसके बाद पूजा करने के लिए लोगों की भीड़ लग गई। यूके में एक कुत्ता गांजे का पौधा खाकर 4 हजार से ऊंचा पहाड़ चढ़ गया। वहीं, बिहार में पुलिस ने बुखार की दवा को स्मैक समझकर 3 युवकों को 9 महीने के लिए जेल में डाल दिया। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

राजस्थान-MP, दिल्ली में तापमान 38°C से ज्यादा:बिहार-ओडिशा में भारी बारिश की आशंका; असम-अरुणाचल में बाढ़ से 1.40 लाख लोग प्रभावित

मानसून ब्रेक ने उत्तर भारत के राज्यों में तापमान बढ़ा दिया है। राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में पिछले 3 दिन से तेज गर्मी पर पड़ रही है। दिल्ली में मंगलवार को पारा 38°C रहा। पिछले 24 घंटों में अरुणाचल प्रदेश के चार जिलों में बाढ़, लैंडस्लाइड और भारी बारिश से घरों को नुकसान पहुंचा। राज्य में बारिश-बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर 1,02,917 हो गई है। बाढ़ और लैंडस्लाइड की घटनाओं में अब तक राज्य में 7 लोगों की मौत हो चुकी है और 29 लोग घायल हुए हैं। इधर, असम में बाढ़ का पानी 6 जिलों में फैल गया है, जिससे 12 रेवेन्यू सर्कल और 99 गांव प्रभावित हुए हैं। कुल 37,032 लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ का सबसे ज्यादा प्रभावित लखीमपुर जिला है। यहां 35,696 लोग प्रभावित हैं। सैटेलाइट इमेज में देखें देश में मानसून की स्थिति… पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा में भारी बारिश की आशंका… मौसम विभाग ने ओडिशा के कई इलाकों में रथ यात्रा के दौरान भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इनमें पुरी भी शामिल है। यह चेतावनी बंगाल की खाड़ी में बनने वाले कम दबाव के क्षेत्र के कारण जारी की गई है। अगले 24 घंटों के दौरान बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिमी बांग्लादेश के तटों पर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। मौसम में हो रहे इस बदलाव के कारण बुधवार से शुक्रवार सुबह तक पुरी में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। देशभर में मौसम कैसा रहेगा, देखें अलर्ट… बारिश रुकने से बढ़ी गर्मी, देखें मैप… मौसम से जुड़ी तस्वीरें… देशभर के मौसम के हाल के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

चन्नी के दबाव में क्यों नहीं आ रहा कांग्रेस हाईकमान:पंजाब CM बनाया, 2 सीटों से चुनाव लड़ाया; पार्टी 18 सीट पर सिमटी तो विदेश चले गए

पंजाब के पूर्व CM चरणजीत चन्नी कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल के आगे 3 सांसद, 9 MLA और चुनाव हारे-जीते 92 नेताओं की परेड करा चुके हैं। इसके बावजूद कांग्रेस हाईकमान उनके दबाव में नहीं आ रहा। बागी गुट की 3 मीटिंग के बाद अब चन्नी ने यूथ कांग्रेस के नेताओं को भी बुला लिया है। इसके बावजूद हाईकमान परवाह नहीं कर रहा। सबसे बड़ा सवाल है कि ऐसा क्यों? इसकी बड़ी वजह 2022 का चुनाव और उसके नतीजे के बाद का करीब 8 महीने का वक्त है, जब चन्नी की अगुआई में न केवल पार्टी बुरी तरह से पंजाब का विधानसभा चुनाव हारी, बल्कि खुद चन्नी भी 2 सीटों से हार गए। इसके बाद निराश संगठन को छोड़ वह अचानक विदेश चले गए और करीब 9 महीने वहीं डटे रहे। कांग्रेस हाईकमान से जुड़े सोर्सेज के मुताबिक, यही वजह है कि चन्नी के पक्ष में समर्थन के बावजूद कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग को हटाकर यह मैसेज नहीं देना चाहती कि वह सिर्फ मौके के हिसाब से तेवर दिखाने वालों को तरजीह देती है और मुश्किल वक्त में संगठन संभालने वालों को नजरअंदाज कर देती है। चुनाव से 8 महीने पहले हुई कलह मिटाने के लिए आज दिल्ली में राहुल गांधी व मल्लिकार्जुन खड़गे प्रभारी भूपेश बघेल से बात कर सकते हैं। वहीं, चन्नी जालंधर में यूथ कांग्रेस के नेताओं को बुलाकर फिर ताकत दिखाएंगे। जानिए, चन्नी पर भरोसा क्यों नहीं कर रहा हाईकमान वड़िंग पर क्यों भरोसा जता रहा हाईकमान 2022 में AAP ने 117 में से 92 सीटें जीतकर लैंडस्लाइड विक्ट्री हासिल की। मालवा की 69 में से 66 सीटें AAP ने जीती। राजा वड़िंग इकलौते ऐसे कांग्रेस उम्मीदवार थे, जिन्होंने गिद्दड़बाहा से जीत हासिल की। दूसरे कांग्रेसी संदीप जाखड़ थे, जिन्होंने अबोहर से चुनाव जीता। 5 साल सत्ता से बाहर देख उस वक्त कोई संगठन की कमान लेने को तैयार नहीं था, तब राजा वड़िंग तैयार हुए। करीब साढ़े 4 साल से वह संगठन चला रहे। इस दौरान किसी ने प्रधान पद पर दावेदारी नहीं ठोकी। अब चुनाव में करीब 8 महीने का टाइम बचा हुआ है तो सब वड़िंग की कुर्सी के पीछे पड़े हुए हैं। यही वजह है कि हाईकमान इस वक्त वड़िंग का साथ नहीं छोड़ना चाहता। बघेल की रिपोर्ट भी राजा वडिंग के फेवर में पंजाब प्रभारी ने छह दिन के पंजाब दौरे की जो रिपोर्ट हाईकमान को सौंपी है वो भी राजा वडिंग के फेवर में ही है। चन्नी गुट जहां राजा वडिंग को हटाने की मांग पर अड़ा रहा वहीं राजा वडिंग लगातार चरणजीत सिंह चन्नी व सुखजिंदर सिंह रंधावा को पार्टी का सीनियर नेता बताते रहे और कहते रहे कि जल्दी ही सभी एक मंच पर होंगे। इसके अलावा राजा वडिंग को 23 जिलों के जिला प्रधानों का समर्थन मिला। बघेल ने अपनी रिपोर्ट में ये सभी बातें लिखकर हाईकमान को दी हैं। राहुल गांधी से मीटिंग करेगा चन्नी खेमा चरणजीत सिंह चन्नी खेमा एक बार राहुल गांधी से मुलाकात करना चाहता है। दरअसल चन्नी खेमा राहुल गांधी के सामने अपना पक्ष रखना चाहता है। चन्नी खेमे को लगता है कि भूपेश बघेल ने राहुल गांधी के सामने एक तरफा रिपोर्ट पेश की होगी। इसलिए वो राहुल गांधी से मिलने की बात कर रहे हैं। चरणजीत सिंह चन्नी व सुखजिंदर सिंह रंधावा लगातार कांग्रेस के सीनियर नेताओं के संपर्क में हैं ताकि राहुल गांधी से मीटिंग फिक्स हो जाए। क्या कहते हैं पॉलिटिकल एक्सपर्ट… पॉलिटिकल एक्सपर्ट व सीनियर जर्नलिस्ट प्रमोद बातिश का कहना है कि चन्नी खेमे को भूपेश बघेल ने यहीं पर संकेत दे दिए थे कि हाईकमान में उनकी सुनवाई नहीं होगी। बघेल ने जब कहा कि हाईकमान अपना फैसला नहीं बदलेगा। बघेल ने भी राजा वडिंग को प्रधान बनाए रखने की बात हाईकमान के इशारे पर ही कही। जिससे साफ है कि हाईकमान चन्नी खेमे के दबाव में नहीं आएगा। राहुल गांधी चन्नी पर भरोसा करने से कतरा रहे हैं क्योंकि 2022 विधानसभा चुनाव में हार के बाद वो विदेश चले गए। मुश्किल में राजा वडिंग ने पार्टी को संभाला। राजा वडिंग शुरू से राहुल गांधी की गुड बुक में रहे हैं इसलिए वो इस बार राजा वडिंग को बदलने को बदलने से गुरेज करेंगे। पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रोफेसर डॉ केके रत्तू का कहना है कि कांग्रेस ने नो सीएम फेस कह दिया है। जिससे चन्नी खेमे को करारा झटका लगा है। उनका कहना है कि चन्नी गुट की डिमांड राजा वडिंग को हटाने की है और हाईकमान स्पष्ट कर चुका है कि प्रधान नहीं बदला जाएगा। जिससे साफ है कि चन्नी न तो प्रधान बनेंगे और न ही सीएम फेस होंगे। ऐसे में चन्नी या तो हाईकमान के सामने सरेंडर कर देंगे या फिर वो कोई बड़ा फैसला लेंगे। उनका कहना है कि चन्नी अच्छा आधार रखते हैं ऐसे में उनको दरकिनार करके कांग्रेस को भी नुकसान झेलना पड़ सकता है। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबरें भी पढ़ें… पंजाब कांग्रेस विवाद से हिमाचल में लटका कैबिनेट विस्तार:PAC मीटिंग स्थगित; इसमे होनी थी चर्चा, वेणुगोपाल नहीं आएंगे, राजनीतिक नियुक्तियां में देरी हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से चर्चा में चल रहा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कैबिनेट का विस्तार फिर लटक सकता है। कांग्रेस की ओर से 16 और 17 जुलाई को धर्मशाला में बुलाई गई पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) की बैठक स्थगित हो गई है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की उपलब्धता नहीं होने के कारण यह बैठक अभी नहीं हो पाएगी। पूरी खबर पढ़ें… ——————– राहुल गांधी ने पंजाब प्रभारी को दिल्ली तलब किया, बघेल के दावे का तोड़ निकालने में जुटे चन्नी, जालंधर में यूथ कांग्रेस की मीटिंग बुलाई पंजाब में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग कांग्रेस के प्रधान पद से इस्तीफा दे सकते हैं। दिल्ली में राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच हुई मीटिंग के बीच से सोर्सेज से ये खबर सामने आ रही है। इसी के साथ सूचना यह भी है कि पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल को भी राहुल गांधी ने तलब किया है। बघेल छत्तीसगढ़ से दिल्ली निकल चुके हैं, और इनकी बुधवार को राहुल गांधी के साथ मीटिंग हो सकती है। पढ़ें पूरी खबर…

सरकार ने फिर दोहराया- पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं:यह विदेश यात्रा के लिए जारी होने वाला डॉक्यूमेंट, 8% से भी कम भारतीयों के पास है

केंद्र सरकार ने एक बार फिर से कहा है कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को कहा कि पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के मुताबिक भारत सरकार देश से बाहर यात्रा के लिए भारतीय नागरिकों को पासपोर्ट जारी करता है। मंत्रालय ने कहा कि यह एक डॉक्यूमेंट है जो पूरी जांच और वेरिफिकेशन के बाद जारी किया जाता है। इसका संचालन पासपोर्ट अधिनियम, 1967 तथा पासपोर्ट नियम, 1980 के तहत होता है। जायसवाल ने बताया कि देश के 8% से भी कम नागरिकों के पास पासपोर्ट है। 24 जून: सरकार ने पहली बार कहा- पासपोर्ट नागरिकता का दस्तावेज नहीं 24 जून को पासपोर्ट सेवा दिवस पर विदेश मंत्रालय ने कहा था कि पासपोर्ट ट्रैवल डॉक्यूमेंट है, नागरिकता का प्रमाण नहीं। यह बयान चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया में पासपोर्ट को नागरिकता के प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल किए जाने के सवाल पर दिया गया था। मंत्रालय ने 2013 के बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले का भी हवाला दिया था, जिसमें पासपोर्ट को नागरिकता का प्रमाण नहीं माना गया था। अधिकारियों ने यह भी बताया था कि पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत जनहित में जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार किसी गैर-भारतीय नागरिक को भी पासपोर्ट जारी कर सकती है। इसलिए पासपोर्ट को नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता। कांग्रेस ने पूछा- कौन सा दस्तावेज नागरिकता का सबूत विदेश मंत्रालय के इस बयान के बाद विपक्षी कांग्रेस ने सरकार की आलोचना की थी। पार्टी ने सवाल उठाया कि अगर पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो इसे किस आधार पर जारी किया जाता है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि पासपोर्ट नागरिकता का दस्तावेज नहीं है तो फिर कौन सा दस्तावेज नागरिकता का सबूत है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार उन लोगों की नागरिकता पर सवाल उठाने की जमीन तैयार कर रही है, जिनसे उसकी राजनीतिक असहमति है। नागरिकता का असली सबूत क्या है, 8 सवाल-जवाब से पूरे मामले को समझिए… 1. पासपोर्ट क्यो होता है? इसका क्या इस्तेमाल है? पासपोर्ट केंद्र सरकार द्वारा जारी किया गया एक अंतरराष्ट्रीय पहचान पत्र है, जिसका मुख्य इस्तेमाल भारत से बाहर किसी भी देश में यात्रा करने के लिए होता है। विदेश जाने के लिए जरूरी ‘वीजा’ इसी पर लगता है। दूसरे देश में रहने के दौरान यही आपकी पहचान, नाम और पते का सबसे बड़ा सरकारी सबूत बनता है। आसान शब्दों में कहें तो विदेश में कानूनी एंट्री करने और वहां किसी भी मुसीबत में फंसने पर भारत सरकार से मदद पाने के लिए पासपोर्ट ही सबसे जरूरी दस्तावेज है। 2. क्या पासपोर्ट राष्ट्रीयता की पहचान देता है? हां, पासपोर्ट राष्ट्रीय की पहचान देता है। राष्ट्रीयता बताती है कि आप किस देश से संबंध रखते हैं। जबकि नागरिकता बताती है कि उस देश में आपको कौन-कौन से कानूनी अधिकार मिले हैं। राष्ट्रीयता आपकी पहचान होती है। नागरिकता आपके अधिकार और जिम्मेदारियां तय करती है। 3. सरकार ने पासपोर्ट की संख्या को लेकर क्या कहा है? मंत्रालय ने बताया कि पिछले एक दशक में पासपोर्ट सेवा केंद्र और संबंधित सुविधाओं की संख्या 77 से बढ़कर 545 हो गई है। 2025 में शुरू हुए चिप आधारित ई-पासपोर्ट की अब तक 1.47 करोड़ प्रतियां जारी की जा चुकी हैं। आवेदन निपटाने का औसत समय घटकर 5-6 दिन रह गया है। 2019 के 16 देशों के मुकाबले अब 27 देश भारतीयों को वीजा-फ्री प्रवेश देते हैं। 4. क्या भारतीय नागरिकता साबित करने वाला कोई एक दस्तावेज है? नहीं। भारत कोई ऐसा एक दस्तावेज जारी नहीं करता है जो सभी नागरिकों के लिए नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जाए। नागरिकता इस बात पर तय होती है कि इसे कैसे हासिल किया गया और नागरिकता कानून के तहत कौन से रिकॉर्ड मौजूद हैं। 5. पहचान पत्र अपने आप नागरिकता साबित क्यों नहीं करते? आधार, वोटर आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेज खास कामों के लिए जारी किए जाते हैं, जैसे पहचान की जांच, चुनाव में रजिस्ट्रेशन या गाड़ी चलाने की अनुमति। इन्हें नागरिकता तय करने के लिए नहीं बनाया गया है, इसलिए इन्हें अपने आप में नागरिकता का पक्का सबूत नहीं माना जाता है। 6. विदेश मंत्रालय ने क्यों कहा कि पासपोर्ट नागरिकता का सबूत नहीं है? विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि पासपोर्ट मुख्य रूप से एक यात्रा दस्तावेज है, जो विदेश में धारक की राष्ट्रीयता को दर्शाता है। कानूनी रूप से नागरिकता ‘नागरिकता कानून’ के तहत तय होती है, जबकि पासपोर्ट ‘पासपोर्ट कानून’ के तहत जारी होता है और यह हर परिस्थिति में अपने आप में नागरिकता का अंतिम सबूत नहीं होता है। 7. क्या पासपोर्ट रद्द होने पर नागरिकता खत्म हो जाती है? नहीं। पासपोर्ट रद्द होने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति की भारतीय नागरिकता खत्म हो गई। पासपोर्ट कई कारणों से रद्द या निलंबित हो सकता है: 8. भारत में नागिरकों मिलने वाले प्रमुख दस्तवेज कौन से हैं? भारत में नागरिकता के मामले में 10 कागजात एक साथ देखे जा सकते हैं। इनमें आधार कार्ड, वोटर आईडी और पैन कार्ड शामिल हैं… सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- आधार पहचान का दस्तावेज, नागरिकता का नहीं बिहार में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़ी सुनवाई के दौरान 8 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं है, बल्कि यह पहचान का दस्तावेज है। हालांकि, अदालत ने चुनाव आयोग से कहा था कि SIR प्रक्रिया में आधार को पहचान के लिए एक वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाए। साथ ही स्पष्ट किया था कि जरूरत पड़ने पर चुनाव आयोग नागरिकता और पात्रता की पुष्टि के लिए अन्य दस्तावेज भी मांग सकता है। ——————————- ये खबर भी पढ़ें…. आधार कार्ड का इस्तेमाल सिर्फ पहचान के लिए हो: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र-राज्यों से जवाब मांगा सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों से उस याचिका पर जवाब मांगा जिसमें आरोप लगाया गया है कि आधार कार्ड का इस्तेमाल नागरिकता, मूल निवास और पते के सबूत के तौर पर गलत तरीके से किया जा रहा है। याचिका में मांग की गई है कि इसके इस्तेमाल को सिर्फ पहचान की पुष्टि (आइडेंटिटी वेरिफिकेशन) तक ही सीमित रखने के निर्देश दिए जाएं। पूरी खबर पढ़ें…

हाईकोर्ट ने कहा- दत्तक पुत्र भी अनुकंपा नियुक्ति का हकदार:पुलिस विभाग पर लगाया 1 लाख का जुर्माना; कहा- नियमों के तहत नियुक्ति देने पर करें फिर विचार

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने एक मामले में फैसला सुनाते हुए कहा- कानूनी तौर पर गोद लिया गया बेटा (दत्तक पुत्र) भी अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त करने का हकदार है। साथ ही कोर्ट ने बिना किसी ठोस कारण के याचिकाकर्ता के दावे को खारिज करने पर सरकार और पुलिस विभाग पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जस्टिस गणेशराम मीणा की अदालत ने यह आदेश टोंक निवासी अश्विनी गुर्जर की याचिका को मंजूर करते हुए दिया। कोर्ट ने सरकार को कहा- वह जुर्माना राशि 60 दिन में याचिकाकर्ता को भुगतान करें। अदालत ने माना कि पिता की मौत के बाद याचिकाकर्ता को संबंधित अधिकारियों के कारण कठिनाई झेलनी पड़ी। वहीं पुलिस विभाग ने प्रार्थी का दावा खारिज करने का कोई स्पष्ट कारण भी नहीं बताया। ऐसे में अधिकारियों पर जुर्माना लगाना उचित होगा। अनुकंपा नियुक्ति के दावे पर फिर से विचार करें याचिका में कहा गया था कि याचिकाकर्ता के पिता पुलिस विभाग में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर कार्यरत थे। नौकरी के दौरान 27 जनवरी 2022 को उनकी मृत्यु हो गई थी। याचिकाकर्ता मृतक का विधिक रूप से गोद लिया हुआ बेटा है। उसने पिता की जगह अनुकम्पा नियुक्ति के लिए आवेदन किया, लेकिन पुलिस विभाग ने 2 मार्च 2023 को बिना कोई ठोस कारण बताए उसका दावा खारिज कर दिया। इस पर हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि प्रार्थी के अनुकम्पा नियुक्ति दावे पर फिर से विचार करें। साथ ही यदि वह सभी जरूरी शर्तें पूरी करे तो उसे अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।

शौक के लिए कार-बाइक की चोरी, फरार आरोपी गिरफ्तार:सस्ते दामों पर बेच देता; टोंक, सवाईमाधोपुर, दौसा और जयपुर में ठिकाने बदलकर काटी फरारी

जयपुर में इनामी और शातिर वाहन चोर सोनू मीणा (32) को जवाहर नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी साल 2023 में ईको कार चोरी की वारदात के बाद से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर 15 जून को पुलिस मुख्यालय की ओर से दो हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। जवाहर नगर थाना प्रभारी सरला यादव ने बताया- वारदात अप्रैल 2023 को हुई थी। जवाहर नगर निवासी एक व्यक्ति ने अपनी मारुति सुजुकी ईको कार सेक्टर-4 स्थित पार्क के बाहर खड़ी की थी, जिसे बदमाश चोरी कर ले गए। इस संबंध में जवाहर नगर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान सामने आया कि वारदात में सोनू मीणा और उसका साथी विश्राम मीणा शामिल थे। विश्राम मीणा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि सोनू लगातार फरार चल रहा था। पुलिस के अनुसार- आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए टोंक, सवाई माधोपुर, दौसा और जयपुर में लगातार ठिकाने बदल रहा था। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने 13 जुलाई को उसे गिरफ्तार कर लिया। चोरी के वाहन बेचकर उड़ाता था रकम पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया- वह साथी के साथ रात के समय मकानों के बाहर खड़ी मोटरसाइकिल और ईको कार चोरी करता था। चोरी के वाहनों को धौलपुर और अजमेर-ब्यावर क्षेत्र में अज्ञात लोगों को बेच देता था और उससे मिली रकम अपने शौक पूरे करने में खर्च करता था। पुलिस के अनुसार- सोनू मीणा के खिलाफ जयपुर के श्याम नगर, आदर्श नगर, ट्रांसपोर्ट नगर सहित अन्य थानों में वाहन चोरी, लूट, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं के कई मामले दर्ज हैं। आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर उसके गिरोह से जुड़े अन्य अपराधों और चोरी के वाहनों की बरामदगी के संबंध में जांच कर रही है।

बार काउंसिल चुनाव: भीलवाड़ा के एडवोकेट नीरज गुर्जर बने मेंबर:कहा- यह व्यक्तिगत जीत नहीं, अधिवक्ता समुदाय के विश्वास की जीत

बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के 23 सदस्यों के निर्वाचन के लिए करीब दो महीने से जारी मतगणना के बीच पहली जीत हो गई है। भीलवाड़ा के अधिवक्ता नीरज गुर्जर निर्वाचन के लिए निर्धारित मतों की संख्या प्राप्त करने वाले पहले प्रत्याशी बने हैं। साथ ही उनका निर्वाचन घोषित हो गया है, जबकि अन्य प्रत्याशियों के लिए मतगणना और मतों के स्थानांतरण की प्रक्रिया जारी है। निर्वाचन अधिकारी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता सचिन आचार्य ने बताया- प्रथम वरीयता मतों की गणना के बाद प्रत्येक प्रत्याशी के निर्वाचन के लिए 2614.21 मतों की निर्धारित संख्या तय की गई थी। नीरज गुर्जर ने यह आंकड़ा हासिल कर सबसे पहले जीत दर्ज की है। अब शेष प्रत्याशियों के मतों का स्थानांतरण और गणना जारी रहेगी तथा निर्धारित मतों की संख्या प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों का निर्वाचन क्रमवार घोषित किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद आधिकारिक गजट अधिसूचना जारी की जाएगी। नीरज गुर्जर का निर्वाचन होते ही उनके समर्थकों और अधिवक्ताओं में खुशी का माहौल बन गया। समर्थक उनके निवास पहुंचे और मिठाई खिलाकर बधाई दी। गुर्जर ने कहा- यह उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि पूरे अधिवक्ता समुदाय के विश्वास की जीत है। उन्होंने बताया- वर्ष 2013 से वे राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर में वकालत कर रहे हैं और बार काउंसिल में अधिवक्ताओं के हितों, कल्याण और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।

सेना के लेफ्टिनेंट के मकान में लाखों की ज्वेलरी चोरी:परिवार समेत छुट्टी पर महाराष्ट्र गए हुए थे आर्मी ऑफिसर, स्टाफ ने फोन कर बताया

जोधपुर शहर के महामंदिर थाना इलाके में एक बड़ी चोरी की वारदात सामने आई है। रसाला रोड स्थित सेना के जेएसआई एन्क्लेव में एक सरकारी आवास का ताला तोड़कर चोरों ने लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवर, हीरे और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित आर्मी अफसर सेना की 12 कोर डेंटल यूनिट में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर कार्यरत हैं और वारदात के समय सपरिवार छुट्टी पर महाराष्ट्र गए हुए थे। वापस लौटने पर पीड़ित ने महामंदिर थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(a) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। छुट्टी पर गया था परिवार, स्टाफ ने फोन कर दी सूचना लेफ्टिनेंट कर्नल आठवले रवि प्रकाश ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि वे रसाला रोड स्थित जेएसआई एन्क्लेव के क्वार्टर नंबर 164/3 में रहते हैं। वे 26 जून को परिवार सहित अपने पैतृक गांव जलगांव (महाराष्ट्र) छुट्टी पर गए थे। 11 जुलाई की सुबह करीब 9:51 बजे उनकी यूनिट के स्टाफ नायक मनीष ने उन्हें फोन कर बताया कि उनके सरकारी आवास का ताला टूटा हुआ है और दरवाजा खुला है। अंदर जाकर देखा तो सभी कमरों का सामान बिखरा पड़ा था। स्टाफ ने जब व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल कर घर के हालात दिखाए, तो चोरी की पुष्टि हो गई। सूचना मिलने पर लेफ्टिनेंट कर्नल तुरंत जोधपुर के लिए रवाना हुए और 12 जुलाई को दोपहर में यहां पहुंचे। इसके बाद महामंदिर थाना पुलिस और सेना की पुलिस टीम के साथ उन्होंने अपने आवास का मुआयना किया। चोर घर से भारी मात्रा में कीमती आभूषण और नकदी समेट ले गए थे। चोर करीब 219.12 ग्राम सोना चुराकर ले गए। जिसमें मंगलसूत्र, सुदर्शन माला, 3 जोड़ी चूड़ियां, ब्रेसलेट, चेन, पेंडेंट और बच्चियों के जेवर शामिल हैं। इसके अलावा 4.695 ग्राम के हीरे के दो इयररिंग्स, 28 ग्राम चांदी के पायल और बिछिया सहित 53,000 रुपए नगद चुराकर ले गए। आसपास के खंगाले जा रहे सीसीटीवी फुटेज महामंदिर थाना अधिकारी देवेंद्र सिंह देवड़ा ने बताया कि सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल के आवास में चोरी का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर आस पास की जगहों के CCTV खंगाले जा रहे हैं।