शिक्षकों के तबादलों पर बीएपी का अल्टीमेटम:कहा- आदेश रद्द नहीं हुए तो स्कूलों पर लगेंगे ताले
डूंगरपुर जिले में भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) ने अनुसूचित क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों के तबादलों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक द्वेष और मनमाने तरीके से हुए तबादलों से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बीएपी ने तबादला आदेश तत्काल रद्द कर शिक्षकों को यथावत रखने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं होने पर सड़क से लेकर स्कूलों तक आंदोलन किया जाएगा और स्कूलों पर ताले लगाए जाएंगे। राजनीतिक द्वेष में तबादलों का आरोप बीएपी जिलाध्यक्ष अनुतोष रोत ने कहा कि सरकार ने बिना पर्याप्त कारणों के शिक्षकों के स्थानांतरण किए हैं। विशेष रूप से अनुसूचित क्षेत्र के विद्यालयों में हुए तबादलों को उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने वाला कदम बताया। उनका कहना है कि इससे कई स्कूलों में पढ़ाई का माहौल प्रभावित हुआ है और छात्रों के भविष्य पर असर पड़ रहा है। महिला और दिव्यांग शिक्षकों की परेशानियां बढ़ीं रोत ने आरोप लगाया कि महिला और दिव्यांग शिक्षकों के भी तबादले किए गए हैं, जिससे उन्हें अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इन निर्णयों के विरोध में छात्र और अभिभावक भी सड़कों पर उतर आए हैं। सरकार को मनमाने तबादलों के बजाय शिकायतों के समाधान और छात्रों के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। आंदोलन की चेतावनी, सरकार को अल्टीमेटम बीएपी ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तबादला आदेश जल्द वापस नहीं लिए गए और शिक्षकों को पूर्ववत नहीं रखा गया तो पार्टी सड़क से लेकर स्कूलों तक व्यापक आंदोलन करेगी। रोत ने कहा कि समय रहते फैसला नहीं लिया गया तो स्कूलों पर ताले लगाए जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। स्कूल भवनों की सुरक्षा पर भी उठाए सवाल बीएपी के सामान्य वर्ग प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय सिंह चुण्डावत ने झालावाड़ हादसे का उल्लेख करते हुए कहा कि विद्यालयों की मरम्मत और सुरक्षा के लिए करोड़ों रुपए का बजट स्वीकृत होने के बावजूद जमीनी स्तर पर अपेक्षित कार्य नहीं हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल लीपापोती कर बजट खर्च दिखाया गया। बारिश के मौसम को देखते हुए उन्होंने सरकार से स्कूल भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की। इस दौरान राष्ट्रीय सदस्य दिनेश रोत, अरविंद रोत सहित पार्टी के अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

