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कोटा के बॉयज हॉस्टल में घुसा मगरमच्छ, VIDEO:मेस में खाना बना रहे कर्मचारी जान बचाकर भागे; स्टूडेंट्स में दहशत फैल गई

कोटा के बोरखेड़ा इलाके में शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे कोरल पार्क के एक बॉयज हॉस्टल में मगरमच्छ घुस गया। हॉस्टल के मेस में खाना बना रहा कुक डरकर भाग गया। वहीं पूरे हॉस्टल में दहशत मच गई। हॉस्टल कर्मचारियों के अनुसार शुक्रवार दोपहर जब करीब चार फीट लंबा मगरमच्छ हॉस्टल की बेसमेंट स्थित मेस में घुस आया। मेस में खाना बना रहे कुक और कर्मचारियों ने जैसे ही मगरमच्छ को देखा, वे जान बचाकर बाहर भाग निकले। घटना से हॉस्टल में रहने वाले कोचिंग छात्रों में भी दहशत फैल गई। मगरमच्छ की एंट्री सीसीटीवी में कैद मगरमच्छ की पूरी एंट्री मेस में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि मगरमच्छ सीढ़ियों से होते हुए धीरे-धीरे मेस के अंदर पहुंच गया। मगरमच्छ को देखकर वहां मौजूद लोग घबरा गए और कुछ ही समय में पूरे हॉस्टल में हड़कंप मच गया। पकड़ने की कोशिश पर घबरा गया मगरमच्छ घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में छात्र मौके पर इकट्ठा हो गए। कुछ छात्रों ने खुद ही मगरमच्छ को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन इससे मगरमच्छ और घबरा गया और मेस के भीतर इधर-उधर भागने लगा। इससे काफी देर तक हॉस्टल परिसर में तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। नाले से निकलकर हॉस्टल में घुसा बताया जा रहा है कि हॉस्टल के पास से एक बड़ा नाला गुजरता है। आशंका है कि मगरमच्छ उसी नाले से निकलकर हॉस्टल में पहुंच गया। हॉस्टल प्रशासन ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना पर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू किया। वनकर्मी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया और बाद में उसे चंबल नदी में छोड़ दिया। घटना के बाद छात्रों और हॉस्टल स्टाफ ने राहत की सांस ली।

पीवी सिंधु जापान ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में:चीन की यूफेई को 7 साल बाद हराया, यामागुची-वारदानी की विजेता से मैच

भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु ने जापान ओपन सुपर 750 में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली है। सिंधु ने सेमीफाइनल में चीन की वर्ल्ड नंबर-4 चेन यूफेई को हराया। सिंधु सेमीफाइनल में 21-19, 15-10 से आगे थीं, तभी चेन यूफेई हैमस्ट्रिंग में परेशानी के कारण मैच से हट गईं। इसी के साथ सिंधु ने लगातार 5 हार के सिलसिले को तोड़ा। सिंधु 7 साल के बाद चीनी खिलाड़ी को हराने में कामयाब हुई हैं। उन्हें यूफेई पर पिछली जीत 2019 में वर्ल्ड चैंपियनशिप के दौरान मिली थी। 2 साल बाद वर्ल्ड टूर इवेंट का फाइनल खेलेंगी सिंधु अब बीडब्ल्यूएफ टूर पर करीब दो साल बाद किसी बड़े टूर्नामेंट का फाइनल खेलेंगी। इससे पहले उन्होंने 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल का खिताब जीता था। फाइनल में सिंधु का सामना जापान की अकाने यामागुची और इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वारदानी के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल की विजेता से होगा। सिंधु अब इस सीजन का अपना पहला और बीडब्ल्यूएफ सुपर 750 लेवल का लंबे समय बाद पहला खिताब जीतने से सिर्फ एक जीत दूर हैं। क्वार्टर फाइनल में ओकुहारा ने वॉकओवर दिया सिंधु को क्वार्टर फाइनल में पूर्व वर्ल्ड चैंपियन नोआमी ओकुहारा ने वॉकओवर दे दिया था। इससे पहले वे चीन की हान यू को हराकर क्वार्टर फाइनल में पहुंची थीं। उन्होंने दूसरे दौर के मुकाबले को महज 35 मिनट में 21-16, 21-14 से जीत लिया। ————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़िए… सिंधु को ओकुहारा ने वॉकओवर दिया, जापान ओपन के सेमीफाइनल में पहुंची भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु जापान ओपन सुपर-750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंच गईं। उन्हें क्वार्टर फाइनल में पूर्व वर्ल्ड चैंपियन नोआमी ओकुहारा ने वॉकओवर दे दिया। पढ़ें पूरी खबर

पीवी सिंधु पहली बार जापान ओपन के फाइनल में:चीन की यूफेई को 7 साल बाद हराया, यामागुची से होगा खिताबी मुकाबला

भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु ने जापान ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली है। उनका सामना जापान की अकाने यामागुची से होगा। सिंधु ने सेमीफाइनल में चीन की वर्ल्ड नंबर-4 चेन यूफेई को हराया। सिंधु सेमीफाइनल में 21-19, 15-10 से आगे थीं, तभी चेन यूफेई हैमस्ट्रिंग में परेशानी के कारण मैच से हट गईं। इसी के साथ सिंधु ने लगातार 5 हार के सिलसिले को तोड़ दिया। सिंधु 7 साल के बाद चीनी खिलाड़ी को हराने में कामयाब हुई हैं। उन्हें यूफेई पर पिछली जीत 2019 में वर्ल्ड चैंपियनशिप के दौरान मिली थी। 2 साल बाद वर्ल्ड टूर इवेंट का फाइनल खेलेंगी सिंधु करीब 2 साल बाद BWF वर्ल्ड टूर के किसी बड़े टूर्नामेंट का फाइनल खेलेंगी। इससे पहले उन्होंने 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल का खिताब जीता था। वे अब इस सीजन में अपना पहला और बीडब्ल्यूएफ सुपर 750 लेवल का लंबे समय बाद पहला खिताब जीतने से सिर्फ एक जीत दूर हैं। क्वार्टर फाइनल में ओकुहारा ने वॉकओवर दिया सिंधु को क्वार्टर फाइनल में पूर्व वर्ल्ड चैंपियन नोआमी ओकुहारा ने वॉकओवर दे दिया था। इससे पहले वे चीन की हान यू को हराकर क्वार्टर फाइनल में पहुंची थीं। उन्होंने दूसरे दौर के मुकाबले को महज 35 मिनट में 21-16, 21-14 से जीत लिया। ————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़िए… सिंधु को ओकुहारा ने वॉकओवर दिया, जापान ओपन के सेमीफाइनल में पहुंची भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु जापान ओपन सुपर-750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंच गईं। उन्हें क्वार्टर फाइनल में पूर्व वर्ल्ड चैंपियन नोआमी ओकुहारा ने वॉकओवर दे दिया। पढ़ें पूरी खबर

'पिता ने कहा- मेरा सपना है तू डॉक्टर बने':जोधपुर की नेशनल प्लेयर ने 10 दिन में NEET समेत 3 एग्जाम क्लियर किए

खेल के मैदान में मेडल जीतने वाली जोधपुर की डिंपल खींची ने NEET-UG 2026 में सफलता हासिल की है। रोप स्कीपिंग की नेशनल प्लेयर रही डिंपल की 5 हजार 609 रैंक आई है। डिंपल ने 10 दिन में 3 एग्जाम क्रैक किए हैं। वह 3 साल से किसी भी सामाजिक कार्यक्रम या फंक्शन में नहीं गईं। रिजल्ट आने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। डिंपल के पिता ने कहा- ‘मेरी बेटी ने मेरा सपना पूरा किया है।’ वहीं नीट पेपर रद्द होने के बाद 21 जून री-नीट की परीक्षा हुई थी। टीचर्स का कहना है कि पेपर लीक की खबर सुनने के बाद कुछ स्टूडेंट्स डिप्रेशन में आ गए थे। बच्चों को डिप्रेशन से निकालने के लिए टीचर्स ने घर-घर जाकर समझाया था। यहां तक कि एग्जाम सेंटर तक उन्हें छोड़ने गए थे। अब स्टूडेंट अपने अच्छे रिजल्ट से खुश हैं। 10 दिन में तीन एग्जाम ​क्लियर किए डिंपल खींची जोधपुर के बनाड स्थित नांदड़ी के फाटा इलाके में रहती हैं। डिंपल के पिता कुंदल सिंह खींची का कोरियर का बिजनेस है। डिंपल ने बताया – मेरी शुरुआती पढ़ाई नवोदय से हुई। इसके बाद 11वीं और 12वीं जोधपुर से की। मैं रोप स्कीपिंग की नेशनल प्लेयर रह चुकी हूं। 2019 में हुए नेशनल टूर्नामेंट में सिल्वर मेडल हासिल किया था। इसके साथ ही क्लस्टर पर गोल्ड और रिजनल पर सिल्वर मेडल हासिल कर चुकी हूं। पिता ने कहा- मेरा सपना अधूरा, तीन साल से कहीं नहीं गई मां अनिता कंवर ने बताया कि डिंपल के पिता चाहते थे कि बेटी अपने परिवार का नाम रोशन करे। एक दिन उसे, उसके पिता ने कहा कि मेरा सपना है कि तू डॉक्टर बने। तब डिंपल ने कहा- मैं इसे जरूर पूरा करूंगी। डिंपल ने पिछले 10 दिनों में 3 एग्जाम क्रैक कर चुकी है। हाल में एम्स नर्सिंग एग्जाम में डिंपल की ऑल इंडिया 379 रैंक थी। इसके अलावा आरयूएचएस नर्सिंग एग्जाम भी क्लियर किया और यहां 85 प्रतिशत नंबर हासिल किए। जब पिता को पता चला तो, कहा- मेरा सपना अब भी अधूरा है। गुरुवार, 16 जुलाई को नीट का रिजल्ट आया, तब डिंपल के पिता ऑफिस से घर आए ही थे। बेटी के सिलेक्शन पर वे भावुक हो गए। बोले- ‘अब मेरी बेटी ने मेरा सपना पूरा किया है।’ टीचर बोले- नीट पेपर लीक के बाद बच्चे डिप्रेशन में थे NEET-UG 2026 क्रैक करने वालों में कुछ स्टूडेंट वे भी हैं, जो पेपरलीक की खबरों के बाद डिप्रेशन में आ गए थे। ऐसे में टीचर्स के सामने बच्चों को दोबारा तैयारी करवाना सबसे बड़ा चैलेंज था। साइंस फैकल्टी के डॉ. अन्नाराम पटेल ने बताया- बच्चों को डिप्रेशन से निकालना बहुत जरूरी था। इसके लिए हम बच्चों के घर तक गए। वहां उनके साथ उनके पेरेंट्स को समझाया कि उन्हें एक चांस और मिला है। यदि नंबर कम आए तो दूसरा मौका है कि कैसे इसे सुधार सकते हैं। इसके बाद इन बच्चों को लगातार कोचिंग दी गई। बच्चों को ऐसा न लगे कि वे अकेले हैं तो एग्जाम के दिन भी उन्हें सेंटर तक छोड़ने गए थे। — ये खबर भी पढ़िए- दो भाइयों ने एक साथ क्लियर किया NEET:जयपुर के उपलक्ष्य की तीसरी रैंक, बोले- खुद को रिफ्रेश करने के लिए कॉमेडी शो देखता था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार रात NEET-UG 2026 का रिजल्ट जारी किया। जयपुर के उपलक्ष्य गोयल ने देशभर में तीसरी रैंक और अलवर के गौरव सिंह ने 9वीं रैंक हासिल की। (पढ़िए पूरी खबर)

वर्ल्डकप फाइनल से पहले न्यूयॉर्क के आसमान पर खतरनाक धुंआ:कनाडा के जंगलों की आग का असर, प्लेयर्स-फैंस की हेल्थ बड़ी चिंता

फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल से पहले कनाडा में लगी जंगलों की आग का धुआं न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी एरिया तक पहुंच गया है। रविवार को अर्जेंटीना और स्पेन के बीच होने वाले फाइनल मुकाबले पर इसका असर पड़ेगा या नहीं, इसे लेकर अभी भी अनिश्चितता की स्थिति है। लेकिन, प्लेयर्स और फैंस की हेल्थ फीफा की बड़ी चिंता है। हालांकि, मौसम एजेंसियों ने मैच के दिन वायु गुणवत्ता में सुधार की संभावना जताई है। फाइनल देखने के लिए 80 हजार फैंस आएंगे। WHO ने कहा- एयर क्वालिटी में सुधार होगा वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के पूर्वानुमान के अनुसार, न्यू जर्सी के ईस्ट रदरफोर्ड की एयर क्वालिटी रविवार तक ‘मॉडरेट’ में आ सकती है। हालांकि, कुछ मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि शनिवार को होने वाली बारिश के बाद धुएं का नया गुबार क्षेत्र में पहुंच सकता है, जिससे स्थिति फिर बदल सकती है। कोपरनिकस एटमॉस्फियर मॉनिटरिंग सर्विस के वरिष्ठ वैज्ञानिक मार्क पैरिंगटन ने कहा कि आग की तीव्रता बढ़ने पर अधिक धुआं वातावरण में पहुंच सकता है, जिसका असर रविवार तक देखने को मिल सकता है। स्पेन ने खतरनाक हवा में ट्रेनिंग की स्पेन की टीम ने गुरुवार को न्यू जर्सी के ईस्ट हैनोवर में खराब वायु गुणवत्ता के बीच खुले मैदान में अभ्यास किया। इस फैसले पर कई विशेषज्ञों ने सवाल उठाए और कहा कि टीम को इंडोर अभ्यास करना चाहिए था। हालांकि, शुक्रवार को हवा की गुणवत्ता में कुछ सुधार दर्ज किया गया। स्पेन के मिडफील्डर मिकेल मेरिनो ने कहा, ‘वर्ल्ड कप फाइनल जैसे बड़े मैच में बाहरी परिस्थितियों को दिमाग से निकालना जरूरी है। हम हर पहलू पर ध्यान दे रहे हैं और आयोजकों व महासंघ की ओर से पूरी सावधानी बरती जा रही है।’ हेल्थ एक्सपर्ट्स ने कहा- श्वसन तंत्र पर असर डाल सकता है डॉक्टर्स का कहना है कि जंगलों की आग का धुआं श्वसन तंत्र और हृदय पर असर डाल सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, सैन डिएगो की प्रोफेसर डॉ. चैंटल डार्केन ने कहा कि मध्यम स्तर की वायु प्रदूषण की स्थिति में भी तेज शारीरिक गतिविधि करने वाले खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है। 80 हजार दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में होने वाले फाइनल को देखने करीब 80 हजार दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है। इसी बीच व्हाइट हाउस भी हालात पर नजर बनाए हुए है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम और फीफा अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर चर्चा हुई है। —————————————————– फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर पढ़िए… अर्जेंटीना-स्पेन को फाइनल में पहुंचाने वाले 10 गेमचेंजर 102 मैच, 31 दिन और 46 टीमों के बाद फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 को दो फाइनलिस्ट मिल गए हैं। डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार खिताबी मुकाबले में पहुंचा है, जबकि स्पेन 16 साल बाद फाइनल खेलेगा। दोनों टीमें 19 जुलाई की रात 12:30 बजे ट्रॉफी के लिए आमने-सामने होंगी। पढ़ें पूरी खबर

नागौर के तिलानेस में मॉर्निंग वॉक पर निकले मुख्यमंत्री:खेत में जाकर की निराई, खाट पर बैठकर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा नागौर के दो दिवसीय दौरे पर रहे। इस दौरान सीएम शनिवार को डेगाना के तिलानेस गांव में मॉर्निंग वॉक पर निकले। सुबह उन्होंने खेतों का दौरा कर मूंग की फसल देखी और महिलाओं के साथ खेत में फसल की निराई की। इसके बाद सीएम ने गांव का पैदल भ्रमण किया। शहीद मोडाराम राजकीय प्राथमिक संस्कृत स्कूल के बाहर आयोजित चौपाल में उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। जबकि इससे पहले शुक्रवार रात हुई ग्राम विकास चौपाल में सीएम ने युवाओं, किसानों और पशुपालकों से भी संवाद किया था। खेत में महिलाओं संग किया श्रमदान सुबह मुख्यमंत्री गांव के खेतों में पहुंचे, जहां उन्होंने मूंग की फसल का अवलोकन किया। किसान महिलाओं से बातचीत करते हुए उन्होंने समय पर निराई करने और वैज्ञानिक पद्धति से खेती अपनाने की सलाह दी। इस दौरान मुख्यमंत्री स्वयं भी खेत में उतरे और किसानों के साथ कृषि कार्य का अनुभव साझा किया। गांव में मॉर्निंग वॉक खेत भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री ने पैदल ही गांव का भ्रमण किया। इस दौरान सीएम ने कई जगह रुककर लोगों से बातचीत की। उन्होंने बुजुर्गों से भी वार्ता की और उनसे केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की बात कही। इस दौरानजगह-जगह मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए इंतजार करते नजर आए। मुख्यमंत्री ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण किया और ग्रामीणों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया। सीएम बोले- हर गांव में ऐसे रामलाल मिलते हैं इसके बाद तिलानेस गांव की शहीद मोडाराम राजकीय प्राथमिक संस्कृत स्कूल के बाहर आयोजित चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। चौपाल के दौरान ग्रामीण रामलाल ने गांव के विकास से जुड़ी विभिन्न मांगें मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। इस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा- हर गांव में ऐसे रामलाल मिलते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से कहा- ऐसी बातें मत कहो, जो केवल औपचारिक हों। गांव की वास्तविक जरूरतों और जनहित से जुड़े कार्यों की मांग रखो, सरकार उन पर गंभीरता से काम करेगी। ग्रामीणों ने रखी पेयजल-सड़क की मांग चौपाल में ग्रामीणों ने तिलानेस ग्राम पंचायत के किसानों के लिए खेतों में टांकों का निर्माण कराने, ढाणियों तक जल जीवन मिशन के तहत पेयजल पहुंचाने, किसानों को खेतों तक पहुंचने के लिए रास्ते उपलब्ध कराने, राजकीय संस्कृत विद्यालय को क्रमोन्नत करने, रामसरी-तिलानेस सड़क निर्माण तथा गांव के तालाब के विस्तार की मांग मुख्यमंत्री के सामने रखी। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य गांवों का समग्र विकास और किसानों की आय बढ़ाना है। इसके लिए सिंचाई, पेयजल, सड़क, शिक्षा और कृषि जैसे बुनियादी क्षेत्रों में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने और विकास कार्यों में जनभागीदारी सुनिश्चित करने की अपील भी की। इस मौके पर जिला प्रभारी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी, डेगाना विधायक अजय सिंह किलक, मेड़ता विधायक लक्ष्मण कलरू, पूर्व सरपंच रामनिवास खटखड़, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष मदन गोरा, मंडल अध्यक्ष विनय भूकर, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष शंकर गोरा, देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना, पूर्व संगठन महामंत्री जगवीर छाबा, माधोराम चौधरी, बुद्धाराम गरवा सहित जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
6 माह में दिन में कृषि बिजली देने का वादा
इससे एक दिन पहले शुक्रवार रात 8 से 10 बजे तक तिलानेस में ही ग्राम विकास चौपाल का दूसरा सत्र चला था, जिसमें मुख्यमंत्री ने कृषि, सिंचाई, बिजली, रोजगार और पशुपालन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की थी। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना की जानकारी दी और भरोसा दिलाया कि अगले छह माह में नागौर जिले के किसानों को दिन के समय कृषि बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। एक किसान महिला की अपील पर मुख्यमंत्री ने कहा था कि नागौर में अश्वगंधा की खेती को बढ़ावा मिलने पर सरकार अश्वगंधा मंडी स्थापित करने पर भी विचार करेगी।

जोधपुर में फिर 5 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी:तीन ICU में; 1 वेंटिलेटर पर, उम्मेद हॉस्पिटल का दावा-सभी रेफर होकर आईं

जोधपुर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद फिर प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आय है। पिछले दो दिन में 5 प्रसूताओं की ​तबीयत बिगड़ी है। इन सभी का इलाज उम्मेद हॉस्पिटल में चल रहा है। उम्मेद हॉस्पिटल के सुप्रीडेंट डॉ. मोहन मकवाना ने बताया कि प्रसूताएं अलग-अलग सेंटर से रेफर हुई थीं। एक को वेंटिलेटर पर रखना पड़ा था। बाकी की हालत में सुधार है। वैसे मेडिसिन सभी को एक जैसी दी जा रही है। ऐसे में मेडिसिन को लेकर कोई संशय नहीं है। फिर भी डायरेक्शन मिले तो जांच करवा दी जाएगी। डिलीवरी के दौरान ज्यादा ब्लड लॉस हुआ डॉ. मोहन मकवाना ने बताया कि इन पांचों प्रसूताओं की डिलीवरी के बाद ब्लड लॉस ज्यादा हो गया था। इसकी वजह से इनकी तबीयत बिगड़ी और हायर सेंटर रेफर किया गया। इनमें से चार को आईसीयू में एडमिट किया गया था। इनमें से एक वेंटिलेटर पर है। जबकि तीन अब भी आईसीयू में एडमिट हैं। एक प्रसूता सामान्य वार्ड में एडमिट है। पांच प्रसूताएं अलग-अलग सेंटर से हुईं रेफर एक महीने में 13 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी पिछले एक महीने में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 13 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। इससे पहले 20 जून को भी पावटा के डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद इनमें से 2 को पहले मथुरादास माथुर हॉस्पिटल और फिर एम्स में रेफर किया गया था। जबकि 6 प्रसूताओं का इलाज पावटा के ही डिस्ट्रीक्ट हॉस्पिटल में चला था। हालांकि इसके बाद इनकी तबीयत में सुधार हुआ और फिर सभी को छुट्टी दे दी गई थी। इस मामले में हुई ओटी, दवाई और प्रसूताओं की सभी जांच सामान्य आई थी। गलत खून चढ़ाने से बिगड़ी थी प्रसूता की तबीयत इससे पहले उम्मेद हॉस्पिटल में ही धापू नाम की एक प्रसूता को गलत खून चढ़ाने का मामला सामने आया था। इस मामले को भी अस्पताल प्रशासन ने दबाए रखा। धापू की 11 जुलाई को नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। लेकिन, खून की कमी के चलते उसे बावड़ी से उम्मेद हॉस्पिटल रेफर किया गया था। यहां उसे 11 जुलाई को ओ पॉजिटिव खून चढ़ाया गया। लेकिन, एक नाम की दो प्रसूता होने से गफलत हो गई थी, जिससे उसे ओ पॉजिटिव की जगह बी पॉजिटिव ग्रुप का खून चढ़ा दिया गया था। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और यूरिन बंद हो गया था। किडनी में इन्फेक्शन हो गया और उसे 13 जुलाई को महात्मा गांधी हॉस्पिटल रेफर किया गया। जहां उसका डायलिसिस चल रहा है और अभी वह आईसीयू में एडमिट है। जांच कमेटी की रिपोर्ट में लापरवाही आई सामने इस मामले को लेकर शुक्रवार को ही जांच कमेटी ने मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा को रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें बताया गया कि बिना क्रॉस चेक किए प्रसूता को गलत खून चढ़ाया गया था। साथ में ये भी बताया गया कि इसमें रेजिडेंट डॉक्टर्स से लेकर लैब टेक्नीशियन और नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही थी। इसे लेकर अब नोटिस देने की तैयारी की जा रही है। …. ये खबर भी पढ़िए… 1. गलत ब्लड से यूरिन बंद हुआ,प्रसूता की किडनी में इन्फेक्शन:उम्मेद हॉस्पिटल में O+ की जगह B+ ब्लड चढ़ाया; परिजन बोले-खून चढ़ाते ही कंपकपी छूटने लगी जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में एक प्रसूता को गलत ब्लड चढ़ाने का मामला सामने आया है। जोधपुर जिले के डावरा बावड़ी निवासी धापू भील (24) को सामान्य प्रसव के बाद एनीमिया व अन्य कारणों से उम्मेद अस्पताल रेफर किया गया था। (पढ़िए पूरी खबर) 2. भीलवाड़ा MGH से रेफर प्रसूता की उदयपुर में मौत:परिजन बोले- ऑपरेशन के समय पेट में गंदा पानी रहने से संक्रमण फैला, लापरवाही बरती भीलवाड़ा से गंभीर हालत में उदयपुर रेफर की गई 19 साल की ज्योति कुमारी की 13 जुलाई को उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पूरी खबर पढ़िए…

पत्नी ने स्कूल मालिक पति को सांप से डसवाकर मारा:आधी रात बिस्तर पर सांप छोड़ा, लव-मैरिज की थी; मेरठ में शादीशुदा वैन ड्राइवर से अफेयर था

मेरठ में स्कूल संचालक पति को पत्नी ने सांप से डसवाकर मरवा दिया। उसने शादीशुदा वैन ड्राइवर प्रेमी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। दामिनी ने पहले पति अतुल कुमार (32) को दूध में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दी। फिर रात 2 बजे प्रेमी और सपेरों को बुलाकर बिस्तर पर करैत सांप छोड़ दिया। यह देश के 4 सबसे जहरीले सांपों में आता है। वारदात के बाद दामिनी ने प्रेमी तुषार पायला को वहां से भगा दिया और खुद दूसरे कमरे में सोने चली गई। दामिनी शुक्रवार सुबह 6 बजे कमरे में पहुंची और चीखने लगी। उसने परिजनों से कहा कि अतुल को सांप ने काट लिया है। कमरे में सांप मौजूद था और अतुल के पैर पर डसने के निशान भी थे। इसे देखकर परिजनों को लगा कि उनकी मौत सांप के डसने से हुई है। मामला तब पलटा, जब पूछताछ में पत्नी दामिनी (30) ने बताया कि उसे गर्मी लग रही थी, इसलिए वह बेटे के साथ कमरे से बाहर सोने चली गई थी। उसके इस बयान पर परिजनों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने दामिनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कॉल डिटेल खंगालने पर वैन ड्राइवर तुषार पायला से उसकी लगातार बातचीत सामने आई। तुषार को पकड़ा गया तो उसने पूरी साजिश कबूल कर ली। उसने बताया कि अतुल उनके रिश्ते में रोड़ा बन रहा था। अतुल ने 20 लाख रुपए का बीमा भी कराया था। हत्या के बाद बीमा की रकम लेकर दोनों नई जिंदगी शुरू करना चाहते थे। इसलिए दोनों ने 5 लाख रुपए में दो सपेरों को तैयार किया और अतुल को करैत सांप से डसवा दिया। मामला हस्तिनापुर थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने पत्नी, उसके प्रेमी और दोनों सपेरों को जेल भेज दिया है। मीडियाकर्मियों ने उससे बात करने की कोशिश की, लेकिन वह बिना कुछ बोले चली गई। 3 तस्वीरें देखिए- 7 साल पहले लव मैरिज की, फिर परिवार से अलग रहने लगे अतुल कुमार जिला मुख्यालय से 30 किमी भंडोरा गांव के रहने वाले थे। वह तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। पिता अजब सिंह (72) खेती-किसानी करते हैं, जबकि मां संतोष देवी (69) गृहिणी हैं। बड़े भाई कुलदीप सेना से रिटायर हैं और पत्नी-बच्चों के साथ बहसूमा में रहते हैं। दूसरे भाई मनदीप ने चार साल पहले फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। वहीं, दामिनी ने डबल एमए (M.A.) और बीएड (B.Ed.) किया है। उसके पिता की मौत हो चुकी है। मां हस्तिनापुर में ही छोटे बेटे के साथ रहती हैं। 7 साल पहले अतुल ने परिवार के खिलाफ जाकर दामिनी से लव मैरिज की थी। पहले वह एक कंप्यूटर कंपनी में प्राइवेट नौकरी करते थे। चार साल पहले नौकरी छोड़कर उन्होंने कृष्ण किड्स प्ले स्कूल खोला, जिसे वह पत्नी के साथ मिलकर चलाते थे। स्कूल में नर्सरी से कक्षा 5 तक की पढ़ाई होती है और करीब 150 बच्चे पढ़ते हैं। अतुल के पिता अजब सिंह ने बताया कि दामिनी की परिवार से नहीं बनती थी। उसने कहा था कि किसी पुरोहित ने चार साल तक परिवार से अलग रहने की सलाह दी है। इसके बाद अतुल हस्तिनापुर में किराए के मकान में पत्नी दामिनी (30) और 6 साल के बेटे के साथ रहने लगे। सांप से डसवाने से पहले कार से टक्कर भी मरवाई थी पुलिस के मुताबिक, दो साल पहले तुषार ने अतुल के स्कूल में 10 हजार रुपए पर वैन ड्राइवर की नौकरी शुरू की। इसी दौरान उसकी दामिनी से नजदीकियां बढ़ गईं और दोनों के बीच अफेयर शुरू हो गया। दोनों शादी करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने अतुल को रास्ते से हटाने और 20 लाख रुपए की बीमा राशि हासिल करने की साजिश रची। योजना थी कि हत्या के बाद तुषार अपनी पत्नी को तलाक देगा और दोनों नई जिंदगी शुरू करेंगे। जांच में पता चला कि दामिनी पिछले एक साल से पति की हत्या की साजिश रच रही थी। कुछ दिन पहले अतुल को एक अर्टिगा कार से टक्कर भी मारी गई थी, लेकिन दामिनी ने उस मामले में मुकदमा दर्ज कराने से मना कर दिया। पुलिस के अनुसार, वह लंबे समय से अतुल के खाने में नशीली गोलियां भी मिला रही थी। अतुल को इस बात का शक हो गया था। उन्होंने अपनी मां से भी इसकी शिकायत की थी। इसी वजह से उनकी तबीयत कई बार बिगड़ी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। अतुल-दामिनी की शादी की 3 तस्वीरें देखिए साजिशें नाकाम हुईं तो सांप से डसवाया पुलिस के मुताबिक, पहले की कोशिशें नाकाम होने पर दामिनी और तुषार ने सांप से डसवाकर हत्या की साजिश रची। तुषार, दामिनी को अपने सपेरे दोस्त सोनू और उदय के पास ले गया। दोनों सपेरों से 5 लाख रुपए में डील तय हुई। गुरुवार को दामिनी और तुषार ने बाजार से नींद की गोलियां खरीदीं और अतुल के खाने में मिला दीं। रात में अतुल के सोने के बाद तुषार ने सोनू और उदय को बुलाया। उन्होंने जहरीले सांप से अतुल को डसवाया और सांप को कमरे में छोड़कर चले गए। दामिनी बेटे के साथ दूसरे कमरे में सो गई। प्रेमी के मोबाइल में मिली सांप की फोटो, सख्ती पर कबूला जुर्म एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि शुरुआत से ही दामिनी सांप के काटने से मौत होने की बात कह रही थी। हालांकि, सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ में उसके और स्कूल के वैन ड्राइवर तुषार के अफेयर का पता चला। तुषार को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसके मोबाइल में डिब्बे में बंद सांप की फोटो मिली, जो घटनास्थल पर मिले सांप से मेल खाती थी। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने दो सपेरों की मदद से सांप खरीदकर हत्या की साजिश रचने की बात कबूल कर ली। डॉक्टर बोले- करैत सांप का जहर नर्व सिस्टम पर अटैक करता है पत्नी के मायके के घर पर ताला, स्कूल भी बंद मिला दैनिक भास्कर की टीम शनिवार सुबह दामिनी के मायके पहुंची, लेकिन घर पर ताला लगा मिला। आसपास के लोगों ने बताया कि मां और बेटा कहीं चले गए हैं। इसके बाद टीम अतुल के स्कूल पहुंची, लेकिन स्कूल भी बंद मिला। ———————— ये खबर भी पढ़ें लड़की से पूछा- शादी करोगी, मना करते ही गोली मारी:चिल्लाते हुए भागा- किसी और की नहीं होने दूंगा; मेरठ में बीच सड़क वारदात मेरठ में सिरफिरे आशिक ने एकतरफा प्यार में बीच सड़क 24 साल की लड़की को गोली मार दी। गुरुवार रात 11 बजे आरोपी ने सहेली के साथ लड़की को रोका। उससे पूछा- मुझसे शादी कर लो। लड़की ने मना किया तो बंदूक निकाल ली। फायर कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…

दावा- होर्मुज स्ट्रेट में दो तेल टैंकरों में विस्फोट:US का लगातार सातवीं रात ईरान पर हमला; ईरान बोला- जमीनी हमले हुए तो कुवैत-बहरीन में घुस जाएंगे

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट में दो तेल टैंकरों में विस्फोट हुआ है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की गलत जानकारी के कारण टैंकरों ने उस मार्ग से गुजरने की कोशिश की जहां समुद्र में माइंस बिछी थीं। इससे टकराने के बाद दोनों जहाजों में भीषण आग लग गई। हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस दावे को गलत बताया है। CENTCOM ने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा, ‘IRGC के कई दावों की तरह ये दावा भी झूठा है।’ वहीं, CENTCOM ने बताया कि उसने शुक्रवार देर रात ईरान पर लगातार सातवीं रात सैन्य हमले किए। इसमें ईरान के निगरानी ठिकानों, सैन्य लॉजिस्टिक ढांचे, भूमिगत हथियार भंडार और समुद्री सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया। अल जजीरा के मुताबिक, सीरिक, बुशेहर, बंदर अब्बास, केश्म द्वीप और मध्य ईरान के यज्द शहर पर हमले हुए हैं। उधर, ईरानी सांसद अहमद बख्शायेश अर्देस्तानी ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर जमीनी हमला किया, तो ईरान कुवैत और बहरीन में घुस जाएगा और वहां अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सेना को तबाह कर देगा। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

भारत के पहले प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट की लॉन्चिंग आज:450 किमी की कक्षा में पेलोड तैनात करेगा; सोने से बने कलाम, साराभाई और सीवी रमन भी जाएंगे

हैदराबाद की स्काईरूट एयरोस्पेस आज शनिवार 18 जुलाई को भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 लॉन्च करेगी। यह लॉन्चिंग आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से सुबह 11:30 बजे होगी। कंपनी ने 2022 में विक्रम-S सबऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च किया था, जो 89.5 km की ऊंचाई तक गया था। अब विक्रम-1 450 km की पृथ्वी की निचली कक्षा तक पेलोड भेजेगा। सोने के कलाम, साराभाई और सीवी रमन भी जाएंगे इस लॉन्चिंग को ‘मिशन आगमन’ नाम दिया गया है। इसके तहत विक्रम-1 रॉकेट अपने साथ टेक्नोलॉजी से लेकर कला से जुड़े पेलोड्स अंतरिक्ष में ले जा रहा है: कॉमर्शियल और टेक्नोलॉजी पेलोड्स: 18 कैरेट सोने से बना आर्ट पीस भी स्पेस में जाएगा कॉस्मोस डायमंड्स की कलाकृति “कॉस्मिक ब्लूम” और एक खास माइक्रो-आर्ट पीस भी रॉकेट में भेजा जा रहा है। यह माइक्रो-आर्ट पीस 18 कैरेट सोने से बना छोटा सा रॉकेट है। इस पर वैज्ञानिक सर सी वी रमन, डॉ. विक्रम साराभाई और डॉ. कलाम की सूक्ष्म मूर्तियां उकेरी गई हैं। हल्के कार्बन-कंपोजिट से बना है पूरा रॉकेट विक्रम-1 पूरी तरह से हल्के और मजबूत कार्बन-कंपोजिट स्ट्रक्चर से बना पहला ऑर्बिटल रॉकेट है। कार्बन फाइबर स्टील की तुलना में पांच गुना हल्का होता है। इससे रॉकेट का वजन कम हो जाता है, जिससे इसकी ईंधन दक्षता बढ़ जाती है। रॉकेट को ऊर्जा देने के लिए इसमें तीन सॉलिड-फ्यूल स्टेज और एक लिक्विड ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल दिया गया है। 1. तीन सॉलिड-फ्यूल स्टेज: इसे आप रॉकेट के नीचे लगे तीन बेहद ताकतवर ‘बूस्टर्स’ की तरह समझ सकते हैं, जिनमें ठोस ईंधन जैसे बारूद की तरह का ठोस केमिकल भरा होता है. रॉकेट को जमीन से उठाकर आसमान की तरफ धकेलने के लिए शुरुआत में बहुत भारी ताकत की जरूरत होती है। ये तीनों सॉलिड स्टेज एक-एक करके जलते हैं और रॉकेट को शुरुआती धक्का देकर अंतरिक्ष की सीमा लो अर्थ ऑर्बिट के पास पहुंचा देते हैं। 2. लिक्विड ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल यह रॉकेट के ऊपरी हिस्से में लगा एक बेहद बारीक और स्मार्ट तरल ईंधन वाला छोटा इंजन होता है। जब रॉकेट अंतरिक्ष में पहुंच जाता है, तो वहां ठोस ईंधन काम नहीं आता क्योंकि उसे अपनी मर्जी से ऑन या ऑफ नहीं किया जा सकता। यहां ‘लिक्विड मॉड्यूल’ काम आता है। यह अंतरिक्ष में सैटेलाइट को सही दिशा देने, रॉकेट की रफ्तार कम-ज्यादा करने और सैटेलाइट को उसकी तय की गई कक्षा में ‘एडजस्ट’ यानी स्थापित करने का काम करता है। अब 5 जरूरी सवालों के जवाब… सवाल 1: ‘स्काईरूट एयरोस्पेस’ की शुरुआत कब और किस उद्देश्य से हुई थी? जवाब: स्काईरूट की शुरुआत करीब 8 साल पहले 2018 में हुई थी। इसे शुरू करने का मुख्य उद्देश्य भारत में ही बेहद किफायती और भरोसेमंद रॉकेट्स का निर्माण करना है, ताकि दुनिया भर के सैटेलाइट ऑपरेटर्स को ऑन-डिमांड और बजट-फ्रेंडली लॉन्चिंग सॉल्यूशंस दिए जा सकें। सवाल 2: इस रॉकेट का नाम ‘विक्रम-1’ क्यों रखा गया है और इसका क्या महत्व है? जवाब: इस रॉकेट का नाम भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई के सम्मान में ‘विक्रम-1’ रखा गया है। डॉ. साराभाई ने ही देश के स्पेस सेक्टर की मजबूत नींव रखी थी। स्काईरूट अपने सभी रॉकेट्स के नाम उनके सम्मान में इसी सीरीज पर रखती है। साल 2022 में लॉन्च किया गया पहला सबऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-एस’ भी इसी सम्मान श्रृंखला का हिस्सा था। सवाल 3: इस लॉन्चिंग से भारत के स्पेस सेक्टर को क्या फायदे होंगे? जवाब: यह लॉन्चिंग भारत के प्राइवेट स्पेस सेक्टर के लिए गेम चेंजर हो सकती है: सवाल 4: स्काईरूट के फाउंडर्स कौन हैं और उनका क्या कहना है? जवाब: स्काईरूट एयरोस्पेस की स्थापना पवन कुमार चंदना (फाउंडर और सीईओ) और नागा भरत डाका (को-फाउंडर और सीओओ) ने मिलकर की है। सीईओ पवन कुमार चंदना ने कहा कि यह हमारी पहली टेस्ट फ्लाइट है और इससे हमें अंतरिक्ष की कक्षा में रॉकेट के व्यवहार का बेहद कीमती डेटा मिलेगा। सीओओ नागा भरत डाका ने कहा कि हमारा और हमारी पूरी टीम का आठ वर्षों का कठोर प्रयास आज इस ऐतिहासिक मील के पत्थर के रूप में साकार हो रहा है। सवाल 5: साल 2022 में लॉन्च हुए ‘विक्रम-एस’ और इस नए ‘विक्रम-1’ रॉकेट में क्या अंतर है? जवाब: इन दोनों रॉकेट्स में तकनीक और क्षमता के स्तर पर बड़ा अंतर है: विक्रम S और विक्रम-1 में अंतर नॉलेज पार्ट: क्या होता है लो अर्थ ऑर्बिट यह पृथ्वी की सबसे निचली कक्षा होती है जो जमीन से लगभग 160 से 2,000 किमी की ऊंचाई पर स्थित होती है। ज्यादातर कॉमर्शियल और मौसम संबंधी सैटेलाइट इसी ऑर्बिट में चक्कर लगाते हैं। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन भी इसी ऑर्बिट में 450 किमी की ऊंचाई पर स्थित है।