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प्रिंसिपल के तबादले के विरोध में स्कूल पर ताला जड़ा:ग्रामीणों ने की ट्रांसफर आदेश वापस लेने की मांग, अधिकारियों से वार्ता के बाद खोला

हनुमानगढ़ के गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल नाईवाला में प्रिंसिपल के तबादले के विरोध में शनिवार को ग्रामीणों, विद्यार्थियों और अभिभावकों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला जड़कर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक तबादला आदेश निरस्त नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। धरने की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की। ग्रामीणों ने बताया कि प्रिंसिपल लखवीर सिंह के कार्यकाल में स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उनके नेतृत्व में अनुशासन मजबूत हुआ, विद्यार्थियों का पढ़ाई के प्रति रुझान बढ़ा और समग्र शैक्षणिक वातावरण बेहतर बना। ग्रामीणों का मानना था कि ऐसे समय में प्रिंसिपल का तबादला स्कूल और विद्यार्थियों के हित में नहीं है। उन्होंने तबादला आदेश वापस लेने की मांग की। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि प्रिंसिपल का तबादला निरस्त करने का अधिकार राज्य सरकार के पास है। उन्होंने ग्रामीणों की मांग को उचित स्तर पर पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने स्कूल का ताला खोल दिया। सीबीईओ शैलेंद्र थोरी ने बताया कि ग्रामीणों की मांग उच्चाधिकारियों और राज्य सरकार तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने पुष्टि की कि अब स्कूल में शिक्षण कार्य सुचारू रूप से जारी है। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण, अभिभावक और छात्र-छात्राएं शामिल थे, जिन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखी।

डॉक्टर बोले- प्रसूताएं सीरियस थीं,एक को हार्टअटैक आया:परिजनों का आरोप- पोस्टमॉर्टम किए बिना शव सौंपा, खून चढ़ाया ही नहीं

भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल के मातृ एवं शिशु अस्पताल (MCH) में 6 दिन में 5 और बांसवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में 4 दिन में 4 प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। इन सभी प्रसूताओं की सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। एक प्रसूता के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने मामले को दबाया और बिना पोस्टमॉर्टम करवाए शव सौंप दिया। उनसे इमरजेंसी हालातों में खून मंगवाया, लेकिन चढ़ाया ही नहीं। इसके बाद प्रसूता को मृत घोषित कर दिया। प्रसूताओं की मौतों पर भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट ने कहा- हॉस्पिटल में आई महिलाएं सीरियस थी। डॉक्टर्स ने उनको रेफर किए बिना जान बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन बचा नहीं पाए। एक प्रसूता को हार्टअटैक आया था। बांसवाड़ा कलेक्टर ने कहा- मौतों की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण की आशंका को देखते हुए सैंपल लिए गए हैं। दवाइयों के रिएक्शन के लक्षणों को लेकर भी एनेस्थेटिस्ट की रिपोर्ट और पूरी मेडिकल हिस्ट्री की जांच की जा रही है। पढ़िए राजस्थान के 2 सरकारी अस्पतालों से रिपोर्ट… पहले बांसवाड़ा के MG हॉस्पिटल से रिपोर्ट गंभीर हालत में आई थी प्रसूताएं
बांसवाड़ा कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने बताया- अस्पताल में लक्ष्मी (21) पत्नी अरविन्द, लीला (32) पत्नी विजय और रेशमा (28) पत्नी प्रेम और एक अन्य प्रसूता की मौत हुई है। 4 में से 2 प्रसूताओं को बेहद गंभीर स्थिति में अन्य सेंटर्स से यहां रेफर किया गया था। जबकि अन्य 2 केस में सिजेरियन सेक्शन (ऑपरेशन) किया गया था। इसमें से एक की रात में और दूसरी की अगले दिन मौत हुई है। मौतों के सटीक कारणों और विस्तार से जांच के लिए 5 वरिष्ठ डॉक्टरों की एक विशेष जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है। साथ ही जयपुर मेडिकल विभाग के उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है, जहां से सीनियर डॉक्टर जांच में हिस्सा लेने आ रहे हैं। ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण की आशंका को देखते हुए सैम्पल्स लिए गए हैं। ड्रग रिएक्शन (दवाइयों के रिएक्शन) के लक्षणों को लेकर भी एनेस्थेटिस्ट की रिपोर्ट और पूरी मेडिकल हिस्ट्री की जांच की जा रही है। परिजनों के आरोप पर बोले- गुमराह किया तो आकर संपर्क करें
परिजनों के पोस्टमॉर्टम करवाए बिना शव सौंपने के आरोप पर कलेक्टर ने कहा- डॉक्टर हमेशा मौत का सही कारण जानने का प्रयास करते हैं, उन्हें आगे रिपोर्ट करना होता है। अगर परिजनों को अभी भी लगता है कि उन्हें गुमराह किया गया है या किसी स्तर पर लापरवाही हुई है, तो अस्पताल प्रशासन या पुलिस से संपर्क कर अपनी बात रख सकते हैं। जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी। अब पढ़िए परिजनों ने क्या कहा… रात तक एकदम ठीक थी, सुबह ICU में शिफ्ट किया
मृतका लीला निवासी कानेला ग्राम, अरथूना के जेठ संजय खांट ने कहा- ​डॉक्टरों ने ऑपरेशन (सिजेरियन) के जरिए लीला की डिलीवरी करवाई। डिलीवरी के बाद लीला पूरी तरह स्वस्थ थी। उसने रात तक पति विजय, सास और अन्य परिजनों से बात की और काफी खुश थी। सुबह होते ही अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को सूचित किया कि लीला का ब्लड प्रेशर (BP) अचानक बेहद लो हो गया है और वह बेहोश हो गई है। इसके तुरंत बाद उसे आईसीयू (ICU) में शिफ्ट कर दिया गया और परिजनों के अंदर जाने पर पाबंदी लगा दी गई। संजय खांट ने कहा- लीला का हीमोग्लोबिन 12 पॉइंट था, जो कि डिलीवरी के लिहाज से पूरी तरह से सामान्य और सुरक्षित माना जाता है। इसके बाद भी डॉक्टरों ने अचानक शरीर में खून की कमी की बात कही और तुरंत खून की व्यवस्था करने को कहा। हमने भाग-दौड़ की और 4 बोतल खून का इंतजाम किया। डॉक्टरों ने वह खून लीला को चढ़ाया ही नहीं और कुछ ही देर बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने बाद में पल्ला झाड़ते हुए कहा कि प्रसूता के बचने के केवल 10% चांस ही थे। आरोप- बिना पोस्टमॉर्टम करवाए शव सौंपा
संजय खांट ने आरोप लगाया कि ​लीला की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने कहा कि यदि पोस्टमॉर्टम करवाना है तो अरथूना पुलिस के आने तक इंतजार करना होगा। शव को यहीं रोके रखा जाएगा। अस्पताल प्रशासन ने लिखित में ले लिया कि वे पोस्टमॉर्टम नहीं करवाना चाहते। इसके बाद बिना पोस्टमॉर्टम कराए शव सौंप दिया। अब भीलवाड़ा के MGH से रिपोर्ट ‘हमने पांचों मौत के कारण पता लगाए’
भीलवाड़ा में महात्मा गांधी हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. अरुण गौड़ ने कहा- जो भी मौत होती है, बहुत दुखद होती है। हमने सबके कारण पता किए हैं। पहली प्रसूता जब यहां आई तो लेबर में नहीं थी, गेस्ट्रो शॉक में थी। दूसरी पेशेंट को हार्ट अटैक हुआ, हमारे पास उसका डॉक्युमेंटेशन है। तीसरी की मौत ऑपरेशन के बाद कॉमन कॉज (थ्रंबो एम्बोलिज्म) से हुई। बाकी 2 में पीपीएच हुआ है। इसके बावजूद इन मौतों की माइक्रो लेवल पर जांच करवाई जा रही है। कलेक्टर बोले- टीमें जांच कर रही
मामले को लेकर कलेक्टर संधू ने कहा- 26 जून को एक रिपोर्ट पेश हुई थी। इसमें ऑपरेशन थिएटर 2 में इंफेक्शन पाया गया था। इसके बाद से ये बंद है। वहीं ऑपरेशन थिएटर 1 अभी सुचारु चल रहा है। मौत की जांच के लिए स्टेट टीम बनाई गई है ,ये टीम जल्द ही जांच के लिए पहुंचेगी। पढ़ें ये खबर भी… ऑपरेशन थिएटर में फैला संक्रमण, 7 प्रसूताओं की मौत:भीलवाड़ा-बांसवाड़ा में सिजेरियन में लापरवाही, गंदे उपकरणों के इस्तेमाल का आरोप भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल के मातृ एवं शिशु चिकित्सालय (एमसीएच) में छह दिन में पांच प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। पढ़ें पूरी खबर…

ताऊ की गंडासी से हत्या करने का आरोपी भतीजा गिरफ्तार:शादी नहीं होने की रंजिश में की वारदात, 12 घंटे में पुलिस ने दबोचा

झालावाड़ के सारोला कलां थाना क्षेत्र में एक हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस ने गाडरवाड़ा नूरजी गांव में अपने ही ताऊ की धारदार हथियार (गंडासी) से हत्या करने वाले आरोपी कुलदीप बैरवा (35) को महज 12 घंटे में गिरफ्तार कर लिया है। एसपी अमित कुमार ने बताया कि 9 जुलाई की रात गांव गाडरवाड़ा नूरजी निवासी जगन्नाथ बैरवा पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल जगन्नाथ को परिजन एसआरजी अस्पताल, झालावाड़ ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शादी न होने से नाराज था आरोपी सारोला थानाप्रभारी बुद्धराम ने प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर बताया कि आरोपी अपनी शादी न होने से नाराज था। इसी बात को लेकर उसने अपने ताऊ जगन्नाथ की हत्या कर दी। इसपर मृतक के पुत्र सत्यवान बैरवा की रिपोर्ट पर सारोला कलां थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया। विशेष टीम का किया गठन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद्र मीणा और वृत्ताधिकारी गरिमा जिंदल के निर्देशन में थानाधिकारी बुद्धराम के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए और मुखबिर की सूचना पर आरोपी कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस पूछताछ में हुआ खुलासा पुलिस पूछताछ में आरोपी कुलदीप ने बताया कि वह शराब और नशे का आदी है। करीब एक महीने पहले उसकी शादी को लेकर ताऊ जगन्नाथ से विवाद हुआ था। आरोपी को शक था कि उसके ताऊ ने अपने दोनों बेटों की शादी करा दी, लेकिन उसे जानबूझकर कुंवारा रखा जा रहा है। इसी रंजिश के चलते उसने मौका देखकर गंडासी से ताऊ के हाथ पर लगातार कई वार किए। लोगों के मौके पर पहुंचते ही वह खेतों में छिपकर फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में प्रयुक्त धारदार हथियार की बरामदगी और मामले में आगे की जांच जारी है। आरोपी के खिलाफ सारोला थाने में पूर्व में भी दो मामले दर्ज हैं।

सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा कल से, 4 स्पेशल ट्रेन चलेंगी:अभ्यर्थियों को राहत, अकलेरा-कोटा और छबड़ा गुगोर-सोगरिया रूट पर होगा संचालन

पश्चिमी मध्य रेलवे ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2026 के अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है। ये चार अनारक्षित परीक्षा स्पेशल ट्रेनें 12 से 18 जुलाई तक प्रतिदिन चलेंगी। इन ट्रेनों से बारां, अटरू, अंता, छबड़ा, झालावाड़ और आसपास के हजारों अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र कोटा तक समय पर पहुंचने में मदद मिलेगी। रेलवे के अनुसार गाड़ी संख्या 09803/09804 अकलेरा-कोटा-अकलेरा और गाड़ी संख्या 09802/09801 छबड़ा गुगोर-सोगरिया-छबड़ा गुगोर के बीच इन विशेष ट्रेनों का संचालन होगा। छबड़ा गुगोर से चलने वाली परीक्षा स्पेशल ट्रेन सुबह 4:30 बजे रवाना होकर बारां स्टेशन पर सुबह 5:30 बजे और अंता पर 6:03 बजे पहुंचेगी, जिसके बाद यह सुबह 7:30 बजे सोगरिया पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन सोगरिया से शाम 7:15 बजे चलकर रात 8:26 बजे बारां और रात 10 बजे छबड़ा गुगोर पहुंचेगी। इसी प्रकार अकलेरा-कोटा स्पेशल ट्रेन सुबह 3:05 बजे अकलेरा से रवाना होकर विभिन्न स्टेशनों से होते हुए सुबह 6:25 बजे कोटा पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन रात 8:30 बजे कोटा से चलकर रात 12:25 बजे अकलेरा पहुंचेगी। रेल प्रशासन ने परीक्षा अवधि के दौरान भीड़ प्रबंधन के लिए प्रमुख स्टेशनों पर टिकट जांच कर्मचारियों और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के अतिरिक्त जवान तैनात करने की जानकारी दी है। अभ्यर्थियों से वैध टिकट लेकर यात्रा करने और इन परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का अधिकतम उपयोग करने की अपील की गई है।

सरकारी गेहूं गबन करने के दो मामलों में एफआईआर दर्ज:उपभोक्ताओं को राशन नहीं मिलने पर विभाग का दो डीलरों पर एक्शन

चित्तौड़गढ़ जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत सरकारी गेहूं के गबन के दो मामलों में रसद विभाग ने आखिरकार सख्त कार्रवाई करते हुए शंभूपुरा थाने में एफआईआर दर्ज करवाई हैं। दोनों मामलों में कुल 473.47 क्विंटल (47,347 किलो) गेहूं के गबन का आरोप है। इनमें चिकसी की उचित मूल्य दुकान से 232.95 क्विंटल और गिलूंड की उचित मूल्य दुकान से 240.52 क्विंटल गेहूं गायब मिला। विभाग ने पहले दोनों दुकानों की आकस्मिक जांच की, फिर अनियमितताएं मिलने पर उन्हें निलंबित किया। इसके बाद चार्ज हस्तांतरण के दौरान स्टॉक का मिलान किया गया तो भारी मात्रा में सरकारी गेहूं गायब मिला। दोनों डीलरों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया, लाइसेंस भी निरस्त किए गए और सरकारी गेहूं वापस जमा कराने का मौका भी दिया गया, लेकिन तय समय तक गेहूं वापस नहीं लौटाया गया। इसके बाद प्रवर्तन अधिकारी ने दोनों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करवाई। लोगों ने कहा- अंगूठे लगवाए, लेकिन राशन नहीं मिला पहला मामला चित्तौड़गढ़ तहसील के चिकसी गांव की उचित मूल्य दुकान (पीओएस कोड 31047) का है, जिसका संचालन गौरव सरगरा कर रहा था। 23 मई 2025 को रसद विभाग की टीम ने दुकान पर आकस्मिक जांच की तो दुकान बंद मिली। अधिकारियों ने डीलर से संपर्क करने के लिए मोबाइल पर कॉल किया, लेकिन उसका फोन भी बंद मिला। मौके पर मौजूद उपभोक्ताओं ने अधिकारियों को बताया था कि राशन डीलर पहले उनके घर जाकर ई-पीओएस मशीन पर अंगूठे लगवा लेता था, लेकिन बाद में राशन नहीं देता था। विभाग ने इसे पात्र उपभोक्ताओं का सरकारी राशन रोककर निजी लाभ लेने का मामला माना। जांच में राजस्थान खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक पदार्थ (वितरण का विनियमन) आदेश-1976 और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश-2015 के प्रावधानों का उल्लंघन सामने आने पर 18 जून 2025 को दुकान को निलंबित कर दिया गया था। चार्ज सौंपते समय पूरा स्टॉक मिला था गायब निलंबन के बाद जब दुकान का चार्ज दूसरे डीलर को सौंपा गया तो पीओएस मशीन में 232.95 क्विंटल गेहूं का स्टॉक दर्ज था, जबकि मौके पर एक भी किलो गेहूं उपलब्ध नहीं मिला। विभाग ने इसे सरकारी गेहूं का गबन माना। इसके बाद 10 अक्टूबर 2025 को गौरव सरगरा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। उसने अपने जवाब में कहा कि निरीक्षण के समय मोबाइल डिस्चार्ज था। साथ ही उसने बीमार और बुजुर्ग उपभोक्ताओं के घर जाकर अंगूठे लगाने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि ऐसा उन्हें राशन देने के उद्देश्य से किया गया था। उसने पारिवारिक समस्याओं के कारण वितरण काम प्रभावित होने की भी बात कही। हालांकि जांच अधिकारी की रिपोर्ट, उपलब्ध डॉक्यूमेंट्स और चार्ज हस्तांतरण के रिकॉर्ड के आधार पर विभाग ने उसके जवाब को असंतोषजनक माना। विभाग ने माना कि पात्र उपभोक्ताओं को गेहूं नहीं देकर उसका निजी लाभ के लिए दुरुपयोग किया गया। इसके बाद 19 मार्च 2026 को जिला रसद अधिकारी ने उसका प्राधिकार पत्र (लाइसेंस) निरस्त कर दिया। लाइसेंस रद्द होने के बाद भी उसे सरकारी गेहूं वापस जमा कराने का अवसर दिया गया, लेकिन तय अवधि तक गेहूं वापस नहीं लौटाया गया। इसके बाद शुक्रवार को एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू की गई। महीने में दो-तीन दिन खुलती थी दुकान, 240.52 क्विंटल गेहूं गायब मिला दूसरा मामला गिलूंड गांव की उचित मूल्य दुकान (पीओएस कोड 31354) का है, जिसका संचालन जनक कंवर कर रही थी। 7 मई 2025 को रसद विभाग ने यहां आकस्मिक जांच की तो दुकान बंद मिली। मौके पर मौजूद उपभोक्ताओं ने अधिकारियों को बताया था कि राशन की दुकान महीने में सिर्फ दो-तीन दिन ही खोली जाती है, जिससे उन्हें समय पर राशन नहीं मिल पाता। जांच में विभाग ने माना कि पात्र उपभोक्ताओं को राशन का नियमित वितरण नहीं किया गया और सरकारी अनाज का निजी लाभ के लिए दुरुपयोग किया गया। अनियमितताएं मिलने पर 18 जून 2025 को दुकान को निलंबित कर दिया गया। 25,436 किलो स्टॉक दर्ज था, लेकिन मिला सिर्फ 1,384 किलो निलंबन के बाद जब दुकान का चार्ज दूसरे डीलर को दिया गया तो पीओएस मशीन में 25,436 किलो गेहूं दर्ज था, जबकि मौके पर सिर्फ 1,384 किलो गेहूं ही मिला। यानी 24,052 किलो (240.52 क्विंटल) गेहूं गायब था। विभाग ने इसे सरकारी गेहूं का गबन माना। इसके बाद 10 अक्टूबर 2025 को जनक कंवर को नोटिस जारी किया गया। जवाब में उसने कहा था कि निरीक्षण के दिन पारिवारिक समारोह होने के कारण दुकान बंद थी। लेकिन जांच अधिकारी की रिपोर्ट, डॉक्यूमेंट्स और स्टॉक मिलान के आधार पर विभाग ने इस जवाब को भी संतोषजनक नहीं माना। विभाग का निष्कर्ष रहा कि पात्र उपभोक्ताओं को मिलने वाला सरकारी गेहूं निजी लाभ के लिए उपयोग किया गया। इसके बाद 19 मार्च 2026 को जिला रसद अधिकारी ने उसका प्राधिकार पत्र भी निरस्त कर दिया। लाइसेंस निरस्त होने के बाद विभाग ने सरकारी गेहूं वापस जमा कराने का मौका दिया, लेकिन गेहूं वापस नहीं लौटाया गया। अब दोनों डीलरों पर एफआईआर दर्ज कर पुलिस करेगी जांच जिला रसद अधिकारी ने दोनों मामलों में अलग-अलग कर शंभूपुरा थाने में एफआईआर दर्ज करवाया है। यह दोनों मामले प्रवर्तन अधिकारी सुमन तिवारी ने दर्ज करवाया है। विभाग का कहना है कि दोनों राशन डीलरों ने राजस्थान खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक पदार्थ (वितरण का विनियमन) आदेश-1976 के तहत जारी प्राधिकार पत्र की शर्तों के साथ-साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश-2015 का उल्लंघन किया है।

IRCTC का नया पोर्टल 15 जुलाई को आएगा:टिकट बुकिंग में कैप्चा और पॉप-अप की झंझट खत्म होगी; जानें 4 बड़े बदलाव

भारतीय रेलवे 15 जुलाई को IRCTC वेबसाइट का नया बीटा वर्जन लॉन्च करने जा रहा है। इस अपडेटेड पोर्टल में ट्रेन टिकट बुकिंग के लिए कैप्चा और पॉप-अप्स का ऑप्शन हटा दिया गया है। इससे ऑनलाइन टिकट बुकिंग पहले आसान हो जाएगी, साथ ही समय भी कम लगेगा। इसके अलावा, एक ही स्क्रीन पर सभी क्लास की सीटों की अवेलेबलिटी भी दिखेगी। MNIT जयपुर के छात्रों को लाइव डेमो दिया लॉन्चिंग से पहले शुक्रवार को IRCTC और सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स (CRIS) के अधिकारियों ने जयपुर में मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNIT) के छात्रों को इस नए बीटा वर्जन का लाइव डेमो दिखाया। रेलवे अधिकारियों ने पब्लिक रिलीज से पहले प्लेटफॉर्म के यूजर एक्सपीरियंस को और बेहतर बनाने के लिए छात्रों से उनका फीडबैक भी मांगा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिया था भरोसा इस पूरे बदलाव का बैकग्राउंड कुछ हफ्ते पुराना है। दरअसल, MNIT जयपुर के छात्रों ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मिलकर उन्हें मौजूदा IRCTC वेबसाइट की कमियों और दिक्कतों के बारे में बताया था। उस समय रेल मंत्री ने छात्रों को 15 जुलाई तक पोर्टल में बदलाव करने की बात कही थी। उसी वादे को पूरा करते हुए रेलवे ने इन छात्रों को लॉन्च से पहले रिव्यू के लिए खास तौर पर बुलाया था। फास्ट चेकआउट और सेव्ड पैसेंजर डिटेल्स नए पोर्टल पर टिकट बुकिंग के स्टेप्स को कम किया गया है, जिससे चेकआउट प्रोसेस पहले से काफी फास्ट हो जाएगा। इसके अलावा, एक और नया फीचर प्लान किया गया है, जिसमें पहले से सेव की गई पैसेंजर डिटेल्स के जरिए दोबारा बुकिंग करना आसान हो जाएगा। तत्काल बुकिंग में बॉट्स पर लगाम अधिकारियों के अनुसार, तत्काल बुकिंग के दौरान ऑटोमैटिक बॉट्स के इस्तेमाल को रोकने के लिए कई उपाय किए गए हैं। हालांकि, अधिकारियों ने माना कि “यह एक निरंतर चलने वाली लड़ाई है। पहले के मुकाबले कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन हमें अभी और प्रयास करने की जरूरत है। हम अपनी कोशिशें लगातार जारी रखेंगे।” 40 साल पुराना पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम भी बदलेगा
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि रीडिजाइन की गई IRCTC वेबसाइट को फिलहाल भारतीय रेलवे के पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) के साथ इंटीग्रेट किया जा रहा है। सूत्रों ने कहा कि, “हम 40 साल पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम को बदल रहे हैं। हम बहुत जल्द इसे लॉन्च करेंगे।” वर्तमान रिजर्वेशन सिस्टम साल 1986 में शुरू हुआ था। पिछले 40 सालों में इसमें कई छोटे बदलाव किए गए, लेकिन अब इसे लेटेस्ट टेक्नोलॉजी की मदद से पूरी तरह नया किया जा रहा है। ——————— ये खबर भी पढ़ें… वेटिंग टिकट कन्फर्म होगा या नहीं, AI बताएगा: रेलवे 40 साल पुराना रिजर्वेशन सिस्टम बदल रहा, अगस्त से हाईटेक मॉड्यूल पर शिफ्ट होंगी ट्रेनें भारतीय रेलवे अपने 40 साल पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को पूरी तरह बदलने जा रहा है। नया सिस्टम AI की मदद से बताएगा कि वेटिंग टिकट कंफर्म होगा या नहीं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को अधिकारियों के साथ बैठक की और अगस्त से ट्रेनों को नए अपग्रेड सिस्टम पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए। पूरी खबर पढ़ें…

अनिल अंबानी ग्रुप की ₹1,021 करोड़ की संपत्ति जब्त:मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई, अब तक ₹20,367 करोड़ की प्रॉपर्टी सीज हो चुकी

प्रवर्तन निदेशालय यानी ED) ने आज यानी 11 जुलाई को रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच में कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने ग्रुप की 1,021 करोड़ रुपए की संपत्ति को प्रोविजनल तौर पर जब्त करने का नया आदेश जारी किया है। ED के मुताबिक, इस कार्रवाई के तहत रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के पास मौजूद रिलायंस पावर के इक्विटी शेयर और सासन पावर व रिलायंस पावर से मिलने वाली कुछ लोन रकम को अटैच किया गया है। इस नए आदेश के बाद मामले में अब तक जब्त की गई कुल संपत्ति का आंकड़ा 20,367 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। CBI की FIR के बाद शुरू हुई मनी लॉन्ड्रिंग की जांच ED की यह कार्रवाई रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI द्वारा दर्ज की गई FIR पर आधारित है। CBI की इसी शिकायत को आधार बनाकर ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत मामले की जांच शुरू की थी। शेल कंपनियों के जरिए ₹15,548 करोड़ का फंड डायवर्ट किया जांच एजेंसी ने अपने बयान में बताया कि जांच के दौरान यह सामने आया है कि RHFL और RCFL द्वारा जुटाए गए 15,548 करोड़ रुपए के पब्लिक फंड को सिस्टमैटिक तरीके से डायवर्ट किया गया। इस रकम को अनिल अंबानी ग्रुप द्वारा नियंत्रित और प्रबंधित की जाने वाली कई ‘शेल’ यानी फर्जी या डमी कंपनियों और ग्रुप की अन्य कंपनियों के नेटवर्क के जरिए इधर से उधर ट्रांसफर किया गया था। अनिल अंबानी ग्रुप पर कई मामलों की जांच अब तक 8 लोग गिरफ्तार, 4 चार्जशीट दाखिल हो चुकी हैं इस पूरे मामले में केंद्रीय एजेंसी अब तक कुल 4 चार्जशीट (अभियोजन शिकायतें) कोर्ट में दाखिल कर चुकी है। जांच के दौरान इस घोटाले में शामिल 8 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। ईडी ने यह भी जानकारी दी है कि मनी लॉन्ड्रिंग के अलावा फेमा (FEMA) के तहत भी ग्रुप की 77.86 करोड़ रुपए की संपत्तियों को पहले ही जब्त किया जा चुका है। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट क्या है? प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी PMLA के तहत प्रोविजनल अटैचमेंट का मतलब होता है कि आरोपी अब इस संपत्ति (जैसे शेयर या लोन अमाउंट) को बेच या ट्रांसफर नहीं कर सकता। जब ईडी को लगता है कि कोई संपत्ति अपराध की कमाई से बनाई गई है, तो वह उसे अस्थायी रूप से 180 दिनों के लिए जब्त कर लेती है। इसे बाद में एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी से मंजूरी मिलने पर स्थायी जब्त किया जा सकता है।

करौली को जनसंख्या स्थिरता में मिला राज्यस्तरीय सम्मान:प्रदेश में 12वां स्थान, 5 लाख रुपए प्रोत्साहन राशि मिली

करौली जिले को विश्व जनसंख्या दिवस पर जनसंख्या स्थिरता और परिवार नियोजन कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्यस्तरीय सम्मान से नवाजा गया। वर्ष 2025-26 के प्रोत्साहन पुरस्कारों में जिले ने प्रदेश में 12वां स्थान प्राप्त किया। इसके साथ ही, करौली प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने वाले जिलों में चौथे स्थान पर रहा और राज्य सरकार ने जिले को प्रशस्ति पत्र के साथ 5 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। यह पुरस्कार चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवाएं निदेशालय द्वारा आयोजित राज्यस्तरीय वर्चुअल सम्मान समारोह में प्रदान किया गया। जिला मुख्यालय पर आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अतिरिक्त जिला कलेक्टर महावीर सिंह, डिप्टी सीएमएचओ (हेल्थ) डॉ. ओमप्रकाश महावर और आरसीएचओ डॉ. दीपिका मीणा सहित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने समारोह में भाग लिया। समारोह को संबोधित करते हुए प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि योग्य दंपतियों तक परिवार नियोजन सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने में स्वास्थ्य कर्मियों का योगदान महत्वपूर्ण है। राठौड़ ने यह भी बताया कि परिवार नियोजन के क्षेत्र में लगातार प्रयासों के कारण एनएफएचएस-6 सर्वेक्षण में राजस्थान का प्रदर्शन बेहतर हुआ है। उन्होंने विभागीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने पर भी जोर दिया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के मिशन निदेशक डॉ. जोगाराम ने परिवार नियोजन के साधनों की उपलब्धता और जनजागरूकता बढ़ाकर जनसंख्या स्थिरता को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। आरसीएच निदेशक डॉ. मधु रेतेश्वर ने कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. सतीश चंद मीणा ने बताया कि राज्यस्तरीय पुरस्कारों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों, स्वास्थ्य संस्थानों और अधिकारियों को सम्मानित किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि करौली जिले ने प्रदेश में 12वां स्थान प्राप्त किया है, जबकि 5 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने वाले जिलों में यह चौथे स्थान पर रहा। डॉ. मीणा ने यह भी बताया कि जिन जिलों को पूर्व वर्षों में प्रोत्साहन राशि मिल चुकी है, उन्हें इस वर्ष केवल प्रशस्ति पत्र ही प्रदान किया गया।

शिवगंज की अगरबत्ती फैक्ट्री में भीषण आग:धमाके से मुड़े शटर-टूटी दीवारें, लाखों का नुकसान; बड़ा ​हादसा टला

सिरोही-शिवगंज के केसरपुरा औद्योगिक क्षेत्र स्थित गोयल अगरबत्ती फैक्ट्री में बीती रात भीषण आग लगने से लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया। बंद गोदाम में धुआं भर जाने के कारण सुबह करीब 4 बजे जोरदार धमाका हुआ, जिससे शटर और लोहे के पतरे मुड़ गए तथा तीन दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं। दमकल की टीम ने करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, जबकि आग लगने का प्रारंभिक कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। रात 11 बजे लगी आग, सुबह हुआ जोरदार धमाका जानकारी के अनुसार, आग मंगलवार रात करीब 11 बजे गोयल अगरबत्ती फैक्ट्री में लगी। फैक्ट्री का गोदाम पूरी तरह बंद होने से धुआं बाहर नहीं निकल सका। इसी कारण सुबह करीब 4 बजे तेज धमाका हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री के शटर और लोहे के पतरे मुड़ गए तथा गोदाम की तीन दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं। मजदूरों ने दी सूचना, चार घंटे चला रेस्क्यू धमाके की आवाज सुनकर सामने स्थित फैक्ट्री में सो रहे मजदूर बाहर आए और आग की लपटें देखकर तुरंत पुलिस व अग्निशमन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। गोदाम पूरी तरह खाक, सीसीटीवी भी जले आग की चपेट में आने से फैक्ट्री का एक पूरा गोदाम जलकर राख हो गया। गोदाम में रखा तैयार माल, कच्चा सामान और वहां लगे सीसीटीवी कैमरे भी आग में नष्ट हो गए। फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है। टला बड़ा हादसा, जांच जारी राहत की बात यह रही कि घटना के समय फैक्ट्री में कोई जनहानि नहीं हुई। यदि आग समय रहते नहीं बुझाई जाती तो यह आसपास के तीन अन्य गोदामों तक फैल सकती थी। प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

सीकर में 49 केंद्रों पर होगी 2nd ग्रेड टीचर एग्जाम:हर सेंटर पर वीडियोग्राफी होगी,एग्जाम के 1 घंटे पहले बंद होंगे गेट; जानें पूरी डिटेल

12 से 18 जुलाई को होने वाला 2nd ग्रेड भर्ती एग्जाम सीकर के 49 सेंट्रर्स पर होगा, जिसमें 14870 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। यह एग्जाम प्रदेश के 27 जिलों में हो रहा है। एग्जाम के सफल और शांतिपूर्ण संचालन के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रुप दे दिया है। आज सीकर ADM राकेश मीणा ने एग्जाम को लेकर संबंधित अधिकारियों और जरुरी तैयारियों के विभागवार दिशा-निर्देश हुई। सीकर में 49 परीक्षा केंद्र बनाए ADM राकेश मीणा ने बताया कि सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा के लिए सीकर जिले में कुल 49 एग्जाम सेंटर बनाए गए हैं। इनमें से 27 परीक्षा केंद्र सरकारी शैक्षणिक संस्थाओं और 22 परीक्षा केंद्र प्राइवेट संस्थानों में बनाए गए हैं। परीक्षा के दौरान लाॅ एंड ऑर्डर, अनुचित साधनों की रोकथाम और गर्मी के मौसम से बचाव का ध्यान रखा जाएगा। ADM राकेश मीणा ने अपील करते हुए कहा कि सभी अभ्यर्थी समय का विशेष ध्यान रखें। एग्जाम सेंटर पर एग्जाम शुरू होने से 1 घंटे पहले तक ही एंट्री दी जाएगी। इसके बाद गेट बंद कर दिए जाएंगे और उसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। सभी कैंडिडेट्स की बायोमेट्रिक अटेंडेंस की जाएगी और पूरे एग्जाम सेंटर की वीडियोग्राफी करवाई जाएगी। जिले में 9 फ्लाइंग स्क्वायड बनाए गए हैं। ADM राकेश मीणा ने बताया कि सीनियर टीचर भर्ती एग्जाम के लिए सीकर जिले में 9 फ्लाइंग स्क्वायड बनाए गए हैं। हर फ्लाइंग टीम में एक RAS ऑफिसर और एक DSP रैंक के अधिकारी के साथ शिक्षा विभाग का एक प्रिंसिपल स्तर का अधिकारी शामिल होगा। सीकर और नीमकाथाना एडीएम पूरे समय परीक्षा की मॉनिटरिंग करेंगे। हर एग्जाम सेंटर पर 2-2 पुलिसकर्मी लगाए जा रहे हैं, ताकि हर अभ्यर्थी की पूरी जांच के बाद ही उसे एंट्री दी जाए। नकल करते पकड़े जाने पर होगी सख्त कार्रवाई नकल और पेपर लीक जैसी गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए प्रशासन पूरी तरह सख्त है। जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि परीक्षा ड्यूटी में केवल उन्हीं सरकारी कर्मचारियों को लगाया जाएगा, जिनका पुलिस वेरिफिकेशन हो चुका है। ऐसे किसी भी कर्मचारी को ड्यूटी नहीं दी जाएगी जिसके खिलाफ पहले नकल संबंधी कोई मामला दर्ज हो। फोर्थ ग्रेड कर्मचारी भी साफ-सुथरी छवि वाले ही लगाए जाएंगे। एग्जाम सेंटर के अंदर केवल सेंटर सुप्रीटेंडेंट के पास ही मोबाइल फोन रहेगा। सीकर में गर्मी और उमस को देखते हुए अभ्यर्थियों के लिए विशेष बंदोबस्त किए जा रहे हैं। सभी एग्जाम सेंटर पर रेगुलर बिजली सप्लाई के लिए साइलेंट जनरेटर की व्यवस्था रहेगी। — ये खबर भी पढ़ें… राजस्थान-कल से एक और बड़ी परीक्षा, 12 लाख कैंडिडेट:गुजराती सब्जेक्ट के लिए केवल एक पोस्ट, सबसे ज्यादा मैथ्स में; जानें- एंट्री के क्या हैं नियम राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से सीनियर टीचर भर्ती एग्जाम कल से शुरू होगा। परीक्षा में 12 लाख 30 हजार से ज्यादा कैंडिडेट्स रजिस्टर्ड हैं। ये इस साल होने वाली बड़ी परीक्षाओं में से एक है। एग्जाम के लिए 27 जिलों में 1221 सेंटर बनाए गए हैं। ये भर्ती कुल 9,651 पदों पर की जाएगी। (पूरी खबर पढ़ें)