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कोटपूतली-बहरोड़ के पुलिस महकमे में फेरबदल:20 पुलिस अधिकारियों का तबादला, एसपी ने जारी किए आदेश

कोटपूतली-बहरोड़ जिले में पुलिस प्रशासन को अधिक प्रभावी और मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह ने शनिवार को पुलिस निरीक्षक और उप निरीक्षक स्तर के 20 अधिकारियों के तबादले किए हैं। जारी आदेशों के तहत विभिन्न थानों, शाखाओं और चौकियों में नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। कई थानों और शाखाओं में नए थाना प्रभारियों की तैनाती तबादला सूची के अनुसार नीमराना, बानसूर, पनियाला, महिला थाना, यातायात शाखा, शाहजहांपुर, कंट्रोल रूम, बहरोड़, हर्सौरा, विराटनगर, प्रागपुरा, बहरोड़ सदर, डीसीबी, कोटपूतली थाना और जापानी जोन चौकी (नीमराना) सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर नए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस अधीक्षक ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की कवायद पुलिस विभाग की ओर से किए गए इस प्रशासनिक फेरबदल को जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। नए अधिकारियों की नियुक्ति से विभिन्न थानों और शाखाओं में कार्यप्रणाली को गति मिलने के साथ पुलिसिंग को और अधिक मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है।

स्कूल शिक्षक के एपीओ होने पर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन:ग्रामीणों ने कार्रवाई को षड्यंत्र बताया, मामले की निष्पक्ष जांच की मांग

जिले के एक सरकारी स्कूल में एक व्याख्याता के खिलाफ लगे आरोपों और उसके बाद हुई विभागीय कार्रवाई को लेकर शनिवार को ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। ग्रामीण और स्कूल प्रबंधन समिति (SDMC) के सदस्य कलेक्ट्रेट पहुंच गए और शिक्षक के खिलाफ इस पूरी कार्रवाई को षड्यंत्र बताया। दरअसल, सरकारी स्कूल में कार्यरत एक व्याख्याता के विरुद्ध एक छात्रा ने शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए थे। पत्र में उल्लेख किया गया कि व्याख्याता लंबे समय से अभद्र आचरण कर रहे थे। इस शिकायत की संवेदनशीलता को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर ने कार्रवाई करते हुए व्याख्याता को प्रशासनिक कारणों से एपीओ (APO) कर दिया है। विभाग ने मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय जांच टीम भी बनाई है। ​ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर लगाए गंभीर आरोप
​शनिवार को सैकड़ों ग्रामीण और SDMC सदस्य कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हुए। ग्रामीणों ने शिक्षक के खिलाफ लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह से निराधार और मनगढ़ंत बताया। ​प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का आरोप है कि यह एक राजनीतिक साजिश है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

पटवारी ट्रांसफर लिस्ट में विधायक शैलेश सिंह का नाम:बालोतरा से डीग हुआ तबादला, संबंधित पटवारी कार्यभार ग्रहण करने से वंचित

राज्य सरकार की ओर से शुक्रवार को जारी पटवारियों की ट्रांसफर लिस्ट में एक बड़ी मानवीय त्रुटि सामने आई है। सूची के क्रमांक 609 पर सेवानिवृत्त सैनिक एवं पटवारी नरेंद्र सिंह के स्थान पर गलती से डीग-कुम्हेर विधायक शैलेश सिंह का नाम दर्ज हो गया। आदेश जारी होने के बाद यह चूक सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर हो रही है। वहीं, विधायक के पास भी कई फोन आने से परेशान हैं। बालोतरा से डीग के सोनगांव में तबादला जानकारी के अनुसार पटवारी नरेंद्र सिंह का ट्रांसफर नवोडा को बेरा पाटोदा, जिला बालोतरा से डीग जिले के सोनगांव में किया जाना था, लेकिन टाइपिंग के दौरान उनके नाम के स्थान पर विधायक शैलेश सिंह का नाम दर्ज हो गया। इस त्रुटि के कारण संबंधित पटवारी फिलहाल स्थानांतरण आदेश के आधार पर नया कार्यभार ग्रहण नहीं कर पा रहे हैं। सरकारी आदेश में विधायक का नाम दिखाई देने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इसे प्रशासनिक लापरवाही बता रहे हैं, जबकि कुछ ने सरकारी दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। विभाग ने अभी तक नहीं जारी किया आधिकारिक बयान सूत्रों के अनुसार यह पूरी तरह टाइपिंग संबंधी मानवीय त्रुटि है और राजस्व विभाग जल्द ही संशोधित आदेश (कोरिजेंडम) जारी कर स्थिति स्पष्ट कर सकता है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

अजमेर में 654 पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर:17 थाना प्रभारी, 15 एसआई, 122 एएसआई और 500 कॉन्स्टेबल बदले, जानें किसे कहां मिली पोस्टिंग

अजमेर जिले के पुलिस महकमे में शनिवार को बड़ा फेरबदल किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने एक साथ 654 पुलिसकर्मियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। इनमें 17 थाना अधिकारी (इंस्पेक्टर), 15 सब इंस्पेक्टर, 122 एएसआई और 500 कॉन्स्टेबल शामिल हैं। आदेश के अनुसार सभी कार्मिकों को तत्काल प्रभाव से नए पदभार स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत पुलिसकर्मियों को भी बदला गया है। 17 थाना प्रभारियों को नई जिम्मेदारी तबादला सूची के अनुसार भवानी सिंह को मदनगंज, नरपतराम बाना को किशनगढ़, रोशन सामरिया को गेगल, अशोक विष्णु को पुष्कर, करण सिंह को नसीराबाद सिटी, राधेश्याम चौधरी को नसीराबाद सदर, जयवंत सिंह को श्रीनगर, हरीश चौधरी को मांगलियावास, जगदीश प्रसाद को केकड़ी शहर, मुकेश चौधरी को केकड़ी सदर, सुरेंद्र सिंह को भिनाय, ओमप्रकाश मीना को आदर्श नगर, पारुल यादव को महिला थाना, अनिल कुमार शर्मा को अपराध शाखा, पुरखाराम को साइबर थाना तथा कल्पना राठौड़ को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (महिला अपराध एवं अनुसंधान) कार्यालय में लगाया गया है। 15 सब इंस्पेक्टर भी बदले सब इंस्पेक्टर स्तर पर बनवारी मीणा को सावर, नाहर सिंह मीणा को सराना, जगदीश प्रसाद को बोराडा, राजेश कुमार भादवा को अलवर गेट, दुर्गा लाल मीणा को सरवाड़, रामप्रसाद मीणा को भिनाय, नरेंद्र सिंह को नसीराबाद सदर, करण सिंह को केकड़ी शहर, रूप सिंह को केकड़ी सदर, गोविंद कुमार को कार्य प्रणाली शाखा, नारायण सिंह को मदनगंज, राजमल को अरांई, अर्जुन लाल को सिविल लाइंस और दिलीप कुमार को अपराध शाखा भेजा गया है। पुलिस महकमे में हुए इस बड़े फेरबदल को कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा प्रशासनिक कार्यों में गति लाने की कवायद माना जा रहा है। इसके अलावा 122 एएसआई और 500 कॉन्स्टेबलों की अलग-अलग ट्रांसफर लिस्ट भी जारी की गई है।

सांडेराव के वरिष्ठ पत्रकार नटवर मेवाड़ा का देहांत:अहमदाबाद में इलाज के दौरान लीं अंतिम सांस, नम आंखों से किया अंतिम संस्कार

पाली जिले के सांडेराव निवासी वरिष्ठ पत्रकार नटवर मेवाड़ा का शुक्रवार को अहमदाबाद के सिविल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान निधन हो गया। शनिवार दोपहर को सांडेराव में नम आंखों के साथ परिजनों और परिचितों ने उनकी पार्थिक देह का अंतिम संस्कार किया। इस दौरान बड़ी संख्या में परिजन, समाज के लोग और ग्रामीण मौजूद रहे। दिवंगत मेवाड़ा के बेटे महावीर मेवाड़ा ने बताया कि उनके पिता पिछले कुछ समय से किडनी की समस्या से परेशान थे। किडनी के पास पानी भरने से सुमेरपुर और फिर अहमदाबाद सिविल हॉस्पिटल में इलाज लिया। 6 जुलाई से वे सिविल हॉस्पिटल में वेंटिलेटर पर थे। शुक्रवार 10 जुलाई की रात करीब 11 बजे उन्होंने अंतिम सांस लीं। शनिवार दोपहर को सांडेराव में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

जयपुर में युवक-युवती परिचय सम्मेलन कल:दो चरणों में होगा 248वें सम्मेलन का आयोजन, सभी समाजों के युवा एक ही मंच पर चुनेंगे जीवनसाथी

जयपुर में माली सैनी समाज विकास आदर्श संस्था की ओर से रविवार 12 जुलाई को सर्व जातीय युवक-युवती परिचय सम्मेलन कराया जाएगा। संस्था के अध्यक्ष रमेश सैनी फरमेवाला ने बताया कि सम्मेलन का आयोजन नारायण गढ़ पैलेस सुंदर विहार स्वेज फार्म सोडाला में होगा। इस 248वें सम्मेलन में विभिन्न समाजों के युवक-युवतियों का परिचय सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक एक ही मंच पर कराया जाएगा। पहले चरण सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक सैनी ने बताया कि सम्मेलन का आयोजन दो चरणों में होगा। पहले चरण में उच्च शिक्षा प्राप्त और नौकरी पेशा युवक-युवतियों का परिचय कराया जाएगा। पहला चरण सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक चलेगा। दूसरे चरण में सामान्य पढ़े लिखे युवक-युवतियों का परिचय होगा। दूसरे चरण में परिचय दोपहर 1 से 3 बजे तक कराया जाएगा। सम्मेलन में सभी समाजों के युवक-युवती आएंगे रमेश सैनी ने कहा कि सम्मेलन में सभी समाजों के युवक-युवती अपने परिजनों (माता-पिता) के साथ परिचय के लिए आएंगे और अपने जीवन साथी का चयन करेंगे। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का आयोजन हर साल होता है। पूर्व में यह सैनी समाज के लिए था, लेकिन अब इसका आयोजन सर्व समाज के लिए किया जाता है। 247वें सम्मेलन में आए थे सैंकड़ों युवा रमेश सैनी ने बताया कि युवक-युवतियों के परिचय के लिए 4 जुलाई को 247वें सम्मेलन का आयोजन किया गया था, जिसमें सैकड़ों की संख्या में युवक-युवतियों ने अपने जीवन साथी का चयन किया। 4 जुलाई के सम्मेलन में समयावधि के बाद भी युवाओं का आना लगा रहा, जिसके चलते संस्थान ने सम्मेलन के दोबारा आयोजन का निर्णय लिया।

तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने स्कूटी सवार बहनों को मारी टक्कर,VIDEO:उछलकर दोनों सड़क पर गिरी; गृह प्रवेश के लिए पूजा का सामान लेने निकली थी

नागौर शहर में शनिवार की दोपहर तेज रफ्तार स्कॉर्पियो एक स्कूटी को टक्कर मारने के बाद सवारियों से भरी पिकअप से जा भिड़ी। हादसे में स्कूटी सवार दोनों बहनें घायल हो गईं। जबकि पिकअप से टकराने के बाद स्कॉर्पियो का टायर पंचर हो गया। हादसा बीकानेर रोड पर डीडवाना तिराहे पर दोपहर करीब 3 बजे हुआ, जिसका वीडियो भी सामने आया है। कोतवाली थाना एएसआई भगवाना राम के अनुसार, फिलहाल दोनों पक्षों की तरफ से मामला दर्ज नहीं करवाया गया है। हालांकि एहतियात के तौर पर गाड़ियों को थाने में खड़ा करवाया गया है। अब देखिए- एक्सीडेंट से जुड़ी 3 तस्वीरें गृह प्रवेश के कार्यक्रम के लिए पूजा का सामान लेने निकली थी दोनों बहनें
घायल बहनों के भाई सुरेश ने बताया- प्रेम नगर कॉलोनी स्थित उनके नवनिर्मित मकान में शनिवार को गृह प्रवेश और प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम था। दोनों युवतियां पूजा का सामान खरीदने के लिए स्कूटी से बाजार गई थीं। सामान लेकर लौटते समय डीडवाना तिराहे पर तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी, जिससे दोनों सड़क पर गिरकर घायल हो गईं। हादसे में स्कूटी सवार भगवती और उसके पीछे बैठी चचेरी बहन के हाथ और कमर में चोटें आई हैं। उन्हें इलाज के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू सरकारी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई हैं। हालांकि गनीमत रही कि पीछे से कोई तेज रफ्तार में गाड़ी नहीं आ रही थी, वर्ना बड़ा हादसा हो सकता था। कोतवाली थाना एएसआई भगवाना राम ने बताया कि स्कॉर्पियो, स्कूटी और पिकअप को जब्त कर थाने पहुंचाया और मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोनों युवतियां स्कूटी से रोड क्रॉस कर रही थी, इसी दौरान हादसा हुआ। हालांकि स्कूटी को टक्कर मारने के बाद स्कॉर्पियो का बैलेंस बिगड़ा और वह रॉन्ग साइड में खड़ी पिकअप से टकराकर रूक गई। मामले में दोनों घायलों को इलाज के बाद हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई है।

उदयपुर में जैन मुनि आचार्य आदित्य सागर का प्रवेश:बोले-बिना संस्कारों के इंसानी जीवन घुन लगे गेहूं जैसा कचरा, जो भाग्य में लिखा है, वही होना है

उदयपुर के धोल की पाटी स्थित जैन मंदिर में मुनि आचार्य आदित्य सागर का मंगल प्रवेश हुआ। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए समाज की कुरीतियों, संस्कारों और साधु के सही अर्थ पर बेबाकी से अपनी बात रखी। मुनि आदित्य सागर ने घोषणा की कि वे अगले 4 महीने तक उदयपुर में ही रहेंगे और उनका चातुर्मास यहीं संपन्न होगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि चातुर्मास में क्या आया और क्या गया, यानी क्या आय-व्यय रहा, इससे उनका कोई सरोकार नहीं है। यह सब देखना और संभालना समाज का काम है। वे केवल अपनी साधना करेंगे और जैसे ही चातुर्मास का समय पूरा होगा, वे यहां से विहार कर जाएंगे। बिना चरित्र के इंसान घुन लगे गेहूं जैसा मुनि आदित्य सागर ने आज के समाज में युवाओं और बच्चों की स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज के समय में लोगों को खुद का इंटरैक्शन पसंद नहीं आ रहा है। हर कोई अपने फोन में बिजी है, स्टेटस लगाने में मस्त है। इस अकेलेपन और भटकाव का एक बहुत बड़ा कारण पढ़ाई की व्यवस्था भी है। आठवीं और दसवीं क्लास से ही बच्चों को घर से दूर बाहर पढ़ने के लिए भेज दिया जाता है। वहां वे अकेले रहते हैं और जो उनका मन करता है, वही करते हैं। अकेले रहने की यह आदत बच्चों को बिगाड़ देती है क्योंकि वहां उन्हें कोई देखने-टोकने वाला नहीं होता। उन्होंने पढ़ाई कर रहे बच्चों को सीधा संदेश देते हुए कहा कि अगर आपके पास कैरेक्टर (चरित्र) नहीं है, तो यह समझ लीजिए कि आप एक घुन लगे गेहूं के समान हैं। ऐसे गेहूं को जब पीसा जाएगा तो उससे आटा नहीं मिलेगा, बल्कि सिर्फ कचरा ही हाथ आएगा। इसलिए जीवन में संस्कारों और चरित्र का होना सबसे ज्यादा जरूरी है। संस्कार शिविरों से बदल रहा बच्चों का जीवन मुनि ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि वे बच्चों के संस्कार बचाने के लिए लगातार कार्यक्रम और शिविर करते हैं। हालांकि, हजारों बच्चों में से 5-10 बच्चे ऐसे भी होते हैं जो शिविर के बाद भी संस्कारहीन हो जाते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि प्रयास छोड़ दिया जाए। बाकी बच्चे तो बच जाते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे भीषण गर्मी के मौसम में अगर किसी को एक कटोरी पानी भी मिल जाए, तो उसकी प्यास बुझ जाती है। ठीक उसी तरह बच्चों के संस्कार बचाने का यह प्रयास भी है। संस्कार मिलने के बाद केवल 1 से 2 परसेंट बच्चों में ही ऐसा रिजल्ट दिखता है, जिन्होंने नियम तोड़ दिए, लेकिन ज्यादातर सकारात्मक और अच्छे परिणाम ही सामने आए हैं। इसी वजह से वे इसे आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी साफ किया कि धर्म किसी जाति विशेष का नहीं होता। जैन धर्म हो या कोई अन्य दर्शन, जो इसे स्वीकार कर ले, धर्म उसी का हो जाता है। उनके द्वारा आयोजित होने वाले संस्कार शिविर और दंपत्ति संस्कार शिविर में दस लक्षण पर्व के दौरान अन्य लोग भी बैठ सकते हैं। पूजन-अभिषेक का नियम लोग अपने हिसाब से तय कर सकते हैं, लेकिन संस्कार का असली मतलब यही है कि हम एक-दूसरे के प्रति वफादार रहें। दिखावे की शादियों पर किया करारा प्रहार समाज में बढ़ रहे दिखावे के चलन पर मुनि श्री ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज चारों तरफ दिखावे का जो दौर चल रहा है, वह असल में असत्य का दौर है। शादी-ब्याह में 25 प्रकार के व्यंजन और 100 प्रकार की डिशेज बनाई जा रही हैं। लोग सिर्फ इसलिए अंधाधुंध पैसा बहा रहे हैं क्योंकि फलां व्यक्ति ने इतनी बड़ी शादी की थी, तो हमें भी वैसी ही करनी है। जो भाग्य में लिखा है, वही होना है उन्होंने समाज को आईना दिखाते हुए कहा कि ऐसा करने से आपका स्टेटस बढ़ नहीं रहा है, बल्कि गिर रहा है। एक बड़ी और खर्चीली शादी करने के बाद इंसान अगले दो साल तक भारी तनाव में रहता है क्योंकि उसे वह कर्जा चुकाना होता है। उन्होंने मुहूर्त निकालने की प्रथा पर भी तंज कसते हुए कहा कि लोग मुहूर्त के पीछे भागते हैं, जबकि असलियत यह है कि जो भाग्य में लिखा है, वही होना है। मुनि श्री ने समाज के उन फैसलों की सराहना की जहां भोजन में केवल 15 चीजें बनाने का नियम लागू किया गया है और खर्चों की लिमिट तय की गई है। इससे समाज का पैसा बर्बाद होने से बचता है और यही बचा हुआ धन विपरीत परिस्थितियों में काम आता है। उन्होंने हर समाज को यह सुझाव दिया कि वे अपना एक सामूहिक वैवाहिक स्थान बनाएं, जहां बेहद कम खर्च में और पूरी शुद्धता के साथ विवाह संपन्न हो सकें। 2008 में खुद संस्कार शिविर से साधु बनने की प्रेरणा मिली साधु के सच्चे स्वरूप को समझाते हुए मुनि आदित्य सागर ने कहा कि उनके चातुर्मास का सबसे बड़ा कार्यक्रम संस्कार शिविर ही रहने वाला है। इस शिविर में देश-दुनिया के लाखों श्रावक ऑनलाइन और ऑफलाइन जुड़कर 10 दिनों तक धर्म सीखते हैं। इसी शिविर के दौरान कई बार किसी का मन ऐसा बदलता है कि वह साधु बनने की राह पर चल पड़ता है। उन्होंने अपनी जिंदगी का एक बड़ा राज खोलते हुए बताया कि साल 2008 में वे खुद एक संस्कार शिविर में बैठे थे। उसी शिविर में वे अपने गुरुजी से इस कदर प्रभावित हुए कि उन्होंने साधु बनने का फैसला कर लिया। उन्होंने कहा कि संस्कार शिविर की परिकल्पना बहुत गहरी है और जैन समाज इसमें बढ़-चढ़कर सहयोग करता है, ताकि आने वाली पीढ़ी संस्कारी बने। अगर लाखों में से एक भी साधु निकल जाता है, तो वह आगे चलकर करोड़ों लोगों को सही राह दिखाने और शिक्षा देने के काबिल बन जाता है। डिफेंडर गाड़ी में घूमने वाले गो-भक्षक हैं, रक्षक नहीं जैन दर्शन में साधु की परिभाषा को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि जो पांचों इंद्रियों के विषयों से और भविष्य के भवों में मिलने वाले सुखों की आशा छोड़ चुके हैं, जिन्होंने आरंभ और परिग्रह का त्याग कर दिया है और जो हर समय ज्ञान, ध्यान व तप में लीन रहते हैं, वही सच्चे साधु हैं। उन्होंने कहा कि वे कथा वाचन करने वालों को साधु नहीं मानते, वे केवल कथावाचक हैं। साधु वही है जो कठिन तपस्या करता है और तपस्या हमेशा त्याग से आती है, न कि राग से। जैन मुनि सर्वस्व त्याग करके ही इस मार्ग पर आगे बढ़ते हैं। उन्होंने बिना किसी डर के कहा कि आज अगर कोई साधु यह कहता है कि गो-हत्या नहीं होनी चाहिए, गो-वंश की रक्षा होनी चाहिए और वह खुद करोड़ों की डिफेंडर गाड़ी में घूम रहा है, तो वह गो-वंश का रक्षक नहीं बल्कि भक्षक है। उन्होंने लोगों से कहा कि वे इंटरनेट पर सर्च करके देखें कि एक डिफेंडर गाड़ी के इंटीरियर और उसके पार्ट्स को बनाने में गाय समेत 8 जानवरों को मारकर उनके चमड़े का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में जो लोग हवाई जहाजों और लग्जरी गाड़ियों में सफर कर रहे हैं, वे साधु नहीं बल्कि गृहस्थ या कथावाचक मात्र हैं। जैन मुनि का नाता केवल त्याग और राग-द्वेष को छोड़ने से होता है।

पार्क में लगी अंबेडकर की प्रतिमा को किया खंडित:मामला दर्ज, ग्रामीणों ने की असामाजिक तत्वों ने पकड़ने की मांग

भरतपुर में असामाजिक तत्वों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को तोड़ दिया। जिससे लोगों को आक्रोश फैल गया। सूचना मिलने पर लोगों की भीड़ इक्कठा हो गई। ग्रामीणों ने असामाजिक तत्वों को पकड़ने को लेकर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर हलैना पुलिस मौके पर पहुंची और घटना का जायजा लिया। मामला हलैना वैर रोड़ पर शनिवार सुबह का है। असामाजिक तत्वों ने तोड़ी प्रतिमा हलैना थाना अधिकारी विजेंद्र सिंह ने बताया- दीपेश निवासी हलैना ने FIR दर्ज करवाई है। रिपोर्ट में बताया है कि हलैना-वैर रोड़ उप तहसील के सामने अंबेडकर पार्क बना हुआ है। जिसमें बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगी हुई है। रात में किसी असामाजिक तत्व ने अंबेडकर पार्क में लगी प्रतिमा को खंडित कर दिया है। प्रतिमा को कपड़े से ढका असामाजिक तत्वों ने प्रतिमा से नाक, आंख और चश्मे को तोड़ा है। इस घटना का जब पता लगा तो, सर्व समाज के लोग अंबेडकर पार्क में इकट्ठे हो गए और, प्रतिमा को खंडित करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। फिलहाल प्रतिमा को कपड़े से ठक दिया गया है।

मुंह में कपड़ा ठूंसने से सांस नहीं ले सका व्यापारी:काफी देर कमरे में तड़पते रहे, फिर दम तोड़ा; 19 घंटे बाद वारदात का पता चला

अलवर शहर में घर में घुसकर व्यापारी की हत्या के मामले में नए तथ्य सामने आए हैं। व्यापारी के घर में घुसकर लूट करने की वारदात का करीब 19 घंटे बाद पता चला था। ऐसे में बुजुर्ग काफी देर तड़पते रहे। मामले में मृतक के भांजे और नगर निगम के पूर्व चेयरमैन अजय अग्रवाल ने बताया कि मेरे मामा दिनेश चंद अग्रवाल (80) ने तड़पने के बाद दम तोड़ा था। आरोपी आसपास के थे और नशेड़ी थे। जो 9 जून की रात करीब 12 बजे छत के ऊपर से कमरे में घुसे थे। कमरे में रखे सिक्के और नकदी चोरी करते समय बुजुर्ग जाग गए। एक आरोपी को पहचान लिया। इसके बाद सबने मिलकर बुजुर्ग के हाथ-पैर बांधे और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। केवल नाक खुली छोड़ दी। फिर कमरे की लाइट बंद कर चले गए। बुजुर्ग पूरी तरह सांस नहीं ले सके। जो तड़पते रहे। फिर दम टूट गया। यह सब पुलिस की जांच में सामने आया है। इसकी जानकारी पुलिस ने दी है। बता दें कि घटना की जानकारी गुरुवार शाम करीब 7 बजे पुलिस को मिली थी। खदाना मोहल्ला निवासी व्यापारी दिनेश चंद अग्रवाल (80) घर में मृत मिले थे। नका बेटा विकास अग्रवाल मेडिकल रिप्रजेंटेटिव (MR) है। वह परिवार के साथ स्कीम-4 में रहता है। घर में घुसे थे 5 बदमाश पुलिस पूछताछ में सामने आया कि वारदात वाली रात 5 बदमाश छत के रास्ते से नीचे बुजुर्ग दिनेश चंद अग्रवाल के कमरे में दाखिल हुए थे। उस समय बुजुर्ग गहरी नींद में थे। लेकिन कमरे में आहट होते ही उनकी नींद खुल गई और वे चारपाई से खड़े हो गए थे। नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन ने ली एसपी से जानकारी घटना की गंभीरता को देखते हुए नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन ने अलवर एसपी से मुलाकात कर मामले की पूरी जानकारी ली, जिसके बाद पुलिस की कार्रवाई का ब्योरा सामने आया। मामले में करण (20) पुत्र रामजीलाल निवासी दारूकुटा मोहल्ला और तेजू उर्फ तेजपाल (20) पुत्र अशोक निवासी सरकारी क्वार्टर, मालवीय नगर को डिटेन किया है। मुख्य आरोपी अभी पकड़ से बाहर है। दो नाबालिगों की भी संलिप्ता सामने आई है। एएसपी दीपक कुमार ने बताया- घटना रात करीब 12 बजे के आसपास की है। चोरी करने के इरादे से घुसे बदमाशों ने बुजुर्ग के हाथ-पैर बांध दिए थे। मुंह में कपड़े ठूस दिए थे। यह जानकारी कमरे पर सबसे पहले पहुंचे बुजुर्ग के बेटे ने दी। मृतक के हाथ पैरों पर निशान भी थे। ऐसा लगता है कि बदमाशों के जाने के बाद बुजुर्ग को पूरी तरह सांस नहीं मिली। पानी भी नहीं मिला। इसके कारण जान चली गई। ये भी पढ़ें… पड़ोसियों ने की 80 साल के व्यापारी की हत्या:रोज अंकल-अंकल कहते थे, चोरी करने घुसे; जागने पर मुंह में कपड़ा ठूंसा अलवर शहर में बदमाशों ने घर में घुसकर व्यापारी की हत्या कर दी। उनके हाथ-पैर बांधकर मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। इसके बाद घर से करीब डेढ़-दो लाख रुपए लूटकर फरार हो गए। 12 घंटे में ही पुलिस ने वारदात का खुलासा कर दिया। दो आरोपियों को डिटेन किया है। (पूरी खबर पढ़ें)