ब्रेकिंग न्यूज़
भारत के स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर वर्ल्ड मीडिया:NYT ने लिखा- प्रदर्शनकारियों का खून बहा, लेकिन झुके नहीं; गार्डियन बोला- छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलन की गूंज विदेशी मीडिया तक पहुंची है। न्यूयॉर्क टाइम्स, द गार्डियन, बीबीसी समेत कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने इसे प्रमुखता से कवर किया है। सोमवार को CJP ने जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और पथराव भी हुआ। दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए। पढ़िए, किस विदेशी मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में क्या लिखा… न्यूयॉर्क टाइम्स: प्रदर्शनकारियों का खून बहा, लेकिन वे डटे रहे अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा कि खून बहा, लाठियां चलीं, आंसू गैस के गोले दागे गए, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे। संसद मार्च के अगले ही दिन हजारों छात्र फिर जंतर-मंतर पहुंच गए और सरकार से जवाब मांगने लगे। अखबार के मुताबिक, छात्र शिक्षा व्यवस्था और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार अब भी उनकी मांगों पर चुप है। रिपोर्ट में आंदोलनकारी संगठनों के हवाले से 150 प्रदर्शनकारियों के घायल होने का दावा किया गया है। वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि 118 पुलिसकर्मी घायल हुए और करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। द गार्डियन: प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं ब्रिटेन के अखबार गार्डियन ने लिखा कि पुलिस की कार्रवाई भी छात्र आंदोलन को रोक नहीं सकी। सोमवार की झड़प के अगले दिन हजारों प्रदर्शनकारी फिर जंतर-मंतर पहुंच गए और साफ कर दिया कि वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। अखबार ने लिखा कि आंदोलन अब सिर्फ शिक्षा सुधार की मांग तक सीमित नहीं रहा। बड़ी संख्या में युवा सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए भी सड़कों पर उतर रहे हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि उसने हालात को काबू में रखने के लिए कार्रवाई की। फाइनेंशियल टाइम्स: मोदी के विरोध में उतरे राहुल-प्रियंका हिरासत में ब्रिटेन के अखबार फाइनेंशियल टाइम्स ने अपनी लीड रिपोर्ट में लिखा कि छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास तक मार्च कर रहे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दोनों को बाद में रिहा कर दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस नेताओं ने सोमवार को छात्र आंदोलन पर हुई लाठीचार्ज और आंसू गैस की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया। राहुल गांधी ने X पर लिखा, “मोदी जी, जितना दबाव बनाना है बना लीजिए, लेकिन छात्रों के न्याय की लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है।” फाइनेंशियल टाइम्स ने लिखा कि सरकार की ओर से बातचीत के लिए पहुंचे एक मंत्री ने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग खारिज कर दी। उनका कहना था कि राहुल गांधी का यह रुख लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। अल जजीरा: आंदोलन पर मोदी की चुप्पी, राहुल का समर्थन कतर के न्यूज चैनल अल जजीरा ने लिखा कि छात्र आंदोलन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं, विपक्ष के नेता राहुल गांधी खुलकर प्रदर्शनकारियों के समर्थन में उतर आए। अल जजीरा ने एक्सपर्ट्स के हवाले से लिखा कि यह आंदोलन अब सिर्फ शिक्षा सुधार का मुद्दा नहीं रह गया है। इसने सरकार की जवाबदेही और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका पर नई बहस छेड़ दी है। BBC: ‘पुलिस ने महिलाओं को भी नहीं बख्शा’ ब्रिटेन के टीवी BBC ने लिखा कि पुलिस कार्रवाई में महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया। कई प्रदर्शनकारियों ने BBC को बताया कि लाठीचार्ज के दौरान महिलाओं के साथ भी सख्ती की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस कार्रवाई के अगले दिन भी हजारों प्रदर्शनकारी फिर जंतर-मंतर पहुंचे और आंदोलन जारी रखा। पुलिस ने प्रदर्शन स्थल पर बना मंच और अस्थायी टेंट भी हटा दिए। BBC ने राहुल गांधी के बयान का भी जिक्र किया। रिपोर्ट में कहा गया कि उन्होंने छात्रों की मांगों का समर्थन किया, सरकार से जवाब मांगा और कांग्रेस सांसदों के साथ प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकाला। डॉन: छात्र आंदोलन से विपक्ष को मोदी सरकार को घेरने का मौका मिला पाकिस्तान के अखबार डॉन ने लिखा कि छात्र आंदोलन ने विपक्ष को मोदी सरकार पर हमला बोलने का नया मौका दे दिया है। पुलिस कार्रवाई के बाद लगभग सभी प्रमुख विपक्षी दल प्रदर्शनकारियों के समर्थन में उतर आए। रिपोर्ट में कहा गया कि बड़ी संख्या में युवाओं के सड़कों पर उतरने और पुलिस कार्रवाई की तस्वीरें सामने आने के बाद आंदोलन को राजनीतिक समर्थन मिलने लगा। विश्लेषकों के हवाले से अखबार ने लिखा कि इससे विपक्ष को युवा वोटरों तक पहुंच बनाने का मौका मिल सकता है। हालांकि, इससे छात्रों के मूल मुद्दे राजनीतिक बहस में पीछे छूटने का खतरा भी है। डॉन ने राहुल गांधी के बयान का भी जिक्र किया। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।

श्रीगंगानगर में कांग्रेस विधायक और पुलिस के बीच धक्कामुक्की:रूपिंदर कुन्नर बोले- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रहेगा, कई कांग्रेसी जमीन पर गिरे

दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेने के विरोध में श्रीगंगानगर जिला कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्कामुक्की हो गई। कांग्रेस जिला अध्यक्ष रुपिंदर सिंह कुन्नर बीबी नहर पर पुलिस द्वारा की गई नाकाबंदी को तोड़कडर मांझूवास-नरसिंहपुरा बारानी अपने समर्थकों के साथ जा रहे थे। कुन्नर अपने समर्थकों के साथ बेरिकेडिंग तोड़ते हुए आगे बढ़े। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की हो गई, जिसमें कई कांग्रेस कार्यकर्ता जमीन पर गिर गए। प्रदर्शनकारियों ने सुबह 10 बजे ही पदमपुर-श्रीगंगानगर स्टेट हाईवे जाम कर दिया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष व श्रीकरणपुर विधायक रूपिंदर सिंह कुन्नर के नेतृत्व में सैंकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता किसान चौक सीसी हेड पर धरने पर बैठ गए। श्रीगंगानगर-पदमपुर स्टेट हाईवे को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूरी तरह से जाम कर दिया। हाईवे पर बैठकर कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी करने लगे। हाईवे पर जाम की स्थिति बन गई, जिसके कारण 6 सीसी से श्रीगंगानगर रूट डायवर्ट किया गया है। जिलाध्यक्ष रुपिंदर सिंह कुन्नर ने कहा- केंद्र सरकार छात्रों का भविष्य बर्बाद करने वाले घोटालों को दबाने के लिए दमनकारी नीति अपना रही है। जंतर मंतर पर लाठीचार्ज और बड़े नेताओं की गिरफ्तारी लोकतंत्र की हत्या है। परेशान छात्रों ने सुसाइड किया है। इसके वाबजूद सरकार छात्रों को पीट रही है। हम धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखेंगे। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और मांग की कि पेपर लीक की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। चक्का जाम के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इनपुट सहयोग- अरुण चावला, श्रीगंगानगर

जंगल में युवक का शव मिला, हत्या की आशंका:शरीर पर चोट के कई निशान; FSL टीम ने जुटाए सबूत

जयपुर के हरमाड़ा में आज सुबह एक युवक का शव मिला है। युवक के शरीर पर चोट के निशान है, इससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और एफएसएल टीम ने मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाए। घटना स्थल के आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे है। युवक की पहचान नहीं हुई है। जानकारी अनुसार- युवक का शव चेतन पर्वत के पास जंगल में मिला। घटना की जानकारी मिलते ही डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण और हरमाड़ा थाना प्रभारी नरेंद्र भडाणा मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। प्रारंभिक जांच में युवक के शरीर पर धारधार हथियार से चोट के कई निशान मिले हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मृतक की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। आस-पास के क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज, घटना स्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि जंगल में शव मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर पुलिस टीम ने पहुंचकर एफएसएल टीम को बुलवाकर साक्ष्य जुटाए है। युवक के शरीर पर चोट के निशान मिले है, मामले में जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। यहां देखें फोटोज

उदयपुर के महाराज की खेड़ी में शनि-महाराज का मेला आज:शाम 7 बजे होगी महाआरती, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पांडाल बनाए

उदयपुर जिले के डबोक स्थित महाराज की खेड़ी में बुधवार को भडिया नम के उपलक्ष्य शनि महाराज मेला आज भरेगा। भंवर रावल मठाधीश गुरु मोहन रावल के सानिध्य में होने वाले मेले में बड़ी संख्या में आसपास गांवों से श्रद्धालु पहुंचेंगे। दोपहर 12 बजे बालभोग समर्पण होगा और इसके बाद प्रसाद वितरण का कार्यक्रम होगा। शाम 7 बजे होगी महाआरती शाम को होने वाली महाआरती में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यहां पंडाल में बैठने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा पानी, प्राथमिक चिकित्सा, सुरक्षा व्यवस्था और वाहनों के लिए अलग से पार्किंग व्यवस्था की गई है। आयोजकों ने उदयपुर सहित आसपास गांव के सभी श्रद्धालुओं से परिवार सहित मेले में शरीक होने की अपील की है।

कॉमनवेल्थ गेम्स- भारतीय बॉक्सिंग टीम का सामान आयरलैंड में छूटा:बेलफास्ट से ग्लासगो जाते वक्त एयरपोर्ट पर रह गया; ओपनिंग सेरेमनी की ड्रेस-किट भी नहीं पहुंची

कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए मंगलवार को बेलफास्ट से ग्लासगो पहुंची टीम को परेशानी का सामना करना पड़ा। टीम का आधा सामान बेलफास्ट में ही छूट गया, जहां खिलाड़ी ट्रेनिंग कर रहे थे। इनमें बॉक्सिंग गियर, किट और ओपनिंग सेरेमनी की ड्रेस शामिल हैं। समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, टीम के सदस्यों ने बताया कि आयरलैंड की राजधानी बेलफास्ट से ग्लासगो जाने वाला विमान काफी छोटा था। इस वजह से काफी सामान वहीं छोड़ना पड़ा। कॉमनवेल्थ गेम्स 23 जुलाई से शुरू हो रहे हैं। पहले दिन ओपनिंग सेरेमनी होगी। बॉक्सिंग के मुकाबले 24 जुलाई से शुरू होने हैं। भाारत ने गेम्स में 22 बॉक्स उतारे हैं। ये सभी खिलाड़ी 12 जुलाई से बेलफास्ट में स्पेशल ट्रेनिंग कर रहे थे। 3 फोटो देखिए… वर्ल्ड चैंपियन जैस्मीन और हेड कोच का सामान गायब वर्ल्ड चैंपियन जैस्मीन लंबोरिया (57 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किग्रा), परवीन हुड्डा (65 किग्रा), जादुमनी सिंह (55 किग्रा) और कपिल पोखारिया (90 किग्रा) का सामान मिसिंग है। प्लेयर्स के अलावा, मेंस टीम के हेड कोच सी. कुटप्पा का बैग भी ग्लासगो नहीं पहुंचा है। इसी महीने जब टीम दोहा से बेलफास्ट जा रही थी, तब भी लगेज को लेकर ऐसी ही समस्या आई थी। महिला कोच को अलग होटल में ठहराया, तैयारियों पर असर सामान छूटने के साथ-साथ टीम को रुकने की व्यवस्था में भी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। महिला मुक्केबाजों की कोच को उस होटल में कमरा नहीं मिला है, जहां खिलाड़ी ठहरी हुई हैं। कोच को खिलाड़ियों से दूर दूसरे होटल में रखा गया है, जिससे टूर्नामेंट की तैयारियों और टीम के तालमेल में परेशानी आ रही है। ————————————– कॉमनवेल्थ गेम्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… चानू और लवलीना होंगी भारत की ध्वजवाहक, IOA ने घोषणा की ओलंपिक मेडलिस्ट मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के उद्घाटन समारोह में भारत की ध्वजवाहक होंगी। भारतीय ओलंपिक संघ ने शनिवार को इसकी घोषणा की। इस मल्टी-स्पोर्ट इवेंट का उद्घाटन समारोह 23 जुलाई को आयोजित किया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर

जोधपुर में बारिश, सड़कों पर भरा पानी:मानसून एंट्री के 15 दिन बाद शहर में बदला मौसम; अगले 4 दिनों तक आंधी-बारिश का अलर्ट

जोधपुर में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बुधवार शाम अचानक मौसम बदला और तेज हवा के साथ बारिश शुरू हुई। इससे पूर्व शहर में मंगलवार देर रात बूंदाबांदी हुई। जोधपुर में 7 जुलाई को मानसून की दस्तक के बाद बारिश पर ब्रेक लगा हुआ था। लेकिन, 15 दिन बाद अब शहरवासियों को उमस और गर्मी से राहत मिली है। वहीं, मंगलवार को अधिकतम तापमान में 1.4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और पारा 36.6 डिग्री रहा। यह सामान्य से 0.6 डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री गिरकर 29.2 डिग्री दर्ज हुआ, जो जुलाई के सामान्य तापमान 27.1 डिग्री से 2.1 डिग्री अधिक है। 47 फीसदी कम बारिश 21 जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार- जोधपुर में इस महीने सामान्य से 47.3 प्रतिशत कम बारिश हुई है। 21 जुलाई तक सामान्य बारिश 103.8 एमएम होनी चाहिए थी, जबकि इस बार केवल 56.5 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश की कमी के चलते शहर में उमस बढ़ रही है और लोग परेशान हैं। 26 जुलाई तक आंधी-बारिश का यलो अलर्ट मौसम विभाग ने आज से आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इसके 26 जुलाई तक जारी रहने की संभावना है। ऐसे में अगले पांच दिनों तक जोधपुर में मौसम करवट ले सकता है और कई इलाकों में आंधी के साथ बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
यह खबर भी पढ़ें… जोधपुर में बाजरा-मूंग की फसलें खराब, रेत में दबे खेत:किसान बोले-बारिश नहीं होने से जल गए पौधे; पशुओं के लिए चारा भी कहां से लाएंगे राजस्थान में इस बार मानसून सात दिन की देरी से आया। वहीं अब तक बारिश भी कम हुई है। इससे कई बांध खाली हैं। किसान भी परेशान हैं। जोधपुर में मानसून की एंट्री के साथ किसानों को उम्मीद थी कि बारिश का दौर चलेगा। ऐसे में खरीफ की फसलों की बुवाई शुरू कर दी थी, लेकिन जिले में मानसून की एंट्री के बाद से अच्छी बारिश नहीं हुई। (पूरी खबर पढ़ें)

जोधपुर में बाजरा-मूंग की फसलें खराब, रेत में दबे खेत:किसान बोले-बारिश नहीं होने से जल गए पौधे; पशुओं के लिए चारा भी कहां से लाएंगे

राजस्थान में इस बार मानसून सात दिन की देरी से आया। वहीं अब तक बारिश भी कम हुई है। इससे कई बांध खाली हैं। किसान भी परेशान हैं। जोधपुर में मानसून की एंट्री के साथ किसानों को उम्मीद थी कि बारिश का दौर चलेगा। ऐसे में खरीफ की फसलों की बुवाई शुरू कर दी थी, लेकिन जिले में मानसून की एंट्री के बाद से अच्छी बारिश नहीं हुई। जोधपुर में अब तक औसत से 45 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। जोधपुर के शेरगढ़ क्षेत्र में बारिश नहीं होने से 15 से ज्यादा गांवों में सैकड़ों बीघा खेतों में फसल खराब हो गई हैं। किसानों की मेहनत बेकार हो गई। किसान बोले- कई घंटों तक तपती धूप में मेहनत करते हुए फसलों की बुवाई की थी। हवा की वजह से जो फसलें खड़ी थी, वे रेत में दब गईं। रिपोर्ट में पढ़ें किसानों का दर्द… पहले देखें ये PHOTOS… 15 से ज्यादा गांवों में जल गईं फसलें जोधपुर जिले के शेरगढ़ क्षेत्र के सोइंतरा, भैर नगर, साई, हिम्मतपुरा, चाबा, सुवालिया, सोलंकियातला, सोमेसर, दासानिया, पाबूसर, चुतरपुरा, भूंगरा, तेना, खिरजा, रायसर, रामगढ़, साबरसर सहित आस-पास के गांवों में फसलें बर्बाद हो गईं। कम बारिश के बावजूद किसानों ने उम्मीद के साथ बुवाई की, लेकिन अब नमी की कमी और तेज गर्म हवा से फसलें झुलसने लगी हैं। ऐसे में क्षेत्र के किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। किसान बोले- पूरा खेत तबाह हो गया, अब कुछ नहीं बचा सोइंतरा, भैर नगर निवासी किसान राणाराम ने बताया- मेरे 50 बीघा से ज्यादा खेत है। इस बार बारिश की उम्मीद में बाजरा, मूंग, मोठ, तिल और ग्वार बोए थे। बुवाई के लिए 30 घंटे तक ट्रैक्टर चलाया था। इस पर करीब 50 हजार रुपए का खर्चा आया। बारिश नहीं होने से मेहनत पर पानी फिर गया। पूरी फसल जलकर खराब हो गई। इतने रुपए खर्च करने के बाद पूरा खेत तबाह हो गया। अब कुछ नहीं बचा। वहीं सोइंतरा, भैर नगर निवासी किसान रामूराम ने बताया- मेरे पास करीब 20 बीघा खेत है। बुवाई के लिए मजदूरों ने एक घंटे के एक हजार रुपए मजदूरी ली। खेत में जो फसलें खड़ी हैं, वे जल गई हैं। एक महीने से हवा चल रही है, जिससे फसल रेत में दब गई। पूरी फसल बर्बाद हो चुकी है। किसान बोले- बारिश नहीं हुई तो चारा कहां से लाएंगे क्षेत्र के किसानों ने बताया- बारिश नहीं होने से खेतों में खड़ी फसलें खराब हो चुकी हैं। ऐसे में चिंता बढ़ गई है कि पशुओं के लिए चारा कहां से लाएंगे। किसानाें ने मांग रखी कि प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे करवाकर हमें अनुदान ​दिया जाए। साथ ही पशुओं के चारे के लिए व्यवस्था करने की भी मांग की। खरीफ फसल : टारगेट से 39% कम बुवाई कृषि विभाग की 17 जुलाई तक की रिपोर्ट के अनुसार- इस साल खरीफ की फसलों का टारगेट 7.34 लाख हेक्टेयर है। अब तक केवल 4.51 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में ही बुवाई हो पाई है। कुल लक्ष्य का करीब 61 प्रतिशत ही पूरा हो सका है। टारगेट से 39 फीसदी कम बुवाई हुई है। मौजूदा स्थिति पिछले साल की तुलना में काफी कमजोर है। पिछले साल 15 जुलाई तक जिले में खरीफ फसलों की बुवाई तय टारगेट से ज्यादा हो चुकी थी। कृषि विशेषज्ञ इस बार कम बुवाई को मानसून की कमजोर शुरुआत का सीधा परिणाम मान रहे हैं। कंटेंट/वीडियो इनपुट: विक्रम सिंह

पाकिस्तान में पेट्रोल 4.93 और डीजल 7.15 रुपया महंगा:पेट्रोल 320.73 और हाई-स्पीड डीजल 367.21 रुपया लीटर मिल रहा, नई कीमतें 18 जुलाई से लागू

पाकिस्तानी सरकार ने पेट्रोल के दाम में 4.93 रुपया प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल (HSD) में 7.15 रुपया प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। नई दरें 22 जुलाई से लागू हो गई हैं। दामों में इस बदलाव के बाद अब बाजार में पेट्रोल की नई कीमत 320.73 रुपया लीटर और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 367.21 रुपया प्रति लीटर हो गई है। भारत और पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतें नोट: ₹- भारतीय रुपया, पाकिस्तान में भारतीय रुपए की वेल्यू 2.88 पाकिस्तानी रुपया के बराबर है। अप्रैल के रिकॉर्ड हाई से कम हैं मौजूदा दरें ईंधन की मौजूदा कीमतें इस साल अप्रैल में बने अपने ऑल-टाइम हाई से अब भी काफी नीचे हैं: अब हफ्ते की जगह रोजाना तय हो रहे पेट्रोल डीजल के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतों में आ रहे तेज उतार-चढ़ाव को देखते हुए सरकार ने बड़ा नीतिगत बदलाव किया है। पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने घोषणा की है कि अब देश में फ्यूल रेट्स हफ्ते के बजाय रोजाना आधार पर तय किए जाएंगे। डीलर्स एसोसिएशन ने फैसले का विरोध किया सरकार के रोजाना रेट तय करने के फैसले का ऑल पाकिस्तान डीलर्स एसोसिएशन ने कड़ा विरोध किया है। एसोसिएशन ने इस व्यवस्था को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि वे इस फैसले के खिलाफ इसी हफ्ते विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। मिडिल क्लास और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर पेट्रोल की कीमतों में बदलाव का सीधा असर देश के मिडिल और लोअर-मिडिल क्लास पर पड़ता है, क्योंकि इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से प्राइवेट गाड़ियों, छोटी कारों, ऑटो रिक्शा और टू-व्हीलर्स में होता है। वहीं, डीजल महंगा होने से पूरे देश में महंगाई बढ़ने का खतरा है, क्योंकि इसका इस्तेमाल भारी कमर्शियल वाहनों (ट्रकों-बसों), पावर प्लांट्स और बड़े जनरेटरों में होता है। पाकिस्तान में हर महीने करीब 7 से 8 लाख टन पेट्रोल और डीजल की भारी-भरकम बिक्री होती है, जबकि केरोसिन (मिट्टी के तेल) की मासिक मांग सिर्फ 10 हजार टन ही है। यही वजह है कि पेट्रोल-डीजल सरकार के लिए रेवेन्यू जुटाने का सबसे बड़ा जरिया बने हुए हैं।

कांग्रेस प्रोटेस्ट, PM मोदी के पुतले को चप्पलों से पीटा:यमुनानगर में लाठियां मारकर आग लगाई, भिवानी में पुलिस से धक्का-मुक्की; 5 बजे पंचकूला BJP दफ्तर घेरेंगे

कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज और राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में हरियाणा कांग्रेस ने बुधवार को धरना-प्रदर्शन किया है। यमुनानगर में कांग्रेसियों ने धरना-प्रदर्शन के बाद पीएम मोदी के पुतले को लाठी-चप्पलों से पीटा और फिर आग के हवाले कर दिया। उधर, भिवानी में डीसी कार्यालय पहुंचे कांग्रेसियों को पुलिस ने गेट पर ही रोक लिया। इससे कांग्रेसियों ने नारोबाजी करते अंदर जाने का प्रयास किया। इसमें कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हो गई। वहीं, हिसार में कांग्रेस प्रदर्शन में गुटबाजी नजर आई। यहां शहरी जिलाध्यक्ष बजरंग दास गर्ग, ग्रामीण जिला अध्यक्ष बृजलाल से पहले ही ज्ञापन देने पहुंच गए। इससे शहरी और ग्रामीण जिलाध्यक्ष के बीच फूट फिर से उजागर हो गई। पंचकूला, कुरुक्षेत्र और करनाल में भी धरना-प्रदर्शन हुआ। उधर, शाम पांच बजे कांग्रेस ने पंचकूला में बीजेपी दफ्तर घेरने का भी ऐलान किया है। प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र ने सरकार के सामने तीन मांगे रखी हैं। हरियाणा में कांग्रेस-छात्र संगठनों के प्रदर्शन के PHOTOS… लोकभवन की ओर पैदल मार्च किया मंगलवार को दिल्ली में राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, प्रदेश प्रभारी संजय दत्त के नेतृत्व में पार्टी विधायकों ने रात नौ बजे पार्टी ऑफिस से पैदल मार्च निकाला। कांग्रेस नेता हरियाणा लोकभवन की ओर कूच रहे थे। मगर, कांग्रेस ऑफिस से कूछ दूर जाने पर ही इन नेताओं को पुलिस ने डिटेन कर लिया था। इसके बाद सभी को सेक्टर-17 थाने ले जाया गया। करीब एक घंटे बाद ही पुलिस ने इन नेताओं को छोड़ दिया था। सोनम वांगचुक गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में एडमिट:बाहर हरियाणा-दिल्ली पुलिस की थ्री लेयर सिक्योरिटी; केंद्रीय मंत्री नड्‌डा-जितेंद्र सिंह ने हालचाल जाना कॉकरोच जनता पार्टी के विजेता से मारपीट,VIDEO:युवक बोला- वहां स्टूडेंट मार खा रहे, तू यहां घूम रहा; दहिया बोले- मैं 48 घंटे वहां था हरियाणवी सिंगरों ने स्टूडेंट्स के समर्थन में नए गाने रोके:न्योलीवाला बोले- मेरी उम्र के युवा लाठियां खा रहे, मैं खुशियां नहीं मना सकता प्रोटेस्ट के अपडेट्स जानने के लिए नीचे के ब्लॉग से गुजर जाइए…

3.5 फीट के बक्से में ठूंस-ठूंसकर भरा पत्नी का शव:चुन्नी-जूतों की डोरी से घोंटा था गला, चौथे दिन बदबू आने से घबरा गया पति

पहले पत्नी को बेरहमी से पीटा। फिर जूतों की डोरी (शू लेस) और चुन्नी से उसका गला घोंट दिया। जब सांसें थम गईं तो शव को घर में रखे 3.5 फीट के बक्से (संदूक) में ठूंस-ठूंसकर भर दिया। शव के हाथ आगे की तरफ बांध दिए थे और पैरों को पीछे की ओर मोड़ दिया था। यह खुलासा आरोपी पति कृष्ण कुमार जाट (40) ने पुलिस पूछताछ में किया है। आरोपी ने 18 जुलाई को पत्नी सिलोचना (34) की बेरहमी से हत्या कर दी थी। मामला झुंझुनूं के सूरजगढ़ इलाके के अगवाना खुर्द गांव का है। आरोपी ने शातिर तरीके से वारदात को छुपाने का प्रयास किया, लेकिन बक्से से आ रही बदबू ने उसे परेशान कर दिया। इससे छुटकारा पाने के लिए मंगलवार (21 जुलाई) को गांव के एक व्यक्ति से सलाह लेनी चाही। इसी से पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ। पढ़िए यह रिपोर्ट… पत्नी से शराब के लिए मांगे थे पैसे, नहीं देने पर मार डाला अगवाना खुर्द निवासी आरोपी कृष्ण कुमार जाट की शादी साल 2009 में सिलोचना के साथ हुई थी। कृष्ण कुमार को शराब पीने की लत है। 18 जुलाई को भी उसे शराब पीने की तलब हुई। उसने पत्नी सिलोचना से पैसे मांगे, लेकिन सिलोचना ने इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों में बहस हो गई। गुस्से में आकर कृष्ण कुमार ने सिलोचना से मारपीट शुरू कर दी। वह जमीन पर गिर पड़ी, लेकिन कृष्ण कुमार फिर भी उसे पीटता रहा। चुन्नी और जूतों की डोरी से सिलोचना का बेरहमी से तब तक गला घोंटा, जब तक उसने दम नहीं तोड़ दिया। शव को बक्से में भरकर ऊपर गद्दा बिछा दिया सूरजगढ़ थानाधिकारी रामसिंह यादव ने बताया- महिला के शव के साथ भी क्रूरता की गई। आरोपी ने हत्या के बाद सबूत मिटाने और शव को ठिकाने लगाने के लिए पूरी प्लानिंग की। आरोपी ने घर में रखे बक्से को खाली किया। उसका सामान दूसरे कमरे में रख दिया। इसके बाद जमीन पर पड़ी पत्नी की लाश को बक्से में रखने लगा, जिससे उसे कहीं भी ले जाया जा सके। मृतका के दोनों हाथ आगे की तरफ बांध दिए और पैरों को पीछे की ओर मोड़कर साढ़े तीन फीट के बक्से में ठूंस दिया। बक्से के ऊपर गद्दा और चादर बिछा दी, जिससे घर में आने-जाने वाले किसी भी व्यक्ति को और खासतौर पर 16 साल के बेटे को शक न हो। वारदात के समय बेटा घर पर नहीं था। जब वह लौटा तो लगातार मां के बारे में पूछता रहा। आरोपी पिता ने उससे कहा कि मां उसके ननिहाल गई है। 3 दिन बाद शव से बदबू आई तो घबराया घटना के 3 दिन बाद शव से बदबू आने लगी तो आरोपी घबरा गया। आरोपी को बदबू रोकने का कोई तरीका नहीं सूझा तो वह 21 जुलाई को गांव के एक विश्वस्त व्यक्ति के पास गया और हत्या के बाद रखे शव से बदबू आने की बात कही। जब उस व्यक्ति ने पूरी मदद का आश्वासन दिया तो आरोपी पति ने हत्या की पूरी बात बताई। इसके तुरंत बाद उस व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में घटनास्थल पर सूरजगढ़ थाना पुलिस की टीम पहुंच गई। बक्से को खुलवाकर शव बरामद किया। आरोपी पति को डिटेन कर लिया। थानाधिकारी रामसिंह यादव ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आना अभी बाकी है। लेकिन प्राथमिक जांच से साफ है कि महिला को तड़पा-तड़पाकर मारा गया है। आरोपी पति से पूछताछ जारी है। … ये खबर भी पढ़िए… पत्नी की हत्या कर शव के हाथ बांधे,पैर तोड़ डाले:बक्से में छुपाया; 4 दिन तक बेटे को गुमराह करता रहा पिता झुंझुनूं में पैसे के विवाद में पति ने पत्नी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। मर्डर के बाद शव के हाथ बांध दिए और पैर तोड़कर बक्से में डाल दिया। चार दिन तक बेटे को गुमराह करता रहा। मामला सूरजगढ़ इलाके के अगवाना खुर्द गांव का है। पूरी खबर पढ़िए