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हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात गैंगस्टरों में दुश्मनी:लॉरेंस, गोदारा, ठेहट और आनंदपाल गैंग के 90 से ज्यादा बदमाश, हर घड़ी गैंगवार का खतरा

अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में गैंगवार का खतरा मंडरा रहा है। इसकी वजह है जेल में बंद एक-दूसरे की दुश्मन गैंग के कुख्यात बदमाश। लॉरेंस, रोहित गोदारा, आनंदपाल सिंह (AP गैंग), राजू ठेहट, राजू फौजी, बलभाराम जाट और शिवराज सिंह जैसे गैंग के करीब 90 गैंगस्टरों को यहां रखा गया है। लॉरेंस वर्सेज रोहित गोदारा, शिवराज वर्सेज भानु प्रताप जैसी कई गैंग हैं, जिनकी आपस में दुश्मनी किसी से छिपी नहीं है। कई बदमाश छोटी-छोटी बात पर भड़क जाते हैं और मर्डर करने पर उतारू हो जाते हैं। हाल ही में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या भी जेल के भीतर पनप रही दुश्मनी का ही नतीजा थी। इस मर्डर के बाद भास्कर ने जेल में बंद हार्डकोर अपराधियों का गैंग के साथ कनेक्शन और उनके बीच दुश्मनी की कड़ियां खंगाली। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए- जेल में कौन-कौन से टॉप हार्डकोर गैंगस्टर हैं, उनकी दोस्ती-दुश्मनी का गणित क्या है? अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद 90 टॉप हार्डकोर गैंगस्टर अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में इस समय कुल 90 हार्डकोर कैदी बंद हैं। इनमें गैंगस्टर लॉरेंस गैंग से उसका भांजा सचिन थापन, बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के मर्डर की साजिश रचने वाला गैंगस्टर कपिल पंडित, जयपुर में कई वारदातें कर चुका रितिक बॉक्सर, जगतपाल, सुमित विश्नोई, सुभाष बानूड़ा, दिनेश डाबर, और अजयपाल सिंह शामिल हैं। रोहित गोदारा गैंग के इशारे पर राजू ठेहट और सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपी भी इसी जेल में हैं। इनमें सतीश पहलवान, जतिन, विक्रम गुर्जर, मनीष बच्चियां, रोहित सिंह, रामवीर, उधम सिंह और नितिन फौजी जैसे कुख्यात बदमाश हैं। कोटा का कुख्यात गैंगस्टर शिवराज सिंह हाड़ा और उसकी गैंग का गौरव, लोकेश और शराफत इसी जेल में है। शिवराज गैंग की जानी दुश्मन माने जाने वाली भानुप्रताप गैंग का नंदू शूटर भी इसी जेल में बंद हैं। किशनगढ़ के पूर्व विधायक नाथूराम सिनोदिया के मर्डर सहित दूसरी कई बड़ी वारदातों को अंजाम देने वाला बलभाराम जाट, कुलदीप जघीना हत्याकांड में शामिल रहे विष्णु जाट, पंकज, रविंद्र और आदित्य, कुख्यात धन सिंह, श्रवण सिंह सोढा, इमरान मोगली, शादाब टोंक, राजू फौजी, बांसवाड़ा के गैंगस्टर भाई इम्तियाज और सिराज भी इसी हाई सिक्योरिटी जेल में कैद हैं। कन्हैयालाल हत्याकांड के दोनों आरोपी रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद, प्रकाश विश्नोई सांचौर, टेरर फंडिंग मामले में पकड़ा गया अल्तमश फरीदी, अमन अली और राजस्थान का सबसे बड़ा सीरियल रेपिस्ट सिकंदर उर्फ जीवाणु भी इसी जेल में बंद है। हाल ही में जेल में मारा गया डकैत जगन गुर्जर का छोटा भाई डकैत पप्पू गुर्जर अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में ही बंद है, जो हर पल अपने भाई की मौत का बदला लेने की आग में झुलस रहा है। लॉरेंस वर्सेज रोहित गोदारा गैंग : दोस्ती-दुश्मनी में बदली, विदेशों में भी ले रहे एक-दूसरे की जान बीकानेर के कपूरीसर का रहने वाला गैंगस्टर रोहित गोदारा पहले लॉरेंस विश्नोई के लिए ही काम करता था। लॉरेंस विश्नोई जेल में बंद था, तब रोहित गोदारा फर्जी पासपोर्ट पर विदेश भाग गया। वहां उसने लॉरेंस के सबसे करीबी रहे गोल्डी बराड़ के साथ मिलकर राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली सहित कई स्टेट में मर्डर-फिरौती की वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया था। पंजाबी सिंगर सिद्धू मुसेवाला मर्डर में भी ये जुगलबंदी शामिल रही थी। साल 2024-2025 के आस-पास लॉरेंस गैंग में फूट पड़ गई। लॉरेंस के भाई अनमोल विश्नोई को अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया था। लॉरेंस को तब शक हुआ कि गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा ने अनमोल की मदद नहीं की, बल्कि उसके लीगल केस में लापरवाही बरती और कई अहम जानकारी भी लीक की। इसके बाद लॉरेंस ने गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा से अपनी राहें अलग कर लीं। इसके बाद लॉरेंस गैंग और गोल्डी-रोहित गैंग ने वारदातों की जिम्मेदारी भी अलग-अलग लेनी शुरू कर दी। इसी के बाद दोनों गैंग एक-दूसरे के खून की प्यासी हो गई। अजमेर जेल में गैंगस्टर लॉरेंस की गैंग में शामिल और उसका सगा भांजा सचिन थापन, कपिल पंडित, ऋतिक बॉक्सर, जगतपाल, सुमित विश्नोई, सुभाष बानूड़ा, दिनेश डाबर और अजयपाल सिंह के अलावा लॉरेंस का साथ देने वाले कई बदमाश हैं। राजू ठेहट और सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड को अंजाम देने वाले सतीश पहलवान, जतिन, विक्रम गुर्जर, मनीष बच्चियां, रोहित सिंह, रामवीर, उधम सिंह और नितिन फौजी जैसे कुख्यात रोहित गोदारा गैंग के माने जाते हैं। आशंका है कि कभी भी वर्चस्व की जंग हो सकती है। शिवराज सिंह वर्सेज भानू प्रताप गैंग : 17 साल पुरानी गैंगवार, जेल में भी रहता है डर 12 मई 2009 को चित्तौड़गढ़ के मेनाल एरिया में भानु प्रताप गैंग ने शिवराज सिंह हाड़ा के भाई बृजराज सिंह हाड़ा की हत्या कर दी थी। जेल में बंद शिवराज ने इसका बदला लिया। अप्रैल 2011 में पेशी पर ले जाते समय भानु प्रताप पर फायरिंग कर दी थी। इस फायरिंग में गैंगस्टर भानु प्रताप सिंह, कमांडो प्रकाश और सोहनलाल की हत्या कर दी थी। दोनों गैंग में दुश्मनी का खेल यहीं नहीं थमा। इसके बाद भानु प्रताप गैंग को लीड कर रहे हिस्ट्रीशीटर रणवीर चौधरी ने 25 अप्रैल 2011 को शिवराज गैंग के रमेश जोशी को मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद शिवराज गैंग के गुर्गों ने कोटा के श्रीनाथपुरम स्टेडियम में 22 दिसंबर 2019 को भानु प्रताप गैंग को लीड कर रहे रणवीर चौधरी की हत्या कर दी। वर्तमान में कुख्यात गैंगस्टर शिवराज सिंह हाड़ा गैंग के गौरव, लोकेश और शराफत के साथ ही दुश्मन भानु प्रताप गैंग का नंदू शूटर भी इसी जेल में बंद है। जेल सूत्रों की मानें तो इन दोनों गैंग के बीच रंजिश कभी भी गैंगवार में बदल सकती है। कैदियों को रखने की व्यवस्था चाक-चौबंद, लेकिन कई दिक्कतें जेल सूत्रों के मुताबिक, इन हार्डकोर कैदियों को हाई सिक्योरिटी जेल में रखने के लिए कई चीजों का ध्यान रखा जाता है। बावजूद इसके जमीनी स्तर पर कई कमजोरियां भी रहती हैं। जेल में जब कोई कैदी आता है तो उसका और उसकी गैंग का पूरा रिकॉर्ड पुलिस के पास होता है। इंटेलिजेंस इनपुट भी लिया जाता है। इसके बाद उसे विरोधी गैंग से अलग ब्लॉक में ही बैरक या सेल अलॉट की जाती है। अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में टोटल 4 वार्ड हैं और इनमें करीब 16 ब्लॉक हैं। हर ब्लॉक में कम से कम 5 सेल (कोठरी) और अधिकतम 6 सेल (कोठरी) मिलाकर टोटल 88 सेल (कोठरी) हैं। एक सेल में अधिकतम 3 कैदियों को रखा जा सकता है और इस लिहाज से यहां की कुल क्षमता 264 कैदियों को रखने की है। वर्तमान में यहां 90 हार्डकोर कैदी बंद है। जेल की सुरक्षा पर क्या बोले डीजी जेल अशोक राठौड़? राजस्थान के डीजी जेल अशोक राठौड़ कहते हैं- साइको कैदियों और बंदियों को लेकर जेल में कोई अलग से साइक्लॉजिकल मॉनिटरिंग जैसी स्पेशल ट्रीटमेंट की सुविधा तो नहीं है। लेकिन जेल में बंद सभी कैदियों के आपराधिक बैकग्राउंड, इनके स्वभाव, दुश्मनी के अलावा हर डिटेल को चेक करने के बाद ही सेल दी जाती है। हार्डकोर क्रिमिनल्स की गैंग्स राइवलरी का भी ध्यान रखते हुए ही उन्हें जेल में अलग-अलग बंद रखा जाता है। ऐसे कैदियों और बंदियों की मॉनिटरिंग भी जेल प्रशासन करता रहता है। अब इसी बीच इनके बीच अगर अचानक कोई नई दुश्मनी पनपती है, या किसी बात को लेकर उनमें कोई विवाद होता है तो उसको तत्काल समझना मुश्किल हो जाता है।

बंगाल में 20 साल बाद टाटा की वापसी संभव:सीएम शुभेंदु खुद मामले को देख रहे; ममता के आंदोलन से बंद हुआ था प्लांट

पश्चिम बंगाल के सिंगूर में करीब दो दशक पहले टाटा की नैनो परियोजना को लेकर शुरू हुआ विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद टाटा समूह की सिंगूर में वापसी को लेकर चर्चा तेज हो रही है। राज्य के उद्योग मंत्री तापस रॉय ने कहा कि टाटा के साथ शुरुआती स्तर पर बातचीत चल रही है। अगर टाटा ग्रुप लौटने को तैयार होता है तो सरकार वहां किसी दूसरी कंपनी को नहीं लाएगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी खुद मामले की निगरानी कर रहे हैं। हालांकि, जिन किसानों ने 2006 में नैनो के लिए अपनी जमीन दी थी, उनके लिए यह अधूरा सपना है। टाटा के सिंगूर छोड़ने के बाद हजारों परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजरते रहे। करीब 3,600 ऐसे परिवारों को आज भी सरकार हर महीने दो हजार रुपये और 16 किलो चावल देती है, लेकिन कई परिवार अब भी उस सदमे से उबर नहीं पाए हैं। टाटा को जमीन देने के लिए तैयार हैं लोग 75 साल की अंगूर दास बताती हैं कि उनके पति ने छह बीघा जमीन परियोजना के लिए दी थी। टाटा के जाने के बाद वे गहरे सदमे में चले गए और वर्ष 2019 में उनका निधन हो गया। अंगूर दास कहती हैं कि यदि टाटा दोबारा लौटती है तो वे अपनी बची हुई जमीन भी देने को तैयार हैं। जब सिंगूर आंदोलन चल रहा था तब अनिद्य दास महज 12 साल के थे। आज 32 साल के अनिद्य को रोजगार के लिए कोलकाता जाना पड़ता है। उनका कहना है कि यदि फैक्ट्री लग गई होती तो उन्हें रोज शहर जाकर नौकरी नहीं करनी पड़ती। उनके पिता ने भी जमीन दी थी, लेकिन आज वह जमीन भी खेती के योग्य नहीं बची है। खासेरभेड़ी गांव के स्वरूप दास ने भी दो बीघा जमीन परियोजना के लिए दी थी। वे बताते हैं कि मुआवजा मिलने के बाद वे दुबई चले गए थे, जबकि उनके दोनों भाइयों का चयन टाटा ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग प्रशिक्षण के लिए किया था। उत्तराखंड में ट्रेनिंग शुरू हो चुकी थी और नौकरी की उम्मीद भी थी, लेकिन परियोजना बंद होने के साथ सारे सपने टूट गए। उनका कहना है कि यदि आज टाटा या कोई दूसरी बड़ी कंपनी आती है तो वे फिर जमीन देने के लिए तैयार हैं। 20 साल में 15 गुना बढ़ी जमीन की कीमत भूमि अधिग्रहण के समर्थन में बनी सिंगूर शिल्प विकास समिति के अध्यक्ष डॉ. उदयन दास का कहना है कि वर्ष 2006 के बाद से जमीन की कीमतों में लगभग 15 गुना वृद्धि हो चुकी है। उनके मुताबिक सड़क किनारे की जमीन, जिसकी कीमत उस समय करीब तीन लाख रुपये प्रति बीघा थी, अब एक करोड़ रुपये प्रति बीघा तक पहुंच गई है। ऐसे में यदि टाटा दोबारा लौटती है तो केवल मुआवजे पर ही 1,300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करना पड़ सकता है। यही वजह है कि उनकी नजर में टाटा की वापसी आसान नहीं होगी। 997 एकड़ जमीन बेकार हो रही वर्तमान में सिंगूर की वह 997 एकड़ जमीन, जहां कभी नैनो परियोजना शुरू हुई थी, बड़े हिस्से में झाड़ियों से ढकी पड़ी है। कभी यह इलाका पश्चिम बंगाल की सबसे उपजाऊ कृषि भूमि माना जाता था, जहां धान, आलू और अन्य फसलें होती थीं। लेकिन परियोजना रुकने के बाद खेती भी प्रभावित हुई और बड़ी संख्या में किसान रोजगार की तलाश में दूसरे क्षेत्रों में चले गए। हालांकि, सिंगूर में सभी लोग टाटा की वापसी के पक्ष में नहीं हैं। सिंगूर कृषि रक्षा समिति के प्रमुख सदस्य प्रबीर पात्रा का कहना है कि उनका विरोध उद्योगों से नहीं था और न ही आज है। उनका कहना है कि उनका संघर्ष केवल तीन फसली उपजाऊ जमीन को बचाने के लिए था और यदि फिर से ऐसी स्थिति बनती है तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… ममता TMC के बैंक खातों से सीमित लेनदेन कर सकेंगी:हाईकोर्ट ने निगरानी के लिए विशेष अधिकारी तैनात किया, बड़े खर्च पर रोक कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ममता बनर्जी गुट को पार्टी के फ्रीज किए गए तीन बैंक खातों से सीमित लेनदेन की इजाजत दे दी। हालांकि खातों से सिर्फ रोजमर्रा और कानूनी मामलों से जुड़े खर्च ही किए जा सकेंगे। पूरी खबर पढ़ें…

नेपाल में फिर जेन-जी प्रदर्शन; 3 दिन में 3 आत्मदाह:बेरोजगारी के खिलाफ गुस्सा; पीएम बालेन शाह का इस्तीफा मांगा

नेपाल में युवाओं की बढ़ती नाराजगी फिर से सड़कों पर दिखाई देने लगी है। पिछले तीन दिनों में तीन युवाओं ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। इनमें से दो की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से झुलसा हुआ अस्पताल में भर्ती है। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ‘बालेन’ के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है। राजधानी काठमांडू में युवा प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस ने सरकार पर युवाओं में उम्मीद और भरोसा जगाने में विफल रहने का आरोप लगाया है। जेन-जी नेपाल संगठन ने प्रधानमंत्री बालेन शाह पर जनविरोधी और निरंकुश तरीके से शासन चलाने का आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि बजट व नीतियों में युवाओं के रोजगार और आय बढ़ाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। 2023 में बालेन शाह ने आत्मदाह को सरकार की विफलता कहा था 2023 की वह घटना भी चर्चा में है, जब प्रेम आचार्य ने आत्मदाह किया था। उस समय काठमांडू के मेयर रहे बालेन शाह ने इसे राज्य की चरम विफलता बताया था। अब मौजूदा घटनाओं पर उनकी चुप्पी विपक्ष और प्रदर्शनकारियों के निशाने पर है। नेपाल में लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने युवाओं की मानसिक स्थिति, बेरोजगारी और सरकारी नीतियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों का मानना है कि यदि सरकार ने जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए तो विरोध और तेज हो सकता है। GenZ प्रोटेस्ट में विरोध का चेहरा बने बालेन 2022 में मेयर बनने के बाद बालेन ने शहर की सफाई, विरासत संरक्षण और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती के कदम उठाए। अवैध निर्माण पर कार्रवाई से ट्रैफिक सुधरा, हालांकि इसका विरोध भी हुआ, खासकर सड़क किनारे दुकानदारों और झुग्गी बस्तियों के लोगों से। बालेन शाह का प्रभाव केवल प्रशासन तक सीमित नहीं रहा। पिछले साल सितंबर में हुए प्रदर्शनों के दौरान उनके गाने युवाओं के बीच गूंजते रहे। इन प्रदर्शनों में 77 लोगों की मौत हुई थी और इसके पीछे सोशल मीडिया पर प्रतिबंध, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और धीमी अर्थव्यवस्था को लेकर लोगों का गुस्सा था। प्रदर्शनकारियों ने उनके गाने ‘नेपाल हंसेको’ को एक तरह का प्रतीक बना लिया। 5 मार्च को हुए आम चुनाव में उनकी पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की, जिससे नेपाल की पारंपरिक राजनीति को बड़ा झटका लगा। बालेन शाह ने झापा-5 सीट से पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को हराकर अपनी राजनीतिक ताकत साबित की। 35 साल की उम्र में प्रधानमंत्री पद संभालते ही वह नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बन गए हैं।

सुबह था गृह प्रवेश मुहूर्त, रात में घुसे चोर, 3 सूने मकानों के ताले तोड़ जेवर-नकदी चुराई

कांकरोली थाना क्षेत्र के जेके सर्कल स्थित भवानी नगर और आसपास की कॉलोनियों में शुक्रवार देर रात तीन नकाबपोश बदमाशों ने सूने मकानों को निशाना बनाते हुए चोरी की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने तीन मकानों के ताले तोड़े, जिनमें दो घरों से सोने-चांदी के जेवर और नकदी चोरी कर ली, जबकि एक मकान में सामान नहीं होने से वारदात टल गई। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है। शनिवार सुबह भवानी नगर गली नंबर-2 स्थित एक मकान में गृह प्रवेश का मुहूर्त था। परिवार देर रात तक पूजा की तैयारियों के बाद मकान बंद कर चला गया था। सुबह करीब साढ़े चार बजे लौटने पर मुख्य दरवाजे के ताले टूटे मिले। सूचना पर कांकरोली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। कांकरोली थाने के एएसआई धनसिंह ने बताया कि भवानी नगर गली नंबर-1 निवासी गोवर्धनलाल कीर ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। परिवार पैतृक गांव कुंवारिया में शोक कार्यक्रम में गया हुआ था। इसी दौरान चोरों ने घर का गेट और दो अलमारियों के ताले तोड़कर लॉकर से करीब 300 ग्राम चांदी और एक ग्राम सोने की बाली चुरा ली। घर का सामान भी बिखेर दिया। वहीं भवानी नगर गली नंबर-2 में लक्ष्मणसिंह के मकान के मुख्य द्वार और अंदर के लॉक तोड़कर बदमाश करीब एक तोला सोने के कान के टॉप्स, चांदी के सिक्के और नकदी ले गए। पास ही एक अन्य नए मकान के भी ताले तोड़े गए, लेकिन उसमें अभी सामान नहीं होने से कोई चोरी नहीं हुई। चोरी की बाइक से वारदात, सीसीटीवी में कैद हुए आरोपी : पुलिस जांच में सामने आया कि तीनों बदमाश एक ही बाइक पर सवार होकर आए थे। वारदात से पहले उन्होंने शिव कॉलोनी निवासी प्रकाश कुमावत के घर के बाहर खड़ी बाइक चोरी की थी। उसी बाइक से भवानी नगर में अलग-अलग मकानों की रैकी कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया और बाद में फरार हो गए। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए आरोपियों की पहचान में जुटी है। जांच में यह भी सामने आया कि बदमाशों ने वारदात से पहले जेके सर्कल स्थित एंजल विंग्स हॉस्पिटल के बाहर खड़ी एक बाइक भी चुराई थी। तीन बदमाश होने के कारण बाइक की सीट छोटी लगी तो उसे कुछ दूरी बाद वापस अस्पताल के बाहर ही खड़ा कर दिया। इसके बाद शिव कॉलोनी से बड़ी बाइक चोरी कर उसी से चोरी की वारदात को अंजाम दिया। सीसीटीवी फुटेज में यह भी दिखाई दिया कि बदमाश भवानी नगर गली नंबर-1 के एक अन्य सूने मकान तक पहुंचे थे। उन्होंने दरवाजे का ताला भी परखा, लेकिन उसे तोड़े बिना ही लौट गए। इस दौरान एक बदमाश बाइक पर बैठा रहा, जबकि दो साथी मकानों की रैकी करते रहे।

कुंजेड़ सीएचसी परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए

सकतपुर| राज्य सरकार के हरियालो राजस्थान वृक्ष कुंज अभियान के तहत शनिवार को कुंजेड़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में पौधरोपण किया। ब्लॉक सीएमएचओ डॉ. केशवराज नागर के निर्देश पर चिकित्सा प्रभारी डॉ. हिमांशु ने अस्पताल परिसर में कई प्रजातियों के पौधे लगवाए। डॉ. हिमांशु ने कहा कि पौधरोपण औपचारिकता नहीं है। यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जरूरी कदम है। हर व्यक्ति एक पौधा लगाए। नियमित देखभाल करे। इस मौके पर नर्सिंगकर्मी हेमराज, हनुमान सिंह सहित अन्य स्टाफकर्मी मौजूद थे।

संगठित महिला शक्ति राष्ट्र निर्माण में मुख्य भूमिका निभा सकती है: पाटिल

भास्कर न्यूज| बारां
कैट वुमन विंग बारां के शपथ ग्रहण समारोह शनिवार को हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों ने दीप प्रज्वलन से किया। स्वागत में दिव्या सुलेखा जैन ने स्वागत नृत्य की प्रस्तुति दी। पूर्व अध्यक्ष चंदा ठाकुरिया ने पिछले वर्ष की गतिविधियों का ब्यौरा दिया। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के जलगांव से राष्ट्रीय अध्यक्ष संगीता पाटिल मुख्य अतिथि रही। कोटा की अध्यक्ष नीलम विजय विशिष्ट अतिथि व संस्थापिका सुमन गोयल उपस्थित रही। चंदा ठाकुरिया एवं चारु गुप्ता के नेतृत्व में मुख्य अतिथि संगीता पाटिल, सुधीरा शर्मा, सुमन गोयल का स्वागत किया। कैट यूथ विंग के निशांत सेठी, अंशुल ने अतिथियों का साफा एवं दुपट्टा पहनाकर अभिनंदन किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष संगीता पाटिल ने कहा कि महिला उद्यमियों को संगठन की शक्ति के साथ आगे बढ़ते हुए व्यापार, समाजसेवा और नेतृत्व के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां प्राप्त करनी चाहिए। विशिष्ट अतिथि नीलम विजय ने संगठन की मजबूती और महिला नेतृत्व के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं सुधीरा शर्मा ने बेटियों एवं महिलाओं से सामाजिक जागरूकता और सुरक्षा के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। संस्थापिका सुमन गोयल ने महिला उद्य​िमयों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर होने जाने वाले स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम के बारे में संक्षिप्त में जानकारी दी। संचालन अंशिका अग्रवाल एवं हर्षित ठाकुरिया ने किया। इस दौरान अध्यक्ष चारु गुप्ता, सचिव जिनेशा पतिरा सहित लगभग 30 सदस्यीय कार्यकारिणी को राष्ट्रीय अध्यक्ष ने शपथ दिलाई। नीलम विजय ने सभी का पिन लगाकर अभिनंदन किया। नवनिर्वाचित अध्यक्ष चारु गुप्ता ने आगामी कैट एग्जिबिशन के पोस्टर का विमोचन अतिथियों से करवाया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दिल्ली के भारत मंडपम में 12 से 15 अगस्त को होने जा रही भारतीय व्यापार महोत्सव एग्जिबिशन में सभी सदस्यों को आमंत्रित किया।

नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं को बताए जनसंख्या नियंत्रण के कानूनी उपाय

भास्कर न्यूज| जैसलमेर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार एक्शन प्लान के तहत शनिवार को राजकीय गर्ल्स नर्सिंग कॉलेज में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल शिप्रा शांडिल्य ने छात्राओं को विश्व जनसंख्या दिवस के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस दिवस का मुख्य उद्देश्य परिवार नियोजन, मातृ स्वास्थ्य, लैंगिक समानता, शिक्षा तथा सतत विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह दिवस वर्ष 1989 में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की पहल पर शुरू किया गया। यह 1990 से पूरे विश्व में मनाया जा रहा है। इस वर्ष की मुख्य थीम “युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं को साकार करना—आज और भविष्य के लिए” है। अधिवक्ता शिप्रा शांडिल्य ने कहा कि बढ़ती आबादी के कारण प्राकृतिक संसाधनों पर भारी दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी है।

टांचा गांव के सीनियर स्कूल परिसर में पौधरोपण किया

छीपाबड़ौद| हरियालो राजस्थान एवं वृक्ष कुंज अभियान के तहत टांचा गांव स्थित सीनियर स्कूल परिसर में शनिवार को पौधरोपण किया गया। इस मौके पर प्रशासक रामगोपाल नागर, ग्राम विकास अधिकारी राजमल चक्रधारी, पंचायत सहायक त्रिलोकचंद प्रजापत, संस्था प्रधान शिवप्रसाद नागर, गिरिराज शर्मा, विनोद चौहान एवं स्कूल के स्टाफकर्मी उपस्थित थे। वहीं बालाजी की डूंगरी पर भी अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण एवं हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए।

दलहन आत्मनिर्भरता मिशन योजना:5 अगस्त तक बैंक लोन के जरिए कर सकेंगे आवेदन, किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा

केंद्र सरकार की दलहन आत्मनिर्भरता मिशन योजना के तहत राजस्थान में फसल कटाई के बाद मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) को बढ़ावा देने के लिए दलहन प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग इकाइयों (दाल मिल) की स्थापना की जाएगी। योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में दलहन प्रसंस्करण क्षमता को बढ़ाना, किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और उनकी आय बढ़ाना है। लाभार्थी योजना के लिए 5 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं। ये संस्था-संगठन कर सकेंगे आवेदन बैंक ऋण लेना अनिवार्य, झाड़ोल-कोटड़ा बेल्ट को बड़ी राहत इस योजना का लाभ उठाने के लिए बैंक से ऋण लेना अनिवार्य किया गया है। इससे आधुनिक दाल मिलों की स्थापना को गति मिलेगी और राज्य में प्रसंस्करण का एक मजबूत नेटवर्क विकसित होगा। उदयपुर जिले के आदिवासी अंचल झाड़ोल और कोटड़ा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तुअर और उड़द जैसी दलहन फसलों की खेती होती है। अभी यहां कई गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) दलहन का संग्रहण और प्रोसेसिंग कर बाजार में बेच रहे हैं। इस क्षेत्र में नई दाल मिलें स्थापित होने से स्थानीय किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और उनकी आय में बढ़ोतरी होगी। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बता दें कि राजस्थान देश के प्रमुख दलहन उत्पादक राज्यों में शामिल है। यहां मूंग, उड़द, चना और तुअर की बड़े पैमाने पर खेती होती है। नई दाल मिलें स्थापित होने से स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण बढ़ेगा, परिवहन लागत घटेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

मोहनकाली बालाजी धाम में हुआ जागरण

पचलंगी | कस्बे के सिरोही सड़क मार्ग पर स्थित मोहनकाली बालाजी धाम में जन सहयोग से एक दिवसीय विशेष धार्मिक आयोजन में भजनों की प्रस्तुति दी गई। वहीं श्रद्धालुओं को पंगत प्रसादी का वितरण किया गया। शनिवार सुबह बालाजी महाराज व शिव परिवार की प्रतिमाओं पर फूल-मालाओं से झांकी सजाई गई। हनुमान चालीसा व सुंदरकांड पाठ का वाचन किया गया। वहीं दोपहर में बालाजी महाराज की प्रतिमा को सिंदूर का चोला पहनाया गया। इस दौरान पुष्कर म्हासी एंड पार्टी द्वारा बालाजी महाराज के भजनों की प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम में नानुराम, फुलचंद कुड़ी, मोहरी लाल यादव, गुलाब चंद शर्मा, महाराम कुड़ी, देवाराम, बाबुलाल, छितरमल आदि शामिल हुए।