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प्राइवेट स्कूल संचालक बोले-सरकार दखल कम करे:RTE का बकाया भुगतान मांगा; कलेक्टर को दिया CM के नाम ज्ञापन

जालोर के प्राइवेट स्कूल संचालकों ने कहा है कि सरकार राज संबल और शिक्षा संबल कार्यक्रमों के जरिए प्रशासनिक हस्तक्षेप बढ़ा रही है। जिला निजी विद्यालय संघ के सदस्य संचालक सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और सीएम के नाम कलेक्टर को ज्ञापन देकर मांगें रखीं। संघ के किशोर सिंह ने बताया- प्राइवेट स्कूलों पर राज संबल और शिक्षा संबल कार्यक्रम का बोझ डाला जा रहा है। इनके जरिए प्रशासन का हस्तक्षेप बढ़ गया है। बार-बार चेकिंग भी की जाती है। प्राइवेट स्कूल राज्य की शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। हमें प्रशासनिक और प्रबंधकीय स्वायत्तता हासिल है। शिक्षा संबल कार्यक्रम के जरिए बार-बार चेकिंग, रिपोर्टिंग और दूसरी प्रशासनिक प्रक्रियाओं का गैरजरूरी दबाव बनाया जा रहा है। इससे स्कूलों में पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा है। RTE का बकाया भुगतान मांगा संघ ने राइट टू एजुकेशन (आरटीई) के तहत स्कूलों को सरकार की ओर से मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि का समय पर भुगतान तय करने की मांग की है। साथ ही निजी स्कूलों की प्रशासनिक स्वायत्तता बनाए रखने और अनावश्यक निरीक्षण और हस्तक्षेप पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही राजस्थान गैर-सरकारी शैक्षणिक संस्थाएं अधिनियम, 1993 की भावना के अनुरूप कार्यवाही करने की अपील की है। संघ ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्दी ही सकारात्मक फैसला नहीं लिया तो प्रदेशभर के निजी स्कूल चरण बद्ध आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

अलवर के शकील ने चीन में लहराया तिरंगा:ब्रॉन्ज मेडल जीतकर लौटे भारत, कोच को दिया सफलता का श्रेय, बोले- गुरु की सीख बनी जीत की ताकत

चीन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर लौटे अलवर के खिलाड़ी शकील का जोरदार स्वागत किया गया। शकील ने अपनी सफलता का श्रेय कोच सबल प्रताप को देते हुए कहा कि उनके सिखाए हुए गुर ही प्रतियोगिता में काम आए। उन्होंने विश्वास जताया कि आगे भी कड़ी मेहनत कर देश और प्रदेश के लिए इससे बड़े पदक जीतने का प्रयास करेंगे। दरअसल, चीन के ओरदोस शहर में आयोजित अंडर-23 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शकील ने भारत का प्रतिनिधित्व किया है। ब्रॉन्ज मेडल (कांस्य पदक) जीतने वाले अलवर के खिलाड़ी का इंदिरा गांधी स्टेडियम में अभिनंदन किया गया। शकील ने 800 मीटर दौड़ को 1 मिनट 48.78 सेकेंड में पूरा कर सफलता हासिल की। शकील ने अपने कोच को दिया सफलता का श्रेय अलवर पहुंचने पर शकील ने कहा कि उसने 2017 में खेल शुरू किया था। सबसे पहले कोच सबल प्रताप सिंह के मागर्दशन में दौड़ना सीखा। उनके सिखाए गुर की बदौलत चीन तक सफर सम्मान से पूरा किया। आगे भी देश के लिए बड़े मेडल लाने का भरसक प्रयास रहेगा। एथलेटिक्स में मेहनत और लगन से आगे बढ़े खिलाड़ी अपने शिष्य का अभिनंदन करते हुए कोच सबल प्रताप ने कहा कि शकील गरीब परिवार से निकला है। एथलेटिक्स में मेहनत और लगन से आने वाले खिलाड़ी सफल हुए हैं। अलवर के खिलाड़ियों जैसा अनुशासन कहीं नहीं है। उससे दूसरे खिलाड़यों का भी मनोबल बढ़ता है। यह बड़ी उपलब्धि है। दूसरे खिलाड़ी भी आगे रहेंगे। यह शकील का लगातार दूसरा एशियाई पदक है, जिससे उन्होंने साबित कर दिया कि उनकी पुरानी कामयाबी कोई इत्तेफाक नहीं थी। इससे पहले भी वे चीन में ही आयोजित अंडर-18 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुके हैं। खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों ने एक-दूसरे को खिलाई मिठाई जिला एथलेटिक्स संघ (अलवर) के सचिव धारा यादव ने बताया कि शकील की ऐतिहासिक उपलब्धि से जिले के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में खुशी है। खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों ने मैदान पर एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न मनाया गया। अलवर पहुंचने पर निकलेगा विजय जुलूस सचिव धारा यादव ने बताया- मेडलवीर शकील के अलवर लौटने पर जिला एथलेटिक्स संघ और खेल प्रेमियों द्वारा उनका ऐतिहासिक स्वागत किया जाएगा। शकील के अभिनंदन में डीजे, फूल-मालाओं के साथ शहर में स्वागत जुलूस निकाला गया।

घुमंतू परिवारों को ग्रामीण सेवा शिविर में मिले पट्टे:योजनाओं का लाभ दिया, लोगों की समस्याओं का मौके पर किया समाधान

ग्राम पंचायत पचपदरा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिला। इस दौरान वर्षों से आवासीय पट्टों का इंतजार कर रहे घुमंतू परिवारों को पट्टे सौंपे गए। शिविर में राजस्व, पंचायत, सामाजिक सुरक्षा और अन्य विभागों से संबंधित मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। दो शिविरों में पंचायत समिति में सबसे ज्यादा पट्टे दिए ग्राम पंचायत पचपदरा ने पिछले छह माह में आयोजित दो ग्रामीण सेवा शिविरों में पंचायत समिति क्षेत्र में सर्वाधिक पट्टे जारी करने का रिकॉर्ड बनाया है। पंचायत प्रशासन पात्र और जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राजस्व विभाग ने शिविर में 22 खातेदारों के विभाजन मामलों का एक ही हस्ताक्षर में निस्तारण किया। वर्षों से लंबित इन मामलों के समाधान से संबंधित परिवारों को सुविधा मिली। शिविर प्रभारी एवं उपखंड अधिकारी राजेश विश्नोई, एसीओ हीरालाल कलबी और तहसीलदार कुलदीप कछवाह ने शिविर में प्राप्त आवेदनों की सुनवाई की। शिविर में विधायक अरुण चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस प्रकार के शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। ये रहे मौजूद इस अवसर पर ग्राम पंचायत प्रशासक पूजा राठौड़, डालाराम प्रजापत, जिला अध्यक्ष भरत मोदी, मंडल अध्यक्ष राकेश चोपड़ा, अमित सिंह राठौड़, अतिरिक्त विकास अधिकारी कान सिंह, सहायक विकास अधिकारी रावताराम,सहायक अभियंता भगवानाराम पटेल, ग्राम विकास अधिकारी किशोर शर्मा, पटवारी श्याम पुनिया, नवरतन सोनी,कनिष्ट सहायक गुडी जाखड़, पवन पंवार तथा विनीत सिंह सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

सुप्रीम कोर्ट ने POCSO के दुरुपयोग पर चिंता जताई:कहा- लड़का-लड़की को भागने से सरकार कैसे रोकेगी, यह नई चीजें आजमाने की उम्र

सुप्रीम कोर्ट ने किशोर-किशोरियों के बीच सहमति से बने संबंधों में पॉक्सो (POCSO) कानून के कथित दुरुपयोग पर चिंता जताई है। अदालत ने सोमवार को कहा कि जब किसी लड़के और लड़की के बीच संबंध हो और वे साथ चले जाएं, तो हर मामले को स्वतः पॉक्सो का केस नहीं माना जा सकता। जस्टिस बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने सुनवाई के दौरान पूछा- सरकार किसी लड़के और लड़की को साथ भागने से कैसे रोक सकती है? 15 से 18 साल की उम्र बेहद संवेदनशील और नई चीजें आजमाने की उम्र होती है। यह प्रयोग और भावनात्मक समझ विकसित होने का भी दौर होता है। पीठ ने कहा कि कई मामलों में जब किशोरियां अपनी मर्जी से अपने साथी के साथ चली जाती हैं, तो परिवार अपनी इज्जत बचाने के लिए लड़के के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करा देता है। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में आखिरकार आरोपियों को बरी करना पड़ता है। कई किशोर जेल पहुंच जाते हैं: सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट यह टिप्पणी किशोरों के निजता के अधिकार से जुड़े स्वतः संज्ञान (सुओ मोटू) मामले की सुनवाई के दौरान कर रहा था। यह मामला 2023 में कलकत्ता हाईकोर्ट की उस विवादित टिप्पणी के बाद शुरू हुआ था, जिसमें किशोरियों को रिश्तों में पड़ने के बजाय अपनी यौन इच्छाओं पर नियंत्रण रखने की सलाह दी गई थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उस फैसले को रद्द कर दिया था। सीनियर एडवोकेट माधवी दीवान ने अदालत को बताया कि मूल मामला एक नाबालिग लड़की और 25 वर्षीय युवक के साथ भाग जाने से जुड़ा था। उन्होंने कहा कि युवती बाद में उसी व्यक्ति के साथ रहने लगी, दोनों का एक बच्चा भी है और वह अपने वैवाहिक जीवन में खुश है। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसे मामलों में पॉक्सो कानून का दुरुपयोग रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, क्योंकि सहमति वाले संबंधों में भी कई किशोर जेल पहुंच जाते हैं। केंद्र सरकार ने दिया राष्ट्रीय डैशबोर्ड बनाने का सुझाव केंद्र सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि इस संबंध में कुछ सिफारिशें तैयार की गई हैं। यदि इन्हें स्वीकार किया जाता है तो राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इन्हें लागू किया जा सकता है। वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता माधवी दीवान ने पॉक्सो मामलों की निगरानी के लिए एक राष्ट्रीय डैशबोर्ड बनाने का सुझाव दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रत्येक हाईकोर्ट में बाल अधिकारों से जुड़ी समितियां पहले से मौजूद हैं और राज्य सरकारें भी ऐसे मामलों की प्रभावी निगरानी कर सकती हैं। मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी। —————–
ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट में मिली सजा रद्द की:पीड़िता को पति ने छोड़ा तो आरोपी ने ही शादी की सुप्रीम कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट में मिली सजा रद्द कर दी। कोर्ट ने यह फैसला इसलिए लिया, क्योंकि आरोपी और पीड़िता ने बाद में शादी कर ली और आरोपी ने पीड़िता को 10 लाख रुपए का मुआवजा भी दिया। कोर्ट का कहना है कि बालिग होने के बाद पीड़िता ने आरोपी से शादी कर ली थी। पूरी खबर पढ़ें…

ट्रेन की चपेट में आने से सफाई कर्मचारी की मौत:नाले में पड़ा मिला शव; भाई बोला- फाइनेंसरों से परेशान था

बाड़मेर शहर में सोमवार दोपहर ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद युवक का शव रेलवे ट्रैक के पास नाले के कीचड़ में जा गिरा। सूचना पर जीआरपी, आरपीएफ और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से शव को बाहर निकालकर जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। घटना सोमवार दोपहर करीब 3 बजे बीएनसी होटल के सामने हुई। कोतवाली थाना पुलिस के एसआई पुरखाराम ने बताया कि जोधपुर से बाड़मेर आ रही पैसेंजर ट्रेन की चपेट में बापू कॉलोनी निवासी गौरीशंकर (39) पुत्र किशोरीलाल आ गए। टक्कर के बाद उनका शव ट्रैक से सटे नाले के कीचड़ में जा गिरा। सूचना पर ट्रेन रोकी गई, लेकिन शुरुआत में युवक दिखाई नहीं दिया। इसके बाद जीआरपी और आरपीएफ ने मौके पर पहुंचकर सर्च अभियान चलाया, जिसमें नाले से शव बरामद हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भाई ने कहा- फाइनेंसरों से परेशान थे
मृतक के भाई मोहनलाल ने आरोप लगाया कि गौरीशंकर ने कुछ फाइनेंसरों से रुपए उधार लिए थे और पिछले कुछ समय से वे लगातार उन्हें परेशान कर रहे थे। उनके अनुसार, इसी वजह से गौरीशंकर मानसिक तनाव में थे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित फाइनेंसरों की पहचान उन्हें नहीं है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारण क्लियर हो सकेंगे।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने दी हड़ताल की चेतावनी:बोलीं- न सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिला न ढंग की सैलरी; परिवार चलाना मुश्किल हुआ

जैसलमेर में अपनी पुरानी मांगों को लेकर जैसलमेर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने सोमवार को काम बंद कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के बैनर तले जुटीं महिलाओं ने शहर के मंगलसिंह पार्क से जिला कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। कलेक्ट्रेट पहुंचकर महिलाओं ने दफ्तर का घेराव किया और जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान महिलाओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक पूरे राजस्थान के केंद्रों पर तालाबंदी और हड़ताल जारी रहेगी। घर चलाना हुआ मुश्किल महिमा भाटिया, जिलाध्यक्ष, अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ शाखा जैसलमेर ने कहा कि सरकार ने चुनाव के समय अपने घोषणा पत्र में कई बड़े वादे किए थे, लेकिन आज तक उन्हें पूरा नहीं किया गया। संघ की जिलाध्यक्ष महिमा भाटिया ने बताया कि 1 जुलाई से पूरे राजस्थान में आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की गई है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें न तो सम्मानजनक मानदेय (सैलरी) मिल रहा है और न ही सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया गया है। इसके अलावा रिटायरमेंट पर मिलने वाली 10 लाख रुपए की आर्थिक मदद और पेंशन जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दी जा रही हैं। बढ़ती महंगाई के कारण इतने कम पैसों में परिवार चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। दूसरे विभागों का भी काम, पर सुविधा कुछ नहीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उनसे उनके मूल विभाग के अलावा दूसरे सरकारी विभागों के अतिरिक्त काम भी लगातार करवाए जाते हैं। इसके बावजूद न तो उनका मानदेय बढ़ाया जाता है और न ही कोई दूसरी सहूलियत मिलती है। पूर्व विधायक सांग सिंह भाटी का मिला समर्थन प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक सांग सिंह भाटी भी मौके पर पहुंचे और महिलाओं की मांगों को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि चुनाव हो या पंचायती राज का कोई काम, इन महिलाओं पर सबसे ज्यादा काम का दबाव रहता है। उन्होंने कलेक्टर से भी इस बारे में बात की और भरोसा दिया कि अगर कार्यकर्ताओं का कोई ग्रुप मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मिलने जयपुर जाएगा, तो वे खुद उनके साथ चलेंगे। आंगनवाड़ी संघ ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर कोई अच्छा फैसला नहीं लिया, तो यह आंदोलन और उग्र होगा।

अलवर में किराये की कार विवाद में युवक का अपहरण:पुलिस की नाकाबंदी को तोड़ भाग निकले बदमाश; पीछा कर एक को दबोचा

अलवर में किराये की कार के विवाद में कार से आए बदमाश दिनदहाड़े युवक का अपहरण कर ले गए। दो युवक स्विफ्ट कार में उसे जबरन बैठाकर रामगढ़ की ओर ले गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम ने पूरे जिले में अलर्ट जारी कर जगह-जगह नाकाबंदी करवाई। वारदात के बाद बदमाश बगड़ तिराहा थाना क्षेत्र में पुलिस की नाकाबंदी तोड़कर भाग निकले, लेकिन पुलिस लगातार उनका पीछा करती रही। रामगढ़ थाना पुलिस ने पहले से नाकाबंदी कर रखी थी, जहां करीब 2 बजे स्विफ्ट कार को रोक लिया गया। पुलिस ने पीड़ित युवक रोहित को सकुशल मुक्त कराया, एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दूसरा आरोपी मौके से फरार हो गया। वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट कार भी जब्त कर ली गई। घटना अलवर शहर में जीडी कॉलेज के पास सोमवार दोपहर करीब 1 बजे की है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है और अपहरण के पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। आरोपियों से किराये पर ली गई कार का दुर्घटना में हुआ था नुकसान प्रारंभिक जांच में सामने आया कि रोहित ने आरोपियों से किराये पर कार ली थी, जिसका दुर्घटना में नुकसान हो गया था। नुकसान की भरपाई नहीं करने पर दोनों आरोपियों ने उसे अगवा कर लिया। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है और पूरे मामले की जांच जारी है।

टीचर भर्ती एग्जाम में मन्नत धागे और हेयर-बकल तक उतरवाए:अभ्यर्थियों को कड़ी जांच के बाद सेंटर्स में मिली एंट्री

पाली में राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से वरिष्ठ अध्यापक(ग्रेड सेकंड) प्रतियोगी परीक्षा-2025 सोमवार को भी हुई। परीक्षा के लिए 17 केंद्र बनाए गए, जहां कड़ी जांच के बाद अभ्यर्थियों को एंट्री दी गई। दोनों पारियों में रजिस्टर्ड 10878 अभ्यर्थियों में से 7732 अभ्यर्थियों में परीक्षा दी। 71.07 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे। जिलेभर में नकल का कोई मामला सामने नहीं आया। दोनों पारियों में कड़ी जांच के बाद अभ्यर्थियों को एंट्री दी गई। एंट्री से पहले अभ्यर्थियों के पहने मन्नत के धागे खुलवाए गए। बालों में लगे बकल भी लड़कियों से खुलवाए गए। इसके साथ की मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद एंट्री दी गई। पहली पारी में पंजीकृत 5439 में से 3876 अभ्यर्थी (71.26 प्रतिशत) परीक्षा देने पहुंचे। दूसरी पारी में पंजीकृत 5439 में से 3856 अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे, जो करीब 70.90 प्रतिशत रहा। पहली पारी की परीक्षा सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक हुई, जिसमें 9 बजे तक ही अभ्यर्थियों को एंट्री दी। दूसरी पारी की परीक्षा दोपहर 3 से शाम साढ़े 5 बजे तक हुई। यह परीक्षा प्रदेश के कई जिलों में 12 जुलाई से 18 जुलाई तक चलेगी।

जोधपुर में अवैध मॉडिफाई वाली बसें सीज:लग्जरी और स्लीपर बसों में छेड़छाड़ कर किए बदलाव; पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें

जोधपुर में नियमों के विपरीत मॉडिफिकेशन कर संचालित की जा रही लग्जरी और स्लीपर बसों के खिलाफ परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को जांच के दौरान कई बसों में अवैध बदलाव पाए जाने पर उन्हें सीज कर दिया गया। वहीं, शहर में दिनभर हुई अन्य प्रमुख घटनाओं और अहम खबरों पर भी एक नजर डालिए। जोधपुर शहर में लग्जरी और स्लीपर बसों को लेकर सोमवार को बड़ी कार्रवाई हुई। इस दौरान 10 बसों को सीज कर चालान किए गए। बताया जा रहा है कि इन बसों को अवैध तरीके से इनके स्ट्रक्चर में बदलाव किया गया था, जो यात्रियों के लिए जान का खतरा साबित हो रहा था। वहीं शहर की सिटी बसों को लेकर भी अभियान चलाया गया है। इसे लेकर इन पर कार्रवाई भी की गई। इधर, शहर के वीतराग सिटी में बालिका सुरक्षा एवं सशक्तिकरण पर जागरूकता वर्कशॉप हुई। जोधपुर शहर की प्रमुख खबरों के लिए पढ़ें लाइव ब्लॉग..

इंटरनेशनल फिजिक्स ओलम्पियाड में भारत को गोल्ड मैडल:87 देशों में हासिल की पहली रैंक; कोटा कोचिंग के स्टूडेंट्स ने देश को दिलाए 5 मैडल

कोलंबिया के बुकारामंगा में 4 से 12 जुलाई तक आयोजित 56वें इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड-2026 में भारत ने इतिहास रच दिया। इस प्रतियोगिता के फाइनल में भारतीय टीम के सभी पांचों स्टूडेंट्स ने गोल्ड मैडल जीते। इस प्रदर्शन की बदौलत दुनिया के 87 देशों के बीच भारत पहले पायदान पर रहा। इन होनहारों में कनिष्क जैन, रिद्धेश बेंडाले, ऋषित गर्ग और स्वरित जोशी शामिल हैं। कठिन चार चरणों को पार कर मिली सफलता इस मुकाम तक पहुंचने के लिए छात्रों को कठिन चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। पहले चरण में ‘इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजिक्स टीचर्स’ की ओर से आयोजित एनएसईपी परीक्षा में कोटा के 138 छात्र चुने गए। इसके बाद ‘होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन’ द्वारा आयोजित दूसरे चरण में 20 छात्रों ने अगले दौर में जगह बनाई। तीसरे चरण के ओरिएंटेशन कम सेलेक्शन कैंप के बाद भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए 5 सदस्यीय राष्ट्रीय टीम का चयन किया गया। इसमें 4 छात्र कोटा कोचिंग के थे। आखिरी चरण में कोलंबिया के बुकारामांगा में आयोजित फाइनल मुकाबले में 87 देशों के 381 दिग्गजों के बीच भारतीय टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर तिरंगा लहराया। कनिष्क जैन को मिला वर्ल्ड की नंबर-1 यूनिवर्सिटी एमआईटी का साथ जेईई एडवांस्ड में ऑल इंडिया रैंक 8 हासिल करने वाले और दुनिया की नंबर-1 रैंकिंग यूनिवर्सिटी मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी यूएसए) के लिए चयनित कक्षा 12वीं के छात्र कनिष्क जैन ने इसे बेहतरीन अनुभव बताया। कनिष्क के अनुसार- कोटा में जो अकेडमिक सपोर्ट उन्हें मिला, वह सर्वश्रेष्ठ था। फाइनल मुकाबले में दुनियाभर के प्रतिभावान छात्रों से मिलने का मौका मिला। संस्थान की मजबूत पढ़ाई बेहद उपयोगी साबित हुई। भारत की इस ऐतिहासिक सफलता में कोटा के कोचिंग संस्थान एलन का दबदबा रहा। टीम के पांच में से चार मैडल्स संस्थान के स्टूडेंट्स ने जीते हैं। इंटरनेशनल ओलम्पियाड्स की मेडल टैली में कोटा कोचिंग का दबदबा ऑफिशियल इंटरनेशनल ओलम्पियाड्स के इतिहास में कोटा कोचिंग के स्टूडेंट्स का प्रदर्शन शानदार रहा। संस्थान के छात्रों ने अब तक विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कुल 188 मेडल अपने नाम किए हैं। इसमें 90 गोल्ड, 75 सिल्वर और 23 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।