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दुखी संत को गुरु की सीख:खुद पर भरोसा करना सीखें, अपनी क्षमता पर विश्वास होगा, तो कठिन से कठिन लक्ष्य भी संभव लगने लगेगा

कहते हैं कि इंसान के सुख या दुख उसकी परिस्थितियों से कम और उसके नजरिए से ज्यादा तय होते हैं। यह बात एक लोक कथा से समझ सकते हैं। पुराने समय में एक आश्रम में दो संत एक साथ एक आश्रम में रहते थे। दोनों का जीवन एक समान ही था। दोनों सुबह ब्रह्ममुहूर्त में उठते, पूजा-पाठ करते, साधना करते और जरूरतमंद लोगों की सहायता करते थे। आश्रम में दूर-दूर से लोग अपनी परेशानियां लेकर आते और दोनों संत उन्हें अपनी बुद्धि से उचित मार्गदर्शन देते। दोनों की सलाह इतनी प्रभावी होती थी कि लोगों की समस्याएं काफी हद तक दूर हो जाती थीं। दोनों संतों के स्वभाव में एक बड़ा अंतर था। पहले संत का नाम था सुखी। वह हर परिस्थिति में प्रसन्न रहता था। चाहे कठिन समय हो या सफलता का अवसर, उसके चेहरे पर हमेशा संतोष और आत्मविश्वास झलकता था। वहीं दूसरे संत का नाम था दुखी। वह हर छोटी-बड़ी बात को लेकर चिंतित रहता, परिणामों को लेकर परेशान रहता और हमेशा किसी न किसी कमी का अनुभव करता था। गांव के लोगों ने दोनों संतों के अलग-अलग स्वभाव की वजह से उनके नाम सुखी-दुखी रख दिए थे। एक दिन दुखी संत ने सोचा कि जब दोनों का जीवन, दिनचर्या और कर्म समान हैं, तो फिर उसके जीवन में अशांति क्यों है? वह अपने गुरु के पास पहुंचा और अपनी शंका व्यक्त की। गुरु ने मुस्कुराते हुए कहा, “तुम दोनों के कर्म एक जैसे हैं, लेकिन सोच अलग है। सुखी संत हर परिस्थिति को अवसर मानता है। उसे अपने प्रयासों और ईश्वर पर पूरा विश्वास है। वह परिणाम की चिंता करने के बजाय वर्तमान में अपना श्रेष्ठ कार्य करता है। इसलिए उसका मन शांत रहता है।” फिर गुरु ने दुखी संत से कहा, “तुम हर काम करते समय पहले ही असफलता की कल्पना कर लेते हो। तुम्हें स्वयं पर भरोसा नहीं है और तुम हमेशा दूसरों से तुलना करते रहते हो। यही तुम्हारे दुख का सबसे बड़ा कारण है।” गुरु की बात सुनकर दुखी संत को अपनी भूल समझ आ गई। उसने उसी दिन से अपने विचार बदलने का संकल्प लिया। धीरे-धीरे उसका आत्मविश्वास बढ़ा, मन शांत हुआ और जीवन में खुशियां लौटने लगीं। तब उसे एहसास हुआ कि परिस्थितियां नहीं, बल्कि हमारी सोच ही हमारे जीवन की दिशा तय करती है। प्रसंग की सीख

फुटबॉल वर्ल्डकप का दूसरा सेमीफाइनल आज रात:अर्जेंटीना Vs इंग्लैंड मुकाबला अटलांटा में; मेसी टूर्नामेंट में 8 गोल कर चुके, हैरी केन ने 6 गोल दागे

फुटबॉल वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना और इंग्लैंड 24 साल बाद आमने-सामने होंगे। दोनों के बीच दूसरा सेमीफाइनल गुरुवार देर रात अटलांटा स्टेडियम में भारतीय समय के हिसाब से 12:30 बजे से खेला जाएगा। वर्ल्ड कप में दोनों की पिछली भिड़ंत 2002 में हुई थी, तब इंग्लैंड ने 1-0 से जीत दर्ज की थी। इस मुकाबले में सबकी नजरें लियोनेल मेसी और हैरी केन पर रहेंगी। मेसी इस वर्ल्ड कप में 8 गोल कर गोल्डन बूट की रेस में दूसरे स्थान पर हैं। वहीं इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन अब तक 6 गोल कर चुके हैं। दोनों टीमों के बीच अब तक 14 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इनमें इंग्लैंड ने 6, जबकि अर्जेंटीना ने 3 मैच जीते हैं। 5 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। वर्ल्ड कप इतिहास में यह दोनों टीमों की छठी भिड़ंत होगी। इससे पहले खेले गए पांच मुकाबलों में इंग्लैंड ने 3 और अर्जेंटीना ने 2 मैच जीते हैं। अर्जेंटीना ने सभी मुकाबले जीते अर्जेंटीना ने इस टूर्नामेंट में सभी 6 मुकाबले जीते हैं। ग्रुप स्टेज में टीम ने अल्जीरिया को 3-0, ऑस्ट्रिया को 2-0 और जॉर्डन को 3-1 से हराया। इसके बाद राउंड ऑफ 32 में काबो वर्डे को 3-2 से मात दी। फिर राउंड ऑफ 16 में मिस्र को 3-2 और क्वार्टर फाइनल में स्विट्जरलैंड को 3-1 से हराया। अगर अर्जेंटीना जीता तो… इस मुकाबले में जीत के साथ ही अर्जेंटीना सातवीं बार फाइनल में पहुंच जाएगा। इससे पहले टीम ने 1978, 1986 और 2022 में खिताब जीता था। वहीं 1930, 1990 और 2014 में टीम रनर-अप रही थी। इंग्लैंड ने क्वार्टर फाइनल में नॉर्वे को हराया था इंग्लैंड ने इस वर्ल्ड कप में 6 मुकाबले खेले हैं। टीम ने 5 मैच जीते, जबकि एक मुकाबला ड्रॉ रहा था। ग्रुप स्टेज में इंग्लैंड ने क्रोएशिया को 4-2 और पनामा को 2-0 से हराया। घाना के खिलाफ मैच 0-0 से ड्रॉ रहा। इसके बाद राउंड ऑफ 32 में टीम ने कांगो डीआर को 2-1 और राउंड ऑफ 16 में मैक्सिको को 3-2 से हराया। फिर क्वार्टर फाइनल में अर्लिंग हालैंड की नॉर्वे को 2-1 से हराया। अगर इंग्लैंड जीता तो… अगर इंग्लैंड यह मुकाबला जीतता है, तो वह 60 साल बाद वर्ल्ड कप का फाइनल खेलेगा। इससे पहले टीम 1966 में फाइनल पहुंची थी। तब टीम ने इकलौती बार वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया था। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग-11: इंग्लैंड: जॉर्डन पिकफोर्ड, काइल वॉकर, जॉन स्टोन्स, मार्क गुएही, कीरन ट्रिपियर, डेकलान राइस, कोबी मेनु, बुकायो साका, जूड बेलिंगहम, फिल फोडेन, हैरी केन। अर्जेंटीना: एमी मार्टिनेज, नाहुएल मोलिना, क्रिस्टियन रोमेरो, निकोलस ओटामेंडी, निकोलस टैगलियाफिको, रोड्रिगो डी पॉल, एन्जो फर्नांडीज, एलेक्सिस मैक एलिस्टर, लियोनेल मेसी, जूलियन अल्वारेज, निकोलस गोंजालेज।

स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:जब व्यक्ति सकारात्मक सोच रखता है और मीठी वाणी बोलता है, तब वह सभी को अच्छा लगता है

अच्छे विचारों और मधुर व्यवहार से हमारे व्यक्तित्व में आकर्षण आता है। जब व्यक्ति सकारात्मक सोच रखता है, मीठी वाणी बोलता है और बिना दिखावे के जीवन जीता है, तब वह सभी को अच्छा लगता है। सच्चाई, सरलता और विनम्रता व्यक्ति की सबसे बड़ी पहचान है। यदि मन में किसी के लिए गलत भावना न हो, तो स्वभाव और भी प्रभावशाली बन जाता है। इसलिए मन, वचन और कर्म में एकरूपता रखें। यही सच्चे और आकर्षक व्यक्तित्व की पहचान है। आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए व्यक्तित्व को महान बनाने के लिए क्या करें? आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें।

सरकार ने फिर दोहराया- पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं:यह विदेश यात्रा के लिए जारी होने वाला डॉक्यूमेंट, 8% से भी कम भारतीयों के पास है

केंद्र सरकार ने एक बार फिर से कहा है कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को कहा कि पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के मुताबिक भारत सरकार देश से बाहर यात्रा के लिए भारतीय नागरिकों को पासपोर्ट जारी करता है। मंत्रालय ने कहा कि यह एक डॉक्यूमेंट है जो पूरी जांच और वेरिफिकेशन के बाद जारी किया जाता है। इसका संचालन पासपोर्ट अधिनियम, 1967 तथा पासपोर्ट नियम, 1980 के तहत होता है। जायसवाल ने बताया कि देश के 8% से भी कम नागरिकों के पास पासपोर्ट है। 24 जून: सरकार ने पहली बार कहा- पासपोर्ट नागरिकता का दस्तावेज नहीं 24 जून को पासपोर्ट सेवा दिवस पर विदेश मंत्रालय ने कहा था कि पासपोर्ट ट्रैवल डॉक्यूमेंट है, नागरिकता का प्रमाण नहीं। यह बयान चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया में पासपोर्ट को नागरिकता के प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल किए जाने के सवाल पर दिया गया था। मंत्रालय ने 2013 के बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले का भी हवाला दिया था, जिसमें पासपोर्ट को नागरिकता का प्रमाण नहीं माना गया था। अधिकारियों ने यह भी बताया था कि पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत जनहित में जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार किसी गैर-भारतीय नागरिक को भी पासपोर्ट जारी कर सकती है। इसलिए पासपोर्ट को नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता। कांग्रेस ने पूछा- कौन सा दस्तावेज नागरिकता का सबूत विदेश मंत्रालय के इस बयान के बाद विपक्षी कांग्रेस ने सरकार की आलोचना की थी। पार्टी ने सवाल उठाया कि अगर पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो इसे किस आधार पर जारी किया जाता है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि पासपोर्ट नागरिकता का दस्तावेज नहीं है तो फिर कौन सा दस्तावेज नागरिकता का सबूत है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार उन लोगों की नागरिकता पर सवाल उठाने की जमीन तैयार कर रही है, जिनसे उसकी राजनीतिक असहमति है। नागरिकता का असली सबूत क्या है, 8 सवाल-जवाब से पूरे मामले को समझिए… 1. पासपोर्ट क्यो होता है? इसका क्या इस्तेमाल है? पासपोर्ट केंद्र सरकार द्वारा जारी किया गया एक अंतरराष्ट्रीय पहचान पत्र है, जिसका मुख्य इस्तेमाल भारत से बाहर किसी भी देश में यात्रा करने के लिए होता है। विदेश जाने के लिए जरूरी ‘वीजा’ इसी पर लगता है। दूसरे देश में रहने के दौरान यही आपकी पहचान, नाम और पते का सबसे बड़ा सरकारी सबूत बनता है। आसान शब्दों में कहें तो विदेश में कानूनी एंट्री करने और वहां किसी भी मुसीबत में फंसने पर भारत सरकार से मदद पाने के लिए पासपोर्ट ही सबसे जरूरी दस्तावेज है। 2. क्या पासपोर्ट राष्ट्रीयता की पहचान देता है? हां, पासपोर्ट राष्ट्रीय की पहचान देता है। राष्ट्रीयता बताती है कि आप किस देश से संबंध रखते हैं। जबकि नागरिकता बताती है कि उस देश में आपको कौन-कौन से कानूनी अधिकार मिले हैं। राष्ट्रीयता आपकी पहचान होती है। नागरिकता आपके अधिकार और जिम्मेदारियां तय करती है। 3. सरकार ने पासपोर्ट की संख्या को लेकर क्या कहा है? मंत्रालय ने बताया कि पिछले एक दशक में पासपोर्ट सेवा केंद्र और संबंधित सुविधाओं की संख्या 77 से बढ़कर 545 हो गई है। 2025 में शुरू हुए चिप आधारित ई-पासपोर्ट की अब तक 1.47 करोड़ प्रतियां जारी की जा चुकी हैं। आवेदन निपटाने का औसत समय घटकर 5-6 दिन रह गया है। 2019 के 16 देशों के मुकाबले अब 27 देश भारतीयों को वीजा-फ्री प्रवेश देते हैं। 4. क्या भारतीय नागरिकता साबित करने वाला कोई एक दस्तावेज है? नहीं। भारत कोई ऐसा एक दस्तावेज जारी नहीं करता है जो सभी नागरिकों के लिए नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जाए। नागरिकता इस बात पर तय होती है कि इसे कैसे हासिल किया गया और नागरिकता कानून के तहत कौन से रिकॉर्ड मौजूद हैं। 5. पहचान पत्र अपने आप नागरिकता साबित क्यों नहीं करते? आधार, वोटर आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेज खास कामों के लिए जारी किए जाते हैं, जैसे पहचान की जांच, चुनाव में रजिस्ट्रेशन या गाड़ी चलाने की अनुमति। इन्हें नागरिकता तय करने के लिए नहीं बनाया गया है, इसलिए इन्हें अपने आप में नागरिकता का पक्का सबूत नहीं माना जाता है। 6. विदेश मंत्रालय ने क्यों कहा कि पासपोर्ट नागरिकता का सबूत नहीं है? विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि पासपोर्ट मुख्य रूप से एक यात्रा दस्तावेज है, जो विदेश में धारक की राष्ट्रीयता को दर्शाता है। कानूनी रूप से नागरिकता ‘नागरिकता कानून’ के तहत तय होती है, जबकि पासपोर्ट ‘पासपोर्ट कानून’ के तहत जारी होता है और यह हर परिस्थिति में अपने आप में नागरिकता का अंतिम सबूत नहीं होता है। 7. क्या पासपोर्ट रद्द होने पर नागरिकता खत्म हो जाती है? नहीं। पासपोर्ट रद्द होने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति की भारतीय नागरिकता खत्म हो गई। पासपोर्ट कई कारणों से रद्द या निलंबित हो सकता है: 8. भारत में नागिरकों मिलने वाले प्रमुख दस्तवेज कौन से हैं? भारत में नागरिकता के मामले में 10 कागजात एक साथ देखे जा सकते हैं। इनमें आधार कार्ड, वोटर आईडी और पैन कार्ड शामिल हैं… सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- आधार पहचान का दस्तावेज, नागरिकता का नहीं बिहार में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़ी सुनवाई के दौरान 8 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं है, बल्कि यह पहचान का दस्तावेज है। हालांकि, अदालत ने चुनाव आयोग से कहा था कि SIR प्रक्रिया में आधार को पहचान के लिए एक वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाए। साथ ही स्पष्ट किया था कि जरूरत पड़ने पर चुनाव आयोग नागरिकता और पात्रता की पुष्टि के लिए अन्य दस्तावेज भी मांग सकता है। ——————————- ये खबर भी पढ़ें…. आधार कार्ड का इस्तेमाल सिर्फ पहचान के लिए हो: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र-राज्यों से जवाब मांगा सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों से उस याचिका पर जवाब मांगा जिसमें आरोप लगाया गया है कि आधार कार्ड का इस्तेमाल नागरिकता, मूल निवास और पते के सबूत के तौर पर गलत तरीके से किया जा रहा है। याचिका में मांग की गई है कि इसके इस्तेमाल को सिर्फ पहचान की पुष्टि (आइडेंटिटी वेरिफिकेशन) तक ही सीमित रखने के निर्देश दिए जाएं। पूरी खबर पढ़ें…

स्पेन 16 साल बाद फुटबॉल वर्ल्डकप फाइनल में:फ्रांस को 2-0 से हराया; ओयारजाबाल ने पेनल्टी पर गोल किया, पोरो ने बढ़त दोगुनी की

स्पेन 16 साल बाद फुटबॉल वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंच गया है। टीम ने पहले सेमीफाइनल में फ्रांस को 2-0 से हराकर दूसरी बार फाइनल में जगह बनाई। डलास स्टेडियम में मिकेल ओयारजाबाल ने 22वें मिनट में पेनल्टी पर पहला गोल किया। इसके बाद 58वें मिनट में पेड्रो पोरो ने गोल दागकर स्पेन की जीत पक्की कर दी। स्पेन 2010 के बाद फाइनल खेलेगा। तब टीम ने फाइनल में नीदरलैंड को 1-0 से हराकर अपना इकलौता वर्ल्ड कप जीता था। वहीं, फ्रांस 2018 और 2022 के बाद लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचने से रह गया। यमाल पर फाउल, ओयारजाबाल ने पेनल्टी पर दिलाई बढ़त स्पेन को 22वें मिनट में पेनल्टी मिली। फ्रांस के डिफेंडर लुकास डिग्ने ने बॉक्स के अंदर लामिन यमाल पर फाउल कर दिया। इसके बाद रेफरी ने पेनल्टी दे दी। मिकेल ओयारजाबाल ने गेंद को गोलपोस्ट के दाएं कोने में भेज दिया। इसके साथ ही स्पेन ने 1-0 की बढ़त बना ली। यह ओयारजाबाल का टूर्नामेंट में पांचवां गोल रहा। पोरो ने दूसरा गोल कर फ्रांस की वापसी की उम्मीद खत्म की दूसरे हाफ में फ्रांस बराबरी की कोशिश करता रहा, लेकिन 58वें मिनट में पेड्रो पोरो ने दानी ओल्मो के शानदार पास पर गोल कर स्पेन की बढ़त 2-0 कर दी। इसके बाद स्पेन ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और फ्रांस को कोई बड़ा मौका नहीं दिया। एम्बाप्पे रहे बेअसर, लगातार तीसरा फाइनल खेलने से चूका फ्रांस पूरे टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में रहे किलियन एम्बाप्पे इस मुकाबले में स्पेन की मजबूत डिफेंस के सामने असर नहीं छोड़ सके। उन्हें कई बार ऑफसाइड मिला और दूसरे हाफ में येलो कार्ड भी मिला। फ्रांस 2018 और 2022 के बाद लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप फाइनल खेलने का मौका गंवा बैठा। दोनों टीमों की स्टार्टिंग-11: फ्रांस: माइक मैग्नन, लुकास डिग्ने, दायोत उपामेकानो, जूल्स कौंडे, विलियम सलीबा, ऑरेलियन चुआमेनी, एड्रियन रैबियो, उस्मान डेम्बेले (कप्तान), किलियन एम्बापे, माइकल ओलीसे, ब्रैडली बारकोला। स्पेन: उनाई सिमोन, पेड्रो पोरो, अयमेरिक लापोर्टे, पाउ क्यूबार्सी, मार्क कुकुरेला, फैबियन रुइज, एलेक्स बेना, रोड्री (कप्तान), दानी ओल्मो, लामिन यमाल, मिकेल ओयारजाबाल।

हाईकोर्ट ने कहा- दत्तक पुत्र भी अनुकंपा नियुक्ति का हकदार:पुलिस विभाग पर लगाया 1 लाख का जुर्माना; कहा- नियमों के तहत नियुक्ति देने पर करें फिर विचार

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने एक मामले में फैसला सुनाते हुए कहा- कानूनी तौर पर गोद लिया गया बेटा (दत्तक पुत्र) भी अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त करने का हकदार है। साथ ही कोर्ट ने बिना किसी ठोस कारण के याचिकाकर्ता के दावे को खारिज करने पर सरकार और पुलिस विभाग पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जस्टिस गणेशराम मीणा की अदालत ने यह आदेश टोंक निवासी अश्विनी गुर्जर की याचिका को मंजूर करते हुए दिया। कोर्ट ने सरकार को कहा- वह जुर्माना राशि 60 दिन में याचिकाकर्ता को भुगतान करें। अदालत ने माना कि पिता की मौत के बाद याचिकाकर्ता को संबंधित अधिकारियों के कारण कठिनाई झेलनी पड़ी। वहीं पुलिस विभाग ने प्रार्थी का दावा खारिज करने का कोई स्पष्ट कारण भी नहीं बताया। ऐसे में अधिकारियों पर जुर्माना लगाना उचित होगा। अनुकंपा नियुक्ति के दावे पर फिर से विचार करें याचिका में कहा गया था कि याचिकाकर्ता के पिता पुलिस विभाग में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर कार्यरत थे। नौकरी के दौरान 27 जनवरी 2022 को उनकी मृत्यु हो गई थी। याचिकाकर्ता मृतक का विधिक रूप से गोद लिया हुआ बेटा है। उसने पिता की जगह अनुकम्पा नियुक्ति के लिए आवेदन किया, लेकिन पुलिस विभाग ने 2 मार्च 2023 को बिना कोई ठोस कारण बताए उसका दावा खारिज कर दिया। इस पर हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि प्रार्थी के अनुकम्पा नियुक्ति दावे पर फिर से विचार करें। साथ ही यदि वह सभी जरूरी शर्तें पूरी करे तो उसे अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।

शौक के लिए कार-बाइक की चोरी, फरार आरोपी गिरफ्तार:सस्ते दामों पर बेच देता; टोंक, सवाईमाधोपुर, दौसा और जयपुर में ठिकाने बदलकर काटी फरारी

जयपुर में इनामी और शातिर वाहन चोर सोनू मीणा (32) को जवाहर नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी साल 2023 में ईको कार चोरी की वारदात के बाद से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर 15 जून को पुलिस मुख्यालय की ओर से दो हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। जवाहर नगर थाना प्रभारी सरला यादव ने बताया- वारदात अप्रैल 2023 को हुई थी। जवाहर नगर निवासी एक व्यक्ति ने अपनी मारुति सुजुकी ईको कार सेक्टर-4 स्थित पार्क के बाहर खड़ी की थी, जिसे बदमाश चोरी कर ले गए। इस संबंध में जवाहर नगर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान सामने आया कि वारदात में सोनू मीणा और उसका साथी विश्राम मीणा शामिल थे। विश्राम मीणा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि सोनू लगातार फरार चल रहा था। पुलिस के अनुसार- आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए टोंक, सवाई माधोपुर, दौसा और जयपुर में लगातार ठिकाने बदल रहा था। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने 13 जुलाई को उसे गिरफ्तार कर लिया। चोरी के वाहन बेचकर उड़ाता था रकम पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया- वह साथी के साथ रात के समय मकानों के बाहर खड़ी मोटरसाइकिल और ईको कार चोरी करता था। चोरी के वाहनों को धौलपुर और अजमेर-ब्यावर क्षेत्र में अज्ञात लोगों को बेच देता था और उससे मिली रकम अपने शौक पूरे करने में खर्च करता था। पुलिस के अनुसार- सोनू मीणा के खिलाफ जयपुर के श्याम नगर, आदर्श नगर, ट्रांसपोर्ट नगर सहित अन्य थानों में वाहन चोरी, लूट, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं के कई मामले दर्ज हैं। आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर उसके गिरोह से जुड़े अन्य अपराधों और चोरी के वाहनों की बरामदगी के संबंध में जांच कर रही है।

बार काउंसिल चुनाव: भीलवाड़ा के एडवोकेट नीरज गुर्जर बने मेंबर:कहा- यह व्यक्तिगत जीत नहीं, अधिवक्ता समुदाय के विश्वास की जीत

बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के 23 सदस्यों के निर्वाचन के लिए करीब दो महीने से जारी मतगणना के बीच पहली जीत हो गई है। भीलवाड़ा के अधिवक्ता नीरज गुर्जर निर्वाचन के लिए निर्धारित मतों की संख्या प्राप्त करने वाले पहले प्रत्याशी बने हैं। साथ ही उनका निर्वाचन घोषित हो गया है, जबकि अन्य प्रत्याशियों के लिए मतगणना और मतों के स्थानांतरण की प्रक्रिया जारी है। निर्वाचन अधिकारी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता सचिन आचार्य ने बताया- प्रथम वरीयता मतों की गणना के बाद प्रत्येक प्रत्याशी के निर्वाचन के लिए 2614.21 मतों की निर्धारित संख्या तय की गई थी। नीरज गुर्जर ने यह आंकड़ा हासिल कर सबसे पहले जीत दर्ज की है। अब शेष प्रत्याशियों के मतों का स्थानांतरण और गणना जारी रहेगी तथा निर्धारित मतों की संख्या प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों का निर्वाचन क्रमवार घोषित किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद आधिकारिक गजट अधिसूचना जारी की जाएगी। नीरज गुर्जर का निर्वाचन होते ही उनके समर्थकों और अधिवक्ताओं में खुशी का माहौल बन गया। समर्थक उनके निवास पहुंचे और मिठाई खिलाकर बधाई दी। गुर्जर ने कहा- यह उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि पूरे अधिवक्ता समुदाय के विश्वास की जीत है। उन्होंने बताया- वर्ष 2013 से वे राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर में वकालत कर रहे हैं और बार काउंसिल में अधिवक्ताओं के हितों, कल्याण और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।

सेना के लेफ्टिनेंट के मकान में लाखों की ज्वेलरी चोरी:परिवार समेत छुट्टी पर महाराष्ट्र गए हुए थे आर्मी ऑफिसर, स्टाफ ने फोन कर बताया

जोधपुर शहर के महामंदिर थाना इलाके में एक बड़ी चोरी की वारदात सामने आई है। रसाला रोड स्थित सेना के जेएसआई एन्क्लेव में एक सरकारी आवास का ताला तोड़कर चोरों ने लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवर, हीरे और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित आर्मी अफसर सेना की 12 कोर डेंटल यूनिट में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर कार्यरत हैं और वारदात के समय सपरिवार छुट्टी पर महाराष्ट्र गए हुए थे। वापस लौटने पर पीड़ित ने महामंदिर थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(a) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। छुट्टी पर गया था परिवार, स्टाफ ने फोन कर दी सूचना लेफ्टिनेंट कर्नल आठवले रवि प्रकाश ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि वे रसाला रोड स्थित जेएसआई एन्क्लेव के क्वार्टर नंबर 164/3 में रहते हैं। वे 26 जून को परिवार सहित अपने पैतृक गांव जलगांव (महाराष्ट्र) छुट्टी पर गए थे। 11 जुलाई की सुबह करीब 9:51 बजे उनकी यूनिट के स्टाफ नायक मनीष ने उन्हें फोन कर बताया कि उनके सरकारी आवास का ताला टूटा हुआ है और दरवाजा खुला है। अंदर जाकर देखा तो सभी कमरों का सामान बिखरा पड़ा था। स्टाफ ने जब व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल कर घर के हालात दिखाए, तो चोरी की पुष्टि हो गई। सूचना मिलने पर लेफ्टिनेंट कर्नल तुरंत जोधपुर के लिए रवाना हुए और 12 जुलाई को दोपहर में यहां पहुंचे। इसके बाद महामंदिर थाना पुलिस और सेना की पुलिस टीम के साथ उन्होंने अपने आवास का मुआयना किया। चोर घर से भारी मात्रा में कीमती आभूषण और नकदी समेट ले गए थे। चोर करीब 219.12 ग्राम सोना चुराकर ले गए। जिसमें मंगलसूत्र, सुदर्शन माला, 3 जोड़ी चूड़ियां, ब्रेसलेट, चेन, पेंडेंट और बच्चियों के जेवर शामिल हैं। इसके अलावा 4.695 ग्राम के हीरे के दो इयररिंग्स, 28 ग्राम चांदी के पायल और बिछिया सहित 53,000 रुपए नगद चुराकर ले गए। आसपास के खंगाले जा रहे सीसीटीवी फुटेज महामंदिर थाना अधिकारी देवेंद्र सिंह देवड़ा ने बताया कि सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल के आवास में चोरी का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर आस पास की जगहों के CCTV खंगाले जा रहे हैं।

जोधपुर में कार सवार युवकों पर हमला-VIDEO:बदमाशों ने की थी कार में तोड़फोड़; CCTV फुटेज खंगालकर पुलिस ने 4 आरोपियों को दबोचा

जोधपुर में दो दिन पहले कार सवार युवकों पर जानलेवा हमला करने और गाड़ी में तोड़फोड़ मामले में पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसकी मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में कामयाब रही। पुलिस के अनुसार- देवनगर थाना इलाके में 12 जुलाई की रात करीब 10:25 बजे घटना हुई थी। पीड़ित हेमंत सोलंकी अपने दोस्तों के साथ कार में सवार होकर चौपासनी हाउसिंग बोर्ड में सिंधू महल के पास से गुजर रहा था। इसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने उनकी कार को घेर लिया और अचानक हमला बोल दिया। बदमाशों ने लाठी-डंडों से कार में तोड़फोड़ की और युवकों के साथ मारपीट की। पीड़ित हेमंत सोलंकी की रिपोर्ट पर देवनगर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के बाद पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामले में रेहान (19) पुत्र नैनू खान निवासी सिंधी बस्ती मसूरिया, फरदीन (23) पुत्र मोहम्मद सलीम निवासी राजीव गांधी कॉलोनी, मोहम्मद याकूब (21) पुत्र यूनुस निवासी राजीव गांधी कॉलोनी, सरफराज (19) पुत्र मोहम्मद असलम निवासी राजीव गांधी कॉलोनी को गिरफ्तार किया। आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। मामले के खुलासे में कॉन्स्टेबल मोटाराम की विशेष भूमिका रही।