सीपीसीबी के नए नियम लागू:प्रदूषण क्षमता के आधार पर होटल, रिसॉर्ट, रेस्टोरेंट, ढाबे और बैंक्वेट हॉल को 4 कैटेगरी में बांटा, छोटे प्रतिष्ठानों को राहत
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने देशभर के होटल, रिसॉर्ट, रेस्टोरेंट, ढाबे और बैंक्वेट हॉल के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड के सदस्य सचिव भारत कुमार शर्मा ने 20 जुलाई को यह आदेश जारी किया। इसके तहत इन प्रतिष्ठानों को प्रदूषण क्षमता के आधार पर रेड, ऑरेंज, ग्रीन और व्हाइट कैटेगरी में बांटा गया है। नए नियमों का असर उदयपुर के करीब 800 होटल और 1000 रेस्टोरेंट-ढाबों पर भी सीधा पड़ेगा। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इन्हें तत्काल लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने ‘व्हाइट कैटेगरी’ को स्थापना (सीटीई) और संचालन (सीटीओ) की अनुमति लेने से पहले ही छूट दी हुई है। नए नियमों के बाद व्हाइट कैटेगरी में आने वाले छोटे होटल, ढाबे, क्लाउड किचन और 1000 वर्गमीटर तक के बैंक्वेट हॉल संचालकों को प्रदूषण नियंत्रण विभाग की कागजी औपचारिकताओं से बड़ी राहत मिलेगी। 1. होटल और रिसॉर्ट (कमरों और ईंधन के आधार पर) 2. रेस्टोरेंट और ढाबे (बैठने की क्षमता के आधार पर) 3. बैंक्वेट और मैरिज हॉल (क्षेत्रफल के आधार पर) सभी के लिए ये नियम रहेंगे अनिवार्य कैटेगरी बदलन से व्यवसायियों को सहूलियत मिली केद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने व्हाइट श्रेणी बनाकर छोटे उद्योगों को बड़ी राहत दी है। अब उन्हें अन्य विभागों के ज्यादा चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके अलावा ऑरेंज कैटेगरी के कई उद्योगों को ग्रीन कैटेगरी में बदलने से भी व्यवसायियों को सहूलियत मिली है।
-राकेश चौधरी, सचिव, होटल संस्थान दक्षिणी राजस्थान

