4 कारीगरों ने 40 दिन में बदली तस्वीर:11 किलो जर्मन गोल्ड से निखर रहा मोतीडूंगरी में ‘गजानन का दरबार’
मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में इस बार गणेश चतुर्थी पर ‘गोल्डन गणपति’ के दर्शन होंगे। पहली बार परिसर के 40 फीट चौड़े और 35 फीट लंबे हिस्से को 11 किलो जर्मन गोल्ड वर्क से सजाया गया है। गर्भगृह की दीवारों पर सवा किलो 24 कैरेट सोने की मढ़ाई पूरी हो चुकी है। राजधानी में किसी मंदिर को इस तरह गोल्डन थीम पर सजाने का संभवतया यह पहला प्रयोग है। दरबार को स्वर्ण आभा देने वाले सभी कारीगर मुस्लिम हैं। 20 हजार गोल्ड वर्क से सजा मंदिर मंदिर परिसर को सजाने के लिए 6×6 इंच आकार के करीब 20 हजार जर्मन गोल्ड वर्क लगाए गए हैं। सुनहरी परत और बारीक नक्काशी से मंदिर का पूरा भीतरी हिस्सा अब स्वर्ण आभा में चमक रहा है। छत पर हाथों से नक्काशी-पेंटिंग मंदिर की छत पर पारंपरिक शैली में हाथ से नक्काशी और पेंटिंग की गई है। गोल्ड वर्क, राजस्थानी शिल्प और कलात्मक चित्रकारी का मेल मंदिर को पारंपरिक और आधुनिक सजावट का अनूठा स्वरूप दे रहा है। 4 कारीगरों ने 40 दिन में बदली तस्वीर कारीगर सईदउल्ला मिर्जा ने बताया कि चार विशेषज्ञ कारीगरों ने करीब 40 दिन तक लगातार काम कर सजावट पूरी की है। इसमें पारंपरिक कारीगरी के साथ आधुनिक फिनिशिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। गणेश चतुर्थी पर गणेशजी स्वर्ण आभा में दिखेंगे। मंदिर में हो रही सजावट भी तैयारी का ही हिस्सा है। ठाकुरजी की पोशाक और आभूषण भी विशेष होंगे। पूरे परिसर को गोल्डन थीम पर सजाया जा रहा है।
-कैलाश शर्मा, महंत, मोतीडूंगरी गणेश मंदिर

