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विरोध में पिसा आमजन:पहली बार भाजपा-कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एक ही दिन दोनों के कार्यालय घेरने निकले; गवर्नमेंट हॉस्टल पर जाम, वाहनों की कतार लगी

नई दिल्ली में पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे घटनाक्रम से राजस्थान में भी राजनीतिक सरगर्मी उबाल पर रही। बुधवार को भाजपा और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्षों ने पहली बार एक ही दिन एक दूसरे के कार्यालय के घेराव का ऐलान किया। पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस कार्यालय को घेराने के लिए बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ निकले। इसके बाद शाम 5 बजे गोविंद सिंह डोटासरा प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से बीजेपी मुख्यालय की ओर चले। दोनों प्रदर्शनों को बेरीकेड्स लगा कर पुलिस ने रोक दिया। कांग्रेस के मार्च को शहीद स्मारक पर रोर दिया गया। इस दौरान डोटासरा की पुलिस से धक्का मुक्की भी हुई। पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछारें छोड़ीं। कई महिलाएं और युवा गिर गए। भगदड़ मच गई और कई को चोटें आई। एक महिला बेहोश हो गई। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस मौके पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत, जिला अध्यक्ष सुनील शर्मा समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे। दूसरी ओर, चौमूं हाउस सर्किल पर भाजपा कार्यकर्ताओं पर भी वाटर कैनन से पानी की बौछार की गई। हालांकि इस दौरान युवा नेता बेरीकेड्स पर चढ़ने लगे तो राठौड़ ने उन्हें रोका और कहा कि बीजेपी कार्यकर्ता अनुशासन नहीं तोड़़ते। फिर वहीं काफिला रुक गया। भाजपा : प्रदर्शन पर फिर गया पानी कांग्रेस कार्यालय का घेराव के लिए निकले भाजपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से धक्का-मुक्की हुई। कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए। पुलिस ने हटाने के लिए वाटर कैनन चलाई। इस दौरान गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहे पर जाम लग गया और सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। कांग्रेस : इंसाफ मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा कांग्रेस के मार्च को शहीद स्मारक बेरीकेड्स लगा कर व वाटर कैनन चलाकर रोका गया। डोटासरा की पुलिस के साथ काफी देर धक्का मुक्की हुई। धर्मेन्द्र प्रधान ने नई शिक्षा नीति और शिक्षा व्यवस्था में भारतीय संस्कृति, इतिहास, महापुरुषों को उचित स्थान देने का कार्य किया गया है। जांच हो रही है कि कहां से कितना पैसा मिला, कहां से पत्थर बाजों को लाया गया।
-मदन राठौड़, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बीजेपी वाले आंदोलन का दमन करना जानते हैं। अब तक 150 परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं, फिर भी केन्द्र सरकार शिक्षा मंत्री व अन्य अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। इंसाफ मिलने तक हम संघर्ष करते रहेंगे।
-गोविंद सिंह डोटासरा, पीसीसी चीफ

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