महिला सुरक्षा को लेकर मीटिंग में 15 विभागों ने बनाई रणनीति, पीड़ितों को तुरंत मिलेगी मदद
महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के तहत बुधवार को दो बड़े आयोजनों के जरिए सुरक्षा और संवेदनशीलता का संदेश दिया गया। शाम को जिला परिषद सभागार में 15 प्रमुख विभागों के समन्वय को लेकर बैठक हुई। इससे पहले पुलिस लाइन सभागार से जिले के छात्र-छात्राओं से ऑनलाइन संवाद किया गया। एसपी निश्चय प्रसाद एम ने बताया कि 1 जुलाई से 29 जुलाई तक चलाए जा रहे राज्य स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम के तहत जिले में एसआईयूसीएडब्ल्यू की एएसपी डॉ. कृष्णा सामरिया के निर्देशन में विभिन्न गतिविधियां की जा रही हैं। बैठक में 15 सरकारी विभागों के प्रतिनिधियों के साथ ग्राउंड लेवल पर राहत देने की रणनीति बनाई गई। तय हुआ कि महिला संबंधी अपराध या शिकायत के मामले में विभागों के बीच तालमेल की कोई कमी ना रहे। बैठक में एएसपी डॉ. कृष्णा सामरिया ने अधिकारियों से कहा कि सभी विभागाध्यक्षों को कानून, त्वरित राहत मंच और योजनाओं की पूरी जानकारी होनी चाहिए। इससे किसी भी घटना विशेष पर पीड़ित महिला व बच्चे को हर विभाग से तुरंत राहत मिल पाएगी। एक मंच पर सभी विभागों की जानकारी और सहायता मिलने से आत्मविश्वास का भाव बढ़ेगा। महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक राजेंद्र सिंह ने सुझाव दिए। महिला थाना एसएचओ कुसुमलता व कालिका टीम ने वीसी के जरिए विद्यार्थियों से संवाद किया। जिले के 61 स्कूलों व 12 कॉलेजों के 290 शिक्षक व 5360 विद्यार्थी ऑनलाइन जुड़े। विद्यार्थियों को जेंडर इक्वेलिटी, गुड टच-बैड टच, साइबर सुरक्षा व महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों की जानकारी दी गई। राजकोप एप के फीचर्स, इमरजेंसी बटन और टोल-फ्री हेल्पलाइन 1090 व 112 के इस्तेमाल का तरीका सिखाया गया। किसी भी आपात स्थिति में मदद के लिए एप व हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं।

