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स्पोर्ट्स अपडेट्स:नेथन स्मिथ और डैनी व्याट-हॉज ICC प्लेयर ऑफ द मंथ चुने गए

जियोहॉटस्टार ने भारत में ‘द हंड्रेड 2026’ के पुरुष और महिला टूर्नामेंट्स के ब्रॉडकास्टिंग राइट्स हासिल कर लिए हैं। छठे सीजन के सभी 68 मैचों का प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार पर किया जाएगा। टूर्नामेंट की 21 जुलाई से द ओवल में शुरु होगा। फाइनल 16 अगस्त को लॉर्ड्स में खेला जाएगा। द हंड्रेड के विमेंस लीग में कई भारतीय खिलाड़ी खेलेंगे। इनमें स्मृति मंधाना, दीप्ति शर्मा, रिचा घोष और जेमिमा रोड्रिग्स भी शामिल हैं। स्पोर्ट्स की अन्य खबरें भी पढ़िए… नेथन स्मिथ और डैनी व्याट-हॉज ICC प्लेयर ऑफ द मंथ चुने गए न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज नेथन स्मिथ और इंग्लैंड की महिला बल्लेबाज डैनी वायट-हॉज को जून के लिए ICC प्लेयर ऑफ द मंथ चुना गया है। स्मिथ ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 16 विकेट लेकर टीम की 2-1 से जीत दिलाई। उन्होंने भारतीय कप्तान शुभमन गिल और बांग्लादेश के मोसादेक हुसैन को पीछे छोड़ा। महिलाओं में डैनी व्याट-हॉज ने स्कॉटलैंड की कैथरीन ब्रायस और भारतीय स्पिनर श्री चरणी को पीछे छोड़ अवॉर्ड अपने नाम किया। डैनी ने महिला टी20 वर्ल्ड कप में श्रीलंका के खिलाफ नाबाद 105 और न्यूजीलैंड के खिलाफ नाबाद 89 रनों की पारियां खेली थीं। हॉकी वर्ल्डकप के लिए भारत टीम घोषित हॉकी इंडिया ने अगले महीने होने वाले FIH मेंस हॉकी वर्ल्ड कप के लिए 20 मेंबर्स की भारतीय टीम की घोषणा कर दी है। अनुभवी ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह टीम की कप्तानी करेंगे। प्रो लीग टीम में शामिल रहे चार खिलाड़ियों को अंतिम दल में जगह नहीं मिली है। इसमें डिफेंडर अमनदीप लकड़ा, मिडफील्डर राज कुमार पाल, रबीचंद्र सिंह मोइरांगथेम और फॉरवर्ड सेल्वम कार्थी के नाम हैं। सबसे अनुभवी खिलाड़ी मनप्रीत सिंह के अलावा हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद, अभिषेक और अमित रोहिदास जैसे खिलाड़ी टीम की रीढ़ होंगे। मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने कहा कि टीम में अनुभव और युवा खिलाड़ियों का संतुलित मिश्रण है। फुल्टन ने भरोसा जताया कि 1975 विश्व कप जीत के 50 साल पूरे होने के मौके पर यह टीम भारतीय हॉकी इतिहास में नया अध्याय लिख सकती है। भारत को पूल-डी में इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स के साथ रखा गया है। भारतीय टीम 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ अभियान शुरू करेगी। इसके बाद 17 अगस्त को इंग्लैंड और 19 अगस्त को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से मुकाबला होगा। सभी ग्रुप मैच नीदरलैंड के एम्सटेलवीन में खेले जाएंगे। भारत की टीम गोलकीपर: मोहित एचएस, सूरज करकेरा। डिफेंडर: जर्मनप्रीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित, यशदीप सिवाच। मिडफील्डर: मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद, नीलकांत शर्मा, राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालगे। फॉरवर्ड: मंदीप सिंह, दिलप्रीत सिंह, अभिषेक, सुखजीत सिंह, शिलानंद लकड़ा। दलीप ट्रॉफी के लिए वेस्ट जोन की टीम जारी, ऋतुराज गायकवाड को कमान 23 अगस्त से शुरू होने वाली दलीप ट्रॉफी 2026 के लिए वेस्ट जोन ने 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। महाराष्ट्र के बल्लेबाज ऋतुराज गायकवाड़ को कप्तान और मुंबई के स्पिन ऑलराउंडर शम्स मुलानी को उपकप्तान बनाया गया है। टीम में शार्दुल ठाकुर, सरफराज खान, पृथ्वी शॉ, मुशीर खान और तनुश कोटियान भी शामिल हैं। ऋतुराज इस टूर्नामेंट में मध्यक्रम में बल्लेबाजी करेंगे। वहीं, मुंबई छोड़कर महाराष्ट्र से खेलने वाले पृथ्वी शॉ को रणजी ट्रॉफी 2025-26 में 537 रन बनाने के बाद टीम में मौका मिला है। उन्होंने चंडीगढ़ के खिलाफ 156 गेंदों में 222 रन की पारी खेली थी। 19 साल के आयुष म्हात्रे चोट के कारण टीम में जगह नहीं बना सके। टूर्नामेंट 23 अगस्त से 10 सितंबर तक बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेला जाएगा। वेस्ट जोन की टीम कप्तान: ऋतुराज गायकवाड़ (महाराष्ट्र) उपकप्तान: शम्स मुलानी (मुंबई), सरफराज खान, पृथ्वी शॉ, जयमीत पटेल, शिवालिक शर्मा, शार्दुल ठाकुर, मुशीर खान, अतित शेठ, हार्विक देसाई, उर्विल पटेल, तुषार देशपांडे, तनुश कोटियान, सिद्धार्थ देसाई, मुकेश चौधरी। आशुतोष शर्मा इंग्लैंड में हैम्पशायर क्रिकेट क्लब से खेलेंगे दिल्ली कैपिटल्स के ऑलराउंडर आशुतोष शर्मा इंग्लैंड के घरेलू वन-डे कप में हैम्पशायर क्रिकेट क्लब की ओर से खेलेंगे। काउंटी क्लब ने सोमवार को उनके साथ पूरे टूर्नामेंट के लिए करार की घोषणा की। जीएमआर ग्रुप दिल्ली कैपिटल्स और हैम्पशायर क्रिकेट क्लब दोनों का को-ओनर है। 27 साल के आशुतोष के नाम भारतीय क्रिकेट में सबसे तेज टी20 अर्धशतक का रिकॉर्ड है। उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में रेलवे की ओर से खेलते हुए अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 11 गेंदों में फिफ्टी लगाई थी। हैम्पशायर क्रिकेट क्लब के क्रिकेट डायरेक्टर जाइल्स व्हाइट ने कहा कि आशुतोष ने IPL में दिल्ली कैपिटल्स के लिए शानदार प्रदर्शन किया और दबाव में अच्छा खेलने की क्षमता रखते हैं। पिछले सीजन में वन-डे कप का खिताब चूकने वाले हैम्पशायर क्रिकेट क्लब को उम्मीद है कि आशुतोष इस बार टीम को ट्रॉफी दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे। दूसरे यूथ टेस्ट के पहले दिन भारत U-19 का स्कोर 253/3 कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे यूथ टेस्ट के पहले दिन भारत अंडर-19 ने 0/2 की खराब शुरुआत के बाद शानदार वापसी करते हुए 65 ओवर में 3 विकेट पर 253 रन बना लिए। बारिश और खराब रोशनी के कारण खेल समय से पहले रोकना पड़ा। सलामी बल्लेबाज लक्ष्य रायचंदानी और सागर विर्क बिना खाता खोले आउट हो गए थे। इसके बाद कप्तान यशवर्धन चौहान (78) और कुशाग्र ओझा (103 )* ने तीसरे विकेट के लिए 122 रन जोड़कर पारी संभाली। यशवर्धन के आउट होने के बाद मनाल चौहान (55 )* ने कुशाग्र का साथ निभाया। दोनों चौथे विकेट के लिए अब तक नाबाद 131 रन जोड़ चुके हैं। श्रीलंका की ओर से गिमहान मेंडिस ने 2 और सेथमिका सेनेविरात्ने ने 1 विकेट लिया। जून के ICC प्लेयर ऑफ द मंथ नाथन स्मिथ और डैनी वैट-हॉज बनीं ICC ने जून महीने के प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड का ऐलान किया। पुरुष वर्ग में न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज नाथन स्मिथ और महिला वर्ग में इंग्लैंड की सलामी बल्लेबाज डैनी वैट-हॉज को सम्मान मिला। स्मित ने भारत के कप्तान शुभमन गिल और बांग्लादेश के मोसादेक हुसैन को पीछे छोड़ा, जबकि डैनी ने स्कॉटलैंड की कैथरीन ब्राइस और भारत की श्री चरणी को मात दी। न्यूजीलैंड की इंग्लैंड पर 2-1 की टेस्ट सीरीज जीत में स्मित सबसे ज्यादा 16 विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। लॉर्ड्स टेस्ट में उन्होंने मैच में 9 विकेट (दूसरी पारी में 6/70) लिए। अवॉर्ड मिलने पर उन्होंने कहा कि टीम की जीत में योगदान देना उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। महिला वर्ग में डैनी वैट-हॉज ने टी20 वर्ल्ड कप में शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 62 गेंदों में नाबाद 105 रन और न्यूजीलैंड के खिलाफ 53 गेंदों में नाबाद 89 रन बनाए। दोनों मैचों में उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने कहा कि लॉर्ड्स में वर्ल्ड कप फाइनल खेलना हमेशा यादगार रहेगा। आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ के विजेताओं का चयन फैंस की वोटिंग और पूर्व खिलाड़ियों व क्रिकेट विशेषज्ञों के पैनल की रेटिंग के आधार पर किया जाता है।

सबसे खतरनाक सांपों पर राजस्थान में होगी रिसर्च:ऑनलाइन मिलेगा स्नेक बाइट का इलाज, हर तरह के जहर को जांचेंगे डॉक्टर

राजस्थान में हर साल सांप के काटने से करीब 2700 लोगों की मौत होती है। पूरे भारत की बात करें तो ये आंकड़ा करीब 60 हजार है। ऐसे मामलों में कई बार पीड़ित के जहर से प्रभावित अंग तक को काटना पड़ जाता है। वहीं इलाज में देरी के कारण जान गंवानी पड़ जाती है। मौत के इन आंकड़ों को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नेशनल स्नेक बाइट एनवेनमिंग प्रोग्राम के तहत पॉइजन इन्फॉर्मेशन सेंटर (PIC) सेंटर बनाए जा रहे हैं। राजस्थान का पहला PIC अजमेर के जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) हॉस्पिटल में बनाया जा रहा है। यहां पूरे प्रदेश के लिए रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा। 24 घंटे एक्सपर्ट मौजूद रहेंगे। प्रदेश के किसी भी जिले में सांप के काटने का केस होने पर ट्रीटमेंट बताकर पीड़ित की जान बचाई जाएगी। जानिए- सरकार के इस पूरे प्रोजेक्ट के बारे में राजस्थान का पहला पॉइजन इन्फॉर्मेशन सेंटर अजमेर में बनेगा केंद्र सरकार ने 6 महीने पहले राजस्थान में पॉइजन इन्फॉर्मेशन सेंटर स्थापित करने की मंजूरी दी थी। इसके लिए अजमेर के जेएलएन हॉस्पिटल का चयन किया गया। अगले दो महीने में इस सेंटर का काम शुरू होने की उम्मीद है। हॉस्पिटल के मेडिसिन विभाग के डॉ. मुनेश कुमार को इस प्रोजेक्ट का नोडल अधिकारी बनाया गया है। 5 से 7 साल का डेटा खंगालकर बनेगा राजस्थान का एक्शन प्लान इस प्रोजेक्ट के लिए चिकित्सा विभाग, सीएमएचओ और वन विभाग मिलकर पिछले 5 से 7 साल के स्नेक बाइट के मामलों का डेटा जुटा रहे हैं। डेटा डिस्ट्रिक्ट वाइज निकाला जाएगा, जिससे पता लगेगा कि किस जिले में कितने केस आते हैं। कौन-सी प्रजाति के सांप ज्यादा काटते हैं? मरीज को पहला इलाज कहां मिला? मौत की असली वजह क्या थी? किन मामलों में मरीज का कोई अंग काटना पड़ा। इसी अध्ययन के आधार पर राजस्थान का पहला स्टेट स्नेक बाइट एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा, जिससे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में इलाज, एंटी-वेनम की उपलब्धता और जागरूकता को बेहतर बनाया जा सके। जहरीले सांपों पर होगी रिसर्च राजस्थान में पाए जाने वाले जहरीले सांपों पर रिसर्च की जाएगी। इनकी पहचान, इनके जहर के असर और प्रभावी इलाज पर रिसर्च होगी, ताकि प्रदेश की परिस्थितियों के अनुसार इलाज व्यवस्था को ज्यादा मजबूत बनाया जा सके। हर तरह के पॉइजन की होगी जांच अजमेर का पॉइजन इन्फॉर्मेशन सेंटर केवल सर्पदंश तक सीमित नहीं रहेगा। यहां दवाइयों के ओवरडोज, कीटनाशकों, केमिकल पॉइजनिंग और अन्य विषैले पदार्थों से जुड़े मामलों की भी जांच, रिसर्च और विशेषज्ञ सलाह दी जाएगी। यह सेंटर भविष्य में राजस्थान में टॉक्सिकोलॉजी से जुड़ी सबसे बड़ी विशेषज्ञ इकाई के रूप में विकसित किया जाएगा। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को मिलेगी ट्रेनिंग प्रदेश के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मचारियों को इस सेंटर के माध्यम से नियमित ट्रेनिंग दी जाएगी। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उन्हें सर्पदंश के इलाज के राष्ट्रीय प्रोटोकॉल, एंटी-वेनम के सही उपयोग और आपातकालीन प्रबंधन की ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि जिला और उपजिला अस्पतालों में भी मरीजों को तुरंत वैज्ञानिक इलाज मिल सके। नोडल अधिकारी डॉ. मुनेश कुमार के अनुसार, राजस्थान में हर साल करीब 18 हजार केस सांप के काटने के आते हैं। इनमें से 2700 लोगों की मौत हो जाती है। वहीं पूरे भारत में हर साल 20 लाख लोगों को सांप काटते हैं, जिनमें से 60 हजार लोगों की मौत हो जाती है। अन्य राज्यों के अनुभव का भी मिलेगा फायदा केंद्र सरकार इस योजना के तहत देशभर में चरणबद्ध तरीके से पॉइजन इन्फॉर्मेशन सेंटर विकसित कर रही है। दक्षिण भारत के कुछ प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में पहले से विष विज्ञान (टॉक्सिकोलॉजी) और स्नेक बाइट मैनेजमेंट पर काम हो रहा है। अब राजस्थान में इसकी शुरुआत अजमेर से होने जा रही है, जिससे प्रदेश को पहली बार सर्पदंश और अन्य विषाक्त मामलों के लिए समर्पित विशेषज्ञ केंद्र मिलेगा।

डमी कैंडिडेट बैठाकर पटवारी बना, 5 साल बाद गिरफ्तार:5 लाख देकर की थी डील, 9 महीने पहले किया गया था सस्पेंड, अब SOG ने पकड़ा

राजस्थान की 2021 पटवारी भर्ती परीक्षा में अपनी जगह डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलाकर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले पटवारी को एसओजी ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने बिचौलिए के जरिए 5 लाख रुपए में सौदा कर दूसरे युवक को परीक्षा में बैठाया था। मामले में करीब नौ महीने पहले उसे सस्पेंड कर दिया गया था। अब नौकरी मिलने के करीब पांच साल बाद एसओजी ने पकड़ा है। इस फर्जीवाड़े में शामिल बिचौलिए की भी करीब एक साल पहले दूसरी भर्ती परीक्षा देने जाते समय ट्रेन हादसे में मौत हो चुकी है। पढ़िए … सिलसिलेवार पूरा घटनाक्रम • 2021 में डमी अभ्यर्थी से दिलवाई परीक्षा: एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया – जालोर जिले के सांचौर क्षेत्र के भादरूणा निवासी दिनेश कुमार विश्नोई ने 23 अक्टूबर 2021 को उदयपुर के एक परीक्षा केंद्र पर अपनी जगह डमी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठाया। एडमिट कार्ड पर डमी अभ्यर्थी का फोटो लगाकर और फर्जी हस्ताक्षर कर परीक्षा दिलाई गई। • परीक्षा पास कर बना पटवारी: डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलवाने के बाद दिनेश कुमार विश्नोई का पटवारी पद पर चयन हो गया। इसके बाद उसकी नियुक्ति सिरोही जिले की रेवदर तहसील के मगरीवाड़ा पटवार हल्के में कर दी गई, जहां वह पटवारी के रूप में कार्यरत था। • गोपनीय शिकायत पर खुला मामला: एसओजी को वर्ष 2024 में गोपनीय शिकायत मिली। इसके आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच में आरोप सही पाए गए तो इसी मामले में करीब नौ महीने पहले आरोपी को सस्पेंड कर उसका मुख्यालय पिंडवाड़ा एसडीएम कार्यालय कर दिया गया। • पांच साल बाद एसओजी ने किया गिरफ्तार: जांच पूरी होने के बाद एसओजी ने वर्ष 2021 की परीक्षा के करीब पांच साल बाद आरोपी पटवारी दिनेश कुमार विश्नोई को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने खुद की जगह दूसरे युवक से परीक्षा दिलाकर सरकारी नौकरी हासिल की थी। • 5 लाख में हुई थी डील, बिचौलिए की हो चुकी है मौत: जांच में सामने आया कि आरोपी ने अरणाय लियादरा निवासी बिचौलिए चौथाराम विश्नोई के जरिए करड़ा के मीरपुरा निवासी विक्रम पुत्र हेमाराम विश्नोई से संपर्क किया था। डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलाने के लिए 5 लाख रुपए में सौदा तय हुआ था। एसओजी के अनुसार इस पूरे फर्जीवाड़े में अहम भूमिका निभाने वाले बिचौलिए चौथाराम विश्नोई की करीब एक साल पहले दूसरी भर्ती परीक्षा देने जाते समय ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी। — भर्ती में फर्जीवाड़े की ये खबर भी पढ़ें … NEET में डमी बनकर बैठने वाला था MBBS स्टूडेंट:जयपुर में 3 मेडिकल छात्र सहित 5 गिरफ्तार; AI की मदद से फोटो एडिट करते थे जयपुर पुलिस ने NEET में डमी कैंडिडेट बैठाने वाली गैंग के 5 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि डमी बैठने वाला MBBS फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट शामिल है। पूरी खबर पढ़िए

किसानों का दिल्ली कूच स्थगित:दो मांगों पर सहमति बनी, हरियाणा में बॉर्डर सील; कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर 4 किमी लंबा जाम

अमेरिका-भारत फ्री ट्रेड डील के विरोध में पंजाब और हरियाणा के किसानों ने मंगलवार को प्रस्तावित दिल्ली कूच और किसान घाट महापंचायत फिलहाल स्थगित कर दी है। शंभू और खनौरी बॉर्डर पर पुलिस की सख्ती तथा हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के साथ हुई बैठक के बाद किसान वापस लौट गए। कुरुक्षेत्र पुलिस ने किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी को भी रिहा कर दिया। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव दिलबाग सिंह दिराजके ने बताया कि हिरासत में लिए गए किसान नेताओं की रिहाई और केंद्र सरकार से वार्ता कराने पर सहमति बनने के बाद धरना स्थगित करने का फैसला लिया गया। हालांकि, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद घेराव के मद्देनजर हरियाणा के पंजाब, दिल्ली और यूपी से लगे बॉर्डरों पर सुरक्षा व्यवस्था अभी भी कड़ी है। कई जिलों में किसान नेताओं और CJP समर्थकों को हाउस अरेस्ट या डिटेन किया गया। अंबाला के शंभू बॉर्डर पर 27 जुलाई तक धारा 163 लागू कर पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गई। वहीं, सुबह सोनीपत के कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर करीब 4 किलोमीटर लंबा जाम लगा। जांच के बाद ही दिल्ली की ओर प्रवेश दिया जा रहा है। CJP समर्थकों-किसानों के प्रदर्शन के PHOTOS… CJP समर्थकों-किसानों के प्रदर्शन से जुड़े अपडेट्स… महेंद्रगढ़ में सरकारी स्कूल के प्राचार्य सस्पेंड:वांगचुक के समर्थन में छात्राओं ने की नारेबाजी; जांच में स्टाफ को क्लीन-चिट पंजाब के किसानों का दिल्ली कूच, शंभू-खनौरी बॉर्डर सील:अमेरिका से ट्रेड डील का विरोध; हरियाणा पुलिस ने रूट डायवर्ट किया हाईकोर्ट का सोनम वांगचुक को मेदांता शिफ्ट करने का आदेश:4 दिन से सफदरजंग अस्पताल में भर्ती थे; जंतर-मंतर पर पुलिस के खिलाफ नारे CJP समर्थकों-किसानों के प्रदर्शन के अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

वर्ल्डकप फाइनल में प्लेयर्स की झड़प की जांच करेगा फीफा:दोषियों पर 3 मैच का प्रतिबंध संभव, स्पेन-अर्जेंटीना के खिलाड़ी भिड़े थे

फीफा ने फुटबॉल वर्ल्डकप फाइनल के बाद खिलाड़ियों की झड़प की जांच शुरू कर दी है। इसमें दोषी पाए जाने वाले खिलाड़ियों पर कम से कम तीन मैचों का प्रतिबंध लग सकता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार डिसिप्लिन कमेटी ने डिसिप्लिनरी एंड एथिक्स प्रॉसीक्यूटर नियुक्त किया है, जो संभावित नियम उल्लंघन की जांच करेगा। न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराया। इसके बाद स्पेन के जश्न के दौरान अर्जेंटीना के लिएंड्रो परेडेस और थियागो अल्माडा, स्पेन के मिडफील्डर गावी से भिड़ गए। झड़प में क्या हुआ? प्लेयर्स पर 3 मैचों का प्रतिबंध लग सकता है FIFA अनुशासन संहिता के अनुच्छेद-14 के तहत हिंसक आचरण साबित होने पर खिलाड़ियों को न्यूनतम तीन आधिकारिक मैचों के लिए निलंबित किया जा सकता है। इसके अलावा जुर्माना और अर्जेंटीना फुटबॉल संघ (AFA) के खिलाफ कार्रवाई भी संभव है। अर्जेंटीना पर बैनर मामले की जांच भी जारी अर्जेंटीना पहले से ही इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल के बाद दिखाए गए ‘Las Malvinas son Argentinas’ (फॉकलैंड/माल्विनास अर्जेंटीना के हैं) बैनर को लेकर FIFA की जांच का सामना कर रहा है। अब फाइनल के बाद हुई झड़प ने टीम की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। ———————————————————– फीफा वर्ल्डकप फाइनल से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… स्पेन ने 16 साल बाद फुटबॉल वर्ल्ड कप जीता, अर्जेंटीना को 1-0 से हराया स्पेन ने 16 साल बाद फुटबॉल वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया। उसने न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में 2022 की चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराया। स्पेन के लिए फेरन टोरेस ने एक्स्ट्रा टाइम में गोल किया। पढ़ें पूरी खबर वर्ल्डकप फाइनल में स्पेन-अर्जेंटीना के खिलाड़ी भिड़े, 2 को रेडकार्ड; फोटो देखिए स्पेन ने फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार फुटबॉल वर्ल्ड कप जीत लिया। मैच खत्म होने के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। पढ़ें पूरी खबर

पंजाब के किसानों का दिल्ली कूच स्थगित:2 मांगों पर सहमति; शंभू-खनौरी बॉर्डर सील, हरियाणा सरकार की दोटूक, आगे नहीं बढ़ने देंगे

पंजाब के किसानों का मंगलवार (21 जुलाई) को अमेरिका-भारत के बीच ट्रेड डील के विरोध में किया जा रहा दिल्ली कूच अब स्थगित हो गया। दोपहर 3 बजे बाद किसान शंभू बॉर्डर से वापस लौटने लगे। कुरुक्षेत्र पुलिस ने किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी को भी रिहा कर दिया। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव दिलबाग सिंह दिराजके ने कहा कि हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के साथ मीटिंग हुई। जिसमें दोनों मांगों पर सहमति बन गई। इसलिए धरना स्थगित कर दिया है। किसान नेता सरवण पंधेर ने कहा कि कृषि मंत्री राणा की तरफ से कहा गया है कि गिरफ्तार किए गए किसान नेताओं को जल्द ही रिहा कर दिया जाएगा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान से अगले 8-10 दिन में किसानों बातचीत की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। इस दौरान अमेरिका भारत ट्रेड डील पर भी वार्ता होगी। किसान सुबह ही दिल्ली जाने के लिए पटियाला-अंबाला के बीच बने शंभू बॉर्डर और संगरूर-जींद के बने खनौरी बॉर्डर पहुंच गए थे। इसका पता चलते ही हरियाणा पुलिस ने दोनों बॉर्डर पर बैरिकेडिंग कर उन्हें सील कर दिया। ऐसे में किसान आगे नहीं जा सके। हरियाणा की तरफ से दोनों बॉर्डरों पर भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा। वहां JCB भी लगा दी गई थी, ताकि अगर वहां कोई टेंपरेरी या परमानेंट जगह बनाने की कोशिश की जाए तो उसे हटाया जा सके।इसे देखते हुए पंजाब के किसान वहीं बैठ गए। किसान मजदूर मोर्चा (KMM) के संयोजक सरवण पंधेर इसकी अगुआई की। किसानों की भीड़ को देखते हुए अंबाला पुलिस ने धारा 163 लागू कर दी। किसानों को बैरिकेड से 100 मीटर दूर रहने की चेतावनी दी गई। हरियाणा पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट किया
शंभू बॉर्डर बंद किए जाने से जालंधर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही ठप हो गई। इसे देखते हुए हरियाणा पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया है। पुलिस ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में 112 पर कॉल करें। किसान आंदोलन की वजह से NH-44 (जीटी रोड) पर हरियाणा-पंजाब का शंभू बॉर्डर 13 महीने (करीब 401 दिन) बंद रहा था। 13 फरवरी 2024 को सील होने के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर इसे 20 मार्च 2025 को खोला गया। अब इसे फिलहाल दोबारा बंद किया गया है। BJP प्रवक्ता ने कहा- डील हुई ही नहीं, विरोध किस बात का:
पंजाब भाजपा के प्रवक्ता अनिल सरीन ने कहा कि अभी तक डील नहीं हुई। उसकी कोई डिटेल सामने नहीं आई, फिर प्रदर्शन किस बात का हो रहा है। जो काम सरकार ने किया ही नहीं, उसका विरोध हो रहा है। हो सकता है कि इन नेताओं के सोर्स विदेशों में होंगे, तभी इन्हें सब पता है। कुछ लोगों ने हर वक्त पंजाब का माहौल खराब करना होता है। शंभू बॉर्डर पर पहुंचे किसानों और बैरिकेडिंग की PHOTOS… ये खबर भी पढ़ें… पंजाब से 4 साल में 3 बार दिल्ली कूच हरियाणा में बॉर्डर सील, किसान नेता, CJP समर्थक हाउस अरेस्ट किसानों के दिल्ली कूच के पल-पल के अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

खेत में घायल मिला दुर्लभ हिमालयन ग्रिफन गिद्ध:वन विभाग और कोबरा टीम ने रेस्क्यू किया, हालत नाजुक होने पर जयपुर रेफर करने की तैयारी

अजमेर के घूघरा गांव के पास लाडपुरा रोड पर एक खेत में बड़ा पक्षी होने की सूचना वन विभाग को मिली थी। वन विभाग ने कोबरा टीम के सुखदेव भट्ट को मौके पर भेजा। कोबरा टीम मौके पर पहुंची तो यह पक्षी हिमालय ग्रिफन प्रजाति का गिद्ध निकला। भट्ट ने इसकी जानकारी अजमेर रेंजर टीकमचंद मीणा को दी। भट्ट के मुताबिक यह पक्षी राजेश गुर्जर के खेत में नजर आया था। घायल हालत में होने से उसे शास्त्री नगर स्थित पशु चिकित्सालय लाया गया। यहां डॉ. नीतू अरोड़ा ने उसका उपचार किया। कुछ ही संख्या में बचे हैं ये गिद्ध गिद्ध की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई थी। ऐसे में उसे जयपुर रेफर करने की प्रक्रिया की गई। भट्ट के मुताबिक हिमालयन ग्रिफन गिद्ध की तादाद एशिया में कुछ एक ही रह गई हैं।

मेवाड़ यूनिवर्सिटी का पूर्व डिप्टी एग्जाम कंट्रोलर गिरफ्तार:फर्जी डिग्री मामला में अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद किया सरेंडर

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की हिन्दी स्कूल व्याख्याता भर्ती में फर्जी डिग्री लगाने के चर्चित मामले में मेवाड़ यूनिवर्सिटी के तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक सुशील कुमार शर्मा को गिरफतार किया है। आरोपी ने सोमवार को अपर जिला एवं सेशन न्यायालय में समर्पण कर दिया था। अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने व न्यायालय के आदेश की पालना में किए गए सरेंडर के बाद एसओजी ने उसे गिरफ्तार किया। यूपी के अलीगढ़ निवासी सुशील कुमार शर्मा के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में आयोग की ओर से मुकदमा दर्ज करवाया गया है। शर्मा के न्यायालय में समर्पण की सूचना पर अपर लोक अभियोजक शशि प्रकाश इन्दोरिया ने अनुसंधान अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्याम सुंदर विश्नोई को सूचना दी। एसओजी ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश कर अनुसंधान की आवश्यकता बताते हुए आरोपी शर्मा को अदालत परिसर से गिरफ्तार कर लिया। ये था मामला -अब तक 15 गिरफ्तार RPSC के वरिष्ठ उप सचिव अजय सिंह चौहान की ओर से अजमेर के सिविल लाइन्स पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया गया। इसमें बताया कि RPSC ने 2022 में हिंदी स्कूल लेक्चरर एग्जाम आयोजित करवाया था। इसमें ऑनलाइन फॉर्म एप्लीकेशन में दोनों ने फर्जी डिग्रियां लगाई थी। इसमें मेवाड़ यूनिवर्सिटी गंगरार चित्तौड़गढ़ की MA की डिग्रियां फर्जी थी। 15 अक्टूबर 2022 को हिंदी स्कूल लेक्चरर एग्जाम का आयोजन किया गया था। यह परीक्षा दो परियों में आयोजित हुई। पहली पारी सुबह 9 बजे से साढ़े 10 बजे तक सामान्य ज्ञान और दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक हिंदी विषय की परीक्षा आयोजित की गई थी। भूतेल-साचौर निवासी ब्रह्माकुमारी पुत्री बाबूलाल और वाडा भावड़ी, साचौर निवासी कमला कुमारी पुत्री भारमल विश्नोई ने यह परीक्षा पास कर ली। इसके बाद 14 जून 2023 को रिजल्ट घोषित किया गया था। दोनों ही कैंडिडेट को 31 जुलाई से 14 अगस्त तक डॉक्युमेंट्स वेरिफिकेशन के लिए बुलाया और पुलिस के हवाले किया। मामले की जांच एसओजी को सौंपी गई। अब तक 15 की गिरफ्तारी हो चुकी है। ……….. पढें ये खबर भी… फर्जी डिग्री से नौकरी दिलाने वाला आरोपी गिरफ्तार:लेक्चरर भर्ती- 2022 में नियुक्ति का आरोप,अब तक 15 आरोपी गिरफ्तार राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की प्राध्यापक (हिंदी) स्कूल शिक्षा प्रतियोगी परीक्षा-2022 में फर्जी डिग्री के जरिए नियुक्ति दिलाने के मामले में सहयोगी आरोपी को गिरफ्तार किया है। SOG ने आरोपी को 13 जुलाई को पकड़ा था, जिसके बाद कोर्ट में पेश कर 17 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पूरी खबर पढें

क्या खत्म हो गया पांचना बांध विवाद?:20 साल लंबे संघर्ष के बाद खुले सात गेट, अब लिफ्ट योजना तय करेगी विवाद का भविष्य, पार्ट-2

पांचना बांध के सातों स्लूस गेट खुलने के साथ ही कमांड एरिया की नहरों में पानी पहुंचा तो किसानों ने इसे सिर्फ सिंचाई की शुरुआत नहीं, बल्कि दो दशक लंबे संघर्ष की पहली जीत बताया। इन गेट का खुलना महज तकनीकी खामी दूर होना नहीं है। करीब दो दशक तक करौली और सवाई माधोपुर के 74 गांव पानी के मुद्दे पर दो हिस्सों में बंटे रहे। एक ओर कमांड एरिया के 35 गांव थे। इनका कहना था कि बांध का निर्माण सिंचाई के लिए हुआ है। ऐसे में नहरों में नियमित जलापूर्ति उनका अधिकार है। दूसरी ओर बांध के आसपास के 39 गांव थे। इन्हें आशंका थी कि यदि लगातार नहरों में पानी छोड़ा गया तो उनके क्षेत्र में भूजल स्तर और पेयजल स्रोत प्रभावित होंगे। यही मतभेद समय के साथ प्रशासनिक विवाद से राजनीतिक मुद्दा बन गया। गुड़ला गांव के बुजुर्ग श्रीपाल गुर्जर कहते हैं- विवाद न हमने बढ़ाया न ही मीणा समाज ने। हमें लड़ाने का काम सरकारों ने किया। पानी खोलने से हमें कोई दिक्कत नहीं है। हमारी बाकी मांगें नवंबर तक पूरी नहीं हुईं तो फिर आंदोलन करेंगे। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… 30 जून की रात तीन मंत्रियों की मौजूदगी में हुई बैठक में तय हुआ था कि सात दिन के भीतर पांचना बांध की नहरों, गंभीरी नदी और गुड़ला लिफ्ट परियोजना में पानी छोड़ने की कार्ययोजना बनाई जाएगी। साथ ही 2026-27 के बजट में घोषित गुड़ला क्षेत्र के 21 राजस्व गांवों के लिए लिफ्ट सिंचाई योजना को नए स्वरूप में जल्द लागू करने पर सहमति बनी थी। इसके बाद 6 जुलाई को नई व्यवस्था के तहत बांध से पानी छोड़ा गया। एक गेट में तकनीकी खराबी आने से पानी कमांड एरिया के अंतिम गांवों तक पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच सका। इससे नाराज किसानों ने कई स्थानों पर धरना-प्रदर्शन किए और जाम लगाया। बाद में विभाग ने लगातार काम कर 7 जुलाई को जाम गेट को दुरुस्त किया। तकनीकी खामी दूर होने के बाद नहरों में पानी का प्रवाह सामान्य हो गया। राजनीति और ‘श्रेय की लड़ाई’ ने बढ़ाया तनाव पांचना से प्रभावित अधिकांश गांव मीणा और गुर्जर बहुल हैं। ऐसे में आंदोलन धीरे-धीरे सामाजिक और राजनीतिक रंग भी लेने लगा। पूरे घटनाक्रम में विभिन्न नेताओं के बीच श्रेय लेने की होड़ भी दिखाई दी। कमांड एरिया के किसान पूरी क्षमता से पानी छोड़े जाने की मांग पर अड़े रहे, जबकि दूसरी ओर कुछ स्थानों पर विरोध और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियों से तनाव बढ़ गया। आखिरकार कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम और अन्य जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद अधिकांश धरने और जाम समाप्त हुए। 1972 की बाढ़ के बाद बनी थी परियोजना पांचना बांध की परिकल्पना 1972 की भीषण बाढ़ के बाद की गई थी। पूर्वी राजस्थान में जल प्रबंधन को मजबूत करने के उद्देश्य से भद्रावती, अटा, माची, बरखेड़ा और भैंसावत नदी के पानी को रोकने की योजना बनी। 1978-79 में निर्माण शुरू हुआ और 2004-05 तक बांध तैयार हो गया। सिंचाई विभाग के अनुसार परियोजना का कमांड एरिया करीब 9,985 हेक्टेयर निर्धारित किया गया। शुरुआती वर्षों में नहरों के माध्यम से किसानों को सिंचाई का पानी मिला और इससे करौली तथा सवाई माधोपुर के हजारों किसानों को लाभ हुआ। 2006 में शुरू हुआ विरोध, यहीं से बदल गई तस्वीर पांचना बांध से साल 1987 से 2005 तक कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ा जा रहा था। बाद में प्रदेश में गुर्जर आंदोलन के बाद उनकी मांगों पर विचार करते हुए सरकार ने नहरों में पानी छोड़ना बंद कर दिया। स्थिति 2006-07 में बदली, जब बांध के आसपास बसे गांवों ने नहरों में पानी छोड़े जाने का विरोध शुरू किया। इसके कारण साल 2006 से नहरों के अंत में बसे कमांड एरिया के 35 गांवों (मुख्य रूप से मीणा बहुल) के किसानों को सिंचाई का पानी नहीं मिल रहा है। इस मामले को लेकर हाईकोर्ट ने साल 2020 और इसी साल अप्रैल-मई में नहरों में पानी छोड़ने का आदेश दिया। बांध के पास बसे गुर्जर बहुल क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना था कि जलाशय का स्तर घटने से उनके कुएं, ट्यूबवेल और पेयजल स्रोत प्रभावित होंगे। उन्होंने मांग रखी कि पहले लिफ्ट परियोजना के जरिए आसपास के गांवों तक पानी पहुंचाया जाए। इसके बाद सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाए। दूसरी ओर कमांड एरिया के मीणा बहुल गांवों के किसानों का कहना था कि सरकार बांध के मूल उद्देश्य से पीछे हट रही है। उनका तर्क था कि सिंचाई परियोजना बनाकर भी किसानों को लाभ नहीं दिया जा रहा। यहीं से विवाद लगातार गहराता गया। हाईकोर्ट ने आदेश दिए, लेकिन अमल नहीं हुआ विवाद बढ़ने पर कमांड एरिया के किसान राजस्थान हाईकोर्ट पहुंचे। अदालत ने अलग-अलग अवसरों पर नहरों में पानी छोड़े जाने के निर्देश दिए। इसके बावजूद आदेश जमीन पर लागू नहीं हो सके। प्रशासन हर बार कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका का हवाला देता रहा। स्थानीय विरोध और संभावित टकराव को देखते हुए पानी छोड़ने का निर्णय टाल दिया गया। इससे किसानों में यह धारणा मजबूत होती गई कि समस्या तकनीकी नहीं, बल्कि प्रशासनिक और राजनीतिक इच्छाशक्ति की है। हाल ही में विधायक रामकेश मीणा व अन्य की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने अदालती आदेश की पालना नहीं होने पर नाराजगी जताई थी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने सरकार से पूछा है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी नहरों में पानी क्यों नहीं छोड़ा जा रहा है। इस पर सरकार ने अदालती आदेश की पालना के लिए 15 दिन का समय मांगा। कोर्ट ने सरकार को समय देते हुए कहा था कि अगर नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो कलेक्टर और संबंधित अधिकारी 27 जुलाई को कोर्ट में पेश हो जाएं। जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया था। 20 साल पहले शुरू हुआ विवाद क्या सचमुच खत्म हुआ विवाद? हालांकि नहरों में पानी पहुंचने से लंबे संघर्ष का एक अध्याय जरूर समाप्त हुआ है, लेकिन विवाद पूरी तरह खत्म नहीं माना जा रहा। बांध क्षेत्र के ग्रामीण अब भी लिफ्ट परियोजना और अन्य वादों के समय पर क्रियान्वयन पर नजर बनाए हुए हैं। युवा नेता हाकम बैंसला कहते हैं- हमारे संघर्ष का परिणाम अब दिख रहा है। अगर सरकार तय समय में वादे पूरे कर देगी तो विवाद खत्म हो जाएगा। जब नेता सत्ता में थे तब मुद्दा नहीं उठाया, विपक्ष में आए तो आंदोलन का हिस्सा बन गए। इस मुद्दे पर सिर्फ वोटों की राजनीति हुई। वहीं ग्राम उत्थान समिति के अध्यक्ष रघुवीर मीणा का कहना है कि भविष्य में यदि स्लूस गेटों का मोटरीकरण कर उन्हें स्वचालित प्रणाली से संचालित किया जाए तो जल प्रबंधन और अधिक प्रभावी हो सकेगा। … यह खबर भी पढ़ें… राजस्थान में 20 साल बाद खत्म हुआ पानी का विवाद:लोग बोले- राजनीति ने लड़ाई बड़ी बनाई, नेता भड़काते हैं; ग्रामीणों के बीच पहुंची भास्कर टीम राजस्थान की 5 नदियों से मिलकर बना पांचना बांध, जिसके पानी के लिए 74 गांवों के बीच 20 साल लंबा संघर्ष चला। जब भी पानी छोड़ने की बारी आती 39 गांव उसके हक में तो 35 गांव विरोध में खड़े हो जाते। एक दूसरे के खिलाफ धरने पर बैठ जाते, लेकिन अब ये ‘जंग’ खत्म हो गई है। (पूरी खबर पढ़ें)

उदयपुर में दोपहर बाद रिमझिम बारिश:खंड वर्षा हो रही, मौसम ठंडा हो गया, इस पूरे सप्ताह बरसात की संभावना

उदयपुर में मंगलवार दोपहर बाद मौसम बदला और शहर में बारिश शुरू हुई। शुरूआत में हल्की बारिश थी और उसके बाद करीब 15 मिनट तक रिमझिम बारिश रही। इसके बाद शाम करीब साढ़े सात बजे तक एक बूंद नहीं गिरी। करीब तीन बजे से शहर के विभिन्न हिस्सों में हल्की बारिश का दौर शुरू हुआ, जिससे गर्मी और उमस से लोगों को कुछ राहत मिली। कलेक्ट्री रोड, देहलीगेट, कोर्ट चौराहा, चेतक सर्कल, अस्पताल रोड सहित आसपास के क्षेत्रों में रिमझिम बारिश हुई गई। बारिश के साथ आसमान में बादल छाए रहे और ठंडी हवाएं चलने से मौसम सुहावना हो गया। हालांकि बारिश का दौर ज्यादा देर तक नहीं चला, लेकिन नमी छा गई और लोगों ने राहत महसूस की। पिछले कई दिनों से शहर में तेज बारिश का इंतजार किया जा रहा है। तापमान गिरा सोमवार शाम शहर के कुछ क्षेत्रों में खंड वर्षा होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम केंद्र के अनुसार सोमवार को उदयपुर का अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बारिश के बाद लोगों को गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन वातावरण में उमस अब भी बनी हुई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में उदयपुर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। यदि मानसून सक्रिय होता है तो अच्छी बारिश के साथ तापमान में और गिरावट आएगी तथा गर्मी और उमस से राहत मिलने की संभावना है।
इधर, मौसम विशेषज्ञ डॉ. आर.एस. देवड़ा के अनुसार उदयपुर सहित दक्षिणी राजस्थान में पूरे सप्ताह आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुककर हल्की खंड वर्षा होने के आसार हैं। इस दौरान तापमान में हल्की कमी बनी रहेगी, हालांकि हवा में नमी अधिक रहने से उमस का असर पूरी तरह खत्म होने की संभावना फिलहाल नहीं है। उदयपुर में जलाशयों का जलस्तर (आंकड़े मीटर में)
पिछले सात दिनों का उदयपुर का तापमान (डिग्री से.)