श्रीगंगानगर में कचरे के पहाड़ पर तीन पंचायतें आमने-सामने:ग्रामीण बोले- 22 जुलाई तक डंपिंग बंद न हुई तो अनिश्चितकालीन धरना देंगे
श्रीगंगानगर में ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। 6 जेड में कचरा डालने का विरोध कर रहे ग्रामीणों ने 22 जुलाई तक डंपिंग बंद नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी है। मामला इसलिए भी उलझ गया है क्योंकि प्रशासन अब तक प्लांट के लिए कई जगहों के नाम बदल चुका है, लेकिन कहीं भी काम शुरू नहीं हुआ। वहीं 6 जेड, नेतेवाला और मांझूवास-नरसिंहपुरा क्षेत्र की ग्राम पंचायतें अपने-अपने इलाके में कचरा प्लांट लगाने का विरोध कर रही हैं। ऐसे में प्लांट की जगह तय नहीं हो पा रही है और फिलहाल कचरा 6 जेड में ही डाला जा रहा है। हाईकोर्ट के आदेश नहीं मानने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान साहूवाला के पूर्व सरपंच जगतार सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन राजस्थान हाईकोर्ट के आदेशों की भी अनदेखी कर रहा है। उन्होंने बताया कि जोधपुर हाईकोर्ट ने 31 मार्च तक कचरा प्लांट का काम शुरू करने और उसकी रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे, लेकिन आज तक न तो प्लांट का काम शुरू हुआ और न ही कोई रिपोर्ट पेश की गई। 6 जेड में आज भी पहले की तरह कचरे का पहाड़ खड़ा है। उन्होंने साफ कहा कि अब ग्रामीण 6 जेड में कचरा नहीं डालने देंगे। हर बार बदली जगह, लेकिन प्लांट कहीं नहीं बना
ग्रामीणों ने जोधपुर हाईकोर्ट की ओर से राजकुमार सैनी बनाम सरकार मामले में दिए गए आदेशों की पालना कराने की मांग की। उनका आरोप है कि नगर परिषद हर बार हाईकोर्ट में झूठे शपथ-पत्र दाखिल कर रही है। पहले पांच साल तक नेतेवाला में कचरा प्लांट लगाने की बात कही गई। इसके बाद चक 1 बी छोटी, सूरतगढ़, लालगढ़ और अब नरसिंहपुरा-मांझूवास का नाम सामने आया, लेकिन किसी भी जगह प्लांट का काम शुरू नहीं हुआ। तीन पंचायतों के विरोध से मामला और उलझा
अब मामला और उलझ गया है, क्योंकि नेतेवाला, चक 1 जी, 6 जेड और मांझूवास-नरसिंहपुरा बारानी क्षेत्र की तीनों ग्राम पंचायतें अपने-अपने इलाके में कचरा प्लांट लगाने का विरोध कर रही हैं। हाल ही में प्रशासन ने हाईकोर्ट में बताया था कि नरसिंहपुरा-मांझूवास में जमीन चिन्हित कर ली गई है और जल्द प्लांट लगाया जाएगा, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि इस दिशा में भी अब तक कोई काम नहीं हुआ। पांच साल से आश्वासन, अब आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों का कहना है कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट को लेकर पिछले पांच साल से उन्हें सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं। हर बार प्लांट के लिए नई जगह का नाम सामने आता है, लेकिन कचरा लगातार 6 जेड में ही डाला जा रहा है। उनका कहना है कि अब उनका धैर्य जवाब दे चुका है और जब तक 6 जेड में कचरा डालना पूरी तरह बंद नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा।

