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अस्पताल में भी वांगचुक का अनशन जारी:उन्हें जंतर-मंतर से उठाने के लिए थाने में हुई रिहर्सल; कल CJP का संसद मार्च, पुलिस बोली- अनुमति नहीं

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक का अनशन अब भी जारी है। उन्होंने ड्रिप, ओआरएस और दवा लेने से इनकार कर दिया है। वांगचुक 28 जून से NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के समर्थन में आमरण अनशन पर हैं। शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि वांगचुक के लौटने तक उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी। सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 1:30 बजे दिल्ली पुलिस मुख्यालय से वांगचुक को अस्पताल ले जाने के निर्देश मिले थे। इसके बाद मंदिर मार्ग थाने में अधिकारियों ने रणनीति बनाई और बिना टकराव एक मिनट से कम समय में उन्हें एम्बुलेंस तक पहुंचाने की रिहर्सल की। कार्रवाई के वीडियो सामने न आएं, इसके लिए जैमर लगाने पर भी चर्चा हुई थी। 18 जुलाई: वांगचुक अस्पताल ले जाए गए, 3 तस्वीरों में घटनाक्रम… CJP बोली- कल संसद मार्च होगा; पुलिस ने कहा- अनुमति नहीं CJP ने 20 जुलाई को मानसून सत्र के पहले दिन संसद मार्च का ऐलान कर रखा है। CJP फाउंडर दीपके ने कहा कि संसद मार्च हर हाल में होगा। वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने दावा किया कि वांगचुक भी मार्च में आएंगे। हालांकि, पुलिस सूत्रों के अनुसार CJP ने मार्च की अनुमति नहीं मांगी है। अब आवेदन किया तो भी अनुमति की संभावना कम है। सत्र के दौरान नई दिल्ली जिले, खासकर संसद व इंडिया गेट के आसपास बीएनएस की धारा 163 लागू होती है। बिना अनुमति मार्च करने वाले हिरासत में लिए जा सकते हैं। वांगचुक को पोटैशियम की कमी, इलाज के लिए मना रहे डॉक्टर सफदरजंग अस्पताल के अनुसार, वांगचुक को शनिवार सुबह 7:40 बजे लाया गया था। उनमें डिहाइड्रेशन, पोटैशियम की कमी और अन्य मेटाबॉलिक गड़बड़ियों के संकेत हैं। डॉक्टर उन्हें इलाज के लिए मना रहे हैं। पत्नी गीतांजलि आंगमो ने परिवार की सहमति के बिना इलाज न करने की मांग की है। नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने कहा कि ये कदम हाईकोर्ट के निर्देश, वांगचुक की हालत और डॉक्टरों की सलाह पर उठाया है। CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि वांगचुक के साथ धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों के साथ भी मारपीट की गई। पुलिस ने आरोप गलत बताए हैं। इसी बीच, CJP ने धर्मेंद्र प्रधान के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की भी मांग उठा दी। CJP का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नीट पेपर लीक के विरोध में 20 जून से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वांगचुक भी उनके आंदोलन में शामिल हुए थे। CJP चीफ जस्टिस सूर्यकांत के बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से करने के बाद बनी थी। महाराष्ट्र के रहने वाले अभिजीत AAP से जुड़े थे 30 साल के अभिजीत महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट हैं। अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल, अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं।

MP में यूसीसी बिल को कैबिनेट की मंजूरी:विधानसभा सत्र में पेश करने की तैयारी; दो राज्यों में UCC विधेयक पारित, एक में लागू

मध्य प्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड, यूसीसी) लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रविवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यूसीसी विधेयक-2026 के ड्राफ्ट को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई। अब इसे विधानसभा में पेश किया जाएगा। विधानसभा का सत्र कल से शुरू हो रहा है। कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार विधेयक को विधानसभा में पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है। समानता भारतीय संस्कृति और मूल्यों का अभिन्न हिस्सा रही है। इसी भावना के अनुरूप सरकार ने यह कदम उठाया है। देश में उत्तराखंड में यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य है, जबकि गुजरात और असम में यूसीसी विधेयक पारित हो चुका है। भोपाल के इतिहास का भी किया उल्लेख कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने भोपाल के गौरवशाली इतिहास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भोपाल का इतिहास परमार राजवंश और राजा भोज से जुड़ा है। यह क्षेत्र प्राचीन काल से सनातन संस्कृति का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि भोपाल का गहरा संबंध गोंड राजवंश से भी है। मदन शाह और संग्राम शाह जैसे शासकों ने क्षेत्र के विकास में योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा- इतिहास में राजा निजाम शाह की विष देकर हत्या और उसके बाद रानी कमलापति द्वारा अपने पुत्र एवं प्रजा की रक्षा के लिए किए गए संघर्ष का भी विशेष महत्व है। उन्होंने अफगान सरदार दोस्त मोहम्मद खान के दौर और बाद के शासनकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि भोपाल का इतिहास विभिन्न शासकों और संस्कृतियों से समृद्ध रहा है। अब तक दो राज्यों में UCC बिल पारित, एक में लागू जनवरी 2025: उत्तराखंड UCC लागू करने वाला पहला राज्य 6 फरवरी 2024 को विधानसभा में UCC विधेयक पेश हुआ। 7 फरवरी 2024 को पारित हुआ। 11 मार्च 2024 को राष्ट्रपति ने UCC विधेयक को मंजूरी दी। क्रियान्वयन समिति ने 18 अक्टूबर 2024 को नियमावली सरकार को सौंपी। 20 जनवरी 2025 को नियमावली को कैबिनेट की मंजूरी मिली। इस तरह उत्तराखंड UCC लागू करने वाला पहला राज्य बन गया। मार्च 2026: गुजरात UCC बिल पास करने वाला दूसरा राज्य बना गुजरात विधानसभा में मार्च 2026 में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल पास कराया गया था। गुजरात UCC बिल पास करने वाला देश का दूसरा राज्य बना है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने विधानसभा में समान नागरिक संहिता विधेयक पेश किया था। विधानसभा में बिल पर वोटिंग के दौरान कांग्रेस ने वॉकआउट कर दिया था। बिल बहुमत से पास हो गया। मई 2026: असम UCC बिल पास करने वाला तीसरा राज्य बना असम विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल 27 मई को पेश किया गया था। यह बिल सदन से पारित भी हो गया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के मुताबिक अनुसूचित जनजातियां (पहाड़ी) और अनुसूचित जनजातियां (मैदानी) UCC के दायरे से बाहर रहेंगी। साथ ही ‘पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों, प्रथाओं और अनुष्ठानों’ को भी इससे छूट दी जाएगी। आजाद भारत से पहले गोवा में UCC गोवा में पहले से ही UCC लागू है, लेकिन वहां इसे पुर्तगाली सिविल कोड के तहत लागू किया गया था। उत्तराखंड आजादी के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य है। सन् 1835 में, ब्रिटिश सरकार ने एक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें आपराधिक साक्ष्य और अनुबंधों के संबंध में देश भर में एक समान कानून बनाने का आह्वान किया गया था। इसे सन् 1840 में लागू भी किया गया, लेकिन धर्म के आधार पर हिंदुओं और मुसलमानों के व्यक्तिगत कानूनों को अलग रखा गया। यहीं से समान नागरिक संहिता की मांग शुरू हुई। 1941 में बीएन राव समिति का गठन किया गया था, जिसने हिंदुओं के लिए एक समान नागरिक संहिता बनाने की बात कही थी। आजादी के बाद, हिंदू संहिता विधेयक पहली बार 1948 में संविधान सभा में प्रस्तुत किया गया था। इसका उद्देश्य हिंदू महिलाओं को बाल विवाह, सती प्रथा और बुर्का जैसी गलत प्रथाओं से मुक्त करना था। ……………………………….. यह खबर भी पढ़ें बंगाल में भी UCC लाने की तैयारी: भाजपा ने सरकार बनने के 6 महीने के अंदर लागू करने का वादा किया था पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार 29 जून को विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पेश करने वाली थी। हालांकि, बिल पेश नहीं हो पाया। भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले अपने संकल्प पत्र में सरकार बनने के छह महीने के भीतर पश्चिम बंगाल में UCC लागू करने का वादा किया था। 9 मई को नई सरकार का गठन हुआ था। पूरी खबर पढ़ें…

48 घंटे में ही पकड़ा गया ट्रैक्टर चोर:चोरी करने के बाद जंगल में छुपाया, नाबालिग से रेप का आरोपी भी गिरफ्तार

सीकर की जीणमाता थाना पुलिस ने ट्रैक्टर चोरी के आरोपी को 48 घंटे के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चोरी हुए ट्रैक्टर को जंगल से बरामद कर लिया। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जीणमाता थाना SHO राकेश कुमार मीणा ने बताया कि 17 जुलाई को ठेहट गांव निवासी श्रवण कुमार ने मुकदमा दर्ज करवाया कि उनकी रूपगढ़ गांव में ब्लॉक फैक्ट्री है। जहां उन्होंने 16 जुलाई की रात को ट्रैक्टर खड़ा कर दिया था। इसके बाद वह काम के लिए दांतारामगढ़ चले गए थे। वापस आकर देखा तो ट्रैक्टर नहीं मिला। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस ने सबसे पहले आरोपी रणजीत छबरवाल (26) निवासी ठेहट को लोसल में दबिश देकर पकड़ा। जिसने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने ट्रैक्टर को पास ही एक जंगल में छिपाया है। ऐसे में आरोपी की निशानदेही पर ट्रैक्टर भी बरामद कर लिया। फिलहाल आरोपी से पूछता जारी है। नाबालिग से रेप का आरोपी गिरफ्तार सीकर पुलिस ने नाबालिग लड़की से रेप के मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है। 2023 में जब नाबालिग लड़की की उम्र करीब 15 साल की तब आरोपी उसे अपने साथ बहला-फुसलाकर ले गया था। इसके बाद आरोपी ने नाबालिग लड़की के साथ रेप किया। इस मामले में आरोपी गिरफ्तार होने के बाद जेल गया। जमानत मिलने के बाद एक बार फिर वह नाबालिग लड़की को अपने साथ लेकर चला गया। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ जारी है।

टोंक जिले में 210 बिजली चोरी के मामले पकड़े:46 लाख 43 हजार 228 रुपए का किया जुर्माना, टीमों को देखकर चोर भागे

टोंक में शनिवार शाम को एक बार फिर बड़े स्तर पर बिजली निगम की एक दर्जन से ज्यादा टीमों ने बिजली चोरी करने वालों की धरपकड़ की है। 210 बिजली चोरी के मामले पकड़े हैं। कार्रवाई बिजली निगम के एसई शेरसिंह मीना के निर्देशन में जिलेभर में की गई। दरअसल, विभाग की ओर से बिजली चोरी पकड़ने का विशेष अभियान चलाया गया। इसके तहत जिले के सभी उप-खण्डों के अधिकारियों ने मिलकर यह कार्रवाई की है। इस दौरान 46 लाख 43 हजार 228 रुपए का जुर्माना भी किया है। जांच टीमों को देखकर कई बिजली चोर मौके से फरार हो गए। इसके बावजूद बिजली निगम के कर्मचारियों ने उनका कनेक्शन काटकर बिजली केबल भी जब्त कर ली। बिजली निगम के एसई शेर सिंह मीणा ने बताया कि शनिवार शाम को जिलेभर में उपखंड के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर अपने वन क्षेत्र में बिजली चोरी करने के मामले पकड़े है। इस तरह जिले भर में 210 लोगों के घरों में अवैध रूप से बिजली का उपभोग करते पकड़ा है। इस पर मौके पर ही उनके खिलाफ जुर्माना और कनेक्शन करने की गई है।उन्होंने बताया कि आगे भी इस तरह की बिजली चोरों पर कार्रवाई की जाएगी।

मरीज के पेट से निकाला 48 सेमी का कैंसर ट्यूमर:8 घंटे चली जटिल सर्जरी, किडनी और आंत का हिस्सा भी हटाना पड़ा

जयपुर के सीनियर ऑन्कोसर्जन डॉ. आनंद मोहन और उनकी टीम ने एक अत्यंत जटिल एवं दुर्लभ सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। डॉक्टरों ने मरीज के पेट से 48 सेंटीमीटर (सेमी) आकार के सॉफ्ट टिश्यू ट्यूमर (कैंसर) को पूरी तरह से बाहर निकाल दिया है। इसे राजस्थान में अब तक हुए सबसे बड़े ‘रेट्रोपेरिटोनियल सार्कोमा’ (कैंसर) ऑपरेशनों में से एक माना जा रहा है। ऑपरेशन के दौरान कैंसरग्रस्त ऊतकों (टिश्यूज) को पूरी तरह से निकाल दिया गया, जो इस तरह के कैंसर के इलाज में सबसे बड़ी सफलता मानी जाती है। जांच में सामने आया किडनी के पीछे छिपा विशाल ट्यूमर डॉ. आनंद मोहन ने बताया कि मरीज पिछले दो महीनों से पेट में लगातार बढ़ रही गांठ और दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचा था। जब मरीज की गहन जांच की गई, तो पता चला कि उसकी किडनी के पीछे 48 सेमी का एक विशाल ट्यूमर था। इस ट्यूमर ने पेट के भीतर कई महत्वपूर्ण अंगों और मुख्य रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) पर भारी दबाव बना रखा था। राहत की बात यह थी कि कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में नहीं फैला था। 8 घंटे चली जटिल सर्जरी, किडनी और आंत का हिस्सा भी हटाना पड़ा डॉक्टरों ने बताया कि यह ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था और लगभग आठ घंटे तक चला। ट्यूमर को सुरक्षित और एक साथ (En-bloc) बाहर निकालने के लिए डॉक्टरों को मरीज की दाईं किडनी और बड़ी आंत के एक हिस्से को भी हटाना पड़ा। इसके बाद आंत को दोबारा जोड़ने के साथ-साथ पेट की अन्य आंतरिक संरचनाओं का बहुत ही सावधानीपूर्वक पुनर्निर्माण (Reconstruction) किया गया। सर्जरी के दौरान थीं कई बड़ी चुनौतियां डॉ. आनंद मोहन के अनुसार, ट्यूमर के विशाल आकार के कारण यह सर्जरी करना तलवार की धार पर चलने जैसा था। ट्यूमर ने शरीर की मुख्य रक्त वाहिकाओं को इस कदर दबा रखा था कि पेट के अंदरूनी अंगों की सामान्य बनावट ही बदल गई थी। ऐसे में ऑपरेशन के दौरान किसी भी नस या अंग को मामूली सी क्षति पहुंचने पर मरीज की जान को खतरा हो सकता था। लेकिन मेडिकल टीम ने सटीक योजना, उन्नत तकनीक और निरंतर मॉनिटरिंग के बल पर इस बेहद जोखिम भरे ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। ऑपरेशन के 8वें दिन मरीज को मिली अस्पताल से छुट्टी
सफल सर्जरी के बाद मरीज को डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया। अलग-अलग विशेषज्ञों की टीम द्वारा की गई सतत देखभाल से मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। ऑपरेशन के आठवें दिन मरीज को पूरी तरह से स्वस्थ और स्थिर अवस्था में अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। फिलहाल मरीज पूरी तरह स्वस्थ है, सामान्य जीवन जी रहा है और अपने इस नए जीवन के लिए डॉक्टरों का आभार जता रहा है। क्या है रेट्रोपेरिटोनियल सार्कोमा? यह एक प्रकार का अत्यंत दुर्लभ ‘सॉफ्ट टिश्यू कैंसर’ (Soft Tissue Cancer) है, जो पेट के पिछले हिस्से (रेट्रोपेरिटोनियल क्षेत्र) में विकसित होता है। चूंकि यह पेट के गहरे हिस्से में होता है, इसलिए यह धीरे-धीरे बढ़कर अन्य अंगों और मुख्य रक्त वाहिकाओं को अपनी चपेट में ले लेता है। इसके सफल उपचार के लिए बेहद उच्च स्तरीय और जटिल सर्जरी की आवश्यकता होती है।

मंत्री मदन दिलावर कल आएंगे जोधपुर:मारुति सुजुकी 18 प्रशिक्षार्थियों को दिए लेटर ऑफ इंटेंट, पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से मोटर मैकेनिक व्हीकल (MMV) एवं मैकेनिक डीजल ट्रेड के 18 प्रशिक्षार्थियों का चयन कर उन्हें लेटर ऑफ इंटेंट (Letter of Intent) जारी किए। बैंक ऑफ बड़ौदा के 119वें स्थापना दिवस के अवसर पर आज क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से एम्स जोधपुर के सहयोग से पाल लिंक रोड स्थित क्षेत्रीय कार्यालय परिसर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इसमें लगभग 51 कर्मचारियों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। वहीं जिला प्रभारी मंत्री मदन दिलावर और जोगाराम कल जिले में विभिन्न इलाकों के कार्यक्रमों में शामिल होंगे। पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें लाइव ब्लॉग में..

कोटा में दोस्त को मारकर डैम में फेंका था शव:लड़की से बातचीत को लेकर चल रहा था विवाद, पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत 6 को पकड़ा

कोटा: कोटा के रानपुर थाना क्षेत्र में 15 साल के किशोर प्रिंस की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। आलनिया डैम से बरामद प्रिंस के शव का मामला आखिरकार हत्या का निकला। पुलिस ने इस ‘ब्लाइंड मर्डर केस’ की गुत्थी सुलझाते हुए 6 आरोपियों को पकड़ा है। इनमें पांच नाबालिग और एक बालिग आरोपी आकाश शामिल है। डीएसपी मनीष शर्मा ने बताया कि प्रिंस 8 जुलाई की सुबह अपने छह दोस्तों के साथ घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। परिजनों द्वारा काफी तलाश किए जाने के बाद 9 जुलाई को उसका शव आलनिया डैम से बरामद हुआ था। शव पर चोट के निशान होने और नाक से खून बहने के कारण परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। लड़की से बातचीत के विवाद में रची हत्या की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि एक लड़की से बातचीत करने को लेकर प्रिंस और मुख्य आरोपी आकाश के बीच पहले से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से साजिश रची। वे प्रिंस को बहला-फुसलाकर अपने साथ आलनिया डैम ले गए। वहां पहले प्रिंस के साथ बेरहमी से मारपीट की गई और फिर उसे डैम के गहरे पानी में धक्का दे दिया, जिससे डूबने से उसकी मौत हो गई। गुमराह करते रहे आरोपी, तकनीकी साक्ष्यों से खुली पोल डीएसपी के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में सभी आरोपी पुलिस को गुमराह करने के लिए अलग-अलग बयान देते रहे। लेकिन पुलिस ने जब तकनीकी साक्ष्यों (कॉल डिटेल्स व लोकेशन) और कड़ाई से पूछताछ का सहारा लिया, तो आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने पांचों नाबालिग आरोपियों को बाल सुधार गृह भेज दिया है, जबकि मुख्य आरोपी आकाश को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है।

बीमार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी पर भड़के सांसद हनुमान बेनीवाल:सुरक्षा जवान लौटाया, अमित शाह और CM को लिखा लेटर, बोले- मेरे खिलाफ हो रहा षड्यंत्र

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने शनिवार को अपनी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को हटा दिया है। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि नागौर में पुलिस व्यवस्था संभाल रहे अधिकारी लगातार गंभीर बीमारियों से पीड़ित पुलिसकर्मियों को उनकी सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात कर रहे हैं। इससे न केवल मेरी सुरक्षा प्रभावित हो रही है, बल्कि यह मेरी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने की एक सुनियोजित कोशिश भी है। इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।
बेनीवाल के लेटर में लिखी 4 बातें… 1. ‘छवि खराब करने के लिए जानबूझकर बीमार जवानों को ड्यूटी पर भेजा जा रहा’
सांसद हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को लिखे लेटर में नागौर पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बेनीवाल ने लेटर में लिखा- यह केवल मेरी व्यक्तिगत सुरक्षा का मामला नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। बिना पुलिस अधीक्षक (एसपी) वाले नागौर जिले में पुलिस व्यवस्था संभाल रहे अधिकारी और रिजर्व पुलिस लाइन के जिम्मेदार कार्मिक जानबूझकर गंभीर बीमारियों से ग्रसित पुलिसकर्मियों को मेरी सुरक्षा में तैनात कर रहे हैं। इसके पीछे एक बड़ा षड्यंत्र है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना या पुलिसकर्मी की तबीयत बिगड़ने की स्थिति में मुझे ही जिम्मेदार ठहराया जा सके और मेरी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके। 2. न्यूरो और हार्ट के मरीजों को लगाया सुरक्षा में, खुद लेकर गए अस्पताल’
बेनीवाल ने अपने लेटर में हाल ही में हुए 3 गंभीर मामलों का विशेष रूप से उल्लेख किया है। बेनीवाल ने लेटर में लिखा- 11 जुलाई को मेरी सुरक्षा में तैनात कांस्टेबल सुनील विश्नोई (जो न्यूरोलॉजी की गंभीर बीमारी से पीड़ित थे) जयपुर में अचानक अस्वस्थ हो गए, जिन्हें मैं स्वयं देर रात सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल लेकर गए। इसके बाद, 15 जुलाई को कांस्टेबल बलबीर गुर्जर की जयपुर से लौटते समय तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें नागौर से एम्स (AIIMS) जोधपुर रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उनके हार्ट संबंधी पुरानी बीमारी से पीड़ित होने की आशंका जताई। वहीं, शनिवार को मेरी सुरक्षा में भेजे गए तीसरे कांस्टेबल सीताराम भी पूरी तरह अस्वस्थ थे। बेनीवाल ने कहा- मैं किसी भी बीमार पुलिसकर्मी के स्वास्थ्य को जोखिम में नहीं डालना चाहते, इसलिए उन्होंने अपनी सुरक्षा में तैनात जवान को तत्काल प्रभाव से वापस रिजर्व पुलिस लाइन भेज दिया है। 3. ‘इंटेलिजेंस इनपुट के बावजूद बिना बताए क्यों हटाई अतिरिक्त सुरक्षा?’
सांसद ने लेटर में अपनी सुरक्षा में की गई कटौती पर भी तीखे सवाल उठाए हैं। लेटर में लिखा- पूर्व में राजस्थान पुलिस की इंटेलिजेंस शाखा से मिले सुरक्षा संबंधी इनपुट के आधार पर मुझे पुलिस एस्कॉर्ट और हथियारबंद कमांडो उपलब्ध कराए गए थे। लेकिन बाद में बिना किसी पूर्व सूचना या कारण बताए इस अतिरिक्त सुरक्षा को अचानक हटा लिया गया। बेनीवाल ने सरकार से सवाल पूछा – यदि उस समय मेरी सुरक्षा को लेकर खतरे के गंभीर इनपुट थे, तो वर्तमान में उन इनपुट की क्या स्थिति है? क्या सरकार उन्हें इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी देगी या उनकी सुरक्षा को लेकर जानबूझकर लापरवाही बरती जा रही है? 4. डीजीपी को फोन करने पर भी नहीं हुआ सुधार बेनीवाल ने दावा किया कि पूरे घटनाक्रम और सुरक्षा में बरती जा रही लापरवाही की जानकारी फोन पर राजस्थान पुलिस के महानिदेशक (DGP) और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG – इंटेलिजेंस) को भी दी थी, लेकिन इसके बावजूद जिला स्तर पर कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया। नागौर में तैनात कुछ पुलिस अधिकारी निष्पक्ष प्रशासनिक दायित्व निभाने के बजाय राजनीतिक प्रभाव में काम कर रहे हैं। मेरी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। बेनीवाल ने केंद्र और राज्य सरकार से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उनकी सुरक्षा व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा करने की मांग की है।

सोनम वांगचुक को जबरदस्ती उठाने पर भड़के स्टूडेंट्स:SFI ने गृह मंत्री का पुतला जलाया, बोले-स्टूडेंट्स के साथ भी कर रहे बदसलूकी

दिल्ली में चल रहे धरने से आज सुबह सोनम वांगचुक को जबरदस्ती उठाने पर शनिवार को सीकर में स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया(SFI) ने आक्रोश जताया। जिन्होंने शाम को देश के गृह मंत्री अमित शाह के पुतले की ढाका भवन से लेकर कल्याण सर्किल तक शवयात्रा निकाली। इसके बाद कल्याण सर्किल पर पुतला दहन किया गया। पुलिस ने वांगचुक को जबरन उठाया स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के विजेंद्र ढाका ने बताया कि कई दिनों से दिल्ली में सोनम वांगचुक NTA को भंग करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे। जिन्हें आज सुबह दिल्ली पुलिस के द्वारा जबरन उठाकर डिटेन किया गया। इतना ही नहीं वहां मौजूद अन्य स्टूडेंट्स के साथ भी बदसलूकी गई। 20 जुलाई को स्टूडेंट्स करेंगे दिल्ली कूच उन्होंने कहा कि इसके विरोध में स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के द्वारा गृहमंत्री अमित शाह का पुतला जलाया गया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे रहे और अब सरकार बदसलूकी करने पर उतर आई है। लेकिन हम किसी भी हाल में पीछे हटने वाले नहीं है। 20 जुलाई को दिल्ली में होने वाले संसद मार्च में सीकर से भी बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स मौजूद रहेंगे। जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते तब तक हमारा यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

121-फीट लंबे रस्से से भक्तों ने खींचा जगन्नाथ का रथ:'हरे रामा, हरे कृष्णा' की गूंज रही, शहरवासियों ने बरसाए फूल

इस्कॉन की ओर से पाली में शनिवार शाम को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गई। शहर के अग्रसेन भवन से रवाना हुई रथयात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए अमरनाथ नगर, बापूनगर विस्तार स्थित इस्कॉन मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। पूरे रास्ते जोश से लबरेज़ कृष्ण भक्त भगवान जगन्नाथ के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। रास्ते में जगह-जगह रथयात्रा के स्वागत में रंगोलियाँ बनाई गईं। यात्रा के दौरान पूरे मार्ग में भक्तों को खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया। 121 फीट लंबे रस्से से भक्तों ने खींचा रथ शहर के अग्रसेन भवन से रवाना होकर रथयात्रा पानी दरवाजा, सर्राफा बाजार, धान मंडी, सोमनाथ मंदिर, सूरजपोल, नहर चौराहा और शिवाजी सर्कल से होते हुए बांगड़ कॉलेज ग्राउंड पहुंचकर संपन्न हुई। 15 फीट ऊंचे रथ पर भगवान जगन्नाथ की तस्वीर रखी गई थी। रास्ते में दर्शन के लिए लोगों की कतारें नजर आईं। 121 फीट लंबे रस्से से महिला और पुरुष भक्त पूरे रास्ते रथ को खींचते हुए ले जाते नजर आए। महिलाओं ने रास्ते में जगह-जगह सजाई रंगोली रथयात्रा के स्वागत में यात्रा मार्ग पर जगह-जगह महिलाओं ने मनमोहक रंगोलियां बनाई। रास्ते में कई स्थानों पर पुष्पवर्षा कर रथयात्रा का स्वागत किया गया। श्री जगन्नाथ जी के रथ को दिल्ली से विशेष पुष्प मंगवाकर सजाया गया। इसमें पाली, जोधपुर, मुंबई, बीकानेर और जयपुर से आए वैष्णव मंडलों ने मधुर हरिनाम संकीर्तन किया। अब देखिए- रथयात्रा की तस्वीरें