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सुप्रीम कोर्ट में माधव स्कूल की रिव्यू पिटिशन खारिज:कल्याण धाम को हैंडओवर बरकरार; 27 साल बाद मिली थी मंदिर के हक की जमीन

सीकर‌ में श्रीकल्याण धाम मंदिर के पास स्थित पुराने माधव स्कूल का कैंपस कल्याण मंदिर को हैंडओवर बरकरार रहेगा। सुप्रीम‌ कोर्ट ने राज्य सरकार की रिव्यू पिटिशन खारिज कर दी। इस मामले में राज्य सरकार को एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट से निराशा हाथ लगी है। राज्य सरकार ने मंदिर पक्ष के पक्ष में आए फैसले के विरुद्ध रिव्यू पिटीशन (समीक्षा याचिका) दायर किया था। इसे सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को खारिज कर दिया है। साथ ही मंदिर पक्ष के पक्ष में दिए गए फैसले‌ को यथावत बरकरार रखा है। गौरतलब है कि श्रीकल्याण धाम मंदिर से जुड़े इस बहुचर्चित प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट मंदिर पक्ष के अधिकारों को स्वीकार करते हुए फैसला दिया था। इसके बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार की मांग करते हुए रिव्यू पिटीशन दायर की थी। कोर्ट ने कहा- पुनर्विचार की आवश्यकता नहीं सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद माना कि पहले दिए गए फैसले में किसी प्रकार के पुनर्विचार की आवश्यकता नहीं है। इसी आधार पर राज्य सरकार की रिव्यू पिटिशन को खारिज कर दिया गया। साथ ही मंदिर के पक्ष में दिया गया फैसला पूर्ण रूप से प्रभावी व यथावत बना हुआ है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश की पालना में शिक्षा विभाग को मंदिर परिसर के एक कमरे में रखा विद्यालय का सामान तय समय में हटाकर परिसर का पूरा कब्जा मंदिर पक्ष को सौंपने तथा जिला शिक्षा अधिकारी, सीकर को कोर्ट के समक्ष अंडरटेकिंग प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए थे। रिव्यू पिटीशन खारिज होने के बाद मंदिर पक्ष और श्रद्धालुओं ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे सत्य, न्याय व कानून के शासन की जीत बताया है। श्रीकल्याण धाम मंदिर महंत विष्णुप्रसाद शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के लगातार आ रहे आदेशों से मंदिर के अधिकारों पर न्यायिक मुहर मजबूत हुई है।

हैदराबाद में हिंदू छात्र को कलमा पढ़ने का होमवर्क दिया:परिजन ने विरोध दर्ज कराया तो टीचर ने माफी मांगी, VHP का स्कूल के बाहर प्रदर्शन

हैदराबाद के निजी स्कूल में दूसरी कक्षा के स्टूडेंट्स को होमवर्क में कलमा पढ़ने का निर्देश देने से विवाद खड़ा हो गया। मामले में स्कूल प्रबंधन ने संबंधित महिला टीचर को नौकरी से हटा दिया। गुरुवार को हिंदू संगठन के लोगों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया। इस मामले में DCP खरे किरण प्रभाकर ने गुरुवार को बताया कि यह स्कूल और शिक्षा नीति, दोनों का उल्लंघन है। बुधवार को टीचर ने दूसरी कक्षा के 25 छात्रों को होमवर्क दिया कि सभी कलमा पढ़ें। कक्षा में 25 छात्रों में सिर्फ एक छात्र हिंदू है। इसी छात्र के परिवार ने इस पर आपत्ति जताई। पुलिस ने बताया कि अब तक इस मामले में कोई आपराधिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है।
परिजन बोले- टीचर ने माफी मांगी इसी बीच, हिंदू छात्र के परिजन ने गुरुवार को स्कूल प्रिंसिपल को पत्र देकर कहा कि शिक्षक ने माफी मांग ली है। हमने माफी मंजूर कर ली है। उन्होंने स्कूल से अपनी शिकायत वापस लेने की बात कही। हालांकि, शिक्षक की बर्खास्तगी वापस लेने पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। पुलिस के अनुसार, बच्चे के माता-पिता ने बयान दिया है कि स्कूल की ओर से की गई कार्रवाई से वे संतुष्ट हैं और मामला सुलझ गया है। स्कूल के बाहर प्रदर्शन, 30 से ज्यादा हिरासत में गुरुवार को इस घटना के विरोध में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार और विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने एकेडमिक एक्टिविटी के तहत दिए गए निर्देशों पर कड़ी आपत्ति जताई और संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। VHP कार्यकर्ताओं ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान 30 से ज्यादा लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया। इससे पहले, छह साल के छात्र की बुआ स्कूल पहुंचीं और टीचर्स से सवाल किए। उनका आरोप था कि बच्चे की होमवर्क डायरी में कलमा पढ़ने का निर्देश लिखा था। उन्होंने दावा किया कि स्कूल प्रिंसिपल ने इसे धार्मिक विषय बताते हुए सभी छात्रों के लिए अनिवार्य बताया है। बाद में संबंधित टीचर ने स्वीकार किया कि यह निर्देश गलती से बच्चे की डायरी में लिख दिया गया था। उन्होंने कहा कि धर्म से जुड़ा होमवर्क केवल उन्हीं छात्रों को दिया जाना चाहिए, जिन्होंने इसे चुना हो। साथ ही शिक्षा विभाग से पूरे मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की। स्कूल प्रशासन से उनकी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। ——————————— ये खबर भी पढ़ें: महाराष्ट्र के प्राइवेट स्कूल में तिलक लगाने पर सजा:माता-पिता ने की शिकायत, म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने नोटिस जारी कर स्कूल से जवाब मांगा महाराष्ट्र के एक प्राइवेट स्कूल में स्टूडेंट्स को माथे पर तिलक लगाने से मना किया गया। इसके बाद कल्याण डोंबिवली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (KDMC) ने स्कूल को एक नोटिस जारी किया है। मामला तब सामने आया जब बच्चों के माता-पिता ने यह आरोप लगाया कि बच्चों को स्कूल के अंदर तिलक, बिंदी, चूड़ी, राखी और कलावा बांधने के लिए मना किया गया। पढ़ें पूरी खबर…

सांवलिया सेठ के भंडार से अब तक निकले 24.24 करोड़:तीसरे राउंड में मिले 7.63 करोड़, कल भी जारी रहेगी काउंटिंग

मेवाड़ के कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था एक बार फिर दान के रूप में दिखाई दे रही है। श्री सांवलिया सेठ के भंडार की काउंटिंग के तीन राउंड पूरे हो चुके हैं, जिनमें अब तक 24 करोड़ 24 लाख 13 हजार रुपए की नकद दानराशि सामने आई है। गुरुवार को तीसरे राउंड में ही 7 करोड़ 63 लाख 30 हजार रुपए गिने गए। भंडार में बची नकद राशि की गिनती शुक्रवार को चौथे राउंड में होगी। इसके अलावा ऑनलाइन दान, मनीऑर्डर से मिली राशि और सोने-चांदी के आभूषणों की गिनती व तौल भी अभी बाकी है। सुरक्षा के बीच जारी है काउंटिंग मंदिर मंडल के सदस्य पवन तिवारी ने बताया कि भंडार की काउंटिंग तय प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है। गुरुवार को तीसरे राउंड की गिनती पूरी होने के साथ कुल नकद दानराशि 24 करोड़ 24 लाख 13 हजार रुपए पहुंच गई। मंदिर परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बड़ी संख्या में कर्मचारियों और बैंक कर्मियों की मौजूदगी में दानपेटियों से निकली राशि की गिनती लगातार जारी है। 13 जुलाई को खुला था भंडार इस बार श्री सांवलिया सेठ का भंडार 13 जुलाई को चतुर्दशी के दिन खोला गया था। 14 जुलाई को अमावस्या होने के कारण काउंटिंग नहीं की गई। इसके बाद 15 जुलाई से दोबारा गिनती शुरू हुई और अब तक तीन राउंड पूरे हो चुके हैं। मंदिर मंडल के अनुसार फिलहाल केवल नकद दान की गिनती चल रही है, जबकि ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, मनीऑर्डर और श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए सोने-चांदी के गहनों व अन्य कीमती वस्तुओं की गिनती और तौल बाद में की जाएगी। अब तक किस दिन कितनी राशि मिली पहले राउंड में 13 जुलाई को 10 करोड़ 11 लाख 83 हजार रुपए की नकद राशि मिली थी। 14 जुलाई को अमावस्या होने के कारण काउंटिंग नहीं हुई। 15 जुलाई को दूसरे राउंड में 6 करोड़ 49 लाख रुपए और 16 जुलाई को तीसरे राउंड में 7 करोड़ 63 लाख 30 हजार रुपए की गिनती हुई। तीनों राउंड मिलाकर अब तक कुल 24 करोड़ 24 लाख 13 हजार रुपए की नकद दानराशि सामने आ चुकी है। अंतिम आंकड़ा बढ़ने की उम्मीद मंदिर मंडल का कहना है कि हर बार की तरह इस बार भी भंडार से बड़ी दानराशि मिलने की संभावना है। देशभर से आने वाले श्रद्धालु नकद के साथ ऑनलाइन दान, मनीऑर्डर और सोने-चांदी के आभूषण भी अर्पित करते हैं। ऐसे में काउंटिंग पूरी होने के बाद कुल दानराशि का आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है।

मदन राठौड़ बोले- डोटासरा भी आरएसएस जॉइन कर सकते हैं:जब खुद शिक्षा मंत्री थे, तब ट्रांसफर में पैसे चलते थे; हमारे यहां ऐसा नहीं है

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा – गोविंद सिंह डोटासरा जब शिक्षा मंत्री थे, तब ट्रांसफर में पैसे चलते थे। उस समय के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने डोटासरा की मौजूदगी में शिक्षकों से पूछा था कि क्या तबादलों में पैसे लिए जा रहे हैं, तो शिक्षकों ने खड़े होकर जोर-जोर से कहा था कि हाँ, भ्रष्टाचार हो रहा है। इसलिए जो व्यक्ति जैसा होता है, वैसा ही दूसरों के बारे में सोचता है। उन्होंने सोचा होगा कि उनके समय पैसे लिए जा रहे थे तो बीजेपी में भी लिए जा रहे होंगे। लेकिन हमारे यहाँ ऐसा नहीं है, हमारे यहाँ ट्रांसपेरेंसी (पारदर्शिता) है। जरूरतमंद व्यक्ति का काम किया जा रहा है, सबके काम नहीं हो पा रहे हैं, यह बात बिल्कुल सही है। लेकिन हमारी यथासंभव कोशिश रहती है कि अध्यापकों को संतुष्ट किया जा सके। मदन राठौड़ ने आज ये बातें प्रदेश बीजेपी कार्यालय में कहीं।
मदन राठौड़ ने कहा- हम संविधान के रक्षक हैं, हमारे यहां विधिवत आम आदमी के मौलिक अधिकारों का पूरा सम्मान किया जाता है। कानून-व्यवस्था मजबूत है और विकास हो रहा है। हमारी स्थिति कांग्रेस की तरह नहीं है। हम बहुत मजबूत स्थिति में हैं और व्यवस्थित तरीके से सरकार चला रहे हैं। उनके समय में जो टांग-खिंचाई होती थी, वैसी हमारे यहाँ नहीं है। डोटासरा भी आरएसएस जॉइन कर सकते हैं मदन राठौड़ ने कहा कि डोटासरा आरएसएस और बीजेपी के बारे में क्या जानें, आरएसएस एक सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन है, जो राष्ट्रीय चरित्रयुक्त नागरिक तैयार करता है। उन्होंने कहा कि डोटासरा चाहें तो आरएसएस जॉइन कर सकते हैं। वे एक बार आरएसएस जाएं और देखें कि वहाँ क्या काम होता है। महात्मा गांधी भी आरएसएस के कार्यक्रम में गए थे और उन्होंने वहाँ जाकर आरएसएस की तारीफ की थी। पंचायत-निकाय चुनाव को लेकर मदन राठौड़ ने कहा कि हम पूरी तरह से चुनाव के लिए तैयार हैं। हम कोर्ट की अवमानना नहीं करते हैं, कोर्ट का सम्मान करना अपना कर्तव्य समझते हैं। हमें चुनाव से भागने की ज़रूरत नहीं है। जो लोग ऐसा कह रहे हैं, वे अब तक हुए उपचुनावों के परिणामों को देख लें; बीजेपी ने अब तक हुए उपचुनावों में 85 प्रतिशत सीटों पर जीत दर्ज की है।

राजस्थान में दिव्यांग प्रमाण-पत्रों के सत्यापन अब नए सिस्टम से:7 संभागों में बनेंगे मेडिकल बोर्ड; सरकारी भर्तियों में UDID कार्ड अनिवार्य, अपील की भी सुविधा

राजस्थान सरकार ने दिव्यांग प्रमाण-पत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश के सभी सात संभागीय मुख्यालयों पर विशेष दिव्यांगता सत्यापन बोर्ड और अपीलीय मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाएगा। साथ ही सरकारी भर्तियों में दिव्यांग आरक्षण का लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों के लिए UDID (यूनीक डिसेबिलिटी आइडेंटिफिकेशन) कार्ड अनिवार्य होगा। शासन सचिव अर्चना सिंह की ओर से जारी आदेश राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ द्वारा 30 अप्रैल 2026 को एसबी सिविल रिट पिटीशन अमन बनाम राज्य और अन्य में दिए गए अंतरिम आदेश की पालना में जारी किए गए हैं। सरकार दिव्यांग प्रमाण-पत्रों में सामने आ रही विसंगतियों को दूर कर भर्ती और सेवा संबंधी मामलों में पारदर्शिता बनाना चाहती है। सात संभागीय मुख्यालयों पर होंगे सत्यापन बोर्ड नए आदेश के बाद अब जयपुर, जोधपुर, अजमेर, बीकानेर, कोटा, उदयपुर और भरतपुर के मेडिकल कॉलेजों और उनसे संबद्ध अस्पतालों में दिव्यांगता सत्यापन बोर्ड गठित किए जाएंगे। बोर्ड का गठन संबंधित मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य या मेडिकल अधीक्षक करेंगे। इन बोर्डों में सहायक प्रोफेसर या उससे वरिष्ठ स्तर के विशेषज्ञ चिकित्सकों को शामिल किया जाएगा। साथ ही मेडिकल कॉलेजों को केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी आवश्यक उपकरणों से सुसज्जित किया जाएगा, ताकि प्रत्येक प्रकार की दिव्यांगता का वैज्ञानिक और सटीक मूल्यांकन किया जा सके। हर तरह की दिव्यांगता के विशेषज्ञ रहेंगे उपलब्ध सरकार ने निर्देश दिए कि संबंधित मेडिकल कॉलेजों में सभी प्रकार की दिव्यांगताओं की जांच के लिए आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इससे अभ्यर्थियों को अलग-अलग संस्थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एक ही स्थान पर परीक्षण संभव होगा। सरकारी भर्तियों में UDID कार्ड होगा जरूरी राज्य सरकार ने सभी भर्ती एजेंसियों और नियुक्तिकर्ता विभागों को निर्देश दिए हैं कि आवेदन के समय दिव्यांग श्रेणी के सभी अभ्यर्थियों के पास वैध UDID कार्ड होना अनिवार्य होगा। इसके साथ अब प्रत्येक भर्ती विज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख करना होगा कि दस्तावेज सत्यापन के लिए चयनित दिव्यांग अभ्यर्थियों की दिव्यांगता का अंतिम सत्यापन संभागीय मुख्यालय पर गठित बोर्ड द्वारा किया जाएगा। पुराने प्रमाण-पत्र होने पर भी होगी दोबारा जांच सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी अभ्यर्थी के पास पहले से दिव्यांगता प्रमाण-पत्र मौजूद है, तब भी सरकारी भर्ती में उसकी पात्रता का निर्धारण वर्तमान में लागू मेडिकल मानकों के अनुसार गठित सत्यापन बोर्ड की जांच के बाद जारी प्रमाण-पत्र के आधार पर ही किया जाएगा। इस फैसले के बाद अब अलग-अलग समय पर जारी प्रमाण-पत्रों में आने वाली विसंगतियों को समाप्त करना और सभी अभ्यर्थियों के लिए समान मानक लागू करना है। कार्यरत कर्मचारियों को राहत आदेश में पहले से सरकारी सेवा में कार्यरत दिव्यांग कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया है। अगर पुनः सत्यापन के दौरान पुराने और नए दिव्यांगता प्रतिशत में अंतर पाया जाता है, तो उनकी पात्रता का निर्धारण उस समय लागू मेडिकल मानकों के आधार पर किया जाएगा, जब उनका सरकारी सेवा में चयन हुआ था। अगर कोई कर्मचारी पुनः सत्यापन से संतुष्ट नहीं होता है, तो उसे भी अपीलीय मेडिकल बोर्ड के समक्ष अपील करने का अधिकार दिया गया है।

फलोदी में जिला आयुर्वेद अस्पताल शुरू, नए प्रभारी नियुक्त हुए:मरीजों का होगा आयुर्वेदिक तरीके से इलाज, जिला अस्पताल परिसर के पीछे संचालित होगा

फलोदी जिला बनने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक अहम पहल करते हुए जिला मुख्यालय पर जिला आयुर्वेद अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया गया है। लंबे समय से इस अस्पताल की मांग की जा रही थी। इसके शुरू होने से आयुर्वेद चिकित्सा पर विश्वास रखने वाले हजारों मरीजों को अब जिला स्तर पर विशेषज्ञ परामर्श, बेहतर उपचार और आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। राज्य सरकार ने वैद्य डॉ. भरत सोनी को जिला आयुर्वेद अस्पताल का प्रभारी नियुक्त किया है। उनका स्थानांतरण नोख से फलोदी किया गया है। इससे पहले वे खीचन आयुर्वेद औषधालय का अतिरिक्त कार्यभार भी संभाल रहे थे। नई नियुक्ति के साथ अस्पताल में नियमित सेवाएं शुरू हो गई हैं। जिला अस्पताल परिसर के पीछे संचालित होगा फिलहाल जिला आयुर्वेद अस्पताल का संचालन जिला अस्पताल परिसर के पीछे स्थित आयुर्वेद औषधालय भवन से किया जाएगा। वहीं, अब तक औषधालय प्रभारी रहे डॉ. मुकेश सुथार को सहायक निदेशक पद पर पदोन्नत कर आईजीएनपी कॉलोनी स्थित आयुष कार्यालय में पदस्थापित किया गया है। जिला आयुर्वेद अस्पताल शुरू होने से मरीजों को आयुर्वेदिक दवाओं की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इसके साथ ही पंचकर्म, अग्निकर्म और अन्य विशेष आयुर्वेदिक उपचार सुविधाएं भी चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएंगी। वर्तमान में अस्पताल में प्रभारी चिकित्सक के अलावा एक नर्सिंग अधिकारी और एक परिचारिका की नियुक्ति की गई है। शेष स्वीकृत पदों पर भी जल्द नियुक्तियां होने की संभावना है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का और विस्तार होगा। ग्रामीण और शहरी मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ फलोदी को जिला घोषित किए जाने के बाद से यहां जिला आयुर्वेद अस्पताल की स्थापना की मांग लगातार उठ रही थी। अब इसके संचालन से जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के मरीजों को उपचार के लिए जोधपुर या अन्य शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे स्थानीय स्तर पर आयुष चिकित्सा सेवाएं मजबूत होंगी और लोगों को गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेदिक उपचार आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।

बांसवाड़ा में श्रद्धालुओं ने खींचा भगवान जगन्नाथ का रथ:24 घंटे के अखंड रामायण पाठ के बाद निकली शोभायात्रा; गरबा भी खेला

बांसवाड़ा में नेमा समाज और जगदीश मंडल के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र और माता सुभद्रा की ऐतिहासिक एवं रथयात्रा निकाली गई। सदियों पुरानी इस परंपरा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष के बीच पूरा शहर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। श्रद्धालुओं ने रथ खींचकर भगवान के दर्शन किए और धर्म के साथ सामाजिक समरसता का संदेश दिया। अखंड रामायण पाठ के बाद रथयात्रा शुरू रथयात्रा से पहले जगदीश मंदिर में 24 घंटे का अखंड रामायण पाठ किया गया। गुरुवार को वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ इसकी पूर्णाहुति हुई। इसके बाद भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र और माता सुभद्रा की प्रतिमाओं को आकर्षक ढंग से सजे रथ में विराजमान कर नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया। शंखनाद, भजन-कीर्तन और जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने अपने हाथों से रथ खींचकर प्रभु सेवा का सौभाग्य प्राप्त किया। ​प्रमुख मार्गों से निकली यात्रा, जगह-जगह हुआ स्वागत रथयात्रा जगदीश मंदिर से शुरू होकर आजाद चौक, सदर बाजार, पिपली चौक, पैलेस रोड और महालक्ष्मी चौक से होते हुए वापस जगदीश मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भगवान की आरती उतारी, पुष्पवर्षा की और माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया। गरबा बना आकर्षण, श्रद्धालुओं के लिए शरबत की व्यवस्था पिपली चौक पर श्रद्धालुओं ने पारंपरिक गरबा की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसने रथयात्रा का उत्साह और बढ़ा दिया। भीषण गर्मी को देखते हुए नेमा पिपली चौक समिति ने श्रद्धालुओं के लिए ठंडे पेयजल और शरबत की व्यवस्था की। रथयात्रा के समापन पर जगदीश मंदिर में भगवान की महाआरती हुई और श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया। आयोजन में महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। जनप्रतिनिधि और समाज के पदाधिकारी रहे मौजूद रथयात्रा में भाजपा के कई जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। आयोजन की व्यवस्थाओं में नेमा समाज के अध्यक्ष निमेष मेहता, सचिव सुबोध मालोत, कोषाध्यक्ष शैलेंद्र मेहता, उपाध्यक्ष चंकी शाह, शैलेश शाह तथा जगदीश मंडल के अध्यक्ष महेंद्र सराफ, सचिव संदीप शाह, राजेश वसानिया, मनोज चंचावत सहित समाज के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता सक्रिय रहे।

जोधपुर में महिला तस्कर को 2 साल की सजा:रसोई में छिपाकर रखी थी अफीम; घर से मिली थी हिसाब की डायरियां

एनडीपीएस कोर्ट जोधपुर ने 14 साल पुराने अवैध मादक पदार्थ अफीम के मामले में महिला आरोपी को 2 साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। एनडीपीएस न्यायालय जोधपुर के विशिष्ट न्यायाधीश अजय कुमार भोजक ने यह फैसला सुनाया है। साल 2012 में हुई इस कार्रवाई के दौरान महिला के घर में बनी रसोई से अफीम बरामद हुई थी। इसके साथ ही उसके घर से मादक पदार्थ के हिसाब-किताब की डायरी भी मिली थी। दिसंबर 2012 में हुई थी कार्रवाई, एनडीपीएस एक्ट में पेश की गई थी चार्जशीट विशिष्ट लोक अभियोजक (एनडीपीएस) गोविंद जोशी ने बताया कि 11 दिसंबर 2012 को ओसियां पुलिस थाने के तत्कालीन थानाधिकारी राजीव भादू ने श्रवणराम के रेलवे पटरी के पास ओसियां स्थित मकान पर दबिश दी थी। वहां रसोई में छिपाकर रखी गई 300 ग्राम अवैध अफीम बरामद की गई थी। इसके साथ ही मौके से अफीम की खरीद-फरोख्त के हिसाब-किताब की डायरियां और एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा भी बरामद हुआ था। पुलिस ने घर में मौजूद श्रवणराम की पत्नी मुन्नी देवी को गिरफ्तार किया था। मुन्नी देवी ने बताया कि उसका पति अवैध अफीम बेचने का काम करता है। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में एनडीपीएस एक्ट के तहत चार्जशीट पेश की थी। महिला आरोपी को 2 साल की कठोर सजा सुनवाई के दौरान विशिष्ट लोक अभियोजक (एनडीपीएस) गोविंद जोशी ने कोर्ट में दलील दी कि समाज में अवैध मादक पदार्थों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। यह एक गंभीर प्रकृति का अपराध है। आरोपी के महिला होने के बावजूद समाज पर इसके पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए उसे कठोरतम सजा दी जाए। वहीं, बचाव पक्ष ने महिला होने के नाते कोर्ट से नरमी बरतने का आग्रह किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद, विशिष्ट न्यायालय एनडीपीएस संख्या-1 जोधपुर के विशिष्ट न्यायाधीश अजय कुमार भोजक ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए 12 गवाहों, 48 दस्तावेजी साक्ष्यों और 5 आर्टिकल्स के आधार पर आरोपी मुन्नी देवी को दोषी माना। कोर्ट ने उसे अवैध मादक पदार्थ अफीम रखने और उसकी खरीद-फरोख्त करने के आरोप में 2 साल की कठोर कैद और 10 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।

टोंक में ओडिशा की तरह भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा:25 फीट ऊंचे रथ में विराजे भगवान, 100 फीट लंबी रस्सियों से भक्तों ने खींचा

टोंक में पहली बार ओडिशा की तर्ज पर भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गई। 25 फीट ऊंचे विशेष हाइड्रोलिक रथ में भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाएं विराजमान रहीं, जबकि श्रद्धालुओं ने 100 फीट लंबी दो रस्सियों से रथ को खींचा। आषाढ़ी दूज पर इस्कॉन सेंटर के तत्वावधान में निकली यह यात्रा अंबेडकर खेल स्टेडियम से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई श्री मंशापूर्ण महादेव मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान महिला, पुरुष और बच्चों समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। हरिनाम संकीर्तन, मृदंग-करताल और विशेष बैंड आकर्षण का केंद्र रहे। 25 फीट ऊंचे हाइड्रोलिक रथ में विराजे भगवान भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा गुरुवार शाम हटवाड़ा मैदान स्थित इस्कॉन सेंटर से 56 भोग और आरती के साथ शुरू हुई। जयपुर से मंगवाए गए विशेष 25 फीट ऊंचे हाइड्रोलिक रथ में भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाएं विराजमान थीं। भगवान के रथ को 100 फीट लंबी दो रस्सियों से श्रद्धालु खींचते हुए पूरे मार्ग पर ले गए। शहर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली यात्रा रथयात्रा अंबेडकर खेल स्टेडियम के पास से शुरू होकर कंकाली माताजी मंदिर, गांधी पार्क, घंटाघर, सुभाष बाजार, पांच बत्ती, काफला बाजार, नौशे मियां का पुल, बड़ा कुआं, सबील शाह की चौकी, जैन नसिया और हेमू कालाणी सर्किल होते हुए श्री मंशापूर्ण महादेव मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए और यात्रा का स्वागत किया। हरिनाम संकीर्तन और बैंड बने आकर्षण का केंद्र रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा के दर्शन के साथ मृदंग-करताल पर हरिनाम संकीर्तन और विशेष बैंड आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम में ओमप्रकाश पांडे, डॉ. प्रदीप गहलोत, महंत दुर्गा लाल, दुर्गेश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

RJD प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी छोड़ी:कहा-अपमानित होकर राजनीति नहीं कर सकते; दीमकों से घिरे हैं तेजस्वी यादव, पार्टी को बर्बाद कर दिया

RJD के मुख्य प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। गुरुवार को वीडियो जारी कर उन्होंने कहा, “अब पार्टी में और अधिक अपमान नहीं सह सकता। मैंने अपना इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल को सौंप दिया है।” उन्होंने कहा- “जिस पार्टी के लिए सालों तक पूरी निष्ठा से काम किया, उसी पार्टी में आज सम्मान नहीं मिल रहा है।” मृत्युंजय तिवारी ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद पार्टी नेतृत्व ने उनकी बातों पर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण उन्हें यह फैसला लेना पड़ा। इस्तीफे के साथ ही मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी के अंदरूनी हालात पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “पार्टी में कुछ ऐसे लोग सक्रिय हैं, जिन्होंने दीमक की तरह संगठन को अंदर से खोखला कर दिया है। तेजस्वी यादव ऐसे लोगों से घिरे हुए हैं, जिसके कारण जमीनी कार्यकर्ताओं की आवाज नेतृत्व तक नहीं पहुंच पा रही है।” जानिए क्या बोले मृत्युंजय तिवारी उन्होंने कहा, “कोई भी व्यक्ति लगातार अपमानित होकर राजनीति नहीं कर सकता। हमने पार्टी के सबसे कठिन दौर में भी साथ नहीं छोड़ा और पूरी ईमानदारी से संगठन के लिए काम किया। इसके बावजूद हमें वह सम्मान नहीं मिला, जिसके हम हकदार थे।” मृत्युंजय तिवारी ने आगे कहा, “साल 2014 में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने मुझ पर भरोसा जताया था। उन्होंने मुझे पार्टी का मीडिया प्रभारी और प्रवक्ता बनाया था। मैंने उस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाया और हमेशा पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा।” कौन हैं मृत्युंजय तिवारी? मृत्युंजय तिवारी को तेजस्वी यादव का करीबी और भरोसेमंद नेता माना जाता रहा है। युवाओं को राजद से जोड़ने में भी उनकी अहम भूमिका रही। वे राजद प्रमुख लालू यादव के भी बेहद करीबी माने जाते थे। 2014 में लालू यादव ने उन्हें पार्टी का मीडिया प्रभारी और राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया था। मृत्युंजय तिवारी का राजनीति से जुड़ाव छात्र जीवन से ही रहा है। छात्र राजनीति के दौरान उन्होंने सामाजिक और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद वे राजद में शामिल हुए। अपनी प्रभावशाली वक्तृत्व क्षमता और संगठनात्मक कौशल के दम पर वे पार्टी के प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल हो गए। अब उनका इस्तीफा बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजद के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
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