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कनाडा में जंगल की आग के बीच फंसी ट्रेन:ट्रक से भिड़ंत, कर्मचारियों ने पैदल भागकर जान बचाई; घटना का वीडियो वायरल

कनाडा के ओंटारियो प्रांत में भीषण जंगल की आग के बीच कैनेडियन नेशनल रेलवे के कर्मचारी मौत के बेहद करीब पहुंच गए। धुएं के कारण विजिबिलिटी लगभग खत्म हो गई थी। इसी दौरान एक ट्रक में आग लग गई और वह ट्रेन से टकरा गया। हालांकि, सभी कर्मचारी सुरक्षित बाहर निकल आए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंजन के चारों ओर धधकती आग, वीडियो में कैद हुआ खौफनाक मंजर वायरल वीडियो में ट्रेन के इंजन की खिड़कियों के बाहर चारों ओर जंगल में आग की ऊंची लपटें दिखाई देती हैं। आसमान नारंगी रंग का नजर आता है और कर्मचारी तत्काल निकासी की मांग करते सुनाई देते हैं। वीडियो ने सोशल मीडिया पर रेलवे सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है। ट्रक में लगी आग, ट्रेन से टकराया CN रेलवे के अनुसार, घने धुएं के बीच एक ट्रक आग की चपेट में आ गया और ट्रेन से टकरा गया। इसके बाद सभी कर्मचारी पैदल ही सुरक्षित स्थान पर पहुंचे। हालांकि, किसी भी कर्मचारी को चोट नहीं आई। रेल संचालन रोका, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को निकाला घटना के बाद CN रेलवे ने एहतियात के तौर पर प्रभावित इलाके में सभी रेल सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दीं। कंपनी ने आर्मस्ट्रॉन्ग कस्बे के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। यह इलाका उत्तर-पश्चिमी ओंटारियो में जंगल की आग से प्रभावित है। विपक्ष ने उठाए सुरक्षा पर सवाल ओंटारियो की NDP के विधायक सोल ममाक्वा ने कहा कि वीडियो रिकॉर्ड करने वाले कर्मचारी को कंपनी की कार्रवाई का डर है, क्योंकि ड्यूटी के दौरान वीडियो बनाना कंपनी की नीति के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि उस समय कर्मचारी की प्राथमिकता अपनी जान बचाना थी और कंपनी को दंडात्मक कार्रवाई के बजाय उनका सहयोग करना चाहिए। तीन ट्रेनें जंगल की आग वाले इलाके में खड़ीं ओंटारियो प्रांतीय पुलिस (OPP) ने बताया कि कॉलिन्स फर्स्ट नेशन के पास ज्वलनशील सामग्री ले जा रही तीन ट्रेनें जंगल की आग के कारण रोक दी गई हैं। फिलहाल आम लोगों के लिए तत्काल खतरा नहीं बताया गया है, लेकिन रेलवे और आपातकालीन एजेंसियां लगातार हालात की निगरानी कर रही हैं। उत्तर-पश्चिमी ओंटारियो में 150 जगहों में जंगल की आग प्रदेश में करीब 150 जगहों पर जंगल की आग जल रही हैं। कई समुदायों में अनिवार्य निकासी के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में प्रतिबंधित अग्नि क्षेत्र (Restricted Fire Zone) लागू कर दिया है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा आपातकालीन जरूरत का सामान तैयार रखने की अपील की है।

शादी का झांसा देकर महिला से रेप:अश्लील फोटो और वीडियो से ब्लैकमेल कर रुपए हड़पे, धमकी दी

सीकर जिले में 34 साल की महिला से रेप का मामला सामने आया है। आरोपी युवक ने शादी का झांसा देकर महिला के साथ रेप किया। इतना ही नहीं आरोपी ने रेप करने के दौरान अश्लील फोटो और वीडियो भी रिकॉर्ड किए, जिन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड करने की धमकी देकर आरोपी ने महिला से रुपए भी हड़पे। महिला ने पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया है। 34 साल की महिला ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि पड़ोस में ही रहने वाला एक युवक परिचित था। जो कई बार उसके घर पर आता-जाता रहता था। आरोपी युवक ने महिला से सोशल मीडिया पर बातचीत करके नजदीकियां बढ़ाई और कहने लगा कि वह उसे पसंद करता है और उसके साथ ही शादी करेगा। आरोपी ने महिला को मिलने के लिए बुलाया। तब शादी का झांसा देकर महिला के साथ रेप कर लिया। रेप के दौरान अश्लील फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए। इन फोटो और वीडियो से ब्लैकमेल करता रहा और रुपए भी हड़प लिए। इसके बाद भी वह महिला को लगातार परेशान कर रहा था। महिला ने यह बात अपने पति को बताई और पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया। अब पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। 25 साल की युवती घर से 20 हजार रुपए लेकर फरार सीकर जिले में 25 साल की युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। युवती घर से 20 हजार रुपए लेकर चली गई। इस संबंध में युवती के पिता ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज करवाई है। जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी बेटी 15 जुलाई की रात उनके साथ सो रही थी। सुबह उठे तो बेटी घर पर नहीं मिली। इतना ही नहीं घर में रखे 20 हजार रुपए भी गायब मिले।

बॉर्डर से 20 किमी दूर धार्मिक स्थल पर चला बुलडोजर:हाईकोर्ट से याचिकाएं खारिज होने के बाद हुई कार्रवाई, भारी पुलिस जाब्ता तैनात

जैसलमेर में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 20 किलोमीटर दूर घोटारू क्षेत्र में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीन पर बने एक धार्मिक स्थल को ध्वस्त कर दिया। ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत की गई इस कार्रवाई में करीब 2 बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। प्रशासन का कहना है कि यह भूमि पोंग डैम विस्थापितों के लिए आवंटित थी। हाईकोर्ट से याचिकाएं खारिज होने के बाद हुई कार्रवाई प्रशासन के अनुसार घोटारू क्षेत्र के खारकी स्थित हिंगोले की ढाणी में सरकारी जमीन पर बाउंड्री वॉल बनाकर धार्मिक स्थल विकसित कर लिया गया था। मामले को लेकर उच्च न्यायालय में याचिकाएं दायर की गई थीं, लेकिन सभी याचिकाएं खारिज होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी। प्रशासनिक टीम बुलडोजर लेकर पहुंची बुधवार शाम एसडीएम, तहसीलदार और पटवारी की मौजूदगी में प्रशासनिक टीम बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान करीब 2 बीघा जमीन पर बने हॉल, बाथरूम और अन्य निर्माण को हटाकर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। सीमा क्षेत्र होने से सुरक्षा के रहे विशेष इंतजाम कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। रामगढ़, तनोट, शाहगढ़ थाना पुलिस के साथ पुलिस लाइन का जाब्ता भी मौके पर मौजूद रहा। प्रशासन का कहना है कि यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय सीमा के 50 किलोमीटर दायरे में आता है, इसलिए सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए थीं। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी और प्रतिबंधित जमीनों पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

गंगरार में राशन की दुकान से 28.49 टन गेहूं गायब:रिकॉर्ड और मौके पर मिले स्टॉक में बड़ा मिला अंतर; प्रवर्तन निरीक्षक ने FIR दर्ज करवाई

चित्तौड़गढ़ की गंगरार तहसील पर स्थित सारण सेंटर पर गेहूं गायब मिलने के मामले में आखिरकार बुधवार देर रात को FIR दर्ज करवाई गई। एक उचित मूल्य दुकान से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का करीब 28 हजार 486 किलो गेहूं गायब मिलने के मामले में आखिरकार बुधवार देर रात को प्रवर्तन निरीक्षक जितेंद्र सैनी ने FIR दर्ज करवाई गई। विभाग की जांच में सामने आया कि पोस मशीन के रिकॉर्ड के अनुसार दुकान पर 28 हजार 911 किलो गेहूं होना चाहिए था, लेकिन मौके पर सिर्फ 425 किलो गेहूं मिला। इसके बाद विभाग ने दुकानदार को लगातार नोटिस भेजे, लाइसेंस भी निरस्त कर दिया और गेहूं की भरपाई का मौका दिया, लेकिन न तो जवाब मिला और न ही गेहूं वापस जमा कराया गया। अब प्रवर्तन निरीक्षक जितेंद्र सैनी की रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक वस्तु अधिनियम सहित अन्य प्रावधानों में मामला दर्ज कराया गया है। दुकानदार ने अवकाश लेने के लिए आवेदन दिया था पूरा मामला गंगरार तहसील के सारण सेंटर स्थित उचित मूल्य दुकान के संचालक नरेन्द्र कुमार मेनारिया से जुड़ा है। विभाग के अनुसार दुकानदार ने अवकाश लेने के लिए आवेदन दिया था, लेकिन उसके साथ कोई मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं लगाया गया। आवेदन भी खुद दुकानदार ने नहीं बल्कि उसके भाई महेश मेनारिया ने कार्यालय में जमा कराया। इसके बाद विभाग को मामला संदिग्ध लगा। अधिकारियों ने कई बार फोन पर संपर्क कर दुकानदार को भौतिक सत्यापन के लिए बुलाया, लेकिन उसने सहयोग नहीं किया। इसके बाद प्रवर्तन निरीक्षक जितेन्द्र सैनी ने मामले की जांच शुरू की। जांच रिपोर्ट के आधार पर 22 नवंबर 2024 को नरेन्द्र कुमार मेनारिया को निलंबित कर दिया गया और उसकी जगह अस्थायी रूप से पास की उचित मूल्य दुकान के संचालक जगदीश जाट को वितरण की जिम्मेदारी सौंप दी गई। रिकॉर्ड में 28,911 किलो, मौके पर मिला 425 किलो गेहूं वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने के दौरान दुकान का स्टॉक जांचा गया। 3 दिसंबर 2024 को प्रवर्तन निरीक्षक ने जब दुकान का भौतिक सत्यापन किया तो बड़ा अंतर सामने आया। पोस मशीन में दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार उस समय दुकान पर 28 हजार 911 किलो गेहूं मौजूद होना चाहिए था, ताकि पात्र उपभोक्ताओं को उसका वितरण किया जा सके। लेकिन मौके पर सिर्फ 425 किलो गेहूं मिला। यानी 28 हजार 486 किलो गेहूं कम पाया गया। विभाग का कहना है कि यह गेहूं सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीब और पात्र परिवारों को बांटा जाना था, लेकिन रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में इतना बड़ा अंतर मिलने से गबन की आशंका पुख्ता हो गई। लाइसेंस निरस्त के बाद भी जवाब नहीं जांच के बाद जिला रसद कार्यालय ने दुकानदार को अपनी बात रखने और गेहूं की भरपाई करने का पूरा मौका दिया। विभाग की ओर से अलग-अलग समय पर 19 फरवरी 2025, 30 जून 2025 और 18 दिसंबर 2025 को कुल तीन नोटिस जारी किए गए। इन नोटिसों में 28 हजार 486 किलो गेहूं के संबंध में जवाब मांगा गया और स्टॉक की कमी पूरी करने के लिए कहा गया। विभाग के अनुसार नरेन्द्र कुमार मेनारिया ने किसी भी नोटिस का जवाब नहीं दिया और न ही गेहूं वापस जमा कराया। इस बीच विभाग ने उसका प्राधिकरण भी निरस्त कर दिया, लेकिन इसके बावजूद कोई संतोषजनक जवाब या कार्रवाई नहीं हुई। लगातार मौका देने के बाद भी जब न तो कमी पूरी की गई और न ही कोई स्पष्टीकरण दिया गया, तब विभाग ने कानूनी कार्रवाई का फैसला लिया। अब दर्ज हुई FIR प्रवर्तन निरीक्षक जितेन्द्र सैनी ने गंगरार थाने में रिपोर्ट देकर नरेन्द्र कुमार मेनारिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाया। रिपोर्ट में कहा गया है कि दुकानदार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पात्र उपभोक्ताओं को दिए जाने वाले गेहूं का गबन कर उसका निजी उपयोग किया। यह कृत्य राजस्थान खाद्यान्न एवं आवश्यक पदार्थ (वितरण का विनियमन) आदेश 1976, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2011 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 का उल्लंघन है। गंगरार थानाधिकारी तुलसीराम प्रजापत ने बताया कि अब मामला दर्ज हो चुका है। मामले की जांच की जाएगी और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि जिस गेहूं का रिकॉर्ड में उल्लेख था, वह गरीब और जरूरतमंद परिवारों के राशन के लिए रखा गया सरकारी स्टॉक था।

वर्ल्ड अपडेट्स:बंगाल की खाड़ी में रोहिंग्या शरणार्थियों की दो नावें पलटीं: 500 से ज्यादा लोगों की मौत की आशंका

म्यांमार के रोहिंग्या शरणार्थियों को लेकर जा रही दो नौकाएं बंगाल की खाड़ी में पलट गईं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) और अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) के मुताबिक, दोनों नौकाओं में करीब 530 लोग सवार थे। घटना की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन 500 से अधिक लोगों के मारे जाने की आशंका जताई गई है। UNHCR और IOM के अनुसार, दोनों नौकाएं जून के अंत में म्यांमार के रखाइन प्रांत से रवाना हुई थीं। इनमें अधिकांश यात्री रोहिंग्या समुदाय के थे, जबकि कुछ लोग बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों से भी आए थे। पहली नाव का संपर्क रवाना होने के कुछ समय बाद ही टूट गया। इसमें करीब 250 लोग सवार थे। दूसरी नाव में लगभग 280 लोग थे और इसके 8 जुलाई को म्यांमार के अयेयारवाडी तट के पास डूबने की आशंका है। इस समय करीब 12 लाख रोहिंग्या बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों में रह रहे हैं। पिछले कई वर्षों में समुद्री रास्ते से पलायन के दौरान हजारों रोहिंग्या अपनी जान गंवा चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… हांगकांग में 5 बुकसेलर्स गिरफ्तार: सरकार विरोधी ‘देशद्रोही’ किताबें बेचने का आरोप हांगकांग में सरकार विरोधी ‘देशद्रोही’ सामग्री वाली किताबें बेचने के आरोप में राष्ट्रीय सुरक्षा पुलिस ने पांच बुकसेलर्स को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा पुलिस ने दो बुकस्टोर्स पर छापेमारी कर बड़ी संख्या में किताबें जब्त की हैं। अधिकारियों का दावा है कि इन पुस्तकों में हांगकांग सरकार, न्यायपालिका और कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के खिलाफ नफरत भड़काने वाली सामग्री थी। सरकार के मुताबिक, कस्टम विभाग ने विदेश से आई कथित देशद्रोही किताबों की एक खेप पकड़ी थी। इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा पुलिस ने जांच शुरू की और दो बुकस्टोर्स में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 37 और 57 साल के दो पुरुष तथा 30 से 59 साल की तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि दुकानों में ऐसी किताबें प्रदर्शित और बेची जा रही थीं, जिनका उद्देश्य सरकार और सरकारी संस्थानों के खिलाफ लोगों को उकसाना था। तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में कथित देशद्रोही सामग्री वाली किताबें भी जब्त की गईं। स्थानीय मीडिया के अनुसार, कार्रवाई ‘हैव अ नाइस स्टे’ और ‘ग्रीनफील्ड बुकस्टोर’ में हुई। इनमें से ‘हैव अ नाइस स्टे’ ने हाल ही में 30 अगस्त से दुकान बंद करने की घोषणा की थी। संचालकों ने वित्तीय नुकसान और यह स्पष्ट न होने को भी वजह बताया था कि किन किताबों को अधिकारियों की नजर में आपत्तिजनक माना जा सकता है। इससे पहले जून में भी पुलिस ने एक अलग मामले में दो बुकस्टोर मालिकों को कथित देशद्रोही सामग्री वाली किताबें बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया था। कांगो के जंगल में मिली नई बंदर प्रजाति: 75 साल में अफ्रीका की पांचवीं खोज
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) के लोमामी नेशनल पार्क में रहने वाले काले फर और गुलाबी-नारंगी होंठ वाले दुर्लभ बंदर को वैज्ञानिकों ने नई प्रजाति के रूप में मान्यता दी है। आनुवंशिक अध्ययन, ऑडियो रिकॉर्डिंग और फोटोग्राफी के आधार पर इसकी पुष्टि की गई। नई प्रजाति का वैज्ञानिक नाम कोलोबस कांगोएन्सिस (Colobus congoensis) रखा गया है। इस बंदर को पहली बार 2008 में संरक्षणकर्मियों ने देखा था, लेकिन उस समय केवल धुंधली तस्वीर ही मिल सकी। 2018 में दोबारा दिखने के बाद DRC, अमेरिका और जर्मनी के वैज्ञानिकों की टीम ने इसका विस्तृत अध्ययन शुरू किया। डीएनए विश्लेषण और अन्य वैज्ञानिक जांच में यह पहले से ज्ञात सभी प्रजातियों से अलग पाया गया। स्थानीय लोग इसे ‘लिक्वेली’ नाम से जानते हैं। 52 गांवों में किए गए सर्वे के दौरान केवल आठ गांवों के लोगों ने इसे देखने की पुष्टि की। वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछले 75 वर्षों में अफ्रीका में खोजी गई यह पांचवीं नई बंदर प्रजाति है। यह कोलोबस समूह का सदस्य है, जिनमें अंगूठा नहीं होता और जो जंगलों में बीजों के प्रसार तथा वन पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

IRCTC की नई टिकट बुकिंग वेबसाइट लॉन्च:सभी क्लास की सीटें एकसाथ दिखेंगी, फास्टर चेकआउट' फीचर मिलेगा; कैप्चा नहीं भरना होगा

भारतीय रेलवे की ऑनलाइन टिकट बुकिंग वेबसाइट IRCTC का नया वर्जन लॉन्च कर दिया गया है। इस अपग्रेड का मुख्य मकसद हर दिन टिकट बुक करने वाले लाखों यात्रियों के अनुभव को आसान और तेज बनाना है। इस बड़े बदलाव को समझने के लिए पूरी खबर पढ़ें इस खास QA रिपोर्ट में… सवाल 1: IRCTC की इस नई वेबसाइट को लेकर क्या अपडेट आया है? जवाब: IRCTC की वेबसाइट का बीटा वर्जन 15 जुलाई 2026 को रात 9 बजे से लाइव हो गया है। पिछले महीने जयपुर के मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के दौरे पर गए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने छात्रों से बातचीत के दौरान यह घोषणा की थी कि 15 जुलाई तक IRCTC की नई वेबसाइट लॉन्च कर दी जाएगी। सवाल 2: आम यात्रियों के लिए नई बीटा वेबसाइट में कौन से बड़े सुधार किए हैं? जवाब: रेलवे ने यात्रियों की सहूलियत के लिए मुख्य रूप से चार बड़े तकनीकी सुधार किए गए हैं: सवाल 3: बीटा वेबसाइट एक्सेस कैसे होगी और इसका लिंक कहां मिलेगा? जवाब: यात्री https://www.irctc.co.in/eticket/ पर जाकर नए पोर्टल का अनुभव ले सकते हैं। इसके अलावा, जो लोग IRCTC की पुरानी या मौजूदा होमपेज वेबसाइट पर जा रहे हैं, उन्हें भी मुख्य पेज पर ही नई बीटा वेबसाइट पर जाने के लिए सीधा लिंक उपलब्ध करा दिया गया है। सवाल 4: बीटा वर्जन जारी करने के पीछे रेलवे का असली मकसद क्या है? जवाब: बीटा वर्जन लॉन्च करने का मुख्य उद्देश्य आम यात्रियों से फीडबैक और सुझाव लेना है। रेल यात्री नई वेबसाइट का इस्तेमाल करके इसके फीचर्स पर अपनी राय दे सकेंगे। इस फीडबैक के आधार पर आने वाले समय में वेबसाइट में और जरूरी सुधार किए जाएंगे, ताकि कस्टमर सेटिस्फेक्शन बढ़ सके। सवाल 5: IRCTC वेबसाइट पर कितना लोड है, जिसके चलते बदलाव की जरूरत पड़ी? जवाब: साल 2002 में लॉन्च की गई IRCTC वेबसाइट देश के सबसे व्यस्त ऑनलाइन टिकटिंग प्लेटफॉर्म्स में से एक है। पहले इसपर ट्राफिक कम था, लेकिन वर्तमान में इस वेबसाइट के जरिए रोजाना औसतन 14.5 लाख ट्रेन टिकट बुक किए जाते हैं। इतने बड़े यूजर बेस को बिना किसी रुकावट तेज सर्विस देने और तकनीकी रूप से अप-टू-डेट रखने के लिए इस वेबसाइट के पूरे ढांचे को अपग्रेड करना जरूरी हो गया था। सवाल 6: क्या यह बदलाव सिर्फ वेबसाइट के डिजाइन तक सीमित है? जवाब: नहीं, यह सिर्फ बाहरी डिजाइन का बदलाव नहीं है। भारतीय रेलवे इसके साथ ही अपने बैकएंड सिस्टम को भी बदल रहा है। दशकों पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन इंजन को समानांतर रूप से अपग्रेड किया जा रहा है। सवाल 7: पुराना पैसेंजर रिजर्वेशन इंजन बदलने में क्या चुनौतियां आ रही हैं? जवाब: रेलवे के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि इस पूरे अपग्रेडेशन के दौरान ट्रेन टिकट बुकिंग की लाइव सर्विस को एक मिनट के लिए भी बंद नहीं किया जा सकता था। चालू सिस्टम के साथ ही बैकएंड में यह काम करना काफी चुनौतीपूर्ण था। नया पैसेंजर रिजर्वेशन इंजन भी जल्द लॉन्च कर दिया जाएगा। सवाल 8: नई वेबसाइट पूरी तरह से फंक्शनल कब तक हो जाएगी? जवाब: चूंकि पैसेंजर रिजर्वेशन इंजन और नई वेबसाइट दोनों पर एक साथ काम चल रहा है, इसलिए रेलवे ने स्पष्ट किया है कि बीटा वर्जन से यूजर फीडबैक लेने और इंजन का काम पूरा होने के बाद, अगले कुछ हफ्तों के भीतर पूरी तरह से फंक्शनल नया IRCTC पोर्टल सभी के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा। तब तक यात्री बीटा वर्जन का इस्तेमाल कर सकते हैं और पुराने पोर्टल से भी सामान्य बुकिंग जारी रख सकते हैं। रीडर्स के लिए टिप्स: नई वेबसाइट पर फीडबैक कैसे दें?

श्रीगंगानगर में अगले दो दिन बारिश की संभावना:राजस्थान में सबसे गर्म शहर, तापमान 41 डिग्री के पार

श्रीगंगानगर जिला बुधवार को प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। दिन का अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री दर्ज किया गया। तेज धूप और उमस के कारण दिनभर लोग बेहाल रहे। शाम को मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ हुई 17 मिलीमीटर बारिश ने गर्मी से राहत दिलाई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई और मौसम सुहावना हो गया। कई इलाकों में पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ, जबकि जिला मुख्यालय पर अच्छी बारिश हुई। ग्रामीण इलाके हालांकि बिल्कुल सूखे रहे। बारिश के बाद आज गुरुवार सुबह से फिर तेज गर्मी का दौर शुरू हो गया है। मौसम राडार स्टेशन, श्रीगंगानगर पर गुरुवार सुबह न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। बुधवार को न्यूनतम 29 डिग्री और अधिकतम 41.8 डिग्री रहा, जबकि मंगलवार को न्यूनतम 29.0 डिग्री और अधिकतम 40.1 डिग्री दर्ज किया गया था। मौसम विभाग के अनुसार आगामी एक-दो दिन तक बादल छाने, हल्की से मध्यम बारिश तथा गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

बिहार- ट्रेन में शूटर से कराया इंजीनियर पति का मर्डर:अफसर पत्नी ने शादी के बाद ही बॉयफ्रेंड के साथ प्लानिंग शुरू कर दी थी

बिहार के सुपौल में अफसर पत्नी ने चलती ट्रेन में अपने इंजीनियर पति की हत्या करा दी। पुलिस ने बताया कि 8 साल पहले 2018 में मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर अस्मिता की शादी इंजीनियर देव कुमार गुंजन से हुई थी। शादी के दूसरे दिन से ही अस्मिता पति की हत्या की साजिश रच रही थी। इसमें उसका बॉयफ्रेंड अजीत कुमार शामिल था। दोनों ने शूटर राजू कुमार को मर्डर के लिए 4 लाख रुपये की सुपारी दी थी। राजू ने पिछले महीने 11 जून को जनसाधारण एक्सप्रेस में देव कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपियों ने इसे लूटपाट के दौरान हुई घटना साबित करने की कोशिश की थी। पुलिस ने कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अस्मिता कुमारी, अजीत कुमार और शूटर राजू कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। अस्मिता, देव कुमार और अजीत कुमार ने 2017 में बिजली विभाग से एकसाथ अपना करियर शुरू किया था। देव-अस्मिता की शादी हुई, लेकिन शादी के बाद अस्मिता और अजीत करीब आ गए। जानिए इस हत्याकांड का हर पहलू 1. हत्या कब और कहां देव कुमार गुंजन 11 जून को जमुई से जनसाधारण एक्सप्रेस लेकर अपनी पत्नी अस्मिता से मिलने सुपौल जा रहे थे। रात करीब 8:30 बजे मानसी स्टेशन और बदलाघाट रेलवे स्टेशन के बीच शूटर राजू ने देवकुमार की हत्या कर दी। देव कुमार मूल रूप से झारखंड के गोड्डा के रहने वाले थे। वे जमुई के मलयपुर पावर ग्रिड में ग्रेड-वन टेक्नीशियन के पद पर थे। पत्नी अस्मिता सुपौल में मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (MVI) है। बॉयफ्रेंड भी ग्रेड-वन टेक्नीशियन की पोस्ट पर है। 2. पत्नी ने कहा- लूटपाट के विरोध में हत्या अस्मिता कुमारी ने पुलिस को बताया कि उनके पति ट्रेन में लूटपाट का विरोध करने पर मारे गए हैं। पुलिस ने इसी आधार पर अपनी जांच शुरू की। लुटेरों ने सिर्फ गुंजन को गोली क्यों मारी? क्या यह सिर्फ लूट थी? इन सवालों को जांच का आधार बनाया। 3. अस्मिता-अजीत के बीच 186 बार फोन कॉल देव कुमार गुंजन के मोबाइल फोन की जांच हुई तो पुलिस को एक नंबर मिला, जो कमीना नाम से सेव था। उस नंबर की कॉल डिटेल और चैट रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि पिछले एक साल में अस्मिता और उस नंबर के बीच 186 बार बातचीत हुई थी। घटना वाले दिन सुबह 3 बजे से लेकर वारदात तक दोनों के बीच लगातार कई बार व्हाट्सएप कॉल पर भी बात हुई थी। 4. कॉल डिटेल और तकनीकी सबूतों ने खुलासा किया रेल SP हरिशंकर कुमार ने बताया- हमें लूट की कहानी पर शक हुआ। SIT ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, तकनीकी सबूत के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। जांच में सामने आया कि यह हत्या लूटपाट का विरोध करने पर नहीं बल्कि प्रेम-प्रसंग और अवैध संबंध के कारण कराई गई थी। 5. 4 लाख में डील, 1.6 लाख एडवांस दिए पुलिस ने बताया कि हत्या के लिए जहानाबाद के घोसी निवासी राजू कुमार उर्फ धीरज को सुपारी दी गई। करीब चार लाख रुपए में हत्या की डील हुई। सुपारी की रकम प्रेमी अजीत कुमार ने शूटर तक पहुंचाई। ताकि कोई सुराग न बचे। शूटर को एडवांस के रूप में 1.60 लाख दिए गए। शूटर ने हत्या से पहले तीन बार ट्रेन में सफर कर रहे देवकुमार की आने-जाने की टाइमिंग को लेकर रेकी की थी।

अस्मिता और अजीत की प्रेम कहानी एक ऑफिस में तीनों ने एकसाथ काम शुरू किया था साल 2017 में अस्मिता कुमारी, देव कुमार गुंजन और अजीत कुमार ने एक साथ बिजली विभाग से अपना करियर शुरू किया था। तीनों ने एक ही विभाग में जॉइन किया। 9 साल पहले सभी ग्रेड-वन टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत थे। एक साल बाद 2018 में देव कुमार गुंजन और अस्मिता कुमारी ने शादी कर ली। कुछ साल बाद उनके घर एक बेटी का जन्म हुआ। शादी के बाद अस्मिता-अजीत करीब आए बाद में अजीत कुमार का तबादला नालंदा के करायपरसुराय हो गया, जबकि देवकुमार गुंजन की पोस्टिंग जमुई के मलयपुर में हुई। 2023 में अस्मिता का बिहार सरकार में मोटर वाहन निरीक्षक (MVI) के पद पर सेलेक्शन हुआ। उसकी पोस्टिंग सुपौल में हुई। इसी दौरान अजीत कुमार से अस्मिता की नजदीकियां बढ़ीं। शादी के बाद भी अस्मिता और अजीत के बीच संबंध बने रहे। दोनों के रिश्ते में देवकुमार बाधा बन रहे थे। इसी कारण दोनों ने उन्हें रास्ते से हटाने का फैसला किया। ———– इसे भी पढ़िएः BDO-लेडी SI की प्रेम कहानी के बीच पति-पत्नी का ऑडियो:अमृता बोली- मैंने जहर खा लिया, BPSC अफसर बोला- ऐसा मत करो, किसी को भेजता हूं BDO मनोज कुमार और उनकी गर्लफ्रेंड दरोगा अन्नू कुमारी की प्रेम कहानी के बीच 2 ऑडियो सामने आए हैं। दरभंगा के जाले के BDO मनोज की बहन पूजा ने 1 मिनट 29 सेकेंड और 7 मिनट का ऑडियो भास्कर को उपलब्ध कराया है। पूजा का दावा किया- ‘पहले ऑडियो में मेरी भाभी अमृता खुद जहर खाने की बात कह रही है। ऑडियो में मेरा भाई मनोज रो रहा है और कह रहा है कि मैं किसी पड़ोसी को भेज रहा हूं, जो तुम्हें डॉक्टर के पास ले जाएगा।’ वहीं, दूसरा ऑडियो 7 जुलाई से 15 दिन पहले का है। इसमें मनोज और उनकी पत्नी के भाई राजकुमार के बीच बातचीत हो रही है। ऑडियो में मनोज कह रहे हैं- ‘अमृता की तबीयत ठीक नहीं है, उसे साइकोलॉजिस्ट के पास ले जाना होगा।’ पूरी खबर पढ़िए

सांसद संजना जाटव की पुलिस से हुई नोकझोंक:घायल मिले युवक की मौत के बाद लोगों का फूटा आक्रोश, 27 घंटे बाद हुआ अंतिम संस्कार

डीग जिले के कुम्हेर थाना क्षेत्र के चौकीपुरा गांव में एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत के बाद बवाल हो गया। मृतक के परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
बाद में भरतपुर सांसद संजना जाटव ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया और शव को लेकर आईजी कार्यालय जाने का प्रयास किया। इस दौरान 3 मांगों पर सहमति बनने के बाद 27 घंटे बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया जानकारी के अनुसार चौकीपुरा निवासी 40 वर्षीय धर्मवीर पुत्र भंवर सिंह 4 दिन पहले गांव के बाहर घायल अवस्था में मिले थे। उन्हें आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर हालत में जयपुर रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि पीट-पीटकर की गई हत्या है। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पहले कुम्हेर थाने पर प्रदर्शन किया। सांसद और पुलिस में हुई नोकझोंक
स्थानीय प्रशासन से बात नहीं बनने पर सांसद संजना जाटव मृतक के गांव पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं। जब कोई समाधान नहीं निकला, तो सांसद ने शव को ट्रैक्टर में रखकर आईजी कार्यालय ले जाने का प्रयास किया।
इस दौरान रास्ते में सांसद और पुलिस प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, और ग्रामीणों ने ‘प्रशासन मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। एसपी, एसडीएम पहुंचे, 3 मांगों पर बनी सहमति
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीग एसपी और कुम्हेर एसडीएम मौके पर पहुंचे। सांसद और ग्रामीणों से लंबी बातचीत के बाद 3 मांगों पर सहमति बनी। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया कि हत्यारों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा, शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए।
सहमति बनने के बाद 27 घंटे‎ बाद शव का दाह संस्कार हो सका। सांसद बोलीं- मेरे साथ पुलिस ने बदतमीजी की
पूरे मामले को लेकर सांसद संजना जाटव ने बताया कि मुझे सूचना मिली तो मैं भी गांव पहुंच गई, जहां मैने प्रशासन से बात की तो मुझे भी संतुष्ट जवाब नहीं मिला और मजबूरन मुझे धरने पर बैठना पड़ा। जब मैं न्याय के लिए शव को आईजी ऑफिस ले जाने लगी तो पुलिस कर्मी मेरे आगे खड़े हो गए और शव को नहीं ले जाने दिया। इसके बाद मौके पर तनावपूर्ण माहौल हो गया और पुलिस की इस हरकत को देख ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। मेरे और ग्रामीणों के साथ पुलिस प्रशासन के द्वारा बदतमीजी की गई। मुझे मजबूरन कहा गया कि आप मेरे को हथकड़ी लगाए और जेल में डालें।
इसके बाद मौके पर डीग एसपी कांबले गोपीनाथ शरण और एसडीएम श्रेष्ठा कुमारी पहुंचे, जिन्होंने तीनों मांगों पर सहमति जताते हुए आश्वासन दिया।
एसपी बोले- मांगों पर सहमति बनने के बाद हंगामा हुआ खत्म
इधर एसपी कांबले गोपीनाथ शरण ने बताया कि हंगामे की सूचना मिलने के बाद मैं मौके पर पहुंचा और आश्वासन दिया कि जो मांगे है, उन पर कार्रवाई की जाएगी और जो दोषी हैं उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। मांगों पर सहमति बनने के बाद हंगामा खत्म हो गया। फिलहाल मौके पर शांति व्यवस्था बनी हुई है। एएसपी अखिलेश कुमार शर्मा ने कहा कि कुछ लोग इस मामले को राजनीतिक तूल देना चाह रहे है। पुलिस बार-बार पीड़ित परिवार को आश्वासन दे रही थी जो दोषी होंगे उन्हें नहीं बख्शा नहीं जाएगा। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया है।

अलवर में चार दिन नहीं होगी बारिश:20-21जुलाई को बरसात के आसार; बिजली गिरने की चेतावनी, उमस बढ़ी

अलवर जिले में एक बार फिर गर्मी और उमस का असर बढ़ने लगा है। गुरुवार सुबह से तेज धूप खिलने के कारण लोगों को उमसभरी गर्मी का सामना करना पड़ा। तापमान बढ़ने के साथ दिन में गर्मी और ज्यादा महसूस होने की संभावना है। मौसम विभाग ने पहले 19 जुलाई तक घने बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना जताई थी, लेकिन ताजा पूर्वानुमान में बदलाव करते हुए अब 19 जुलाई तक बारिश की संभावना लगभग समाप्त कर दी है। इस दौरान केवल आंशिक बादल छाए रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं 20 और 21 जुलाई को जिले में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इन दोनों दिनों के लिए आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। मानसून की अच्छी बारिश का इंतजार हालांकि मंगलवार को हुई अच्छी बारिश से जमीन में नमी जरूर आई है, लेकिन मानसून की एंट्री होने के बावजूद जिले को अब तक अपेक्षित बारिश नहीं मिल सकी है। अच्छी बारिश के इंतजार में लोग लगातार आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। अभी तक नहीं चले झरने हर साल बारिश के मौसम में लोग वाटरफॉल और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का रुख करते हैं, लेकिन इस बार पर्याप्त बारिश नहीं होने से झरने और जल स्रोत अभी तक पूरी तरह नहीं भर पाए हैं। ऐसे में जिलेवासियों को अब अच्छी मानसूनी बारिश का इंतजार है।