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चेस वर्ल्ड कप; सबसे बड़े टूर्नामेंट का फॉर्मेट बदला:प्राइज मनी 22% बढ़ी, खिलाड़ियों की संख्या बढ़कर 224 हुई

दुनिया के सबसे बड़े शतरंज टूर्नामेंट फिडे वर्ल्ड कप का फॉर्मेट अगले साल से पूरी तरह बदल जाएगा। अब शुरुआत से नॉकआउट मैच नहीं होंगे। पहले सभी खिलाड़ी स्विस लीग खेलेंगे। उसके बाद सिर्फ टॉप-16 खिलाड़ी नॉकआउट में पहुंचेंगे। इससे खिलाड़ियों को ज्यादा मैच खेलने का मौका मिलेगा। जानिए क्या हैं अहम बदलाव फिडे वर्ल्ड कप 2027 में क्या बड़ा बदलाव हुआ है? अब तक फिडे वर्ल्ड कप पूरी तरह नॉकआउट फॉर्मेट में खेला जाता था। 2027 से इसकी शुरुआत स्विस सिस्टम से होगी। ओपन वर्ग में 224 और महिला वर्ग में 128 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। ओपन के खिलाड़ियों को 56-56 के 4 ग्रुप में बांटा जाएगा। हर खिलाड़ी 9 राउंड खेलेगा। इसके बाद हर ग्रुप के टॉप-4 खिलाड़ी नॉकआउट के राउंड ऑफ-16 में पहुंचेंगे। महिला वर्ग में दो ग्रुप होंगे और हर ग्रुप से 8 खिलाड़ी आगे बढ़ेंगी। नया फॉर्मेट क्यों लाया गया? पहले वर्ल्ड कप करीब चार हफ्ते तक चलता था। कई खिलाड़ी पहले ही दो मैच हारकर बाहर हो जाते थे, जबकि कुछ खिलाड़ियों को लगभग एक महीने तक खेलना पड़ता था। फिडे का मानना है कि इतना लंबा टूर्नामेंट खिलाड़ियों और आयोजकों दोनों के लिए मुश्किल हो गया था। नए फॉर्मेट से प्रतियोगिता करीब एक हफ्ते छोटी हो जाएगी और सभी खिलाड़ियों को कम से कम 9 मुकाबले खेलने का मौका मिलेगा। टाइम कंट्रोल और नॉकआउट में क्या बदलाव होगा? स्विस चरण में फास्ट क्लासिकल टाइम कंट्रोल रहेगा। हर खिलाड़ी को पूरे मुकाबले के लिए 45 मिनट मिलेंगे और हर चाल पर 30 सेकंड का अतिरिक्त समय मिलेगा। स्विस चरण सिर्फ पांच दिन में पूरा होगा, जिसमें चार दिन डबल राउंड होंगे। इसके बाद राउंड ऑफ-16 से वही पुराना नॉकआउट फॉर्मेट रहेगा, जिसमें दो क्लासिकल गेम होंगे। बराबरी रहने पर रैपिड और ब्लिट्ज टाईब्रेक से विजेता तय होगा। प्लेयर्स की संख्या और प्राइज मनी में क्या बदलाव है? ओपन वर्ग में खिलाड़ियों की संख्या 206 से बढ़ाकर 224 और महिला वर्ग में 107 से बढ़ाकर 128 कर दी गई है। कुल इनामी राशि भी बढ़ाकर करीब 32 करोड़ रुपए कर दी गई है, जो पहले 26 करोड़ रुपए हुआ करती थी। इसमें ओपन वर्ग के लिए लगभग 22 करोड़ और महिला वर्ग के लिए 10 करोड़ होंगे। हालांकि दोनों वर्गों में विजेता की पुरस्कार राशि पहले की तरह क्रमशः करीब 1.15 करोड़ और 48.1 लाख रुपए ही रहेगी।

रिपोर्ट- बुमराह मुंबई इंडियंस के कप्तान बन सकते हैं:पंड्या को दूसरी टीम से बदलने की संभावना; अगले हफ्ते रिव्यू मीटिंग में फैसला

तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह मुंबई इंडियंस के अगले कप्तान बन सकते हैं। हार्दिक पंड्या और टीम में शामिल एक पूर्व भारतीय कप्तान ट्रेड हो सकते हैं। हेड कोच महेला जयवर्धने समेत कोचिंग स्टाफ में भी बदलाव हो सकता है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इन सभी मुद्दों पर अंतिम फैसला अगले हफ्ते इंग्लैंड में होने वाली रीव्यू मीटिंग में लिया जा सकता है। बैठक में अंबानी परिवार और फ्रेंचाइजी के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। पिछले 5 सीजन में मुंबई का प्रदर्शन खराब रहा है। टीम पिछले सीजन में 4 मैच जीतकर 8 अंकों के साथ 9वें स्थान पर रही थी। मुंबई इंडियंस ने अपना पिछला IPL टाइटल 2020 में रोहित शर्मा की कप्तानी में जीता था। फाइनल में दिल्ली को 5 विकेट से हराया था। हार्दिक पंड्या को कप्तान बनाया, लेकिन प्रदर्शन नहीं सुधरा फ्रेंचाइजी ने 27 नवंबर 2023 को हार्दिक पंड्या को ट्रेड करके अपने साथ जोड़ा और फिर कप्तान बनाया था। लेकिन पंड्या की कप्तानी में टीम का प्रदर्शन नहीं सुधरा। ड्रेसिंग रूम में अनबन की स्थिति बनी और कुछ रिपोर्ट्स में गुटबाजी की बातें भी सामने आईं। हालांकि, इस पर टीम या मैनेजमेंट ने कुछ नहीं कहा। ड्रेसिंग रूम में अनबन और लगातार बदलती रणनीतियों का असर टीम के प्रदर्शन पर पड़ा। हार्दिक पंड्या की कप्तानी में मुंबई ने 39 मैच खेले हैं, लेकिन 15 में ही जीत हासिल की है। जसप्रीत बुमराह कप्तानी की रेस में सबसे आगे मुंबई इंडियंस 2027 सीजन के लिए स्थायी कप्तान बनाना चाहती है। टीम अस्थायी या कामचलाऊ कप्तान के साथ आगे नहीं बढ़ना चाहती। कप्तानी की रेस में जसप्रीत बुमराह सबसे आगे हैं। पिछले तीन सीजन में उनका प्रदर्शन लगातार अच्छा रहा है। बुमराह ने IPL 2026 में हार्दिक और सूर्या की गैरमौजूदगी में पंजाब किंग्स के खिलाफ टीम की कमान संभाली है। उस समय उन्होंने कहा था, ‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुंबई इंडियंस की कप्तानी करने से पहले मैं भारतीय टेस्ट टीम का कप्तान बन जाऊंगा।’ बुमराह के अलावा तिलक वर्मा का नाम भी चर्चा में है, लेकिन टी-20 में उनकी हालिया फॉर्म अच्छी नहीं रही। माना जा रहा है कि कम उम्र में कप्तानी मिलने से उनकी बल्लेबाजी पर असर पड़ सकता है। हार्दिक पंड्या के ट्रेड पर भी नजर मुंबई इंडियंस के ऑलराउंडर और पूर्व कप्तान हार्दिक पंड्या के भविष्य को लेकर चर्चा तेज है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई IPL फ्रेंचाइजी उन्हें लेना चाहती हैं। अगले हफ्ते होने वाली बैठक के बाद ही हार्दिक के भविष्य की तस्वीर साफ होगी। ————————————————————— IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… धोनी CSK के मेंटर बन सकते हैं, सैमसन कप्तानी की रेस में सबसे आगे; कोच फ्लेमिंग ने टीम छोड़ी महेंद्र सिंह धोनी चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के मेंटर बन सकते हैं। हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग के 18 साल बाद टीम छोड़ने के बाद फ्रेंचाइजी बड़े बदलाव की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक CSK मैनेजमेंट धोनी को मेंटर की जिम्मेदारी सौंपने पर विचार कर रहा है। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला उनकी सहमति के बाद ही लिया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर

वाशिंगटन सुंदर बोले-इंग्लैंड के खिलाफ फिफ्टी का क्रेडिट गंभीर को:उन्होंने ही राहुल से पहले बैटिंग के लिए भेजा, वे मेरा रोल बेहतर समझते हैं

ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर ने इंग्लैंड के खिलाफ मैच विनिंग पारी का श्रेय गौतम गंभीर को दिया है। पहले वनडे में केएल राहुल की जगह नंबर-5 पर उतरे वॉशिंगटन ने अक्षर पटेल (57*) के साथ छठे विकेट के लिए 102 रन की नाबाद साझेदारी कर भारत को छह विकेट से जीत दिलाई। नाबाद 52 रन बनाने वाले सुंदर ने जीत के बाद कहा- गौती भाई ने बल्लेबाजी में अपनी क्षमता पहचानने में मेरी मदद की। उन्होंने समझाया कि मैं बैट से टीम के लिए क्या योगदान दे सकता हूं। साथ ही आशीष नेहरा ने भी मुझे अपने खेल और खुद को बेहतर तरीके से समझने में काफी मदद की।’ सुंदर की 3 बातें… भारत ने 6 विकेट से जीता मुकाबला, सीरीज में 1-0 से आगे
अक्षर के दोहरे प्रदर्शन के दम पर भारत ने 3 वनडे मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला 6 विकेट से जीत लिया। एजबेस्टन में 259 रन का पीछा करते हुए भारत ने 45.2 ओवर में 4 विकेट पर 262 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। दूसरा मैच 16 जुलाई को कार्डिफ में खेला जाएगा। टीम इंडिया 1-0 की बढ़त पर है। पढ़ें पूरी खबर

कर्नाटक- जज की कुर्सी पर काला जादू करने का आरोप:65 साल की महिला गिरफ्तार; केस का फैसला अपने पक्ष में कराना चाहती थी

कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर में 65 साल की महिला मंजुला को जज की कुर्सी पर काला जादू करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोप है कि महिला लंबित पारिवारिक सिविल केस का फैसला अपने पक्ष में कराना चाहती थी। पुलिस के मुताबिक, घटना 9 जुलाई की है। मामला 14 जुलाई को सामने आया। जज की कुर्सी पर सरसों के दाने बिखेरे पुलिस के मुताबिक, 9 जुलाई सुबह करीब 9:40 बजे फर्स्ट एडिशनल सीनियर सिविल जज एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में हुई। आरोप है कि महिला कोर्ट रूम में दाखिल हुई और जज की मेज पर ‘पूजा’ किए हुए सफेद सरसों के दाने बिखेर दिए। CCTV फुटेज से मामला सामने आया दिल्ली कोर्ट में चावल फेंकने पर डॉक्टर पर जुर्माना पिछले साल दिल्ली की तीस हजारी अदालत में हत्या के एक मामले का सामना कर रहे डॉक्टर चंदर विभास ने सुनवाई शुरू होने से पहले कथित तौर पर कोर्ट रूम में चावल के दाने बिखेर दिए। इस वजह से कार्यवाही 15-20 मिनट तक रोकनी पड़ी। कुछ वकीलों ने इसे भी कथित तौर पर काला जादू या टोटका बताया था। जज शेफाली बरनाला टंडन ने उन्हें अदालत एक दिन हिरासत में रखा। 2,000 रुपए का जुर्माना लगाया, जिसे डॉक्टर ने उसी दिन जमा कर दिया। —————————————— ये खबर भी पढ़ें… वकील ने CJI का नाम लेकर अपशब्द कहे, सुप्रीम कोर्ट में जजों को आदेश देने लगा, फाइल फेंकी सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई के दौरान एक वकील ने हंगामा किया। सीजेआई सूर्यकांत को अपशब्द कहे और फाइल भी फेंकी। इस दौरान सीजेआई कोर्ट रूम में मौजूद नहीं थे। यह घटना जस्टिस केवी विश्वनाथन, जस्टिस आलोक अराधे की बेंच के सामने हुई। हंगामे के बाद कोर्ट के आदेश पर सिक्योरिटी ने वकील को तुरंत बाहर निकाल दिया। पूरी खबर पढ़ें…

सोना ₹26 बढ़कर ₹1.42 लाख पर पहुंचा:चांदी ₹264 घटकर ₹2.20 लाख किलो पर आई, कैरेट के हिसाब से देखें गोल्ड की कीमत

सोने के दाम में आज यानी 15 जुलाई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 26 रुपए बढ़कर 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं एक किलो चांदी 264 रुपए घटकर 2.20 लाख रुपए पर आ गई है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत सोना इस साल ₹9 हजार महंगा हुआ इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 9 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 10 हजार रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.20 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA सोने-चांदी के दाम में गिरावट की वजह सोने-चांदी में एकमुश्त निवेश से बचें कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके

लुधियाना में स्कूल बस ने बच्चे को कुचला:मां के सामने मौत; दोनों टायर चढ़ने से सड़क पर चिपका मांस, डस्टपैन से समेटा

लुधियाना में बुधवार सुबह 3 साल के बच्चे को प्राइवेट स्कूल की बस ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बस के अगले और पिछले टायर ऊपर से गुजरने के कारण सड़क पर मांस चिपक गया। बच्चा अपनी मां के साथ बड़ी बहन को स्कूल बस में बैठाने घर के बाहर आया था। हादसे के बाद ड्राइवर बस लेकर भागने लगा, लेकिन ग्रामीणों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। बताया जा रहा कि ड्राइवर के पास वैध लाइसेंस नहीं है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। हादसा कोहाड़ा क्षेत्र के गांव शालू भैणी में हुआ। बच्चे की एक बहन है। अब सिलसिलेवार पूरा मामला पढ़िए… बेटी को स्कूल बस में बैठाने आई थी महिला
बुधवार सुबह करीब 7 बजे अमनदीप अपनी बेटी रमनदीप कौर को स्कूल बस में बैठाने के लिए घर के बाहर गई थी। उनके साथ बेटा समरदीप भी था। इसी दौरान स्कूल बस पहुंची। अमनदीप बेटी को बस में चढ़ाने लगीं, जबकि समरदीप बस के आगे की ओर चला गया। बेटी के बस में बैठते ही ड्राइवर ने बस आगे बढ़ा दी। ड्राइवर को बस के आगे खड़ा मासूम दिखाई नहीं दिया और बस उसके ऊपर से गुजर गई। दोनों टायर बच्चे के ऊपर से गुजरे
मां अमनदीप के मुताबिक पहले बस का अगला टायर और फिर पीछे का टायर भी मासूम के ऊपर से गुजर गया। हादसा इतना भयावह था कि परिवार के सामने ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि दुर्घटना के बाद ड्राइवर बस रोकने की बजाय मौके से भागने लगा। लोगों ने आवाज लगाई, लेकिन वह नहीं रुका। ग्रामीणों ने पीछा कर ड्राइवर को पकड़ा
हादसे के बाद ग्रामीणों और राहगीरों ने अपने वाहनों से बस का पीछा किया। कुछ दूरी पर नजदीकी गांव के पास ड्राइवर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पकड़े जाने पर ड्राइवर ने कहा कि हादसे में उसकी कोई गलती नहीं है। इस बयान से लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे भीड़ से छुड़ाकर हिरासत में ले लिया। चाचा ने कहा- बस में अटेंडेंट नहीं था
मृतक के चाचा रशपिंदर सिंह ने कहा कि स्कूल बस में बच्चों को चढ़ाने और उतारने के लिए कोई अटेंडेंट मौजूद नहीं था। बस चला रहा युवक करीब 19 साल का है। हादसे के बाद जब ड्राइवर से लाइसेंस दिखाने को कहा गया तो उसने बताया कि लाइसेंस उसके पास नहीं है और उसकी फोटो मोबाइल में है। हालांकि, उसका फोन टूटा होने के कारण वह फोटो नहीं दिखा सका। स्कूल बस की हालत भी ठीक नहीं थी
रशपिंदर सिंह ने कहा कि कंडियाना कलां स्थित यह स्कूल नौवीं कक्षा तक है और इसकी बस की हालत भी ठीक नहीं थी। उन्होंने मांग की कि सभी स्कूल बसों की जांच कर सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीण बोले- दोषियों पर हो कार्रवाई
हादसे के बाद ग्रामीणों ने कहा कि यदि ड्राइवर सावधानी से बस चलाता या हादसे के तुरंत बाद रुककर मदद करता तो स्थिति अलग हो सकती थी। इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी जांच की जाए कि ड्राइर की नियुक्ति किस आधार पर की गई और क्या उसके पास जरूरी दस्तावेज मौजूद थे। हरियाणा नंबर की बस, नंबर प्लेट भी नहीं लगी थी
ग्रामीणों ने कहा कि कि स्कूल बस हरियाणा नंबर की है। उनका कहना है कि नियमों के अनुसार यह बस यहां संचालित नहीं होनी चाहिए। पीछे की ओर नंबर प्लेट भी नहीं लगी थी। पुलिस बोली- जांच के बाद होगी कानूनी कार्रवाई
थाना कुमकलां के हेड कॉन्स्टेबल जगतार सिंह ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि ड्राइवर के पास वैध लाइसेंस नहीं मिला या किसी प्रकार की लापरवाही साबित हुई तो उसके अनुसार संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। बच्चे के शव को सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया है सुरक्षा नियमों की कई स्तर पर अनदेखी हुई
ट्रैफिक एक्सपर्ट अजय शर्मा ने कहा कि बाहरी राज्य की नंबर प्लेट लगाकर स्कूल बस शहर में चल नहीं सकती। यह सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी का उल्लंघन है। बच्चों की सुरक्षा के लिए ये सबसे बड़ा खतरा है। इसके लिए ट्रांसपोर्ट विभाग, ट्रैफिक पुलिस और स्कूल प्रशासन तीनों बराबर के जिम्मेदार हैं। इनके खिलाफ बच्चों की सुरक्षा खतरे में डालने के तहत मुकदमा दर्ज होना चाहिए, क्योंकि यह अपनी ड्यूटी इमानदारी से नहीं कर रहे। आज भी जो एक्सीडेंट में बच्चे की जान गई है उस बस पर सबसे पहले हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं है। स्कूल परमिट नहीं है। बस फिटनेस नहीं है। अटेंडेट ना होना बड़ी लापरवाही है। बस का जो नंबर लिखा है वह भी क्लियर नहीं है।

स्विफ्ट ने स्कूटी सवार दोस्तों को उड़ाया, दोनों की मौत:स्कूटी को 2 किमी घसीटा, टायर फटा तो छोड़ फरार हुआ

झुंझुनूं में स्विफ्ट कार ड्राइवर ने स्कूटी सवारों 2 को जोरदार टक्कर मार दी। दोनों स्कूटी से उछलकर गिर गए और स्कूटी कार के नीचे गई फंस गई। कार सवार इसके बावजूद भी स्कूटी को घसीटता हुआ करीब 2 किमी ले गया। इसके वाद कार का टायर फट गया। इसके बाद वह कार छोड़ कर फरार हो गया। मामला गुढ़ागौड़जी थाना इलाके का मंगलवार रात का है। दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, हादसे में संत कुमार सैनी (35) और जावेद (41) की मौत हो गई है। संत किशोरपुरा निवासी था और होटल पर काम करता था। जावेद इस्लामपुरा का रहने वाला था और मजदूरी करता था। वे दोनों एक होटल पर खाना खाकर झुंझुनूं की तरफ निकले ही थे कि होटल से महज 100 मीटर की दूरी पर ही यह भीषण हादसा हो गया। टायर फटा तो कार छोड़ कर भागा ​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद भी कार चालक नहीं रुका। स्कूटी कार के अगले हिस्से में फंसी होने के बावजूद चालक उसे तेज रफ्तार में घसीटता रहा। करीब दो किलोमीटर दूर ‘दूडीया’ गांव के पास कार का टायर फट गया, जिससे कार रुक गई। मौका पाकर चालक कार को वहीं छोड़ फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और निजी एंबुलेंस की मदद से दोनों के शवों को गुढ़ागौड़जी सीएचसी की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को अपने कब्जे में ले लिया है और फरार ड्राइवर की तलाश में जुटी है।

अक्षर पटेल बोले- नए बैटर्स के लिए मुश्किल थी पिच:मैंने टाइमिंग पर ध्यान दिया, कुछ देर रुकने के बाद पार्टनरशिप बिल्ट की

भारतीय ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में उनकी मैच जिताऊ पारी का राज ताकत के बजाय टाइमिंग पर भरोसा करना था। प्लेयर ऑफ द मैच रहे अक्षर ने कहा कि वे टी-20 सीरीज के दौरान वे गेंद को जरूरत से ज्यादा जोर से मारने की कोशिश कर रहे थे, जबकि वनडे में उन्होंने परिस्थितियों के मुताबिक बल्लेबाजी की। अक्षर ने कहा- ‘एजबेस्टन की पिच शुरुआत में बैटर्स के लिए मुश्किल थी। नए बैटर्स को सेट होने के लिए समय चाहिए था। एक बार सेट होने के बाद हमारा फोकस पार्टनरशिप बिल्ट करने पर था।’ अक्षर ने इंग्लैंड के खिलाफ 52 गेंदों पर 57 रन की अहम पारी खेली और टीम को जीत दिलाई थी। उन्होंने 9.5 ओवर में 4 विकेट भी झटके। इसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। पिच मुश्किल थी, सेट होने में टाइम लगा : अक्षर अक्षर ने कहा कि एजबेस्टन की पिच शुरुआत में बल्लेबाजों के लिए आसान नहीं थी और नए बल्लेबाज को सेट होने के लिए समय चाहिए था। अक्षर ने कहा, ‘जो भी नया बल्लेबाज क्रीज पर आया, उसे शुरुआत में दिक्कत हुई। जो रूट और लियाम डॉसन के लिए भी रन बनाना तब आसान हुआ जब साझेदारी बन गई। ऐसी पिच पर आते ही बड़े शॉट नहीं खेले जा सकते, क्योंकि गेंद स्विंग और सीम दोनों कर रही थी। पहले खुद को समय देना जरूरी था।’ सीनियर्स की वापसी से आत्मविश्वास बढ़ा अक्षर ने कहा कि रोहित शर्मा, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह और केएल राहुल जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी से टीम में आत्मविश्वास और सुकून का माहौल बना है। अक्षर ने कहा, ‘हम लंबे समय से साथ खेल रहे हैं। हमने साथ में कई मैच जीते और कुछ हारे भी हैं। हर खिलाड़ी अपनी भूमिका अच्छी तरह जानता है। टीम के भीतर अच्छी समझ है और मैदान पर खिलाड़ियों के बीच जो मस्ती और तालमेल दिखता है, वही टीम को सहज माहौल देता है।’ भारत ने 6 विकेट से जीता मुकाबला, सीरीज में 1-0 से आगे अक्षर के दोहरे प्रदर्शन के दम पर भारत ने 3 वनडे मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला 6 विकेट से जीत लिया। एजबेस्टन में 259 रन का पीछा करते हुए भारत ने 45.2 ओवर में 4 विकेट पर 262 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। दूसरा मैच 16 जुलाई को कार्डिफ में खेला जाएगा। टीम इंडिया 1-0 की बढ़त पर है। पढ़ें पूरी खबर

कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री का भाई शालिगराम गिरफ्तार:जमीन विवाद में युवक को गोली मारने का आरोप; 4 आरोपियों में से दो पकड़े गए

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के भाई शालिगराम गर्ग और उसके एक साथी को छतरपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। शालिगराम समेत 4 लोगों पर जमीन विवाद में मोतीलाल कुशवाहा नाम के युवक को गोली मारने का आरोप है। मामला राजनगर में गौशाला के पीछे की जमीन के विवाद से जुड़ा है। पुलिस ने शालिगराम और अंकित मिश्रा को बुधवार शाम को गिरफ्तार किया है जबकि दो आरोपी अब भी फरार हैं। घायल मोतीलाल कुशवाहा राजनगर थाना इलाके के कोड़ा गांव का रहने वाला है। उसे मंगलवार को गोली लगने के बाद गंभीर हालत में छतरपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मोतीलाल ने पुलिस को बताया था- शालिगराम गर्ग मेरी जमीन छीनना चाहते हैं। वे सतीश सिंह घोष, तुलसी मिश्रा, अंकित मिश्रा, आशीष और दूसरे साथियों के साथ मंगलवार सुबह मेरे घर पहुंचे। मुझे घर से बाहर खींच लाए। सभी ने लाठी-डंडों से हमला किया। इसके बाद शालिगराम ने तीन-चार राउंड फायर किया। एक गोली मेरे सीने में लगी। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें शालिगराम और उसके साथी भागते दिख रहे हैं। घायल युवक के परिजन उनका पीछा कर रहे हैं। वीडियो के एक फ्रेम में शालिगराम के हाथ में हथियार दिख रहा है। वकील ने आरोप लगाते हुए जारी किया था वीडियो बुधवार सुबह स्थानीय वकील बृज किशोर पांडे ने फेसबुक पोस्ट और वीडियो जारी किया था। उन्होंने वीडियो में शालिगराम से जमीन विवाद होने की बात कही थी। दावा किया कि इसकी सूचना पहले ही राजनगर थाना प्रभारी को देकर घटना की आशंका जताई थी। कहा था- सहयोगी को पीटा, फिर गोली मार दी बृज किशोर पांडे ने कहा कि मंगलवार सुबह शालिगराम गर्ग और अन्य लोग उन्हें तलाशते हुए कोंड़ा गांव स्थित उनके घर पहुंचे थे। उस समय वे दिल्ली में थे। जब वे नहीं मिले तो गांव में उनके सहयोगी मोतीलाल कुशवाहा से मारपीट की गई। उन्हें गोली मार दी गई। जमीन पर कब्जा करने की नीयत से पहुंचे थे आरोपी पांडे ने कहा- खसरा नंबर 683 की जमीन मेरे पिता आशाराम पांडेय के नाम दर्ज है। 17 जून 2026 को बुवाई के लिए ट्रैक्टर से जुताई कराई गई थी। इसके बाद शालिगराम गर्ग, उनके भाई लोकेश गर्ग, अखिलेश गर्ग और अन्य लोग जमीन पर कब्जा करने की नीयत से पहुंचे। उन्होंने रात में ट्रैक्टर से मिट्टी डालकर गड्ढे और टीले बनाए। जबरन बाउंड्री बनाना शुरू कर दिया। इस मामले में 14 अप्रैल 2026 को लिखित शिकायत और ऑनलाइन ई-एफआईआर नंबर 921318048260004 की गई थी, लेकिन प्रशासन ने न एफआईआर दर्ज की और न आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की। इसके बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं कि जमीन पर कब्जा करके रहेंगे। प्रशासन उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। पांडे ने आशंका जताई है कि यदि उनके या परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। एडवोकेट पांडे बोले- जबरन जमीन हड़पना चाह रहे एडवोकेट बृज किशोर पांडे ने दैनिक भास्कर को फोन पर बताया कि उनका गांव कोड़ा, धीरेंद्र शास्त्री के गांव गढ़ा से करीब 3 किलोमीटर दूर है। बागेश्वर धाम की ‘बागेश्वर जन सेवा समिति’ की गौशाला के पीछे उनके परिवार के पांच सदस्यों- आशाराम पांडे, शोभाराम पांडे, ममता पांडे, टीकाराम पांडे और रामबहादुर पांडे के नाम करीब 15 एकड़ जमीन दर्ज है। पांडे का कहना है कि उन्हें कई बार बागेश्वर धाम बुलाकर जमीन बेचने के लिए कहा गया, लेकिन परिवार ने इनकार कर दिया। इसके बाद उन्हें धमकियां मिलने लगीं। उनका यह भी दावा है कि कोड़ा गांव में गौशाला, कैंसर अस्पताल और अन्य निर्माण कार्यों के चलते आसपास की जमीनें हासिल करने की कोशिश की जा रही है। घायल बोला- शालिगराम ने घर पहुंचकर गोली मारी गोली लगने से घायल मोतीलाल कुशवाहा ने आरोप लगाया कि 14 जुलाई की दोपहर करीब एक बजे शालिगराम गर्ग अपने साथियों के साथ घर पहुंचा और जमीन विवाद को लेकर मारपीट की। इसके बाद चार राउंड फायरिंग की। एक गोली मोतीलाल के कान को छूते हुए निकल गई जबकि दूसरी गोली पसली में लगी। परिजन ने उन्हें छतरपुर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर पसली में फंसी गोली निकाल दी। देर रात उन्हें ग्वालियर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। हमला करने वालों ने भी वीडियो जारी कर लगाया आरोप वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से तुलसी मिश्रा ने इन आरोपों का खंडन किया। उनका कहना है कि वे गांव के रास्ते से गुजर रहे थे। इसी दौरान मोतीलाल कुशवाहा और उनके परिजन ने पुराने जमीन विवाद को लेकर उन पर हमला कर दिया, जिसमें उन्हें भी चोटें आईं। धीरेंद्र शास्त्री बोले- हमारा कोई संबंध नहीं मामला सामने आने के बाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बयान आया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल से उनका अपने भाई शालिगराम गर्ग से कोई संबंध नहीं है। मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… युवक बोला- धीरेंद्र शास्त्री के भाई ने पीटा, गोली मारी छतरपुर में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिगराम गर्ग पर एक युवक को गोली मारने का आरोप लगा है। गोली युवक के सीने में लगी और पसलियों में जा फंसी। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर गोली निकाली। पढ़ें पूरी खबर…

श्रीगंगानगर में डेरा विवाद, दीवाली नाथ पर कब्जे के आरोप:पूर्व सरपंच बोलीं- महंत ने हरे पेड़ कटवाए, दीवार तोड़ी; कार्रवाई नहीं हुई तो धरना देंगे

श्रीगंगानगर जिले के मुकलावा में स्थित शिव मंदिर डेरा बारुनाथ में संचालक दीवाली नाथ पर हरे पेड़ कटवाने और अवैध कब्जे करने के आरोप लगे हैं। महंतों व ग्रामीणों ने डेरे को दीवाली नाथ से मुक्त करवाने की मांग की है। पूर्व सरपंच शकुंतला के नेतृत्व में ग्रामीणों ने रायसिंहनगर एसडीएम पूनम चंद को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि पूजा-अर्चना के लिए लगाए गए हरे पेड़ों को दीवाली नाथ ने कटवा दिया है। साथ ही डेरे की चारदीवारी भी तोड़ दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि दीवाली नाथ ने डेरे पर अवैध कब्जा जमा रखा है। ऐसे में महंत जीतनाथ को कब्जा दिलाने की मांग की जा रही है।

मुकलावा की पूर्व सरपंच शकुंतला ने कहा- दो साल पहले जीतनाथ जी ने ही दिवाली नाथ को यहां बिठाया था। अब वही यहां कब्जा जमाए बैठे हैं। हमारे सामने दिवाली नाथ की कई गलतियां भी आई हैं। हमने एसडीएम को पूरी जानकारी दी है। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अगर समय रहते कोई कार्रवाई नहीं होती तो हम मजबूरन विरोध-प्रदर्शन और धरना करेंगे।