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इस साल 2.64 लाख अधिकारी-कर्मचारियों की नहीं बढ़ेगी सैलरी:प्रमोशन भी नहीं होगा, जानिए- राजस्थान सरकार ने ऐसा क्यों किया

एक जनवरी, 2026 की स्थिति में अपनी अचल संपत्ति का ब्योरा नहीं देने वाले ढाई लाख से ज्यादा कर्मचारियों की जुलाई महीने में होने वाली वार्षिक वेतन वृद्धि सरकार ने रोक दी है। आमतौर पर वेतन वृद्धि के आदेश जुलाई के शुरुआती 10 दिनों के भीतर जारी कर दिए जाते हैं। जुलाई के सैलरी बिल 15 जुलाई से बनने शुरू हो जाएंगे। महीने की 20- 25 तारीख के आस-पास बिल कोषालय भेज दिए जाते हैं। हर साल 3 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि होती है। कार्मिक विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा- ब्योरा नहीं देने वाले कर्मचारियों के वेतन वृद्धि का आदेश जारी नहीं हुआ है। इसलिए इसका लाभ नहीं मिलेगा। अचल संपत्ति का ब्योरा देने के किसने दिए थे आदेश? सरकारी कर्मचारियों को हर साल अपनी अचल संपत्ति का ब्योरा देना होता है। कार्मिक विभाग ने 31 दिसंबर, 2025 को आदेश निकाला था कि 31 जनवरी 2026 तक अपनी अचल संपत्ति का ब्योरा भर दें। 2 लाख 64 हजार 913 अधिकारियों-कर्मचारियों ने ब्योरा नहीं दिया। प्रदेश में कार्मिक विभाग (डीओपी) कार्मिक प्रशासन से संबंधित सभी मामलों का प्रबंधन करता है। इसमें राज्य सेवा अधिकारियों की भर्ती, नियुक्ति और पदोन्नति, अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों और राज्य सेवा अधिकारियों की तैनाती शामिल हैं। प्रशासनिक अधिकारियों, कार्यालय अधीक्षकों, मंत्रालय के कर्मचारियों और विभिन्न विभागों में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पदस्थापन संबंधी मामले भी कार्मिक विभाग द्वारा देखे जाते हैं। प्रशासनिक विभाग का विभागाध्यक्ष वार्षिक वेतन वृद्धि के आदेश आईपीआर (अचल संपत्ति विवरण) के आधार पर निकालता है। जिन कर्मचारियों ने आईपीआर सार्वजनिक नहीं किए हैं, उनकी वेतन वृद्धि आदेश जारी नहीं हुए हैं। कार्मिक विभाग अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा- सरकार जवाबदेही तय करना चाहती है। नियमों में किसी प्रकार का समझौता नहीं। जवाबदेही तय हो। किसका क्या है कहना कार्मिक विभाग के संयुक्त सचिव धीरज कुमार का कहना है कि यदि हम इस बार शिथिलता बरतेंगे तो अगले साल भी ब्योरा नहीं देंगे। हर साल ऐसा ही होता रहा है। सरकार सुधार चाहती है। उच्च स्तर से निर्देश मिले हैं कि जिन्होंने संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया है, उनकी वार्षिक वेतन वृद्धि रोक दी जाए। कर्मचारी नेता गजेंद्र सिंह राठौड़ का कहना है कि सरकार को आईपीआर दाखिल करने के लिए एक और मौका देना चाहिए था। ऐसे कर्मचारी बहुत हैं, जो सरकार के ही दूसरे कामों में लगे हुए थे। जिसकी वजह से ब्योरा देने के लिए समय नहीं मिल पाया। वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने की खबरें हैं, यह ठीक नहीं है।

भीलवाड़ा में आज 2 घंटे बिजली बंद रहेगी:3 फीडरों से जुड़े कई इलाके होंगे प्रभावित, मेंटेनेंस वर्क होगा

भीलवाड़ा शहर में मंगलवार को इलेक्ट्रिसिटी मेंटेनेंस कार्य के चलते अलग-अलग इलाकों में 2-2 घंटे की बिजली कटौती की जाएगी। बिजली सप्लाई सुबह 8 से 10 बजे, सुबह 10:30 से दोपहर 12:30 बजे और दोपहर 2 से शाम 4 बजे तक बंद रहेगी। इस दौरान तीन फीडरों से जुड़े दर्जनों क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से जरूरी काम पहले ही निपटाने की अपील की है, ताकि असुविधा से बचा जा सके। सुबह 8 से 10 बजे तक इन इलाकों में रहेगा पावर कट एवीएनएल के सहायक अभियंता नीरज शर्मा ने बताया कि 11 केवी टेक्सटाइल मंदिर, गाडरी खेड़ा, भालेश्वर भवन, देवनारायण मंदिर, आजादनगर, भेरू कॉम्प्लेक्स, सिलावट मोहल्ला, अभिषेक मार्किट, मार्ट, नाहर पेट्रोल पंप, टेक्सटाइल मार्किट, ABCDEF ब्लॉक, रौनक मार्किट, सीधी प्लाजा, अम्बाजी मार्किट और गंगापुर चौराहा सहित आसपास के क्षेत्रों में सुबह 8 बजे से 10 बजे तक बिजली सप्लाई बंद रहेगी। सुबह 10:30 से दोपहर 12:30 बजे तक यहां नहीं रहेगी बिजली मारुति कॉलोनी, हरिओम लघु उद्योग, आश्रम रोड, मलोला चौराहा, पट्टी स्टॉक, बजाड़, शारदा चौराहा, हाउस, विवेकानंद स्कूल, विवेकानंद नगर, आनंद स्कूल, मलोला रोड, चपरासी कॉलोनी, शिवम एवरिग्रेन, पथवारी रोड, बाबाधाम के पास, नाले के पास, सज्जन वाटिका, रेलवे लाइन के पास, किंजल वाटर, भट्टे के पास, आर्यव्रत कॉलोनी, देवनारायण डेयरी, 200 फीट रोड और सनसिटी वाटर पार्क सहित आसपास के क्षेत्रों में सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक बिजली बंद रहेगी। दोपहर 2 से शाम 4 बजे तक इन क्षेत्रों में रहेगा पावर कट 11 केवी शिवम नर्मदा विहार फीडर से जुड़े राधेनगर, लक्कीनगर, नर्मदा विहार-1, नर्मदा विहार-2, आरटीओ ऑफिस, आर.पी. लड्डा नगर, डी. रानोलिया इंडस्ट्री और इससे जुड़े अन्य क्षेत्रों में दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक बिजली सप्लाई बंद रहेगी।

आज आषाढ़ मास की अमावस्या:दोपहर में करें पितरों के लिए धूप-ध्यान और सूर्यास्त के बाद तुलसी के पास जलाएं, जानिए अमावस्या पर कौन-कौन से शुभ काम करें

आज (मंगलवार, 14 जुलाई) आषाढ़ मास की अमावस्या यानी हलहारिणी अमावस्या है। यह पर्व किसानों के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इस दिन खेती में उपयोग होने वाले हल, बैल और अन्य कृषि उपकरणों की पूजा करने की परंपरा है। किसान अच्छी फसल, भूमि की उर्वरता और खेती में सफलता की कामना से इन यंत्रों का पूजन करते हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, आषाढ़ी अमावस्या पर इष्टदेव की पूजा, पितरों का स्मरण, तर्पण और जरूरतमंद लोगों को दान करने की परंपरा है। दिन की शुरुआत सूर्य देव की पूजा से करेंगे, तो बहुत शुभ रहेगा। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से किए गए शुभ कार्यों से अक्षय पुण्य मिलता है, ऐसा पुण्य जिसका शुभ असर जीवन में बना रहता है। तांबे के लोटे से चढ़ाएं सूर्य को जल आज सुबह स्नान के बाद सूर्य देव को जल चढ़ाएं। इसके लिए तांबे के लोटे में जल लें, जल में कुमकुम, चावल, फूल डाल लें। इसके बाद सूर्य देव को अर्पित करें और ऊँ सूर्याय नम: मंत्र का जप करें। इसके बाद घर के मंदिर में अपने इष्टदेव की पूजा करें। अमावस्या पर भगवान गणेश, भगवान शिव, भगवान विष्णु, माता दुर्गा और भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पूजा करने से विशेष फल मिलता है। अगर कोई व्यक्ति इस दिन व्रत रखने का विचार कर रहा है तो पूजा के समय व्रत का संकल्प लेना चाहिए। इष्टदेव के मंत्रों का करें जप अमावस्या पर उपवास करें। जो लोग निराहार व्रत नहीं रख सकते, वे एक समय फलाहार करके भी व्रत कर सकते हैं। पूजा में भगवान के मंत्रों का जप करना चाहिए। भगवान गणेश के लिए श्री गणेशाय नम:, भगवान शिव के लिए ऊँ नम: शिवाय, भगवान विष्णु के लिए ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय और माता दुर्गा के लिए दुं दुर्गायै नम: मंत्र का जप किया जा सकता है। अगर आपके पास पर्याप्त समय हो, तो धार्मिक ग्रंथों का पाठ भी कर सकते हैं। अपनी सुविधा के अनुसार शिवपुराण, विष्णुपुराण या श्रीमद्भागवत कथा के अध्याय पढ़े जा सकते हैं। इसके अलावा संतों के प्रवचन भी सुन सकते हैं। दोपहर में करें पितरों के लिए धूप-ध्यान अमावस्या पर पितरों के लिए धूप-ध्यान करने की विशेष परंपरा है। दोपहर करीब 12 बजे का समय पितरों के लिए किए जाने वाले पूजन कर्मों के लिए शुभ माना जाता है। इसे कुतप काल कहते हैं। इस समय में गाय के गोबर से बने कंडे को जलाकर धूप दी जाती है। जब कंडे से धुआं निकलना बंद हो जाए, तब उस पर गुड़ और घी अर्पित कर सकते हैं। कुछ लोग पितरों की प्रसन्नता के लिए खीर-पुड़ी का भोग भी लगाते हैं।
पितरों का स्मरण करते हुए हथेली में जल लेकर अंगूठे की ओर से जल अर्पित करने की परंपरा है। इसके बाद कुछ समय शांत बैठकर पितरों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करनी चाहिए और ऊँ पितृभ्यो नम: मंत्र का जाप करना चाहिए। पितरों को धूप देने के बाद जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना शुभ माना जाता है। इसके अलावा घर के बाहर गाय, कुत्ते और कौओं के लिए भी भोजन रखना चाहिए। गौशाला में दान करना भी पुण्यदायी माना गया है। नदी स्नान न कर पाएं, तो क्या करें? अमावस्या पर गंगा, यमुना, नर्मदा और शिप्रा जैसी पवित्र नदियों में स्नान करने का विशेष महत्व है। कहा जाता है कि इस दिन तीर्थ स्नान करने से व्यक्ति के जाने-अनजाने में किए गए गलत कर्मों का फल कम होता है। अगर किसी वजह से नदी में स्नान करना संभव न हो, तो घर पर ही स्नान के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान किया जा सकता है। स्नान करते समय सभी तीर्थों और देवी-देवताओं का ध्यान करने से भी पुण्य प्राप्त होने की मान्यता है। मंगलवार और अमावस्या के योग में करें ये शुभ काम आषाढ़ अमावस्या और मंगलवार के योग में हनुमान जी के सामने दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं। श्रद्धा के अनुसार राम नाम का जप और सुंदरकांड का पाठ भी किया जा सकता है। ज्योतिष में मंगलवार का कारक मंगल ग्रह को माना जाता है। मंगल को ग्रहों का सेनापति कहते हैं। यह मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी माना गया है। जिन लोगों की कुंडली में मंगल कमजोर स्थिति में होता है, वे मंगल दोष को शांत करने के लिए मंगलवार को मंगल देव की पूजा कर सकते हैं। इस ग्रह की पूजा शिवलिंग रूप में की जाती है, इसलिए शिवलिंग पर लाल फूल, लाल गुलाल, बिल्व पत्र, धतूरा और आंकड़े के फूल चढ़ाए जा सकते हैं। इस दौरान ऊं भों भौमाय नम: मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। शाम को सूर्यास्त के बाद घर के आंगन में तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाएं। तुलसी की परिक्रमा करके देवी तुलसी से सुख-शांति की प्रार्थना करनी चाहिए।

ये कौन नेताजी हैं, जिन्हें विरोधी 'गैंडा स्वामी' बुलाते हैं:विधायकजी का 'ट्रांसफर', पटवारी परेशान; पुलिस की ये आवाज दिल को छूती है

नमस्कार राजस्थान में न तो बादलों से राहत मिल रही है और और न ही तबादलों से। अलवर में नेताजी को उनके विरोधी ‘गैंडा स्वामी’ तक कहते हैं लेकिन उनका कॉन्फिडेंस डिगता नहीं और दिल्ली पुलिस में चूरू की ममताजी ने अलग तरह से नाम कमाया है। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. तबादलों से भी राहत नहीं.. मानसून का सीजन चल रहा है, लेकिन बादलों से कोई राहत नहीं मिल रही। वैसे तबादलों से भी राहत नहीं मिल रही है। क्यों? क्योंकि तबादला सूचियों में इतनी भारी-भारी खामियां हुईं कि क्या बताएं। डीग में एक पटवारी ने विधायक शैलेश दिगंबर सिंह से अर्जी लगाई कि बालोतरा से डीग ट्रांसफर करवा दीजिए। विधायकजी ने भी तगड़ी डिजायर लगाई। जब तबादला लिस्ट आई तो पटवारी ने सिर पीट लिया। विभाग ने उसकी जगह विधायकजी का नाम ट्रांसफर लिस्ट में लिख दिया। अब परेशान पटवारी इधर-उधर घूम रहा है। उधर, विधायकजी सोचते होंगे कि जॉइन ही कर लूं, परमानेंट नौकरी है। टोंक में एक तहसील है दूनी। यहां अब तक पाठशाला में बच्चे ‘दो दूनी चार’ पढ़ते थे। अब पढ़ेंगे ‘दूनी में दो तहसीलदार’। क्योंकि विभाग ने यहां विपुल चौधरी को भी तहसीलदार लगा दिया और अजय कुमार पांडेय को भी। विपुल चौधरी पर तो इतनी मेहरबानी कि दूनी तहसीलदार के अलावा उन्हें फुलेरा का उप पंजीयक भी बना दिया। यानी ट्रांसफर करने में कोई कंजूसी नहीं। बंपर ट्रांसफर लो। एक पद पर दो-दो अधिकारी भी लगाए और एक अधिकारी को दो-दो जगह भी लगाया। इसी लिस्ट में किशनगढ़ (अजमेर) से नायब तहसीलदार प्रेमसुख वैष्णव का तबादला प्रेमपूर्वक परबतसर किया और सुखपूर्वक कुचामन भी कर दिया। जाओ सर, जहां मर्जी हो वहां जॉइन कर लो। आप भी क्या याद करोगे। इतना ही नहीं, जो रिटायर हो चुके उनको भी नहीं छोड़ा। हद तो तब हो गई, जब स्वर्ग सिधार चुके ASI अनोपारामजी की भी बदली कर डाली। इंद्र का सिंघासन हिलाओगे क्या अब? 2. नेताजी को ‘गैंडा स्वामी’ कहते हैं.. एक नेता को कभी उम्मीद का दामन नहीं छोड़ना चाहिए। खासतौर पर तब, जब निकाय और पंचायत चुनाव सिर पर हों। नेताजी अलवर में भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष रहे। इन दिनों बुरी तरह एक्टिव हैं। आलाकमान का ध्यान खींचने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। कुछ दिन पहले इन्होंने नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल को खुली चुनौती दे दी थी। बेनीवाल ने मुख्यमंत्रीजी की जाति को लेकर टिप्पणी की थी। इसके बाद से महोदय कोई मौका नहीं छोड़ रहे। हाल ही में उन्होंने एक पत्रकार को ‘मन की बात’ बताई। कहा- मुझे मेरे विरोधी ‘गैंडा स्वामी’ कहते हैं। ‘कालिया नाग’ कहते हैं। और भी बहुत कुछ कहते हैं। भगवान ने मुझे कृष्णजी का रंग दिया है काला। तो मैं कलियुग का कृष्ण भगवान हूं। मेरे चक्र के नीचे जो आ गया वो बचेगा नहीं। बॉडी शेमिंग करने वालों को नेताजी ने करारा जवाब दिया। आदमी का रंग कैसा भी हो, न मन काला होना चाहिए और न कारनामे। इसलिए लगे रहो नेताजी, भगवान जरूर सुनेगा। 3. चलते-चलते.. कई लोग इस बात से इत्तेफाक रख सकते हैं कि पुलिस वालों की भाषा बड़ी कड़क और कर्कश होती है। वे भी क्या करें। रात-दिन अपराध और अपराधियों से घिरे रहते हैं। इतनी नेगेटिव एनर्जी लेकर आदमी अबे-तबे करेगा ही। लेकिन सारे पुलिसवाले एक जैसी भाषा नहीं बोलते। आप कभी हनुमानगढ़ वाले ट्रैफिक पुलिस अधिकारी अनिल चिंदा से मिलिए। आपकी रूह प्रसन्न हो जाएगी। इतने सभ्य और मनोरंजक ढंग से ट्रैफिक रूल्स को लेकर लोगों को जागरूक करते हैं कि पुलिस परेड दिवस पर सीएम ने सम्मानित किया। इसी तरह जयपुर के ट्रैफिक पुलिस अधिकारी प्रवीण कुमार उर्फ पी.के. मस्त हैं। वे ड्यूटी पर तैनात थे। एक कार को उन्होंने रोका। ड्राइवर से पूछा- कहां के हो? ड्राइवर ने जन्मस्थान की जानकारी दी। अब ड्राइवर ने पूछा- आप कहां के हो? ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ने कहा- मेरी शादी हो चुकी है, मैं कहीं का नहीं रहा। चालान के डर से घबराया ड्राइवर खुलकर हंसा। राजस्थान के चूरू जिले के छोटे से गांव मेलुसर की ममता सोनगरा दिल्ली पुलिस में कॉन्स्टेबल हैं। उन्हें गाने का शौक। सिंगिंग टैलेंट इतना गजब कि जब भी गाती हैं तो सोशल मीडिया पर उनका गीत वायरल हो जाता है। एक प्रोग्राम में उन्होंने ‘दिल है कि मानता नहीं’ गीत गाया। इतनी मधुर आवाज सुनकर खुद सिंगर अनुराधा पौडवाल ने उनका हौसला बढ़ाया। सिंगर मीका सिंह के साथ वे स्टेज भी शेयर कर चुकी हैं। कानून की हिफाजत के लिए पुलिसवालों को कड़क भाषा बोलनी पड़ती है। इसके मतलब ये नहीं कि बोली की मिठास का महत्व उन्हें पता नहीं। इनपुट सहयोग- महावीर बैरवा (टोंक), मुकेश कुमार जांगिड़ (डीग), विजय कुमार (बाड़मेर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।

न्यूजीलैंड ने वेस्टइंडीज को 5 विकेट से हराया:जेडेन लेनोक्स ने 19 रन देकर 5 विकेट लिए,3 मैचों की वनडे सीरीज 1-1 से बराबर

न्यूजीलैंड ने दूसरे वनडे मैच में वेस्टइंडीज को 5 विकेट से हरा दिया है। गयाना में खेले गए इस मैच में जेडेन लेनोक्स के फाइव विकेट हॉल की बदौलत न्यूजीलैंड ने वेस्टइंडीज को महज 138 रनों पर समेट दिया। वेस्टइंडीज की टीम ने अपने आखिरी 10 विकेट सिर्फ 75 रन के अंदर गंवा दिए। 139 रनों के छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने 5 विकेट खोकर आसानी से जीत हासिल कर ली। इस जीत के साथ ही न्यूजीलैंड ने 3 मैचों की सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली है। जेडेन लेनोक्स न्यूजीलैंड के तीसरे सबसे सफल वनडे स्पिनर बने न्यूजीलैंड के बाएं हाथ के स्पिनर जेडेन लेनोक्स इस मैच के सबसे बड़े हीरो रहे। उन्होंने सिर्फ 19 रन देकर 5 विकेट चटकाए। यह उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले खेले गए 6 वनडे मैचों में लेनोक्स कभी भी 2 से ज्यादा विकेट नहीं ले पाए थे। उनके पहले चार विकेट क्लीन बोल्ड के रूप में आए। इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही लेनोक्स न्यूजीलैंड के पुरुषों के वनडे इतिहास में तीसरे सबसे बेस्ट आंकड़े दर्ज करने वाले स्पिनर बन गए हैं। इस लिस्ट में पहले नंबर पर ईश सोढ़ी (6/39) और दूसरे नंबर पर डेनियल विटोरी (5/7) का नाम शामिल है। 63 रन की ओपनिंग साझेदारी के बाद बिखरी वेस्टइंडीज टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत बेहद शानदार रही थी। ओपनर जॉन कैंपबेल और अकीम ऑगस्टे ने पहले विकेट के लिए 63 रनों की मजबूत पार्टनरशिप की। पावरप्ले के आखिर में दोनों ने तेजी से रन बनाए, लेकिन इसके बाद न्यूजीलैंड के स्पिनरों ने मैच का रुख बदल दिया। माइकल ब्रेसवेल ने पहली सफलता दिलाई, जिसके बाद वेस्टइंडीज ने लगातार विकेट गंवाए। टीम 138 रन पर ऑलआउट हो गई। जॉन कैंपबेल ने सबसे ज्यादा 43 रन बनाए। अमीर जांगू ने 20 रन की पारी खेली, जबकि बाकी कोई बल्लेबाज 20 रन तक नहीं पहुंच सका। कीवी स्पिनर्स ने लिए 9 विकेट कप्तान मिचेल सेंटनर ने भी दो अहम विकेट लिए। उन्होंने जॉन कैंपबेल और पिछले मैच के हीरो कीसी कार्टी को क्लीन बोल्ड किया। न्यूजीलैंड के स्पिनरों ने इस मुकाबले में कुल 9 विकेट लिए। यह वनडे इतिहास में एक पारी में न्यूजीलैंड के स्पिनरों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। शुरुआती स्पेल के बाद जैकब डफी और मैथ्यू फिशर की जगह पूरी पारी में स्पिनरों ने गेंदबाजी संभाली। 52 रन पर तीन विकेट गिरने के बाद लैथम ने दिलाई जीत 139 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन 35 रन के बाद टीम ने 17 रन के भीतर तीन विकेट गंवा दिए। विल यंग एलबीडब्ल्यू हुए, जबकि मार्क चैपमैन बिना खाता खोले रन आउट हो गए। इसके बाद टॉम लैथम और डेरिल मिचेल ने पारी संभाली। हालांकि खारी पियरे ने मिचेल और डीन फॉक्सक्रॉफ्ट को आउट कर स्कोर 96/5 कर दिया। इसके बाद लैथम और माइकल ब्रेसवेल ने कोई और विकेट नहीं गिरने दिया और टीम को जीत तक पहुंचा दिया। माइकल ब्रेसवेल ने वनडे क्रिकेट में पूरे किए 1000 रन मैच के आखिरी पलों में माइकल ब्रेसवेल ने गुडाकेश मोती की गेंदों पर दो शानदार चौके लगाकर न्यूजीलैंड की जीत पक्की की। इन चौकों के साथ ही ब्रेसवेल ने अपने वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में 1000 रन भी पूरे कर लिए हैं। टॉम लैथम की सूझबूझ भरी बल्लेबाजी और ब्रेसवेल के संयम के कारण न्यूजीलैंड ने बड़ी राहत के साथ मैच अपने नाम कर लिया।

होर्मुज में ईरान का UAE टैंकरों पर मिसाइल हमला:एक भारतीय की मौत, बहरीन-जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर अटैक; US की ईरान पर 5 घंटे बमबारी

होर्मुज स्ट्रेट में ईरान ने UAE के दो तेल टैंकरों पर क्रूज मिसाइलों से हमला किया है। UAE के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक मोंबासा और अल बहिया नाम के इन टैंकरों पर हमले में एक भारतीय की मौत हो गई, जबकि 6 भारतीयों समेत 8 लोग घायल हैं। वहीं, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने बहरीन के अल-जुफैर सैन्य अड्डे और अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट के ठिकाने पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। साथ ही जॉर्डन के एक एयरबेस पर मौजूद अमेरिकी सैनिकों और अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। उधर, अमेरिका ने भी ईरान पर बड़े पैमाने पर जवाबी सैन्य कार्रवाई की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, करीब पांच घंटे तक चले हमलों में बुशहर, चाबहार, जास्क, कोनार्क, अबू मूसा और बंदर अब्बास स्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। CENTCOM ने ईरान पर ताजा हमलों का फुटेज जारी किया… पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स: ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

भास्कर अपडेट्स:तमिलनाडु की फैक्ट्री में बॉयलर विस्फोट; एक की मौत, 8 घायल

तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले के गुम्मिडीपुंडी SIPCOT औद्योगिक क्षेत्र में एक निजी मेटल स्मेल्टिंग फैक्ट्री में बॉयलर फटने के बाद आग लग गई। हादसे में बिहार के 24 साल के रवि रंजन की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं आठ कर्मचारी घायल हुए हैं। घायलों को गुम्मिडीपुंडी सरकारी अस्पताल और चेन्नई के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। पुलिस और फायर ब्रिगेड की दो टीमें आग बुझाने और रेस्क्यू कर रही हैं। घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर एक कटा हुआ हाथ भी मिला है, जिससे विस्फोट की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। आज की अन्य खबरें… दिल्ली में आज कांग्रेस की बैठक; कर्नाटक में कैबिनेट विस्तार और 2027 के पंजाब चुनाव पर चर्चा संभव कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, विपक्ष के नेता राहुल गांधी और AICC महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल मंगलवार को अहम बैठक करेंगे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सुबह 11 बजे के बाद होने वाली इस बैठक में संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों और मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा होगी। ठक में संगठनात्मक बदलावों के साथ-साथ पार्टी की राजनीतिक रणनीति पर भी विचार किया जाएगा। इसके अलावा कर्नाटक मंत्रिमंडल के बहुप्रतीक्षित विस्तार पर भी चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि कर्नाटक कैबिनेट के विस्तार और फेरबदल पर अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार उचित समय पर करेंगे। बैठक में पंजाब कांग्रेस की मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा होने की संभावना है। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के संगठनात्मक फैसलों को लेकर राज्य इकाई में असंतोष की खबरें सामने आई हैं। BRS के अध्यक्ष बोले- कांग्रेस सरकार BJP के साथ मिलकर गोदावरी का पानी नहीं ले रही भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव (KTR) ने तेलंगाना की कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया है कि वह BJP के साथ मिलकर जानबूझकर कलेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना से गोदावरी का पानी नहीं उठा रही है। उन्होंने कहा कि इससे किसानों की फसलें सूख रही हैं, जबकि गोदावरी का बड़ी मात्रा में पानी बेकार समुद्र में जा रहा है। KTR ने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने से पहले मिड मानेर जलाशय हमेशा भरा रहता था, लेकिन अब सरकार की निष्क्रियता के कारण यह सूखने की स्थिति में पहुंच गया है। उन्होंने दावा किया कि कन्नेपल्ली पंप हाउस से पानी उठाकर सिंचाई और पेयजल दोनों की समस्या दूर की जा सकती है, जबकि तेलंगाना सूखे के खतरे का सामना कर रहा है। बंगाल सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और PM-SHRI योजना को अपनाने का फैसला किया पश्चिम बंगाल सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और PM-SHRI योजना को अपनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि इसके बाद राज्य को चालू वित्त वर्ष के लिए केंद्र सरकार से शिक्षा क्षेत्र का पूरा आवंटन मिल सकेगा। उन्होंने यह घोषणा कोलकाता में केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। इनमें स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार, मिड-डे मील के लिए गैस आधारित रसोई और PM POSHAN योजना के तहत प्राथमिक कक्षाओं के लिए प्रति छात्र प्रतिदिन खाना बनाने की लागत 6.78 रुपए से बढ़ाकर 10 रुपए करना शामिल है। नई दर एक अगस्त से लागू होगी।

भारत की 'मोनालिसा' क्यों कहलाई राजस्थान की ‘बणी-ठणी’:राजा और दासी का वो दिव्य प्रेम, जिसने किशनगढ़ को वृंदावन बना दिया; पार्ट–2

राजस्थानी प्रेम कहानी के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि किस तरह राजा सावंत सिंह, बणी-ठणी के कायल हुए। दोनों का कृष्ण भक्त होना उन्हें एक अनकही डोर से जोड़ने लगा था। पार्ट-2 में पढ़िए आगे की कहानी… राजा सावंत सिंह के जीवन को भक्ति और कविता पूर्णता प्रदान करते थे, लेकिन उस दिन बणी-ठणी को सुनने के बाद उनकी साधना में अध्यात्म का एक नया और गहरा आयाम जुड़ गया था। धीरे- धीरे राजा और बणी- ठणी का रिश्ता जैसे राधा और कृष्ण के आध्यात्मिक प्रेम का रूपक बन गया था। दोनों कृष्ण और राधा की तरह एक-दूसरे के पूरक थे। दोनों एक-दूसरे को कविताएं लिखते और अपनी भक्ति को शब्दों में पिरोते और संवाद करते थे।
अब नागरीदास (सावंत सिंह) और रसिक बिहारी (बणी- ठणी) अक्सर कृष्ण भक्ति की रचनाओं की इस जुगलबंदी का आनंद लेते, दोनों के बीच लिखी रचनाओं को लेकर गहरा संवाद होता जो राधा और कृष्ण के दिव्य प्रेम को दर्शाता – सावंत सिंह: ‘राधा-माधव के मिलन की आस… मन भावन, पावन यह एहसास…’ बणी- ठणी, क्या तुम मेरी कविता में ‘राधा’ का अक्स देखती हो? बणी- ठणी: महाराज,आपकी कविता दिव्य प्रेम की गूंज है। मैं तो बस उस धुन को समझती हूं। कविता और भक्ति के इस रस ने किशनगढ़ के वातावरण को सराबोर कर दिया था। इधर राजा का प्रिय दरबारी चित्रकार निहाल चंद इस आध्यात्मिक और निश्छल जुड़ाव का साक्षी बन रहा था। एक ऐसा भाव जिसकी गहराई को शब्दों में बांध पाना मुश्किल था। निहाल चंद ने अपनी कूंची से भाव और भक्ति के इस पूरे वातावरण को खास चित्र श्रृंखला में उतार दिया। इन चित्रों में राधा-कृष्ण प्रेम था, भक्ति थी और एक अनूठा सौंदर्य। इसी श्रृंखला को बनाते हुए निहाल चंद ने राधा की वो अद्भुत पेंटिंग बनाई जो समय बीतने के साथ बणी- ठणी के नाम से प्रचलित हुई। किशनगढ़ शैली के वरिष्ठ चित्रकार शंकर सिंह राठौड़ बताते हैं कि विद्वानों के अनुसार सावंत सिंह उन्हें राधा स्वरूप मानते थे और खुद को कृष्ण स्वरूप समझ कर पोएट्री करते थे। राधा की इसी पेंटिंग की तुलना लेखक एरिक डिकिन्सन ने लिओनार्डो दा विंची की ‘मोनालिसा’ से की और उसे भारत की मोनालिसा कहा। इतना ही नहीं 1973 में भारत सरकार ने ‘राधा’ का डाक टिकट निकाल कर इस पेंटिंग को सम्मानित भी किया। किशनगढ़ आर्टिस्ट पवन कुमावत बताते हैं – कला समीक्षक, कार्ल खंडेलवाला और एरिक डिकिंसन यहां आए और उन्होंने राधा के चित्र को देखा। इससे पहले उन्होंने मोनालिसा का चित्र भी देखा था, तो उन्होंने पाया कि दोनों ही चित्र अपने आप में श्रेष्ठता स्थापित करते हैं। दोनों की मुस्कान विशेष स्थान रखती है, जिसके चलते उन्होंने कहा कि राधा का ये चित्र भारत की मोनालिसा है। (कहानी को रोचक बनाने के लिए क्रिएटिव लिबर्टी का इस्तेमाल किया गया है। फोटो व पेंटिंग आभार : किशनगढ़ पूर्व राजपरिवार, चित्रकार,शहज़ाद अली शेरानी ) इनपुट सहयोग- रोहित पारीक राधा कृष्ण की चित्र श्रंखला बनाते हुए निहाल चंद को ‘बणी- ठणी’ पेंटिंग बनाने की प्रेरणा कैसे मिली? ऐसा क्या था इस पेंटिंग में जिसके कारण इसे दुनियाभर के कला जगत में ख़ास पहचान मिली। जानेंगे कल के एपिसोड में… —– यह भी पढ़िए… प्रेम कहानी जिसे शब्दों ने लिखा, रंगों ने जिंदा रखा:’बणी-ठणी’ क्या सिर्फ एक कल्पना है या वाकई कोई महिला थी? एपिसोड 1 बणी- ठणी कौन थी? ऐसा क्या था उस तस्वीर में जो राजस्थान की धरोहर बनी, जिसने किशनगढ़ शैली को दुनिया भर के कला जगत में पहचान दिलाई। जानते हैं राजा सावंत सिंह और बणी- ठणी की कहानी, जिनके प्रेम और भक्ति को कलाकार निहाल चंद ने अमर कर दिया… पूरी पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

राजस्थान में बदलेगा मौसम, होगी बारिश:बादलों की आवाजाही के बीच गर्मी-उमस बढ़ी, पारा 41 के पार पहुंचा

राजस्थान में मानसून पूरी तरह थम गया है। बादल आते हैं, लेकिन बरस नहीं रहे। सोमवार को बादलों की आवाजाही रही, लेकिन कहीं भी बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग ने 16 जुलाई को बारिश की एंट्री होने की उम्मीद जताई है। उदयपुर संभाग से बादलों का एंट्री करना ठीक रहा तो जाते हुए मानसून की बारिश अरावली के पहाड़ों को पार करके रेगिस्तानी इलाकों तक पहुंच जाएगी। इससे 16 जुलाई को उदयपुर, सलूंबर, प्रतापगढ़, डूंगरपुर और बांसवाड़ा में बारिश हो सकती है। सबसे पहले राजस्थान में बारिश की स्थिति जानिए… राजस्थान में मौसम की तस्वीर… राजस्थान के सबसे गर्म जिले राजस्थान में गर्मी-बारिश के बड़े अपडेट्स पिछले 24 घंटे में राजस्थान में कहीं भी बारिश रिकॉर्ड नहीं की गई। बारिश का दौर थमते ही राजस्थान में एक बार फिर सूरज के तेवर तीखे हो गए हैं और अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। श्रीगंगानगर में अधिकतम 41.5 डिग्री सेल्सियस रहा। फलोदी में 39.4, बीकानेर में 39.2, अलवर में 38.1, पिलानी (झुंझुनूं) में 38.2, जैसलमेर में 38.4, चूरू में 38.6 और हनुमानगढ़ के संगरिया में 37.6 डिग्री सेल्सियस अधिकतम पारा रहा। राजस्थान के बड़े शहरों के मौसम का हाल जयपुर : तापमान में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं है। सोमवार को यहां पारा 35.2 डिग्री सेल्सियस बना रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस रहा। पिछले दिनों की तुलना में महज 0.3 डिग्री पारा बढ़ा है। हालांकि न्यूनतम तापमान में 2.1 डिग्री सेल्सियस की कमी आई। अलवर : सोमवार सुबह से मौसम सामान्य रहा, लेकिन तेज धूप और हवा नहीं चलने से उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। दिनभर लोग पसीने से तरबतर नजर आए। अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार और बुधवार को भी मौसम लगभग इसी तरह बना रहेगा। 16 से 18 जुलाई के बीच जिले में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया गया है। जोधपुर : सोमवार सुबह से ही हल्के बादल छाए रहे। उमस ने लोगों को काफी परेशान किया। यहां अधि​कतम तापमान 36.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री गिरकर 28.5 डिग्री तक पहुंच गया। इधर, मौसम विभाग ने 19 जुलाई तक किसी भी तरह का आंधी-बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि इस दौरान बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। उदयपुर : सोमवार दिनभर मौसम का मिजाज बदलता रहा। सुबह तेज धूप निकलने से गर्मी का एहसास हुआ, लेकिन कुछ ही देर बाद बादल छा गए। शाम होते-होते मौसम पूरी तरह बदल गया और ठंडी हवाओं के साथ बादलों ने पूरे आसमान को ढक लिया। मौसम केंद्र डबोक के अनुसार, सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 33.9 और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे एक दिन पहले रविवार को अधिकतम तापमान 33.1 और न्यूनतम तापमान 27.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। कोटा : सोमवार को मौसम सामान्य बना रहा। अधिकतम तापमान 35.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिनभर बादलों की आवाजाही के बावजूद बारिश नहीं हुई। तापमान में हल्की गिरावट से लोगों को उमस के बीच कुछ राहत जरूर महसूस हुई, हालांकि बारिश का इंतजार अभी भी बना हुआ है। सीकर : सुबह से बादल छाए रहे। दिनभर सीकर जिले में कहीं बारिश नहीं हुई। एक कमजोर वेदर सिस्टम एक्टिव हुआ था, जिस वजह से मौसम में बदलाव आया है। फिलहाल अगले 48 घंटे तक सीकर जिला मुख्यालय समेत आसपास के इलाके में बादलों की गतिविधियां बनी रहेंगी। कुछ जगहों पर हल्की बारिश की भी संभावना है। अजमेर : सोमवार को अधिकतम तापमान 34.5 और न्यूनतम तापमान 24.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय हवा में नमी 80 प्रतिशत रहने से उमस का असर रहा, जबकि दोपहर बाद नमी घटकर 50 प्रतिशत पहुंच गई। दिनभर बादलों की आवाजाही के बीच गर्मी और उमस का मिला-जुला असर बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल तापमान सामान्य रहेगा। आगामी दिनों में बादल छाने के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।

हिमाचल में खिली धूप, 96 घंटे कमजोर रहेगा मानसून:18 जुलाई से भारी बारिश, जुलाई में नॉर्मल से 32% ज्यादा बरसे बादल

हिमाचल की राजधानी शिमला समेत राज्य के अधिकांश भागों में आज सुबह से ही धूप खिली हुई है। प्रदेश में दो दिन से मौसम साफ बना हुआ है। इससे तापमान में उछाल और मैदानी इलाकों में उमस बढ़ी है। राज्य में अगले चार दिन भी मानसून कमजोर रहने से तापमान में और उछाल आएगा। मौसम विभाग के अनुसार- 17 जुलाई की रात एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से 18 जुलाई से पूरे प्रदेश में फिर से भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। विभाग ने 23 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश का पूर्वानुमान जताया है। मौसम विभाग के मुताबिक 17 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ बना रहेगा और व्यापक बारिश की संभावना नहीं है। इस दौरान केवल कुछेक स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इससे कई शहरों के तापमान में दो से तीन डिग्री तक का उछाल आएगा। जुलाई में सामान्य से 32% ज्यादा बारिश बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो जुलाई में अब तक प्रदेश में सामान्य से 32 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार 1 से 13 जुलाई के बीच सामान्य तौर पर 94.5 मिमी बारिश होती है, जबकि इस वर्ष इसी अवधि में 125 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। किन्नौर में सामान्य से 115% ज्यादा बारिश हालांकि सभी जिलों में बारिश का वितरण समान नहीं रहा। किन्नौर में सामान्य से 151 प्रतिशत, सोलन में 115 प्रतिशत और कुल्लू में 107 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति और मंडी जिलों में इस अवधि के दौरान सामान्य से कम वर्षा हुई है। 18 जुलाई से फिर भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने 18 जुलाई से प्रदेश में मानसून के दोबारा सक्रिय होने की संभावना जताई है। ऐसे में संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने तथा आवश्यक सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।