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सूर्या की टीम में वापसी के रास्ते बंद नहीं:रिपोर्ट- घरेलू क्रिकेट में रन बनाने होंगे, वर्ल्डकप जीतने के बाद टीम से बाहर हुए थे

सूर्यकुमार यादव की टीम इंडिया में वापसी हो सकती है। न्यूज एजेंसी ANI को BCCI के एक सूत्र ने बताया कि सूर्या के लिए दरवाजे अब भी खुले हैं। हालांकि वह अभी टीम की योजना का हिस्सा नहीं हैं। अगर वह घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाते हैं, तो वापसी संभव है। टीम इंडिया को वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले कप्तान सूर्या को खराब फॉर्म की वजह से आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे से बाहर कर दिया गया था। उनसे कप्तानी भी छिन ली गई। उनकी जगह BCCI ने श्रेयस अय्यर को नया टी-20 कप्तान बनाया है। टी-20 वर्ल्ड कप और IPL मिलाकर सिर्फ 3 फिफ्टी लगाई सूर्या ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 की 9 पारियों में 242 रन बनाए। उन्होंने सिर्फ एक फिफ्टी लगाई। सूर्या का खराब फॉर्म IPL 2026 में भी जारी रहा। वे 13 पारियों में सिर्फ 270 रन ही बना सके। उनका औसत 20.76 रहा। सूर्या सीजन में सिर्फ 2 फिफ्टी लगा सके। भारत लगातार 2 सीरीज हारा श्रेयस की कप्तानी में भारत लगातार दो टी-20 सीरीज हारी। पहले आयरलैंड के खिलाफ 2-0 से हार मिली। यह आयरलैंड की भारत के खिलाफ पहली सीरीज जीत थी। इसके बाद इंग्लैंड ने 5 मैचों की टी-20 सीरीज में 4-0 से हराया। सूर्या की कप्तानी जाने के बाद भारत एक भी मुकाबला नहीं जीत सका है। सूर्या की कप्तानी में एक भी सीरीज नहीं हारा भारत सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने इसी साल 8 मार्च को टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। इस जीत के साथ भारत अपने टाइटल को डिफेंड करने और लगातार दो टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाला दुनिया का पहला देश बना। बड़ी बात यह है कि सूर्या की कप्तानी में भारत एक भी सीरीज नहीं हारा है। सूर्या टी-20 में 4 शतक लगा चुके सूर्यकुमार ने 113 मैचों में 3272 रन बनाए हैं। उनका औसत 36.35 और स्ट्राइक रेट 162.94 रहा है। सूर्यकुमार के नाम 4 शतक और 25 अर्धशतक दर्ज हैं। उनका बेस्ट स्कोर 117 रन है। सूर्या ने 297 चौके, 179 छक्के लगाए हैं। उन्होंने 58 कैच भी लिए हैं। ———————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… राहुल द्रविड़ बन सकते हैं इंग्लैंड टेस्ट टीम के कोच:एंडी फ्लावर, फ्लिंटॉफ और लैंगर के नाम पर भी चर्चा; मैकुलम को हटाया टीम इंडिया के पूर्व कोच राहुल द्रविड़ इंग्लैंड की टेस्ट टीम के नए मुख्य कोच बनने की दौड़ में शामिल हैं। ब्रेंडन मैकुलम के पद छोड़ने के बाद ECB (इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड) पॉसिबल कैंडीडेट्स के नाम पर विचार कर रहा है, जिसमें द्रविड़ का नाम भी है। पूरी खबर पढें…

रिफाइनरी में इंटरव्यू देना था, एक्सीडेंट ने पहुंचा दिया अस्पताल:घायल बोला-होश आया तब लोग चिल्ला रहे थे; स्कॉर्पियो-डंपर की टक्कर में 5 की मौत

‘मेरा सोमवार को पचपदरा रिफाइनरी में हेल्पर के पद के लिए इंटरव्यू होना था। इसके लिए मैं शुक्रवार शाम को अपने गांव से पचपदरा आ गया था। यहां मैं दोस्तों के घर रुका था। रविवार सुबह हम जोधपुर में भोमिया जी के दर्शन करने गए थे। लौटते समय हादसा हो गया और मैं हॉस्पिटल पहुंच गया।’ यह कहना है बालोतरा के गोल गांव निवासी हेमाराम का। हेमाराम रविवार रात करीब 11:30 बजे बालोतरा में स्कॉर्पियो के डंपर में घुस जाने से घायल हो गया था। बाड़मेर-जोधपुर नेशनल हाईवे पर पचपदरा थाना क्षेत्र के भाडिंयावास गांव में हुए हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई। इनमें बालोतरा के कानोड गांव निवासी रेवांताराम (26) पुत्र गेनाराम जाट, स्वरूपाराम (27) पुत्र मेहराराम जाट, भरत (25) पुत्र बन्नाराम जाट, किशन (27) पुत्र शेराराम जाट और भावेश पुत्र कलाराम जाट थे। वहीं तीन घायलों हेमाराम, बाबू और मुकेश का इलाज जोधपुर के एमडीएम हॉस्पिटल में चल रहा है। छुट्‌टी के कारण घूमने का बनाया था प्लान हेमाराम ने बताया- स्वरूपाराम और रेवांताराम रिफाइनरी में काम करते थे। रिफाइनरी में शनिवार को हाफ डे रहता है। वहीं रविवार को छुट्टी रहती है। ऐसे में सभी ने रविवार सुबह जोधपुर में भोमिया जी के दर्शन करने जाने का प्लान बनाया। दर्शन करने के बाद सभी गांव के लिए निकले थे। मैं और मुकेश स्कॉर्पियो में पीछे की सीट पर सो रहे थे। स्वरूपाराम गाड़ी ड्राइव कर रहा था और रेवांताराम उसके पास बैठा था। बाकी चार लोग बीच वाली सीट पर बैठे थे। अचानक डंपर से स्कॉर्पियो टकरा गई। जब मुझे होश आया तो लोगों के चिल्लाने की आवाज आ रही थी। लोगों ने कार से हमें बाहर निकाला और हॉस्पिटल पहुंचाया। एक्सीडेंट में इनकी हुई मौत… कॉम्पिटिशन एग्जाम की तैयारी कर रहे हेमाराम के भाई खेमराज ने बताया- मैंने भाई को भी रिफाइनरी में जॉब लगाने के लिए उसके दोस्तों से कहा था। घायल बाबू और मुकेश चचेरे भाई हैं। परिजनों ने बताया- बाबू और मुकेश, दोनों जोधपुर में रहकर कॉम्पिटिशन एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं। दोनों को घूमने के लिए जोधपुर से गाड़ी में बैठाया था। … एक्सीडेंट की यह खबर भी पढ़ें… तेज रफ्तार स्कॉर्पियो डंपर में घुसी, 5 की मौत, VIDEO:जोधपुर में मंदिर से दर्शन कर घर लौट रहे थे, गाड़ी के अंदर बुरी तरह फंसे शव बालोतरा में भीषण सड़क हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई। 3 लोग गंभीर घायल हैं। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो आगे चल रहे डंपर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कॉर्पियो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। (पूरी खबर पढ़ें)

जून में लगातार छठे महीने महंगाई बढ़ी:4.38% पर पहुंची, RBI के मिड टारगेट के पार निकली; आलू-अदरक महंगे हुए, सोना-चांदी सस्ते

आलू-अदरक समेत खाने-पीने की चीजों के दाम फिर बढ़ने से रिटेल महंगाई लगातार छठे महीने बढ़ी है। जून में यह 4.38% पर पहुंच गई है। जनवरी में यह 2.74% थी। वहीं एक महीने पहले मई में 3.93% थी। यानी, यह लगातार छठा महीना है जब महंगाई बढ़ी है। वहीं जनवरी 2025 के बाद यह पहला मौका है जब महंगाई रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के 4% के मिड टारगेट के पार निकल गई है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने सोमवार 13 जनवरी को महंगाई के ये आंकड़े जारी किए हैं। फूड इंफ्लेशन जून में बढ़कर 5.32% पर पहुंची खाने-पीने के सामानों की महंगाई यानी फूड इंफ्लेशन जून में बढ़कर 5.32% पर पहुंच गई है। मई में यह आंकड़ा 4.38% पर था।
महंगाई बढ़ने से ब्याज दरें बढ़ने की आशंका भले ही मौजूदा महंगाई अभी भी RBI के 2% से 6% के टॉलरेंस बैंड के भीतर है, लेकिन कीमतों में आगे और बढ़ोतरी केंद्रीय बैंक को ब्याज दरें बढ़ाने के लिए मजबूर कर सकती है। अगर ऐसा होता है, तो आने वाली तिमाहियों में देश की आर्थिक ग्रोथ पर असर पड़ सकता है। जून में ही RBI ने अल नीनो परिस्थितियों के कारण कम मानसून की आशंका और बढ़ती एनर्जी कीमतों के दोहरे रिस्क को देखते हुए अपने महंगाई के अनुमान को 4.6% से बढ़ाकर 5.1% कर दिया था। नए इंडेक्स की वजह से पिछले साल से तुलना नहीं महंगाई के डेटा की तुलना पिछले साल की समान अवधि से नहीं की जा सकती, क्योंकि इसी साल जनवरी में इस इंडेक्स को रीसेट किया गया था। साल 2024 को बेस ईयर बनाकर नई सीरीज की शुरुआत की गई थी, जिसमें जनवरी में संशोधित रिटेल महंगाई 2.74% दर्ज हुई थी। इसके बाद कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई। फरवरी में यह 3.21%, मार्च में 3.4%, अप्रैल में 3.48% और मई में 3.93% दर्ज की गई थी। पुरानी CPI सीरीज जिसका बेस ईयर 2012 था के तहत महंगाई दर दिसंबर में 1.33% और नवंबर में 0.71% रही थी। नए महंगाई इंडेक्स में खर्च के पैटर्न को बदला गया नया इन्फ्लेशन इंडेक्स साल 2023-24 के हाउसहोल्ड कंजम्पशन एक्सपेंडिचर सर्वे में सामने आए खर्च के तौर-तरीकों पर आधारित है। इंडेक्स के घटकों के नए वेटेज की वजह से महंगाई के आंकड़ों में मामूली बढ़ोतरी दिख रही है। इसमें मुख्य चीजों की हिस्सेदारी करीब 10% बढ़ा दी गई है, जबकि उतार-चढ़ाव वाले खाद्य पदार्थों की भूमिका को कम किया गया है। महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है? महंगाई का बढ़ना-घटना प्रोडक्ट की डिमांड-सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। इससे चीजों की डिमांड बढ़ेगी और सप्लाई नहीं होने पर इनकी कीमत बढ़ेगी। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी। 4.38% महंगाई दर का क्या मतलब है? 1. तुलना पिछले साल से होती है (साल-दर-साल) जब हम कहते हैं कि जून 2026 में महंगाई 4.38% है, तो इसका मतलब है कि हम इसकी तुलना जून 2025 से कर रहे हैं। यह पूरे एक साल का बदलाव है। 4.38% एक औसत नंबर है जिसे ‘कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स’ कहते हैं। इसमें आपके जीवन की सैकड़ों चीजें शामिल हैं: 2. ₹100 की चीज अब ₹104.38 की हो गई इसका गणित बहुत सीधा है। अगर जून 2025 में आपने कोई सामान जैसे राशन ₹100 में खरीदा था, तो वही सामान मई 2026 में ₹104.38 का हो गया है। ——————— ये खबर भी पढ़ें… चांदी ₹3,155 गिरकर ₹2.17 लाख किलो पर आई: एक महीने में ₹25 हजार कीमत कम हुई, सोना आज ₹1,079 सस्ता हुआ सोने-चांदी के दाम में आज यानी 13 जुलाई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 3,155 रुपए घटकर 2.17 लाख रुपए पर आ गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,079 रुपए घटकर 1.42 लाख रुपए आ गया है। बीते 1 महीने में चांदी की कीमत 25 हजार और सोने की कीमत 5 हजार रुपए कम हो चुकी है। 14 जून को चांदी 2.43 लाख और 1.48 लाख रुपए पर था। पूरी खबर पढ़ें…

गुजरात में फैला चांदीपुरा वायरस:एक महीने में 12 बच्चों की मौत, 3 की रिपोर्ट पॉजिटिव; मक्खी से फैलती है बीमारी, वैक्सीन भी नहीं बनी

गुजरात में संक्रमण से एक महीने में अब तक 12 बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें से तीन बच्चे चांदीपुरा वायरस से संक्रमित थे। अन्य 9 बच्चों की मौत भी इसी वायरस से होने की आशंका है। हालांकि, इनकी रिपोर्ट आना अभी बाकी है। संक्रमण के मामले गांधीनगर, साबरकांठा, खेड़ा, अरावली और पंचमहल जिलों में सामने आए हैं। सरकार ने वायरस से 3 मौतों की पुष्टि की स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने इस स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया कि इस घातक वायरस के संक्रमण के कारण अब तक 3 बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें से 2 बच्चों की मौत गोधरा और राजस्थान के एक बच्चे की मौत हिम्मतनगर में हुई। प्रभावित क्षेत्रों में रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वायरस के संदिग्ध लक्षणों वाले 9 अन्य बच्चों की मौत हिम्मतनगर सिविल अस्पताल में चांदीपुरा के संदिग्ध लक्षणों वाले बच्चों की कुल 6 मौतें दर्ज की गई हैं। जबकि तीन बच्चों की मौत गोधरा के सिविल अस्पताल में हुई। इनमें दो बच्चों की मौत दो दिन पहने यानी कि 11 जुलाई को हुई। इन दोनों बच्चों में एक बच्चे की उम्र 1 साल और दूसरे की उम्र दो साल थी। 19 मरीजों की जांच में 9 पॉजीटिव अब तक 27 संदिग्ध मरीजों के नमूने गांधीनगर भेजे गए हैं, जिनमें से 19 की जांच हो चुकी है। इनमें से 7 पॉजिटिव पाए गए हैं। पॉजिटिव पाए गए 7 मरीजों में से 3 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि 4 बच्चों का इलाज चल रहा है। शेष 8 नमूनों की जांच अभी जारी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में शनिवार को एक बैठक आयोजित की गई थी। इसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से चर्चा की गई। पंचमहल में अब तक 13 मामले सामने आए पंचमहल के मंडल उप निदेशक डॉ. सुरेंद्र जैन ने बताया कि पंचमहल जिले में अब तक चांदीपुरा वायरस के कुल 13 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। महिसागर जिले का एक बच्चा वेंटिलेटर पर है। वहीं, गोधरा सिविल अस्पताल में फिलहाल 5 बच्चों का इलाज चल रहा है। उसके सैंपल लिए जा चुके हैं। बाकी 4 बच्चों की हालत सामान्य है और उनकी रिपोर्ट का इंतजार है। वहीं पंचमहल के 3 अन्य मरीजों का इलाज वडोदरा एसएसजी में चल रहा है, उनकी हालत स्थिर है और उनकी रिपोर्ट का इंतजार है। एक बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। 26 जून से 13 जुलाई तक 9 मामले दर्ज किए गए हिम्मतनगर सिविल अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष जैन ने बताया कि 26 जून से 13 जुलाई तक हिम्मतनगर सिविल में 9 मामले सामने आए हैं। इनमें 6 मौतें हुई हैं, एक व्यक्ति ठीक हो चुका है और भर्ती किए गए दो लोगों में से एक की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। सोशल मीडिया पर अफवाहों से दूर रहने की अपील स्वास्थ्य विभाग ने जनता से अपील की है कि इस वायरस के संबंध में सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और गलत सूचनाओं के कारण घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए सभी आधिकारिक दिशा-निर्देशों पर ही यकीन करें। अफवाहें लोगों की मानसिक स्थिति को प्रभावित करता है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें एहतियाती उपाय कर रही हैं। सभी 61 प्रभावित क्षेत्रों में सर्वेक्षण के आदेश प्रशासन ने राज्य के सभी 61 स्थानों पर गहन सर्वेक्षण करने और दवाओं का छिड़काव करने के आदेश दिए हैं। इनमें से कई जगहों पर 2024 में भी चांदीपुरा वायरस के मामले सामने आए थे। यह वायरस सैंडफ्लाई नाम की मक्खी से फैलता है। यह मक्खी गोधरा और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पाई जाती है। इसलिए उन क्षेत्रों में कीटनाशकों का उपयोग बढ़ा दिया गया है। ——————– ये खबर भी पढ़ें… आंध्रप्रदेश में कोरोना से 46 साल के मरीज की मौत:4 दिन इलाज के बाद दम तोड़ा; 2 जिलों में 5 एक्टिव केस मिले आंध्र प्रदेश के कडप्पा में बुधवार को 46 साल के व्यक्ति की कोविड-19 से मौत हो गई। उसे पिछले महीने वेल्लोर के CMC अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसका कोविड टेस्ट पॉजिटिव आया था। 4 दिन इलाज के बाद उसने दम तोड़ दिया। हेल्थ ऑफिसर ने बताया कि मरीज के फेफड़े खराब हो गए थे। पूरी खबर पढ़ें…

कलकत्ता हाईकोर्ट बोला-TTE सब्जी की तरह खाली बर्थ बेचते हैं:इसी वजह से ट्रेनों में लूट की घटनाएं होती हैं, रेलवे एक्शन ले

कलकत्ता हाईकोर्ट ने ट्रेन में पैसे लेकर खाली बर्थ देने वाले TTE पर टिप्पणी की है। कोर्ट ने सोमवार को कहा कि TTE खाली बर्थ ऐसे बेचते हैं, जैसे बाजार में सब्जियां बिकती हैं। इसी वजह से ट्रेनों में नशीला पदार्थ खिलाकर लूट की घटनाएं होती हैं। जस्टिस राजशेखर मंथा और जस्टिस बिस्वरूप चौधरी की बेंच 2009 में तीस्ता-तोरसा एक्सप्रेस में हुई लूट और मौत के मामले में दो दोषियों की अपील पर सुनवाई कर रही थी। इसी दौरान कोर्ट ने यह टिप्पणी की। बेंच ने कहा कि पैसे लेकर जनरल टिकट वाले यात्रियों को खाली बर्थ देने से अपराधियों को ट्रेनों में यात्रियों तक पहुंचने का मौका मिल जाता है। रिकॉर्ड से यह भी पता चला कि इस यात्रा के दौरान सिर्फ एक नहीं, बल्कि कई TTE ने अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई। 17 साल पुराने केस में फैसला सुनाया 23 फरवरी 2009 को न्यू जलपाईगुड़ी से सियालदह जा रही तीस्ता-तोरसा एक्सप्रेस में दो यात्री जनरल टिकट पर सफर कर रहे थे। दोनों ने TTE को पैसे देकर S-8 कोच में खाली बर्थ ली। यात्रा के दौरान दो लोगों ने उनसे दोस्ती की और खाने-पीने की चीजों में नशीला पदार्थ मिलाकर उन्हें बेहोश कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने दोनों यात्रियों का सामान लूट लिया। इस घटना में सुनील कुमार दास की जहरीला पदार्थ शरीर में जाने से मौत हो गई, जबकि अरुण चक्रवर्ती नौ दिन अस्पताल में भर्ती रहने के बाद बच गए। इसी मामले में दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया गया था। कोर्ट के फैसले की 3 मुख्य पॉइंट्स… —————– ये खबर भी पढ़ें… कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा-बकरीद पर गाय की कुर्बानी जरूरी नहीं: बंगाल में पशु वध नोटिस पर रोक से इनकार; हुमायूं कबीर बोले- कुर्बानी देंगे कलकत्ता हाईकोर्ट ने बकरीद से पहले पश्चिम बंगाल सरकार की पशु वध संबंधी गाइडलाइन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि बिना जरूरी फिटनेस सर्टिफिकेट के गाय, भैंस, बैल या बछड़े का वध नहीं किया जा सकता। पूरी खबर पढ़ें…

पूर्व राज्यसभा सांसद सुभाष चंद्रा के पिता का निधन:मुंबई में 96 साल की उम्र में अंतिम सांस ली; हिसार में होगा अंतिम संस्कार

हरियाणा से पूर्व राज्यसभा सांसद और एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा के पिता नंद किशोर गोयनका का सोमवार को निधन हो गया। उन्होंने मुंबई में 96 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। वे पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे। उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए मुंबई के मरीन ड्राइव स्थित ए रोड, वसंत सागर में रखा गया है। मंगलवार सुबह उनका पार्थिव शरीर विशेष विमान से हिसार लाया जाएगा। इसके बाद मोहना मंडी स्थित उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। बुधवार सुबह साढ़े 11 बजे अग्रोहा स्थित गोयनका उद्यान में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने X पर पोस्ट कर नंद किशोर गोयनका के निधन पर शोक व्यक्त किया है। आदमपुर अनाज मंडी में आढ़ती थे नंद किशोर गोयनका का जन्म 28 सितंबर 1930 को हुआ था। वे हिसार के आदमपुर कस्बे के गांव सदलपुर के रहने वाले थे। आदमपुर की अनाज मंडी में वे आढ़ती भी रहे और अनाज की खरीद-फरोख्त व कमीशन एजेंसी का कारोबार करते थे। उनका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से भी जुड़ाव रहा और उन्होंने संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं। अग्रोहा धाम के विकास में निभाई अहम भूमिका नंद किशोर गोयनका के परिवार से जुड़े और वैश्य समाज के नेता बजरंग दास गर्ग ने बताया कि अग्रोहा धाम के विकास में नंद किशोर गोयनका की अहम भूमिका रही। वे अग्रोहा धाम के प्रमुख संस्थापकों में शामिल थे और वैश्य समाज के संरक्षक के रूप में भी उनकी पहचान थी। इसके अलावा उन्होंने हिसार और हरियाणा की कई सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के संचालन और विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। नंद किशोर के सात बच्चे नंद किशोर गोयनका अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके सात बच्चे हैं। इनमें सबसे बड़े बेटे डॉ. सुभाष चंद्रा हैं। उनके अलावा लक्ष्मी नारायण, जवाहर और अशोक उनके बेटे हैं, जबकि कुसुम, उर्मिला और मोहिनी उनकी बेटियां हैं। सभी दिल्ली और मुंबई में रहते हैं। सुभाष चंद्रा ने पढ़ाई छोड़ कारोबार संभाला डॉ. सुभाष चंद्रा का हिसार की मोहना मंडी में भी पैतृक आवास है। परिवार के कारोबार की शुरुआत भी यहीं से हुई थी। उनके पिता नंद किशोर गोयनका ने बचपन से ही सुभाष चंद्र को व्यापार की बारीकियां सिखाईं। एक समय परिवार को आर्थिक कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ा, जिसके चलते सुभाष चंद्र ने पढ़ाई बीच में छोड़ दी और पिता के साथ कारोबार संभालना शुरू कर दिया।

PTI के बेटे ने सुसाइड से पहले बनाया वीडियो:बोला- मेरी मौत के जिम्मेदारों को सजा देना, ASI ने भी परेशान किया

डूंगरपुर जिले के साबला थाना इलाके के धाणी कटारा गांव में रविवार को सुसाइड से पहले युवक ने वीडियो बनाया। साथ ही 2 पेज का सुसाइड नोट भी लिखा। इस 1 मिनट के वीडियो और सुसाइड नोट में उसने अपनी मौत के जिम्मेदार लोगों के नाम लिये है। साथ ही एक ASI पर भी आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाया है। युवक के पिता PTI है और जैसलमेर में पोस्टेड है। दरअसल धाणी कटारा गांव में कीर्ति कुमार (29) पुत्र दलीप्रसाद कटारा ने रविवार को फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था। इससे पहले उसने अपना अंतिम वीडियो बनाया। इस 1 मिनट में वीडियो में उसने कहा कि वह गांव के ही पड़ोसी मुरलीधर, उसकी पत्नी और बेटे की प्रताड़ना से परेशान होकर सुसाइड कर रहा है। उसने आरोप लगाया कि इन लोगों ने उस पर एक्सीडेंट का झूठा मुकदमा और XUV गाड़ी जलाने का झूठा आरोप लगाया था, जिससे उसे मानसिक ठेस पहुंची। ASI तखतसिंह ने इन सभी से मिलभगत कर परेशान किया। उनको कड़ी से कड़ी सजा दो। घर के पास फंदे पर लटका मिला था
कीर्ति अपने घर के पास ही फंदे पर पेड़ से लटका हुआ मिला था। लोगों ने उसे तुरंत फंदे से नीचे उतारा और आसपुर अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टर ने जांच के बाद हालत गंभीर होने पर रेफर कर दिया था। पुलिस जीप से उसे तुरंत डूंगरपुर अस्पताल लेकर पहुंचे था। डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया था। 1 मिनट का वीडियो, 2 पेज का सुसाइड नोट
वही घटना को लेकर परिजनों ने 1 मिनट का वीडियो और 2 पेज का एक सुसाइड नोट पुलिस को सौंपा है। ये वीडियो कीर्ति कुमार ने सुसाइड से पहले बनाया। जिसमें कीर्ति ने कहा ​”मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं, उसका कारण मुरलीधर कटारा, उसकी पत्नी लक्ष्मी और बेटा सुनील कटारा है। जिसने मेरे पर एक्सीडेंट का झूठा मुकदमा लगवाया और XUV गाड़ी जलाने के झूठे आरोप लगाए। मुझे प्रताड़ित किया। मेरा मानसिक रूप से परेशान कर ठेस पहुंचाई है। जिस कारण से मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं। ASI पर भी लगाए गंभीर आरोप
इसमें ASI तखतसिंह का भी हाथ है। उसने भी उन सबको सबको सपोर्ट किया। उसने गलत काम करने में इन लोगों का सपोर्ट किया। मैं इसलिए आत्महत्या कर रहा हूं। मुझे एसपी साहब पर भरोसा है। मुझे न्याय मिले और आए दिन मेरे घर वालों को भी ये परेशान करते हैं और झूठा मुकदमा भी भविष्य में कर सकते हैं।” 4 महीने पहले हुई थी शादी
सुसाइड नोट ने कीर्ति कुमार ने लिखा है कि उसकी शादी 4 महीने पहले हुई है। लेकिन शादी के बाद से पड़ोसी से लड़ाई झगड़े और गाली-गलौज की वजह से पति-पत्नी दोनों परेशान है। उनका पुराना और नया घर भी पास में है। आरोपी भी पास में ही रहते है। इसलिए आए दिन परेशान करते रहते है। जानबूझकर लड़ाई करते है, फिर से झूठा मुकदमा करने व फंसाने की कोशिश करते है। इस वीडियो के बाद कीर्ति कुमार ने फंदे पर लटक कर जान दे दी। घटना के बाद परिवार के लोग मौत को लेकर आरोप लगा रहे थे। पुलिस ने वीडियो और सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

ब्लैक सूट..काले चश्मे में विंबलडन देखने पहुंचे वैभव सूर्यवंशी:बोले- जो सामने मिला, पहनकर आ गया; युवराज ने कहा- वो भारतीय क्रिकेट का एडवांस्ड वर्जन

भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पहली बार विंबलडन के सेंटर कोर्ट पर पुरुष सिंग्ल्स फाइनल देखने पहुंचे। ब्लैक सूट और आंखों पर काला चश्मा लगाए उनका अंदाज किसी हॉलीवुड स्टार से कम नहीं लग रहा था। उनके ‘जेंटलमैन’ लुक ने सोशल मीडिया पर भी फैंस का ध्यान खींच लिया। जब वैभव से उनके स्टाइलिश लुक और फैशन एक्सपेरिमेंट के बारे में पूछा गया। उन्होंने अपने ही अंदाज में हंसते हुए जवाब दिया, “जल्दी-जल्दी में जो सामने मिला, डालकर आ गया हूं।” उनके इस मजेदार जवाब ने फैंस का दिल जीत लिया। वैभव के साथ भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज युवराज सिंह और ओपनर अभिषेक शर्मा भी मौजूद थे। वैभव ने अपने इस शानदार लुक का श्रेय भी अभिषेक शर्मा को देते हुए कहा कि ये सब सारा अरेंजमेंट अभिषेक भइया ने कराया है। युवराज सिंह ने वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट का नया अवतार बताया। उन्होंने कहा कि वैभव ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से बेहद कम उम्र में अलग पहचान बनाई है। युवराज कहा, ‘वैभव भारतीय क्रिकेट का सबसे ‘एडवांस्ड वर्जन’ हैं।’ अभिषेक शर्मा को बनाएंगे टेनिस में ‘डबल्स’ मैच पार्टनर रिपोर्टर ने जब वैभव सूर्यवंशी से पूछा कि अगर उन्हें टेनिस में ‘डबल्स’ मैच खेलने का मौका मिले तो वह अपने पार्टनर के तौर पर किसे चुनेंगे? इस पर वैभव ने बिना एक पल गंवाए अभिषेक शर्मा का नाम लिया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं निश्चित रूप से अभिषेक भैया को ही चुनूंगा। वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मेरे ओपनिंग पार्टनर भी हैं।” वैभव के इस जवाब ने दोनों खिलाड़ियों के बीच शानदार तालमेल और मैदान के बाहर भी उनकी अच्छी बॉन्डिंग की झलक दिखाई। राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच हैं वैभव को पसंद टेनिस को लेकर वैभव सूर्यवंशी ने बताया कि वह पिछले 4-5 सालों से इस खेल को काफी करीब से फॉलो कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें समय मिलता है, वह दुनिया के बड़े टेनिस टूर्नामेंट और दिग्गज खिलाड़ियों के मुकाबले देखना नहीं भूलते। वैभव ने कहा, “जब मैंने टेनिस देखना शुरू किया था, तब मैं राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच को बहुत देखता था।” नई पीढ़ी के खिलाड़ियों पर बात करते हुए उन्होंने स्पेन के स्टार टेनिस खिलाड़ी कार्लोस अल्काराज को अपना पसंदीदा बताया। वैभव ने कहा, “मौजूदा जनरेशन में मुझे कार्लोस अल्काराज का खेल सबसे ज्यादा पसंद है।” वैभव ने यानिक सि‍नर के जीतने की कि थी भविष्यवाणी विंबलडन पुरुष एकल फाइनल से पहले जब वैभव सूर्यवंशी से विजेता को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने बेझिझक यानिक सिनर पर भरोसा जताया। वैभव ने कहा, “सिनर ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया है। मुझे पूरी उम्मीद है कि वही फाइनल जीतकर चैंपियन बनेंगे।” उनकी यह भविष्यवाणी आखिरकार सही साबित हुई। फाइनल में यानिक सिनर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया। उनके अनुमान के सच होने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस भी उनकी सटीक भविष्यवाणी की चर्चा करते नजर आए। युवराज सिंह ने वैभव को टर्मिनेटर- 6 बताया पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह ने क्रिकेट की नई पीढ़ी के बदलाव को समझाने के लिए हॉलीवुड की मशहूर ‘टर्मिनेटर’ फिल्म सीरीज का उदाहरण दिया। उन्होंने खुद को ‘टर्मिनेटर’, अपने शिष्य अभिषेक शर्मा को ‘टर्मिनेटर-4’ और 15 साल वैभव सूर्यवंशी को ‘टर्मिनेटर-6’ बताया। युवराज ने कहा कि हर नई पीढ़ी पिछली पीढ़ी से ज्यादा विकसित, निडर और विस्फोटक होती जा रही है। उनके मुताबिक, मौजूदा युवा खिलाड़ी खेल को नई सोच और अलग अंदाज के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। युवराज बोले- अब वैभव के साथ काम करना चाहूंगा विंबलडन पुरुष सिंग्ल्स फाइनल के दौरान युवराज सिंह, अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी एक साथ नजर आए। इस मौके पर युवराज ने टेनिस और क्रिकेट की तुलना करते हुए कहा कि जिस तरह यानिक सिनर और कार्लोस अल्काराज टेनिस के भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं, उसी तरह क्रिकेट में अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी नई सोच और आक्रामकता के साथ खेल को बदल रहे हैं। युवराज ने कहा, “मैंने अभिषेक के साथ काफी समय तक काम किया है। अब मैं वैभव के साथ भी समय बिताना चाहूंगा। उसके सामने शानदार करियर है। वह बेहद गंभीर खिलाड़ी है और मुझे पूरा भरोसा है कि वह बहुत आगे जाएगा।” जिम्बाब्वे दौरे पर खेलते हुए दिखाई देंगे वैभव सूर्यवंशी वैभव सूर्यवंशी को भारत के लिए इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में डेब्यू करने का मौका मिला था। वैभव ने सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया था। सचिन ने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ 16 साल 205 दिन की उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू किया था। वहीं, वैभव ने 15 साल 99 दिन की उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू किया। हालांकि, वे बल्ले से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके। उन्हें तीन मैचों में खेलने का मौका मिला और आखिरी मैच में बाहर कर दिया गया। अब वे जिम्बाब्वे दौरे पर खेलते हुए दिखाई देंगे।

कांग्रेस नेता की मौत…20 घंटे बाद मां भी चल बसी:अस्थमा अटैक से बेटे ने तोड़ा दम; एक ही चिता पर अंतिम संस्कार देख रो पड़े लोग

मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में कांग्रेस नेता नरेंद्र जैन की मौत का गम उनकी 102 वर्षीय मां राजूबाई सहन नहीं कर सकीं। बेटे के निधन के करीब 20 घंटे बाद मां का भी निधन हो गया। इसके बाद मां और बेटे की अंतिम यात्रा एक साथ निकाली गई। दोनों का अंतिम संस्कार भी एक ही चिता पर किया गया। इसे देख लोगों की आंखें नम हो गईं। जानकारी के मुताबिक, मक्सी के जैन परिवार के सदस्य और पूर्व नगर परिषद उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन (60) की रविवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। कुछ देर बाद अस्थमा अटैक से उनकी मौत हो गई। मृतक के छोटे भाई सुरेंद्र जैन ने बताया कि नरेंद्र जैन के बेटे शुभम जैन रायपुर के एक निजी अस्पताल में कार्यरत हैं। घटना के समय वह शहर से बाहर थे। इसी कारण परिवार ने अंतिम संस्कार सोमवार को करने का फैसला किया। तब तक नरेंद्र जैन का पार्थिव शरीर घर पर रखा गया। ये तस्वीरें देखिए… बेटे के जाने का सदमा नहीं सह सकीं 102 वर्षीय मां नरेंद्र जैन की मां राजूबाई वेदमूथा बेटे की मौत के बाद गहरे सदमे में थीं। बेटे के निधन का दुख उन्हें भीतर तक तोड़ चुका था। सोमवार तड़के परिवार अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटा था। इसी दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। सुरेंद्र जैन ने बताया कि सुबह करीब 5 बजे उन्होंने घर पर अंतिम सांस ली। बेटे की मौत के करीब 20 घंटे बाद मां के निधन से परिवार शोक में डूब गया। इसके बाद दोनों की अंतिम यात्रा एक साथ निकालने का फैसला किया गया। मां और बेटे की अर्थियां एक साथ निकलीं सोमवार को घर से मां और बेटे की अर्थियां एक साथ निकलीं। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में परिजन, समाजजन, स्थानीय लोग और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हुए। मां-बेटे की एक साथ उठी अर्थियां देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार सोमवार दोपहर मक्सी मुक्ति धाम में मां और बेटे का अंतिम संस्कार किया गया। दोनों को एक ही चिता पर मुखाग्नि दी गई। कुछ ही घंटों के अंतराल में एक ही परिवार की दो पीढ़ियों की विदाई ने पूरे नगर को भावुक कर दिया। परिवार में 6 बेटे, पांचवें नंबर पर थे नरेंद्र परिजनों ने बताया कि राजूबाई के 6 बेटे हैं। इनमें नरेंद्र जैन पांचवें नंबर पर थे। नरेंद्र जैन वर्ष 2008 से 2013 तक कांग्रेस पार्टी से मक्सी नगर परिषद के उपाध्यक्ष रहे। वे सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहने के साथ वर्तमान में जैन समाज के उपाध्यक्ष भी थे। …………………………………. ये खबर भी पढ़ें… बेटे की मौत…10 मिनट बाद मां ने भी तोड़ा दम मध्यप्रदेश के छतरपुर में 6 साल के बेटे की मौत का सदमा मां बर्दाश्त नहीं कर सकी। जिला अस्पताल पहुंचने से पहले मां की गोद में लेटे मासूम के शरीर में हलचल बंद हुई। बेटे की मौत के करीब 10 मिनट बाद मां रजिया खातून भी सीट पर टिकी ऐसी शांत हुई कि फिर नहीं उठी। पढ़ें पूरी खबर…

कोटा में ससुराल पहुंचकर दामाद बोला-मैं जहर खाकर आया हूं:पहले हंगामा किया, फिर जेब से निकाली शीशी; इलाज के दौरान तोड़ा दम

कोटा में अपनी पत्नी को लेने ससुराल पहुंचे एक दामाद ने पहले तो जमकर हंगामा किया, फिर अपनी जेब से एक शीशी निकालकर खुद के जहर खाकर आने की बात बताई। यह सुनते ही ससुराल वालों के होश उड़ गए। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और युवक को जैसे-तैसे अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में इलाज के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया। यह घटना आरकेपुरम थाना क्षेत्र के बोराबास भील बस्ती की है। पप्पू लाल (31) चेचट थाना क्षेत्र के खनी गांव का रहने वाला था। पेशे से मजदूरी करता था। पुलिस ने मर्ग दर्ज करके जांच शुरु कर दी है। बच्चों की जिद पर पत्नी को लेने ससुराल पहुंचा था पति आरकेपुरम थाना ASI लक्ष्मी नारायण ने बताया- पप्पू लाल की शादी 8 साल पहले हुई थी और उसके 4 बच्चे हैं। पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। पप्पू अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था। आपसी अनबन के बाद पत्नी अपने 2 बच्चों को लेकर मायके (बोराबास स्थित भेरूपुरा भील बस्ती) आ गई थी, जबकि दो बच्चों को पप्पू के पास ही छोड़ आई थी। खुद पप्पू ही उन्हें बोराबास छोड़कर आया था। रविवार शाम करीब 7 बजे पप्पू लाल बच्चों की जिद पर पत्नी को वापस लेने अपने ससुराल बोराबास पहुंचा। वह शराब के नशे में था और वहां हंगामा करने लगा। ससुराल वालों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना। जेब से जहर की शीशी निकालकर दी ASI लक्ष्मी नारायण ने बताया- रात करीब 10 बजे अचानक पप्पू लाल की तबीयत बिगड़ने लगी। उसने ससुराल वालों को बताया- वह पहले से ही जहर खाकर आया था और उसने अपनी जेब से जहर की शीशी निकालकर दिखाई। हालत गंभीर होने पर उसे तुरंत इलाज के लिए न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। जहां रात करीब 2 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पप्पू के पिता मोहन लाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिस पर पुलिस ने मर्ग दर्ज कर लिया है। पुलिस शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर मामले की गहनता से जांच कर रही है।