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पहले वनडे- वेस्टइंडीज ने न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराया:19 साल के विटैल लॉयस को डेब्यू मैच में 3 विकेट; होप-कार्टी में शतकीय साझेदारी

वेस्टइंडीज ने पहले वनडे में न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराया। टीम 5 मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे हो गई है। गयाना में शनिवार को कैरेबियाई टीम ने 268 रन का लक्ष्य 48.5 ओवर में 3 विकेट पर हासिल किया। केसी कर्टी ने 95 रन बनाए, जबकि कप्तान शाई होप 54 रन बनाकर नाबाद लौटे। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 131 रन की मैच विनिंग पार्टनरशिप की। इससे पहले टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने वाली न्यूजीलैंड टीम ने सभी विकेट खोकर 267 रन बनाए। 19 साल के डेब्यूटेंट लेफ्ट आर्म रिस्ट स्पिनर विटैल लॉयस ने अपने पहले ही इंटरनेशनल मैच में 3 विकेट झटके। लॉयस ने निकोल्स, चैपमैन और ब्रेसवेल को आउट किया न्यूजीलैंड की टीम 44वें ओवर में 4 विकेट पर 234 रन बनाकर बड़े स्कोर की ओर बढ़ रही थी, लेकिन विटैल लॉयस और अल्जारी जोसेफ ने आखिरी ओवरों में मैच पलट दिया। न्यूजीलैंड ने अंतिम 6 विकेट सिर्फ 33 रन के भीतर गंवा दिए। लॉयस ने हेनरी निकोल्स (37), मार्क चैपमैन और माइकल ब्रेसवेल को आउट किया, जबकि अल्जारी जोसेफ ने 41 रन देकर 4 विकेट लिए। कार्टी के हिट-विकेट पर हुआ विवाद वेस्टइंडीज की पारी के 34वें ओवर में कीसी कार्टी 64 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे। जैकब डफी की गेंद पर छक्का लगाने के बाद उनका बल्ला पीछे जाकर स्टंप्स से टकराया और बेल्स गिर गईं। न्यूजीलैंड ने हिट-विकेट की अपील की, लेकिन थर्ड अंपायर अहसान रजा ने रिप्ले देखने के बाद उन्हें नॉट आउट दिया। क्या कहता है नियम? एमसीसी के लॉ 35.2 (हिट-विकेट) के अनुसार अगर बल्लेबाज शॉट खेलने की प्रक्रिया पूरी कर चुका हो और उसके बाद बल्ला, शरीर या कपड़ा विकेट से टकराए, तो उसे हिट-विकेट आउट नहीं माना जाता। इसी नियम के तहत कार्टी को जीवनदान मिला। होप-कार्टी ने संभाली पारी शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद कीसी कार्टी और अकीम ऑगस्टे (28) ने पारी संभाली। इसके बाद कप्तान शाई होप ने कार्टी के साथ तीसरे विकेट के लिए 131 रन जोड़कर मैच न्यूजीलैंड की पहुंच से दूर कर दिया। कार्टी 95 रन बनाकर शतक से चूक गए। उन्होंने 5 चौके और 2 छक्के लगाए। रदरफोर्ड ने छक्के से दिलाई जीत कार्टी के आउट होने के बाद वेस्टइंडीज को अंतिम 30 गेंदों में 37 रन चाहिए थे। कप्तान होप ने लगातार बड़े शॉट लगाकर दबाव खत्म किया और 52 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। आखिर में शेरफेन रदरफोर्ड ने लंबा छक्का लगाकर 7 गेंद शेष रहते टीम को जीत दिला दी। यह गयाना के इस मैदान पर सफलतापूर्वक हासिल किया गया दूसरा सबसे बड़ा लक्ष्य है। ———————————————–

ग्रेड सेकंड एग्जाम: दोनों पारी में 70% उपस्थिति:सेंटर के बाहर खुलवाए जेवर, हाथों में बंधे डोरे, दो पारी में हुई परीक्षा

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC), अजमेर की ओर से वरिष्ठ अध्यापक प्रतियोगी परीक्षा (माध्यमिक शिक्षा विभाग)-2025 रविवार सुबह 27 एग्जाम सेंटरों पर शुरू हुई।सेकंड ग्रेड टीचर भर्ती परीक्षा-2025 पहले दिन की दोनों पारियों की परीक्षा हो गई है। पहला पेपर सामान्य ज्ञान का हुआ। इसमें 70.84 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने भाग्य आजमाया है। दोनों ही पारियों के लिए 11261-11261 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड थे। इसमें से पहली पारी में कुल रजिस्टर्ड 11 हजार 261 में से 7 हजार 977 परीक्षार्थियों ने ही परीक्षा दी। तीन हजार 284 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इसी तरह दूसरी पारी में सामाजिक विज्ञान का पेपर हुआ।इसमें 69.46 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। इसमें भी रजिस्टर्ड 11 हजार 261 में से 7 हजार 822 ने परीक्षा दी। इसमें 3439 अनुपस्थित रह
इस परीक्षा के लिए 11 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी रजिस्टर्ड है। पहले दिन का पहला पेपर सामान्य ज्ञान का सुबह दस बजे से दोपहर 12 बजे तक हुआ। इसमें 70.84 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने भाग्य आजमाया है। इस पेपर के लिए कुल रजिस्टर्ड 11 हजार 261 में से 7 हजार 977 परीक्षार्थियों ने ही परीक्षा दी। तीन हजार 284 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इससे पहले परीक्षार्थियों को कड़ी जांच के बाद प्रवेश दिया गया। कई परीक्षार्थी हाथ, नाक, कान में जेवर पहनकर और डोरे बांधकर आ गए, उन्हें सेंटर के बाहर खुलवाए और काटे गए। सुबह 10 बजे परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले परीक्षा केंद्र में प्रवेश बंद कर दिया गया। 10 बजे परीक्षा शुरू हो गई है। दो पारियों में होगी परीक्षा पहली पारी की परीक्षा सुबह दस बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी, फिर दूसरी पारी की परीक्षा दोपहर बाद 3 बजे से शाम 5.30 बजे तक होगी। परीक्षा को लेकर कड़ी सुरक्षा और सख्ती की है। ADM विनोद कुमार मीना ने बताया- यह परीक्षा जिले में 12 से 17 जुलाई तक आयोजित की जाएगी। पहली पारी में सुबह दस बजे से दोपहर 12 बजे तक सामान्य ज्ञान की परीक्षा होगी। इसके लिए 11 हजार 261 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड है। परीक्षा की निगरानी के लिए 8 पेपर कोऑर्डिनेटर, 47 ऑब्जर्वर और 4 सतर्कता दल तैनात किए गए हैं। दूसरी पारी में सामाजिक विज्ञान विषय की परीक्षा होगी। परीक्षा में 11,640 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड 13 जुलाई को पहली पारी में सामान्य ज्ञान तथा दूसरी पारी में हिंदी विषय की परीक्षा आयोजित होगी। उसके लिए 11,640 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड है। इसी प्रकार आगामी दिनों में सामान्य ज्ञान, विज्ञान, संस्कृत, गणित, अंग्रेजी और उर्दू विषयों की परीक्षाएं आयोग द्वारा जारी समय-सारिणी के अनुसार 17 जुलाई तक होगी। परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिला मुख्यालय पर एक नियंत्रण कक्ष कार्यालय जिला मजिस्ट्रेट, टोंक में स्थापित किया गया है। नियंत्रण कक्ष के संचालन के लिए अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक कृष्ण गोपाल शर्मा को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया है।

वर्ल्ड अपडेट्स:कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा का निधन; 74 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का रविवार सुबह 74 साल की उम्र में निधन हो गया। इसकी जानकारी कतर के सर्वोच्च सरकारी निकाय अमीरी दीवान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दी। अमीरी दीवान ने अपने बयान में कहा कि शेख हमद ने रविवार सुबह अंतिम सांस ली। हालांकि, उनके निधन का कारण नहीं बताया गया है। शेख हमद बिन खलीफा अल थानी 1995 से 2013 तक कतर के अमीर रहे। उनके कार्यकाल में कतर ने आर्थिक और कूटनीतिक स्तर पर तेजी से विकास किया। वर्ष 2013 में उन्होंने सत्ता अपने बेटे शेख तमीम बिन हमद अल थानी को सौंप दी थी, जो वर्तमान में कतर के अमीर हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन, अचानक हुई बीमारी से 71 साल की उम्र में मौत अमेरिका के सीनियर रिपब्लिकन नेता और साउथ कैरोलिना से सीनेटर लिंडसे ग्राहम का शनिवार रात निधन हो गया। वह 71 वर्ष के थे। उनके कार्यालय ने रविवार तड़के जारी बयान में कहा कि अचानक हुई बीमारी के बाद उनका निधन हुआ। परिवार ने लोगों से प्रार्थना करने और इस कठिन समय में निजता बनाए रखने की अपील की है। लिंडसे ग्राहम अमेरिकी राजनीति के प्रमुख रिपब्लिकन नेताओं में शामिल थे। वह 1994 में पहली बार प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) के लिए चुने गए थे। इसके बाद 2002 में अमेरिकी सीनेट पहुंचे और तब से दक्षिण कैरोलिना का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। हाल ही में वह यूक्रेन गए थे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात कर रूस-यूक्रेन युद्ध पर चर्चा की थी। सीनेट में ग्राहम बजट समिति के चेयरमैन थे। इसके अलावा वह एप्रोप्रिएशंस कमेटी, ज्यूडिशियरी कमेटी और एनवायरमेंट एंड पब्लिक वर्क्स कमेटी के सदस्य भी रहे। राजनीति में आने से पहले ग्राहम अमेरिकी वायुसेना में वकील के रूप में सक्रिय ड्यूटी पर रहे। बाद में उन्होंने साउथ कैरोलिना एयर नेशनल गार्ड में भी सेवा दी और खाड़ी युद्ध के दौरान उन्हें फिर से सक्रिय ड्यूटी पर बुलाया गया था।

कोटपूतली-बहरोड़ में वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा शुरू:17 जुलाई तक 24 केंद्रों पर होगा आयोजन, 5,691 अभ्यर्थी रहे मौजूद

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से आयोजित वरिष्ठ अध्यापक प्रतियोगी परीक्षा-2026 आज से शुरू हो गई है। यह परीक्षा 12 से 17 जुलाई तक कोटपूतली-बहरोड़ जिले के 24 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। इन 24 केंद्रों में 11 राजकीय और 13 निजी केंद्र शामिल हैं। 5,691 अभ्यर्थी परीक्षा में रहे मौजूद कोटपूतली-बहरोड़ जिले में आयोजित वरिष्ठ अध्यापक प्रतियोगी परीक्षा के पहले दिन अभ्यर्थियों की अच्छी उपस्थिति रही। जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर पंजीकृत 8,815 अभ्यर्थियों में से 5,691 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 3,120 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। 4 सतर्कता दल गठित प्रशासन ने परीक्षा के सफल संचालन के लिए सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए हैं। इसके लिए 4 सतर्कता दल गठित किए गए हैं। साथ ही, 35 पर्यवेक्षक, 24 केंद्राधीक्षक, 24 सहायक केंद्राधीक्षक और 995 अभिजागर (इनविजिलेटर) नियुक्त किए गए हैं। जिले के कोटपूतली, पावटा और बहरोड़ में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों पर पुलिस की निगरानी, अभ्यर्थियों की फ्रिस्किंग, पेयजल, बिजली और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रहेगी। प्रत्येक केंद्र पर डॉक्टर और एएनएम की टीम भी तैनात की गई है। प्रशासन ने बताया कि होटल, धर्मशाला और अन्य ठहरने वाले स्थानों पर भी पुलिस की निगरानी रखी जा रही है। परीक्षा से संबंधित सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नियंत्रण कक्ष एडीएम कार्यालय में सुबह 7:30 बजे से परीक्षा समाप्त होने तक संचालित रहेगा।

इस हफ्ते शेयर बाजार की चाल तय करेंगे 5 फैक्टर्स:रिलायंस-HDFC बैंक के Q1 नतीजे, अमेरिका-ईरान तनाव पर भी रहेगी निवेशकों की नजर

भारतीय शेयर बाजार के लिए कल 13 जुलाई से शुरू होने वाला हफ्ता काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। इस हफ्ते बाजार की दिशा रिलायंस और HDFC बैंक जैसी बड़ी कंपनियों के जून तिमाही के नतीजों, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों जैसे 5 बड़े फैक्टर्स से तय होगी। चलिए समझते हैं अगले हफ्ते बाजार में क्या हो सकता है… सपोर्ट और रेजिस्टेंस सपोर्ट जोन: 24,125 | 23,935 | 23,872 | 23,812 | 23,783 | 23,466 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 24,382 | 24,450 | 24,480 | 24,535 | 24,646 | 24,685 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है। नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है। 5 फैक्टर्स जो तय करेंगे बाजार की दिशा… 1. रिलायंस और HDFC बैंक समेत 143 कंपनियों के Q1 नतीजे इस हफ्ते देश की कुल 143 कंपनियां अपने तिमाही नतीजों की घोषणा करेंगी। इनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक, ICICI बैंक, एक्सिस बैंक, विप्रो और HCL टेक जैसी कंपनियां शामिल हैं। बाजार के जानकार इन कंपनियों के नतीजों के साथ-साथ आगे के मैनेजमेंट कमेंट्री पर नजर रखेंगे। 2. कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिका-ईरान में बढ़ा तनाव मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ने के बाद कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर फोकस में आ गई हैं। बीते हफ्ते ब्रेंट क्रूड में 5% और WTI क्रूड में 4% से ज्यादा की तेजी आई है। इसकी मुख्य वजह अमेरिका का ईरान पर किए गए हमले और ईरान की तरफ से पलटवार की चेतावनी है। 3. FII और DII की एक्टिविटी विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) ने पिछले हफ्ते ₹4,670 करोड़ के शेयर खरीदे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी बाजार को सपोर्ट दिया और ₹8,280 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की। इस हफ्ते भी निवेशकों की नजर FII और DII एक्टिविटी पर होगी। 4. ग्लोबल मार्केट की चाल ग्लोबल मार्केट के संकेतों का असर भी भारतीय बाजारों पर देखने को मिल सकता है। अमेरिकी बाजार का नैस्डैक 0.29% और डाउ जोन्स 0.29% शुक्रवार को मजबूत होकर बंद हुआ था। वहीं एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2% और जापान का निक्केई 1.4% चढ़ा। 5. टेक्निकल चार्ट: निफ्टी के लिए 24,550 का स्तर अहम रेजिस्टेंस SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह के मुताबिक, निफ्टी फिलहाल अपने मूविंग एवरेज के आसपास घूम रहा है। आने वाले दिनों में निफ्टी के लिए 24,500-24,550 का जोन एक बड़ा रेजिस्टेंस है, जबकि नीचे की तरफ 23,950-23,900 का जोन मजबूत सपोर्ट का काम करेगा। शुक्रवार को सेंसेक्स 828 अंक चढ़कर बंद हुआ था शुक्रवार, 10 जुलाई को सेंसेक्स 828 अंक (1.08%) की तेजी के साथ 77,569 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 244 अंकों (1.02%) की तेजी रही, ये 24,206 पर पहुंच गया। बैंक और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी रही। डिस्क्लेमर: ये लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। ऊपर दी गई राय और सलाह व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों की हैं, न कि दैनिक भास्कर की। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि कोई भी निवेश फैसला लेने से पहले सर्टिफाइड विशेषज्ञों से सलाह जरूर लें।

'मां नहीं आएगी तब तक खाना नहीं खाऊंगी':नवजात भाई लगातार रो रहा; पिता बोले- पत्नी की हॉस्पिटल की लापरवाही से मौत, कहां से लाऊं

भीलवाड़ा शहर का मंगलपुरा इलाका। यहां रहने वाले मनीष के घर के बाहर तक रोने की आवाज आ रही हैं। आवाज दो मासूमों की है। एक ही उनकी चार साल की बेटी और दूसरा है हफ्तेभर पहले जन्म उनका बेटा। मनीष बताते हैं.. दोनों ही बच्चे कुछ नहीं खा रहे और लगातार रोए जा रहे हैं, उनकी आंखें सूज गई हैं, लेकिन रोना बंद नहीं हो रहा है। दोनों केवल अपनी मां की गोद में जाना चाहते हैं। लेकिन मनीष की पत्नी ईशा की सिजेरियन डिलीवरी के तीन दिन बाद (8 जुलाई) भीलवाड़ा के सरकारी हॉस्पिटल में मौत हो चुकी है। ये हालात केवल मनीष के घर के ही नहीं हैं, ऐसे चार और नवजात हैं, जिन्होंने आंखें खोली तो मां का साथ छूट गया। इन बच्चों के परिवारों का आरोप है भीलवाड़ा के महात्मा गांधी सरकारी हॉस्पिटल की लापरवाही से कारण ये मौतें हुई हैं। सबसे पहले देखिए ये 2 तस्वीरें… बेटी की जिद…पिता लाचार महसूस कर रहे ईशा की 4 साल की बेटी ने रो-रो कर आंखें सुजा ली हैं। कहती है- मां नहीं आएगी तो खाना नहीं खाऊंगी। बेटी की जिद के आगे पिता खुद को लाचार महसूस कर रहे हैं। मनीष नम आंखों से कहते हैं कि बेटी को कैसे समझाऊं, मासूम बेटे के लिए क्या करूं की कि वो चुप हो जाए, कुछ समझ नहीं आ रहा। क्रिटिकल कंडीशन में हमने ईशा को बचाने को कहा था मनीष ने बताया- मंगलपुरा से 5 जुलाई को हमने ईशा को भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टर ने बोला था कि ईशा की सिजेरियन डिलीवरी होगी। इसकी कंडीशन थोड़ी क्रिटिकल है। कोशिश मां और बच्चे दोनों को बचाने की रहेगी। डिलीवरी के समय परिस्थिति बिगड़ी तो हमने ईशा को बचाने के लिए सहमति दे दी थी। ऑपरेशन के बाद मां और बेटा दोनों स्वस्थ थे। अगले ही दिन 6 जुलाई की शाम से ईशा की तबीयत बिगड़ने लगी। 7 जुलाई को उसकी हालत और बिगड़ गई और 8 जुलाई को शाम करीब 4 बजे उसने दम तोड़ दिया। मनीष का आरोप है कि- 2 दिन ईशा ने जिंदगी की जंग लड़ी। अगर हॉस्पिटल में डॉक्टर सही से उसका इलाज करते है, जल्दी-जल्दी आते तो ईशा सकती थी। डॉक्टर-स्टाफ ने की लापरवाही- मनीष मनीष ने आरोप लगाया कि 6 से 8 जुलाई तक ईशा को जब सबसे ज्यादा डॉक्टरी देखभाल की जरूरत थी। उस समय हॉस्पिटल में किसी ने उस पर ध्यान नहीं दिया। हमने स्टाफ से काफी मिन्नतें की। कहा- उसका ध्यान रखें, उसकी तबीयत बिगड़ती जा रही है। उसकी बॉडी में लगातार कई चेंज हो रहे थे लेकिन, डॉक्टर्स को पता ही नहीं लग सका कि, उसे क्या हुआ? पिता बोले- मेरी एडवाइजर थी ईशा ईशा के पिता रामेश्वर पांडे कहते हैं- न मेरे भाई है, न मेरे बेटा है। मैंने अपनी दोनों बेटियों को बेटा समझ कर पाला-पोसा और बड़ा किया। ईशा और नेहा दोनों बहनें आपस में एक साथ रहें। इसलिए मैंने इनकी मंगलपुरा में एक ही परिवार के 2 भाइयों से शादी की। मेरी बड़ी बेटी ईशा मेरी एडवाइजर भी थी, हर सुख में दुख में वो मुझे समझती थी। घर परिवार में कोई भी समस्या होती थी तो मैं उसी से पूछ कर उस काम को करता था। अब इस पड़ाव में बेटी को खोना एक बाप से पूछो कि उसके दिल पर क्या बीतती होगी। छोटी बहन बोली- बेटे को लेकर ईशा की बहुत प्लानिंग थी ईशा की छोटी बहन नेहा की शादी भी इसी घर में मनीष के छोटे भाई से हुई है। नेहा कहती हैं- मेरी बहन मेरी दोस्त से बढ़कर थी, बचपन से हम लोग साथ में रहे एक दूसरे के सुख-दुख को बांटे। बाद में भी हम लोग अलग न हो इसीलिए पापा ने एक ही परिवार में हमारी शादी की। ईशा मेरी बड़ी बहन भी थी ईशा मेरी जेठानी भी थी और मेरी सबसे अच्छी दोस्त भी थी। 6 जुलाई को जब उसको बेटा हुआ तो वो काफी खुश थी। बच्चे के जन्म को लेकर कई प्रोग्राम करने की प्लानिंग उसके दिमाग में थी। 1 अगस्त को ईशा का बर्थडे नेहा ने कहा- 1 अगस्त को उसका बर्थडे था तो उसने सोचा था उसी दिन पूरे परिवार को बुलाकर अपने बेटे का नामकरण संस्कार करूंगी। लेकिन, डॉक्टरों की लापरवाही के चलते मेरी बहन की मौत हो गई। जब उसकी तबीयत बिगड़ रही थी तो हमने डॉक्टर को कई बार रिक्वेस्ट करते हुए कहा था कि उसका ध्यान रखें। अगर उसे कहीं बाहर ले जाना हो तो हम उसे बाहर ले जाएं, लेकिन किसी ने उसका ध्यान नहीं रखा। एक स्त्री रोग, 4 प्रसूताओं की मौत अस्पताल की ओर से जारी प्रारंभिक जांच में सामने आया है फेरी देवी स्त्री रोग मरीज थीं गर्भवती नहीं थीं। 30 जून को भर्ती हुई थीं, ऑपरेशन 1 जुलाई को हुआ। 7 जुलाई को उनकी मौत हो गई। मौत का कारण मायोकार्डियल इन्फार्क्शन (हार्ट अटैक) माना गया। शिमला गुर्जर प्रसूता थीं और 5 जुलाई को भर्ती हुई थी। उनका ऑपरेशन नहीं हुआ। 7 जुलाई को मौत हो गई। यह रेफर केस था। इसमें गंभीर एनीमिया समेत अन्य रोगों को मौत का कारण बताया है। ईशा पांडे भी प्रसूता थी, 5 जुलाई को उन्हें अस्पताल लाया गया था। 6 जुलाई को ऑपरेशन हुआ। 8 जुलाई को मौत हो गई। अस्पताल ने मौत का कारण पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म बताया है। दिव्या सेन भी प्रसूता के रूप में 7 जुलाई को अस्पताल में भर्ती हुई थी। ऑपरेशन भी 7 जुलाई को ही हुआ। उनकी मौत 2 दिन बाद 9 जुलाई को हुई। यह एक रेफर केस था। मौत का कारण है ब्लड प्रेशर और अन्य कारण माने गए हैं। संगीता जीनगर भी प्रेगनेंसी में अस्पताल में 9 जुलाई को भर्ती हुई थीं। 9 जुलाई को ही ऑपरेशन हुआ और अगले दिन 10 जुलाई को मौत हुई। हैवी ब्लीडिंग को मौत का कारण माना है। …. ये खबर भी पढ़िए… मां दुनिया में नहीं, बकरी का दूध पी रहा नवजात:परिजन बोले- वह दर्द से तड़प रही थी, नॉर्मल डिलीवरी करवाना चाहते थे डॉक्टर बांसवाड़ा में 4 प्रसूताओं की मौत के बाद राज्य सरकार से आई टीम अस्पताल में जांच में जुटी है। 3 प्रसूताओं के परिजन उन्हें ले गए। पूरी खबर पढ़े… डॉक्टर बोले- प्रसूताएं सीरियस थीं,एक को हार्टअटैक आया:परिजनों का आरोप- पोस्टमॉर्टम किए बिना शव सौंपा, खून चढ़ाया ही नहीं भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल के मातृ एवं शिशु अस्पताल (MCH) में 6 दिन में 5 और बांसवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में 4 दिन में 4 प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। इन सभी प्रसूताओं की सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। पढ़ें पूरी खबर…

उदयपुर में 99 सेंटर्स सेकंड ग्रेड टीचर भर्ती एग्जाम:पहली पारी में जीके और दूसरी पारी सोशल साइंस का पेपर, 17 जुलाई तक होंगे एग्जाम

आरपीएससी की सेकंड ग्रेड टीचर भर्ती एग्जाम आज से शुरू हो गए। रविवार को पहले दिन सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक पेपर चल रहा है। पहली पारी के एग्जाम के लिए सुबह 9 बजे तक अभ्यर्थियों को एंट्री दी गई। एडमिट कार्ड और मूल आधार कार्ड से मेचिंग के बाद मेटल डिटेक्टर से भी जांच हुई। इसके बाद अभ्यर्थी को अंदर जाने दिया गया। पहली पारी में सामान्य ज्ञान (जीके ग्रुप ए) का पेपर चल रहा है। सुबह 9 बजे सभी सेंटर्स पर कड़ी सुरक्षा के बीच पेपर पहुंचे। रविवार को दूसरी पारी का पेपर दोपहर 3 बजे से शाम 5:30 बजे तक होगा। दूसरा पेपर सोशल साइंस का है। दोनों पारियों के लिए 21,504 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड है। इसके लिए उदयपुर में कुल 99 निजी और सरकारी स्कूल में सेंटर्स बनाए गए है। 6 दिन यानि 17 जुलाई तक रोजाना 2 पारियों में यह एग्जाम होंगे। पूरी परीक्षा के दौरान सबसे ज्यादा अभ्यर्थियों के एग्जाम सोमवार को है। जब जीके ग्रुप-बी और हिंदी विषय की परीक्षा में रिकॉर्ड 29,488 अभ्यर्थी बैठेंगे। परीक्षा के लिए शहर में कुल 99 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 43 सरकारी और 56 निजी विद्यालय शामिल हैं। उड़नदस्तों की निगरानी के लिए 17 सतर्कता दल और 33 उपसमन्वयक तैनात किए गए हैं। एग्जाम को लेकर आयोग की ओर से सख्त नियम लागू किए गए हैं। सेंटर्स पर पर वैध एडमिट कार्ड और ओरिजनल आईडी लाना अनिवार्य किया गया है, जिसके बिना एंट्री नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही केंद्र के भीतर मोबाइल, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ या अन्य कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना पूरी तरह बैन है। हर सेंटर्स पर परीक्षा कक्ष में केवल 24 अभ्यर्थियों के बैठने की क्षमता तय की गई है, जहां दो वीक्षकों की तैनाती रहेगी।
6 दिनों तक रोजाना सुबह 10 से दोपहर 12 बजे और दोपहर 3 से शाम 5:30 बजे तक एग्जाम होंगे। 13 जुलाई को सामान्य ज्ञान ग्रुप बी और हिंदी विषय की परीक्षा होगी, जिसमें सबसे अधिक 29,488 अभ्यर्थी बैठेंगे। 14 जुलाई को सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक और दोपहर 3 से शाम 5:30 बजे तक सामान्य ज्ञान ग्रुप सी तथा विज्ञान विषय की परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें सामान्य ज्ञान के लिए 29,376 और विज्ञान के लिए 19,488 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड हैं। 15 जुलाई को केवल सुबह की पारी में 10 से दोपहर 12:30 बजे तक संस्कृत विषय की परीक्षा होगी, जिसमें 9,912 परीक्षार्थी भाग लेंगे। 16 जुलाई को सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक और दोपहर 3 से शाम 5:30 बजे तक सामान्य ज्ञान ग्रुप डी तथा गणित विषय की परीक्षा होगी, जिसमें सामान्य ज्ञान के लिए 10,608 और गणित के लिए 5,232 अभ्यर्थी बैठेंगे। परीक्षा के अंतिम दिन 17 जुलाई को सुबह 10 से दोपहर 12:30 बजे तक अंग्रेजी और दोपहर 3 से शाम 5:30 बजे तक उर्दू विषय की परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें अंग्रेजी विषय के लिए 5,160 और उर्दू के लिए 216 अभ्यर्थी शामिल होंगे।

सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा: महिला कैंडिडेट्स की चेन-चूड़ी-बिछिया तक उतरवाई:लास्ट मिनट पर भागते नजर आए अभ्यर्थी, 1 घंटे पहले बंद हुए गेट

राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा कोटा के 67 केंद्रों पर हो रही है। 9 बजे गेट बंद कर दिए गए। इस दौरान 2 अभ्यर्थियों ने लास्ट मिनट पर भागकर एंट्री ली। वहीं 3 लेयर जांच के बाद ही कैंडिडेट्स को प्रवेश दिया गया। उद्योग नगर थाने के एएसआई गिर्राज मीणा ने बताया कि हर अभ्यर्थी की बारीकी से जांच की जा रही है। किसी भी धातु की वस्तु, गले में पहनी चेन, हाथों के कड़े, चूड़ियां, बिछिया और मेटल वाले सामान को बाहर ही उतरवाया गया। जींस के बड़े मेटल बटन जैसी वस्तुओं पर भी विशेष निगरानी रखी गई। पूरी प्रक्रिया के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया और सुबह 10 बजे निर्धारित समय पर परीक्षा शुरू हुई। परीक्षा शुरू होने से पहले जिला कलेक्ट्रेट से पुलिस सुरक्षा के बीच प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए गए। उद्योग नगर स्थित इंदिरा गांधी क्षेत्र के परीक्षा केंद्र पर सुबह 9 बजे निर्धारित समय पर मुख्य गेट बंद कर दिए गए। गेट बंद होने से ठीक पहले स्कूल स्टाफ ने आवाज लगाकर बाहर मौजूद अभ्यर्थियों को बुलाया। इसी दौरान दो अभ्यर्थी दौड़ते हुए पहुंचे और समय रहते प्रवेश मिला। सबसे पहले पुलिसकर्मियों ने मेटल डिटेक्टर से प्रत्येक अभ्यर्थी की सघन जांच की। इसके बाद स्कूल स्टाफ ने प्रवेश पत्र और पहचान पत्र सहित सभी दस्तावेजों का वैरिफिकेशन किया। जांच पूरी होने के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। कोटा में 67 परीक्षा केंद्रों में 41 सरकारी और 26 निजी विद्यालय शामिल हैं। परीक्षा दो पारियों में हो रही है। पहली पारी सुबह 10 से 12 बजे तक सामान्य ज्ञान (ग्रुप-ए) और दूसरी पारी दोपहर 3 से शाम 5:30 बजे तक सामाजिक विज्ञान विषय की रही। दोनों पारियों में कुल 36 हजार 336 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे।

पेड़ से लटका मिला युवक का शव:एक दिन पहले ही निकला था घर से, मौत के कारणों की जांच जारी

झुंझुनूं के सदर थाना क्षेत्र के भूरासर गांव में रविवार सुबह एक युवक का शव जोहड़ के पास एक जाल के पेड़ पर फंदे से लटका मिला। मृतक की पहचान 20 साल के राजकुमार के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर झुंझुनूं के बीडीके हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। शनिवार से घर से निकला हुआ था युवक मृतक के भाई सुनील ने बताया कि राजकुमार शनिवार को घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। इसके बाद परिवार के लोग उसकी तलाश में जुट गए। रविवार सुबह करीब 6 बजे उसकी मां और भाई सुनील उसे ढूंढते हुए गांव के जोहड़ की तरफ पहुंचे। मां और भाई ने देखा शव परिजनों ने जोहड़ के पास जाल के पेड़ पर राजकुमार का शव फंदे से लटका देखा। यह देखकर परिवार के लोग घबरा गए। उनके शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी गई। मजदूरी करता था राजकुमार परिजनों के अनुसार राजकुमार मजदूरी का काम करता था और स्वभाव से शांत था। परिवार ने बताया कि पिछले कुछ समय से उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं चल रही थी, जिसको लेकर घर के लोग चिंतित रहते थे। राजकुमार पांच भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसके पिता महेंद्र भी मजदूरी करते हैं। पुलिस ने जुटाए साक्ष्य सूचना मिलने के बाद सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र का जायजा लेकर साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को नीचे उतरवाकर बीडीके हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। मौत के कारणों की जांच जारी सदर थाना पुलिस के अनुसार युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका अभी खुलासा नहीं हो पाया है। मामले की जांच की जा रही है।

राजस्थान का पहला हिस्ट्रीशीटर डॉक्टर अब नहीं कर सकेगा प्रैक्टिस:चलती गाड़ी मे भी कर देता था भ्रूण-लिंग जांच, 5 बार गिरफ्तार भी हुआ

भ्रूण-लिंग जांच के मामले में कई बार पकड़ा जा चुका डॉक्टर मोहम्मद इम्तियाज अब राजस्थान में प्रैक्टिस नहीं कर पाएगा। राजस्थान मेडिकल कौंसिल ने उसका रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया है। पीसीपीएनडीटी सेल ने 5 बार इम्तियाज को गिरफ्तार किया था। पकड़े जाने के बावजूद भी वह अवैध भ्रूण लिंग जांच का गिरोह चलाता रहा। करीब 7 साल पहले जोधपुर पुलिस ने इम्तियाज को हिस्ट्रीशीटर घोषित किया था। डॉक्टर की हिस्ट्रीशीट खोलने का ये पहला मामला था। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… घर में कर रहा था जांच: डॉ. मोहम्मद इम्तियाज पहली बार साल अक्टूबर 2016 में अवैध भ्रूण-लिंग जांच करते हुए पकड़ा गया था। उस समय वह बालेसर (जोधपुर) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का प्रभारी था। डॉ. इम्तियाज को अपने साथी भैरोंसिंह के घर जांच करते हुए पकड़ा गया था। इस मामले में वो जेल में भी रहा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 8 अक्टूबर 2016 को सस्पेंड कर दिया गया था। साथियों के साथ फिर गिरफ्तार: सात महीने बाद फिर से इस धंधे में शामिल हो गया। मई 2017 में डॉ. इम्तियाजअपने दलाल साथियों के जरिए भ्रूण लिंग जांच करते पकड़ा गया। इस मामले में भी उसे गिरफ्तार किया था। चलती गाड़ी में कर रहा था टेस्ट: जनवरी 2018 में सेल को सूचना मिली थी कि झुंझुनूं की गर्भवती महिलाओं की अवैध भ्रूण लिंग जांच की जा रही है। टीम ने गर्भवती डिकॉय महिला व सहयोगी को भेजा। जोधपुर पहुंचने पर टीम और डिकाय गर्भवती महिला स्टेशन पहुंचे तो दलाल अपनी गाड़ी में बैठाकर गर्भवती को ले गया। चलती गाड़ी में उसकी जांच की गई। इसके बाद सेल की टीम ने डॉ.इम्तियाज को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास पोर्टेबल मशीन और 15 हजार रुपए भी मिले। दलाल साथी के साथ जांच करते पकड़ा: आरोपी एक बार फिर 9 सितंबर, 2018 को पीसीपीएनडीटी सेल ने डिकॉय ऑपरेशन करते हुए पकड़ा गया। डॉ.इम्तियाज अपने दलाल साथी के साथ एक मकान में गर्भवती का अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण करते पकड़ा। इसके बाद साल 2022 में भी डॉ. इम्तियाज के खिलाफ एक और मामला सामने आया था। इस तरह कैंसिल हुआ रजिस्ट्रेशन राजस्थान मेडिकल कौंसिल की 136वीं जनरल बॉडी मीटिंग में 30 जून को डॉ.मोहम्मद इम्तियाज का रजिस्ट्रेशन कैंसिल किया गया है। मानवाधिकार आयोग, नेशनल मेडिकल कमीशन और पीसीपीएनडीटी सेल द्वारा मिली शिकायतों के आधार पर ये कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि पीनल एंड एथिकल कमेटी में हमारे एक्सपर्ट डॉक्टर्स की कमेटी होती है। कमेटी वादी और परिवादी दोनों पक्षों को सुनने के साथ ही गवाह-सबूत की जानकारी लेने के बाद निर्णय लेती है। पीएनएल एथिकल कमेटी की अनुशंसा पर जनरल बॉडी निर्णय लेती है। उन्होंने बताया कि अब डॉ.मोहम्मद इम्तियाज राजस्थान में प्रैक्टिस नहीं कर सकते हैं। पहली बार खोली गई थी हिस्ट्रीशीट लगातार भ्रूण लिंग जांच को लेकर कुख्यात हो चुके डॉ. इम्तियाज को जोधपुर पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर भी घोषित कर दिया था। चार मामले दर्ज होने के बावजूद वो अवैध भ्रूण-लिंग जांच में शामिल रहा। ऐसे मामलों को देखते हुए 7 साल पहले जोधपुर पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर घोषित कर दिया था।