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चूरू में 35 पुलिस अधिकारियों के तबादले:एसपी निश्चय प्रसाद ने जारी किया आदेश, कई थानों के SHO बदले

चूरू जिले में पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद ने 35 पुलिस निरीक्षकों (सीआई) और उप-निरीक्षकों (एसआई) के तत्काल प्रभाव से तबादले और पदस्थापन के आदेश जारी किए हैं। इस बदलाव में जिले के कई प्रमुख थानों के थानाधिकारी बदले गए हैं, वहीं लंबे समय से पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। प्रमुख थानों में नए थानाधिकारी जारी आदेश के अनुसार पुलिस निरीक्षक मुकुट बिहारी को आरआई पुलिस लाइन चूरू से थानाधिकारी सुजानगढ़ नियुक्त किया गया है। सुखराम चोटिया को कोतवाली चूरू से सदर सुजानगढ़ भेजा गया है। बेगाराम को सुजानगढ़ से राजलदेसर, सतपाल बिश्नोई को तारानगर से हमीरवास तथा गौरव खिड़िया को रतनगढ़ से कोतवाली चूरू का थानाधिकारी बनाया गया है। मोटाराम को सदर चूरू से छापर, शंकरलाल को साहवा से सालासर, भागूराम को भालेरी से भानीपुरा तथा रामनिवास बिडियासर को रतननगर से पुलिस लाइन चूरू भेजा गया है। महत्वपूर्ण शाखाओं और थानों में भी बदलाव इंद्रलाल को छापर से सदर चूरू, महेंद्र कुमार को दूधवाखारा से सांडवा तथा कुसुमलता को एसआईयूसीएडब्ल्यू (वर्तमान में थाना साइबर चूरू) से महिला थाना चूरू की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कमल कुमार को प्रभारी जिला विशेष शाखा से थाना साइबर चूरू और संदीप कुमार को रतनगढ़ का थानाधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रतीक्षारत अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी लंबे समय से पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे कई अधिकारियों को भी नई तैनाती दी गई है। कैलाशचंद्र को पुलिस लाइन चूरू, सुभाष चंद्र कच्छावा को अपराध सहायक, जगदीश सिंह को साहवा, कृष्ण कुमार को बीदासर, राजेंद्र सिंह को पुलिस लाइन चूरू, बजरंगलाल को आरआई पुलिस लाइन चूरू, अजय कुमार को भालेरी, धीरेंद्र सिंह को सरदारशहर, पुष्पेंद्र सिंह को तारानगर, अमित कुमार स्वामी को प्रभारी यातायात शाखा चूरू तथा देवेंद्र सोनी को प्रभारी जिला विशेष शाखा बनाया गया है। उप-निरीक्षकों के स्तर पर भी व्यापक फेरबदल उप-निरीक्षकों की श्रेणी में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। धर्मेन्द्र सिंह को राजगढ़ से सिद्धमुख, सुभाषचन्द्र को पुलिस लाइन चूरू से रतननगर, किशनाराम को कोतवाली चूरू से प्रभारी डीएसटी, कमलेश कुमार को चौकी गोठया से राजगढ़ तथा हंसराज गुर्जर को प्रभारी यातायात चूरू से चौकी गोठया भेजा गया है। पदस्थापन की प्रतीक्षा में चल रहे मोहर सिंह मीणा और पृथ्वीराज को कोतवाली चूरू, कोहर सिंह को सुजानगढ़ तथा दलीप सिंह को सरदारशहर में पदस्थापित किया गया है। तत्काल कार्यभार संभालने के निर्देश पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे तत्काल प्रभाव से अपने नए पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें। इस प्रशासनिक फेरबदल को जिले में पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुचारु बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

बीट्टू शर्मा हत्याकांड के दो इनामी आरोपी गिरफ्तार:जिले के टॉप-10 अपराधियों में शामिल, तीन महीने से थे फरार

बारां शहर के चर्चित मनीष गौतम उर्फ बीट्टू शर्मा हत्याकांड में कोतवाली थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने जिले के टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल दो इनामी आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर 5-5 हजार रुपए का इनाम घोषित था और वे हत्या की वारदात के बाद से लगातार फरार चल रहे थे। पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि 18 अप्रैल को शिवाजी नगर निवासी अशोक कुमार गौतम ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि 17 अप्रैल की रात उनका पुत्र मनीष गौतम उर्फ बीट्टू शर्मा घर लौट रहा था, तभी सत्यनारायण गौतम के मकान के पास कुछ लोगों ने उसे घेरकर चाकुओं से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। रिपोर्ट में पुरानी रंजिश और प्रॉपर्टी विवाद को हत्या का कारण बताया गया था। इस मामले में पुलिस ने पूर्व में राहुल उर्फ राकेश, मुकेश यादव, कमल गहलोत सहित तीन विधि-विरुद्ध बालकों को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त वाहन और चाकू बरामद किए थे। शिवाजी नगर निवासी राजेंद्र गहलोत और बरडिया बस्ती निवासी तेजकरण उर्फ अनिल यादव घटना के बाद से फरार चल रहे थे। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी, यहां तक कि उत्तर प्रदेश में भी वे पुलिस की नाकाबंदी तोड़कर फरार हो गए थे। गिरफ्तारी नहीं होने पर दोनों को जिले के टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल कर 5-5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. कमल जांगिड़ के सुपरविजन और डीएसपी रोहिताश देवन्दा के निर्देशन में गठित टीम ने शुक्रवार को भुलभुलैया चौराहे से इन दोनों इनामी आरोपियों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपियों से हत्याकांड के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है।

हनुमानगढ़ में 18 पुलिस अधिकारियों का तबादला:एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने देर रात जारी किए आदेश, कई थानों को मिले नए प्रभारी

हनुमानगढ़ जिले में पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल करते हुए पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना ने 18 पुलिस निरीक्षकों और उप निरीक्षकों के तबादले कर दिए हैं। तत्काल प्रभाव से लागू इन आदेशों के तहत कई थानों के थानाधिकारी बदले गए हैं, जबकि पुलिस लाइन, साइबर थाना, यातायात और अन्य इकाइयों में भी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। कई प्रमुख थानों में बदले थानाधिकारी जारी आदेशों के अनुसार, भादरा थानाधिकारी लखवीर सिंह को हनुमानगढ़ टाउन थानाधिकारी नियुक्त किया गया है। भिरानी थानाधिकारी राधेश्याम को भादरा का नया थानाधिकारी बनाया गया है, जबकि बीकानेर से स्थानांतरित मदनलाल को भिरानी की जिम्मेदारी दी गई है। सदर थानाधिकारी राकेश सांखला का तबादला टिब्बी किया गया है और बीकानेर से आए राजीव रॉयल को सदर थानाधिकारी नियुक्त किया गया है। महिला थाना, नोहर और रावतसर में नई तैनाती महिला थाना प्रभारी रजनदीप कौर को गोलूवाला थानाधिकारी बनाया गया है। चूरू से स्थानांतरित राय सिंह को पीलीबंगा थानाधिकारी का कार्यभार सौंपा गया है। नोहर थानाधिकारी अजय कुमार अब रावतसर का कार्यभार संभालेंगे, जबकि बीकानेर से स्थानांतरित जगदीश प्रसाद को नोहर थानाधिकारी नियुक्त किया गया है। पुलिस लाइन हनुमानगढ़ में तैनात सुरेंद्र मीणा को खुईयां थानाधिकारी लगाया गया है। साइबर, यातायात और अन्य इकाइयों में भी बदलाव चूरू से स्थानांतरित जयप्रकाश झाझड़िया को गोगामेड़ी थानाधिकारी नियुक्त किया गया है। गोगामेड़ी थानाधिकारी चंद्रकला का तबादला महिला थाना किया गया है। पुलिस लाइन में तैनात मोनिका बिश्नोई को संचित निरीक्षक, पुलिस लाइन बनाया गया है। पीलीबंगा थानाधिकारी जगदीश प्रसाद को साइबर थाना भेजा गया है। राजपाल सिंह को सुरेवाला चौकी प्रभारी से तलवाड़ा थानाधिकारी नियुक्त किया गया है। अन्य अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां पुलिस लाइन में तैनात रघुवीर सिंह को एएचटी यूनिट में पदस्थापित किया गया है। त्वरित अनुसंधान निस्तारण दल में कार्यरत अनिल कुमार चिंदा को यातायात प्रभारी बनाया गया है, जबकि बीकानेर से स्थानांतरित महेश कुमार शीला को त्वरित अनुसंधान निस्तारण दल में लगाया गया है। सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नवीन पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

जयपुर में महिला ने किया सुसाइड:परिवार का आरोप- बच्चे नहीं होने के कारण सुसरालवाले टॉर्चर करते थे

जयपुर में एक विवाहिता के सुसाइड का मामला सामने आया है। महिला ने अपने कमरे में चुन्नी का फंदा लगाकर सुसाइड किया था। बच्चे नहीं होने के कारण सुसरालवाले उसे टॉर्चर करते थे। तुंगा थाना पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने मृतका के भाई की शिकायत पर शुक्रवार को सुसरालवालों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। हेड कॉन्स्टेबल रमेश ने बताया- मृतका ममता मीना (36) कोटखावदा के द्वारकापुरा की रहने वाली थी। तुंगा के दनाउ कलां में रहने वाले होमगार्ड जवान गोविन्द नारायण से साल-2008 में शादी हुई थी। 8 जुलाई को दोपहर ममता ने अपने कमरे में चुन्नी का फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। दोपहर करीब 1 बजे सुसरालवालों के कमरे में बुलाने जाने पर वह फंदे से लटकी मिली। परिजनों ने फंदे से शव को नीचे उतार बरामदे में रख दिया। सुसाइड की सूचना पर तुंगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने FSL टीम की मदद से सबूत जुटाए। पुलिस ने CHC बस्सी में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। सुसरालवालों ने की है हत्या मृतका के भाई सुरेश कुमार ने तुंगा थाने में पति सहित ससुरालवालों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। आरोप है कि शादी के काफी समय बाद भी बच्चे नहीं होने को लेकर ममता को ससुरालवाले टॉर्चर करते थे। सुसरालवालों के टॉर्चर से वह काफी परेशान थी। पिछले 2-3 साल से पति गोविन्द नारायण शराब पीकर आए दिन मारपीट करता था। सुरेश का आरोप है कि सुसरालवालों ने बहन की हत्या कर दी। वह ममता के सुसाइड करने की बता रहे हैं। पुलिस की ओर से शिकायत पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है।

आत्महत्या दुष्प्रेरण मामले में आरोपी गिरफ्तार:हत्या को सुसाइड का रूप देने का प्रयास, भाई की रिपोर्ट पर खुला मामला

डीडवाना-कुचामन जिले की बडू थाना पुलिस ने आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण के एक मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी नानूराम को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पर मृतक को लगातार प्रताड़ित करने का आरोप है, जिसके बाद गहन अनुसंधान कर उसे पकड़ा गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान के निर्देश पर की गई। इसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेन्द्र शर्मा और वृत्ताधिकारी मकराना विक्की नागपाल का सुपरविजन और थानाधिकारी अजय सिंह का नेतृत्व शामिल रहा। पुलिस के अनुसार भादवा निवासी धर्माराम ने बडू थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि उसके भाई की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया। धर्माराम ने जितेंद्र आंचरा, उसके भाइयों और अन्य लोगों पर मृतक को लंबे समय से धमकियां देने, उसका अपहरण कर मारपीट करने और फिर विद्युत हाउस में फंदे से लटकाने का आरोप लगाया था। इस संबंध में बडू थाने में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान गठित विशेष टीम ने फील्ड इंटेलिजेंस और तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। इन साक्ष्यों के आधार पर मृतक को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में नानूराम पुत्र सुखाराम (26), निवासी भादवा को हिरासत में लिया गया। पूछताछ और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच कर रही है। इस कार्रवाई में थानाधिकारी अजय सिंह के नेतृत्व में सहायक उपनिरीक्षक नेमीचंद, देवीलाल, चेतन, कैलाश, जगदीश और किशोर कुलदीप सहित पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने बताया कि कांस्टेबल देवीलाल का इस कार्रवाई में विशेष योगदान रहा।

हनुमानगढ़ पुलिस का महिला सुरक्षा संकल्प: 38 महिलाओं का सम्मान:'सुरक्षित महिला, सशक्त समाज' का दिया संदेश

हनुमानगढ़ जिला पुलिस ने शुक्रवार को टाउन स्थित सेंट्रल पार्क में आयोजित ‘महिला सुरक्षा संकल्प कार्यक्रम–संवाद एवं सम्मान समारोह’ में समाज सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 38 महिलाओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में महिलाओं को सुरक्षा कानूनों, हेल्पलाइन सेवाओं, साइबर अपराध से बचाव, राजकॉप सिटीजन ऐप और आत्मरक्षा के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। देर रात तक चले आयोजन में महिला सुरक्षा को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए जागरूकता और सम्मान का संदेश दिया गया। महिला सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना ने कहा कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों, कानूनों और तकनीकी संसाधनों की जानकारी होगी तो वे किसी भी संकट की स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त कर सकेंगी। उन्होंने समाज से महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार अपनाने और सुरक्षित माहौल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। हेल्पलाइन और सुरक्षा सेवाओं की दी जानकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एसआईयूसीएडब्ल्यू) राजकंवर ने महिला सुरक्षा अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए महिलाओं को राजकॉप सिटीजन ऐप, महिला गरिमा हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112, साइबर हेल्पलाइन 1930, वन स्टॉप सेंटर, POSH एक्ट, शी-बॉक्स, पॉक्सो ई-बॉक्स और महिला बीट अधिकारी योजना की जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं से राजकॉप ऐप डाउनलोड कर उसके एसओएस फीचर का उपयोग सीखने की अपील भी की। जिले में कालिका पेट्रोलिंग की नौ टीमें सक्रिय अधिकारियों ने बताया कि जिले में वर्तमान में कालिका पेट्रोलिंग की नौ इकाइयां कार्यरत हैं। इनमें हनुमानगढ़ जंक्शन और टाउन में तीन-तीन, जबकि रावतसर, नोहर और भादरा में एक-एक इकाई संचालित है। ये टीमें स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर नियमित गश्त कर महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं तथा शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई करती हैं। आत्मरक्षा प्रदर्शन बना आकर्षण कार्यक्रम में आत्मरक्षा प्रशिक्षण का लाइव प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहा। उप निरीक्षक संतोष ढाका और एएसआई गायत्री चौधरी के निर्देशन में मास्टर ट्रेनर हेड कांस्टेबल इन्द्रा ने महिलाओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन कर व्यावहारिक जानकारी दी। इस दौरान मूक-बधिर बालिका संगीता ने भी आत्मरक्षा का प्रदर्शन कर मौजूद लोगों को प्रेरित किया।

एक लापरवाही पर हो सकती है आईआईटी सीट निरस्त:चौथे राउंड की ऑनलाइन रिपोर्टिंग 13 जुलाई शाम 5 बजे तक, फाइनल एडमिशन का तरीका अलग

देश के आईआईटी, एनआईटी समेत 134 शीर्ष तकनीकी संस्थानों की 67,323 सीटों पर प्रवेश के लिए जोसा काउंसलिंग का दौर जारी है। चौथे राउंड के सीट आवंटन के बाद अब स्टूडेंट्स के पास 13 जुलाई शाम 5 बजे तक ऑनलाइन रिपोर्टिंग करने का मौका है। करियर एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर ऑनलाइन रिपोर्टिंग के दौरान अपलोड किए गए डॉक्यूमेंट्स में कोई कमी पाई जाती है, तो स्टूडेंट्स को 14 जुलाई शाम 5 बजे तक हर हाल में क्वेरी का जवाब देना होगा। ऐसा नहीं करने पर आवंटित सीट तुरंत निरस्त कर दी जाएगी। फाइनल एडमिशन की प्रक्रिया अलग एजुकेशन एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि पांचवें राउंड के बाद आईआईटी और एनआईटी सिस्टम में फाइनल एडमिशन की प्रक्रिया पूरी तरह अलग होगी। स्टूडेंट्स को इन नियमों को बारीकी से समझना होगा। जिन स्टूडेंट्स को IIT की सीटें अलॉट हुई हैं, उन्हें आवंटित आईआईटी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर शेष कॉलेज फीस और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी लेनी होगी। इसके बाद स्टूडेंट्स को अलॉटेड कॉलेज में फिजिकल रिपोर्टिंग (स्वयं उपस्थित होकर) के माध्यम से अपनी प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी। फीस जमा नहीं कराने पर सीट रद्द हर आईआईटी की फिजिकल रिपोर्टिंग की तारीखें अलग-अलग हैं। एनआईटी सिस्टम में सीट मिलने पर स्टूडेंट्स को सबसे पहले 22 से 24 जुलाई के बीच आंशिक प्रवेश फीस ऑनलाइन जमा करानी होगी। फीस जमा नहीं करने पर सीट रद्द हो जाएगी। आईआईटी सीट नहीं छोडी तो अगले साल एडवांस से बाहर एजुकेशन एक्सपर्ट ने बतया कि अगर स्टूडेंट इस साल मिली आईआईटी की सीट से संतुष्ट नहीं हैं और अगले साल जेईई एडवांस की परीक्षा में दोबारा बैठना चाहते हैं, तो आपके लिए 14 जुलाई शाम 5 बजे तक सीट विड्रॉल (सीट छोड़ना) करना अनिवार्य है। अगर तय समय तक आईआईटी की सीट विड्रॉल नहीं की, तो आप अगले साल जेईई-एडवांस्ड परीक्षा देने के लिए अपात्र हो जाएंगे। यह नियम एनआईटी सिस्टम पर लागू नहीं होता। एनआईटी की सीट छोड़ने या नहीं छोड़ने का असर अगले साल की जेईई-मेन या जेईई-एडवांस्ड की पात्रता पर नहीं पड़ता है।

विदेश भेजने वाली फ्रेंचाइजी देने के नाम पर 64-लाख ठगे:आरोपी को NIA ने गिरफ्तार किया तो पत्नी बोली- हमारे पक्ष में गवाही दोगे तो पैसे मिलेंगे

सीकर में विदेश भेजने वाली कंपनी की फ्रेंचाइजी दिलवाने के नाम पर करीब 64 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया के जरिए युवक आरोपियों के कॉन्टैक्ट में आया था। कंपनी का एक डायरेक्टर नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) के द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया। अब वह आरोपी खुद के पक्ष में गवाही देने पर ही पैसे लौटाने की बात कर रहा है। सीकर के बलारां थाना इलाके के बैरास गांव निवासी रविकांत शर्मा ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि सोशल मीडिया पर दिखे ऐड के कारण वह हरियाणा निवासी बलवंत कटारिया के कॉन्टैक्ट में आया। बलवंत ने रविकांत को कहा कि उसकी एक फर्म है, जो विदेश भेजने का काम करती है। आपको इसकी एक फ्रेंचाइजी अलॉट कर दूंगा। इसके बदले 50 लाख रुपए लगेंगे। इसके बाद तीन से चार दिन बलवंत ने रविकांत को कोई भी कॉल नहीं किया। बाद में नाम सहित अन्य जानकारी मांगी। रविकांत ने फ्रेंचाइजी लेने से मना कर दिया। कहा कि मेरे पास इतने पैसे नहीं है, मैं एक साधारण परिवार से हूं। तब बलवंत ने रविकांत को कहा कि मैं तुमसे मिलना चाहता हूं। आप सीकर हेडक्वार्टर पर ऑफिस की व्यवस्था करो। पैसे जैसे बनेंगे, वैसे मुझे देते रहना। फ्रेंचाइजी की फीस नहीं होने पर दोस्त से बात की रविकांत हरियाणा निवासी बलवंत की बातों में आ गया। सीकर में ऑफिस भी ले लिया। बलवंत की पत्नी रेणु और मंजू सिंह ने भी रविकांत को फ्रेंचाइजी लेने के लिए मोटिवेट किया। फ्रेंचाइजी की फीस अकेले नहीं दे पाने के कारण रविकांत ने अपने दोस्त विनोद कुमार से बात की। उसने फ्रेंचाइजी लेने के लिए हां कर दिया। इसके बाद विनोद कुमार ने आरवी कंसलटेंसी नाम की फर्म का गठन किया। उद्घाटन के वक्त बलवंत कटारिया भी मौजूद रहा। इसके बाद बलवंत की कंपनी और आर्मी कंसल्टेंसी के जरिए एक डीड तैयार करवाई गई। इसमें बिजनेस संबंधी एग्रीमेंट था। डीड होने के बाद रविकांत ने रेणु और मंजू को 56 लाख 86 हजार 785 रुपए दे दिए। मानव तस्करी के केस में गिरफ्तार हुआ बलवंत इसके बाद सामने आया कि नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी ने बलवंत कटारिया को मानव तस्करी, धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में गिरफ्तार किया गया। डायरेक्टर मंजू सिंह फरार हो गई। पूरा कारोबार बलवंत कटारिया की पत्नी रेणु ने संभाल लिया। रेणु ने रविकांत से पहले दिए गए पासपोर्ट का काम करने सहित अन्य काम का नाम लेकर 8 लाख रुपए ले लिए। इधर, जिन लोगों को विदेश भेजने के नाम पर रविकांत और विनोद को रुपए दिए थे। वह रुपए लेने के लिए वापस प्रेशर बनाने लगे। 5 अप्रैल 2026 को जब रविकांत बलवंत कटारिया के घर पर गया तो उसकी पत्नी रेणु ने कहा कि अभी वह नहीं मिल सकते। आप पहले लिखकर दो कि नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी कोर्ट में चल रहे मुकदमों में हमारे पक्ष में गवाही दोगे तब ही पैसे मिलेंगे। इसी दौरान बलवंत ने पिस्टल दिखाते हुए बातचीत की। फिलहाल बलारां पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।

झालावाड़ पुलिस 282 पुलिसकर्मियों के तबादले:250 कांस्टेबल, 18 हेड कांस्टेबल और 14 ASI के तबादले; SP ने दिए आदेश

झालावाड़ जिले में पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने तीन अलग-अलग आदेश जारी कर 250 कांस्टेबल, 18 हेड कांस्टेबल और 14 सहायक उप निरीक्षकों (एएसआई) का तबादला किया है। तबादले के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से नए पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। तीन आदेशों में हुए बड़े तबादले पुलिस अधीक्षक अमित कुमार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार जिले के विभिन्न पुलिस थानों, चौकियों और शाखाओं में कार्यरत पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण किया गया है। यह फेरबदल तीन अलग-अलग आदेशों के माध्यम से लागू किया गया। लंबे समय से जमे कार्मिक बदले सूची में ऐसे कई पुलिसकर्मी शामिल हैं जो लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात थे। उन्हें अन्य थानों में भेजा गया है। साथ ही, कई रिक्त पदों पर नई नियुक्तियां कर पुलिस बल की उपलब्धता बढ़ाने का प्रयास किया गया है। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की कवायद पुलिस विभाग के इस बड़े फेरबदल को कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने, प्रशासनिक कार्यों में गति लाने तथा पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि नई तैनातियों से विभिन्न क्षेत्रों में पुलिसिंग की कार्यक्षमता बढ़ेगी। तत्काल कार्यभार संभालने के निर्देश स्थानांतरण सूचियां जारी होने के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से नवीन पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय स्तर पर इन आदेशों की अनुपालना शुरू कर दी गई है। पहले भी हुए थे तबादले गौरतलब है कि कुछ समय पहले भी जिले में बड़ी संख्या में सहायक उप निरीक्षकों और हेड कांस्टेबलों के तबादले किए गए थे। मौजूदा आदेशों के साथ पुलिस विभाग में पुनर्गठन की प्रक्रिया और तेज हो गई है।

37 चोरी की बाइक बरामद, 5 आरोपी अरेस्ट:नोटरी से फर्जी RC बनाकर ग्रामीणों को बेचते थे, अन्नपूर्णा रसोई में खाने आते थे चोर

कोटा ग्रामीण पुलिस ने ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग के तहत दुपहिया वाहन चोर गिरोह के खिलाफ कर्रवाई करते हुए 37 चोरी की बाइक बरामद की हैं। ग्रामीण पुलिस एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि रामगंजमंडी, इटावा, मोडक थाना पुलिस और साइबर टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर 5 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान दिलराज उर्फ राकेश भील, टीकम भील, मुबारिक उर्फ अंगुरिया, रमेश कुमार उर्फ रामहेत बैरवा और रवि कुमार बैरवा के रूप में हुई है। सभी आरोपियों का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि विशेष अभियान के दौरान जिला कोटा ग्रामीण से चोरी हुई 8, कोटा शहर से 9, बूंदी से 6, झालावाड़ से 4 और मध्यप्रदेश के विभिन्न थाना क्षेत्रों से चोरी हुई 2 मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। जबकि 8 अन्य बरामद मोटरसाइकिलों के संबंध में जांच जारी है और उनके मालिकों की पहचान की जा रही है। रेकी कर देते थे वारदात को अंजाम पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह सार्वजनिक स्थानों, बाजारों और मुख्य सड़कों पर सुनसान जगहों पर खड़ी मोटरसाइकिलों की पहले रेकी करते थे और मौका मिलते ही उन्हें चुरा लेते थे। चोरी के बाद वाहनों के फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे और उन्हें नोटरी के जरिए वैध दिखाकर ग्रामीण क्षेत्रों के भोले-भाले लोगों को बेच दिया जाता था। गिरोह के सदस्य अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते थे। कोई वाहन चोरी करता था, कोई फर्जी आरसी तैयार करता था और अन्य आरोपी चोरी के वाहनों की बिक्री करवाते थे। पुलिस ने बताया कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए जिले के वाहन चोरी वाले हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए। सीसीटीवी फुटेज का तकनीकी विश्लेषण किया गया, मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया और पूर्व में चालानशुदा अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी गई। पहचान छुपाने के लिए अलग-अलग नामों का इस्तेमाल करते थे इसके अलावा अन्नपूर्णा रसोई पर भी निगरानी रखी गई, क्योंकि आरोपी पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग नामों से वहां भोजन करने आते थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें ट्रैक कर गिरफ्तार कर लिया।
पूरे अभियान में रामगंजमंडी, इटावा, मोडक थाना पुलिस, साइबर सेल और एमओबी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनसे वाहन चोरी की कई अन्य वारदातों का खुलासा होने की संभावना है। ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग के जरिए पुलिस ने अंतरजिला वाहन चोरी नेटवर्क पर बड़ी चोट करते हुए कई पीड़ितों की चोरी हुई मोटरसाइकिलें वापस दिलाने में सफलता हासिल की है।