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बूंदी पुलिस में 18 निरीक्षक-उपनिरीक्षक के तबादले:कानून-व्यवस्था को धार देने की तैयारी, तालेड़ा-हिंडोली समेत कई थानों की बदली कमान

बूंदी पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने 18 निरीक्षक और उपनिरीक्षकों के तबादले किए हैं। इस बदलाव के तहत तालेड़ा, हिंडोली, कापरेन, रायथल, देवखेड़ा, महिला थाना और अन्य महत्वपूर्ण थानों में नए थानाधिकारी नियुक्त किए गए हैं। विभाग का मानना है कि इससे जिले की कानून-व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। तालेड़ा, हिंडोली और कापरेन में नए थानाधिकारी जारी आदेश के अनुसार, हिंडोली थानाधिकारी मुकेश कुमार यादव को तालेड़ा थाने की कमान सौंपी गई है। वहीं तालेड़ा में तैनात अरविंद कुमार को हिंडोली भेजा गया है। भगवान सहाय मीणा का तबादला कापरेन से गेण्डोली किया गया है, जबकि डीएसटी प्रभारी राजाराम जाट को कापरेन का नया थानाधिकारी बनाया गया है। अन्य थानों में भी हुए महत्वपूर्ण बदलाव तबादला सूची के अनुसार हरलाल मीणा को रायथल से पुलिस लाइन बूंदी भेजा गया है। दलवीर सिंह को रायथल और रामनरेश मीणा को देवखेड़ा का थानाधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं दिनेश कुमार शर्मा को पुलिस लाइन से महिला थाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा हनुमान सहाय को देई थानाधिकारी, हनुमानराम बिश्नोई को डीएसटी बूंदी का प्रभारी तथा रामलाल मीणा को डीएसबी बूंदी का प्रभारी बनाया गया है। देशराज सिंह को तालेड़ा से कोतवाली और हजारी सिंह को कोतवाली से नैनवां स्थानांतरित किया गया है। मुकेश कुमार यादव की तैनाती पर खास नजर तालेड़ा के नए थानाधिकारी बने मुकेश कुमार यादव पहले नैनवां में द्वितीय थानाधिकारी, करवर और कापरेन जैसे महत्वपूर्ण थानों में सेवाएं दे चुके हैं। उनकी कार्यशैली को लेकर जिले में चर्चा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, संवेदनशील माने जाने वाले तालेड़ा थाने की जिम्मेदारी उन्हें अनुभव और कार्यकुशलता को देखते हुए सौंपी गई है। उन्हें जनता से बेहतर संवाद स्थापित करने और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने वाले अधिकारी के रूप में जाना जाता है। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की कवायद पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी स्थानांतरण आदेशों की प्रतिलिपि आईजी कोटा रेंज, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बूंदी और संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है। पुलिस विभाग का मानना है कि इस प्रशासनिक फेरबदल से जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी तथा मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

डूंगरपुर पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल:13 सीआई, 11 एसआई सहित 289 पुलिसकर्मियों का तबादला

उदयपुर रेंज में पुलिस अधिकारियों के तबादलों के बाद अब डूंगरपुर जिले में भी पुलिसकर्मियों की बड़ी तबादला सूची जारी की गई है। इसमें सीआई से लेकर कॉन्स्टेबल तक के 289 पुलिसकर्मी शामिल हैं। इन तबादलों से जिले के कई थानों में थानाधिकारी और पुलिस बल में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेगा। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने शुक्रवार देर रात यह तबादला सूची जारी की। इसमें 13 पुलिस निरीक्षक (सीआई), 11 उप-निरीक्षक (एसआई), 92 सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई), 75 हेड कॉन्स्टेबल और 98 कॉन्स्टेबल शामिल हैं। नए पदस्थ किए गए सीआई, एसआई, एएसआई और हेड कॉन्स्टेबल को भी नई जगह पर तैनाती मिली है। इन तबादलों के परिणामस्वरूप कई थानों के प्रमुख बदल गए हैं। हिमांशु सिंह को डूंगरपुर शहर का नया कोतवाल नियुक्त किया गया है। महिला सीआई संगीता बंजारा को सदर थानाधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। देवेंद्र सिंह देवल को धम्बोला से बिछीवाड़ा थानाधिकारी बनाया गया है, जबकि चंद्रशेखर धम्बोला के सीआई होंगे। मुकेश मेघवाल को साइबर थाना, शिवराज गुर्जर को दोवड़ा थानाधिकारी और तेज सिंह को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसआईयूसीएडब्ल्यू कार्यालय में पदस्थ किया गया है। रामेशलाल चितरी थानाधिकारी, विनोद कुमार अपराध सहायक और शैलेंद्र सिंह सदर थाने से आसपुर थानाधिकारी बनाए गए हैं। रतनलाल को चौरासी थानाधिकारी, नारायणलाल को एएचटीयू कार्यालय और घनश्याम सिंह को साइबर थाना भेजा गया है। उप-निरीक्षकों में देवेंद्र सिंह को वरदा, रघुवीर सिंह को कुंआ, भरतलाल को निठाउवा, कांतिलाल को कोतवाली, अमृतलाल को दोवड़ा, लक्ष्मणलाल को पुनर्वास कॉलोनी सागवाड़ा, रमेशचंद्र को धम्बोला, कालूलाल को चौरासी, नारायणलाल को दोवड़ा अस्थायी चौकी बनकोड़ा, रमेशचंद्र हाजाजी को कोतवाली और रमेशचंद्र मोतीराम को चौकी देवल सदर थाना में स्थानांतरित किया गया है।

श्रीगंगानगर में थानाधिकारी से लेकर हेड कॉन्स्टेबल तक बदले:लंबे समय बाद हुआ फेरबदल, पढ़ें- पूरी लिस्ट

श्रीगंगानगर पुलिस अधीक्षक (एसपी) हरीशंकर ने शुक्रवार देर रात और शनिवार सुबह सीआई, एएसआई और हेड कॉन्स्टेबल के तबादले किए हैं। ट्रांसफर लिस्ट में जिले में 20 सीआई-एसएचओ, 139 एएसआई और 128 हेड कॉन्स्टेबल के तबादले किए गए हैं। हालांकि, कई थानाधिकारी यथावत रखे गए हैं। तेजवंत सिंह बराड़ को कोतवाली थाना प्रभारी लगाया गया है। तेजवंत सिंह इससे पहले गोलूवाला थाना प्रभारी थे। वहीं, कोतवाली थाना प्रभारी पृथ्वीपाल सिंह को मुकलावा थाना प्रभारी लगाया गया है। महिला थाना प्रभारी कलावती चौधरी का तबादला सूरतगढ़ किया गया है। कलावती चौधरी सूरतगढ़ शहर की थाना प्रभारी होंगी। वहीं, पुरानी आबादी थाना प्रभारी रमेश कुमार को पुलिस थाना साइबर प्रभारी लगाया गया है। जबकि साइबर थाना के प्रभारी रहे सतवीर मीणा का तबादला घमूड़वाली किया गया है। सतवीर मीणा अब घमूड़वाली थाना प्रभारी होंगे। चूनावढ़ थाना प्रभारी रामप्रताप/रतनाराम को हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया है। श्रीविजयनगर थाना प्रभारी सुमन परिहार को पुरानी आबादी थाना में लगाया गया है। वहीं, सुभाष बिश्नोई अब लालगढ़ जाटान थाना प्रभारी होंगे। रचना बिश्नोई को महिला थाना अधिकारी लगाया गया है। अब देखिए पुलिस निरीक्षक ट्रांसफर लिस्ट

कार से 117 किलो डोडा बरामद, बुजुर्ग गिरफ्तार:पिता-पुत्र कर रहे नशे की तस्करी, बाहर से लाकर इलाके में कर रहे सप्लाई

डांगियावास थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बिसलपुर के खातियासनी रोड पर एक बड़ी की है। पुलिस ने एक ढाणी के बाड़े में खड़ी सफेद रंग की वरना कार से भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ डोडापोस्त बरामद किया है । पुलिस ने मौके से करीब 117.370 किलोग्राम डोडापोस्त जब्त कर 60 साल के बुजुर्ग को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तस्करी में शामिल उसका बेटा मौके से फरार हो गया। हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस को कार के अंदर से 5 अलग-अलग नंबरों की फर्जी नंबर प्लेटें भी मिली हैं। डांगियावास थानाधिकारी दौलाराम ने बताया कि 9 जुलाई की शाम करीब 7 बजे मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि खातियासनी रोड पर भागीरथ विश्नोई की ढाणी के बाड़े में एक सफेद वरना कार खड़ी है, जिसमें अवैध मादक पदार्थ के कट्टे भरे हुए हैं। सूचना पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। वहां मकान मालिक भागीरथ तो नहीं मिला, लेकिन मौके पर लादूराम विश्नोई (60) और श्यामसुंदर मिले। बुजुर्ग ने कहा- मेरे पास चाबी नहीं है जब पुलिस ने बाड़े में खड़ी वरना कार के बारे में पूछा तो लादूराम ने बताया कि यह कार उसकी है, जिसे उसका बेटा नरेश विश्नोई कुछ समय पहले यहां छोड़कर गया था। पुलिस ने जब कार की चाबी मांगी तो लादूराम घबराने लगा और चाबी पास नहीं होने की बात कही। कार में दिख रहे थे कट्टे कार के शीशों से अंदर काले प्लास्टिक के कट्टे साफ नजर आ रहे थे। कड़ाई से पूछताछ करने पर लादूराम ने माना कि कार के अंदर उसका बेटा नरेश डोडापोस्त भरकर लाया है। इसके बाद पुलिस ने कार के बाएं तरफ का अगला शीशा तोड़ा और लॉक खोलकर तलाशी ली। डिक्की से 4 कट्टे बरामद पुलिस ने जब कार की तलाशी ली तो चालक सीट के पीछे से 2 कट्टे और कार की डिक्की से 4 कट्टे बरामद हुए। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से तोल करने पर सभी 6 कट्टों का कुल वजन 117.370 किलोग्राम निकला । इसके अलावा कार की सीट के नीचे से पुलिस को 5 संदिग्ध नंबर प्लेटें मिलीं, जो प्रथम दृष्टया फर्जी पाई गईं । पुलिस ने जब कार की बारीकी से जांच की तो उसके इंजन और चेसिस नंबर भी घिसे हुए मिले, जिससे अंदेशा है कि कार चोरी की भी हो सकती है। बाहर से लाकर इलाके में नशे की सप्लाई गिरफ्तार आरोपी लादूराम ने पुलिस पूछताछ में कबूल किया कि उसका 30 साल का बेटा नरेश विश्नोई बाहर से अवैध मादक पदार्थ की तस्करी कर लाता था और वह उसे यहां बेचने का काम करता था फिलहाल पुलिस ने अवैध डोडापोस्त, फर्जी नंबर प्लेटें, तस्करी में प्रयुक्त वरना कार और आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी लादूराम पुत्र राणाराम विश्नोई को एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसका बेटा नरेश विश्नोई फिलहाल फरार है।

सिरोही में 11 थानाधिकारियों का तबादला:एक स्थान से दूसरे स्थान पर लगाया, शिवगंज SHO को स्वयं की एप्लीकेशन पर लाइन में भेजा

सिरोही एसपी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने जिले में 11 थाना अधिकारियों का स्थानांतरण किया है। आदेश के अनुसार कई अधिकारियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा गया है। स्वरूपगंज थाना अधिकारी ओम प्रकाश चौधरी को शिवगंज थाना अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं, साइबर थाने से चैल सिंह को पिंडवाड़ा थाना अधिकारी बनाया गया है। शिवगंज थाना अधिकारी बाबूलाल को उनके स्वयं के प्रार्थना पत्र पर शिवगंज थाने से पुलिस लाइन सिरोही में संचित निरीक्षक के पद पर भेजा गया है। पैलेडियम थाना अधिकारी कैलाश स्थान को पुलिस थाने में स्थानांतरित किया गया है। SIUCAW कार्यालय से माया पंडित को महिला पुलिस थाना भेजा गया है, जबकि पुलिस लाइन सिरोही से गंगा प्रसाद को साइबर थाना सिरोही की जिम्मेदारी दी गई है। प्रतिस्थापन की प्रतीक्षा में चल रहे बंशीलाल को एससी-एसटी कार्यालय सिरोही में पदस्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त चंद्रवीर को जिला विशेष शाखा प्रभारी, शंकर राम कड़वा को AHTU कार्यालय प्रभारी और तेजकरण को अपराध सहायक, अपराध शाखा कार्यालय का प्रभार दिया गया है। पिंडवाड़ा थाना अधिकारी महेंद्र सीरवी को पुलिस लाइन भेजा गया है।

सरिस्का होटल में 15 कर्मचारियों ने छोड़ी नौकरी:वन-विभाग के कर्मचारियों पर धमकी देने और जातिसूचक टिप्पणी के आरोप, DFO ने आरोपों को गलत बताया

अलवर के सरिस्का पैलेस होटल और वन विभाग के बीच विवाद सामने आया है। होटल के मैनेजर प्रेमचंद्र शर्मा ने वन विभाग के कुछ कर्मचारियों के खिलाफ थानागाजी थाने में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में गाली-गलौज, जातिसूचक टिप्पणी, धमकी देने और ड्रोन के जरिए होटल की गोपनीयता भंग करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वहीं, वन विभाग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पूरे मामले को वन भूमि पर बिना अनुमति पौधारोपण करने से जुड़ा विवाद बताया है। गाली-गलौज और जातिसूचक टिप्पणी के लगाए आरोप होटल मैनेजर प्रेमचंद्र शर्मा के अनुसार, होटल के कर्मचारी जब भी होटल से बाहर निकलते हैं, तब वन विभाग के कर्मचारी उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं और गाली-गलौज करते हैं। कर्मचारियों ने इसकी जानकारी होटल के सुपरवाइजर धर्मेंद्र जाटव को दी। आरोप है कि गुरुवार शाम होटल के सामने पौधारोपण को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। शिकायत में कहा गया है कि वन विभाग के कर्मचारी धर्मसिंह और कप्तान सिंह करीब 15 कर्मचारियों के साथ होटल पहुंचे। इस दौरान होटल स्टाफ के साथ गाली-गलौज की गई और सुपरवाइजर धर्मेंद्र जाटव के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया। साथ ही कथित रूप से धमकी दी गई कि “बाहर निकलोगे तब बताएंगे।” मैनेजर का दावा है कि घटना के बाद डर के माहौल के चलते होटल के करीब 15 कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ दी। मैनेजर ने यह भी आरोप लगाया कि वन विभाग के कर्मचारी अक्सर रात के समय ड्रोन कैमरे होटल परिसर के ऊपर उड़ाते हैं, जिससे होटल की गोपनीयता भंग होती है। उनका कहना है कि होटल में महिला कर्मचारी भी कार्यरत हैं और इस तरह की गतिविधियों से उनकी निजता प्रभावित होती है। DFO ने आरोपों को बताया निराधार वहीं, सरिस्का के डीएफओ अभिमन्यु सहारण ने होटल प्रबंधन के आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि होटल के कर्मचारी होटल परिसर से बाहर वन विभाग की भूमि पर गड्ढे खोदकर पौधारोपण करना चाहते हैं, जबकि उन्हें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि होटल परिसर के बाहर कोई कार्य करना है तो पहले विभाग से अनुमति लेनी होगी। अनुमति मिलने के बाद ही ऐसे कार्य किए जा सकते हैं। डीएफओ का कहना है कि कई बार होटल प्रबंधन हरियाणा से बाउंसर बुलाकर वन भूमि पर गड्ढे खुदवाने का प्रयास करता है। जब वन विभाग के कर्मचारी उन्हें रोकते हैं तो होटल पक्ष ही कहासुनी पर उतर आता है। ड्रोन कैमरे के आरोपों पर डीएफओ ने कहा कि वन विभाग सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघों की मॉनिटरिंग और वन क्षेत्र की निगरानी के लिए नियमित रूप से ड्रोन का उपयोग करता है। उनका कहना है कि ड्रोन उड़ाने का उद्देश्य किसी होटल की निगरानी करना नहीं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और गश्त करना है। मामले में थानागाजी SHO रामस्वरूप का कहना है कि गुरुवार को शिकायत मिली थी। हम मामले की जांच कर रहे हैं।

एयरफोर्स जवान की हार्टअटैक से मौत:पत्नी ने सैल्यूट कर अंतिम विदाई दी, 6 महीने की बेटी ने दी मुखाग्नि; आज घर आने वाले थे

कोटपूतली-बहरोड़ जिले के एयरफोर्स के जवान की गुरुवार को हार्ट अटैक से मौत हो गई। नारायणपुर थाना क्षेत्र के कोलाहेड़ा गांव निवासी हवलदार विक्रम पायला (27) गुजरात के गांधीनगर में तैनात थे। शनिवार को छुट्टी पर घर आने वाले थे, लेकिन उनकी पार्थिव देह दोपहर तीन बजे उनके पैतृक आवास पहुंची। पति के आने का इंतजार कर रही पत्नी मंजू देवी शव देखते ही फूट-फूटकर रोने लगीं। जवान की मां का भी रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पत्नी ने सैल्यूट कर पति को अंतिम विदाई दी। 6 माह की बेटी निमिषा ने पिता को मुखाग्नि दी। इससे पहले नारायणपुर से दोपहर 2 बजे उनके पैतृक गांव कोलाहेड़ा तक 8 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए। ड्यूटी के दौरान बिगड़ी तबीयत एयरफोर्स जवान के मामा चेतराम तंवर ने बताया- विक्रम 787 एसयू बटालियन, एयरफोर्स स्टेशन बड़सर (गांधीनगर, गुजरात) में तैनात थे। गुरुवार रात 12 बजे विक्रम के परिवार को फोन पर सूचना मिली कि उनकी तबीयत बिगड़ गई है। उन्हें गांधीनगर के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया। इस पर विक्रम के पिता पप्पू गुर्जर गांधीनगर पहुंचे। इसके बाद एंबुलेंस से विक्रम की पार्थिव देह को नारायणपुर लेकर आए। दोपहर 3 बजे जवान की पार्थिव देह जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंची पत्नी और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूर्व मंत्री शकुंतला रावत ने पत्नी मंजू देवी को सांत्वना दी। 6 महीने की बेटी निमिषा ने जब पिता को मुखाग्नि दी तो वहां मौजूद हर किसी की आंख नम हो गई। इस दौरान एयरफोर्स के जवानों ने उन्हें सलामी दी। आज ही छुट्टी पर घर आने वाले थे मामा ने बताया-विक्रम शनिवार को छुट्टी पर घर आने वाले थे। परिवार उनके घर आने का इंतजार कर रहा था। विक्रम 6 जून 2018 को वायुसेना में भर्ती हुए थे। वे अपने तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। परिवार में उनकी पत्नी और 6 महीने की मासूम बेटी है। विक्रम के पिता खेती करते हैं। वहीं उनका छोटा भाई पढ़ाई कर रहा है। अंतिम यात्रा की तस्वीरें… इनपुट सहयोग- दिलीप सिंह, नारायणपुर … यह खबर भी पढ़ें नेवी के जवान का शव देख पत्नी बेसुध:बोलीं-बेटी बुला रही है लौट आओ; 3 KM तक तिरंगा यात्रा निकाली गई, आज ही था जन्मदिन झुंझुनू जिले के नेवी के जवान की मुंबई में हादसे में मौत हो गई। सूरजगढ़ के घरडू गांव निवासी जवान कुलदीप दिवाच (27) का शव शुक्रवार सुबह 10:30 बजे उनके घर लाया गया। शव देखते ही मां, पत्नी और भाई फूट-फूट कर रोने लगे। (पढ़ें पूरी खबर)

बाइक में पेट्रोल भरवाया, सेल्समैन को मारी गोली, VIDEO:जेब में कट्‌टा लेकर आया था बदमाश, पुलिस ने 1 घंटे में आरोपी को पकड़ा

अलवर में बाइक में पेट्रोल भरवाने के बाद युवक ने सेल्समैन को गोली मार दी। सेल्समैन ने पेट्रोल भरने के बाद 898 रुपए मांगे थे। इस पर नकाबपोश युवक ने जेब से कट्‌टा निकाला और गोली मारकर भाग गया। इसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। सेल्समैन को जिला हॉस्पिटल से जयपुर रेफर किया है। पुलिस ने नाकाबंदी कर केवल एक घंटे में युवक को दबोच लिया। मामला सदर थाने के बुर्जा बाइपास पर नायरा पेट्रोल पंप का शनिवार सुबह 11:35 बजे का है। घटना से जुड़ी 3 PHOTOS… 898 रुपए के चक्कर में मार दी गोली पेट्रोल पंप के संचालक अमन अग्रवाल ने बताया कि बाइक सवार युवक पेट्रोल भरवाने आया था। युवक ने मुंह पर कपड़ा बांधा हुआ था। उसने सेल्समैन से 898 रुपए का पेट्रोल भरने को कहा। सेल्समैन ने पेट्रोल भरने के बाद रुपए मांगे। युवक ने रुपए देने से मना कर दिया। सेल्समैन ने दुबारा रुपए मांगे तो जेब से कट्‌टा निकालकर फायरिंग कर दी। गनीमत रही कि गोली सेल्समैन के कंधे को छूते हुए निकल गई। पेट्रोल पंप पर मौजूद स्टाफ और लोग डर गए। वहीं नकाबपोश बदमाश फरार हो गया। लहूलुहान हालत में सेल्समैन को जिला हॉस्पिटल ले जाया गया। युवक को एक घंटे में दबोचा सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए इलाके में नाकाबंदी भी कराई और केवल एक घंटे में युवक को दबोच लिया। युवक कठूमर का रहने वाला है।

धौलपुर पुलिस में बड़ा फेरबदल, 123 पुलिसकर्मियों के तबादले:एसपी विकास सांगवान ने 45 एएसआई, 78 हेड कांस्टेबल-कांस्टेबल बदले

धौलपुर पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 45 सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) और 78 हेड कांस्टेबल व कांस्टेबलों सहित कुल 123 पुलिसकर्मियों के तबादले किए हैं। कई पुलिस चौकियों के प्रभारियों को भी बदला गया है। अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सागरपाड़ा चौकी पर पहली बार दो हेड कांस्टेबल तैनात किए गए हैं, जबकि जल्द ही थाना प्रभारियों (एसएचओ) की तबादला सूची भी जारी होने की संभावना जताई जा रही है। चौकी प्रभारियों को नई जिम्मेदारियां तबादला आदेश के तहत योगेश तिवारी को जाटोली चौकी प्रभारी बनाया गया है। पूर्व में स्थानांतरित हुए मुकेश शर्मा ने रेल चौकी का कार्यभार संभाल लिया है। वीरेंद्र शर्मा को बाड़ी से कोतवाली भेजा गया है, जबकि मोहनलाल मीणा को अस्पताल चौकी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राकेश को राजाखेड़ा टाउन चौकी प्रभारी, मनोज को सागरपाड़ा चौकी प्रभारी, प्रेम सिंह को लेबुड़ा पूरा चौकी प्रभारी और सत्य प्रकाश को ओंडेला चौकी प्रभारी नियुक्त किया गया है। खनन प्रभावित क्षेत्र पर विशेष फोकस अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से सागरपाड़ा चौकी पर अतिरिक्त हेड कांस्टेबल सुभाष भास्कर की तैनाती की गई है। यह पहली बार है जब इस चौकी पर दो हेड कांस्टेबल एक साथ नियुक्त किए गए हैं। इससे खनन प्रभावित क्षेत्र में निगरानी और कार्रवाई को और मजबूत करने की तैयारी मानी जा रही है। महिला एएसआई को मिली नई पोस्टिंग तबादला सूची में पदोन्नति के बाद महिला एएसआई रेखा को कोतवाली थाने में नियुक्त किया गया है। हालांकि इस सूची में किसी अन्य महिला पुलिसकर्मी का तबादला नहीं किया गया है। अब एसएचओ सूची का इंतजार सूत्रों के अनुसार पुलिस विभाग में तबादलों का दौर अभी जारी रह सकता है। जल्द ही थाना प्रभारियों (एसएचओ) की तबादला सूची भी जारी होने की संभावना है, जिस पर पूरे जिले की नजर बनी हुई है।

पूर्व श्रीलंकाई अंडर-19 स्टार पेसर अब अमेरिका से करेंगे डेब्यू:श्रीलंका छोड़ पेट्रोल पंप पर काम किया; अब अमेरिकी लीग के स्टार बने अमशी

मेजर लीग क्रिकेट (एमएलसी) 2026 के उद्घाटन मैच में जब ग्रैंड प्रेयरी स्टेडियम की सपाट पिच पर बल्लेबाज आसानी से रन बटोर रहे थे, तब टेक्सास सुपर किंग्स (टीएसके) के 25 वर्षीय युवा सनसनी अमशी डी सिल्वा ने अपनी रफ्तार और धारदार बाउंसर से खलबली मचा दी। अपने अपेक्षाकृत छोटे कद और अनोखे बॉलिंग एक्शन के बावजूद अमशी अपनी 140 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से बल्लेबाजों को चौंका देते हैं। हालांकि, वे सिर्फ अपनी खतरनाक गेंदबाजी या मैदान पर चीते जैसी फुर्ती के लिए ही नहीं, बल्कि उस भावुक कहानी के लिए भी चर्चा में हैं, जिसमें उन्होंने श्रीलंका की राष्ट्रीय टीम के कैप से ऊपर अपने परिवार को चुना। अमशी मूल रूप से श्रीलंका के रहने वाले हैं और एक समय उन्हें वहां के सबसे होनहार तेज गेंदबाजों में गिना जाता था। अंडर-19 विश्व कप में वे अपनी टीम के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे, जहां उन्होंने मथीशा पथिराना और दिलशान मदुशंका जैसे मौजूदा सितारों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया था। श्रीलंका ‘ए’ के लिए शानदार प्रदर्शन के बाद हर क्रिकेट पंडित का मानना था कि अमशी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखना सिर्फ समय की बात है। लेकिन अमशी की निजी जिंदगी में एक सूनापन था। उनके पिता 2008 में ही एक मिशनरी चैपलिन के रूप में अमेरिका चले गए थे, जबकि अमशी और उनकी मां परिस्थितियों के कारण श्रीलंका में ही रह गए। क्रिकेट के मैदान पर अमशी जितने आगे बढ़ रहे थे, उनका परिवार उतना ही दूर होता जा रहा था। अपने सपने का पीछा करने का सीधा मतलब था मां को पिता से लंबे समय तक अलग रखना। अंततः, इस युवा खिलाड़ी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की महत्वाकांक्षा को पीछे छोड़कर परिवार को एक करने के लिए अमेरिका बसने का निस्वार्थ फैसला किया। अमेरिका में शुरुआती दिन बेहद संघर्ष भरे रहे। गुजारे के लिए उन्होंने इंडियाना के एक गैस स्टेशन (पेट्रोल पंप) पर लंबी शिफ्ट में काम किया। ऐसा लगा मानो उनका करियर खत्म हो गया है। तभी पूर्व श्रीलंकाई क्रिकेटर एंजेलो परेरा ने नई उम्मीद जगाई। उन्होंने अमशी को टीएसके के अभ्यास सत्र में ट्रायल का मौका दिलाया। नेट्स में अपने पहले ही स्पैल में अमशी ने अपनी घातक यॉर्कर और बाउंसर से सबको हैरान कर दिया। इस शानदार प्रदर्शन ने उन्हें टीएसके के ड्राफ्ट में 48 लाख रुपए का बड़ा अनुबंध दिला दिया। अपनी सटीक बाउंसर और ‘बैक-ऑफ़-द-हैंड स्लोअर’ गेंद के दम पर वे टूर्नामेंट के सबसे सफल गेंदबाजों में से एक बनकर उभरे हैं। अब अमेरिकी क्रिकेट में चर्चा है कि अमशी जल्द ही यूएसए की राष्ट्रीय जर्सी पहनेंगे।