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सरकारी गेहूं गबन करने के दो मामलों में एफआईआर दर्ज:उपभोक्ताओं को राशन नहीं मिलने पर विभाग का दो डीलरों पर एक्शन

चित्तौड़गढ़ जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत सरकारी गेहूं के गबन के दो मामलों में रसद विभाग ने आखिरकार सख्त कार्रवाई करते हुए शंभूपुरा थाने में एफआईआर दर्ज करवाई हैं। दोनों मामलों में कुल 473.47 क्विंटल (47,347 किलो) गेहूं के गबन का आरोप है। इनमें चिकसी की उचित मूल्य दुकान से 232.95 क्विंटल और गिलूंड की उचित मूल्य दुकान से 240.52 क्विंटल गेहूं गायब मिला। विभाग ने पहले दोनों दुकानों की आकस्मिक जांच की, फिर अनियमितताएं मिलने पर उन्हें निलंबित किया। इसके बाद चार्ज हस्तांतरण के दौरान स्टॉक का मिलान किया गया तो भारी मात्रा में सरकारी गेहूं गायब मिला। दोनों डीलरों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया, लाइसेंस भी निरस्त किए गए और सरकारी गेहूं वापस जमा कराने का मौका भी दिया गया, लेकिन तय समय तक गेहूं वापस नहीं लौटाया गया। इसके बाद प्रवर्तन अधिकारी ने दोनों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करवाई। लोगों ने कहा- अंगूठे लगवाए, लेकिन राशन नहीं मिला पहला मामला चित्तौड़गढ़ तहसील के चिकसी गांव की उचित मूल्य दुकान (पीओएस कोड 31047) का है, जिसका संचालन गौरव सरगरा कर रहा था। 23 मई 2025 को रसद विभाग की टीम ने दुकान पर आकस्मिक जांच की तो दुकान बंद मिली। अधिकारियों ने डीलर से संपर्क करने के लिए मोबाइल पर कॉल किया, लेकिन उसका फोन भी बंद मिला। मौके पर मौजूद उपभोक्ताओं ने अधिकारियों को बताया था कि राशन डीलर पहले उनके घर जाकर ई-पीओएस मशीन पर अंगूठे लगवा लेता था, लेकिन बाद में राशन नहीं देता था। विभाग ने इसे पात्र उपभोक्ताओं का सरकारी राशन रोककर निजी लाभ लेने का मामला माना। जांच में राजस्थान खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक पदार्थ (वितरण का विनियमन) आदेश-1976 और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश-2015 के प्रावधानों का उल्लंघन सामने आने पर 18 जून 2025 को दुकान को निलंबित कर दिया गया था। चार्ज सौंपते समय पूरा स्टॉक मिला था गायब निलंबन के बाद जब दुकान का चार्ज दूसरे डीलर को सौंपा गया तो पीओएस मशीन में 232.95 क्विंटल गेहूं का स्टॉक दर्ज था, जबकि मौके पर एक भी किलो गेहूं उपलब्ध नहीं मिला। विभाग ने इसे सरकारी गेहूं का गबन माना। इसके बाद 10 अक्टूबर 2025 को गौरव सरगरा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। उसने अपने जवाब में कहा कि निरीक्षण के समय मोबाइल डिस्चार्ज था। साथ ही उसने बीमार और बुजुर्ग उपभोक्ताओं के घर जाकर अंगूठे लगाने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि ऐसा उन्हें राशन देने के उद्देश्य से किया गया था। उसने पारिवारिक समस्याओं के कारण वितरण काम प्रभावित होने की भी बात कही। हालांकि जांच अधिकारी की रिपोर्ट, उपलब्ध डॉक्यूमेंट्स और चार्ज हस्तांतरण के रिकॉर्ड के आधार पर विभाग ने उसके जवाब को असंतोषजनक माना। विभाग ने माना कि पात्र उपभोक्ताओं को गेहूं नहीं देकर उसका निजी लाभ के लिए दुरुपयोग किया गया। इसके बाद 19 मार्च 2026 को जिला रसद अधिकारी ने उसका प्राधिकार पत्र (लाइसेंस) निरस्त कर दिया। लाइसेंस रद्द होने के बाद भी उसे सरकारी गेहूं वापस जमा कराने का अवसर दिया गया, लेकिन तय अवधि तक गेहूं वापस नहीं लौटाया गया। इसके बाद शुक्रवार को एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू की गई। महीने में दो-तीन दिन खुलती थी दुकान, 240.52 क्विंटल गेहूं गायब मिला दूसरा मामला गिलूंड गांव की उचित मूल्य दुकान (पीओएस कोड 31354) का है, जिसका संचालन जनक कंवर कर रही थी। 7 मई 2025 को रसद विभाग ने यहां आकस्मिक जांच की तो दुकान बंद मिली। मौके पर मौजूद उपभोक्ताओं ने अधिकारियों को बताया था कि राशन की दुकान महीने में सिर्फ दो-तीन दिन ही खोली जाती है, जिससे उन्हें समय पर राशन नहीं मिल पाता। जांच में विभाग ने माना कि पात्र उपभोक्ताओं को राशन का नियमित वितरण नहीं किया गया और सरकारी अनाज का निजी लाभ के लिए दुरुपयोग किया गया। अनियमितताएं मिलने पर 18 जून 2025 को दुकान को निलंबित कर दिया गया। 25,436 किलो स्टॉक दर्ज था, लेकिन मिला सिर्फ 1,384 किलो निलंबन के बाद जब दुकान का चार्ज दूसरे डीलर को दिया गया तो पीओएस मशीन में 25,436 किलो गेहूं दर्ज था, जबकि मौके पर सिर्फ 1,384 किलो गेहूं ही मिला। यानी 24,052 किलो (240.52 क्विंटल) गेहूं गायब था। विभाग ने इसे सरकारी गेहूं का गबन माना। इसके बाद 10 अक्टूबर 2025 को जनक कंवर को नोटिस जारी किया गया। जवाब में उसने कहा था कि निरीक्षण के दिन पारिवारिक समारोह होने के कारण दुकान बंद थी। लेकिन जांच अधिकारी की रिपोर्ट, डॉक्यूमेंट्स और स्टॉक मिलान के आधार पर विभाग ने इस जवाब को भी संतोषजनक नहीं माना। विभाग का निष्कर्ष रहा कि पात्र उपभोक्ताओं को मिलने वाला सरकारी गेहूं निजी लाभ के लिए उपयोग किया गया। इसके बाद 19 मार्च 2026 को जिला रसद अधिकारी ने उसका प्राधिकार पत्र भी निरस्त कर दिया। लाइसेंस निरस्त होने के बाद विभाग ने सरकारी गेहूं वापस जमा कराने का मौका दिया, लेकिन गेहूं वापस नहीं लौटाया गया। अब दोनों डीलरों पर एफआईआर दर्ज कर पुलिस करेगी जांच जिला रसद अधिकारी ने दोनों मामलों में अलग-अलग कर शंभूपुरा थाने में एफआईआर दर्ज करवाया है। यह दोनों मामले प्रवर्तन अधिकारी सुमन तिवारी ने दर्ज करवाया है। विभाग का कहना है कि दोनों राशन डीलरों ने राजस्थान खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक पदार्थ (वितरण का विनियमन) आदेश-1976 के तहत जारी प्राधिकार पत्र की शर्तों के साथ-साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश-2015 का उल्लंघन किया है।

IRCTC का नया पोर्टल 15 जुलाई को आएगा:टिकट बुकिंग में कैप्चा और पॉप-अप की झंझट खत्म होगी; जानें 4 बड़े बदलाव

भारतीय रेलवे 15 जुलाई को IRCTC वेबसाइट का नया बीटा वर्जन लॉन्च करने जा रहा है। इस अपडेटेड पोर्टल में ट्रेन टिकट बुकिंग के लिए कैप्चा और पॉप-अप्स का ऑप्शन हटा दिया गया है। इससे ऑनलाइन टिकट बुकिंग पहले आसान हो जाएगी, साथ ही समय भी कम लगेगा। इसके अलावा, एक ही स्क्रीन पर सभी क्लास की सीटों की अवेलेबलिटी भी दिखेगी। MNIT जयपुर के छात्रों को लाइव डेमो दिया लॉन्चिंग से पहले शुक्रवार को IRCTC और सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स (CRIS) के अधिकारियों ने जयपुर में मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNIT) के छात्रों को इस नए बीटा वर्जन का लाइव डेमो दिखाया। रेलवे अधिकारियों ने पब्लिक रिलीज से पहले प्लेटफॉर्म के यूजर एक्सपीरियंस को और बेहतर बनाने के लिए छात्रों से उनका फीडबैक भी मांगा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिया था भरोसा इस पूरे बदलाव का बैकग्राउंड कुछ हफ्ते पुराना है। दरअसल, MNIT जयपुर के छात्रों ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मिलकर उन्हें मौजूदा IRCTC वेबसाइट की कमियों और दिक्कतों के बारे में बताया था। उस समय रेल मंत्री ने छात्रों को 15 जुलाई तक पोर्टल में बदलाव करने की बात कही थी। उसी वादे को पूरा करते हुए रेलवे ने इन छात्रों को लॉन्च से पहले रिव्यू के लिए खास तौर पर बुलाया था। फास्ट चेकआउट और सेव्ड पैसेंजर डिटेल्स नए पोर्टल पर टिकट बुकिंग के स्टेप्स को कम किया गया है, जिससे चेकआउट प्रोसेस पहले से काफी फास्ट हो जाएगा। इसके अलावा, एक और नया फीचर प्लान किया गया है, जिसमें पहले से सेव की गई पैसेंजर डिटेल्स के जरिए दोबारा बुकिंग करना आसान हो जाएगा। तत्काल बुकिंग में बॉट्स पर लगाम अधिकारियों के अनुसार, तत्काल बुकिंग के दौरान ऑटोमैटिक बॉट्स के इस्तेमाल को रोकने के लिए कई उपाय किए गए हैं। हालांकि, अधिकारियों ने माना कि “यह एक निरंतर चलने वाली लड़ाई है। पहले के मुकाबले कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन हमें अभी और प्रयास करने की जरूरत है। हम अपनी कोशिशें लगातार जारी रखेंगे।” 40 साल पुराना पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम भी बदलेगा
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि रीडिजाइन की गई IRCTC वेबसाइट को फिलहाल भारतीय रेलवे के पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) के साथ इंटीग्रेट किया जा रहा है। सूत्रों ने कहा कि, “हम 40 साल पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम को बदल रहे हैं। हम बहुत जल्द इसे लॉन्च करेंगे।” वर्तमान रिजर्वेशन सिस्टम साल 1986 में शुरू हुआ था। पिछले 40 सालों में इसमें कई छोटे बदलाव किए गए, लेकिन अब इसे लेटेस्ट टेक्नोलॉजी की मदद से पूरी तरह नया किया जा रहा है। ——————— ये खबर भी पढ़ें… वेटिंग टिकट कन्फर्म होगा या नहीं, AI बताएगा: रेलवे 40 साल पुराना रिजर्वेशन सिस्टम बदल रहा, अगस्त से हाईटेक मॉड्यूल पर शिफ्ट होंगी ट्रेनें भारतीय रेलवे अपने 40 साल पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को पूरी तरह बदलने जा रहा है। नया सिस्टम AI की मदद से बताएगा कि वेटिंग टिकट कंफर्म होगा या नहीं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को अधिकारियों के साथ बैठक की और अगस्त से ट्रेनों को नए अपग्रेड सिस्टम पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए। पूरी खबर पढ़ें…

अनिल अंबानी ग्रुप की ₹1,021 करोड़ की संपत्ति जब्त:मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई, अब तक ₹20,367 करोड़ की प्रॉपर्टी सीज हो चुकी

प्रवर्तन निदेशालय यानी ED) ने आज यानी 11 जुलाई को रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच में कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने ग्रुप की 1,021 करोड़ रुपए की संपत्ति को प्रोविजनल तौर पर जब्त करने का नया आदेश जारी किया है। ED के मुताबिक, इस कार्रवाई के तहत रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के पास मौजूद रिलायंस पावर के इक्विटी शेयर और सासन पावर व रिलायंस पावर से मिलने वाली कुछ लोन रकम को अटैच किया गया है। इस नए आदेश के बाद मामले में अब तक जब्त की गई कुल संपत्ति का आंकड़ा 20,367 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। CBI की FIR के बाद शुरू हुई मनी लॉन्ड्रिंग की जांच ED की यह कार्रवाई रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI द्वारा दर्ज की गई FIR पर आधारित है। CBI की इसी शिकायत को आधार बनाकर ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत मामले की जांच शुरू की थी। शेल कंपनियों के जरिए ₹15,548 करोड़ का फंड डायवर्ट किया जांच एजेंसी ने अपने बयान में बताया कि जांच के दौरान यह सामने आया है कि RHFL और RCFL द्वारा जुटाए गए 15,548 करोड़ रुपए के पब्लिक फंड को सिस्टमैटिक तरीके से डायवर्ट किया गया। इस रकम को अनिल अंबानी ग्रुप द्वारा नियंत्रित और प्रबंधित की जाने वाली कई ‘शेल’ यानी फर्जी या डमी कंपनियों और ग्रुप की अन्य कंपनियों के नेटवर्क के जरिए इधर से उधर ट्रांसफर किया गया था। अनिल अंबानी ग्रुप पर कई मामलों की जांच अब तक 8 लोग गिरफ्तार, 4 चार्जशीट दाखिल हो चुकी हैं इस पूरे मामले में केंद्रीय एजेंसी अब तक कुल 4 चार्जशीट (अभियोजन शिकायतें) कोर्ट में दाखिल कर चुकी है। जांच के दौरान इस घोटाले में शामिल 8 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। ईडी ने यह भी जानकारी दी है कि मनी लॉन्ड्रिंग के अलावा फेमा (FEMA) के तहत भी ग्रुप की 77.86 करोड़ रुपए की संपत्तियों को पहले ही जब्त किया जा चुका है। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट क्या है? प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी PMLA के तहत प्रोविजनल अटैचमेंट का मतलब होता है कि आरोपी अब इस संपत्ति (जैसे शेयर या लोन अमाउंट) को बेच या ट्रांसफर नहीं कर सकता। जब ईडी को लगता है कि कोई संपत्ति अपराध की कमाई से बनाई गई है, तो वह उसे अस्थायी रूप से 180 दिनों के लिए जब्त कर लेती है। इसे बाद में एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी से मंजूरी मिलने पर स्थायी जब्त किया जा सकता है।

करौली को जनसंख्या स्थिरता में मिला राज्यस्तरीय सम्मान:प्रदेश में 12वां स्थान, 5 लाख रुपए प्रोत्साहन राशि मिली

करौली जिले को विश्व जनसंख्या दिवस पर जनसंख्या स्थिरता और परिवार नियोजन कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्यस्तरीय सम्मान से नवाजा गया। वर्ष 2025-26 के प्रोत्साहन पुरस्कारों में जिले ने प्रदेश में 12वां स्थान प्राप्त किया। इसके साथ ही, करौली प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने वाले जिलों में चौथे स्थान पर रहा और राज्य सरकार ने जिले को प्रशस्ति पत्र के साथ 5 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। यह पुरस्कार चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवाएं निदेशालय द्वारा आयोजित राज्यस्तरीय वर्चुअल सम्मान समारोह में प्रदान किया गया। जिला मुख्यालय पर आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अतिरिक्त जिला कलेक्टर महावीर सिंह, डिप्टी सीएमएचओ (हेल्थ) डॉ. ओमप्रकाश महावर और आरसीएचओ डॉ. दीपिका मीणा सहित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने समारोह में भाग लिया। समारोह को संबोधित करते हुए प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि योग्य दंपतियों तक परिवार नियोजन सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने में स्वास्थ्य कर्मियों का योगदान महत्वपूर्ण है। राठौड़ ने यह भी बताया कि परिवार नियोजन के क्षेत्र में लगातार प्रयासों के कारण एनएफएचएस-6 सर्वेक्षण में राजस्थान का प्रदर्शन बेहतर हुआ है। उन्होंने विभागीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने पर भी जोर दिया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के मिशन निदेशक डॉ. जोगाराम ने परिवार नियोजन के साधनों की उपलब्धता और जनजागरूकता बढ़ाकर जनसंख्या स्थिरता को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। आरसीएच निदेशक डॉ. मधु रेतेश्वर ने कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. सतीश चंद मीणा ने बताया कि राज्यस्तरीय पुरस्कारों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों, स्वास्थ्य संस्थानों और अधिकारियों को सम्मानित किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि करौली जिले ने प्रदेश में 12वां स्थान प्राप्त किया है, जबकि 5 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने वाले जिलों में यह चौथे स्थान पर रहा। डॉ. मीणा ने यह भी बताया कि जिन जिलों को पूर्व वर्षों में प्रोत्साहन राशि मिल चुकी है, उन्हें इस वर्ष केवल प्रशस्ति पत्र ही प्रदान किया गया।

शिवगंज की अगरबत्ती फैक्ट्री में भीषण आग:धमाके से मुड़े शटर-टूटी दीवारें, लाखों का नुकसान; बड़ा ​हादसा टला

सिरोही-शिवगंज के केसरपुरा औद्योगिक क्षेत्र स्थित गोयल अगरबत्ती फैक्ट्री में बीती रात भीषण आग लगने से लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया। बंद गोदाम में धुआं भर जाने के कारण सुबह करीब 4 बजे जोरदार धमाका हुआ, जिससे शटर और लोहे के पतरे मुड़ गए तथा तीन दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं। दमकल की टीम ने करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, जबकि आग लगने का प्रारंभिक कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। रात 11 बजे लगी आग, सुबह हुआ जोरदार धमाका जानकारी के अनुसार, आग मंगलवार रात करीब 11 बजे गोयल अगरबत्ती फैक्ट्री में लगी। फैक्ट्री का गोदाम पूरी तरह बंद होने से धुआं बाहर नहीं निकल सका। इसी कारण सुबह करीब 4 बजे तेज धमाका हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री के शटर और लोहे के पतरे मुड़ गए तथा गोदाम की तीन दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं। मजदूरों ने दी सूचना, चार घंटे चला रेस्क्यू धमाके की आवाज सुनकर सामने स्थित फैक्ट्री में सो रहे मजदूर बाहर आए और आग की लपटें देखकर तुरंत पुलिस व अग्निशमन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। गोदाम पूरी तरह खाक, सीसीटीवी भी जले आग की चपेट में आने से फैक्ट्री का एक पूरा गोदाम जलकर राख हो गया। गोदाम में रखा तैयार माल, कच्चा सामान और वहां लगे सीसीटीवी कैमरे भी आग में नष्ट हो गए। फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है। टला बड़ा हादसा, जांच जारी राहत की बात यह रही कि घटना के समय फैक्ट्री में कोई जनहानि नहीं हुई। यदि आग समय रहते नहीं बुझाई जाती तो यह आसपास के तीन अन्य गोदामों तक फैल सकती थी। प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

सीकर में 49 केंद्रों पर होगी 2nd ग्रेड टीचर एग्जाम:हर सेंटर पर वीडियोग्राफी होगी,एग्जाम के 1 घंटे पहले बंद होंगे गेट; जानें पूरी डिटेल

12 से 18 जुलाई को होने वाला 2nd ग्रेड भर्ती एग्जाम सीकर के 49 सेंट्रर्स पर होगा, जिसमें 14870 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। यह एग्जाम प्रदेश के 27 जिलों में हो रहा है। एग्जाम के सफल और शांतिपूर्ण संचालन के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रुप दे दिया है। आज सीकर ADM राकेश मीणा ने एग्जाम को लेकर संबंधित अधिकारियों और जरुरी तैयारियों के विभागवार दिशा-निर्देश हुई। सीकर में 49 परीक्षा केंद्र बनाए ADM राकेश मीणा ने बताया कि सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा के लिए सीकर जिले में कुल 49 एग्जाम सेंटर बनाए गए हैं। इनमें से 27 परीक्षा केंद्र सरकारी शैक्षणिक संस्थाओं और 22 परीक्षा केंद्र प्राइवेट संस्थानों में बनाए गए हैं। परीक्षा के दौरान लाॅ एंड ऑर्डर, अनुचित साधनों की रोकथाम और गर्मी के मौसम से बचाव का ध्यान रखा जाएगा। ADM राकेश मीणा ने अपील करते हुए कहा कि सभी अभ्यर्थी समय का विशेष ध्यान रखें। एग्जाम सेंटर पर एग्जाम शुरू होने से 1 घंटे पहले तक ही एंट्री दी जाएगी। इसके बाद गेट बंद कर दिए जाएंगे और उसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। सभी कैंडिडेट्स की बायोमेट्रिक अटेंडेंस की जाएगी और पूरे एग्जाम सेंटर की वीडियोग्राफी करवाई जाएगी। जिले में 9 फ्लाइंग स्क्वायड बनाए गए हैं। ADM राकेश मीणा ने बताया कि सीनियर टीचर भर्ती एग्जाम के लिए सीकर जिले में 9 फ्लाइंग स्क्वायड बनाए गए हैं। हर फ्लाइंग टीम में एक RAS ऑफिसर और एक DSP रैंक के अधिकारी के साथ शिक्षा विभाग का एक प्रिंसिपल स्तर का अधिकारी शामिल होगा। सीकर और नीमकाथाना एडीएम पूरे समय परीक्षा की मॉनिटरिंग करेंगे। हर एग्जाम सेंटर पर 2-2 पुलिसकर्मी लगाए जा रहे हैं, ताकि हर अभ्यर्थी की पूरी जांच के बाद ही उसे एंट्री दी जाए। नकल करते पकड़े जाने पर होगी सख्त कार्रवाई नकल और पेपर लीक जैसी गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए प्रशासन पूरी तरह सख्त है। जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि परीक्षा ड्यूटी में केवल उन्हीं सरकारी कर्मचारियों को लगाया जाएगा, जिनका पुलिस वेरिफिकेशन हो चुका है। ऐसे किसी भी कर्मचारी को ड्यूटी नहीं दी जाएगी जिसके खिलाफ पहले नकल संबंधी कोई मामला दर्ज हो। फोर्थ ग्रेड कर्मचारी भी साफ-सुथरी छवि वाले ही लगाए जाएंगे। एग्जाम सेंटर के अंदर केवल सेंटर सुप्रीटेंडेंट के पास ही मोबाइल फोन रहेगा। सीकर में गर्मी और उमस को देखते हुए अभ्यर्थियों के लिए विशेष बंदोबस्त किए जा रहे हैं। सभी एग्जाम सेंटर पर रेगुलर बिजली सप्लाई के लिए साइलेंट जनरेटर की व्यवस्था रहेगी। — ये खबर भी पढ़ें… राजस्थान-कल से एक और बड़ी परीक्षा, 12 लाख कैंडिडेट:गुजराती सब्जेक्ट के लिए केवल एक पोस्ट, सबसे ज्यादा मैथ्स में; जानें- एंट्री के क्या हैं नियम राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से सीनियर टीचर भर्ती एग्जाम कल से शुरू होगा। परीक्षा में 12 लाख 30 हजार से ज्यादा कैंडिडेट्स रजिस्टर्ड हैं। ये इस साल होने वाली बड़ी परीक्षाओं में से एक है। एग्जाम के लिए 27 जिलों में 1221 सेंटर बनाए गए हैं। ये भर्ती कुल 9,651 पदों पर की जाएगी। (पूरी खबर पढ़ें)

वियतनाम में टूरिस्ट बोट पलटी, 15 भारतीयों की मौत:इनमें 10 तमिलनाडु, 3 आंध्र प्रदेश और 2 केरलम् के पर्यटक; 32 भारतीय सवार थे

वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास शनिवार को बोट पलट गई। हादसे में 2 महिलाओं समेत 15 भारतीयों की मौत हो गई। मरने वालों में 10 टूरिस्ट तमिलनाडु, 3 आंध्र प्रदेश और 2 केरलम् से थे। बोट पर कुल 4 क्रू मेंबर्स समेत 36 लोग सवार थे, जिसमें 32 भारतीय थे। 21 लोगों को बचा लिया गया है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक हादसा सुबह 10:30 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे की वजह समुद्र की ऊंची लहरें हो सकती हैं। जो वीडियो सामने आए, उनमें लहरें उठती दिख रही हैं। बताया जा रहा है कि टूरिस्ट लाइफ जैकेट नहीं पहने हुए थे। नाव जब पलटी तो टूरिस्ट नाव के नीचे फंस गए। हादसे पर PM मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू ने दुख जताया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख जताया है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि इस हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं। साथ ही घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत का दूतावास और वाणिज्य दूतावास हरसंभव मदद पहुंचा रहे हैं। भारतीय अधिकारी वियतनाम के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि इस हादसे से वह बेहद दुखी हैं। राष्ट्रपति ने परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं भी व्यक्त कीं। फु क्वोक द्वीप से रवाना हुई नाव बोट भारतीय पर्यटकों को फु क्वोक द्वीप के पास स्थित ‘होन मे रुट’ से न्गोआई द्वीप घुमाने ले जा रही थी, लेकिन यह तट से लगभग 400 मीटर पहले ही पलट गई। न्गोआई द्वीप अपने साफ समुद्र, छोटे बीच और कोरल रीफ डाइविंग के लिए मशहूर है। यहां पहुंचने के लिए पर्यटक आमतौर पर एन थोई बंदरगाह से बोट या स्पीडबोट किराये पर लेते हैं। हादसे की 5 तस्वीरें… तमिलनाडु के CM ने पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने को कहा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को जान गंवाने वाले तमिल लोगों के पार्थिव शरीर भारत लाने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं भी व्यक्त कीं और शोक जताया। वहीं, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर गहरा दुख जताया। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, भारतीयों की मौत की सूचना मिलते ही सीएम रेड्डी ने भारतीय दूतावास के अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने और जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। हेल्पलाइन नंबर जारी, कंट्रोल रूम बनाया इंडियन एंबेसी ने बताया कि यात्रियों की मदद के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। इससे संपर्क करने के लिए हेल्पलाइन नंबर +84 36 281 7930, +84 91 552 37 14 और +84 33 452 0414 जारी किए गए हैं।

देश में करीब 35 हजार फुटबॉल ​क्रिएटर्स:फीफा वर्ल्ड कप 2026; ब्राजील के बाद दूसरे नंबर पर भारतीय फैंस

भारत की टीम फीफा में नहीं खेल रही, लेकिन सोशल मीडिया पर भारतीय फुटबॉल फैंस ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। क्रिएटर इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म Qoruz की रिपोर्ट के मुताबिक, फीफा वर्ल्ड कप के इंस्टाग्राम अकाउंट के सबसे ज्यादा फॉलोअर्स ब्राजील के बाद भारत से हैं। यही नहीं, रोनाल्डो और मेसी के करोड़ों भारतीय फॉलोअर्स वर्ल्ड कप को भारत में बड़ा डिजिटल इवेंट बना रहे हैं। सिर्फ भारत में रोनाल्डो-मेसी के 13 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स ब्राजील के बाद अब फीफा वर्ल्ड कप दूसरा सबसे बड़ा इंस्टाग्राम बाजार है भारत फीफा के इंस्टाग्राम अकाउंट के 6.05 करोड़ फॉलोअर्स में 10.21% भारतीय हैं। इस मामले में भारत सिर्फ ब्राजील से पीछे है। अमेरिका, अर्जेंटीना, इटली और इंडोनेशिया जैसे फुटबॉल देशों से भी ज्यादा भारतीय इस अकाउंट को फॉलो करते हैं। रोनाल्डो के भारतीय फॉलोअर्स, पुर्तगाल की आबादी से भी कई गुना ज्यादा क्रिस्टियानो रोनाल्डो के 8.13 करोड़ फॉलोअर्स भारत से हैं। यानी अकेले भारत में उनके फॉलोअर्स, उनके देश पुर्तगाल की कुल आबादी से कई गुना ज्यादा हैं। लियोनेल मेसी के भी 5.66 करोड़ भारतीय फॉलोअर्स हैं। 35 हजार से ज्यादा भारतीय क्रिएटर एक्टिव वर्ल्ड कप के दौरान 35,000 से ज्यादा भारतीय कंटेंट क्रिएटर इंस्टाग्राम पर लगातार फुटबॉल से जुड़ी पोस्ट और वीडियो बना रहे हैं। ब्रांड्स को फायदा- अब ज्यादा बिक रहे फुटबॉल से जुड़े प्रोडक्ट्स डेकेथलॉन के मुताबिक, टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही उसके 50% से ज्यादा फुटबॉल प्रोडक्ट्स बिक गए। सबसे ज्यादा मांग पुर्तगाल टीम की जर्सी और मर्चेंडाइज की रही।

दिलजीत दोसांझ की 'सतलुज' से बैन नहीं हटेगा:केंद्रीय कमेटी ने सिफारिश की, इंटरनेशनली भी बैन हुई; मंत्री ने आतंकी की AK-47 वाली फोटो पोस्ट की

दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ प्रतिबंधित ही रहेगी। इससे बैन न हटाने की सिफारिश केंद्रीय कमेटी ने भी कर दी है। न्यूज एजेंसी PTI ने सरकारी सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि केंद्र की ओर से फिल्म ‘सतलुज’ की सामग्री की जांच के लिए गठित समिति ने कथित तौर पर सिफारिश की है कि ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से इसके सार्वजनिक प्रसारण पर प्रतिबंध बरकरार रहना चाहिए, क्योंकि फिल्म कथित तौर पर भारत की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ है। इसके अलावा फिल्म ‘सतलुज’ अब इंटरनेशनली भी बैन हो गई है। फिल्म को ZEE5 ओवर द टॉप (OTT) के इंटरनेशनल सेक्शन से भी हटा दिया गया है। इसकी पुष्टि फिल्म के डायरेक्टर हनी त्रेहान ने एक मीडिया हाउस से बातचीत में की। भारत में 3 जुलाई को ZEE5 पर रिलीज हुई इस फिल्म को 5 जुलाई को ही प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया था। इसे लेकर केंद्र सरकार की ओर से कहा गया था कि फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) का सर्टिफिकेट नहीं मिला था। उधर, सतलुज OTT से हटने के बाद छिड़े विवाद पर बहस थम नहीं रही। केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने आंतकी शेरा की फोटो पोस्ट की, जिसमें वह हाथ में AK-47 थामे दिख रहा है। इसके साथ उन्होंने खबर की कटिंग भी पोस्ट की। इसमें गुरदासपुर जिले के बहादुरपुर गांव में 17 साल की लड़की के पहले मां-पिता की हत्या, फिर उसे बंधक बनाकर उसके साथ हुई रेप की घटना का जिक्र किया गया है। बिट्टू ने कहा- हजारों दर्दनाक किस्सों में से एक किस्सा…ये हैं खालिस्तान के शहीद। बिट्टू ने कहा- जो लोग आज इन हत्यारों और रेप करने वालों को ‘नायक’ या ‘शहीद’ बनाकर पेश करने की नापाक कोशिश कर रहे हैं, वे असल में पंजाब के उन गहरे जख्मों पर नमक छिड़क रहे हैं, जिन्हें पंजाब की जनता कभी भूल नहीं सकती। फिल्म में दावा- पंजाब में फर्जी मुठभेड़ में 25 हजार मारे दिलजीत दोसांझ की यह फिल्म पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है। खालड़ा ने आतंकवाद के दौर में पंजाब में फेक एनकाउंटर में 25 हजार युवाओं को मारने का दावा किया था। यह फिल्म 3 साल की रोक के बाद 2 दिन पहले ही नाम बदलकर रिलीज की गई थी। पहले इसका नाम ‘पंजाब 95’ था, जिसे ‘सतलुज’ नाम से OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया था। फिल्म हटाने के बाद दिलजीत दोसांझ ने कहा था- एक इंसानियत होती है, वह इंसानियत मर गई। मुझे इस बात का दुख नहीं है कि फिल्म इंटरनेट से हटा दी गई, क्योंकि फिल्म लोगों तक पहुंच चुकी है। एक बार जो चीज इंटरनेट पर आ गई, उसे हटाना आसान नहीं है। इनके सलाहकार ठीक नहीं हैं। इस फिल्म के साथ वही हुआ, जो खालड़ा जी के साथ हुआ था। उन्होंने उन लोगों से फिल्म को दूसरों के साथ शेयर करने की अपील की, जिन्होंने इसे पहले ही डाउनलोड कर लिया था। फिल्म हटाने पर पंजाबी कलाकारों ने गुस्सा जताया है….पढ़ें पूरी खबर बिट्टू ने पोस्ट की साल 1991 की अखबार की कटिंग बिट्टू ने शेयर की अखबार की कटिंग केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने सोशल मीडिया पर साल 1991 की एक पुरानी अखबार की कटिंग और आतंकी शमशेर सिंह शेरा की फोटो पोस्ट की। इसके साथ उन्होंने 17 वर्षीय सरबजीत कौर के साथ हुई दर्दनाक घटना का जिक्र किया। अखबार की रिपोर्ट में क्या बताया गया बिट्टू द्वारा साझा की गई अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना गुरदासपुर जिले के बहादुरपुर गांव की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 10 फरवरी 1991 को ‘खालिस्तान कमांडो फोर्स’ (KCF) से जुड़े आतंकी शमशेर सिंह शेरा और उसके साथियों ने 17 वर्षीय सरबजीत कौर के माता-पिता की हत्या कर दी। इसके बाद लड़की को कथित तौर पर बंदूक की नोक पर अगवा कर लिया गया। शेरा फतेहगढ़ साहिब जिले के अमलोह क्षेत्र के माजरी किशनेवाली गांव का रहने वाला बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सरबजीत कौर को कई दिनों तक अलग-अलग खेतों और अज्ञात ठिकानों पर बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उसके साथ बार-बार रेप किया गया। बाद में पंजाब पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की। रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्रवाई में शमशेर शेरा को गिरफ्तार किया गया और पीड़िता को उसके कब्जे से मुक्त कराया गया। बिट्टू बोले- हजारों दर्दनाक किस्सों में से एक किस्सा इस घटना का जिक्र करते हुए रवनीत बिट्टू ने सोशल मीडिया पर लिखा- हजारों दर्दनाक किस्सों में से एक किस्सा…ये हैं खालिस्तान के शहीद। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को यह जानना जरूरी है कि धर्म और कथित आजादी के नाम पर आतंकवाद के दौर में आम लोगों और बेटियों पर किस तरह के अत्याचार हुए थे। कल ‘कांता प्रिंसिपल बम ब्लास्ट’ का वीडियो पोस्ट किया था गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले भी रवनीत सिंह बिट्टू ने लुधियाना के ‘कांता प्रिंसिपल बम ब्लास्ट’ से जुड़ी पुरानी रिपोर्ट और वीडियो साझा की थी। उनका कहना है कि आतंकवाद के दौर की इन घटनाओं को सामने लाने का उद्देश्य नई पीढ़ी को उस समय की सच्चाई से अवगत कराना है। ************** बिट्टू से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें: सतलुज विवाद, रवनीत बिट्टू ने शेयर किया ब्लास्ट का VIDEO: बोले- आतंकियों ने बच्चों-महिलाओं पर बम फोड़े; हिम्मत है तो प्रिंसिपल कांता पर फिल्म बनाओ जसवंत सिंह खालड़ा हत्याकांड पर पंजाबी एक्टर दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ पर बैन लगने के बाद पंजाब में आतंकवाद के दौर को लेकर फिर से बहस छिड़ गई है। विपक्षी पार्टियां तात्कालिक मुख्यमंत्री व केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्‌टू के दादा बेअंत सिंह पर सवाल उठा रहे हैं। (पढ़ें पूरी खबर)

पंजाब में 9 महीने की गर्भवती पत्नी की हत्या:पति ने बहाने से बुला बाथरूम में गला काटा; लव मैरिज की थी, जुड़वा बच्चे होने वाले थे

मानसा में एक युवक ने अपनी करीब 9 महीने की गर्भवती पत्नी की हत्या कर दी। शुक्रवार रात युवक पत्नी के मायके पहुंचा। उससे बात करने के बहाने घर के बाहर बाथरूम में बुलाकर उसने तेजधार हथियार से पत्नी का गला काट दिया। परिजन के मुताबिक, युवक को पत्नी के चरित्र पर शक था। वह कहता था कि यह बच्चा उसका नहीं है। इसे लेकर वह कई बार उसके साथ मारपीट भी कर चुका था। पिछले साल ही इन दोनों परिवार के खिलाफ जाकर लवमैरिज की थी। विवाहिता के गर्भ में जुड़वा बच्चे थे। महिला की हत्या के साथ युवक ने दोनों बच्चों की भी हत्या की है। परिजन ने मांग की है कि युवक को गिरफ्तार कर उसे कड़ी सजा दी जाए। मृतका के परिजन ने ये बातें बताईं… थाना प्रभारी बोले- आरोपी को सजा दिलवाएंगे मामले की सूचना पुलिस को दी गई। ठूठियांवाली पुलिस चौकी के प्रभारी माखन सिंह ने बताया कि उन्हें बीती रात सरपंच संदीला सिंह का फोन आया था कि गांव की लड़की सिमरजीत कौर की हत्या कर दी गई है। उन्होंने बताया कि लड़की के पिता सुखपाल सिंह के बयानों के आधार पर मृतका के पति सचप्रीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। उसे जल्द गिरफ्तार कर सजा दिलवाई जाएगी। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… अमृतसर- दाना मंडी में 100 राउंड फायरिंग:2 गुट भिड़े, गले-पेट में गोली मारकर पंच की हत्या; टाइम तय कर साथी लेकर लड़ने आए थे अमृतसर में 2 गुटों में हिंसक झड़प हो गई। दोनों गुटों के लोग टाइम तय कर दाना मंडी में आए थे। इसके बाद दोनों पक्षों में जमकर बहस हुई। इसके बाद दोनों तरफ से करीब 100 राउंड फायरिंग हुई। जिसमें एक पंच की गले व पेट में गोली मारकर हत्या कर दी गई। वहीं एक युवक घायल है। पढ़ें पूरी खबर…