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चौक में सो रहे बुजुर्ग दंपती से मारपीट, गहने छीने:बेटे के कमरे की बाहर से कुंडी लगाई; गले में पहली ज्वेलरी तोड़कर भागे

भीलवाड़ा के दाता कला गांव में बीती रात तीन बदमाशों ने लूट की नीयत से एक घर में घुसकर चौक में सो रहे वृद्ध दंपती पर हमला कर दिया। बदमाश महिला के गले में पहनी रामनामी लूटकर फरार हो गए। विरोध करने पर बदमाशों ने लट्ठ व अन्य हथियारों से हमला कर वृद्ध को गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के दौरान बदमाशों ने कमरे में सो रहे बेटे के कमरे की बाहर से कुंडी भी बंद कर दी, जिससे वह बाहर निकलकर माता-पिता का बचा नहीं सके। बुजुर्ग दंपति से की मारपीट मामला मांडल थाना क्षेत्र का है,यहां दाता कला निवासी बालूलाल जाट (65) अपनी पत्नी रामू देवी (60) के साथ घर के चौक में सो रहे थे। देर रात तीन अज्ञात बदमाश घर में घुसे और रामू देवी के गले में पहनी रामनामी लूटकर भागने लगे। इसी दौरान बालूलाल की नींद खुल गई। उन्होंने शोर मचाया तो बदमाशों ने लट्ठ व अन्य हथियारों से उन पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आई रामू देवी के साथ भी मारपीट की गई। बेटे के कमरे की बाहर से कुंडी लगा दी घटना के दौरान कमरे में सो रहे पुत्र ओमप्रकाश के कमरे की बदमाशों ने बाहर से कुंडी बंद कर दी, जिससे वह बाहर नहीं निकल सका और माता-पिता को बचाने में असमर्थ रहा। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग जागने लगे तो तीनों बदमाश रामनामी लेकर मौके से फरार हो गए। जांच में जुटी पुलिस पीड़ित परिवार की ओर से मांडल थाने में दी गई लिखित रिपोर्ट में तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ घर में घुसकर लूट और मारपीट का मामला दर्ज कराया गया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा आसपास के लोगों से पूछताछ कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। घायल दंपत्ति का अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। इनपुट क्रेडिट: जितेंद्र सिंह गौड़, मांडल

सरकारी हॉस्पिटल में पंखा और प्लास्टर गिरा,डॉक्टर का सिर फटा:महिला मरीज पर भी मलबा गिरा, पीएमओ बोलीं- बजट होने के बावजूद विभाग ने मरम्मत नहीं करवाई

अलवर के सेटेलाइट हॉस्पिटल में सोमवार सुबह छत का प्लास्टर और पंखा डॉक्टर और महिला मरीज पर गिर गया। इससे डॉक्टर का सिर फट गया। वहीं, महिला को भी गंभीर चोट लगी। घटना हॉस्पिटल के ओपीडी रूम नंबर-7 की है। जहां सीनियर डॉक्टर सीताराम अग्रवाल मरीजों को देख रहे थे। घायल सीनियर डॉक्टर सीताराम अग्रवाल ने बताया- सुबह करीब साढ़े 10 बजे एक महिला मरीज की जांच कर रहा था। इसी दौरान अचानक छत से मोटा प्लास्टर और पंखा गिर गया। हादसे के बाद मैं और मरीज बड़ी मुश्किल से बाहर निकल पाए। मेरा सिर फट गया, जिसके कारण कई टांके लगाने पड़े। घटना की तस्वीरें… महिला की नाक पर तीन टांके आए पीएमओ डॉ. प्रमीला मीणा ने बताया- हादसे के समय टीना (25) नाम की महिला थायरॉयड की जांच कराने आई थी। टीना मूल रूप से लक्ष्मणगढ़ की रहने वाली है। अभी कालाकुआं क्षेत्र में रहती है। उसकी नाक पर गंभीर चोट आई है, तीन टांके लगे हैं। इसके अलावा उसके दाहिने हाथ और पैर में भी गंभीर चोट आई है। प्राथमिक इलाज के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। डॉक्टर सीताराम अग्रवाल का इलाज अस्पताल में ही जारी है। डॉ. प्रमीला मीणा ने बताया- अस्पताल भवन की जर्जर स्थिति को लेकर पिछले करीब 10 महीनों से सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को लगातार पत्र लिखे जा रहे हैं। करीब चार महीने पहले मरम्मत कार्य के लिए लगभग 15.5 लाख रुपए भी स्वीकृत कराकर विभाग को भेज दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद मरम्मत नहीं कराई गई। हादसा टाला जा सकता था उन्होंने कहा- समय रहते मरम्मत होती तो यह हादसा टाला जा सकता था। हादसे के बाद पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मौके पर पहुंचकर भवन का निरीक्षण कर रहे हैं।

9 राज्यों में 42 हजार बुजुर्गों का नेटवर्क:एक-दूसरे की मदद कर 70% बुजुर्ग आत्मनिर्भर हुए; सुनामी के बाद तमिलनाडु से शुरू हुए सेल्फ-हेल्प ग्रुप

बिहार के सुपौल जिले के 75 वर्षीय मोहन मंडल गांव में बुजुर्गों के एक समूह का हिस्सा हैं। इसमें हमउम्र साथी एक-दूसरे का ख्याल रखते हैं और सरकारी योजनाओं से जुड़ने में मदद करते हैं। मोहन को भी एक साथी ने इलाज के लिए ‘वय वंदना कार्ड’ बनाने के लिए प्रेरित किया। उस समय उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि यह कार्ड कभी उनकी जिंदगी बचाएगा। कुछ दिन बाद ही मोहन मंडल को ब्रेन स्ट्रोक आया। इलाज का खर्च लाखों रुपए था। ऐसे समय में गांव के ग्रुप ने परिवार को योजना में सूचीबद्ध अस्पताल तक पहुंचाया। वहां उनका ऑपरेशन हुआ। तीन लाख रुपए खर्च हुए। आज मोहन स्वस्थ हैं। अब दूसरे बुजुर्गों को भी जरूरत के खर्चों के लिए तैयार रहने के लिए प्रेरित करते हैं। यूएन पॉपुलेशन अवॉर्ड से सम्मानित हेल्पएज इंडिया ने सुनामी के बाद इस तरह के समूहों की नींव रखी थी। आज मोहन जैसे करीब 42 हजार बुजुर्ग देशभर के 9 राज्यों में फैले ऐसे 3 हजार ग्रुप्स से जुड़े हुए हैं। समूह के हर बुजुर्ग के पास 1.19 लाख रुपए हो गए हैं सुपौल में बुजुर्ग हर महीने 50-50 रु. जमा करते हैं। 15 साल में समूह अपने सदस्यों में 2.33 करोड़ रु. का लोन दे चुका है। इससे 13 लाख रु. की आय हुई। अब ग्रुप के प्रत्येक सदस्य की हिस्सेदारी 1.19 लाख रु. है। लोग उन्हें लखपति बुजुर्ग कहते हैं। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने भी एल्डर सेल्फ हेल्प ग्रुप मॉडल अपनाने का फैसला किया है। इसे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में शामिल किया है। एक-दूसरे की मदद के मंच के तौर पर शुरू हुआ था ग्रुप साल 2004 में आई सुनामी से प्रभावित बुजुर्गों के लिए 2005 में चेन्नई में पहला एल्डर सेल्फ हेल्प ग्रुप बना। इसके बाद देशभर में शुरू किया गया। एक ग्रुप में 55 वर्ष या उससे ज्यादा उम्र के 10-20 बुजुर्ग होते हैं। संस्था गांवों में जाकर ऐसे लोगों की पहचान करती है, जो आर्थिक, सामाजिक या स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों से जूझ रहे होते हैं। सदस्य नियमित बैठक करते हैं। बचत करते हैं। एक-दूसरे को ऋण देते हैं और स्थानीय समस्याओं पर मिलकर काम करते हैं। इन ग्रुप्स के 70% बुजुर्ग पूरी तरह आत्मनिर्भर हो गए हैं। (जैसा दैनिक भास्कर के राजेश को बताया)

दो बाइक की जोरदार टक्कर में 4 लोग घायल:पिता-बेटे की हालत गंभीर, खेड़ा बस स्टैंड के पास हुआ हादसा

डूंगरपुर जिले के सादर थाना क्षेत्र में खेड़ा बस स्टैंड के पास में बाइकों में जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे में एक ही परिवार के पति-पत्नी और बेटे सहित कुल 4 लोग घायल हो गए। सभी घायलों को डूंगरपुर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल पति और बेटे को उच्च केंद्र रेफर कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार भाटपुर निवासी गटू कटारा अपने बेटे सोहन और पत्नी ललिता के साथ डूंगरपुर से अपने दामड़ी स्थित दूसरे घर जा रहे थे।
वहीं, पालोदा निवासी दिनेश मालीवाड अपनी बाइक पर अपने घर से अहमदाबाद की ओर जा रहे थे। तभी खेड़ा बस स्टैंड के निकट दोनों बाइकों के बीच टक्कर हो गई। पिता-बेटे को किया रेफर
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी चारों घायलों को तुरंत डूंगरपुर अस्पताल पहुंचाया। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने गट्टू और सोहन की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। पालोदा निवासी दिनेश का उपचार फिलहाल जिला अस्पताल में ही चल रहा है।

जोधपुर में टेंपो ट्रैवलर और क्रेटा कार की भिड़ंत:महाराष्ट्र से घूमने आए स्टूडेंट की मौत, एक गंभीर रूप से घायल; जैसलमेर जा रहे थे

जोधपुर में टेंपो ट्रैवलर और क्रेटा कार की आपस में टक्कर हो गई। हादसे में महाराष्ट्र के एक स्टूडेंट की मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों वाहनों को कब्जे में लिया। महाराष्ट्र से स्टूडेंट्स ट्रैवल कंपनी के जरिए जैसलमेर घूमने जा रहे थे। यह हादसा सोमवार सुबह 5:30 बजे केरू-जैसलमेर रोड पर हुआ। हादसे में गंभीर रूप से घायल स्टूडेंट को मथुरादास माथुर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। राजीव गांधी नगर थाना अधिकारी रविंद्र पाल सिंह राजपुरोहित ने बताया- साहिल जाधव (20) पुत्र नंदकिशोर (निवासी पनवेल, जिला रायगढ़, महाराष्ट्र) की हादसे में मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। जोधपुर घूमने के बाद सभी स्टूडेंट्स जैसलमेर जा रहे थे। पुलिस हादसे की जांच कर रही है। सभी स्टूडेंट्स 19 से 25 साल के करीब के हैं। वे बांद्रा टर्मिनस से ट्रेन के जरिए आज सुबह 4:30 बजे के करीब जोधपुर पहुंचे थे। यहां से वे टूर एंड ट्रैवल्स कंपनी की गाड़ी लेकर रवाना हुए थे। गाड़ी में ड्राइवर समेत 13 लोग सवार थे, तभी जैसलमेर रोड पर हादसा हो गया। हादसे के बाद पुलिस ने घायल और मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है। उनके आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, घटना के बाद मृतक के साथी भी काफी घबराए हुए हैं। इनमें से एक स्टूडेंट को गंभीर चोट लगी है, जबकि बाकी अन्य को मामूली चोटें आई हैं।

युवक ने रेजर से गले और पेट पर किए वार:शराब के नशे में खुद को किया घायल, अस्पताल में इलाज जारी

झालावाड़ जिले के बकानी थाना क्षेत्र के कुशलपुरा गांव में रविवार रात एक युवक ने कथित तौर पर शराब के नशे में रेजर से अपने गले और पेट पर कई वार कर खुद को गंभीर रूप से घायल कर लिया। खून से लथपथ हालत में वह अपनी बुआ के घर पहुंचा, जहां परिजनों की नजर पड़ने पर उसे पहले बकानी के सरकारी अस्पताल और बाद में गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस ने मामले की सूचना मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है और घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। नशे में खुद को किया घायल प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुशलपुरा निवासी दयानंद पुत्र मांगीलाल तंवर ने शराब के नशे में अपने गले और पेट पर रेजर से कई बार वार किए। घटना के बाद वह अपनी बुआ के घर पहुंच गया। परिजनों ने देखा तो मच गई अफरा-तफरी रात करीब 8 बजे जब दयानंद सो रहा था, तब उसकी बुआ के बेटे ने उसके शरीर से खून बहता देखा। यह देखकर परिवार में अफरा-तफरी मच गई। परिजन तत्काल उसे बकानी के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर बकानी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे झालावाड़ के जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी है और उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस कर रही कारणों की जांच अस्पताल सूत्रों के अनुसार, घटना की सूचना संबंधित पुलिस थाने को दे दी गई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि युवक ने यह कदम किन परिस्थितियों में या किस वजह से उठाया। पुलिस अस्पताल पहुंचकर युवक और उसके परिजनों के बयान दर्ज करेगी। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारण सामने आ सकेंगे।

वीएमओयू में जुलाई सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू:डीईबी आईडी से 31 तक कर सकते है ऑनलाइन आवेदन

वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (वीएमओयू), कोटा ने जुलाई 2026 सत्र के लिए ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है। बांगड़ कॉलेज डीडवाना स्थित अध्ययन केंद्र की मुख्य समन्वयक डॉ. मनीषा गोदारा ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी एबीसी आईडी के माध्यम से बनी डीईबी आईडी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने आवेदकों को सलाह दी कि वे आवेदन से पहले अपनी डीईबी आईडी में दर्ज नाम, माता-पिता का नाम, जन्म तिथि, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी का शैक्षणिक दस्तावेजों से मिलान अवश्य कर लें। ज्योतिष और मनरेगा सर्टिफिकेट कोर्स भी है उपलब्ध
विश्वविद्यालय कई स्नातक पाठ्यक्रम जैसे बीए, बीएससी, बीजे और बीएलआईएस प्रदान करता है। स्नातकोत्तर स्तर पर अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, पुलिस प्रशासन, हिंदी, इतिहास, अंग्रेजी, संस्कृत, शिक्षा, राजस्थानी, समाजशास्त्र, भूगोल, एमकॉम, एमबीए और एमएससी (गणित एवं कंप्यूटर विज्ञान) जैसे पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं।
इसके अलावा योग, मास कम्युनिकेशन, पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान, पर्यटन, जलग्रहण प्रबंधन और कंप्यूटर अकाउंटिंग एंड मैनेजमेंट जैसे डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। फलित ज्योतिष और महात्मा गांधी नरेगा जैसे प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम भी उपलब्ध हैं। ऑनलाइन अध्ययन सामग्री चुनने पर मिलेगी फीस में छूट
अध्ययन केंद्र के समन्वयक डॉ. चेनाराम ने बताया कि विश्वविद्यालय की दूरस्थ शिक्षा प्रणाली गांवों, कस्बों, नौकरीपेशा लोगों और अन्य विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का एक बेहतर विकल्प है। उन्होंने यह भी बताया कि नियमित विद्यार्थी एक ही सत्र में अपनी नियमित पढ़ाई के साथ अतिरिक्त डिग्री, डिप्लोमा या प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम में भी प्रवेश ले सकते हैं। सरकार की दूरस्थ बालिका शिक्षा योजना के तहत पात्र छात्राओं को शुल्क पुनर्भरण की सुविधा मिलेगी। जो विद्यार्थी ऑनलाइन अध्ययन सामग्री का विकल्प चुनते हैं, उन्हें शुल्क में 15 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
इसके अलावा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र विद्यार्थियों के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा शुल्क पुनर्भरण का भी प्रावधान है।

VLTD डिवाइस नहीं मिलने से थमा ट्रांसपोर्ट कारोबार:30 हजार से ज्यादा ट्रक खड़े, 8 जुलाई को जयपुर में धरना; हड़ताल की चेतावनी

राजस्थान में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) अनिवार्य होने के बाद भी ट्रांसपोर्टरों को यह डिवाइस नहीं मिल रही है। ट्रांसपोर्ट संगठनों का दावा है कि इसके कारण 30 से 35 हजार ट्रक फिटनेस और परमिट की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं। इससे हजारों वाहन खड़े हैं और ट्रांसपोर्ट कारोबार पर बड़ा असर पड़ रहा है। विश्वकर्मा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने सरकार और परिवहन विभाग पर व्यवस्था नहीं होने का आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि वे व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जब डिवाइस ही उपलब्ध नहीं है तो वाहन मालिक नियमों का पालन कैसे करें। इसी मांग को लेकर 8 जुलाई को जयपुर के शहीद स्मारक पर धरना दिया जाएगा। समाधान नहीं होने पर पूरे राजस्थान में अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है। कब से लागू हुआ नियम केंद्र सरकार ने AIS-140 मानकों के तहत कई श्रेणी के वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाने का नियम बनाया। इसके बाद राजस्थान परिवहन विभाग ने भी साल 2022 से इस व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की। इसके तहत अधिकृत कंपनियों के माध्यम से वाहनों में डिवाइस लगाने और उसे विभाग के पोर्टल से जोड़ने की व्यवस्था की गई। ट्रांसपोर्टरों का आरोप- डिवाइस नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी विश्वकर्मा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश चौधरी ने बताया- राज्य सरकार ने कॉमर्शियल ट्रकों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस अनिवार्य कर दिया है। नए नियमों के अनुसार जिस कंपनी का ट्रक है, उसी कंपनी के अधिकृत डिवाइस को लगाना जरूरी है। उनका आरोप है कि इससे कुछ कंपनियों तक ही व्यवस्था सीमित हो गई है। उन्होंने कहा कि जो डिवाइस पहले करीब तीन हजार रुपये में मिल जाती थी, अब उसकी कीमत 25 से 30 हजार रुपये तक वसूली जा रही है। उनका आरोप है कि बाजार में डिवाइस की कमी होने का फायदा उठाया जा रहा है। इससे वाहन मालिकों का खर्च कई गुना बढ़ गया है और फिटनेस प्रमाण पत्र भी जारी नहीं हो पा रहे हैं। 30 से 35 हजार ट्रक खड़े होने का दावा
जगदीश चौधरी ने बताया- राजस्थान में अधिकृत कंपनियों के पास पर्याप्त संख्या में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस उपलब्ध नहीं हैं। इसके कारण करीब 30 से 35 हजार ट्रक राज्य से बाहर खड़े हैं। यदि ये वाहन बिना जरूरी प्रक्रिया पूरी किए राजस्थान आते हैं तो ई-डिटेक्शन के जरिए चालान हो सकता है। साथ ही नेशनल परमिट और फिटनेस की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पा रही है। हम नियम के खिलाफ नहीं, व्यवस्था ठीक करने की मांग कर रहे हैं ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का कहना है कि दूसरे राज्यों में बड़ी संख्या में कंपनियां यह डिवाइस उपलब्ध करा रही हैं, जबकि राजस्थान में केवल 17 कंपनियां ही अधिकृत हैं। उनका कहना है कि सरकार ऐसी व्यवस्था करे जिससे सभी वाहन मालिकों को आसानी से डिवाइस मिल सके और परमिट व फिटनेस का काम समय पर हो सके। 8 जुलाई को जयपुर में धरना
एसोसिएशन ने बताया कि इस मुद्दे पर पूरे राजस्थान में संघर्ष समितियां बनाई गई हैं। सभी ट्रांसपोर्ट कारोबारी 8 जुलाई को जयपुर के शहीद स्मारक पर शांतिपूर्ण धरना देंगे। यदि इसके बाद भी परिवहन विभाग और सरकार ने समाधान नहीं निकाला तो पूरे राजस्थान में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। उनका कहना है कि इससे प्रदेश में माल परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।

मूंग के दाने से भी छोटी भगवान जगन्नाथ की मूर्ति:दुनिया का सबसे छोटा रथ बनाने का दावा, शिल्पकार ने 36 घंटे में तैयार किया

उदयपुर के रहने वाले अंतरराष्ट्रीय शिल्पकार डॉ. इकबाल सक्का ने भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के मौके पर दुनिया का सबसे छोटा सोने-चांदी का रथ बनाया है। यह अनोखा रथ न सिर्फ कला का बेजोड़ नमूना है, बल्कि यह देश में कौमी एकता और भाईचारे का बड़ा संदेश भी दे रहा है। डॉ. सक्का 211 वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। इस रथ की साइज महज 1 गुना 1 सेंटीमीटर है। डॉ. सक्का ने इस बेहद छोटे रथ को पुरी के विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर में भेंट करने का फैसला किया है। श्री जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट कमेटी को बाकायदा एक चिट्ठी भी लिख दी है। जैसे ही वहां से मंजूरी मिलेगी, वे पुरी जाकर इस रथ को सौंप देंगे। मूंग के दाने से भी छोटी भगवान जगन्नाथ की मूर्ति
डॉ. सक्का ने बताया- रथ में चांदी का महज एक सेंटीमीटर का मंदिर और एक मिलीमीटर का कलश बनाया है। मंदिर के ऊपर केसरिया रंग का झंडा भी लगाया गया है, जिस पर बहुत ही बारीकी से ‘ॐ’ लिखा हुआ है। रथ के अंदर भगवान जगन्नाथ की जो मूर्ति विराजमान है, वह मूंग के दाने से भी छोटी है। चांदी से बनी इस मूर्ति को खुली आंखों से ठीक से देख पाना भी नामुमकिन है, इसे देखने के लिए लेंस की मदद लेनी पड़ती है। भगवान के इस रथ को आगे खींचते हुए दिखाने के लिए चांदी का एक सेंटीमीटर का छोटा सा घोड़ा भी बनाया गया है। 36 घंटे की कड़ी मेहनत से तैयार हुआ अनोखा रथ
डॉ. सक्का ने बताया- रथ में 7 ग्राम चांदी और 300 मिलीग्राम सोने का इस्तेमाल किया है। रथ को आकार देने के लिए लगातार 36 घंटे तक कड़ी मेहनत करनी पड़ी, तब जाकर यह कलाकृति पूरी तरह तैयार हो सकी। भुवनेश्वर के कलाकार का रिकॉर्ड तोड़ा
डॉ. इकबाल सक्का ने बताया- रथ ने एक पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। इससे पहले ओडिशा के भुवनेश्वर के एक कलाकार ने 3 गुणा 2 सेंटीमीटर का रथ बनाया था, जो इंटरनेशनल बुक में दर्ज है। अब मैंने ने महज 1 गुणा 1 सेंटीमीटर का रथ बनाकर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का दावा पेश किया है।

जयपुर में बारिश से सड़कें धंसी, 10-फीट गहरे गड्‌ढे हुए:कार गिरी, क्रेन से निकालना पड़ा; रास्ता बंद होने से ट्रैफिक हुआ प्रभावित

जयपुर शहर में रविवार देर रात हुई करीब 2 इंच बारिश से जगह-जगह सड़कें धंस गई हैं। मानसरोवर और गोपालपुरा बाइपास पर 10 फीट तक गहरे गड्‌ढे हो गए। मानसरोवर में शिप्रापथ से गुर्जर की थड़ी, शांति नगर को जोड़ने वाले मार्ग पर द्रव्यवती नदी के किनारे दो जगह सड़क धंस गई। एक जगह तो सड़क का करीब 20 फीट चौड़ा हिस्सा जमीन में समा गया। इस गड्ढे से 50 मीटर दूर भी सड़क धंस गई। पानी बहने से मिट्टी का कटाव हो गया और द्रव्यवती नदी के किनारे बनी बाउंड्रीवॉल से लगती सड़क पर बड़ा गड्ढा हो गया। गोपालपुरा बाइपास पर गंगा-जमुना पेट्रोल पंप के सामने फुटपाथ के पास सड़क धंस गई। इससे वहां खड़ी इनोवा कार गड्‌ढे में गिर गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने रात को सड़क के किनारे बैरिकेडिंग करके रास्ता बंद कर दिया था। क्रेन के जरिए गाड़ी को बाहर निकाला गया। गोपालपुरा बाइपास पर रिद्धि-सिद्धि चौराहे के नजदीक परमहंस धाम के सामने आज सुबह सड़क धंस गई। यहां ड्रेनेज लाइन टूटने से सड़क पर 8 फीट चौड़ा और 10 फीट तक गहरा गड्ढा हो गया। नगर निगम की टीम ने मलबा और मिट्टी के कट्टे डालकर उसे भरवाने का काम शुरू करवाया है। सड़कें धंसने से ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ। अब देखिए, सड़क धंसने की PHOTOS… रोड पर पेड़ गिरने से ट्रैफिक प्रभावित जयपुर शहर और उसके आसपास के कई इलाकों में रविवार देर रात से अलसुबह तक मध्यम से तेज बरसात हुई। जयपुर में बरसात के बाद स्टेच्यू सर्किल के पास एक पेड़ गिर गया। इस कारण सोमवार सुबह यहां ट्रैफिक संचालन प्रभावित रहा। जयपुर में देर रात से आज सुबह 8 बजे तक सबसे ज्यादा बारिश फागी-दूदू के बीच मौजमाबाद में 82MM दर्ज हुई। सांगानेर में 69MM, जोबनेर में 58, फागी में 54, जालसू में 52, चाकसू में 46, जेएलएन मार्ग पर 44.5, जयपुर शहर में कलेक्ट्रेट के आसपास 33, तूंगा में 28, कालवाड़ में 25, किशनगढ़-रेनवाल में 22, कोटखावदा में 20 और फुलेरा में 17MM बरसात दर्ज हुई। मानसून की पहली बारिश में धंस गई थी टोंक रोड इससे पहले, 3 जुलाई को जयपुर में लालकोठी के पास टोंक रोड अचानक धंस गई। सड़क पर करीब 20 फीट चौड़ा और 10 फीट गहरा गड्ढा बन गया था। JDA के जोन-ए के अधिशासी अभियंता (XEN) दीपक अग्रवाल ने बताया था- टोंक रोड पर पहले सीवरेज लाइन और गैस लाइन बिछाने का काम किया गया था। इस दौरान लाइन के लिए बनाया गया डक्ट तकनीकी मानकों के अनुरूप सही तरीके से फिट नहीं किया गया था। मानसून की पहली बारिश में पानी रिसकर अंदर चला गया, जिससे नीचे की मिट्टी कमजोर हो गई और सड़क धंस गई। (पूरी खबर पढ़ें) … यह खबर भी पढ़ें… जोधपुर में तेज बारिश, सीकर पानी-पानी:जयपुर में पेड़ टूटे, कई जिलों में 2 इंच पानी बरसा; 5 दिन भारी बरसात की चेतावनी