ब्रेकिंग न्यूज़
2.44 करोड़ का बीज निगम घूसकांड:चार्जशीट पेश होने से पहले भास्कर में; 4 नए आरोपी बनाए, संगठित गिरोह चला रहा था निदेशक जुगल किशोर

प्रदेश में राज्य बीज निगम के बहुचर्चित 2.44 करोड़ रुपए के रिश्वत कांड में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है। एसीबी इस माह के अंत तक चार्जशीट पेश करने की तैयारी में है। जांच पूरी हो चुकी है और अभियोजन संबंधी औपचारिकताएं अंतिम दौर में हैं। चालान पेश होने के बाद एसीबी जांच का दूसरा चरण शुरू करेगी, जिसमें अब तक सामने आए चार अन्य लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। एसीबी की जांच में सामने आया कि बीज निगम के तत्कालीन प्रबंध निदेशक जुगल किशोर के संरक्षण में संगठित गिरोह की तरह काम हो रहा था, जिसमें अलग-अलग तरह से वसूली हो रही थी। मामले में सुनील सेतिया छापे की कार्रवाई के बाद फैक्ट्री संचालक या संबंधित लोगों से संपर्क करता था और जुगल किशोर सहित अन्य अधिकारियों से संपर्क कराने व मामले में मदद करने की बात कहता था। गिरोह में लाइजनर का काम करने वाले अन्य लोग भी हैं। एसीबी ने 7 जून को राजस्थान राज्य बीज निगम में करोड़ों रुपए के रिश्वत नेटवर्क का खुलासा किया था। कार्रवाई के दौरान तत्कालीन प्रबंध निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई, उनके करीबी स्वतंत्र बिश्नोई, फलौदी विधायक के तत्कालीन निजी सहायक गणपत बिश्नोई, किरण कपाड़िया, सुनील सेतिया और सतपाल के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। जांच के दौरान मुख्य आरोपियों को पहले पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। इसके बाद अदालत से दो दिन का अतिरिक्त रिमांड लेकर आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई, जिसमें पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ था। पूछताछ, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर एसीबी ने रिश्वत के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ीं। जांच में सामने आया कि करोड़ों रुपए के लेन-देन का पूरा सिस्टम संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान एसीबी ने जुगल किशोर के ठिकानों और बस के जरिए भेजी जा रही नकदी सहित करीब 2.44 करोड़ रुपए बरामद किए थे। 60 लाख की कहानी अब भी अधूरी… जांच में एसीबी के सामने यह तथ्य आया कि रिश्वत के सौदे में करीब 60 लाख रुपए गणपत बिश्नोई के हिस्से में गए थे। हालांकि पूछताछ और तलाशी के बावजूद यह राशि बरामद नहीं हो सकी। एसीबी को संदेह है कि रकम को अलग-अलग लोगों के माध्यम से ठिकाने लगाया गया। सूत्रों के अनुसार चालान पेश होने के बाद एसीबी चार अन्य लोगों को पूछताछ के लिए बुलाएगी। इनमें बीज निगम के तत्कालीन निदेशक के लिए कथित रूप से लाइजनिंग करने वाला एक व्यक्ति, जोधपुर निवासी रोशनी, तथा जांच के दौरान सामने आए दो अन्य लोग शामिल हैं। एसीबी का मानना है कि इनसे पूछताछ के बाद 60 लाख रुपए के लेन-देन और पूरे नेटवर्क की नई कड़ियां सामने आ सकती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *