स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:बहू-बेटियां, माताएं अपने प्रेम, त्याग, धैर्य और संस्कारों से परिवार को जोड़े रखती हैं
परिवार की वास्तविक शक्ति घर की महिलाएं होती हैं। बहू-बेटियां और माताएं अपने प्रेम, त्याग, धैर्य, संस्कारों से परिवार को जोड़े रखती हैं, उनके कारण घर में एकता, संतुलन, सामंजस्य, सौहार्द और सद्भाव बना रहता है। वे हर परिस्थिति में परिवार का सहयोग करती हैं और सभी सदस्यों की देखभाल करती हैं। इसलिए उन्हें घर की लक्ष्मी कहा जाता है। अक्सर उनके योगदान पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता, जबकि उनके बिना घर का वातावरण, अपनापन और व्यवस्था संभव नहीं है। वास्तव में, महिलाओं के योगदान से ही घर, घर जैसा बनता है। महिलाओं का हमेशा सम्मान करें। आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए घर को सुंदर कौन बनाता है? आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर दिए गए फोटो पर क्लिक करें।

