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पंजाब कांग्रेस में कलह, बघेल बोले- प्रधान नहीं बदलेगा:चन्नी गुट अब भी अड़ा, मीटिंग का लगातार बायकॉट; सवाल- चन्नी का अगला कदम क्या होगा?

पंजाब कांग्रेस में चुनाव से 8 महीने पहले अंदरूनी कलह थमने का नाम नहीं ले रही। प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल के पांच दिवसीय दौरे के 2 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके गुट ने अब तक उनसे दूरी बनाए रखी है। बघेल ने 2 नेताओं के जरिए बातचीत की कोशिश की, लेकिन चन्नी गुट उनकी किसी भी मीटिंग में नहीं पहुंचा। बघेल भी कह रहे हैं कि पंजाब में कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग को नहीं बदला जाएगा। इसे देखते हुए चन्नी गुट ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह अपनी नाराजगी सीधे हाईकमान के सामने ही रखेगा। उधर, प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का खेमा लगातार बघेल के साथ खड़ा नजर आया। ऐसे में अब कांग्रेस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि चन्नी गुट को बातचीत की टेबल तक कैसे लाया जाए और उससे भी बड़ा सवाल यह कि चन्नी का अगला कदम क्या होगा?। चन्नी को मनाने के बघेल के 3 दांव फेल:- नए कार्यकारी अध्यक्षों की जिम्मेदारियां तय… 2 दिन… मीटिंग पर मीटिंग, लेकिन चन्नी गुट नदारद
पहले दिन बघेल ने पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, प्रदेश पदाधिकारियों, इलेक्शन मैनेजमेंट कमेटी के चेयरमैन विजय इंदर सिंगला और मैनिफेस्टो कमेटी के चेयरमैन सांसद अमर सिंह के साथ बैठक की। हालांकि कैंपेन कमेटी के चेयरमैन चरणजीत सिंह चन्नी और कोर कमेटी के चेयरमैन सुखजिंदर सिंह रंधावा इन बैठकों से दूर रहे। दूसरे दिन उन्होंने कार्यकारी प्रदेश अध्यक्षों, स्टेट बॉडी और जिला अध्यक्षों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। यहां भी चन्नी गुट के नेता शामिल नहीं हुए। वड़िंग गुट का शक्ति प्रदर्शन, चन्नी गुट का साइलेंट प्रोटेस्ट
बैठकों के बाद राजा वड़िंग गुट के नेता बड़ी संख्या में बघेल से मिलने पहुंचे और उनका स्वागत किया। इसे संगठन पर अपनी पकड़ का संदेश देने की कोशिश माना जा रहा है। वहीं चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा और उनके समर्थक पूरे दिन किसी भी आधिकारिक कार्यक्रम में नजर नहीं आए। सूत्रों के मुताबिक, चन्नी गुट का रुख साफ है कि जिस मंच पर राजा वड़िंग मौजूद होंगे, उस मंच पर वे शामिल नहीं होंगे। वे अपनी बात सीधे हाईकमान के सामने रखना चाहते हैं। आज सबसे अहम दिन, वन टु वन बैठकों पर नजर
बुधवार को भूपेश बघेल पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग-अलग वन टु वन बैठक करेंगे। सबसे ज्यादा नजर इस बात पर रहेगी कि क्या चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा उनसे मुलाकात करते हैं या दूरी बनाए रखते हैं। इन्हीं बैठकों से यह संकेत भी मिल सकता है कि पंजाब कांग्रेस में सुलह की शुरुआत होगी या टकराव और लंबा चलेगा। ————– यह खबर भी पढ़ें-पंजाब कांग्रेस में चुनाव से पहले टूट का खतरा बढ़ा:प्रभारी बघेल बोले- राजा वड़िंग ही प्रधान रहेंगे; चन्नी ने नेताओं से मुलाकात की रील शेयर की पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में टूट का खतरा बढ़ गया है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल ने मीटिंग में नेताओं को भरोसा दिलाया कि पंजाब कांग्रेस में कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने मंगलवार को चंडीगढ़ में प्रदेश कांग्रेस कमेटी और जिला अध्यक्षों के साथ मीटिंग की। पूर्व CM चरणजीत चन्नी के गुट ने इसका बायकॉट किया। पूरी खबर पढ़ें…

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