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25 दिन से दहशत फैला रहे दो लेपर्ड पकड़े:रणथंभौर टाइगर रिजर्व की टीम ने फलोदी टोडरा से किया रेस्क्यू

सवाई माधोपुर जिले के फलोदी टोडरा क्षेत्र में पिछले करीब 25 दिनों से दहशत का कारण बने दो लेपर्ड को रणथंभौर टाइगर रिजर्व की टीम ने गुरुवार देर रात सफल रेस्क्यू अभियान चलाकर पकड़ लिया। दोनों लेपर्ड को सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद जंगल में छोड़ दिया गया। लेपर्ड की लगातार गतिविधियों के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल था और लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया था। 25 दिन से ग्रामीणों में था डर का माहौल फलोदी टोडरा क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लेपर्ड लगातार आबादी के आसपास दिखाई दे रहे थे। करीब 25 दिनों से उनकी मौजूदगी के कारण ग्रामीणों में दहशत थी। लोग शाम होते ही घरों से निकलने से बच रहे थे। ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर वन विभाग से लेपर्ड को जल्द पकड़ने की मांग भी की थी। कैमरा ट्रैप और ट्रैकिंग से मिली सफलता रणथंभौर टाइगर रिजर्व प्रथम के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम ने दिन-रात क्षेत्र में निगरानी रखी। कैमरा ट्रैप, ट्रैकिंग और स्थानीय लोगों के सहयोग से लेपर्ड की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई। इसके बाद पूरी सावधानी और वैज्ञानिक तरीके से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। रेस्क्यू अभियान में टीम ने निभाई अहम भूमिका रेस्क्यू अभियान के दौरान सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) अजय और नाका प्रभारी सुमन ने अपनी टीम के साथ लगातार निगरानी रखी और अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गुरुवार देर रात दोनों लेपर्ड को सुरक्षित पकड़कर क्षेत्र से हटाया गया और बाद में जंगल में छोड़ दिया गया। दोनों लेपर्ड के रेस्क्यू के बाद फलोदी टोडरा क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं वन्यजीव दिखाई दे तो खुद कोई जोखिम न उठाएं और तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते सुरक्षित कार्रवाई की जा सके।

NEET रिजल्ट-10 लाख स्टूडेंट 213 नंबर भी नहीं ला पाए:कटऑफ में 69 नंबर की बढ़ोतरी; आयुष की 4th रैंक, बोले-मोबाइल पर यूट्यूब वीडियो देखना पसंद

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार रात NEET-UG 2026 का रिजल्ट जारी किया। 11.21 लाख स्टूडेंट मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए हैं। 10 लाख स्टूडेंट 213 नंबर (कटऑफ) भी नहीं ला पाए। इस बार कटऑफ में 69 नंबर की बढ़ोतरी हुई है। राजस्थान के 2 स्टूडेंट टॉप-10 में शामिल हैं। उपलक्ष्य गोयल ने 714 नंबर के साथ तीसरी और गौरव सिंह ने 712 नंबर के साथ 9वीं रैंक हासिल की है। पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक हासिल कर ऑल इंडिया टॉप किया। बिहार के आयुष बालोटिया ने 710 नंबर के साथ चौथी रैंक हासिल की है। आयुष ने कोटा में रहकर कोचिंग की थी। वहीं आर्यन कोटा कोचिंग से डिस्टेंस लर्निंग से जुड़े थे, तो पांशुल ने कोटा कोचिंग के दिल्ली सेंटर पर रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट के रूप में दो साल पढ़ाई की है। आयुष ने बताया कि खुद को रिलेक्स करने के लिए मोबाइल चलाता था। मुझे यूटयूब वीडियो देखना पंसद है। गौरव ने कहा- स्मार्टफोन यूज करता था, लेकिन उसका मिसयूज नहीं करता था। कटऑफ में 69 नंबर की बढ़ोतरी एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया- इस बार पेपर टफ रहा। इसके बाद भी स्टूडेंट्स का प्रदर्शन शानदार रहा है। हालांकि इस बार कोई भी स्टूडेंट 720 का परफेक्ट स्कोर हासिल नहीं कर सका है। इस बार हाइएस्ट स्कोर 715 रहा। वहीं क्वालिफाइंग कटऑफ में 69 नंबर की बढ़ोतरी हुई है। साल 2024 कटऑफ 162, 2025 में 144 और 2026 में 213 नंबर रही है। रिलेक्स होने के लिए यूटयूब वीडियो देखता था आयुष नवादा (बिहार) के वरीसालीगंज गांव के रहने वाले आयुष बालोटिया की चौथी रैंक आई है। आयुष ने कोटा में रहकर नीट की तैयारी की है। पिता सुनील कुमार का बिजनेस है। आयुष के 10वीं में 96.2% और 12वीं में 93.8 प्रतिशत नंबर आए थे। आयुष के परिवार और पूरे गांव में खुशी का माहौल है। आयुष ने बताया कि बचपन से ही मेरा सपना डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करने का था। नियमित पढ़ाई, नीट की गहन तैयारी, लगातार रिवीजन और रेगुलर टेस्ट मेरी सफलता की सबसे बड़ी वजह रहे। हर टेस्ट के बाद अपनी गलतियों का विश्लेषण करना और उन्हें सुधारना बेहद जरूरी है। मैं 6 से 7 घंटे सेल्फ स्टडी करता थे। सुबह के समय पढ़ाई को ज्यादा समय दिया है। साथ ही खुद को रिलेक्स करने के लिए मोबाइल भी चलाता था। मोबाइल पर यूटयूब शॉट्‌र्स (वीडियो) देखना पंसद है। आयुष ने बताया कि जब नीट रद्द हुआ, उस समय स्कोर 695 बन रहा था। इस बार नंबर और बढ़ गए। पेपर रद्द हुआ तो टेंशन नहीं थी, क्योंकि तैयारी पूरी थी। जैसा टीचर ने गाइड किया, वैसा ही किया अलवर के रहने वाले गौरव सिंह ने नौवीं रैंक हासिल की है। गौरव के पिता राजेश कुमार आर्मी में हैं। कोटा में रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट गौरव ने बताया कि मां सीमा देवी मेरे और बहन के साथ कोटा में रहकर हमारी पढ़ाई का पूरा ध्यान रखती थीं। उन्होंने हर परिस्थिति में हमारा हौसला बढ़ाया। नीट की तैयारी के दौरान मैंने डेली क्लास अटेंड की। एनसीईआरटी की बुक्स को कई बार पढ़ा। कंटीन्यू रिवीजन किया और टेस्ट को पूरी गंभीरता से दिया। स्मार्टफोन यूज करता था, लेकिन उसका मिसयूज नहीं करता था। क्लासरूम के अलावा 7-8 घंटे सेल्फ स्टडी करता था। टीचर्स ने जो बताया, जो गाइड किया मैंने वैसे ही किया। पूरी रात पढ़ाई करता था, दोपहर में क्लास लेता था कोटा के रहने वाले कार्तिक ने ऑल इंडिया 16वीं रैंक हासिल की है। कार्तिक ने बताया कि मैं रात को पढ़ाई को प्राथमिकता देता था। सेल्फ स्टडी के लिए रात को 9:30-10 बजे से सुबह चार से पांच बजे पढ़ता था। दोपहर में कोचिंग के बाद शाम को पावर नेप (ब्रेक) लेता और फिर रात को पढ़ाई का वही शेडयूल रहता है। मेरे पिता इंजीनियर हैं। उन्होंने भी कोटा में ही इंजीनियरिंग की तैयारी और पढ़ाई की थी। खुद को रिलेक्स करने के लिए फुटबॉल खेलते थे। पेपर लीक के कारण दोबारा हुई थी NEET पेपर लीक के आरोपों के कारण 3 मई को हुई NEET-UG 2026 रद्द हो गई थी। इसके बाद NTA ने 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई। परीक्षा ऑफलाइन (पेन-एंड-पेपर) मोड में आयोजित की गई थी। परीक्षा 13 भाषाओं में हुई, जिसमें देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ विदेशों के स्टूडेंट्स ने भी हिस्सा लिया। इस साल परीक्षा देश और विदेश के 551 शहरों में बने 5,440 परीक्षा केंद्रों पर कराई गई। राजस्थान के 25 शहरों में इस परीक्षा का आयोजन किया गया था। 577 केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया गया था। 2027 से कंप्यूटर आधारित होगी NEET पेपर लीक के बाद सरकार ने NEET में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। 2027 से NEET-UG कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। फिलहाल परीक्षा ऑफलाइन (पेन-एंड-पेपर) मोड में होती है। नई व्यवस्था में स्टूडेंट्स कंप्यूटर पर सवाल हल करेंगे। हालांकि, सिलेबस, प्रश्नों की संख्या, विषय और मार्किंग स्कीम में कोई बदलाव नहीं होगा। स्टूडेंट्स को ऑनलाइन परीक्षा के लिए पहले से मॉक टेस्ट और डेमो की सुविधा भी दी जाएगी, ताकि वे नए सिस्टम के अनुसार तैयारी कर सकें। … नीट रिजल्ट की यह खबर भी पढ़ें… NEET-UG का रिजल्ट जारी, टॉप-10 में राजस्थान के 2 स्टूडेंट:उपलक्ष्य की तीसरी और गौरव की 9वीं रैंक; चौथे नंबर पर रहे आयुष कोटा में पढ़े

थानेदार बोला-’तुम्हारा बेटा मेरे पास, 50 हजार दो, ले जाओ’:मां गिड़गिड़ाई- ज्वेलरी गिरवी रख 20 हजार ही मिले, धमकाया- श..श..यहां कैमरे हैं

थानेदार ने थाने में वर्दी की धौंस दिखाकर ऐसे रिश्वत ली, जैसे किडनैपर वसूली करता है। प्रेम संबंध के मामले में दोनों पक्षों में समझौता हो जाने के बावजूद युवक को 4 दिन थाने में बंद रखा और छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपए मांगे। विधवा मां को गहने गिरवी रखने पड़े। मामला बारां जिले के मोठपुर थाने का है। पीड़िता ने ACB को शिकायत दी, लेकिन थानेदार देवकरण जाल में नहीं फंसा। पीड़िता थानेदार के चैंबर में गई और रिश्वत देने लगी तो थानेदार ने मुंह पर अंगुली रखकर चुप रहने का इशारा किया और बोला- श…श…श…यहां कैमरे लगे हैं। थानेदार और कॉन्स्टेबल ने रिश्वत लेने के लिए पीड़ित से जो भी कहा, वे सारी आपसी बातें वॉयस रिकॉर्डर में रिकॉर्ड हो गईं। 5 महीने बाद ACB मोठपुर थाने के थानेदार देवकरण, कॉन्स्टेबल कुलदीप के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। पढ़िए रिपोर्ट… राजीनामे के बाद बेटे को छुड़ाने गई थी थाने पीड़ित का बेटा और समाज की एक युवती एक दूसरे को पसंद करते थे। युवती चौथी बार अपना घर छोड़कर उसके बेटे के पास आ गई थी। इससे पहले तीन बार युवती को समझाकर उसके परिजनों के पास भेज दिया था। युवती के परिजनों ने पीड़ित के बेटे के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने उसके बेटे को पकड़ लिया। बाद में दोनों पक्षों में राजीनामा हो गया था। राजीनामे के बाद पीड़ित 22 फरवरी को 4 दिन से बारां के मोठपुर थाने में बंद अपने बेटे को छुड़ाने के लिए पहुंची। वहां थानेदार देवकरण ने बेटे को छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपए मांगे। पीड़ित थाने से लौटी और एक परिचित को घटना के बारे में बताया। पीड़ित की बहन इस परिचित के यहां मजदूरी करती है। परिचित के कहने पर पीड़ित ने 23 फरवरी को ACB में संपर्क किया। पीड़ित ने ACB को पूरा घटनाक्रम बताया। उसने बताया- एक दिन पहले अपने बेटे को छोड़ने की गुहार को लेकर मोठपुर थाने गई थी। थाना इंचार्ज देवकरण ने पूरे दिन थाने पर बैठाए रखा। देर शाम को बेटे से मिलवाया। इसके बाद थानेदार ने अपने चैंबर में बुलवाया… कैमरे से डरा थानेदार…बोला – मैं मदद कर रहा हूं पूरी घटना बताने के बाद ACB ने थानेदार को रिश्वत लेते रंगे हाथों ट्रैप करने की तैयारी शुरू कर दी। पीड़ित ने बताया कि वह बहुत गरीब और कम पढ़ी-लिखी है। वह हमेशा एक परिचित को थाने लेकर जाती है। ACB ने उस परिचित को ट्रैप का पूरा प्लान समझाया। अगले दिन 24 फरवरी को पीड़ित और उसका परिचित थाने पहुंचे। वहां पहुंचने से पहले उन्होंने रिकॉर्डर ऑन कर दिया था। रिकॉर्डर में सारी बातचीत रिकॉर्ड हो गई… (थानेदार ने मुंह पर अंगुली रखी और चुप रहने का इशारा किया) (इसके बाद थानेदार ने रिश्वत लेने के लिए इशारा किया। कॉन्स्टेबल कुलदीप को अपने चैंबर में बुलाया और फिर सभी को बाहर भेज दिया।) बेटे को कोर्ट ले जाते समय थानेदार-कॉन्स्टेबल से मिली, लेकिन हुआ शक ACB टीम ने रिकॉर्डर देकर रिश्वत की बात करने के लिए कहा था, ताकि रिश्वत मांगने के आरोपों की पुष्टि हो सके, लेकिन पीड़ित ने थानेदार और कॉन्स्टेबल से बातचीत के बाद रिश्वत के पैसे दे दिए। ऐसे में ACB को पहले से तैयारी का मौका नहीं मिला और ट्रैप की कार्रवाई नहीं हो सकी। थाने से लौटकर पीड़ित ने ACB टीम को सारी बात बता दी। ACB ने रिकॉर्डर के जरिए थाने में हुई बातचीत को सुना तो पीड़ित की बताई बात सही निकली और रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई। पीड़ित ने ACB को कहा कि कल (25 फरवरी) रिश्वत के बाकी पैसे लेकर आने को कहा है। जब वे लेंगे, तो उससे पहले आपको बता देंगे, जिससे आप रंगे हाथों पकड़ सकें। फिर ACB ने रिकॉर्डर को अपने पास सुरक्षित रख लिया। अगले दिन बेटे को कोर्ट में ले जाते समय पीड़िता थानेदार और कॉन्स्टेबल मिली तो दोनों ने ही रिश्वत के बचे रुपयों को लेकर कोई बात नहीं की। ACB एएसपी विजय स्वर्णकार ने बताया कि थानेदार को ट्रैप को लेकर शक हो गया था। पीड़ित ने दूसरा शिकायती पत्र सौंपा इसके बाद पीड़ित ने 13 मार्च को फिर ACB को संपर्क किया और कार्रवाई के लिए दूसरा शिकायती पत्र सौंपा। शिकायती पत्र में लिखा कि पुलिस ने 50 हजार मांगे थे, हमने 20 हजार दिए और बाकी बाद में देने को कहा था। बाद में वे 20 हजार लेकर ही संतुष्ट हो गए और बकाया रकम देने के लिए ही नहीं कहा। इस कारण ट्रैप की कार्रवाई नहीं हो सकी, लेकिन रिश्वत की सारी बातें रिकॉर्डर में रिकॉर्ड हुई है। इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की। ACB ने वापस वाइस रिकॉर्डर के मेमोरी कार्ड को निकलवाया। ACB ने रिकॉर्ड हुई बातचीत को विश्वास के दो व्यक्तियों को सुनाया। उन्होंने थानेदार और कॉन्स्टेबल की ही आवाज होने की पुष्टि भी की। इसके बाद 14 जुलाई को मामले की FIR दर्ज कर ली गई है। …. ये खबर भी पढ़िए… ‘काले-धन’ के लिए रिश्वतखोर GM ने खुलवाए 34 अकाउंट,42 एफडी:इनमें 1.70 करोड़ जमा, 75 लाख का आधा किलो सोना, नोट गिनने की मशीन भी रिश्वत की ब्लैक मनी को व्हाइट करने के लिए बैंकों का सहारा लेने का एक अनोखा मामला सामने आया है। एक अधिकारी ने अपने नाम के 34 बैंक खातों और 42 एफडी (फिक्स डिपॉजिट) में करीब 1.70 करोड़ रुपए जोड़ लिए। पूरी खबर पढ़िए…

भाजपा नेता के श्रीगंगानगर-जयपुर के ठिकानों पर ED की छापेमारी:विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी थे, भाई और पत्नी नगर परिषद चेयरमैन रहे

श्रीगंगानगर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भाजपा नेता और शराब कारोबारी अशोक चांडक के घर, ऑफिस, ट्रस्ट समेत कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे शुरू हुई कार्रवाई में श्रीगंगानगर के साथ जयपुर में रिश्तेदारों के घरों पर भी कारोबार से जुड़े डॉक्यूमेंट्स की भी जांच की जा रही है। चांडक ने साल 2018 में कांग्रेस की टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था। उनकी पत्नी और भाई भी श्रीगंगानगर नगर परिषद की चेयरमैन रहे हैं। घर, ऑफिस और ट्रस्ट समेत कई ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई सूत्रों के अनुसार, ED की कई टीमों ने एक साथ रेड की है। टीम ने अशोक चांडक के शिवा वाइन, चंद्रकला चैरिटेबल ट्रस्ट के परिसर और अन्य कई ठिकानों पर छापा मारा है। अधिकारियों की टीम घर और ऑफिस में कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है। जयपुर के वैशाली नगर में रिश्तेदारों के घर भी खंगाले जा रहे दस्तावेज ED की टीम ने जयपुर के वैशाली नगर में अशोक चांडक के रिश्तेदारों के घरों पर भी छापेमारी की है। वहां भी कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि अलग-अलग टीमें एक साथ कई स्थानों पर कार्रवाई में जुटी हुई हैं। अब देखिए- ED की कार्रवाई की 2 PHOTO मनी लॉन्ड्रिंग या आर्थिक अनियमितताओं से जुड़ा मामला होने की चर्चा फिलहाल ED की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। छापेमारी अभी जारी है और टीमें विभिन्न स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग या आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े मामले में की जा रही है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

मां-बेटी का ब्लड ग्रुप नहीं मिला, पूरा खून बदलकर बचाया:जन्म के कुछ घंटे बाद बढ़ा पीलिया, 9 दिन बाद स्वस्थ होकर घर लौटी

नागौर के जेएलएन अस्पताल के डॉक्टरों ने जन्म के कुछ घंटे बाद गंभीर हुई एक नवजात बच्ची की जान बचाकर बड़ी सफलता हासिल की है। मां और बच्ची के ब्लड ग्रुप में असंगति (आरएच इनकम्पैटिबिलिटी) के कारण बच्ची का पूरा खून बदलना पड़ा। जटिल इलाज के बाद नौ दिन तक निगरानी में रखने के बाद बच्ची पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट गई। जन्म के कुछ घंटे बाद बिगड़ी तबीयत कुचेरा निवासी शबाना की बेटी का जन्म नागौर के एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) विंग में हुआ था। जन्म के कुछ घंटे बाद ही बच्ची के शरीर में बिलीरुबिन का स्तर तेजी से बढ़ने लगा और उसकी हालत गंभीर हो गई। जांच में पता चला कि मां और बच्ची के ब्लड ग्रुप में असंगति (आरएच इनकम्पैटिबिलिटी) के कारण तेजी से पीलिया बढ़ रहा है। डॉक्टरों ने समय रहते बदला पूरा खून स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने तुरंत एक्सचेंज ब्लड ट्रांसफ्यूजन करने का फैसला लिया। इस जटिल प्रक्रिया में नवजात का पूरा खून बदलकर नया रक्त चढ़ाया गया। समय पर किए गए इस उपचार से बच्ची की जान बच गई। नागौर में चौथी बार सफल हुआ यह जटिल इलाज अस्पताल प्रशासन के अनुसार, नागौर में एक्सचेंज ब्लड ट्रांसफ्यूजन का यह चौथा सफल मामला है। इससे पहले भी तीन नवजातों का इसी प्रक्रिया से सफल इलाज किया जा चुका है। वहीं जिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती मरीज के लिए इसे पहली बड़ी सफलता माना जा रहा है। 9 दिन तक डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने रखी निगरानी उपचार के बाद बच्ची को लगातार नौ दिन तक एसएनसीयू में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की निगरानी में रखा गया। नियमित जांच और इलाज से उसकी हालत लगातार सुधरती गई। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद बच्ची को मां की गोद में सौंपते हुए अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

3 साल पहले किडनैप युवती को इंदौर में किया दस्तयाब:5 हजार का इनाम था घोषित, 3 राज्यों में तलाश रही थी पुलिस

धौलपुर जिले की सैंपऊ थाना पुलिस ने साल 2023 में दर्ज किडनैप के एक मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने करीब 3 साल से लापता चल रही 5 हजार रुपए की इनामी अपहृता को मध्यप्रदेश के इंदौर के पास से दस्तयाब किया है।
सैंपऊ थाने में दर्ज 3 साल पुराने मामले में लापता युवती की तलाश के लिए थाना प्रभारी प्रमेन्द्र रावत के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। इस टीम ने अपहृता की तलाश में राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार प्रयास किए। आखिरकार 16 जुलाई को इंदौर के पास से अपहृता को दस्तयाब कर लिया गया। अपहृता पर पुलिस अधीक्षक द्वारा 5 हजार रुपए का इनाम घोषित था।
मामले में अग्रिम अनुसंधान जारी है। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक शिवाजी शर्मा और साइबर सेल के कॉन्स्टेबल हरवेंद्र की विशेष भूमिका रही।

अलवर में पिछले साल की तुलना में 58% कम बारिश:पिछले साल 544.30 MM, इस बार सिर्फ 159.15 MM बरसात; उमस बढ़ी

अलवर जिले में शुक्रवार सुबह से ही गर्मी और उमस का असर बना हुआ है। पिछले दो दिनों से बारिश नहीं होने के कारण लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सुबह तेज धूप और आसमान में बादल छाए रहे, लेकिन उमस के कारण लोगों को राहत नहीं मिली। शहरवासी अब अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। इस बार मानसून का प्रदर्शन पिछले साल की तुलना में काफी कमजोर रहा है। जून-जुलाई के दौरान पिछले साल जिले में 544.30 मिमी बारिश दर्ज हुई थी, जबकि इस साल अब तक केवल 159.15 मिमी वर्षा हुई है। वहीं सामान्य मानसूनी औसत 330.56 मिमी के मुकाबले अब तक केवल 135.62 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। यानी जिले में अब तक करीब 58 प्रतिशत कम बरसात दर्ज हुई है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने पर यह अंतर कुछ हद तक कम हो सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार- 17 से 19 जुलाई तक जिले में आसमान सामान्यतः बादलों से ढका रहेगा और हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। 20 से 22 जुलाई के बीच मौसम में बदलाव के साथ गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है। इस अवधि के लिए आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। मौसम विभाग लगातार बदलते मौसम के अनुसार अपने पूर्वानुमान में भी संशोधन कर रहा है। गुरुवार तक केवल बादल छाए रहने का अनुमान था, जबकि शुक्रवार के अपडेट में हल्की बारिश और बूंदाबांदी की संभावना भी जोड़ दी गई है। ऐसे में लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें तथा मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें।

सिकराय में कपड़े की दुकान जलकर खाक:10 लाख से ज्यादा का नुकसान; लोगों ने फायर ब्रिगेड की मांग की

दौसा जिले के सिकराय कस्बे में गुरुवार देर रात एक कपड़े की दुकान में आग लगने से करीब 10 से 15 लाख रुपए का सामान जलकर नष्ट हो गया। देर रात दुकान से धुआं उठता देख स्थानीय लोगों ने दुकानदार, पुलिस और फायर ब्रिगेड विभाग को सूचना दी। शटर खुलते ही आग तेजी से फैल गई। काफी देर बाद पहुंची फायर ब्रिगेड टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। सिकराय उपखंड मुख्यालय और नगर पालिका होने के बावजूद यहां फायर ब्रिगेड की व्यवस्था नहीं है। लोगों ने फायर ब्रिगेड स्वीकृत कराने की मांग की है। धुआं उठता देख लोगों ने दी सूचना जानकारी के अनुसार देर रात स्थानीय लोगों ने दुकान से धुआं निकलता देखा। इसके बाद उन्होंने दुकानदार को सूचना दी और पुलिस तथा फायर ब्रिगेड विभाग को भी मौके पर बुलाया। शटर खुलते ही भड़क उठी आग जैसे ही दुकान का शटर खोला गया, आग ने विकराल रूप ले लिया। स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू काफी देर बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और लंबे प्रयास के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक दुकान में रखा अधिकांश कपड़ा और अन्य सामान जलकर नष्ट हो चुका था। 10 से 15 लाख रुपये नुकसान का अनुमान घटना में करीब 10 से 15 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। आग से दुकान में रखा अधिकांश कपड़ा जलकर राख हो गया। दुकानदार का रो-रोकर हुआ बुरा हाल घटना के बाद पीड़ित दुकानदार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने उसे संभाला और ढांढस बंधाया। शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच जारी फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है। मानपुर थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। उपखंड मुख्यालय पर फायर ब्रिगेड की मांग उठी सिकराय उपखंड मुख्यालय और नगर पालिका होने के बावजूद यहां फायर ब्रिगेड की व्यवस्था नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले भी कई अग्निकांड में बड़े स्तर पर नुकसान हो चुका है। लोगों ने विधायक विक्रम बंशीवाल से क्षेत्र के लिए फायर ब्रिगेड स्वीकृत कराने की मांग की है।

मंदिर से लौट रही महिला से 3-लाख की चेन लूटी:घर के बाहर बाइक सवार बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम

बांसवाड़ा शहर के पॉश इलाके खांदू कॉलोनी में गुरुवार देर शाम बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने एक महिला से घर के बाहर करीब 3 लाख रुपए कीमत की 2 तोले वजनी सोने की चेन झपट ली। वारदात उस समय हुई, जब महिला मंदिर से दर्शन कर घर लौट रही थी। घटना के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही राजतालाब थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हुलिए के आधार पर नाकाबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। मंदिर से लौटते समय बनाया निशाना जानकारी के अनुसार खांदू कॉलोनी निवासी कांता पवार पत्नी रमेश पवार गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे पास स्थित शीतला माता मंदिर से दर्शन कर घर लौट रही थीं। जैसे ही वह घर के बाहर पहुंचीं, मुंह पर रुमाल बांधे बाइक सवार दो बदमाश वहां पहुंचे। पीछे बैठे बदमाश ने झपट्टा मारकर महिला के गले से करीब 2 तोले की सोने की चेन तोड़ ली और दोनों बाइक से फरार हो गए। अचानक हुई वारदात से घबराई महिला ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए।

फॉर्च्यूनर ने भैंसों के झुंड को मारी टक्कर:4 पशुओं की मौत, पति-पत्नी और पशुपालक गंभीर घायल

डीग जिले के पहाड़ी रोड पर बेलखेड़ा गांव के पास गुरुवार रात एक सड़क हादसा हुआ। तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर गाड़ी ने सड़क से गुजर रहे भैंसों के झुंड को टक्कर मार दी। हादसे में 4 भैंसों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गाड़ी सवार पति-पत्नी और मवेशियों का मालिक गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार फॉर्च्यूनर गाड़ी पहाड़ी की तरफ तेज रफ्तार में जा रही थी। अचानक मवेशी सड़क पर आ गए, जिससे ड्राइवर नियंत्रण खो बैठा और जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि 4 भैंसों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
टक्कर के बाद फॉर्च्यूनर गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार पति-पत्नी अंदर फंस गए। ग्रामीणों ने उनकी चीख-पुकार सुनकर कांच तोड़कर उन्हें गाड़ी से बाहर निकाला। दोनों घायलों को तुरंत पहाड़ी अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे के बाद लगा जाम
इस भीषण टक्कर की चपेट में आने से भैंसों का मालिक भी दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे भी आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। मवेशियों के खोने और मालिक के घायल होने से परिवार में चिंता का माहौल है। हादसे के बाद बेलखेड़ा के पास पहाड़ी रोड पर जाम लग गया, जिससे सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन बाधित हो गया। सूचना मिलने पर पहाड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और जाम खुलवाकर आगे की जांच शुरू की।