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भगवान जगन्नाथ जानकी संग विवाह रचा कर लौटेंगे:गुरुवार रात गंगा बाग से चौपड़ मंदिर को प्रस्थान करेंगे, मेले में उमड़े लोग

राजगढ़ में भगवान जगन्नाथ जानकी के साथ विवाह संपन्न कर गुरुवार रात चौपड़ मंदिर लौटेंगे। वापसी की पूर्व संध्या पर आयोजित मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिन्होंने भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए और खरीदारी की। मंदिर के महंत पूर्ण दास, मदन मोहन शास्त्री और मेला कमेटी अध्यक्ष महेंद्र तिवारी ने बताया कि गुरुवार रात करीब 9 बजे भगवान जगन्नाथ जानकी के साथ ऐतिहासिक रथ पर सवार होकर गंगा बाग से चौपड़ बाजार स्थित मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे। सीसीटीवी से मेले में निगरानी
बुधवार को सुहावने मौसम के कारण मेले में अच्छी खासी रौनक रही। नगर पालिका ने मेले में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया था, जहां सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी गई और महत्वपूर्ण सूचनाएं प्रसारित की गईं। मेला कमेटी ने भी मंदिर परिसर में पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। ग्राहकों से बनी रही रौनक
कोटकासिम से आए दुकानदार नूर मोहम्मद और इमरान खान ने बताया कि मेले में ग्राहकों की अच्छी उपस्थिति रही, जिससे बाजार में रौनक बनी रही। झूले और अन्य मनोरंजक आइटमों की उपलब्धता के कारण बच्चों, महिलाओं और पुरुषों का खूब मनोरंजन हुआ। मेले में बजरंग सेवा समिति और अन्य संगठनों द्वारा प्रसाद, शरबत, ठंडाई और अन्य खाद्य पदार्थों का वितरण किया गया। रात 11 बजे तक मेले में लोगों की आवाजाही बनी रही। देखे मेले के PHOTOS

राजस्थान हाईकोर्ट ने रद्द किया पाली कोर्ट का फैसला:कहा- कानूनी प्रतिनिधियों को शामिल किए बिना मुकदमा स्वतः समाप्त

हाईकोर्ट ने पाली के एक सिविल विवाद में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित एक डिक्री को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने यह कार्रवाई इसलिए की क्योंकि यह डिक्री मुकदमे के एकमात्र वादी की मृत्यु के बाद, उसके कानूनी प्रतिनिधियों को पक्षकार बनाए बिना ही पारित कर दी गई थी। इस फैसले के साथ ही, डिक्री के आधार पर शुरू की गई निष्पादन कार्यवाही भी स्वतः रद्द हो गई है। यह मामला पाली के रोहट क्षेत्र निवासी कालूराम की अपील से जुड़ा है। अपील में बताया गया कि अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, पाली ने 30 अप्रैल 2025 को लाला राम के पक्ष में एकपक्षीय डिक्री पारित की थी, जबकि लाला राम की मृत्यु 26 मई 2023 को ही हो चुकी थी। अपील में यह भी बताया गया कि लाला राम की मृत्यु के बावजूद, उनके कानूनी प्रतिनिधियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत रिकॉर्ड पर नहीं लाया गया। इसके लिए न तो देरी माफी का आवेदन किया गया और न ही मुकदमे की समाप्ति को रद्द करने के लिए कोई अर्जी दी गई। जस्टिस फरजंद अली ने अपने फैसले में कहा- सिविल प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) के ऑर्डर 22 के तहत निर्धारित अवधि में कानूनी प्रतिनिधियों को रिकॉर्ड पर नहीं लाने से मुकदमा स्वतः समाप्त हो जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुकदमे को कानूनी रूप से बहाल किए बिना ट्रायल कोर्ट आगे की कार्यवाही नहीं कर सकता। हाईकोर्ट ने कालूराम की अपील को स्वीकार करते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित डिक्री और उससे जुड़ी निष्पादन कार्यवाही को रद्द कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने कानूनी प्रतिनिधियों को कानून के तहत उपलब्ध अन्य कानूनी उपाय अपनाने की स्वतंत्रता दी है।

सीएलजी की बैठक में छेड़छाड़ की घटनाओं का मुद्दा उठा:बाड़ी रेलवे स्टेशन, धनोरा रोड, कृषि उपज मंडी में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग

बाड़ी के कोतवाली थाने में मंगलवार को सीएलजी (कम्युनिटी लाइजन ग्रुप) सदस्यों की बैठक हुई। इसमें बाड़ी सीओ महेंद्र कुमार और थाना एसआई भागवत सिंह मौजूद रहे। नए एसआई भागवत सिंह ने सदस्यों से परिचय किया और शहर से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली। छेड़छाड़ की घटनाओं का मुद्दा उठा
सीएलजी सदस्यों ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि शहर में छेड़छाड़ की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। किला गेट से पुराना बाजार क्षेत्र इन घटनाओं का मुख्य केंद्र बन गया है। सदस्यों ने शिकायत की कि यह समस्या कई बार उठाई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। इसके अलावा,आबकारी विभाग की अनदेखी के कारण शहर में अवैध शराब की बिक्री हो रही है। अनाधिकृत दुकानों पर शराब बेची जा रही है। साथ ही, लाइसेंसधारी दुकानों पर भी तय समय से अधिक समय तक शराब बेची जा रही है। सदस्यों ने पुलिस से अपराध नियंत्रण के लिए गश्त व्यवस्था बढ़ाने की मांग की। उन्होंने रेलवे स्टेशन, धनोरा रोड, कृषि उपज मंडी सहित विभिन्न स्थानों पर सुबह-शाम पुलिस निगरानी बढ़ाने का भी आग्रह किया। पुलिस अधिकारियों ने सदस्यों को आश्वासन दिया कि समस्याओं के समाधान के लिए जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सीएलजी सदस्य एडवोकेट जितेंद्र सिंह चौहान, विष्णु महेरे, रशीद खान, वीरेंद्र यादव, जगदीश जगरिया, मंगल सिंह कुशवाहा, नईम खान, पप्पू अग्रवाल, सतीश प्रजापति, लखना यादव, अनिल गोयल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

जयपुर जिला अदालत को मिलेगी नई मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग:हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा- क्या काम चलने तक होटल अशोका में शिफ्ट हो सकती है कोर्ट?

जयपुर के जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में ही मौजूदा भवन की जगह नई मल्टी-स्टोरी (बहुमंजिला) बिल्डिंग बनेगी। इसकी जानकारी आज हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से दी गई। महाधिवक्ता (एजी) राजेन्द्र प्रसाद ने कोर्ट को बताया कि मौजूदा कोर्ट परिसर में ही महानगर प्रथम और एमएसीटी कोर्ट की बिल्डिंग की जगह मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग बनाने की प्लानिंग की जा रही है।
इस पर कोर्ट ने कहा कि नई बिल्डिंग बनने में करीब दो साल का समय लगेगा। तब तक क्या कोर्ट परिसर के सामने स्थित होटल अशोका में कोर्ट संचालित की जा सकती है? कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस भुवन गोयल की खंडपीठ ने यह आदेश दीन दयाल खंडेलवाल की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। अब मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी।
सरकार ने शहर से दूर जमीन चिन्हिंत की थी
इससे पहले सरकार ने कोर्ट में जानकारी दी थी कि सैशन कोर्ट के लिए सीकर रोड पर नींदड़ में सौ बीघा और अजमेर रोड पर गांव पीपला भगतसिंह में कोर्ट के लिए जमीन चिन्हिंत की गई हैं। इस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सुझाव दिया था कि मौजूदा जगह से अगर कोर्ट को दूर भेजा गया तो पक्षकारों को काफी समस्या होगी। ऐसे में मौजूदा जगह पर मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाने पर विचार किया जाना चाहिए। वहीं बेसमेंट पार्किंग बनाकर वाहनों के पार्क करने की समस्या का हल भी निकाला जा सकता हैं। इस पर सरकार ने जवाब देने के लिए समय मांगा था। जनहित याचिका में कहा गया था कि कोर्ट परिसर में जगह कम होने से यहां आने वाले वकीलों, पक्षकारों और न्यायिक अधिकारियों के साथ ही न्यायिक कर्मचारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता हैं।

उदयपुर में सड़क पर उतरे कांग्रेसी, पुतला फूंका:बलीचा चौराहे पर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा

नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों और राजनीतिक दलों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आह्वान पर बुधवार को उदयपुर ग्रामीण विधानसभा के गिर्वा और हिरणमंगरी ब्लॉक कांग्रेस के बैनर तले बलीचा चौराहे पर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे, केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका। कांग्रेस प्रदर्शन के दौरान आयोजित सभा में वक्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों और ढुलमुल रवैये पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस नेताओं ने कहा- नीट पेपर लीक जैसी गंभीर घटना ने देश के लाखों मेहनती छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। इतनी बड़ी धांधली के बावजूद केंद्र सरकार मुख्य दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने में पूरी तरह विफल रही है। कांग्रेस ने मांग की कि इस खिलवाड़ की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें। पुलिस ने डॉ. विवेक कटारा सहित कई नेताओं को किया गिरफ्तार प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ सदस्य और राष्ट्रीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. विवेक कटारा कर रहे थे। बलीचा चौराहे पर चक्काजाम की स्थिति और उग्र प्रदर्शन को देखते हुए भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। माहौल को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने डॉ. विवेक कटारा सहित कई प्रमुख कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन पुलिस की इस कार्रवाई के बावजूद कांग्रेस नेताओं ने साफ चेतावनी दी कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक असली गुनाहगारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती और शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह आंदोलन सड़कों पर जारी रहेगा। इस दौरान पूर्व विधायक सज्जन कटारा, गिर्वा ब्लॉक अध्यक्ष ओनार सिंह सिसोदिया, हिरणमंगरी ब्लॉक अध्यक्ष कमल डांगी सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

RAS अफसर ने लिखा-बच्चों के प्रोटेस्ट को बदनाम मत करो:इनको तो डिमांड करना भी नहीं आता; पेपरलीक करने वालों को 7 दिन में फांसी दी जाए

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में स्टूडेंट के विरोध प्रदर्शन पर RAS अफसर पंकज ओझा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। ओझा ने अपनी बेटी की तस्वीर लगाते हुए फेसबुक पोस्ट में लिखा- बच्चों के प्रोटेस्ट को बदनाम मत करो। ओझा ने पोस्ट के साथ ही लिखा कि इसका संबंध किसी पार्टी या किसी के समर्थन-विरोध से नहीं है। इस पोस्ट का संबंध मेरी छोटी प्यारी सी बेटी से है, जो इस सब से बहुत आहत है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग में अतिरिक्त निदेशक पंकज ओझा की यह पोस्ट चर्चा का विषय बनी हुई है। RAS अफसर पंकज ओझा ने लिखा- बच्चों के प्रोटेस्ट को बदनाम मत करो भाइयों, यही हमारे देश का अगला भविष्य हैं। हमारे बच्चे बहुत सीधे हैं, इनको तो बेचारों को डिमांड करना भी नहीं आता। ये केवल धर्मेंद्र प्रधान साहब के इस्तीफे से खुश होना चाहते हैं, जबकि इससे कुछ होगा नहीं। कोई और आ जाएगा, फिर वही होगा। मैं RAS की परीक्षा दे रहा था, तब भी हुए थे पेपरलीक ओझा ने लिखा- जब मैं RAS की परीक्षा दे रहा था। तब भी इसी प्रकार से पेपर आउट हुए थे। हमारे पूरे दो साल की मेहनत बेकार हो गई थी। तब हमने तत्कालीन अध्यक्ष से डेलिगेशन के रूप में जाकर बात की थी। ओझा ने लिखा- डिमांड यह होनी चाहिए कि ऐसा फुल प्रूफ सिस्टम हो कि कोई एग्जाम का पेपर आउट नहीं हो। कोई गड़बड़ करे तो 7 दिन के अंदर उसे फांसी दी जाए। इसमें जो शामिल हो, उन्हें भी फांसी दी जाए। साथ ही जिन बच्चों ने आत्महत्या की है, उनके पेरेंट्स को धनराशि दी जाए और उनके घर वालों को नौकरी दी जाए। ऐसा सिस्टम बनाना होगा कि बच्चों की मेहनत बेकार नहीं जाए ओझा ने आगे लिखा- हमें ऐसा सिस्टम बनाना होगा कि बच्चों की मेहनत बेकार नहीं जाए। उनके टैलेंट और उनकी बुद्धिमत्ता का सही ढंग से मूल्यांकन हो और उनको उचित अवसर प्राप्त हो सके। तभी हम नवीन और अच्छे भारत का निर्माण कर सकेंगे। हमें अपने बच्चों को सड़कों पर नहीं, आसमान की उन ऊंचाइयों तक पहुंचाना है जहां से वे सारे जगत को अपनी प्रतिभा से रोशन कर सकें। डिस्कलेमर लिखा- पोस्ट का संबंध मेरी बेटी से, जो आहत है ओझा ने फेसबुक पोस्ट के साथ डिस्कलेमर में लिखा- इस पोस्ट का संबंध किसी पार्टी या किसी के समर्थन-विरोध से नहीं है। इस पोस्ट का संबंध मेरी छोटी प्यारी सी बेटी से है, जो इस सब से बहुत आहत है। चिंतित है। इसके बाप से भी इस पोस्ट का संबंध है, जो उसे अपनी जान से ज्यादा चाहता है। ये खबरें भी पढ़ें जयपुर में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा से पुलिस की धक्का-मुक्की:वाटर कैनन चलाई, एक महिला बेहोश हुई; भाजपा कार्यालय घेरने जा रहे थे जयपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन चलाई:कांग्रेस कार्यालय घेराव करने निकले थे,राठौड़ बोले- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले भाड़े के टट्‌टू और पत्थरबाज थे

जयपुर में बंदरों से डरकर छत से गिरी महिला, मौत:कपड़े सुखाने गई थी; पति ऑफिस के लिए निकले थे, हादसे की सुनकर अस्पताल पहुंचे

जयपुर में मकान की छत पर कपड़े सुखाने गई महिला बंदरों के झुंड से बचने के प्रयास में संतुलन खो बैठी और दो मंजिला मकान से नीचे गिर गई। गंभीर घायल महिला सुशीला (42) को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह हादसा रामगंज थाना क्षेत्र स्थित हीदा की मोरी के मंडी खटीकान इलाके में बुधवार सुबह करीब 10 बजे हुआ। परिजनों के अनुसार- सुशीला घर की छत पर कपड़े सुखाने गई थीं। इसी दौरान छत पर मौजूद बंदरों का झुंड उनकी ओर लपटका। बंदरों से बचने के लिए सुशीला घबराकर पीछे हटीं, लेकिन संतुलन बिगड़ने से पहले दीवार से टकराईं। इसके बाद दो मंजिला मकान की छत से नीचे सड़क पर गिर गईं। गिरने की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। घायल सुशीला सड़क पर अचेत अवस्था में पड़ी मिलीं। उन्हें हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद मोहल्ले में शोक हो गया। होमगार्ड में सिपाही हैं पति परिजनों ने बताया- सुशीला के पति गजेंद्र मल्होत्रा होमगार्ड में सिपाही हैं और नगर निगम में कार्यरत हैं। घटना से कुछ देर पहले वे ड्यूटी के लिए घर से निकले थे। गजेंद्र हादसे की सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे। दंपती के दो बच्चे हैं, जो स्कूल और कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं। परिवार के अनुसार- करीब एक महीने पहले गजेंद्र मल्होत्रा के पिता का निधन हुआ था। परिवार उस सदमे से अभी उबर भी नहीं पाया था कि अब सुशीला की मौत ने परिवार को शोक में डुबो दिया। बंदरों के बढ़ते आतंक से लोगों में नाराजगी घटना के बाद स्थानीय लोगों ने इलाके में बढ़ते बंदरों के आतंक पर चिंता जताई है। लोगों ने कहा- बंदरों के झुंड आए दिन परकोटा क्षेत्र में छतों और गलियों में उत्पात मचाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगर निगम से बंदरों के आतंक पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया। मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

NSUI ने छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई का किया विरोध:शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और एनटीए भंग करने की मांग

बारां में एनएसयूआई ने जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। संगठन ने छात्रों पर लाठीचार्ज और हिरासत में लेने की कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। ब्लॉक अध्यक्ष नितेश मीणा और जिला महासचिव अरविंद शर्मा ने कहा कि जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और हंगर स्ट्राइक के दौरान पुलिस द्वारा छात्रों पर लाठीचार्ज कर उन्हें हिरासत में लेना गलत है। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी मांग रखने का लोकतांत्रिक अधिकार है और इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है। जिलाध्यक्ष कशिश धाकड़ और जिला सचिव यशवंत कटारिया ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के समर्थन में पहुंचे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को हिरासत में लेना भी गलत था। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन करना कोई अपराध नहीं है और छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। ज्ञापन में एनएसयूआई ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग करते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने की मांग भी उठाई। इस दौरान अनिरुद्ध मीणा, हरीश मीणा, अविनाश मीणा, कौशल सुमन, हर्षित नागर, सौरभ नागर सहित कई छात्र कार्यकर्ता मौजूद रहे।

NEET पेपर लीक, फ्री ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन:किसानों ने पीएम-शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका, राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन

संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर बुधवार को चूरू में किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले और भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (फ्री ट्रेड डील) के विरोध में आवाज उठाई। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला जलाकर जमकर नारेबाजी की गई। इसके बाद जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा गया। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रामरतन सिहाग ने बताया कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और महिलाओं पर पुलिस ने बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया था। केंद्र सरकार के इशारे पर हुई इस कार्रवाई में कई छात्र-छात्राएं और महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। इसी क्रूरता के विरोध में बुधवार को देशभर में पुतले जलाकर प्रदर्शन किए गए। किसान मोर्चा ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को तुरंत समाप्त करने और नीट धांधली के कारण आत्महत्या करने वाले 20 से अधिक छात्रों के पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। किसानों ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (फ्री ट्रेड डील) को भी निरस्त करने की मांग की, ताकि घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके। किसान सभा जिलाध्यक्ष इंद्राज सिंह ने कहा कि यह फ्री ट्रेड डील देश के किसानों को पूरी तरह बर्बाद कर देगी। किसान नेता कॉमरेड निर्मल प्रजापत ने केंद्र सरकार की दमनात्मक कार्रवाई और फ्री ट्रेड डील की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आने वाले समय में किसान मोर्चा के बैनर तले एक बड़े आंदोलन का आह्वान भी किया। विरोध प्रदर्शन में जिला मंत्री कॉमरेड उमराव सहारण, परमेश्वरलाल, आयुष खीचड़, अनिल कुमार, विक्रम मेघवाल, शेराराम जाखड़, धर्मेंद्र भांभू, राजेंद्र बलारा, विकास शर्मा, विनोद स्वामी, रामकुमार खीचड़, रामस्वरूप मेघवाल, बेगराज मील और दीपाराम सहित कई किसान नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।

जोधपुर में 15 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार:4 साल से पहचान छिपाकर काट रहा था फरारी, पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा

जोधपुर ग्रामीण पुलिस की स्पेशल सेल ने विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 15 हजार रुपए के इनामी बदमाश नरपत सिंह उर्फ नरपतराम बेनीवाल को जोधपुर से गिरफ्तार (दस्तयाब) किया है। आरोपी पुलिस से बचने के लिए लगातार अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग जगहों पर फरारी काट रहा था। तकनीकी इनपुट से ट्रैक हुई लोकेशन जोधपुर ग्रामीण जिला पुलिस अधीक्षक पंकज ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी बेहद शातिर है। एएसपी (ASP) भोपाल सिंह लखावत के सुपरविजन में स्पेशल सेल को इसे पकड़ने का टास्क सौंपा गया था। सहायक उप-निरीक्षक मनफूल के नेतृत्व में कांस्टेबल सेठाराम और किशोर दुकतावा ने तकनीकी डेटाबेस और खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपी की लोकेशन जोधपुर में ट्रैक की। इसके बाद टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ‘सुरते की बेरी दूदू’ (थाना सदर, बाड़मेर) निवासी नरपत बेनीवाल को दबोच लिया। आगे की जांच और पूछताछ के लिए आरोपी को बाड़मेर के सदर थाने को सौंप दिया गया है। दो जिलों से घोषित था इनाम, दर्ज हैं 6 गंभीर मामले पकड़ा गया बदमाश नरपत सिंह आदतन अपराधी है। उस पर पहले से ही एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, मारपीट और आरएनसी एक्ट के 6 गंभीर मामले दर्ज हैं। आरोपी की गिरफ्तारी पर बाड़मेर सदर थाना पुलिस ने 10,000 रुपए और राजसमंद जिले के भीम थाने में दर्ज एक मामले में 5,000 रुपए का इनाम घोषित कर रखा था