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बालोतरा में मूसलाधार बारिश:बाड़मेर में बूंदाबांदी; दिन का पारा 41 डिग्री पार, रात 9 बजे तेज अंधड़ के बाद बूंदाबांदी से राहत

बाड़मेर और बालोतरा में आखिरकार मानसून ने अपनी शानदार उपस्थिति दर्ज करा दी है। लंबे समय से भीषण गर्मी और चिपचिपी उमस का सितम झेल रहे आमजन को इस बारिश से बड़ी राहत मिली है। मौसम के मिजाज में अचानक आए बदलाव से आसमान में काली घटाएं छा गईं और ठंडी हवाओं के साथ बादल बरसे। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को बाड़मेर का अधिकतम पारा 41.4 और न्यूनतम 30.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से ही उमस के कारण लोग बेहाल रहे। शाम होने के साथ ही आसमान में बादल छाए और बिजली की चमक शुरू हो गई। बालोतरा इलाके में रात 8 बजे तक तेज अंधड़ के साथ बारिश हुई। वहीं रात 9 बजे बाड़मेर में हल्की बूंदाबांदी का दौर शुरू हुआ, जो रुक-रुक कर देर रात तक जारी रहा। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। लंबे समय से मानसून का इंतजार कर रहे किसानों के लिए अब राहत की खबर है। जिले के ग्रामीण इलाकों में भी कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश हुई है। आगे क्या- आज से एक सप्ताह बारिश मानसून की एंट्री के बाद अब एक सप्ताह तक बारिश की संभावना है। शनिवार को भी बाड़मेर जिले में 30-40 किमी. की रफ्तार से आंधी चलेगी।

एनसीआरबी-2024 में बाल अपराध 11.2 प्रतिशत बढ़े:डिजिटल पढ़ाई की आड़ में क्राइम क्लास बच्चे यू-ट्यूब से सीख रहे हत्या के तरीके

गर्मियों की छुट्टियों के बाद स्कूल फिर खुल गए हैं। होमवर्क, असाइनमेंट और स्कूल अपडेट अब वाट्सएप व डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मिलने लगे हैं। इसी ‘डिजिटल पढ़ाई’ के नाम पर बच्चों के हाथों में दिनभर मोबाइल रहता है। लेकिन चिंता कि बात यह है कि मोबाइल पर कई बच्चे पढ़ाई के बीच हिंसक गेम, क्राइम सीरीज, डार्क वेब और अपराध से जुड़े वीडियो देख रहे हैं। इसी कारण बच्चों यानी किशोरों के अपराध में बढ़ोतरी हुई है। मई 2026 में जारी एनसीआरबी-2024 रिपोर्ट के अनुसार बच्चों यानी किशोरों के अपराध में 11.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मर्डर, डकैती और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराधों में नाबालिगों की भूमिका बढ़ना गंभीर संकेत है। साइबर अपराधों में भी 17.9% वृद्धि दर्ज हुई। पहली बार साइबर अपराध का आंकड़ा 1 लाख के पार पहुंचा है। राजस्थान और जयपुर की स्थिति भी चिंताजनक है। जयपुर धोखाधड़ी के मामलों में देश में पहले नंबर पर है। चोरी, किडनैपिंग और मर्डर के मामलों में जयपुर महानगरों में तीसरे पायदान पर है। मुहाना कांड; 11-12 साल के बच्चों ने दोस्त का सिर काटा जयपुर के मुहाना इलाके में 14 जून को लापता 10 साल के अजमत की 25 जून को नाले में सिर कटी लाश मिली। वारदात में मृतक के ही 11 और 12 साल के तीन दोस्त शामिल निकले। बहन को लेकर हुई मामूली कहासुनी का बदला लेने के लिए बच्चों ने पहले अजमत का गला घोंटा, फिर चाकू से सिर काटकर धड़ से अलग कर दिया। इतनी कम उम्र में इस तरह की वारदात और फिर सामान्य तरीके से घर लौट आना, बच्चों पर हिंसक कंटेंट के असर की ओर इशारा करता है। शिवदासपुरा कांड; यू-ट्यूब देखकर काटे ताई के पैर
शिवदासपुरा इलाके में 24 साल के सूरज बैरवा ने अपनी 53 साल की ताई की हत्या कर दी। उसे ताई के पैरों में पहने करीब एक किलो चांदी के कड़े लूटने थे। वारदात की पूरी साजिश मोबाइल पर रची गई। हत्या से पहले सूरज ने तीन दिन तक यू-ट्यूब पर 50 से ज्यादा क्राइम वीडियो देखे। गूगल पर यह भी सर्च किया कि सबूत कैसे मिटाएं और कुएं में फेंकी लाश कितने दिन में पानी के ऊपर आती है। उसने इंटरनेट से ही हत्या का तरीका सीखा। पुणे मर्डर; डिजिटल प्लानिंग से पुलिस को चकमे की कोशिश
महाराष्ट्र के पुणे में 20 साल की सिया गोयल ने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर मंगेतर केतन अग्रवाल को 500 फीट गहरी खाई में धक्का देकर मार डाला। इस केस में मोबाइल का इस्तेमाल पुलिस को चकमा देने के लिए किया गया। आरोपी चेतन ने अपनी लोकेशन छुपाने के लिए वारदात वाले दिन अपना फोन दुकान पर ही छोड़ दिया और इंटरनेट बंद रखा, ताकि पुलिस उसे ट्रेस न कर सके। भास्कर एक्सपर्ट – डॉ. अदिति अग्रवाल, मनोवैज्ञानिक रील्स खत्म कर रही बच्चों का धैर्य, हिंसक गेम्स बना रहे आक्रामक – 5 से 17 साल के बच्चों में मनोरंजन के लिए स्क्रीन के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने और रोज 60 मिनट शारीरिक गतिविधि की सलाह दी गई है। – अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स और कुछ अन्य संस्थाएं 5 से 17 साल के बच्चों के लिए 2 घंटे से कम स्क्रीन टाइम की सलाह देती हैं। भारतीय बाल रोग अकादमी भी मनोरंजन के लिए स्क्रीन का उपयोग सीमित रखने और परिवार के साथ स्क्रीन-फ्री समय तय करने पर जोर देती है। एक्सपर्ट व्यू : सर्च इंजन जवाबदेह बनें, पैरेंट्स दें ‘डिजिटल संस्कार’ मुकेश चौधरी, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट
– इंटरनेट पर अपराध के तरीके खोजना आसान होता जा रहा है। सरकार को ऐसे सख्त नियम बनाने चाहिए कि क्राइम से जुड़े खतरनाक वीडियो सर्च होते ही ब्लॉक हों और पुलिस को अलर्ट मिले। स्कूलों में इंटरनेट के सही इस्तेमाल की पढ़ाई जरूरी है। अभिभावकों को एडमिशन के समय स्कूलों से इसकी मांग करनी चाहिए। आज घर के संस्कारों के साथ ‘ऑनलाइन संस्कारों’ की भी उतनी ही जरूरत है। – बच्चा आपसे ज्यादा मोबाइल चलाना जानता है, तो इसे गर्व नहीं बल्कि चिंता की बात मानना चाहिए। पैरेंट्स खुद को तकनीकी रूप से अपडेट रखें और बच्चों के फोन में पैरेंटल कंट्रोल सॉफ्टवेयर जरूर डालें। बच्चों को फोन में पासवर्ड लगाने या पूरी प्राइवेसी की छूट न दें। उनकी सर्च हिस्ट्री नियमित जांचें। कुछ गलत दिखे तो तुरंत डांटने के बजाय शांत तरीके से समझाएं और जरूरत हो तो काउंसलिंग कराएं।

रणजीत नगर निवासी युवक की हत्या:खौफनाक साचिश: पति की हत्या कर बाथरूम में दफनाया, पुलिस ने फर्श तोड़कर निकाला कंकाल

उत्तर प्रदेश के आगरा में एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है। सिकंदरा थाना क्षेत्र में एक महिला ने कथित तौर पर अपने पति की हत्या करने के बाद शव को घर के बाथरूम में ही दफना दिया। वारदात छिपाने के लिए बाथरूम की फर्श पर प्लास्टर कराकर नई टाइल्स लगवा दी गईं। इसके बाद करीब डेढ़ महीने तक वह पति के लापता होने का दावा करती रही। शुक्रवार को पुलिस की पूछताछ के दौरान मामला खुल गया और बाथरूम की खुदाई में कंकाल बरामद हुआ। आरोपी पत्नी का कहना है कि शराबी पति की हरकतों से तंग आकर डेढ़ माह पहले उसकी हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर निवासी 44 वर्षीय सुरेंद्र कुमार शर्मा आगरा के दहतोरा स्थित रेणुका धाम कॉलोनी में परिवार के साथ रहते थे। परिवार में उनकी पत्नी रूबी, मां कमला और दो बेटियां रिद्धी (13) तथा सिद्धी (9) हैं। सुरेंद्र की शादी वर्ष 2010 में इटावा निवासी रूबी से हुई थी। बताया गया कि सुरेंद्र 18 मई से लापता थे। प्लास्टर करवा नई टाइल्स लगवाईं, अन्य ​व्यक्ति भी शामिल प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हत्या के बाद शव को बाथरूम में दफनाकर ऊपर मिट्टी डाली गई, फिर प्लास्टर कराया गया और नई टाइल्स लगवा दी गईं ताकि किसी को शक न हो। पुलिस का मानना है कि इस वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका हो सकती है। इस पहलू की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शव के अवशेष पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूछताछ में महिला ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि हत्या के बाद उसने शव पर मिट्टी डलवाकर प्लास्टर कराया। शराब पीने का आदी था मृतक मृतक के भाई अनिल शर्मा ने बताया कि सुरेंद्र शराब पीने का आदी था, जिस कारण पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। 18 मई को रूबी ने फोन कर कहा था कि पुलिस घर पर आई है, इसलिए मां और दोनों बच्चियों को अपने साथ ले जाएं। वह उन्हें अपने घर ले आए। अगले दिन रूबी भी वहां पहुंच गई। 26 मई को दर्ज कराई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट अनिल के अनुसार, जब कई दिनों तक सुरेंद्र का कोई पता नहीं चला तो 26 मई को रूबी के साथ जाकर गुमशुदगी दर्ज कराई गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बाद में जब शक बढ़ा तो उन्होंने फिर से पूछताछ की। शुक्रवार सुबह रूबी ने खुद फोन कर उन्हें घर बुलाया। वहां पहुंचने पर पूछने पर उसने कथित तौर पर बताया कि सुरेंद्र को बाथरूम के नीचे दफना दिया है। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि महिला से पूछताछ जारी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पति की हत्या के बाद शव को बाथरूम में दफनाया गया था।

कर्मचारी चयन बोर्ड:पात्रता परीक्षाओं को लेकर अलग-अलग नियम; रीट के सिलेबस में टॉपिक वाइस अंकभार होता है जारी, समान पात्रता परीक्षा में नहीं

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित होने वाली समान पात्रता परीक्षा (सीईटी) में टॉपिक वाइस अंक भार जारी नहीं किया जा रहा है। इससे सीईटी स्नातक और सीईटी सीनियर सेकंडरी की तैयारी करने वाले 30 लाख से अधिक अभ्यर्थी असमंजस में है कि वे कौन से टॉपिक की तैयारी अधिक करें और कौन से टॉपिक की कम। अंकभार जारी होने से विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी करने में आसानी रहती है। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से शिक्षक बनने के लिए होने वाली रीट के सिलेबस में टॉपिक वाइस अंकभार जारी किया जाता है। इससे अभ्यर्थी को तैयारी करने में काफी आसानी रहती है। अब सीईटी में भी टॉपिक वाइज अंकभार जारी करने की मांग उठ रही है। रीट के मुकाबले सीईटी में अभ्यर्थियों की संख्या अधिक रहेगी। उधर, चयन बोर्ड ने टॉपिक वाइज अंकभार जारी करने से इंकार कर दिया है। 30 लाख असमंजस में; कौन से टॉपिक की तैयारी करें अभ्यर्थियों की मांग क्यों है जायज? रीट – सीईटी
टॉपिक वाइज अंकभार जारी होता है टॉपिक वाइज अंकभार जारी नहीं
तैयारी की स्पष्ट दिशा मिलती है अभ्यर्थियों में असमंजस
विषयवार रणनीति बनाना आसानसभी विषयों की तैयारी समान रूप से करनी पड़ रही पेपर सेटर्स की मनमानी पर रोक लगा सकेंगे समान पात्रता परीक्षा के सिलेबस में टॉपिक वाइस अंकभार जारी होने से अभ्यर्थियों को तैयारी में काफी मदद मिलती है। इससे उन्हें यह पता चलता है कि उन्हें किस टॉपिक पर अधिक ध्यान देना है और किस पर कम। इससे पेपर सेटर्स की मनमानी भी रोकी जा सकेगी। वे किसी टॉपिक से अधिक तो किसी से कम सवाल बना देंगे। बोर्ड को चाहिए कि टॉपिक वाइज अंकभार जारी करे। -हनुमान किसान, अध्यक्ष, राजस्थान बेरोजगार यूनियन अभ्यर्थी सभी टॉपिक की तैयारी करे। टॉपिक वाइज अंकभार जारी करना संभव नहीं है। पिछली सीईटी में भी ऐसा नहीं किया गया था। फिर भी सिलेबस में टॉपिक के अंकों का निर्धारण काफी कुछ 2024 की सीईटी जैसा ही है। अभ्यर्थी अगर पिछली दोनों सीईटी सिलेबस और पुराने पेपर्स देखेंगे तो उन्हें सटीक अंदाजा हो जाएगा कि कौन से टॉपिक का कितना वेटेज है। -आलोक राज, अध्यक्ष, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड

पिंजरापोल गोशाला:4 गायों की करंट से मौत, जांच में पता चला नई बिल्डिंग में जा रही ​केबल पानी में पड़ी थी, उसी से दौड़ा करंट

सांगानेर स्थित पिंजरापोल गोशाला में गुरुवार देर रात करंट लगने से चार गायों की मौत हो गई। घटना बारिश के बाद सुरभि भवन के पास बने बाड़े में हुई। शुक्रवार सुबह गोसेवक मौके पर पहुंचे तो चारों गायें मृत पड़ी थीं। आवारा कुत्ते शवों को नोच रहे थे।
गोशाला संचालकों का कहना था कि यहां पर ट्रांसफार्मर में करंट लगने से गायों की मौत हुई है। हमने कई बार यहां पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के लिए कह चुके, लेकिन बिजली निगम सुनवाई नहीं कर रहा था। इससे यह हादसा हो गया। वहीं डिस्कॉम की तकनीकी जांच में तस्वीर अलग सामने आई। सूचना मिलने पर बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सबसे पहले बिजली आपूर्ति बंद कराई। इसके बाद गायों को हटाकर ट्रांसफार्मर और उसके चारों ओर लगी जाली की जांच की गई, लेकिन वहां करंट नहीं मिला। इसके बाद अधिकारियों ने मीटर से गोशाला परिसर में निर्माणाधीन नई बिल्डिंग तक जा रही बिजली लाइन की जांच की। इस दौरान कई स्थानों पर बिजली के तार खुले मिले और उनमें करंट दौड़ता मिला। मीटर के पास भी तार खुले थे तथा उन्हें सुरक्षित रखने के लिए बॉक्स तक नहीं लगाया गया था। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना था कि पानी में केबल पड़ी थी और उसी से कंरट दौड़ रहा था। इससे ही यह हादसा हुआ है। गोसेवकों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
घटना के बाद गोसेवकों और स्थानीय लोगों ने कहा कि गोशाला परिसर में बिजली सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। सनातन सेना संगठन के प्रमुख अशोक पाठक ने गौशाला प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। जाली में करंट नहीं शुरुआती जांच में ट्रांसफार्मर से करंट लगना सामने नहीं आया। ट्रांसफार्मर और उसकी जाली में करंट नहीं मिला। जांच के दौरान गोशाला परिसर में कई जगह खुले बिजली तार मिले, जिनमें करंट दौड़ रहा था। -राजीव अग्रवाल, एक्सईएन, सांगानेर बिजली निगम जिम्मेदार यह दुर्घटना है। ट्रांसफार्मर कई वर्षों से लगा हुआ है। हमने तारबंदी कराई थी। बिजली निगम की जिम्मेदारी है। हमारी कोई गलती नहीं है। -शुभरतन चितलांगिया, मंत्री, पिंजरापोल गोशाला, सांगानेर

आरएसएएचसी की बड़ी चूक:बिना फिजिकल वेरिफिकेशन बना परीक्षा केन्द्र, 1500 क्षमता वाले कॉलेज में 2600 छात्रों को बैठाया

राजस्थान स्टेट एलाइड एंड हेल्थ केयर काउंसिल (आरएसएएचसी) की परीक्षा व्यवस्था में बड़ी खामी सामने आई है। कालवाड़ रोड स्थित प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज का फिजिकल वेरिफिकेशन किए बिना केवल चेकलिस्ट के आधार पर परीक्षा केन्द्र की अनुमति दे दी गई। इसका खामियाजा 29 जून को आयोजित पैरामेडिकल डिप्लोमा कोर्स की परीक्षा में सामने आया, जहां अव्यवस्था मिलने पर परीक्षा रद्द करनी पड़ी। इससे 2600 छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया। सबसे गंभीर बात यह रही कि करीब 1500 परीक्षार्थियों की क्षमता वाले परीक्षा केन्द्र पर 2600 छात्रों को बैठाया गया। व्यवस्था कम पड़ने पर परीक्षार्थियों को टेंट में बैठाकर परीक्षा करानी पड़ी। बाद में गड़बड़ियां सामने आने पर परीक्षा निरस्त कर दी गई। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विरेन्द्र कुमार शर्मा ने स्वीकार किया कि समय कम होने के कारण फिजिकल निरीक्षण नहीं कराया गया और केवल चेकलिस्ट के आधार पर केन्द्र को स्वीकृति दी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी परीक्षा केन्द्र की क्षमता, आधारभूत सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था का भौतिक सत्यापन किए बिना अनुमति देना गंभीर प्रशासनिक चूक है। क्या है मामला; कालवाड़ रोड स्थित प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज में 29 जून को डिप्लोमा इन कैथ लैब टेक्नोलॉजी (डीसीएलटी), डिप्लोमा इन डायलिसिस टेक्नोलॉजी (डीडीटी) और डिप्लोमा इन ईसीजी टेक्नोलॉजी (डीईसीजीटी) के प्रथम वर्ष एवं रिमांडेड छात्रों की सैद्धांतिक परीक्षा आयोजित थी। परीक्षा के दौरान अव्यवस्था मिलने पर इसे रद्द करना पड़ा। जयपुर में इस दिन कुल 11 परीक्षा केन्द्र बनाए गए थे। ये हैं बड़ी खामियां
1. पिछले 10 साल से सिर्फ जयपुर ही परीक्षा केन्द्र
काउंसिल पिछले दस वर्षों से पैरामेडिकल कोर्स की सैद्धांतिक और प्रायोगिक परीक्षाएं केवल जयपुर में आयोजित करा रही है। इससे जोधपुर, कोटा, उदयपुर, बाड़मेर, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, बीकानेर, चूरू और अलवर सहित अन्य जिलों के छात्रों पर यात्रा, ठहरने और भोजन का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। मौजूदा समय में गायत्री राठौड़ के पास चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा विभाग, दोनों के सचिव का दायित्व है। ऐसे में जिला या संभाग स्तर पर परीक्षा केन्द्र बनाने और एसओपी जारी करने की मांग उठ रही है। 2. परीक्षा केन्द्रों और परीक्षकों को नाममात्र का मानदेय
परीक्षा केन्द्रों को प्रति छात्र करीब 12 रुपए और परीक्षकों को 250 रुपए मानदेय दिया जाता है, जिसे विशेषज्ञ अपर्याप्त मानते हैं। 3. काउंसिल का अपना भवन नहीं
आरएसएएचसी वर्षों से किराए के भवन में संचालित हो रही है और अब तक उसका अपना भवन नहीं बन पाया है। हमने कालवाड़ रोड स्थित सेंटर का फिजिकल वेरिफिकेशन कराने की बजाय चेकलिस्ट के आधार पर परीक्षा केन्द्र की अनुमति दी थी। सरकार को जिला या संभाग स्तर पर परीक्षा केन्द्र बनाने के लिए भी पत्र लिखा है, ताकि प्रदेश के बाहर के छात्रों को अपने गृह जिले या संभाग में परीक्षा देने की सुविधा मिल सके। -डॉ. वीरेन्द्र कुमार शर्मा, परीक्षा नियंत्रक, आरएसएएचसी

खानपुर: ब्लॉक स्तरीय निष्पादन बैठक में शिक्षा गुणवत्ता व सुरक्षा पर जोर ​दिया

खानपुर| सीबीईओ कार्यालय में ब्लॉक स्तरीय निष्पादन बैठक हुई। अध्यक्षता सीबीईओ नाथूलाल वर्मा ने की। बैठक में ब्लॉक की शैक्षणिक रैंकिंग, विद्यार्थियों की उपस्थिति, आधार और जनाधार ऑथेंटिकेशन, तथा स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की गई। प्रधानाचार्य दिलीप कारपेंटर ने ब्लॉक रैंकिंग से जुड़ी स्थिति बताई और शैक्षणिक प्रगति व सुधार के बिंदु रखे। प्रधानाचार्य बालचंद नागर ने आधार और जनाधार ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया और उपयोगिता की जानकारी दी। एसीबीओ सियाराम नागर ने जर्जर भवनों और छतों की स्थिति, नालियों की सफाई, स्कूल परिसर और बाहर जलभराव की समस्या पर रिपोर्ट रखी। उन्होंने छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। नाथूलाल वर्मा ने शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को समय पर स्कूल पहुंचने, विद्यार्थियों और शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करने, और सुरक्षा मानकों का पालन करने पर जोर दिया। उन्होंने ब्लॉक खानपुर की जिले में रैंकिंग सुधारने के लिए सामूहिक प्रयास करने को कहा। बैठक में 38 पीईईओ और 47 प्रधानाचार्य शामिल हुए। मंच पर शिवचरण जाटव, प्रधानाचार्य खंडी और महेंद्र पाटोदिया, प्रधानाचार्य सूमर भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन दिनेश धाकड़, प्रधानाचार्य करनवास ने किया।

जयपुर में XUV ने युवक को रौंदा, मौत:दूसरी गाड़ी से कार टकराई; युवकों के मारपीट से बचने के लिए भागते समय हादसा

जयपुर में गुरुवार रात XUV गाड़ी के रौंदने से एक युवक की मौत हो गई। घर लौटते समय उसकी कार दूसरी गाड़ी से टच हो गई थी। गाड़ी सवार के मारपीट करने से बचकर भागने पर वह XUV की चपेट में आ गया। नारायण विहार थाना पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए शव को जयपुरिया हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी भिजवाया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। SHO (नारायण विहार) गुंजन सोनी ने बताया- हादसे में मानसरोवर के मांग्यावास निवासी अतुल मंडल (24) की मौत हो गई। वह कम्प्यूटर से डिजाइनिंग का काम करता था। परिजनों की ओर से दर्ज शिकायत में बताया- पिछले कुछ दिनों पहले ही अतुल ने नारायण विहार में रेस्टोरेंट खोला था। गुरुवार रात करीब 11 बजे वह अपनी ब्रेजा गाड़ी से घर लौटने के लिए निकला था। कार बैक लेते समय दूसरी गाड़ी से टच होने पर हुआ था विवाद वंदे मातरम रोड पर नारायण पेट्रोल पंप के पास अतुल की कार बैक लेते समय पीछे वाली कार से टच हो गई। इस बात पर गुस्साए कार सवारों ने पीछा कर उसे रुकवाया। कार से नीचे उतारकर अतुल के साथ मारपीट करने लगे। इससे बचने के लिए अतुल भागकर रोड क्रॉस करने लगा। इसी दौरान आई XUV गाड़ी ने उसे टक्कर मार दी। रोड पर गिरने के बाद XUV उसके ऊपर से निकल गई। हादसे के बाद झगड़ा करने वाले कार सवार और रौंदने वाली XUV गाड़ी दोनों मौके से फरार हो गए। एक्सीडेंट की सूचना पर पहुंची नारायण विहार थाना पुलिस ने गंभीर हालत में उसे जयपुरिया हॉस्पिटल पहुंचाया। डॉक्टर्स ने चेक करने के बाद अतुल को मृत घोषित कर दिया।

जाट महापंचायत विवाद पर 30 दिन में फैसला करना होगा:हाईकोर्ट ने कहा- एक महीने में कारण सहित आदेश जारी करेंगे; जोधपुर कलेक्टर को दिए निर्देश

राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रस्तावित जाट महापंचायत और तेजा गायन कार्यक्रम को लेकर चल रहे विवाद में जोधपुर कलेक्टर को निर्देश दिए। हाईकोर्ट ने कलेक्टर को सभी पक्षों की सुनवाई कर 30 दिनों में कारण सहित आदेश जारी करने को कहा है। यह मामला महाराजा सूरजमल संगठन (भारत) द्वारा दायर एक याचिका से जुड़ा है। याचिका में बताया गया था कि पीपाड़ क्षेत्र में प्रस्तावित जाट महापंचायत और तेजा गायन कार्यक्रम के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी, लेकिन प्रशासन ने आवेदन को रद्द कर दिया था। इसके बाद याचिकाकर्ता हनुमान राम सिरोही ने राजस्थान हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट ने कहा- अंतिम फैसला जिला प्रशासन को ही लेना होगा जस्टिस समीर जैन की बेंच ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि यह मामला कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक निर्णय से संबंधित है। इस पर अंतिम फैसला जिला प्रशासन को ही लेना होगा। हाईकोर्ट ने कहा- याचिकाकर्ता को जिला कलेक्टर के समक्ष नया प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता होगी। यदि किसी अन्य पक्ष को इस कार्यक्रम पर आपत्ति है तो उसे भी व्यक्तिगत रूप से या अपने अधिवक्ता के माध्यम से अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद जिला कलेक्टर प्रशासनिक आवश्यकताओं, कानून-व्यवस्था की स्थिति और सरकारी नीति को ध्यान में रखते हुए 30 दिनों में एक ‘स्पीकिंग ऑर्डर’ (कारण सहित आदेश) पारित करेंगे। हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके इस आदेश का मामले के गुण-दोष पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और कलेक्टर उपलब्ध तथ्यों के आधार पर स्वतंत्र व निष्पक्ष निर्णय लेने के लिए अधिकृत होंगे।

डबल इंजन सरकार से आर्थिक विकास:पचपदरा रिफाइनरी राजस्थान के औद्योगिक विकास में नया अध्याय

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता सूरज सोनी ने कहा कि बालोतरा के पचपदरा में स्थापित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी परियोजना राजस्थान के औद्योगिक और आर्थिक विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उनका कहना है कि लंबे समय तक राजनीतिक अनिर्णय और प्रशासनिक सुस्ती के कारण अटकी रही यह परियोजना अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व और केंद्र-राज्य की डबल इंजन सरकार के समन्वय से निर्णायक चरण में पहुंच गई है। सोनी ने कहा कि पचपदरा रिफाइनरी का सपना वर्षों पुराना था, लेकिन शुरुआती दौर में परियोजना वित्तीय अस्पष्टता और अन्य कारणों से अपेक्षित गति नहीं पकड़ सकी। बाद में एचपीसीएल के साथ संयुक्त उद्यम के रूप में एचआरआरएल का गठन किया गया और परियोजना को पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2018 में किए गए शिलान्यास के बाद इसे राष्ट्रीय महत्व की परियोजना का स्वरूप मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता परिवर्तन के बाद परियोजना की रफ्तार प्रभावित हुई, जिससे लागत और समय दोनों बढ़े। दिसंबर 2023 में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के पदभार संभालने के बाद परियोजना की नियमित समीक्षा और विभागों के बीच बेहतर समन्वय से कार्य में तेजी आई। उनके अनुसार अब रिफाइनरी संचालन के अंतिम चरण में है और जल्द ही इसका पूर्ण संचालन शुरू होगा। सोनी ने कहा कि रिफाइनरी के आसपास विकसित किए जा रहे पेट्रोकेमिकल निवेश क्षेत्र से डाउनस्ट्रीम उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा तथा हजारों प्रत्यक्ष और लाखों अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे पश्चिमी राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और बाड़मेर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल तेल शोधन इकाई नहीं, बल्कि राजस्थान के औद्योगिक भविष्य और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम है।