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हैदराबाद से पकड़ा ब्रोमो केमिकल का सप्लायर:राजस्थान के तस्करों से करता था ठगी; हवाला से लेता था रकम

ANTF टीम ने ब्रोमो केमिकल के मुख्य सप्लायर आरोपी को हैदराबाद से गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सप्लायर ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। सप्लायर ने सांचौर और बाड़मेर के तस्करों के साथ ठगी करते हुए ब्रोमो केमिकल की जगह पीओपी से ड्रम भरवाए और ब्रोमो के स्टीकर लगाकर टैंकर में लोड करवाए। इसका वीडियो बनाकर टैंकर को सांचौर रवाना किया। जबकि यही वीडियो पुलिस को भेजकर टैंकर भी पकड़वा दिए। इसके बाद तस्करों से 6.50 लाख रुपए हवाले के जरिए हड़प लिए थे। आईजी विकास कुमार ने बताया- मई 2026 में ब्रोमो केमिकल ले जाते हुए एक टैंकर को नेशनल हाईवे-68 पर सांचौर से धोरीमना स्थित महादेव हाईवे होटल के पास पकड़ा गया था। मामले में कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन मुख्य सप्लायर फरार चल रहा था। चार राज्यों में काट रहा था फरारी, हैदराबाद से पकड़ा
आईजी ने बताया कि ब्रोमो का मुख्य सप्लायर मांगीलाल पुत्र मोहनलाल, निवासी सेड़वा, हाल किराएदार, राजेश यादव के मकान में, पिलर नंबर 173, एसपीआर गार्डन के पीछे, उपरपल्ली, हैदराबाद में रह रहा था। वह काफी समय से फरार चल रहा था। आरोपी मांगीलाल तमिलनाडु, महाराष्ट्र, केरल और आंध्र प्रदेश में फरारी काटता रहा। सूचना पर टीम हैदराबाद पहुंची और कड़ी निगरानी के बाद उसे पकड़ लिया। मांगीलाल को हैदराबाद से पकड़कर राजस्थान लाया गया। आईजी विकास कुमार ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया कि सांचौर और बाड़मेर के तस्करों ने आसपास ब्रोमो केमिकल की तलाश की, लेकिन राजस्थान में नहीं मिला। इसके बाद सांचौर के तस्करों ने हैदराबाद में अपने दोस्त मांगीलाल से संपर्क किया। उन्होंने ब्रोमो केमिकल की सप्लाई के लिए महंगे दामों का ऑफर दिया। मांगीलाल ने हैदराबाद में ब्रोमो केमिकल जुटाने की कोशिश की, लेकिन केमिकल नहीं मिला। सांचौर के तस्करों के साथ की ठगी
मांगीलाल और सांचौर के तस्करों के बीच 6.50 लाख रुपए में ब्रोमो केमिकल पहुंचाने की डील हुई। हवाले के जरिए रुपए ले लिए गए। लेकिन ब्रोमो केमिकल नहीं मिलने और तस्करों के दबाव के चलते उसने योजना बनाई। ड्रमों में ब्रोमो केमिकल की जगह पीओपी भरवाकर बिना नंबर वाले टैंकर में लोड करवाकर रवाना कर दिया। माल रवाना करते ही पुलिस को सूचना दे दी। इससे ड्रम पकड़ लिए गए। तस्करों तक माल भी नहीं पहुंचा और उसकी पोल भी नहीं खुली। आरोपी मांगीलाल ने 3,750 रुपए के पीओपी के कट्टे खरीदे। पीओपी को ड्रमों में भरकर उन पर ब्रोमो के स्टीकर चिपका दिए। लोडिंग के दौरान एक वीडियो भी बनवाया। तस्करों से हवाले से रुपए मंगवाए
आरोपी मांगीलाल ने सांचौर के तस्करों से 6.50 लाख रुपए मंगवाने के लिए सांचौर और हैदराबाद के हवाला कारोबारियों से संपर्क किया। वहां नोटों के सीरियल नंबर दिखाकर हैदराबाद से रुपए उठाए, जिससे तस्करों के सामने ठगी का भेद न खुले, इसलिए पुलिस से पकड़वाया आरोपी मांगीलाल ने ब्रोमो केमिकल की जगह पीओपी से ड्रम भरवाते हुए वीडियो बनवाया। यह वीडियो योजना के अनुसार पुलिस के मुखबिर को भेजा और सूचना दी कि हैदराबाद से सांचौर आ रहा एक टैंकर अवैध मादक पदार्थ लेकर जा रहा है।

महंत के साथ मारपीट करने वाली महिला गिरफ्तार:बेटे और भतीजे को भी पीटा था; संत पर कपड़े फाड़ने का लगाया था आरोप

सीकर में नेछवा थाना इलाके में मंदिर के महंत से मारपीट करने वाली महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जमीनी विवाद को लेकर आरोपी महिला ने एक वीडियो भी बनाया था। इसमें वह महंत पर कपड़े फाड़ने के आरोप लगा रही थी। फिलहाल पुलिस महिला आरोपी से पूछताछ कर रही है। नेछवा थाना SHO कैलाशचंद यादव ने बताया- आरोपी महिला (24) को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस थाने पर जानकीनाथ मंदिर के महंत रामप्रनाचार्य ने मुकदमा दर्ज करवाया है की मंदिर की जमीन गांव में नई बाईपास पर स्थित है। इसकी देखरेख के लिए वह रोजाना जाते थे। 4 जुलाई को सुबह करीब 10 बजे वह अपने रुटीन के अनुसार बेटे गोविंद के साथ वहां पर गए। एक खेजड़ी के पेड़ के नीचे बैठे थे। महंत के बेटे और भतीजे को पीटा इसी दौरान महिला अपने पिता और भाई के साथ आई। महिला और उसके भाई ने पकड़कर नीचे गिरा दिया। कपड़े फाड़कर मारपीट करना शुरू कर दिया। दोनों ने महंत के बेटे गोविंद का हाथ तोड़ दिया। जमकर मारपीट की। इलाज के लिए गोविंद को सीकर रैफर किया गया। आरोपियों ने महंत के भतीजे प्रकाश पर भी कुल्हाड़ी से हमला किया। घटना का वीडियो भी सामने आया इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया था। जिसमें आरोपी महिला एक युवक को अपना मोबाइल देकर महंत की तरफ जाती हुई दिख रही है। फिर खुद ही चिल्लाने लगती है कि कपड़े फाड़ दिए। ऐसे में अब पुलिस ने महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। फिलहाल मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। बता दें कि मंदिर के अंतर्गत आने वाली इस जमीन पर महिला के पिता ने कोर्ट में दावा किया हुआ है कि यह जमीन उनके हिस्से की है। इस दावे के आधार पर उन्हें जमीन पर स्टे मिला है। लेकिन मंदिर महंत यहां आने की बात से गुस्सा होकर महिला ने मंदिर महंत को फंसाने के लिए यह साजिश रची थी।

पांचना बांध विवाद ने पकड़ा तूल, जिलेभर में चक्काजाम:प्रमुख मार्गों पर यातायात ठप, रोडवेज बसों का संचालन पूरी तरह बाधित रहा

करौली जिले में पांचना बांध से नहरों में पानी निकासी का विवाद अब बड़े आंदोलन में बदल गया है। मंगलवार को जिलेभर में किसानों ने चक्काजाम कर दिया, जिससे करौली, हिंडौन, गंगापुर, जयपुर और धौलपुर को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर यातायात ठप हो गया। रोडवेज बसों का संचालन भी पूरी तरह बाधित रहा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हुई। यह आंदोलन पांचना बांध से नहरों में छोड़े गए पानी के कमांड क्षेत्र तक न पहुंचने के विरोध में शुरू हुआ है। कुड़गांव-सपोटरा सड़क मार्ग पर मंडावरा गांव और मांच गांव के समीप किसानों ने चक्काजाम किया। प्रदर्शनकारी किसानों का आरोप है कि पानी की निकासी से उनके क्षेत्र के हित प्रभावित होंगे। सूचना मिलने पर थाना अधिकारी मंजू फौजदार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। जाम के कारण करौली जिला मुख्यालय से हिंडौन, गंगापुर, जयपुर और धौलपुर जाने वाले सभी प्रमुख मार्ग बाधित रहे। यातायात ठप होने से रोडवेज बसों का संचालन पूरी तरह बंद हो गया, जिससे निजी वाहनों और यात्रियों को भी घंटों इंतजार करना पड़ा। मंगलवार शाम को करौली-हिंडौन मार्ग पर स्थित गुडला गांव में भी गुडला पांचना संघर्ष समिति के बैनर तले किसानों ने जाम लगाकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह ने बताया कि उनकी समिति ने सभी शर्तों का पालन किया है, इसके बावजूद सोशल मीडिया पर उनके सदस्यों और समाज के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों का नहर के पानी से कोई सीधा संबंध नहीं है, वहां भी जाम लगाया जा रहा है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी हो रही है। समिति ने ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जिले के विभिन्न हिस्सों में धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम जारी हैं, जिससे आम जनता के साथ-साथ परिवहन व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। प्रशासन किसानों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य बनाने के प्रयासों में जुटा हुआ है।

साले के बेटे की कस्टडी IPS फूफा को मिली:माता-पिता ने कहा- रहने के बहाने बुलाया, अब लौटाने से मुकर गए

राजस्थान के एक भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी को उनके साले के 4 साल के नाबालिग बेटे की कस्टडी मिली है। साले ने जबरन कब्जे में रखने का आरोप लगाया था। बच्चे के माता-पिता ने आईपीएस अधिकारी और उनकी पत्नी से बच्चे को वापस दिलाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने माता-पिता को बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में राहत देने से इनकार कर दिया। जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस भुवन गोयल की बेंच ने बच्चे को गैर-कानूनी हिरासत में नहीं माना और बच्चे की सुपुर्दगी के लिए अलग से याचिका दायर करने के निर्देश दिए। दरअसल, बच्चे के पिता का कहना था कि उनकी बहन और आईपीएस की पत्नी का आईवीएफ ट्रीटमेंट चल रहा है। बहन ने कहा था कि डॉक्टर ने उन्हें कहा है कि घर में बच्चों के साथ रहने से उनका इलाज बेहतर होगा। उन्होंने अपने बेटे को कुछ दिनों के लिए बहन के पास भेजा दिया था। लेकिन अब पति-पत्नी उनके बेटे को वापस लौटाने से इनकार कर रहे हैं। जबकि उन्होंने अपने बेटे को न तो गोद दिया न ही आईपीएस पति और उनकी पत्नी ने उसे कानूनी तौर पर गोद लिया है। ऐसे में उनके बच्चे को जबरन रखना गैर-कानूनी हिरासत में रखना है। वह बच्चे के जैविक माता-पिता हैं, इसलिए बच्चे को उन्हें वापिस सुपुर्द करने के आदेश दिए जाए। बच्चे के माता-पिता ने फोन पर मंजूरी दी इसके जवाब में आईपीएस अधिकारी और उनकी पत्नी ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने बच्चे को गोद ​लिया है। 8 मई 2025 को गोद लेने का कार्यक्रम आगरा में हुआ था। बच्चे के माता-पिता ने भी फोन पर ही मंजूरी दे दी थी। तभी से बच्चा उनके साथ रह रहा है। वे उसे प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ा रहे हैं। आईपीएस अधिकारी होने के कारण वे बच्चे को बेहतर शिक्षा और पालन-पोषण दे सकते हैं। कोर्ट ने कहा-बच्चा अवैध हिरासत में नहीं कोर्ट ने कहा- बच्चे को उसकी बुआ-फूफा के पास खुद जैविक माता-पिता ने मर्जी से छोड़ा था। इसलिए वर्तमान स्थिति को बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के दायरे में अवैध हिरासत नहीं माना जा सकता है। बच्चा काफी समय से इनके साथ रह रहा है। वह अपने वर्तमान वातावरण में व्यवस्थित हो चुका है। ऐसी स्थिति में फिलहाल उसके हित में यही है कि बच्चा जहां रह रहा है, वहीं रहे। कोर्ट ने कहा- इस पूरे मामले में गोद लेने को लेकर विवाद है। लेकिन इसका फैसला बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में नहीं किया जा सकता है। यह निर्णय सक्षम सिविल न्यायालय ही करेगा।

कोटा में 4 वाहन चोर गिरफ्तार, 16 बाइक जब्त:महावीर नगर और नयापुरा थाना पुलिस की कार्रवाई; पुर्जे अलग-अलग बेचते थे

कोटा में पुलिस ने दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सक्रिय बाइक चोरों को गिरफ्तार कर 16 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की। महावीर नगर और नयापुरा थाना पुलिस की कार्रवाई से शहर में वाहन चोरी की कई वारदातों का खुलासा हुआ। कोटा सिटी एसपी डॉ. तेजस्विनी गौतम ने बताया- शहर में बढ़ रही बाइक चोरी की घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया गया। महावीर नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन शातिर वाहन चोरों रमेश विश्नोई, रिंकू नायक और राजू रैगर को गिरफ्तार किया। तीन आरोपियों के खिलाफ 30 मामले दर्ज महावीर नगर थाना पुलिस ने 3 आरोपियों से 10 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की। पूछताछ में आरोपियों ने शहर के विभिन्न इलाकों से बाइक चोरी करना स्वीकार किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि तीनों के खिलाफ 25 से 30 आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी चोरी की बाइक सुनसान स्थानों पर छिपाकर रखते थे। इंजन-चेसिस नंबरों से छेड़छाड़ कर या पुर्जे अलग-अलग बेचकर अवैध कमाई करते थे। 1 चोर से 6 बाइक बरामद नयापुरा थाना पुलिस ने शातिर वाहन चोर मोहम्मद सलीम को गिरफ्तार किया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और करीब 200 कैमरों की जांच के आधार पर आरोपी को ट्रेस किया। पूछताछ में आरोपी ने बाइक चोरी की कई वारदातें कबूल कीं। उसकी निशानदेही पर चोरी की पांच मोटरसाइकिलें बरामद की गईं, जबकि एक अन्य बाइक पहले से बूंदी पुलिस के कब्जे में मिली। इस तरह नयापुरा थाना पुलिस ने कुल छह चोरी की मोटरसाइकिलों का खुलासा किया। फिलहाल दोनों मामलों में आरोपियों से पुलिस अन्य वाहन चोरी की वारदातों और गिरोह से जुड़े अन्य बदमाशों के बारे में पूछताछ कर रही है। साथ ही बरामद मोटरसाइकिलों का विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज मामलों से मिलान कर कार्रवाई जारी है।

खानपुर SHO समेत अन्य की याचिका खारिज:पुलिसकर्मियों पर लगे आरोपों का ट्रायल जारी रहेगा, बंधक बनाकर जबरन वसूले के आरोप

जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक सुरोलिया ने खानपुर थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी जोधाराम गुर्जर सहित अन्य पुलिसकर्मियों और आरोपियों की ओर से दायर निगरानी याचिका खारिज कर दी है। न्यायालय ने न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा पारित प्रसंज्ञान आदेश को विधिसम्मत मानते हुए मामले की सुनवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं। यह मामला खानपुर निवासी महेश कुमार गौतम द्वारा 18 जुलाई 2013 को न्यायिक मजिस्ट्रेट, खानपुर के समक्ष दायर परिवाद से जुड़ा है। परिवाद में आरोप लगाया गया था कि 6 जुलाई 2013 की रात तत्कालीन थाना प्रभारी जोधाराम गुर्जर पुलिस टीम के साथ उन्हें जबरन पुलिस जीप में बैठाकर थाना खानपुर ले गए थे। वहां महेश कुमार गौतम को अवैध अभिरक्षा में रखकर मारपीट की गई। साथ ही, एनकाउंटर की धमकी देकर विभिन्न बैंकों से करीब 14.15 लाख रुपए निकलवाकर खानपुर के व्यापारी अजय गोयल को दिलवा दिए गए। इस मामले की जांच के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट, खानपुर ने अपहरण, अवैध रूप से बंधक बनाने, मारपीट और जबरन धनराशि वसूलने के आरोपों में प्रसंज्ञान लेते हुए कार्रवाई के आदेश दिए थे। इस आदेश के खिलाफ तत्कालीन थाना प्रभारी जोधाराम गुर्जर, पुलिस कॉन्स्टेबल सुरेश पारेता, रामेश्वर माली, पुलिस जीप ड्राइवर रामवीर सिंह, नंदकिशोर सहित अन्य आरोपियों ने जिला एवं सत्र न्यायालय में निगरानी याचिका दायर की थी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने याचिका खारिज करते हुए प्रसंज्ञान आदेश को सही माना और कहा कि आरोपियों के विरुद्ध खानपुर न्यायालय में आपराधिक मामले का विचारण जारी रहेगा। परिवादी महेश कुमार गौतम की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ओंकारेश्वर शर्मा ने बताया कि इस मामले में पुलिसकर्मियों के अलावा खानपुर के व्यापारी अजय गोयल, दीपू अग्रवाल, राजू राठौर और दयाकिशन को भी वारंट जारी कर न्यायालय में तलब किया गया है।

एनर्जी ड्रिंक के भ्रामक प्रचार पर कार्रवाई:खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने ब्लैक बगीरा एनर्जी ड्रिंक के 2040 कैन किए जब्त

राजस्थान में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी शुभमंगला के निर्देश पर सिरोही जिले में बड़ी कार्रवाई की गई है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मांडवा रोड स्थित मां अर्बुदा एजेंसी के गोदाम पर निरीक्षण कर 2040 एनर्जी ड्रिंक के कैन जब्त किए हैं। अभिहित अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खराडी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने कैफीनेटेड बेवरेज स्टिंग एनर्जी और ब्लैक बगीरा एनर्जी ड्रिंक के दो नमूने एफएसएसएआई एक्ट के तहत लिए। इसके साथ ही 2040 बोतल-कैन को जब्त कर लिया गया। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश प्रजापत और धर्मवीर द्वारा की गई। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के अनुसार कैफीनेटेड बेवरेजेस पर ‘स्टीमूलेट्स माइंड’, ‘एनर्जाइज बॉडीज’, ‘एनर्जी ड्रिंक’ या ‘स्पोर्ट्स ड्रिंक’ जैसे दावों का लेबल पर उल्लेख करना भ्रामक प्रचार की श्रेणी में आता है। एफएसएसएआई ने इस संबंध में कई नामी बेवरेज ब्रांडों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इन एनर्जी ड्रिंक में कैफीन की मात्रा अधिक होती है, जो गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों के लिए हानिकारक हो सकती है। जब्त किए गए नमूनों को जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला जोधपुर भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान टीम ने मौके पर पाई गई लगभग 600 लीटर एक्सपायर्ड कोल्ड ड्रिंक को भी नष्ट करवाया।

जोधपुर एम्स में 7-साल के बच्चे के पेट का ऑपरेशन:3700 ग्राम वजनी गांठ निकाली; 6 घंटे चली सर्जरी, दोबारा बनाई एक नस

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जोधपुर के पीडियाट्रिक सर्जरी के डॉक्टरों ने 7 साल के मासूम का जटिल और दुर्लभ ऑपरेशन किया। डॉक्टरों ने बच्चे के पेट से 3.7 किलोग्राम वजन का कैंसरग्रस्त किडनी ट्यूमर (विल्म्स ट्यूमर) सफलतापूर्वक निकाला। लगभग 6 घंटे तक चले ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने शरीर की सबसे मुख्य रक्त वाहिनी इन्फीरियर वेना कावा (IVC) का दोबारा निर्माण भी किया। 4 साल से बढ़ रही थी पेट में सूजन यह बच्चा 4 साल से पेट के दाहिने हिस्से में लगातार बढ़ रही सूजन से परेशान था। एम्स में जब बच्चे का सीटी स्कैन किया गया तो डॉक्टर हैरान रह गए। ट्यूमर का आकार 24 × 21 × 18 सेंटीमीटर तक पहुंच चुका था। वहीं ट्यूमर ने दाहिनी किडनी को पूरी तरह नष्ट कर दिया था। ट्यूमर इतना बड़ा था कि उसने पेट के अंदर मौजूद लीवर, अग्न्याशय (पैंक्रियास), आंतों और मूत्राशय को उनकी जगह से खिसका दिया था। सबसे खतरनाक बात यह थी कि कैंसर ने दिल तक गंदा खून पहुंचाने वाली शरीर की सबसे बड़ी नस (IVC) और बाईं किडनी की मुख्य शिरा को भी ब्लॉक कर दिया था। 6 सेंटीमीटर के पैच से बनाई नई नस बाल शल्य चिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. राहुल सक्सेना के नेतृत्व में जटिल ऑपरेशन की प्लानिंग की गई। उन्होंने बताया- सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने दाहिनी किडनी और पूरी मूत्रवाहिनी (यूरेटर) को ट्यूमर समेत बाहर निकाला। चूंकि मुख्य नस (IVC) की दीवार के अंदर तक कैंसर जा चुका था, इसलिए डॉक्टरों ने नस के प्रभावित हिस्से को काटकर अलग किया। इसकी जगह 6 सेंटीमीटर का बोवाइन पेरिकार्डियल पैच लगाकर नस को दोबारा नया रूप दिया। ऑपरेशन के तुरंत बाद एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड से जांच की गई, जिसमें खून का बहाव बिल्कुल सामान्य पाया गया। डॉ. राहुल सक्सेना ने बताया- ट्यूमर का आकार बहुत बड़ा था और उसने शरीर की सबसे महत्वपूर्ण खून की नस को जकड़ रखा था। ऐसी सर्जरी में पीडियाट्रिक सर्जन, वैस्कुलर सर्जन, एनेस्थीसिया टीम और रेडियोलॉजिस्ट ने सामूहिक प्रयास किए। बच्चा अब पूरी तरह स्वस्थ है और उसे ऑपरेशन के बाद की पहली कीमोथेरेपी भी दे दी गई है। पेट में गांठ को न करें अनदेखा एम्स के बाल शल्य चिकित्सा विभागाध्यक्ष प्रो. मनीष पाठक ने बताया- बच्चों में होने वाले किडनी कैंसर (विल्म्स ट्यूमर) का अगर सही समय पर पता चल जाए, तो इसका शत-प्रतिशत इलाज मुमकिन है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि यदि बच्चे के पेट में किसी भी तरह की लगातार सूजन या गांठ दिखाई दे, तो उसे घरेलू दर्द या गैस की समस्या मानकर नजरअंदाज न करें। तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाएं, क्योंकि समय पर लिया गया फैसला बच्चे की जान बचा सकता है। इस ऑपरेशन को अंजाम देने में एम्स के कई विभागों के विशेषज्ञों ने सामूहिक भूमिका निभाई। सर्जरी टीम: डॉ. राहुल सक्सेना (लीड), डॉ. अनिरुद्ध माथुर, डॉ. सुरेंद्र पटेल (CTVS विभाग), रेजिडेंट डॉक्टर्स डॉ. जॉयल सनी और डॉ. हर्षवर्धन। एनेस्थीसिया टीम: डॉ. सादिक (ऑपरेशन के दौरान बच्चे की सांसें और लाइफ सपोर्ट स्थिर रखा)। रेडियोलॉजी: डॉ. तरुणा यादव (ऑपरेशन से पहले की मैपिंग)। नर्सिंग टीम: सुरेश और नवेद।

मंडी सचिव-सुपरवाइजर 10 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार:चूरू कृषि उपज मंडी में ACB की कार्रवाई, नोटिस रफा-दफा की एवज में मांगी

चूरू एसीबी ने मंगलवार शाम को बड़ी कार्रवाई करते हुए कृषि उपज मंडी समिति के सचिव विकेंद्र कुमार और सुपरवाइजर कमल कुमार को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से पूरी मंडी परिसर में हड़कंप मच गया। एसीबी एएसपी महावीर प्रसाद शर्मा ने बताया कि कृषि उपज मंडी के एक थोक व्यापारी को साल 2019 से अब तक के लेखा और रोकड़ संबंधी मामले में एक नोटिस जारी किया गया था। व्यापारी ने आरोप लगाया था कि इस नोटिस की कार्रवाई को फाइल में डालकर मामला रफा-दफा करने के बदले मंडी सचिव और सुपरवाइजर रिश्वत की मांग कर रहे थे। शिकायत मिलने पर चूरू एसीबी ने मामले का सत्यापन करवाया। इसमें शुरुआती तौर पर 20 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई। इसके बाद एसीबी की टीम ने जाल बिछाया। मंगलवार शाम को जैसे ही व्यापारी ने आरोपियों को रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 10 हजार रुपए की राशि सौंपी, वहां पहले से मौजूद एसीबी की टीम ने दोनों को रंगे हाथों दबोच लिया। टीम ने आरोपियों के पास से रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली है। गिरफ्तार आरोपियों से सघन पूछताछ की जा रही है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में एएसपी महावीर प्रसाद शर्मा, थानाधिकारी महेंद्र कुमार, एसआई गिरधारी सिंह, इसब सिंह, एएसआई ओमप्रकाश, मंगतूराम और राजपाल सिंह सहित अन्य सदस्य शामिल थे।

यूसीसी पर 25 जुलाई तक आमजन दे सकेंगे अपने सुझाव:बोले- सभी एसडीएम कार्यालयों में लि​खित राय दे सकेंगे

राजस्थान समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक-2026 मंगलवार को कानून निर्माण को लेकर जोधपुर संभाग की दो दिवसीय जनसुनवाई पूरी हो गई। जोधपुर संभाग का हिस्सा होने के नाते सरहदी जिले जैसलमेर के नागरिकों के लिए भी इसमें भागीदारी का बड़ा मौका है। संभागीय आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी ने एक वीडियो जारी कर विशेष जानकारी शेयर की है। उन्होंने बताया- जैसलमेर जिले के नागरिक भी आने वाली 25 जुलाई तक ऑनलाइन वेबसाइट, क्यूआर कोड या फिर अपने नजदीकी उपखंड अधिकारी (SDM) कार्यालय जाकर लिखित में अपने सुझाव दे सकते हैं। सरकार का मकसद इस कानून में सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों की आवाज को भी शामिल करना है। संभागीय आयुक्त ने की अपील राजस्थान में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया अब आखिरी दौर में है। जोधपुर संभाग मुख्यालय पर दो दिवसीय संभाग स्तरीय जनसुनवाई मंगलवार को संपन्न हुई। इस दौरान संभाग के अलग-अलग जिलों के नागरिकों से सुझाव लिए गए। इसी कड़ी में जोधपुर संभागीय आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी ने एक वीडियो संदेश जारी कर जैसलमेर सहित पूरे संभाग के लोगों से इस महत्वपूर्ण कानून को बनाने में भागीदार बनने की अपील की है। संभागीय आयुक्त ने वीडियो में कहा- यूसीसी का एक व्यावहारिक और सर्वसमावेशी ढांचा तैयार करने में जैसलमेर जैसे सुदूर और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जिले के नागरिकों के विचार बहुत मायने रखते हैं। जनसुनवाई के दौरान संकलित किए गए सभी सुझावों को सीधे राज्य सरकार की यूसीसी प्रारूप समिति के पास भेजा जाएगा। क्यूआर कोड से सीधे जुड़ें जैसलमेर के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोग घर बैठे सरकार के आधिकारिक पोर्टल ucc.rajasthan.gov.in पर जा सकते हैं। इसके अलावा प्रचार सामग्री पर दिए गए क्यूआर (QR) कोड को मोबाइल से स्कैन करके भी सीधे सुझाव दर्ज कराए जा सकते हैं। पोर्टल पर नागरिक 400 शब्दों में अपनी बात लिख सकते हैं। विस्तृत सुझाव होने पर पीडीएफ (PDF) फाइल अपलोड करने का विकल्प भी दिया गया है। SDM कार्यालयों में दे सकते है लिखित राय इंटरनेट की समस्या या ऑनलाइन असमर्थता की स्थिति में ऑफलाइन विकल्प भी खुला रखा गया है। जैसलमेर, पोकरण और भणियाणा सहित जिले के सभी उपखंड कार्यालयों (SDM ऑफिस) में नागरिक 25 जुलाई तक अपने लिखित सुझाव या प्रतिवेदन जमा करा सकते हैं। SMS से जानकारी दी जा रही है जैसलमेर के दूर-दराज के गांवों और ढाणियों तक सूचना पहुंचाने के लिए मोबाइल उपभोक्ताओं को एसएमएस (SMS) के जरिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। संभागीय आयुक्त ने जिलावासियों से अपील की है कि वे समय सीमा के भीतर अपने सुझाव जरूर दें ताकि नीति-निर्धारण में जैसलमेर की जनता की भागीदारी मजबूती से दर्ज हो सके।