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बाइक-स्कूटी की भिड़ंत में युवक की मौके पर मौत:छुट्टी पर आया सैनिक घायल, ग्रामीणों ने पहुंचाया अस्पताल

चूरू-सरदारशहर रोड पर रामपुराबास के पास शुक्रवार को बाइक और स्कूटी की आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। इस हादसे में स्कूटी सवार 35 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सेना से छुट्टी पर घर आए बाइक सवार 53 वर्षीय सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल को निजी वाहन से डीबी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। घायल ढाणी डेगा, सरदारशहर निवासी मंगलचंद (53) ने बताया कि वह भारतीय सेना में कार्यरत हैं और फिलहाल छुट्टी पर घर आए हुए हैं। वह बाइक से गांव से चूरू किसी काम से जा रहे थे, तभी रामपुराबास के पास सामने से आ रही स्कूटी से उनकी टक्कर हो गई। लोगों ने पहुंचाया अस्पताल
हादसे में रामपुराबास निवासी 35 वर्षीय दयानंद जांगिड़ की मौत हो गई। दुर्घटना के बाद गांव के श्रवण कुमार, मेजर खान, प्रहलाद और कालू ने दोनों घायलों को अपनी गाड़ी से डीबी अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने दयानंद जांगिड़ को मृत घोषित कर दिया।
हादसे की सूचना मिलने के बाद गांव के लोग भी अस्पताल पहुंच गए। इमरजेंसी वार्ड के स्टाफ ने अस्पताल चौकी को भी घटना की जानकारी दे दी है। मृतक के परिजनों के पहुंचने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुकुल शर्मा को उदयपुर ग्रामीण एडिशनल SP की कमान:प्रदेश में 49 एडिशनल SP के तबादले, उदयपुर में 3 अफसरों की जिम्मेदारी बदली

राज्य सरकार ने पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए प्रदेशभर में 49 एडिशनल एसपी के तबादले किए हैं। इसी क्रम में मुकुल शर्मा को चित्तौड़गढ़ जिले से ट्रांसफर कर उदयपुर ग्रामीण एडिशनल एसपी लगाया है। उदयपुर जिले में ही तीन अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। 49 अधिकारियों की इस लिस्ट में उदयपुर के कई अफसरों को नई पोस्टिंग दी गई है। रजत बिश्नोई को महिला अपराध अनुसंधान सेल राजसमंद से खेरवाड़ा एएसपी की कमान सौंपी है। वहीं, रोशनलाल पटेल को उदयपुर विकास प्राधिकरण से महाराणा प्रताप बटालियन आरएसी प्रतापगढ़ में डिप्टी कमांडेंट लगाया गया है। इसके अलावा तीन अफसरों को उदयपुर में ही इधर-उधर किया है। इनमें उदयपुर के खेरवाड़ा एमबीसी से मंजीत सिंह को महिला अपराध अनुसंधान सेल उदयपुर में, खेरवाड़ा एएसपी अंजना सुखवाल को अब पुलिस परामर्श एवं सहायता केन्द्र उदयपुर में भेजा है। वहीं, महिला अपराध अनुसंधान सेल से माधुरी वर्मा को खेरवाड़ा पीटीएस कमांडेंट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 61 सीआई के तबादले, 9 को रेंज में लगाया, एक जयपुर भेजा पुलिस महानिदेशक ने देर रात आदेश जारी कर प्रदेश के 61 पुलिस निरीक्षकों (सीआई) के तबादले कर दिए। इनमें 10 सीआई को उदयपुर रेंज से इधर-उधर किया है, जबकि एक सीआई को उदयपुर से बाहर भेजा है। वहीं, 9 सीआई को रेंज में लगाया है। आदेश के अनुसार, इन सभी के ट्रांसफर खुद के आग्रह पर ही किए हैं। इनमें देवेन्द्र सिंह कविया, शिवराज सिंह गुर्जर, सुरेन्द्र सिंह बडवा, औंकार सिंह चारण, ईश्वरानंद, लक्ष्मण सिंह राठ़ौड़, रमेश कुमार सर्वटा, गोपाल सिंह थालौड़ और सूर्यभान सिंह शामिल हैं। इसके अलावा उदयपुर रेंज से हरिओम मीणा को जयपुर रेंज भेजा गया है।

घर के बाहर गाड़ी खड़ी करने पर 2 पक्ष भिड़े:लाठी-सरियों और पत्थरों से किया हमला, 4 घायल

श्रीगंगानगर जिले के सादुलशहर में घर के बाहर सब्जियों से भरी गाड़ी खड़ी करने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। देर रात हुई कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठियों, डंडों, लोहे की सरियों और पत्थरों से हमला कर दिया। घटना में दो महिलाओं सहित चार लोग घायल हो गए। घायलों का सादुलशहर के सरकारी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है, जबकि एक व्यक्ति की हालत गंभीर होने पर उसे श्रीगंगानगर रेफर किया गया है। वार्ड नंबर-17 में देर रात हुआ विवाद घटना सादुलशहर के वार्ड नंबर-17 की है। जानकारी के अनुसार एक पक्ष के लोग घर के बाहर सब्जियों से भरी गाड़ी खड़ी कर रहे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष ने इसका विरोध किया। इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठियों, डंडों, लोहे की सरियों और पत्थरों से हमला कर दिया। मारपीट में दोनों पक्षों के चार लोग घायल हो गए, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। एक की हालत गंभीर, श्रीगंगानगर रेफर घटना के बाद आसपास के लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराने का प्रयास किया और घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से सादुलशहर के सरकारी हॉस्पिटल पहुंचाया। घायलों में से एक व्यक्ति की हालत गंभीर होने पर उसे श्रीगंगानगर रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से समझाइश कर मामला शांत कराया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हालांकि, दोनों पक्षों में से किसी की ओर से अभी तक मामला दर्ज नहीं कराया गया है।

मौत के 8 दिन बाद ASI का ट्रांसफर:बाड़मेर से किया होम डिस्ट्रिक्ट बालोतरा तबादला; लीवर में हो गया था इंफेक्शन

जोधपुर रेंज आईजी की ओर से जारी 39 ASI की ट्रांसफर लिस्ट में एक ऐसा नाम भी शामिल है, जिनकी 1 जुलाई को इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। बाड़मेर के बाटाडू चौकी इंचार्ज रहे ASI अनोपाराम का निधन जोधपुर के हॉस्पिटल में हुआ था, लेकिन 9 जुलाई को जारी ट्रांसफर आदेश में उनका नाम बालोतरा ट्रांसफर के लिए शामिल किया गया। मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। 9 जुलाई को जारी हुई ट्रांसफर लिस्ट में शामिल था नाम जोधपुर रेंज आईजी शरत कविराज ने 9 जुलाई को आदेश जारी कर रेंज के अलग-अलग जिलों में 39 ASI के तबादले किए। यह स्थानांतरण संबंधित पुलिसकर्मियों के खुद के प्रार्थना-पत्र के आधार पर किए गए थे। जारी सूची में अनोपाराम पुत्र मोहबतराम का नाम भी शामिल था। उनका ट्रांसफर बाड़मेर से उनके होम डिस्ट्रिक्ट बालोतरा किया गया था। 1 जुलाई को हो चुकी थी मौत ASI अनोपाराम की 1 जुलाई को जोधपुर में इलाज के दौरान मौत हो चुकी थी। ऐसे में मौत के आठ दिन बाद जारी हुई ट्रांसफर सूची में उनका नाम आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इसको लेकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। बाटाडू चौकी इंचार्ज पद पर थे तैनात अनोपाराम बालोतरा जिले के सिवाना क्षेत्र के हिंगलाज थाना इलाके के रहने वाले थे। उन्होंने पुलिस सेवा की शुरुआत कांस्टेबल के रूप में की थी। बाद में प्रमोशन के बाद वे हेड कांस्टेबल और फिर ASI बने। उन्होंने बाड़मेर कोतवाली सहित जिले के कई थानों में ड्यूटी की थी। फिलहाल वे बाटाडू चौकी इंचार्ज पद पर तैनात थे। बीपी, शुगर और लीवर की समस्या से थे परेशान पुलिस के अनुसार अनोपाराम बीपी और शुगर की बीमारी से पीड़ित थे। करीब चार-पांच दिन पहले उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बाड़मेर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। बाद में उन्हें जोधपुर रेफर किया गया, जहां मेडिपल्स हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान लीवर से जुड़ी समस्या सामने आई और 1 जुलाई की सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। मौत के बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव सिवाना लाया गया था। जहां पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। …………………… इससे जुड़ी खबर पढ़े… हॉस्पिटल में चार दिन से भर्ती ASI का निधन:लीवर में हो गया था इंफेक्शन; बाटाडू चौकी इंचार्ज पद पर कार्यरत थे

सरकारी अस्पतालों में 'डॉक्टर डेस्क मॉड्यूल' लागू करने के निर्देश:प्रिस्क्रिप्शन-जांच डिजीटल होंगे, CMHO बोले- पूरी प्रक्रिया पेपलेस और स्मार्ट होगी

झुंझुनूं में सरकारी अस्पतालों में अब व्यवस्था में बदलाव होने जा रहे है। जिससे अब स्टॉफ और डॉक्टरों को परेशानी नहीं होगी। दरअसल, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने 31 जुलाई तक सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में ‘इंटीग्रेटेड हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम’ (IHMS) के ‘डॉक्टर डेस्क मॉड्यूल’ को लागू करने के निर्देश दिए है। इस नई व्यवस्था के बाद मरीजों को न केवल बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी, बल्कि उनका पूरा उपचार इतिहास एक क्लिक पर उपलब्ध होगा। ​सुरक्षित रहेगा इलाज का रिकॉर्ड अक्सर ऐसा होता है कि मरीज अस्पताल की पुरानी पर्ची और जांच रिपोर्ट खो देते है या फिर साथ लेकर नहीं आते है। जिससे दोबारा इलाज शुरू करते समय पुरानी जानकारियां नहीं मिल पाती। अब डॉक्टरों के साथ-साथ मरीजों का भी इस समस्या का समाधान हो गया है। नई व्यवस्था में प्रत्येक मरीज का आभा (ABHA) लिंक्ड इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (EHR) तैयार किया जाएगा। इससे ये फायदा होगा कि मरीज प्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल में जाता है, तो डॉक्टर कंप्यूटर के जरिए उसका पिछला उपचार और जांच आसानी से देख सकेंगे। ​डॉक्टरों का काम होगा आसान ​चिकित्सा विभाग ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल व्यवस्था के दौरान डॉक्टरों को अतिरिक्त बोझ महसूस न हो, इसके लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। डेटा एंट्री के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर, जीएनएम, नर्सिंग स्टाफ और इंटर्न की सेवाएं ली जाएंगी। हालांकि, उपचार का निर्णय, दवाओं का चयन और अंतिम ई-प्रिस्क्रिप्शन की जिम्मेदारी पूरी तरह से संबंधित चिकित्सक की ही होगी। ​प्रत्येक चिकित्सक को लॉगिन आईडी, कंप्यूटर, इंटरनेट और अन्य तकनीकी सुविधाएं विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी। ​अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ी ​चिकित्सा विभाग ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) और प्रमुख चिकित्सा अधिकारियों (PMO) को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे 31 जुलाई तक अपने अधीन आने वाले सभी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में इस मॉड्यूल का 100 प्रतिशत संचालन सुनिश्चित करें। ​जिले के अधिकारियों ने बताया- स्वास्थ्य संस्थानों में कंप्यूटर, लैपटॉप, टैबलेट या आईटी उपकरणों की कमी होने पर उनकी तुरंत खरीद की जाएगी। साथ ही, स्टाफ को तकनीकी प्रशिक्षण और हैंडहोल्डिंग सपोर्ट देने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। पूरी प्रक्रिया पेपरलेस और स्मार्ट होगी डॉ. छोटेलाल गुर्जर, सीएमएचओ ने बताया-​ मरीजों की सुविधा के लिए हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। डॉक्टर डेस्क मॉड्यूल के लागू होने से सरकारी अस्पतालों में इलाज की पूरी प्रक्रिया पेपरलेस और स्मार्ट हो जाएगी। जिला और ब्लॉक स्तर पर तकनीकी टीमें लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं ताकि 31 जुलाई के बाद किसी भी मरीज को डिजिटल रिकॉर्ड में कोई असुविधा न हो।

अब गांवों में श्मशानों तक पहुंचने के रास्ते देगी सरकार:जमीन आरक्षित होगी, अतिक्रमण हटेंगे; राजस्व विभाग ने कलेक्टर्स को दिए आदेश

प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में श्मशानों की जमीनों और उन तक पहुंचने के लिए अब रास्ते बनाए जाएंगे, वहीं श्मशानों की जमीन राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज होगी। कई जगह श्मशानों की जमीन राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होने से विवाद होते हैं। सरकार ने इन विवादों को खत्म करने का फैसला किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे ग्रामीण सेवा शिविरों में श्मशान की जमीनों को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। साथ ही श्मशानों तक पहुंचने के लिए रास्ते खुलवाए जाएंगे। इसको लेकर राजस्व विभाग ने सभी कलेक्टर्स को चिट्ठी लिखकर श्मशानों की जमीनों का रिकॉर्ड सुधारकर उन तक पहुंचने केच लिए रास्ते बनाने के आदेश दिए हैं। राजस्व विभाग की चिट्ठी के अनुसार प्रदेश के कई गांवों में श्मशान चालू हैं, लेकिन श्मशान की जमीन राजस्व रिकॉर्ड (जमाबंदी) में दर्ज नहीं है। कई जगहों पर श्मशान की जमीन का कानूनी रूप से आरक्षण नहीं होने के कारण अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कामों में सामाजिक असुविधा, अतिक्रमण और जमीन विवाद जैसे मामले सामने आते हैं। कलेक्टरों को आदेश, श्मशान तक पहुंचने के रास्ते खुलवाएं श्मशान की जमीनों से जुड़े विवादों को ग्रामीण सेवा शिविरों में सुलझाया जाएगा। जिन श्मशानों की जमीन का सरकारी रिकॉर्ड में जिक्र नहीं है, उन श्मशानों की जमीन को सरकारी जमाबंदी में दर्ज करने के आदेश दिए हैं। गांवों में श्मशान की जमीनों का भौतिक सत्यापन करते हुए सीमांकन करना होगा। श्मशानों से अतिक्रमण हटाने होंगे। श्मशान की जमीन का नाप जोख कर सरकारी जमाबंदी में रिकॉर्ड दर्ज करना होगा। राजस्व विभाग ने श्मशानों तक रास्ते खुलवाकर उन्हें पंचायतों के सुपुर्द करने के आदेश दिए हैं। नए श्मशानों के लिए जमीन आवंटित होगी राजस्व विभाग ने कलेक्टरों को गांवों में श्मशानों के लिए जमीन आरक्षित करने को कहा है। जहां श्मशान के लिए जमीन की आवश्यकता है वहां जमीन आरक्षित कर श्मशान के लिए आवंटित की जाएगी। यह काम आगे भी जारी रखने को कहा है। दाह संस्कार को लेकर होते हैं विवाद ग्रामीण क्षेत्रों में श्मशानों तक पहुंचने के रास्ते नहीं होने के कारण कई बार विवाद होते हैं, इन विवादों को टालने के लिए ही श्मशान तक पहुंचने के रास्ते सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करने और श्मशानों से अतिक्रमण हटवाने का फैसला किया है। कई जगह श्मशानों की जमीन राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है, इस वजह से विवाद होते हैं।

चित्तौड़गढ़ में गजेंद्र सिंह जोधा बने नए एडिशनल एसपी:दो महीने पहले आए मुकुल शर्मा का हुआ ट्रांसफर; 6 पुलिस इंस्पेक्टर भी जिले में लगाए

चित्तौड़गढ़ जिले की पुलिस व्यवस्था में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। राजस्थान सरकार ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) स्तर के 49 अधिकारियों के तबादले किए हैं, जिसका असर चित्तौड़गढ़ जिले पर भी पड़ा है। जिले में मई महीने में ही पदभार संभालने वाले अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा का महज दो महीने के अंदर ही तबादला ग्रामीण उदयपुर कर दिया गया है। उनकी जगह प्रतापगढ़ में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत गजेंद्र सिंह जोधा को चित्तौड़गढ़ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी के साथ उदयपुर रेंज में पुलिस निरीक्षकों के स्तर पर भी बदलाव किया गया है और चित्तौड़गढ़ जिले को छह नए थाना अधिकारी मिल सकते हैं। लगातार हुए इन तबादलों को जिले की पुलिस व्यवस्था में नए सिरे से जिम्मेदारियां तय करने के तौर पर देखा जा रहा है। मुकुल शर्मा उदयपुर रवाना, गजेंद्र सिंह जोधा संभालेंगे जिम्मेदारी संयुक्त शासन सचिव (पुलिस) मनीष गोयल की ओर से जारी तबादला सूची में मुकुल शर्मा को चित्तौड़गढ़ से ग्रामीण उदयपुर भेजा गया है। मुकुल शर्मा मई महीने में ही चित्तौड़गढ़ आए थे और उनका कार्यकाल करीब दो महीने का ही रहा। अब उनकी जगह गजेंद्र सिंह जोधा को लगाया गया है। वर्तमान में जोधा प्रतापगढ़ में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। वे नागौर जिले के रहने वाले हैं और वर्ष 2011 बैच के अधिकारी हैं। चित्तौड़गढ़ से उनका पुराना जुड़ाव भी रहा है, क्योंकि इससे पहले वे यहां पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। ऐसे में जिले की भौगोलिक स्थिति और पुलिस व्यवस्था से उनकी पहले से अच्छी पहचान मानी जा रही है, जिसका फायदा उनके नए कार्यकाल में देखने को मिल सकता है। छह नए पुलिस निरीक्षक भी पहुंचे, कई थानों में बदलेगी जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के तबादले के साथ ही उदयपुर रेंज में पुलिस निरीक्षकों के स्तर पर भी फेरबदल किया गया है। इस संबंध में उदयपुर रेंज के आईजी गौरव श्रीवास्तव ने आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत रूप सिंह जाटव को उदयपुर से चित्तौड़गढ़ भेजा गया है। प्रवीण टांक का तबादला प्रतापगढ़ से चित्तौड़गढ़ किया गया है, जबकि रंजीत सिंह को सलूंबर से चित्तौड़गढ़ लगाया गया है। इसके अलावा पदस्थापन की प्रतीक्षा में चल रहे सुमन कुमार को भी चित्तौड़गढ़ में नियुक्ति मिली है। जयपुर पुलिस आयुक्तालय से रजनीश कुमार को चित्तौड़गढ़ भेजा गया है, वहीं गेहरी लाल का तबादला खेरवाड़ा से चित्तौड़गढ़ किया गया है। इन अधिकारियों की तैनाती के बाद जिले के कई थानों और पुलिस इकाइयों में जिम्मेदारियों का नया बंटवारा होने की संभावना है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इन अधिकारियों को अलग-अलग थानों और शाखाओं में पदस्थापित किया जाएगा, जिससे जिले की कानून व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली को और मजबूत करने की कोशिश होगी।

ट्रांसफर के लास्ट दिन 1653 प्रिंसिपल बदले:सालों से शहर में जमे कर्मचारियों को गांव भेजा, कई को गृह जिले में मिली पोस्टिंग

ट्रांसफर के आखिरी दिन शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लेते हुए एक ही आदेश में 1653 सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल बदल दिए। कई साल से शहरों में जमे प्रिंसिपलों को गांवों में भेजा गया है, जबकि दूर-दराज के जिलों में काम कर रहे कई प्रिंसिपलों को उनके गृह जिले में पोस्टिंग मिली है। सभी को अगले 10 दिन के भीतर नए स्कूल में जॉइन करना होगा। शुरुआत में विभाग ने करीब 500 प्रिंसिपलों की लिस्ट तैयार की थी, लेकिन अंतिम दो दिन में यह संख्या बढ़ा दी गई। शुक्रवार सुबह 5:49 बजे माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने इस लिस्ट पर ई-हस्ताक्षर किए। प्रदेश के सभी जिलों में हुए बदलाव
आदेश के तहत प्रदेश के सभी जिलों में प्रिंसिपलों के ट्रांसफर किए गए हैं। खास बात यह रही कि कांग्रेस सरकार के समय शहर से गांव और गांव से शहर गए प्रिंसिपलों को भी बदला गया है। किसी को गृह जिला, किसी को दूर पोस्टिंग
नई लिस्ट में कई प्रिंसिपलों को दूर जिलों से उनके गृह जिले में लाया गया है, जबकि कुछ को गृह जिले से दूर इलाकों में भेजा गया है। पिछले दो साल से ट्रांसफर का इंतजार कर रहे कई प्रिंसिपलों को राहत मिली है, जबकि कुछ को इस बार भी मनचाही पोस्टिंग नहीं मिल सकी। सर्वे में लगे कर्मचारी अभी नहीं होंगे रिलीव
जिन ग्रेड सेकंड टीचर्स, लेक्चरर्स और प्रिंसिपलों की ड्यूटी ओबीसी सर्वे में लगी है, उन्हें फिलहाल रिलीव नहीं किया जाएगा। जनगणना कार्य में लगे प्रिंसिपलों को संबंधित अधिकारियों की मंजूरी मिलने के बाद ही रिलीव किया जाएगा। निदेशालय से स्कूलों में भेजे गए टीचर
लंबे समय से शिक्षा निदेशालयों में अधिकारी के रूप में काम कर रहे 20 से ज्यादा टीचर्स को वापस स्कूलों में भेजा गया है। कांग्रेस सरकार के समय निदेशालय में लगाए गए पीटीआई को भी अब स्कूलों में पोस्टिंग दी गई है।

एएसपी रैंक के 49 आरपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर:नीरज पाठक होंगे जयपुर ग्रामीण के नए ASP ; समीर दुबे को मुख्यमंत्री सतर्कता में लगाया

राजस्थान सरकार के गृह (ग्रुप-1) विभाग ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) एवं समकक्ष स्तर के अधिकारियों के बड़े स्तर पर ट्रांसफर और पदस्थापन आदेश जारी किए हैं। गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार- 49 अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से ट्रांसफर एवं पदस्थापन किया गया है। आदेश संयुक्त शासन सचिव मनीष गोयल द्वारा जारी किए गए हैं। इस फेरबदल में जयपुर पुलिस कमिश्नरेट, जोधपुर कमिश्नरेट, पुलिस मुख्यालय, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF), सीआईडी-सीबी, साइबर क्राइम, राजस्थान पुलिस अकादमी, महिला अपराध अनुसंधान सेल, अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर सहित कई महत्वपूर्ण शाखाओं में नई नियुक्तियां की गई हैं। ASP समीर को नई जिम्मेदारी एडिशनल SP समीर दुबे को मुख्यमंत्री सतर्कता में लगाया गया है। वह पहले जयपुर में ट्रैफ‍िक में थे। जयपुर ग्रामीण से रजनीश पूनिया को एडिशनल DCP वेस्ट लगाया गया है। पूनिया काफी अनुभवी अधिकारी माने जाते हैं। वेस्ट में अपराध नियंत्रण के लिए उन्हें लगाया गया है। जयपुर ग्रामीण के नए ASP नीरज पाठक नीरज पाठक एडिशनल DCP नॉर्थ को एडिशनल SP जयपुर ग्रामीण लगाया गया है। उन्होंने एडिशनल डीसीपी नार्थ रहते हुए कई मुख्य वारदातों का खुलासा किया है। आलोक सिंगल को एडिशनल DCP नॉर्थ लगाया गया है, उन्होंने जयपुर के साउथ और ईस्ट में सेवाएं दी है, उन्हें जयपुर का अच्छा खासा अनुभव है। लॉ एंड ऑर्डर और अपराध में विशेष पकड़ मानी जाती है, इसलिए उन्हें संवेदनशील इलाके में नॉर्थ में लगाया गया है। मनराज मीणा को एडिशनल एसपी डीसीपी महिला अपराध अनुसंधान सेल पश्चिम, जयपुर कमिश्नरेट की जिम्मेदारी मिली है। महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध के रोकथाम और त्वरित कानूनी कार्रवाई करेंगे। अलोक कुमार सिंघल को अतिरिक्त उपायुक्त जयपुर कमिश्नरेट के पद पर लगाया नीलकमल मीना को एएसपी, लीव रिजर्व, सिविल राइट्स, पुलिस मुख्यालय, जयपुर, हिम्मत सिंह को एएसपी, बौंली (सवाई माधोपुर), रोशनलाल पटेल को डिप्टी कमांडेंट, महाराणा प्रताप बटालियन, आरएसी, प्रतापगढ़, डॉ. प्रेरणा शेखावत को एएसपी, वैर (भरतपुर), सुरेश कुमार को एएसपी, उच्चैन (भरतपुर), ओमप्रकाश मीना को एएसपी, एटीएस, मुख्यालय जयपुर, माधुरी वर्मा को कमांडेंट, पीटीएस, खैरवाड़ा (उदयपुर), समीर कुमार दुबे को एएसपी, सीएम विजिलेंस, रजनीश पुनिया को अतिरिक्त उपायुक्त (यातायात पश्चिम) जयपुर कमिश्नरेट, नीरज पाठक को एएसपी (मुख्यालय), जयपुर ग्रामीण और अलोक कुमार सिंघल को अतिरिक्त उपायुक्त (उत्तर-प्रथम) जयपुर कमिश्नरेट के पद पर लगाया गया है। जयपुर में हुए प्रमुख बदलाव जोधपुर कमिश्नरेट में बदलाव अन्य प्रमुख तबादले इनका भी हुआ ट्रांसफर इनको मिली नई जिम्मेदारी दो पुराने तबादला आदेश किए निरस्त गृह विभाग ने 7 मई 2026 को जारी स्थानांतरण आदेश में दो अधिकारियों के तबादले भी निरस्त कर दिए हैं। इनमें चांदमल का विभागीय जांच प्रकोष्ठ, पुलिस मुख्यालय, जयपुर में किया गया स्थानांतरण निरस्त किया गया। राजेश कुमार गुप्ता का जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में पूर्व अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त के पद पर किया गया स्थानांतरण भी निरस्त कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी स्थानांतरण एवं पदस्थापन तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। देखिए ट्रांसफर लिस्ट

पति के सामने पत्नी किडनैप, थाने जाकर बोली-मैंने प्लानिंग की:शादी के बाद ससुराल नहीं गई; आरोप- परिवार ने घर में कैद करके रखा

जयपुर में युवक से मारपीट के बाद बदमाश उसकी पत्नी का किडनैप कर ले गए। ब्रेजा कार में आए चार बदमाशों में से दो ने विवाहिता को जबरन गाड़ी में डाला। वहीं दो बदमाशों ने उसके पति की जमकर पिटाई की। हाथापाई होते देख भीड़ ने दो बदमाशों को पकड़कर पुलिस को सौंपा। पति की रिपोर्ट पर उसकी पत्नी की तलाश में पुलिस जुटी। इस बीच वह खुद थाने पहुंच गई। उसने पुलिस को कहा कि अपने किडनैप की पूरी प्लानिंग उसने खुद की थी। वो इस शादी से खुश नहीं थी। पढ़िए- क्या है पूरा मामला पत्नी को अजमेर से जयपुर लेकर आ रहा था पति मालपुरा थाने के एएसआई वेद प्रकाश ने बताया- जयपुर में रहने वाले 28 साल के युवक ने अपनी पत्नी के किडनैपिंग का मामला दर्ज करवाया था। रिपोर्ट में बताया था कि अप्रैल-2026 में उसकी शादी अजमेर की रहने वाली लड़की से हुई थी। शादी के बाद से ही पत्नी अपने पीहर में रह रही थी। कुछ दिन पहले ही पत्नी को लेने वह ससुराल अजमेर गया था। 7 जुलाई को पत्नी को अजमेर से जयपुर लेकर आ रहा था। रोडवेज बस ने सुबह करीब 9 बजे हमें मालपुरा गेट बस स्टेंड पर उतार दिया। दोनों उतरकर कैब का इंतजार कर रहे थे। इस दौरान एक ब्रेजा कार तेजी से हमारे आगे आकर रुकी। ब्रेजा कार में आए बदमाश पत्नी को लेकर भागे कार में बैठ चार जनों में से दो नीचे उतरकर आए। दोनों बदमाशों ने पत्नी को पकड़ जबरन कार में बैठा दिया। वहीं दो बदमाशों ने मेरे से हाथापाई की। शोर-शराबा और चिल्लाने की आवास सुनकर भीड़ इकट्ठा हो गई। भीड़ ने दोनों बदमाशों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने दोनों बदमाशों को शांतिभंग में गिरफ्तार कर जांच शुरू की। पढ़िए- कैसे की प्रेमी के साथ किडनैपिंग की प्लानिंग की थाने आकर बोली- मैंने की थी किडनैपिंग की प्लानिंग पुलिस ने बताया कि विवाहिता की तलाश की जा रही थी। इस बीच 9 जुलाई को वह खुद थाने आ गई। उसने खुद सहमति से जाने और किडनैपिंग जैसी प्लानिंग करना बताया। पुलिस जांच में सामने आया कि करीब 4-5 साल से वह एक लड़के से प्रेम करती है। दोनों ने आर्य समाज में शादी भी की थी। इस बारे में पता चलने पर परिजनों ने उसे घर में कैद कर दिया और अप्रैल-2026 में जबरन उसकी शादी दूसरे लड़के से करवा दी। शादी के बाद वह ससुराल नहीं गई और पीहर में ही रही। शादी के बाद घर से भागी, जोधपुर में मिली शादी के करीब 6 दिन बाद वह मौका मिलने पर घर छोड़कर भाग निकली। अजमेर पुलिस में परिजनों ने गुमशुदगी भी दर्ज करवाई थी। पुलिस ने करीब 45 दिन की मशक्कत कर उसे जोधपुर से ढूंढ निकाला था। युवती के मिलने के बाद घरवालों ने दोबारा उसे कैद कर लिया और जिस लड़के से उन्होंने शादी करवाई थी उसके साथ जाने का दबाव बनाने लगे। जांच में सामने आया कि युवती को इस बीच अपनी मामी का मोबाइल हाथ लग गया। उसने कॉल कर पति के साथ जयपुर भेजने के बारे में बताया। प्लान के तहत उसका बस स्टेंड से किडनैप कर भाग गए लेकिन दो बदमाश पकड़े गए।