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पुरी रथयात्रा में 10 लाख श्रद्धालु शामिल, दो की मौत:सरकार बोली- भगदड़ नहीं, बीमारी से जान गई; आज पूजा-भोग के बाद फिर शुरू होगी यात्रा

ओडिशा के पुरी में गुरुवार को लगातार बारिश के बीच भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा हुई। सरकार ने रथयात्रा के दौरान हुई दो श्रद्धालुओं की मौत पर कहा कि दोनों मौतें भगदड़ या भीड़ प्रबंधन में किसी कमी की वजह से नहीं हुईं। CMO के मुताबिक, रथयात्रा के दौरान तबीयत बिगड़ने पर 7 श्रद्धालुओं को अस्पताल पहुंचाया गया था। इनमें 60 साल के एक श्रद्धालु की मौत हुई, जिसकी वजह का अभी पता लगाया जा रहा है। वहीं, 35 वर्ष से ज्यादा उम्र के दूसरे श्रद्धालु की हार्ट अटैक से मौत हुई। राज्य सरकार के मुताबिक, रथयात्रा में करीब 10 लाख श्रद्धालु शामिल हुए। देर शाम तक महाप्रभु जगन्नाथ का रथ 200 मीटर, भगवान बलभद्र का रथ 500 मीटर और देवी सुभद्रा का रथ 700 मीटर बढ़कर रुक गया। अब शुक्रवार सुबह 9:30 बजे पूजा-भोग के बाद रथ यात्रा फिर शुरू होगी। पुरी रथयात्रा की 3 तस्वीरें… सुबह से बारिश थी, ​थमते ही धक्का-मुक्की से श्रद्धालुओं का दम घुटने लगा पुरी में गुरुवार सुबह से बारिश हो रही थी। कई अनुष्ठान भी पानी के बीच हुए। शाम 5 बजे रथ आगे बढ़े। एक घंटा ही बीता था कि बारिश रुक गई। जो श्रद्धालु लॉज या होटल में रुके थे, वे भी इकट्‌ठा होने लगे। इसके चलते रथों के आसपास भीड़ बढ़ी और धक्का-मुक्की होने लगी। दरअसल, मौसम विभाग ने रथ यात्रा के दौरान भारी बारिश का अंदेशा जताया था। तमाम तैयारियों के बावजूद पुलिस-प्रशासन का अनुमान था कि बारिश के चलते श्रद्धालु रथ यात्रा में शामिल होने से बचेंगे। लेकिन, बारिश थमते ही भीड़ बेकाबू हो गई। रथ यात्रा मार्ग पर हालात ये थे कि श्रद्धालु एक-दूसरे पर गिर रहे थे। रथयात्रा के दौरान 4 चूक हुई जिससे भगदड़ जैसे हालात हुए
गुंडिचा मंदिर क्यों जाते हैं जगन्नाथ? पुरी रथयात्रा: जानिए तीनों रथ तालध्वज, देवदलन और नंदीघोष के बारे में
—————————— यह खबर भी पढ़ें… पुरी रथयात्रा- 6 महीने पहले से होटल बुकिंग: ₹1500 वाले कमरों की ₹50 हजार में बुकिंग ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा से पहले ही शहर के सभी होटल और लॉज फुल हो गए थे। जिला प्रशासन के मुताबिक, इस साल फरवरी से ही बुकिंग शुरू हो गई थी। मांग बढ़ने के कारण पिछले साल के मुकाबले होटल और लॉज का किराया 10 गुना तक बढ़ गया। जिन लॉज का सामान्य किराया 1500 से 2000 रुपए था, वे रथयात्रा के दौरान तीन दिन के लिए 50 हजार रुपए तक में बुक हुए। पूरी खबर पढ़ें…

अमृतसर में बॉयफ्रेंड को जिंदा जलाने वाली युवती का VIDEO:पेट्रोल लेकर घर पहुंची, युवक हाथ जोड़ता रहा, वह पैर पर पैर रख अंगुली दिखाती रही

अमृतसर में बॉयफ्रेंड को पेट्रोल डालकर जलाने वाली युवती 3 दिन पहले भी उसे जान से मारने की नीयत से उसके घर पहुंची थी। उस समय उसने युवक के परिजन को बताया था कि पेट्रोल गुरुद्वारे में दान करना है। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी परिवार ने शेयर किया है। फुटेज में युवती लड़के के घर के पास स्थित फोटोस्टेट की दुकान में दिखाई दे रही है। वीडियो में युवक हाथ जोड़कर युवती से विनती करता नजर आ रहा है। जबकि, युवती काउंटर पर पैर रखकर कुर्सी पर बैठी दिखाई देती है। वह उसे बार-बार उंगलियां दिखाकर धमका रही थी। करीब 10 मिनट के बाद युवती वहां से चली गई। इसके बाद, 15 जुलाई को युवती ने युवक को अपने घर बुलाया। वहां इनमें किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। इसके बाद युवती ने अपने चचेरे भाई की मदद से युवक को बांधा और उस पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। इसके बाद पुलिस को आत्महत्या की सूचना दी। पुलिस ने युवती और उसके चचेरे भाई समेत 4 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार किया है। मृतक के भाई ने युवती की यह जानकारी दी सरपंच बोले- रस्सियों से बांधकर जलाया होगा मनदीप के साथ मौके पर पहुंचे गांव बल खुर्द के सरपंच जसविंदर सिंह ने भी बताया कि जब वह घटनास्थल पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि जहां संदीप की लाश पड़ी थी, वहां प्लास्टिक की रस्सियां एक तरफ बंधी हुई थीं। उन्हें पूरा शक है कि संदीप को पहले बांधा गया और फिर उसे जलाया गया। सरपंच ने कहा- आग लगने के बाद जब रस्सियां पिघली होंगी तो संदीप ने खुद को बचाने की कोशिश की होगी। इसी दौरान उस पर तेजधार हथियारों से वार किए गए, जिनके निशान संदीप के सिर पर भी मौजूद थे। इसी दौरान युवती और उसका भाई भी झुलसे होंगे, क्योंकि संदीप ने खुद को बचाने की कोशिश की होगी। SHO बोले- युवती को युवक की शादी का पता चल गया था वहीं, मजीठा थाने के SHO करमपाल सिंह ने कहा कि गांव बल खुर्द के निवासी संदीप सिंह को युवती ने बुलाकर परिवार के साथ वारदात को अंजाम दिया। संदीप और मजीठा की रहने वाली युवती राजविंदर कौर पहले से एक-दूसरे को जानते थे और दोनों के बीच प्रेम संबंध थे। दोनों एक साथ काम कर चुके थे। पुलिस के मुताबिक, संदीप की शादी करीब 2 महीने पहले हो गई थी। इसका जब राजविंदर कौर को पता चला तो संदीप को घर बुलाया। बुधवार को संदीप बाइक पर मजीठा में उसके घर पहुंचा। इसी दौरान दोनों में कुछ देर बातचीत के बाद बहस हो गई, जिससे वहां हंगामा शुरू हो गया। SHO ने कहा- युवती ने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर संदीप के ऊपर पेट्रोल डाल दिया। फिर गुस्से में आई युवती राजविंदर कौर और उसके चचेरे भाई हरपाल सिंह ने संदीप को आग लगा दी। 4 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।

देश के 60% हिस्से में फिर बादल छाए:यूपी-बिहार में 7 दिन तेज बारिश का अलर्ट; जम्मू-कश्मीर में 15 दिन में 16 बार बादल फटे

देश के करीब 50-60% हिस्से में फिर बादल छाए दिख रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया की वजह से यूपी, बिहार समेत पूर्वोत्तर में बारिश हो रही है। यहां अगले 7 दिनों में तेज बारिश का अलर्ट है। वहीं ऑल इंडिया वेदर के मुताबिक भूमध्य रेखा के पास भी एक और सिस्टम एक्टिव हो रहा है। इन दो नए सिस्टम के एक्टिव होने से 20 से 30 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश समेत उत्तर और मध्य भारत में बारिश की संभावना है। जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून आने के बाद जम्मू-कश्मीर में 15 दिनों में 16 बार बादल फटे हैं। कश्मीर मौसम केंद्र के मुताबिक, आने वाले दिनों में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं। तमिलनाडु में आज हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। अल नीनो की वजह से बारिश कम होने से जुलाई में भी तापमान सामान्य से ज्यादा बना हुआ है। सैटेलाइट इमेज में देखें देश में मानसून की स्थिति… देखें राज्यों में बारिश का अलर्ट… देशभर में मौसम से जुड़ी तस्वीरें…

देशभर के मौसम के हाल के लिए नीचे दिए गए ब्लॉग को पढ़ सकते हैं…

खबर हटके- रेस्टोरेंट का ऑफर, अजगर के बदले पिज्जा फ्री:कीड़े पकड़ने पर पैसे दे रही सरकार; दुनिया की सबसे बड़ी गुल्लक, जिसके अंदर जाते हैं लोग

कोलंबिया में दुनिया की सबसे बड़ी गुल्लक बनाई गई है, जिसके अंदर लोग घूम सकते हैं। वहीं, अमेरिका के एक रेस्टोरेंट ने अजगर के बदले फ्री पिज्जा दिया जा रहा है। इधर, मध्य प्रदेश सरकार कीड़े पकड़ने के लिए लोगों को रुपए दे रही है। रुस में लोग आईफोन तोड़ने का वीडियो बना रहे है। वहीं, बिहार में एक महिला ने 10 फीट लंबे किंग कोबरा को गले में लपेट लिया। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

कनाडा सरकार का पंजाबियों को झटका:PR होने पर भी पेरेंट्स, दादा-दादी को साथ नहीं बसा पाएंगे; अब सिर्फ सुपर वीजा का सहारा

कनाडा में रह रहे लाखों भारतीयों, खासकर पंजाबी समुदाय को बड़ा झटका लगा है। कनाडा सरकार ने 15 जुलाई 2026 से पेरेंट्स एंड ग्रैंडपेरेंट्स प्रोग्राम (PGP) के तहत नई स्पॉन्सरशिप अर्जियाें पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। इससे अब कनाडा में PR हासिल कर चुके नए आवेदक अपने माता-पिता और दादा-दादी को स्थायी निवास (PR) दिलाने के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे। हालांकि, 15 जुलाई या उससे पहले जमा किए गए आवेदनों की प्रोसेसिंग पहले की तरह जारी रहेगी। इसका सबसे ज्यादा असर पंजाब पर पड़ेगा, क्योंकि कनाडा में बसे भारतीयों में बड़ी हिस्सेदारी पंजाबियों की है। दोआबा और मालवा के हजारों परिवारों के सदस्य कनाडा में रहते हैं और PGP उनके लिए माता-पिता को स्थायी रूप से साथ बसाने का सबसे बड़ा माध्यम रहा है। 4 पॉइंट में समझिए पूरा फैसला क्यों लिया गया फैसला
IRCC के मुताबिक PGP में आवेदन की मांग लगातार उपलब्ध जगहोंसे ज्यादा रही है। इससे हजारों आवेदन वर्षों से लंबित हैं। विभाग का कहना है कि नई स्पॉन्सरशिप पर रोक लगाने का उद्देश्य मौजूदा बैकलॉग कम करना, प्रोसेसिंग तेज करना और इमिग्रेशन सिस्टम को व्यवस्थित रखना है। सरकार ने 2026-2028 इमिग्रेशन लेवल प्लान के तहत 2026 में 15 हजार पेरेंट्स-ग्रैंडपेरेंट्स आवेदनों को स्थायी निवास (PR) देने का लक्ष्य रखा है। पंजाबियों पर सबसे ज्यादा असर क्यों
कनाडा में पढ़ाई और रोजगार के लिए सबसे ज्यादा जाने वालों में पंजाबियों की बड़ी हिस्सेदारी रही है। बड़ी संख्या में लोग PR मिलने के बाद अपने माता-पिता और दादा-दादी को PGP के जरिए स्थायी रूप से बुलाने की योजना बनाते थे। इस फैसले के बाद 3 बड़े असर हो गए हैं। पहला- हजारों परिवारों की फैमिली सेटलमेंट योजना फिलहाल रुक गई। दूसरा- नए आवेदकों के लिए PR स्पॉन्सरशिप का रास्ता बंद हो गया। तीसरा- अब परिवारों को सुपर वीजा पर ही निर्भर रहना होगा। इस फैसले के बाद अब क्या विकल्प बचा?
इसका जवाब है सुपर वीजा, एक बार में 5 साल तक कनाडा में रह सकते हैं। वीजा 10 साल तक वैध रहता है। इसमें मल्टीपल एंट्री की सुविधा मिलती है। जरूरत पड़ने पर कनाडा में रहते हुए रहने की अवधि बढ़ाने यानी एक्सटेंशन के लिए आवेदन किया जा सकता है। इससे PR नहीं मिलता, बल्कि लंबे समय तक रहने की अनुमति मिलती है। इस फैसले से किन लोगों को राहत?
15 जुलाई 2026 या उससे पहले आवेदन कर चुके लोगों को राहत दी गई है। पहले से प्रोसेसिंग में चल रहे सभी आवेदन जारी रहेंगे। कनाडा सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन आवेदनों को रद्द नहीं किया जाएगा। कनाडा में पंजाबी समुदाय करीब साढ़े 9 लाख
2021 की जनगणना के अनुसार पंजाबी मूल के 9.42 लाख लोग कनाडा में रहते थे। यह कनाडा की कुल आबादी का करीब 2.6% है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीयों, खासकर पंजाबियों का कनाडा पलायन तेजी से बढ़ा है। दोआबा और मालवा के हजारों परिवारों के सदस्य कनाडा में बसे हुए हैं, इसलिए इस फैसले का असर पंजाब में व्यापक रूप से महसूस किया जाएगा। पंजाबियों के लिए क्यों अहम है फैसला?
फैमिली रीयूनिफिकेशन कनाडा की इमिग्रेशन नीति का अहम हिस्सा है। PGP पर रोक से हजारों भारतीय और पंजाबी परिवारों की फैमिली सेटलमेंट योजना प्रभावित होगी। फिलहाल माता-पिता और दादा-दादी को लंबे समय के लिए कनाडा बुलाने का सबसे बड़ा कानूनी विकल्प सुपर वीजा ही है। एक्सपर्ट बोले- स्थायी तौर पर बंद नहीं
इमिग्रेशन एजुकेशन कंसलटेंट राजवीर चहल का कहना है कि यह PGP प्रोग्राम की स्थायी समाप्ति नहीं है। अगर भविष्य में लंबित आवेदनों का बैकलॉग कम होता है और कनाडा सरकार इमिग्रेशन लक्ष्य बढ़ाती है तो नई स्पॉन्सरशिप प्रक्रिया दोबारा शुरू की जा सकती है। फिलहाल IRCC ने इसे लेकर कोई समयसीमा तय नहीं की है।

चंडीगढ़ की 1980 से बंद VIP रोड आज फिर खुलेगी:PM मोदी का काफिला गुजरेगा; पंजाब सरकार ने SC जाकर आम लोगों की एंट्री बंद कराई

चंडीगढ़ में एक ऐसी रोड, जहां आम लोगों की एंट्री नहीं है। पिछले 45 साल से यह रास्ता बैरिकेड के पीछे बंद है। हाईकोर्ट के आदेश पर भी ये रोड नहीं खुली। हालांकि जैसे ही प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति या कोई अन्य VIP शहर में आता है, बैरिकेड हट जाते हैं। VIP काफिला बड़े आराम से गुजरता है। PM नरेंद्र मोदी आज (17 जुलाई) को यहां आ रहे हैं तो उनके लिए भी नयागांव-चंडीगढ़ बैरियर के पास स्थित 500 मीटर लंबा VIP रोड एक बार फिर खोल दिया गया। बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस सड़क में ऐसा क्या है कि हाईकोर्ट इसे खोलना चाहता है, पंजाब सरकार इसका विरोध करती है और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। आखिर कौन-सी है यह सड़क? महज 500 मीटर लंबी यह रोड नयागांव बैरियर से शुरू होकर पंजाब के मुख्यमंत्री आवास, हरियाणा मुख्यमंत्री आवास, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, पंजाब एवं हरियाणा सिविल सचिवालय, सुखना लेक और पंजाब राजभवन तक जाता है। राजेंद्र पार्क हेलीपैड से पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (PEC) और राजभवन पहुंचने का यह सबसे छोटा और सबसे सुरक्षित VIP कॉरिडोर माना जाता है। 1980 में ऐसा क्या हुआ कि सड़क बंद करनी पड़ी?
1980 में पंजाब में आतंकवाद के दौर में तत्कालीन मुख्यमंत्री की सुरक्षा को देखते हुए इस सड़क को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया। इसके बाद यहां सामान्य ट्रैफिक पूरी तरह रोक दिया गया। तभी से यह मार्ग केवल सुरक्षा एजेंसियों और VVIP मूवमेंट के लिए इस्तेमाल होता रहा है। फिर लोग इसे खुलवाने पर क्यों अड़े हैं?
इस सड़क के बंद होने का असर सिर्फ 500 मीटर तक सीमित नहीं है। नयागांव समेत करीब 25 गांवों के हजारों लोगों, वकीलों, कर्मचारियों और छात्रों को हाईकोर्ट, सचिवालय और सुखना लेक पहुंचने के लिए सेक्टर-3, 4 और 9 से लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। अगर यह सड़क खुल जाए तो हजारों लोगों का रोज का सफर छोटा हो जाएगा। टाइम और पेट्रोल-डीजल, दोनों की बचत होगी। शहर के कई बड़े चौराहों पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा। वहीं हाईकोर्ट और सचिवालय तक सीधी पहुंच मिल जाएगी। कोर्ट में मामला कैसे पहुंचा, क्या आदेश आया?
इस सड़क को खोलने की मांग नई नहीं है। 2014 में एडवोकेट रंजन लखनपाल ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा कि आतंकवाद का दौर खत्म हो चुका है, इसलिए सड़क खोल दी जानी चाहिए। करीब 10 साल तक चली सुनवाई के बाद 1 मई 2024 को हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन को इस सड़क को ट्रायल आधार पर खोलने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि वर्किंग डेज में सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक लोगों को यहां से गुजरने दिया जाए और चंडीगढ़ पुलिस ट्रैफिक प्लान तैयार करे। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने यह भी माना कि सड़क बंद रहने से हजारों लोगों को रोजाना बेवजह लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। अदालत ने मुख्यमंत्री आवास और सड़क के बीच मौजूद ग्रीन बफर का भी जिक्र किया था। फिर पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट क्यों पहुंची?
हाईकोर्ट के आदेश का पंजाब सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन ने कड़ा विरोध किया। सरकार का कहना था कि मुख्यमंत्री आवास के सामने आम ट्रैफिक शुरू करना सुरक्षा के लिहाज से जोखिम भरा होगा। अदालत में यह दलील भी दी गई कि सुरक्षा एजेंसियों को हर बार सफल होना पड़ता है, जबकि आतंकियों को केवल एक बार सफल होना होता है। इसके बाद पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची और 3 मई 2024 को हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लग गई। तब से यह सड़क फिर आम लोगों के लिए बंद है। PM मोदी के लिए बार-बार यही सड़क क्यों चुनी जाती है?
यह पहली बार नहीं है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस रोड से गुजरेंगे। इससे पहले भी 3 दिसंबर 2024 को चंडीगढ़ आए थे, तब भी उनके काफिले ने इसी रोड का इस्तेमाल किया था। सुरक्षा एजेंसियां हर दौरे में कई रूट का आकलन करती हैं, लेकिन आखिरकार इसी रोड को प्राथमिकता देती हैं। वजह सिर्फ इसकी लंबाई नहीं, बल्कि इसका पूरा सुरक्षा कॉरिडोर है। इसके पीछे की 5 बड़ी वजहें हैं…. सबसे बड़ा सवाल… क्या कभी आम लोगों के लिए खुलेगी?
फिलहाल इसका जवाब नहीं है। मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। जब तक अदालत या सरकार कोई नया फैसला नहीं लेती, यह सड़क आम लोगों के लिए बंद रहेगी। हां, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति या अन्य VVIP मूवमेंट के दौरान सुरक्षा जरूरतों के मुताबिक इसे अस्थायी रूप से खोला जाता रहेगा।

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जींद-सोनीपत के बीच चलेगी:PM मोदी कुछ देर में हरी झंडी दिखाएंगे; भारत ऐसा करने वाला दुनिया का 5वां देश

देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुक्रवार को हरियाणा के जींद और सोनीपत रेलवे स्टेशन के बीच चलेगी। पीएम नरेंद्र मोदी जींद रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए हैं। कुछ देर में वह ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। PM के साथ रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, मुख्यमंत्री नायब सैनी और गवर्नर प्रो. असीम घोष मौजूद हैं। 10 कोच वाली यह ट्रेन इस रूट पर 14 स्टेशन के बीच मैक्सिमम 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। किराया 5 से 25 रुपए के बीच होगा। इस रूट पर 89 किमी का सफर 2 घंटे में तय होगा। इसके बाद पीएम जींद में रैली को संबोधित करेंगे। यहां वे एलिवेटेड रेलवे ट्रैक, दो मेडिकल कॉलेजों समेत 9 प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही हाइड्रोजन फ्यूल से ट्रेन शुरू करने वाला भारत दुनिया का पांचवां देश बन जाएगा। फिलहाल जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन और चीन में ही हाइड्रोजन ट्रेन चलती हैं। एक बार फ्यूल भरने के बाद ट्रेन 356 किमी चलेगी PM मोदी के दौरे के पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

नीट यूजी का रिजल्ट, टॉप-10 में राजस्थान के 2 स्टूडेंट्स:आंसर-की जारी होने के कुछ घंटे बाद ही रिजल्ट जारी; वेबसाइट क्रेश

एनटीए ने गुरुवार देर रात नीट यूजी का रिजल्ट जारी कर दिया है। राजस्थान के 25 शहरों में इस परीक्षा का आयोजन किया गया था। 577 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया गया था। दो दिन पहले रिकोर्डेड रिस्पोंस की जारी होने के बाद से स्टूडेंटस को रिजल्ट का इंतजार था। एनटीए ने फाइनल आसंर-की जारी की और उसके कुछ मिनट बाद ही रिजल्ट जारी कर दिया है। जारी परिणामों के अनुसार सफल स्टूडेंटस में 58 फीसदी से ज्यादा छात्राएं हैं। इस साल 138 उम्मीदवारों ने 720 में से 690 से ज्यादा अंक हासिल किए। इनमें 93% से ज्यादा अभ्यर्थी पहली बार परीक्षा देने वाले थे, जबकि 99% टॉप रैंकर्स की उम्र 17 से 19 साल के बीच है। 13 भाषाओं में हुई थी परीक्षा नीट परीक्षा 13 भाषाओं में हुई थी और देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अभ्यर्थी इसमें शामिल हुए थे। कोटा से अभी तक देखे गए रिजल्ट के अनुसार टॉप टेन में दो स्टूडेंट शामिल है। रिजल्ट आने के बाद से ही स्टूडेंटस वेबसाइट पर लॉगिन कर रहे है, जिसके चलते रिजल्ट पेज भी क्रेश हो रहा है। इधर, परिणाम देखने का दौर शुरू हो चुका है। कोटा से माना जा रहा है कि टॉप टेन में स्टूडेंटस शामिल है। श्रेणी-वार सफल उम्मीदवार

346 महात्मा गांधी स्कूलों में हिंदी माध्यम शुरू होगा:टोंक की 5 स्कूलें भी शामिल; डीईओ से सात दिन में मांगी रिपोर्ट

राजस्थान में कम नामांकन वाले 346 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में हिंदी माध्यम भी शुरू हो गया है। इसमें टोंक जिले की पांच स्कूलें भी शामिल हैं। शिक्षा विभाग ने हिंदी माध्यम में एडमिशन के लिए भी आदेश जारी कर दिए हैं। सभी जिलों से सात कार्य दिवस में रिपोर्ट और प्रस्ताव मांगे हैं। सरकार का मानना है कि इससे कम नामांकन वाले स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ेगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। हालांकि, शिक्षक संघ ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए स्कूलों का स्वरूप बदलने के बजाय अंग्रेजी माध्यम के लिए अलग कैडर बनाकर सीधी भर्ती करने की मांग की है। शिक्षा मंत्री की मंजूरी के बाद जारी हुए आदेश राजस्थान सरकार के शिक्षा ग्रुप-1 विभाग के शासन उप सचिव आलोक जैन ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की मंजूरी के बाद आदेश जारी किए हैं। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर को भेजे पत्र में कहा है कि प्रदेश के 346 महात्मा गांधी राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों का नामांकन अत्यंत कम है। ऐसे विद्यालयों में अब हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों को भी प्रवेश दिया जाएगा। विभाग ने इन विद्यालयों को हिंदी माध्यम में संचालित करने के संबंध में नियमानुसार आवश्यक प्रस्ताव और टिप्पणी जल्द भेजने के निर्देश दिए हैं। डीईओ से सात दिन में मांगी रिपोर्ट नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के साथ शिक्षा विभाग ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट की ओर से जारी आदेश में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) से सात कार्य दिवस में विस्तृत रिपोर्ट और प्रस्ताव मांगे गए हैं। रिपोर्ट में हिंदी माध्यम शुरू करने का औचित्य, वर्तमान नामांकन की स्थिति और स्थानीय आवश्यकता का आकलन शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का कहना है कि कई क्षेत्रों में अभिभावक अब भी हिंदी माध्यम को प्राथमिकता देते हैं। ऐसे में कम नामांकन वाले अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में हिंदी माध्यम शुरू होने से प्रवेश संख्या बढ़ सकती है। तबादलों के बीच फैसले का असर यह निर्णय ऐसे समय लिया गया है, जब प्रदेश में शिक्षकों के बंपर तबादले हुए हैं। विभाग का मानना है कि माध्यम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन विद्यालयों में शिक्षकों के तबादलों और स्टाफ के पुनर्गठन पर भी असर पड़ सकता है। अंतिम निर्णय जिलों से प्राप्त रिपोर्ट और विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। शिक्षक संघ ने उठाई अलग मांग शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा कि महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों ने विद्यार्थियों को महंगी निजी स्कूलों की फीस से राहत दिलाई है। उनका कहना है कि कम नामांकन वाले स्कूलों को बंद करने या उनका स्वरूप बदलने की बजाय सरकार अंग्रेजी माध्यम के लिए अलग कैडर बनाकर सीधी भर्ती करे। इससे स्कूलों में नामांकन बढ़ेगा और शिक्षा की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि कैडर आधारित भर्ती के बाद भी नामांकन नहीं बढ़ता है, तभी कम नामांकन वाले विद्यालयों पर आगे निर्णय लिया जाए।

Re NEET यूजी एग्जाम रिजल्ट जारी:11.21 लाख कैंडिडेट्स क्‍वालिफाई, पंजाब-हरियाणा के स्‍टूडेंट्स ने टॉप किया

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने Re-NEET UG 2026 रिजल्ट जारी कर दिया है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट Re-NEET UG 2026 Result” या “NEET UG 2026 Score Card” पर जाकर रिजल्ट चेक कर सकते हैं। 11.21 लाख कैंडिडेट्स क्‍वालिफाई कुल 11.21 लाख कैंडिडेट्स रीएग्‍जाम में क्‍वालिफाई हुए हैं। छात्राओं का पास पर्सेंट छात्रों से बेहतर रहा है। इस बार 138 उम्‍मीदवारों ने 720 में से 690 से ज्‍यादा स्‍कोर किया है। पंजाब के आर्यन गुप्‍ता आर हरियाणा के पांशुल बंसल 715 नंबर के साथ कंबाइंड टॉपर बने हैं। 2 भागों में होगी काउंसलिंग : स्टूडेंट्स सोशल मीडिया पर चल रही रिजल्ट की फर्जी खबरों पर भरोसा न करें और सिर्फ ऑफिशियल अपडेट ही देखें। 21 जून को हुई थी परीक्षा री-NEET UG 2026 परीक्षा 21 जून 2026 (रविवार) को आयोजित की गई थी। यह परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से 5:15 बजे तक ऑफलाइन (OMR आधारित) मोड में हुई। इस एग्जाम के लिए 22 लाख स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इससे पहले NEET UG 2026 परीक्षा 3 मई को हुई थी, लेकिन पेपर लीक विवाद के बाद उसे रद्द कर दिया गया और री-एग्जाम कराया गया। भारत के 551 शहरों में आयोजन Re-NEET यूजी 2026 भारत के 551 शहरों में 5,440 एग्जाम सेंटर पर और विदेशों में 14 केंद्रों पर आयोजित की गई। प्रश्न पत्रों की सुरक्षा के लिए पहली बार भारतीय वायुसेना की मदद ली गई। इसके तहत C – 17 परिवहन विमान और Mi – 17 हेलिकॉप्टर के जरिये नीट पेपर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए गए। ये खबर भी पढ़ें अंडरगारमेंट्स में मोबाइल लेकर NEET एग्जाम देने पहुंची छात्रा:MBBS स्टूडेंट्स एग्जाम देते अरेस्ट; 9 पसलियां टूटने के बाद भी सृष्टि ने दी परीक्षा
रविवार 21 जून यानी को NEET का दोबारा एग्जाम हुआ। इस दौरान जहां बिहार में एक बड़े सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश हुआ। वहीं एक छात्रा अंडरगारमेंट्स में मोबाइल के साथ एग्जाम हॉल में पकड़ी गई। पूरी खबर यहां पढ़ें