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अवैध-खनन से बने गड्ढे में डूबने से चचेरे-भाइयों की मौत:एक का पैर फिसला तो दूसरा बचाने बचाने कूदा था, एक घंटे बाद निकाले जा सके शव

बाड़मेर में अवैध खनन से बने गहरे गड्ढे में पैर फिसलने से एक भाई गिर गया, उसे डूबता देख दूसरा भाई बचाने कूदा। मौके पर मौजूद तीसरे साथी ने शोर मचाया, लेकिन तब तक दोनों चचेरे भाई डूब चुके थे। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सेना को सूचना दी। एक घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों चचेरे भाइयों को बाहर निकाला जा सका। उन्हें जिला हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना बाड़मेर जिले के ग्रामीण थाना क्षेत्र के दरूड़ा गांव में शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के पास संचालित स्टोन क्रेशरों द्वारा अवैध खनन किया जाता है। खनन के कारण जमीन में गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनमें पानी भर जाता है। इसी कारण हादसा हुआ। घर से आधा किलोमीटर दूर हुआ हादसा
मृतक के चाचा सुरताराम ने बताया कि दरूड़ा गांव निवासी देवराम(18) पुत्र किशनाराम, उसका चचेरा भाई किरताराम(20) पुत्र गणेशकुमार और गांव का ही एक अन्य युवक प्रवीण किसी से मिलने के लिए घर से निकले थे। घर से करीब आधा किलोमीटर दूर स्थित स्टोन क्रेशर के पास पानी से भरे गहरे गड्ढे हैं। वहां से गुजरने के दौरान देवराम का पैर फिसल गया और वह गड्ढे में गिर गया। उसे बचाने के लिए किरताराम ने भी छलांग लगा दी, लेकिन वह भी डूब गया। दोनों को डूबता देख प्रवीण ने परिजनों और आसपास के लोगों को सूचना दी। इसके बाद जसाई से आर्मी को बुलाया गया। अवैध खनन से बने हैं 50–100 फीट गहरे गड्ढे
सुरताराम ने बताया कि दरूड़ा गांव में करीब 20–30 स्टोन क्रेशर संचालित हैं। क्रेशर संचालकों ने अवैध खनन कर जगह-जगह 50–100 फीट गहरे गड्ढे कर दिए हैं। इनमें पानी भरा रहता है। गांव जाने का रास्ता भी इन गड्ढों के पास से होकर गुजरता है, जिससे हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है। करीब एक घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलने पर आर्मी के जवान गहरे गड्ढे में उतरे और करीब एक घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों युवकों को बाहर निकाला गया। इस बीच ग्रामीण थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। दोनों को जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दोनों के परिवार किसान है। पुलिस बोली- दोनों के शव जिला हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाए हैं
ग्रामीण थाना के एएसआई ज्ञानसिंह ने बताया कि दो युवकों के डूबने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। सिविल डिफेंस और आर्मी की टीम ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया। दोनों शवों को जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

रेप-पीड़ित बच्ची का इलाज नहीं किया, सुप्रीम कोर्ट ने फटकारा:कहा- आपको डॉक्टर लिखने का हक नहीं; गाजियाबाद में चली गई थी जान

गाजियाबाद में 4 साल की बच्ची के साथ रेप और हत्या केस की शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने इलाज नहीं देने पर दो प्राइवेट अस्पतालों और उनके डॉक्टरों को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने दोनों अस्पतालों से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने को भी कहा है। चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा, ‘अगर आप अपनी ड्यूटी नहीं निभाते हैं तो आपको डॉक्टर कहलाने का कोई अधिकार नहीं है। अगर अस्पताल में सुविधा नहीं थी तो बच्ची को दूसरे अस्पताल पहुंचाना चाहिए था। क्या इसलिए इलाज नहीं किया, क्योंकि परिवार गरीब था और आपकी फीस नहीं दे सकता था?’ मामले की सुनवाई अब अगले हफ्ते होगी। पीड़िता के पिता दिहाड़ी मजदूर हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मामले की जांच कोर्ट की निगरानी में SIT या CBI से कराने की मांग की है। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि पीड़िता और उसके परिवार की पहचान गोपनीय रखी जाए और उन्हें किसी तरह से परेशान न किया जाए। अब विस्तार से पढ़िए… बेहोशी हालत में मिली थी बच्ची, खून से लथपथ थी ये मामला 16 मार्च, 2026 का है। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाला एक युवक चॉकलेट दिलाने के बहाने 4 साल की बच्ची को अपने साथ ले गया। जब बच्ची काफी देर तक घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। बाद में बच्ची खून से लथपथ और बेहोशी की हालत में मिली। परिजन उसे पहले 2 निजी अस्पतालों में लेकर पहुंचे, लेकिन आरोप है कि दोनों अस्पतालों ने भर्ती करने से इनकार कर दिया। इसके बाद बच्ची को गाजियाबाद के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस की भूमिका पर भी जताई थी नाराजगी सुप्रीम कोर्ट ने 10 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान गाजियाबाद पुलिस के रवैये पर भी सवाल उठाए थे। कोर्ट ने कहा था- पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने और जांच शुरू करने में अनावश्यक ढिलाई दिखाई। साथ ही दोनों निजी अस्पतालों- खजान सिंह मानवी हेल्थ केयर और सेंट जोसेफ (मरियम) अस्पताल से आरोपों पर हलफनामा दाखिल करने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ और नंदग्राम थाना प्रभारी को तलब किया था। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच एसआईटी कर रही है। एसआईटी में तीन वरिष्ठ महिला अधिकारी शामिल हैं। इनमें एक आईजी रैंक की अधिकारी, एक एसपी रैंक की अधिकारी और एक डीएसपी रैंक की अधिकारी हैं। रेप केस में पुलिस ने नहीं लिखी थी FIR पीड़ित पक्ष के वकील का कहना है कि घटना के बाद पुलिस ने मदद करने के बजाय बच्ची के पिता को डरा-धमकाकर चुप रहने को कहा था। FIR भी 17 मार्च को दर्ज हुई, जबकि घटना 16 मार्च की रात की थी। रेप के आरोप के बावजूद पुलिस ने शुरुआती FIR में सिर्फ हत्या की धारा लगाई। न रेप की धारा जोड़ी गई, न ही पॉक्सो एक्ट लगाया गया। 19 मार्च को मुठभेड़ में आरोपी के दोनों पैरों में लगी थी गोली मुकदमा लिखे जाने के अगले दिन 18 मार्च को पुलिस ने आरोपी गौरव प्रजापति को गिरफ्तार किया था। 19 मार्च को जब पुलिस उसे घटनास्थल पर रिकवरी के लिए ले गई थी। तभी आरोपी ने झाड़ियों में जो तमंचा छिपाकर रखा था, उससे पुलिस पर फायर किया। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। आरोपी के दोनों पैरों पर गोली लगी थी। वह घायल होकर गिर पड़ा था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया। ……………………………. संबंधित खबर पढ़िए… SIT करेगी 4 साल की बच्ची से रेप-हत्या की जांच:सुप्रीम कोर्ट ने कहा- जांच निष्पक्ष होनी चाहिए; 3 महिला अफसरों को जिम्मेदारी गाजियाबाद में 4 साल की बच्ची का रेप और हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने यूपी के डीजीपी को SIT गठित करने के निर्देश दिए हैं। यहां पढ़ें पूरी खबर

NEET में श्रीगंगानगर के सूर्यांश की AIR 465वीं रैंक:बोले- 10वीं और 12वीं की बुक्स पढ़ने से काफी मदद मिली

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG का रिजल्ट गुरुवार रात को जारी किया गया। श्रीगंगानगर के सूर्यांश मल्होत्रा की आल इंडिया 465 वीं रैंक आई है। सूर्यांश ने 720 में से 671 अंक हासिल किए हैं। कैटिगिरी में सूर्यांश की 289वीं रैंक है। सूर्यांश परफेक्ट एज्युकेशन का छात्र है। हर रोज पढ़ाई जरूरी सूर्यांश ने कहा- वह 6 से 7 घंटे रेगुलर स्टेडी करते थे। इसके साथ 10th-12th की किताबों और परफेक्ट एजुकेशन से मिले वर्कशीट और नोट्स से पढ़ने में काफी मदद मिली। जिसकी वजह से उसने एग्जाम पास कर लिया। सूर्यांश के पिता ऋषिराज मल्होत्रा सेशन कोर्ट में एलडीसी हैं और माता पूनम मल्होत्रा श्रीगंगानगर सेशन कोर्ट में क्रिमिनल एडवोकेट हैं। वहीं, नोजगे पब्लिक स्कूल की छात्रा जिया मित्तल ने ऑल इंडिया 1851वीं रैंक हासिल की है। जिया ने 645 नंबर हासिल किए हैं। इसके साथ ही आकाश इंस्टीट्यूट, श्रीगंगानगर के छात्र राघव सोएन ने 1074वीं रैंक हासिल की है। राघव के 720 में से 656 नंबर आए हैं। नीट में 11.21 लाख स्टूडेंट मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए हैं। जबकि 10 लाख स्टूडेंट 213 नंबर (कटऑफ) भी नहीं ला पाए। इस बार कटऑफ में 69 नंबर की बढ़ोतरी हुई है। राजस्थान के रहने वाले 2 स्टूडेंट टॉप-10 में हैं। उपलक्ष्य गोयल ने तीसरी और अलवर के गौरव सिंह ने 9वीं रैंक हासिल की है। पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक हासिल कर ऑल इंडिया टॉप किया। कोटा में रहकर कोचिंग करने वाले बिहार के आयुष बालोटिया की चौथी रैंक है। नीट का एक्जाम क्रैक करने वाले स्टूडेंट्स की दैनिक भास्कर फोटो पब्लिश करेगा। इन नंबरों पर भेजें अपनी फोटो-9413166980

स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद 30 बच्चे बीमार:उल्टी, पेट दर्द और घबराहट की शिकायत के बाद अस्पताल में कराया भर्ती

बारां जिले में मिड-डे मील खाने के बाद 30 स्कूली बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। उल्टी, पेट दर्द और घबराहट होने पर बच्चों को तत्काल एंबुलेंस और निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत में सुधार है। मामला अटरू ब्लॉक स्थित केरवालिया देवपुरा के सरकारी स्कूल का है। डीईओ सीताराम गोयल ने बताया- गवर्नमेंट प्राथमिक स्कूल केरवालिया देवपुरा में शुकवार दोपहर को 43 बच्चों में से 38 ने मिड-डे मील खाया था। भोजन के बाद करीब 30 बच्चों को उल्टी, पेट दर्द और घबराहट की शिकायत हुई, जिससे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही अभिभावक भी बड़ी संख्या में स्कूल पहुंच गए। बच्चों को तुरंत एंबुलेंस और निजी वाहनों से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोठपुर पहुंचाया गया। डीईओ और एडीएम मौके पर पहुंचे घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिला शिक्षा अधिकारी सीताराम गोयल और अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) भंवरलाल जनागल ने स्थिति का जायजा लिया और बच्चों के इलाज की जानकारी ली। प्रशासन ने मिड-डे मील के सैंपल जांच के लिए सुरक्षित रखवाए हैं। संभवतया मिर्ची तेज होने के कारण बिगड़ी तबीयत जिला शिक्षा अधिकारी सीताराम गोयल ने प्रारंभिक तौर पर बताया कि खाने में मिर्ची तेज होने के कारण बच्चों की तबीयत बिगड़ी हो सकती है। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कालूलाल मीणा और डॉक्टर ओमप्रकाश सुमन ने पुष्टि की कि सभी बच्चों का अस्पताल में प्राथमिक इलाज कराया गया। तबीयत में सुधार होने पर सभी को घर भेजा इलाज के बाद बच्चों की स्थिति सामान्य होने पर उन्हें घर भेज दिया गया है। वर्तमान में कोई भी बच्चा अस्पताल में भर्ती नहीं है और सभी स्वस्थ हैं। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने का कारण भोजन था या कोई अन्य वजह। वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

सुपारी किलर ने केतन को मारने से मना किया था:अब वही सिया-चेतन के खिलाफ गवाह बनेगा, पुलिस के पास तीनों की मुलाकात के फुटेज

पुणे की सिया गोयल और चेतन चौधरी ने केतन अग्रवाल की हत्या के लिए एक सुपारी किलर से भी कॉन्टेक्ट किया था। केतन अग्रवाल मर्डर केस की जांच में यह खुलासा हुआ है। केतन के बारे में जानने के बाद सुपारी किलर डर गया था। उसने सुपारी लेने से मना कर दिया था। सिया और चेतन ने इस शख्स को पुणे की एक होटल में बुलाया था। पुलिस ने उस होटल का सीसीटीवी फुटेज भी बरामद कर लिया है। अब इसी सुपारी किलर को पुलिस कोर्ट में गवाह के तौर पर पेश करेगी। पुलिस से बचने के लिए देखे थे जापानी वीडियो पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान एक और खुलासा हुआ है कि गिरफ्तारी की खतरा को देखते हुए सिया और चेतन ने करीब दो घंटे लंबे जापानी वीडियो देखे थे। इन वीडियो में पुलिस पूछताछ के दौरान शांत रहने, हाव-भाव नियंत्रित रखने और सवालों के जवाब किस तरह देने हैं, इसकी जानकारी दी गई थी। दोनों आरोपियों की वेब हिस्ट्री से इन वीडियो के लिंक भी बरामद कर लिए गए हैं। आरोप है कि 18 जून को सिया और चेतन ने केतन को पुणे के लोहगढ़ किले से 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया था। केतन की मौके पर ही मौत हो गई थी। फिलहाल सिया और चेतन 16 जुलाई तक येरवदा जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। केतन अग्रवाल के पिता बोले- रिश्ता कराने वाले की भी जांच हो केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- हम इस दुख से उबरने के बारे में सोच भी नहीं सकते। यह दुख समंदर से भी बड़ा है। मैंने अपने इकलौते बेटे की शादी करने और उसके लिए बहू लाने का सोचा था। लेकिन आज मेरा बेटा चला गया और बेटे के जाने के सदमे के साथ ही मेरे पिता भी चले गए। उन्होंने कहा- केतन और सिया का रिश्ता उनके करीबी मित्तल परिवार ने कराया था। उन्होंने कहा था, यह लड़की हमारी है, यह बहुत संस्कारी है, तुम इसे मत देखो, हमें देखो। हमने यह शादी उनकी गारंटी पर ही तय की थी। इस मर्डर के लिए मित्तल परिवार भी बराबर का जिम्मेदार हैं। उनकी भी जांच कराई जाए। सिया ने दोस्त से कहा था- शादी जो होने नहीं वाली सिया की स्नैपचैट पर एक दोस्त से की गई बातचीत वायरल हुई थी। इसमें लिखा है- ये शादी नहीं होने वाली है। 25 मई की चैट में सिया अपनी एक दोस्त से शादी की बुकिंग के लिए आधार कार्ड मांगती है। लेकिन इसके बाद लिखा गया एक मैसेज सबसे ज्यादा चर्चा में है- ‘शादी की टिकट के लिए आधार कार्ड फ्रंट-बैक भेज दे, जो होने नहीं वाली लेकिन फिर भी भेज दे। सगाई और प्री-वेडिंग फंक्शन, सिया-केतन की 2 तस्वीरें… प्लानिंग से मर्डर तक 19 दिन में घटना को अंजाम दिया 31 मई: सिया को केतन की हत्या का प्लान सूझा: 11 फरवरी को सगाई के बाद केतन, सिया को घर लेकर आता था, साथ घुमाने ले जाता था। उसे ट्रैकिंग यानी पहाड़ी चढ़ने का शौक था। उसने सिया से ट्रैकिंग के लिए लोहगढ़ किले चलने को कहा। यहीं सिया को केतन की हत्या का प्लान सूझा। 5 जून: किले पर जाने की जिद की, केतन नहीं गया: सिया ने 4 जून को केतन से दोबारा लोहगढ़ फोर्ट जाने की जिद की। केतन नहीं माना। 6 जून को केतन, उनकी बहन, एक दोस्त और सिया के इंडोनेशिया के बाली जाने के टिकट बुक थे। पुणे पुलिस के मुताबिक बाली न जाना पड़े, इसलिए सिया ने केतन का पासपोर्ट छिपा लिया। 14 जून: पहली कोशिश, धक्का दिया, लेकिन केतन बच गया: सिया ने केतन से दोबारा किले पर चलने को कहा। पुलिस के मुताबिक 14 जून को दोनों लोहगढ़ पहुंचे। सिया ने केतन को धक्का दिया, लेकिन पेड़ का सहारा मिलने से केतन बच गया। उसने पूछा- धक्का क्यों दिया? सिया ने कहा, ‘एक सांप था, तुम्हें उससे बचाने के लिए धक्का दिया।’ केतन ने घर आकर सबको बताया कि सिया की वजह से उसकी जान बच गई। 18 जून: दूसरी कोशिश में बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर धक्का दिया: 19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए केतन ने महाबलेश्वर में एक लग्जरी रिजॉर्ट बुक किया था। सिया ने उससे पहले केतन को प्री-वेडिंग फोटोशूट की बात कहकर लोहगढ़ किले पर जाने के लिए मना लिया। इस बार पीछे-पीछे चेतन भी आया। एक जगह जब केतन पहाड़ियों की तरफ देख रहा था, तभी दोनों ने उसे पीछे से धक्का दे दिया। मर्डर से पहले सिया का मंगेतर के साथ डांस, रोमांस; 3 तस्वीरें केतन के मर्डर करने से पहले सिया ने सोशल मीडिया अकाउंट पर केतन अग्रवाल (26) के साथ कई रोमांटिक पोस्ट किए थे। कभी प्रपोजल की तस्वीरें, कभी फूल देकर प्यार जताने वाले पल, तो कभी डांस और गले मिलने के वीडियो। दोनों की नवंबर में होने वाली शादी की तैयारियां भी सोशल मीडिया पोस्ट का हिस्सा थीं। इस साल फरवरी में सगाई के बाद सिया ने इंस्टाग्राम पर एक केक की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था- मेरे दिल को उसका घर मिले एक महीना पूरा हुआ। 19 मई को सिया ने अपने जन्मदिन के काउंटडाउन की स्टोरी पोस्ट की, जिसमें दोनों एक रोमांटिक गाने पर डांस करते नजर आ रहे थे। एक पोस्ट में दोनों कार के अंदर बैठकर गले लगते दिखे। केतन ने अपने कार के अंदर और बाहर फूलों की सजावट की थी। ————————– केतल अग्रवाल मर्डर केस से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… दावा-सिया ने चेतन से 4 महीने पहले सीक्रेट मैरिज की:गवाह बनी दो सहेलियों से पूछताछ जारी, पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में सिया और चेतन को लेकर नई जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि सिया गोयल ने केतन से सगाई के बाद अपने प्रेमी चेतन चौधरी से गुपचुप शादी कर ली थी। दावा है कि शादी करीब चार महीने पहले पुणे के रजिस्ट्रार ऑफिस में हुई थी। पूरी खबर पढ़ें…

राजस्थान के 51 हॉस्पिटल RGHS से निलंबित:24 अस्पतालों पर 3 करोड़ जुर्माना; जयपुर के मणिपाल, सोनी और इंडस समेत 9 हॉस्पिटल शामिल

राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) में भ्रष्टाचार को लेकर राज्य सरकार ने 51 अस्पतालों को योजना से निलंबित कर दिया। वहीं 24 अस्पतालों पर करीब 3 करोड़ रुपए का भी जुर्माना लगाया है। इसमें जयपुर के मणिपाल, सोनी, नारायणा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, महावीर जयपुरिया हॉस्पिटल और इंडस हॉस्पिटल समेत 9 अस्पताल शामिल हैं। सरकार ने यह कार्रवाई पिछले 3 महीने में की है। आज (शुक्रवार) रिपोर्ट जारी की गई है। वहीं उदयपुर के पारस जेके हॉस्पिटल, डूंगरपुर का जील हॉस्पिटल और अजमेर के मार्बल सिटी हॉस्पिटल सहित कुल 24 अस्पतालों के खिलाफ रिकवरी और जुर्माने की कार्रवाई की। चिकित्सा मंत्री बोले- भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं किया जाएगा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि सरकार ने RGHS में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। वित्तीय अनियमितता, फर्जी क्लेम और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी है। प्रमुख शासन सचिव बोलीं- गंभीर अनियमितताएं सामने आई प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया- ऑडिट के दौरान अस्पतालों में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इनमें फर्जी या डुप्लीकेट दस्तावेज के आधार पर क्लेम, जरूरत से ज्यादा जांचें कराना, एक ही पैकेज की सेवाओं को अलग-अलग दिखाकर अतिरिक्त भुगतान लेना, आवश्यक दस्तावेज के बिना क्लेम प्रस्तुत करना और ओपीडी मरीजों को अनुचित तरीके से आईपीडी में भर्ती दिखाकर भुगतान लेना जैसी गड़बड़ियां शामिल हैं। सिस्टम को और मजबूत किया जा रहा है RGHS की अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. निधि पटेल ने सभी मामलों की विस्तृत सुनवाई कर उपलब्ध दस्तावेज और साक्ष्यों की जांच के बाद कार्रवाई के आदेश दिए। राजस्थान स्टेट हेल्थ इंश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरजीलाल अटल ने कहा- सरकार का उद्देश्य राजकोष के प्रत्येक रुपए का सही उपयोग सुनिश्चित करना है। इसके लिए ऑडिट सिस्टम को और मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा- भविष्य में भी फर्जी बिलिंग, अनियमित क्लेम, प्रक्रियागत उल्लंघन या वित्तीय गड़बड़ी सामने आने पर संबंधित अस्पतालों के खिलाफ इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

हाईवे पर बिखरे बिजनेसमैन के शव के टुकड़े:डंपर ने कुचला, आंतें बाहर निकल गई, 200 मीटर तक बाइक को घसीटते ले गया

डीडवाना-कुचामन जिले में तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार बिजनेसमैन को कुचल दिया। बाइक को 200 मीटर तक घसीटते हुए ले गया। हादसे में मार्बल व्यापारी का शव दो टुकड़ों में बंट गया। आंतें बाहर निकल गईं। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीण और परिजनों ने स्टेट हाईवे 2B ( पराली-खाटू ) पर जाम लगा दिया। 5:30 घंटे की समझाइश के बाद शाम 5 बजे धरना हटाया। घटना मकराना थाना क्षेत्र के घाटी चौराहे की शुक्रवार सुबह 11 बजे की है। थाना अधिकारी पंकज मांजू ने बताया- मार्बल व्यापारी गौड़ाबास (मकराना) निवासी मकसूद (38) की मौत हो गई। मकसूद के परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं। सबसे छोटा बेटा दो साल का है। घटना के बाद डंपर ड्राइवर मौके भागते समय पास में लगे सीसीटीवी में नजर आ रहा है। पुलिस ने बताया- मकसूद बाइक से अपनी मार्बल खदान पर घाटी की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे डंपर ने बाइक को टक्कर मार दी। बाइक, डंपर के आगे के हिस्से में फंस गई। ड्राइवर बाइक को 200 मीटर तक घसीटते हुए ले गया। हादसे में मकसूद के शव के दो टुकड़े हो गए। घटना के बाद डंपर का ड्राइवर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद सुबह 11:30 बजे परिजन और ग्रामीणें ने स्टेट हाईवे 2B पर जाम लगा दिया। सूचना पर मकराना विधायक जाकिर हुसैन गैसावत सहित कई मार्बल व्यापारी मौके पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। लोगों ने ड्राइवर की गिरफ्तारी और मृतक परिवार को संविदा पर नौकरी देने की मांग की। विधायक ने कहा-ड्राइवर तेज रफ्तार से रॉन्ग साइड में डंपर चला रहा था। स्पीड इतनी थी कि गाड़ी के ब्रेक तक नहीं लगे। हादसे में मकसूद के शरीर के दो टुकड़े हो गए और बाइक डंपर के नीचे फंस गई। पुलिस अगर डंपर ड्राइवरों को लेकर अभियान चलाती तो युवक की मौत नहीं होती। पुलिस-प्रशासन की समझाइश के बाद परिजनों ने शाम 5:30 बजे धरना समाप्त किया। परिजनों का आरोप-नशे में था डंपर ड्राइवर मकसूद के रिश्तेदार अब्दुल करीम सिसोदिया ने बताया- डंपर ड्राइवर नशे में गाड़ी चला रहा था। जिसके चलते यह हादसा हुआ। पुलिस सख्ती करती तो ऐसा नहीं होता। अब्दुल करीम ने कहा- मकसूद के परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं। बड़ी बेटी गौसिया (11) छठवीं क्लास में पढ़ती है। बड़ा बेटा अबु (5) पहली क्लास में पढ़ता है। जबकि सबसे छोटा बेटा दानियाल अभी 2 साल का है। मकसूद अपने भाई-बहन में सबसे छोटे थे। थाना अधिकारी पंकज मांजू ने बताया- फरार डंपर ड्राइवर की तलाश की जा रही है। परिजनों की ओर से रिपोर्ट नहीं दी गई है। शव को उप जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया है। … यह खबर भी पढ़ें किराना व्यापारी का शव हाईवे पर टुकड़ों में मिला:अनगिनत गाड़ियां कुचलती हुईं निकलीं, बॉडी को पोटली में बांधकर ले जाया गया पाली में बाइक सवार किराना व्यापारी शव ब्यावर-पिंडवाड़ा नेशनल हाईवे-162 पर फेंक दिया गया। उसके ऊपर से अनगिनत गाड़ियां गुजर गईं, जिससे बॉडी के टुकड़े पूरी सड़क पर बिखर गए। (पढ़ें पूरी खबर)

मेड़ता की निष्ठा ने हासिल की ऑल इंडिया 712वीं रैंक:पिता और बड़े पापा का सपना किया पूरा

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार देर रात NEET-UG 2026 का रिजल्ट जारी किया। नागौर जिले के मेड़ता निवासी निष्ठा शर्मा, पुत्री स्वर्गीय जितेंद्र कुमार शर्मा, ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 712वीं रैंक और जनरल कैटेगरी में 433वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। निष्ठा ने बताया कि यह सफलता उनके दिवंगत पिता और बड़े पापा के सपनों को समर्पित है। उनके पिता जितेंद्र कुमार शर्मा पेशे से वकील थे, जबकि उनकी मां अध्यापक हैं। जून 2022 में एक सड़क हादसे में पिता का निधन हो गया था। इसके बाद 21 जून 2026 को, री-नीट परीक्षा देने के बाद परिवार के साथ ओंकारेश्वर जाते समय उनके बड़े पापा देवेंद्र कुमार व्यास को रास्ते में अचानक हार्ट अटैक आ गया। परिवार उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। निष्ठा ने भावुक होकर कहा, “पापा और बड़े पापा का सपना था कि मैं डॉक्टर बनूं। अगर आज वे दोनों हमारे बीच होते तो मेरी इस सफलता पर सबसे ज्यादा खुश होते। वे मुझे प्यार से ‘गुनगुन’ कहकर बुलाते थे।” शैक्षणिक रिकॉर्ड में भी निष्ठा हमेशा अव्वल रही हैं। उन्होंने 12वीं बोर्ड में 96 प्रतिशत और 10वीं बोर्ड में 91.2 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। NEET की तैयारी के लिए वह सीकर में रहकर कोचिंग कर रही थीं। निष्ठा ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपनी मां, पूरे परिवार और शिक्षकों के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद परिवार के हौसले और मार्गदर्शन ने उन्हें कभी हार नहीं मानने दी। उल्लेखनीय है कि री-नीट परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित हुई थी, जिसका परिणाम गुरुवार देर रात घोषित किया गया संस्कार एकेडमी नागौर के 8 विद्यार्थीयों का Govt Medical college के लिए हुआ चयन। वही इसी एकेडमी से एक साधारण किसान परिवार के सोनेली निवासी दो सगे भाईयों राज व रवि का चयन हुआ। नागौर के खजवाना गाँव निवासी प्रिन्स पुत्र घनश्याम मुण्डेल ने NEET एग्जाम में OBC कैटेगरी में 3778 रैंक हासिल की। वही ऑल इंडिया 8604 रैंक हासिल की है। प्रिन्स के पिता किसान है माता किरण कुमारी गृहणी है। नागौर के भवाद गाँव निवासी सुमित शर्मा पुत्र जगदीश प्रसाद ने NEET एग्जाम में OBC कैटेगरी में 4010 रैंक हासिल की। वही ऑल इंडिया 32791रैंक हासिल की है। सुमित शर्मा के पिता किसान है माता नर्बदा देवी गृहणी है। नागौर के बच्छवारी गाँव निवासी मनीषा पुत्र हनुमान राम ने NEET एग्जाम में OBC कैटेगरी में 2131 रैंक हासिल की। वही ऑल इंडिया 5179 रैंक हासिल की है। मनीषा के पिता किसान है माता मैना देवी गृहणी है। नागौर के कुम्हारी गाँव निवासी नकी अली पुत्र अल्लाह बक्ष ने NEET एग्जाम में OBC कैटेगरी में 1551 रैंक हासिल की। वही ऑल इंडिया 13703 रैंक हासिल की है। नकी अली के पिता व्यवसायी है माता सायरा बानो गृहणी है। नागौर के सोनेली गाँव निवासी रविन्द्र भांबू पुत्र कैलाश कुमार ने NEET एग्जाम में OBC कैटेगरी में 14497 रैंक हासिल की। वही ऑल इंडिया 30032 रैंक हासिल की है। रविन्द्र भांबू के पिता किसान है माता लिछमा गृहणी है। नागौर के सोनेली गाँव निवासी राज भांबू पुत्र कैलाश कुमार ने NEET एग्जाम में OBC कैटेगरी में 3122 रैंक हासिल की। वही ऑल इंडिया 7294 रैंक हासिल की है। राज भांबू के पिता किसान है माता लिछमा गृहणी है। नागौर के सेनणी गाँव निवासी उपासना पुत्री बलवीर सिंह ने NEET एग्जाम में OBC कैटेगरी में 3049 रैंक हासिल की। वही ऑल इंडिया 7140 रैंक हासिल की है। उपासना के पिता अध्यापक है माता चम्पा देवी गृहणी है। नागौर के झुझण्डा निवासी नवीन जेठू पुत्र धर्माराम जेठु ने NEET एग्जाम में OBC कैटेगरी में 13998 रैंक हासिल की। वही ऑल इंडिया 29053 रैंक हासिल की है। उपासना के पिता किसान है माता सन्तोष देवी गृहणी है। नागौर के खैराट निवासी प्रियंका गोदारा पुत्री भींयाराम राम गोदारा ने NEET एग्जाम में OBC कैटेगरी में 3102 रैंक हासिल की। वही ऑल इंडिया 7255 रैंक हासिल की है। पिता भींयाराम राम गोदारा किसान है और माँ गृहणी। डीडवाना-कुचामन जिले के खरेश गाँव निवासी प्रतिभा चौधरी पुत्री किशना राम ने NEET एग्जाम में OBC कैटेगरी में 2808 रैंक हासिल की। वही ऑल इंडिया 6648 रैंक हासिल की है।प्रियंका के माता पिता दोनों सरकारी टीचर है। संजय लोमरोड़ ने हासिल की ऑल इंडिया 155532वीं रैंक खजवाना निवासी संजय लोमरोड़ के पिता कमलेश लोमरोड़ पुलिस विभाग में सेवा दे रहे हैं। संजय ने NEET-UG 2026 में ऑल इंडिया रैंक 155532 और OBC कैटेगरी में 7263वीं रैंक हासिल की है। संजय ने बताया कि नियमित पढ़ाई और लगातार तैयारी से उन्हें यह सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक होने से उनका हौसला थोड़ा जरूर टूटा था, लेकिन पेपर अच्छा हुआ और मेहनत का परिणाम मिला। अलाय की निकिता जांगू को मिली ऑल इंडिया 24000वीं रैंक नागौर के अलाय निवासी निकिता जांगू पुत्री भागीरथ राम ने NEET परीक्षा में OBC कैटेगरी में 11674वीं रैंक हासिल की है। वहीं उनकी ऑल इंडिया रैंक 24000 रही है। निकिता के पिता भागीरथ राम किसान हैं और उनकी मां गृहणी हैं। निकिता ने बताया कि उनकी तैयारी में सबसे ज्यादा सहयोग टीचर्स और माता-पिता का रहा। परिवार से लगातार मोटिवेशन मिलता रहा, जिसकी वजह से उन्हें यह सफलता मिली। घोड़ारण की बरखा चौधरी को मिली 30581वीं रैंक नागौर के घोड़ारण निवासी बरखा चौधरी पुत्री गोपाल सिंह चौधरी ने NEET परीक्षा में OBC कैटेगरी में 14794वीं रैंक हासिल की है। वहीं उनकी ऑल इंडिया रैंक 30581 रही है। बरखा के पिता टीकमचंद व्यवसायी हैं और उनकी मां गृहणी हैं। बरखा ने बताया कि नीट पेपर लीक होने के बाद उनका हौसला थोड़ा टूट गया था क्योंकि उन्हें दोबारा उसी परीक्षा की तैयारी करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि पेपर अच्छा था, इसलिए उनकी रैंक भी अच्छी आई है। ताऊसर की खुशी कच्छावा को मिली 22681वीं रैंक नागौर के ताऊसर निवासी खुशी कच्छावा पुत्री टीकमचंद ने NEET परीक्षा में OBC कैटेगरी में 10829वीं रैंक हासिल की है। वहीं उनकी ऑल इंडिया रैंक 22681 रही है। खुशी के पिता टीकमचंद व्यापारी हैं और उनकी मां गृहणी हैं। खुशी ने कहा कि अच्छे स्कोर के लिए केवल पढ़ाई करना काफी नहीं है, बल्कि समय पर रिवीजन करना भी जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि नियमित टेस्ट देने से लगातार सुधार होता है। 21 जून को हुई थी री-नीट परीक्षा री-नीट परीक्षा 21 जून को आयोजित की गई थी। गुरुवार देर रात इसका रिजल्ट जारी किया गया। रिजल्ट जारी होने के बाद CONCEPT Institute नागौर के चार स्टूडेंट्स के चयन की जानकारी सामने आई है। NEET रिजल्ट से जुड़ी अपनी जानकारी, वीडियो और फोटो अभ्यर्थी मोबाइल नंबर 9950040143 पर भेज सकते हैं।

सिंधिया रियासत की 400 साल पुरानी तोप चोरी:3000 फीट नीचे उतारी; ब्लैक मार्केट में 5 करोड़ तक कीमत, नरवर किले में अब 13 तोपें बचीं

मध्य प्रदेश के शिवपुरी के नरवर किले से सिंधिया रियासत की 400 साल पुरानी तोप चोरी हो गई। बदमाश किले की ओपन कचहरी से 16वीं शताब्दी की करीब 3500 किलो वजनी ऐतिहासिक तोप चुराकर ले गए। इंटरनेशनल एंटीक ब्लैक मार्केट में इसकी कीमत 3-5 करोड़ रुपए हो सकती है। चोरों ने वारदात को पूरी प्लानिंग के तहत अंजाम दिया है। तोप को पहले गद्दों में लपेटा, फिर बैरिंग लगी लोहे की ट्रॉली की मदद से करीब 3 हजार फीट नीचे उतारा। इसके बाद लोडिंग गाड़ी में लादकर फरार हो गए। वारदात 15 जुलाई की रात की है। नरवर किले में सुरक्षाकर्मी ड्यूटी पर तैनात नहीं थे। चोरों ने इसी का फायदा उठाया। शक है कि वारदात को इंटरनेशनल एंटीक ब्लैक मार्केट से जुड़े लोगों न अंजाम दिया है। किले के बाहर हैवी गाड़ियों के टायर के निशान मिले हैं। ये तस्वीरें देखिए… 10 दिन पहले भी की थी चोरी की कोशिश जांच में यह भी सामने आया है कि चोरों ने इस चोरी की पूरी तैयारी पहले से कर रखी थी। 4-5 जुलाई की रात बदमाशों ने इसी तोप को उसके मूल स्थान से नीचे गिरा दिया था, लेकिन अत्यधिक वजन होने के कारण उसे वहां से ले नहीं जा सके। घटना के बाद सुरक्षा गार्डों ने नरवर थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। इसके बाद 15-16 जुलाई की रात आरोपी पूरी तैयारी के साथ दोबारा लौटे। इस बार वे बैरिंग लगी लोहे की ट्रॉली लेकर आए और उसी की मदद से तोप को नीचे उतारकर वाहन में भरकर फरार हो गए। अब किले में बचीं सिर्फ 13 ऐतिहासिक तोपें नरवर किले की ओपन कचहरी में सिंधिया राजवंश काल की कुल 14 दुर्लभ ऐतिहासिक तोपें रखी थीं। चोरी के बाद अब वहां 13 तोपें ही बची हैं। कचहरी महल का निर्माण 16वीं शताब्दी में कछवाह राजाओं ने कराया था। इसके बाद 1925 में महाराजा माधवराव सिंधिया के आदेश पर इसका जीर्णोद्धार कराया गया। यहां रखी गई सभी तोपें पीतल, तांबा, कांसा और अष्टधातु जैसी मिश्रित धातुओं से बनी हैं। इन पर फारसी और देवनागरी लिपि में शिलालेख भी अंकित हैं। घटनास्थल से मिले कई अहम सुराग राज्य पुरातत्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके का निरीक्षण किया। जांच के दौरान घटनास्थल से गद्दे, रजाई, लोहे के पाइप और तोप को घसीटकर ले जाने के निशान मिले हैं। इसके अलावा किले के पिछले दुर्गम रास्ते पर वाहन के टायरों के निशान भी मिले हैं। सुरक्षा गार्डों ने मानी लापरवाही सुरक्षा गार्ड बालकिशन बाल्मीक ने बताया कि किले पर रात में रुकने की कोई व्यवस्था नहीं है। वहां न टॉर्च उपलब्ध है और न ही अन्य सुरक्षा संसाधन, इसलिए वह रात में अपने घर चला गया था। दूसरे गार्ड शरणलाल जाटव ने भी स्वीकार किया कि घटना के समय वह ड्यूटी पर मौजूद नहीं था। उसने यह भी माना कि हथियारबंद बदमाशों द्वारा लूट की जो कहानी पुलिस को बताई गई थी, वह झूठी थी। 6 गार्ड तैनात, फिर भी हो गई चोरी नरवर किले की सुरक्षा के लिए कुल छह गार्ड तैनात हैं। इनमें चार गार्ड दिन और दो गार्ड रात की ड्यूटी करते हैं। घटना वाली रात दोनों रात के गार्ड ड्यूटी छोड़कर घर चले गए थे। इसी वजह से चोरों को ऐतिहासिक तोप चोरी करने का मौका मिल गया। पुलिस और पुरातत्व विभाग की जांच जारी राज्य पुरातत्व विभाग के डिप्टी डायरेक्टर तरुण कुमार महोबिया ने बताया कि ऐतिहासिक तोप चोरी होने के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। पुलिस के साथ संयुक्त जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामला बेहद गंभीर है। सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिया जाएगा। वहीं नरवर थाना प्रभारी विनय यादव ने बताया कि जांच में सुरक्षा गार्डों की लापरवाही सामने आई है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है। साथ ही चोरी में इस्तेमाल किए गए वाहन और आरोपियों तक पहुंचने के लिए घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

हाईकोर्ट ने कहा- एक समय में एक पुलिसकर्मी दो-जगह कैसे?:यह मानवीय रूप से संभव नहीं; एनडीपीएस मामले में दोषी की सजा को किया सस्पेंड

राजस्थान हाईकोर्ट ने नशीली दवाओं के स्टॉक रखने के मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति की सजा सस्पेंड करते हुए पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए। जस्टिस अनिल उपमन की कोर्ट ने कहा- पूरे मामले में जिस कॉन्स्टेबल की सूचना पर कार्रवाई करना बताया गया है, वह कार्रवाई के समय घटना स्थल पर मौजूद था। वहीं उसी कॉन्स्टेबल को ठीक उसी समय दूसरी जगह हुई कार्रवाई में भी उपस्थित होना पाया गया है। ऐसे में एक समय में एक ही पुलिसकर्मी दो अलग-अलग जगह की कार्रवाई में कैसे उपस्थित हो सकता है। कोर्ट ने कहा- यह मानवीय रूप से तो संभव नहीं है। अदालत ने कहा- इस मामले में जब्ती की कार्रवाई 6:40 बजे की गई। वहीं घटनास्थल से 8 किलोमीटर दूर दूसरे मामले में जब्ती की कार्रवाई 7:10 बजे की गई। कोर्ट ने आरोपी की सजा को निलंबित करते हुए डीजीपी से कहा- वे पूरे मामले में स्वतंत्र जांच करके तीन महीने में रिपोर्ट पेश करें। कोर्ट ने यह आदेश आरोपी कमल रामचंदानी के सजा स्थगन के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए दिए। मजिस्ट्रेट के समक्ष नहीं लिए नमूने आरोपी के अधिवक्ता शांतनु बंसल ने कोर्ट को बताया- पुलिस के अनुसार कॉन्स्टेबल गिरधारी लाल की सूचना पर मुरलीपुरा थाना पुलिस ने 31 जनवरी 2022 को मुरलीपुरा स्कीम सर्किल स्थित कमल मेडिकल एंड प्रोविजनल स्टोर पर कार्रवाई करते हुए नशीली दवाओं का स्टॉक बरामद किया। आरोपी के पास इन दवाओं के संबंध में खरीद का बिल और कोई वाउचर नहीं मिला। इसके बाद आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया, लेकिन मामले में कानून प्रवाधानों का पालन नहीं किया गया। जब्ती के बाद अगले दिन 1 फरवरी को पुलिस ने नमूने एफएसएल को भेज दिए। वहीं एनडीपीएस एक्ट में मजिस्ट्रेट के सामने ही नमूने लेने का प्रावधान है। जब्ती की कार्रवाई भी इंस्पेक्टर या सब-इंस्पेक्टर स्तर के पुलिस अधिकारी के द्वारा ही की जा सकती है। इस मामले में मौके पर पहुंची औषधि नियंत्रण अधिकारी अरुणा मीणा ने बयानों में कहा- मेरे घटनास्थल पर पहुंचने से पहले ही दवाओं की बरामदगी हो चुकी थी। यह बरामदगी कॉन्स्टेबल गिरधारी लाल द्वारा की गई थी। मामले में कोई स्वतंत्र गवाह नहीं
अपील में कहा गया कि मामलें में पुलिस ने कोई स्वतंत्र गवाह नहीं बनाया। सभी गवाह पुलिसकर्मी ही थे। जब्ती अधिकारी ने अपनी जिरह में स्वीकार किया है कि कथित बरामदगी ऐसे स्थान से हुई, जहां अनेक अन्य दुकानें स्थित थी और वहां सामान्यत लोगों की अच्छी-खासी भीड़ रहती है। लेकिन उसके बाद भी तलाशी और जब्ती की पूरी कार्रवाई में किसी भी स्वतंत्र गवाह को शामिल नहीं किया गया। पुलिस केवल यह कहकर अपने दायित्व से मुक्त नहीं हो सकती है कि कोई भी व्यक्ति स्वतंत्र गवाह बनने के लिए तैयार नहीं हुआ।