ब्रेकिंग न्यूज़
भिवानी में ट्रक से टकराकर जिंदा जला डंपर ड्राइवर,VIDEO:धमाके के साथ फटे ऑयल टैंक, लगी आग; बचाओ-बचाओ चिल्लाकर बुलाई मदद, जेसीबी से बचाया ट्रक ड्राइवर

हरियाणा के भिवानी में सोमवार दोपहर ट्रक और डंपर की आमने-सामने हुई भीषण टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि टक्कर के तुरंत बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। इसमें डंपर और ट्रक के केबिन में सवार ड्राइवर अंदर ही फंस गए। खुद को आग से घिरा देख दोनों जोर-जोर से चिल्लाने लगे। हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। मगर, आग की तेज लपटें देख वहां लोग उनके पास नहीं जा सके। इसके बाद लोगों ने जेसीबी मशीन की मदद से ट्रक के केबिन में फंसे ड्राइवर को तो बाहर निकाल लिया, लेकिन डंपर का ड्राइवर जिंदा जल गया। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड कर्मी मौके पर पहुंचे और बड़ी मुश्किल से आग पर काबू पाया। पुलिस के मुताबिक, टक्कर के बाद दोनों वाहनों के तेल टैंक फट गए थे, जिससे आग ने भीषण रूप ले लिया। ट्रक राजस्थान और डंपर हरियाणा निवासी मालिक के नाम पर है। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया हे, जिसमें केबिन में फंसा ड्राइवर आग की लपटों में घिरा हुआ है और जाने बचाने की गुहार लगा रहा है। लोग उसकी ओर पड़ी बोरियां हटाकर मदद करने की कोशिश करते दिखाई दे रहे है। ट्रक-डंपर में आग लगने की PHOTOS… यहां सिलेसिलवार ढंग से जानिए कैसे हुआ हादसा… प्रत्यक्षदर्शी बोले- टक्कर लगते ही दोनों वाहनों के तेल टैंक फट गए ईशरवाल गांव के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब ट्रक और डंपर की टक्कर हुई तो दोनों वाहनों का तेल टैंक भी फट गया। इस कारण आग और तेज भड़क गई। कुछ दूरी पर ही जेसीबी खड़ी थी, जिसकी सहायता से ट्रक चालक को तो आग की लपटों से बचाने का प्रयास हो गया था। मगर, डंपर का पूरा केबिन आग की चपेट में आ गया। सके कारण डंपर ड्राइवर अंदर ही जिंदा जल गया। ट्रक राजस्थान, डंपर हरियाणा निवासी मालिक के नाम पर तोशाम थाना प्रभारी विशेष कुमार के अनुसार ट्रक राजस्थान के मालिक का है, जबकि डंपर हरियाणा के बहादुगरगढ़ निवासी के नाम पर है। ट्रक का ड्राइवर जिंदा जल गया है, जिसकी शिनाख्त अभी नहीं हुई है। राजस्थान के ट्रक ड्राइवर को बुरी तरह से झुलसने के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां पर उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

RPSC में ओरिएन्टेशन कार्यक्रम, मेंबर्स ने समझी कार्यप्रणाली:अध्यक्ष ले.कर्नल केसरी सिंह ने कहा-हमारी निष्ठा, कार्यक्षमता ही हमारी पहचान

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) में सोमवार को सदस्यों के लिए विशेष ओरिएंटेशन और कार्यालय निरीक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोग अध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह की पहल पर हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य आयोग की कार्यप्रणाली, तकनीकी प्रक्रियाओं और विभागीय जिम्मेदारियों की बेहतर समझ विकसित कर पारदर्शिता, जवाबदेही और समन्वय को मजबूत करना था। कार्यक्रम की शुरुआत परिचयात्मक बैठक से हुई, जिसमें संयुक्त सचिव ने आयोग के संगठनात्मक ढांचे, विभिन्न अनुभागों की भूमिका, राजपत्रित-अराजपत्रित पदों की स्थिति और कार्यप्रणाली पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। इस दौरान नवाचारों के जरिए आयोग की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान आयोग के सभी सदस्यों के साथ-साथ आयोग सचिव, मुख्य परीक्षा नियंत्रक, संयुक्त सचिव, विधि सलाहकार और वित्तीय सलाहकार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यालय का किया निरीक्षण बैठक के बाद आयोग सदस्यों ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कार्यालय के विभिन्न महत्वपूर्ण अनुभागों का निरीक्षण किया और कार्यप्रणाली का जायजा लिया। इस दौरान अध्यक्ष केसरी सिंह ने अधिकारियों को कार्य में गति, गोपनीयता और सटीकता बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। समयबद्ध भर्ती और मजबूत फीडबैक सिस्टम पर फोकस निरीक्षण के बाद आयोजित संवाद सत्र में आगामी भर्ती परीक्षाओं और साक्षात्कारों को तय समय-सीमा में निर्बाध रूप से आयोजित करने, कार्यप्रणाली को और मजबूत बनाने तथा प्रभावी फीडबैक सिस्टम विकसित करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। हमारी निष्ठा, कार्यक्षमता ही हमारी पहचान-अध्यक्ष आयोग अध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह ने कहा कि आयोग की पहचान जाति, धर्म या वर्ग से नहीं, बल्कि राष्ट्रहित में कार्य करने वाली टीम के रूप में है। उन्होंने कहा कि शुचिता, पारदर्शिता और समयबद्धता आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं। उन्होंने कहा कि ओरिएंटेशन का उद्देश्य सभी सदस्यों और अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है, ताकि आयोग की आंतरिक प्रक्रियाओं, सुरक्षा मानकों और तकनीकी व्यवस्थाओं की बेहतर समझ विकसित हो और प्रदेश के लाखों अभ्यर्थियों का भरोसा और मजबूत हो। अध्यक्ष ने कहा कि हमारा स्पष्ट लक्ष्य है कि सभी भर्ती परीक्षाएं और साक्षात्कार तय समय-सीमा के भीतर और पूर्ण निष्पक्षता के साथ संपन्न हों, और इसके लिए तकनीक के अधिकतम उपयोग पर हमारा विशेष फोकस है। आयोग द्वारा हाल ही में 12 लाख से अधिक पंजीकृृत अभ्यर्थियों के लिए वरिष्ठ अध्यापक प्रतियोगी परीक्षा-2025 का सुरक्षित एवं सफल आयोजन 12 से 18 जुलाई तक किया गया है। ………… पढें ये खबर भी… जेएलओ-भर्ती एग्जाम के 3 दिन पहले अपलोड होंगे एडमिट कार्ड:जयपुर विकास प्राधिकरण में 12 पदों पर होगी भर्ती; दो दिन होगा पेपर राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से कनिष्ठ विधि अधिकारी (जयपुर विकास प्राधिकरण) भर्ती-2025 का एग्जाम 26 एवं 27 जुलाई को होगा। 12 पदों पर होने वाली भर्ती के लिए सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक और दोपहर 2.30 से शाम 5.30 बजे तक जयपुर जिला मुख्यालय दो पारियों में एग्जाम होगा। पूरी खबर पढें

सरकारी हॉस्पिटल में ऑपरेशन के मांगे 1800 रुपए, डॉक्टर गिरफ्तार:मरीज से एडवांस के बाद बकाया 1300 रुपए लेते जूनियर स्पेशलिस्ट को एसीबी ने पकड़ा

राजसमंद में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने आरके गर्वनमेंट जिला हॉस्पिटल के जूनियर स्पेशलिस्ट (सर्जरी) डॉ. पंकज जैन को 1300 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। एसीबी के एएसपी हिम्मत सिंह चारण ने बताया कि डॉक्टर ने परिवादी की आंख के पास हुई फुंसी का माइनर ऑपरेशन करने की एवज में 2 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। बाद में दोनों पक्षों के बीच 1800 रुपए में सहमति बनी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने रिश्वत मांगने का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान परिवादी ने डॉक्टर को पहले 500 रुपए दिए। इसके बाद पूर्व नियोजित योजना के अनुसार शेष 1300 रुपए देते ही एसीबी की टीम ने कार्रवाई करते हुए डॉ. पंकज जैन को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। टीम ने मौके से 1300 रुपए की रिश्वत राशि के साथ सत्यापन के दौरान दिए गए 500 रुपए भी बरामद कर लिए। फिलहाल एसीबी की टीम आरोपी डॉक्टर से पूछताछ कर रही है। मामले में आगे की जांच जारी है और रिश्वतखोरी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

जंतर-मंतर प्रदर्शन के समर्थन में हनुमानगढ़ से राष्ट्रपति को ज्ञापन:शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे लोकतांत्रिक प्रदर्शन के समर्थन में सोमवार को हनुमानगढ़ में माकपा और अन्य संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन बाद राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई की मांग की गई। कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, फिर सौंपा ज्ञापन ज्ञापन सौंपने से पहले माकपा और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के प्रति समर्थन जताते हुए सरकार से प्रदर्शनकारियों की मांगों पर सकारात्मक पहल करने की अपील की। शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, समान अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई। साथ ही शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग भी उठाई गई। लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा पर जोर ज्ञापन में संविधान प्रदत्त अधिकारों—अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण प्रदर्शन और संगठन बनाने के अधिकार—की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। साथ ही लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने, जनता की आवाज का सम्मान करने और संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान करने पर बल दिया गया। ‘लोकतंत्र में असहमति का सम्मान जरूरी’ प्रतिनिधिमंडल में शामिल माकपा नेता रघुवीर वर्मा ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए नागरिकों की आवाज सुनी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि असहमति लोकतांत्रिक व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है और शांतिपूर्ण आंदोलनों का सम्मान किया जाना चाहिए। राष्ट्रपति से शीघ्र कार्रवाई का आग्रह ज्ञापन में राष्ट्रपति से अनुरोध किया गया कि इन सभी मांगों को भारत सरकार तक शीघ्र पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए। ज्ञापन सौंपने वालों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनभावनाओं और शांतिपूर्ण आंदोलनों का सम्मान होना चाहिए तथा शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार को संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए।

12 की उम्र में कटे दोनों पैर:14 साल बाद फिर से चलने लगी; जर्मन तकनीक से बने 3D पैर लगाए गए

उदयपुर के नारायण सेवा संस्थान ने उत्तर प्रदेश के बहराइच की 26 साल की चांदनी को जापानी और जर्मन तकनीक से बने 3D प्रिंटेड कृत्रिम पैर लगाकर नई जिंदगी दी है। 12 साल की उम्र में हुए एक दर्दनाक ट्रेन हादसे में घुटनों तक दोनों पैर गंवाने के बाद चांदनी पिछले 14 साल से बिना पैरों के ही जीवन जी रही थीं। अब संस्थान में कृत्रिम पैर लगने और सही ट्रेनिंग मिलने के बाद वह एक बार फिर से अपने पैरों पर चलने लगी हैं। दरअसल, घटना तब की है जब 12 साल की चांदनी अपने चाचा के साथ नाना के घर जा रही थीं। स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ते समय अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गईं। इससे पहले कि वह संभल पातीं, ट्रेन चल पड़ी और हादसे में घुटनों तक उनके दोनों पैर कट गए। अस्पताल में इलाज मिलने से जख्म तो भर गए, लेकिन इस हादसे ने उनकी पूरी जिंदगी बदलकर रख दी। उदयपुर का नारायण सेवा संस्थान बना सहारा हादसे के बाद चांदनी अगले 14 साल तक घर में ही कैद होकर रह गईं। बिना किसी सहारे के चलना तो दूर, वह अपने रोजमर्रा के छोटे-छोटे काम भी खुद नहीं कर पाती थीं। दूसरों पर निर्भर रहने की वजह से वह काफी परेशान रहती थीं। जब भी वह बाहर लोगों को अपने पैरों पर चलते देखती थीं तो उनके मन में भी यही इच्छा होती थी कि काश वह भी एक बार फिर से चल पाती। करीब एक महीने पहले चांदनी के परिवार को उदयपुर के नारायण सेवा संस्थान के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद परिवार बिना देर किए उन्हें लेकर उदयपुर संस्थान पहुंचा। यहां डॉक्टरों की टीम ने चांदनी के पैरों का नाप लिया और जापानी व जर्मन तकनीक का इस्तेमाल करके 3D प्रिंटेड ‘नारायण मॉड्यूलर आर्टिफिशियल लिम्ब’ तैयार किए। कृत्रिम पैर लगाने के बाद अपने पैरों पर चलने लगी चांदनी कृत्रिम पैर लगाने के बाद चांदनी को संस्थान में ही कुछ दिनों तक चलने-फिरने का अभ्यास कराया गया। लगातार ट्रेनिंग और अपनी मेहनत के दम पर अब चांदनी बिना किसी सहारे के आत्मविश्वास के साथ अपने पैरों पर चलने लगी हैं। वह अपने ज्यादातर काम खुद ही कर रही हैं। 14 साल के लंबे इंतजार के बाद अपने पैरों पर दोबारा खड़ा होना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। सही समय पर संस्थान से मिले सहयोग ने उनके चेहरे पर फिर से मुस्कान लौटा दी है।

फलोदी में सोनम वामचुंग के समर्थन में धरना:शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग, कलेक्टर को सौंपा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन

जिला कलेक्ट्रेट के पास अंडरब्रिज के नीचे सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता भैराराम मकवाना ने सोमवार को वरिष्ठ वैज्ञानिक सोनम वांगचुक के समर्थन में उपवास और धरना शुरू किया। धरने में उनके समर्थकों के साथ-साथ सोनम वांगचुक के समर्थन में आए कई लोगों ने भी भाग लिया। राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन, कई मांगें उठाईं धरने के दौरान एडवोकेट भैराराम मकवाना ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा। ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को समाप्त करने और युवाओं के लिए रोजगार की गारंटी सुनिश्चित करने की मांग की गई। राजनीतिक षड्यंत्र रोकने की मांग ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के खिलाफ किसी भी प्रकार के कथित राजनीतिक षड्यंत्र को रोका जाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले लोगों की आवाज को सम्मान मिलना चाहिए और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। धरना-प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता शीशपाल विश्नोई, विजय नोखड़ा, याकुब खान, राहुल चौधरी, प्रकाश सैन, मोहनराम, गोपाल गोगलू, नटवर लाल पंवार, शांति मेघवाल, गोपाल शेखासर और प्रेमाराम मेघवाल सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा गया।

सीकर में रोडवेजकर्मियों का कॉकरोच पार्टी काे समर्थन:केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग; सोनम वांगचुक को उठाने का विरोध

सीकर के रोडवेज बस डिपो में आज वामपंथी संगठन सीटू के बैनर तले रोडवेजकर्मियों ने दिल्ली में चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को समर्थन दिया है। सीटू के ज्वाइंट जनरल सेक्रेटरी श्योदान राम ने कहा कि पूरे देशभर के स्टूडेंट्स आज पेपर लीक और बेरोजगारी की समस्या से पीड़ित हैं। नीट पेपर लीक के बाद दर्जनों बच्चों ने सुसाइड कर लिया, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। इससे पहले सीटू के बैनर तले रोडवेज कर्मचारी बस डिपो के पोर्च में इकट्‌ठे हुए और नारेबाजी की। सीटू के नेताओं ने कहा कि दिल्ली में जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण चल रहे धरने से सोनम वांगचुक को बर्बरतापूर्वक उठाना बेहद कायराना हरकत है। सोनम वांगचुक कोई आम आदमी नहीं देश के युवाओं के आइडल हैं, ऐसे में उनके साथ विनम्रता से पेश आना चाहिए था। सीटू के श्योदान राम ने कहा कि सीकर जैसी शिक्षानगरी को पेपर लीक के लिए शर्मिंदा होना पड़ा। गांवों के बच्चे शहर में सफलता के सपने लेकर पढ़ने आते हैं। पेपर लीक जैसी घटनाओं से बच्चों का मनोबल टूटता है। केंद्र सरकार को मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेकर पेपर लीक के खिलाफ कड़ा संदेश देना चाहिए और भविष्य के लिए छात्रों का हौसला बढ़ाना चाहिए।

अलवर में मृत लोगों के नाम बनाए फर्जी पट्टे:पूर्व सरपंच बोलीं- मेरी मुहर चोरी कर पूर्व उप-सरपंच ने फंसाया, उप सरपंच बोले- दबाव बना रहे

अलवर जिले में देसूला गांव में करीब 100 करोड़ रुपए की गोचर (चारागाह) भूमि पर फर्जी पट्टे बनाकर कुछ लोगों ने करोड़ों रुपए का लोन उठा लिया। इसके अलावा मर चुके व्यक्ति के नाम भी पट्टे जारी कर दिए गए। इन पट्टों का पंचायत स्तर पर कोई रेकॉर्ड नहीं है, लेकिन सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में पट्टे रजिस्टर्ड करा लिए गए। इसके बाद उप-सरपंच देव कृष्ण मल्होत्रा ने 54 फर्जी पट्टे जारी करने की शिकायत सरकार के स्तर पर की। इसके बाद जांच में पट्टे फर्जी पाए गए, लेकिन सही कार्रवाई नहीं करने पर हाल ही 17 जुलाई को जिला परिषद सीईओ ने वीडीओ को सस्पेंड कर दिया था। वहीं अब पूर्व सरपंच सावित्री देवी और उसके पोते दीपक ने सोमवार को मीडिया के सामने आकर उप-सरपंच देव कृष्ण मल्होत्रा पर ही फर्जी पट्टे जारी करने के आरोप लगाए। कहा कि उप-सरपंच ने सरपंच की मुहर चुराकर पट्‌टे बनाए हैं और इसके लिए लोगों से रुपए भी लिए हैं। पूर्व सरपंच के पोते दीपक ने कहा- मुझसे भी उप-सरपंच ने 70 हजार रुपए लिए थे। मेरी मुहर चोरी हुई, फोरेंसिक जांच कराओ इधर, 81 वर्षीय निवर्तमान महिला सरपंच सावित्री देवी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुद को बेकसूर बताया। उन्होंने कहा- प्रशासक बनने के बाद मेरी फर्जी मुहर और फर्जी हस्ताक्षरों का गलत इस्तेमाल कर ये पट्टे जारी किए गए। उपसरपंच बलदेव मल्होत्रा पिछले 5-6 साल से मुझे प्रताड़ित कर रहे हैं। जेल भिजवाने की धमकी देकर मेरे पोते से 70 हजार रुपए भी बलदेव ने ऐंठ लिए। इस पूरे मामले में मेरे हस्ताक्षरों की फोरेंसिक (वैज्ञानिक) जांच कराई जाए, सच्चाई अपने आप सामने आ जाएगी। मृतक के नाम जारी किए पट्टे साल 2002 में दिवंगत हो चुके व्यक्ति के नाम पर साल 2025 में फर्जी पट्टा जारी कर दिया गया। कई पट्टों में पिता को पुत्र और पुत्र को पिता बना दिया गया था। पट्टा संख्या-18 समेत कई दस्तावेज कॉमन जानकारी के साथ अलग-अलग लोगों को जारी कर दिए गए। अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच जारी 54 विवादित पट्टों में से 7 पट्टे निवर्तमान सरपंच सावित्री देवी के बेटों, पोतों और पुत्रवधू के नाम पाए गए हैं। देसूला के बूटा सिंह के नाम से एक पट्टा बनाया गया, जबकि उन्हें मरे हुए 25 साल हो गए हैं। बूटा सिंह पूर्व उप सरपंच बलदेव मल्होत्रा के पिता हैं। यही नहीं एक-दूसरे पट्टे में बूटा सिंह को बलदेव का पुत्र बना दिया। सरपंच सावित्र देवी ने कहा- यह सब फर्जीवाड़ा उप सरपंच बलदेव ने किया है। वहीं बलदेव ने कहा- मैं करता तो गलत नाम-पते कैसे दर्ज होते। कोई रिकॉर्ड नहीं साल 2020 के बाद पंचायत रिकॉर्ड में इन पट्टों से संबंधित कोई फाइल ही मौजूद नहीं है। बिना आवेदन और बिना फीस जमा किए ही बैकडेट में पट्टे बनाकर सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से रजिस्ट्रियां भी करवा ली गईं। शिकायत वापस लेने का दबाव, फंसाने के लिए मेरे नाम भी पट्टा बनाया- उपसरपंच मामले का खुलासा करने वाले पूर्व उपसरपंच बलदेव कृष्ण मल्होत्रा ने सीएमओ के बाद अब जिला कलेक्टर को नया परिवाद सौंपा है। मल्होत्रा का आरोप है कि मुझ पर शिकायत वापस लेने का लगातार दबाव बनाया जा रहा है। मुझे और मेरे परिवार को झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए मेरे नाम पर भी फर्जी पट्टे तैयार कर दिए गए।

यह खबर भी पढ़ें… 50 करोड़ की सरकारी जमीन पर भू-माफिया के 150-फर्जी पट्टे:पूर्व VDO के फेक साइन, 6 पट्‌टों पर सरपंच के परिवार का नाम; लोन भी उठाया अलवर जिले में करीब 50 करोड़ रुपए कीमत की सरकारी और गोचर भूमि को भू-माफिया ने हड़प लिया है। यह मामला अलवर के निकट रामगढ़ रोड पर देसूला का है। इस जमीन पर अलवर UIT (अरबन इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट) की नई आवासीय योजना आनी है। इससे पहले ही भू-माफिया ने इस जमीन पर 150 फर्जी पट्टे बनाकर बैंक से करोड़ों रुपए का लोन उठा लिया। (पूरी खबर पढ़ें)

जैसलमेर में सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन:पैदल मार्च निकालकर शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका; राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

लद्दाख के जाने-माने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में सोमवार को जैसलमेर की सड़कों पर भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। हनुमान चौराहा स्थित गांधी दर्शन के सामने बड़ी संख्या में छात्र और आम जनता इकट्ठा हुए। सभी लोगों ने वांगचुक की मांगों को जायज बताते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पैदल मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने देश की शिक्षा व्यवस्था में चल रही गड़बड़ियों को लेकर अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला भी जलाया। इसके बाद प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला कलेक्टर के जरिए राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। सर्व समाज व स्टूडेंट ने किया प्रदर्शन इस प्रदर्शन में युवाओं और समाज के हर वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। गांधी दर्शन से शुरू हुआ यह पैदल मार्च जिला कलेक्ट्रेट दफ्तर पर जाकर खत्म हुआ। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सोनम वांगचुक जिन मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, वे पूरे देश के लिए बेहद जरूरी हैं। प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। सोनम वांगचुक का किया समर्थन यह पूरा आंदोलन बेहद शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हुआ। कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन कर रहे युवाओं और नागरिकों ने अपनी सहमति जताने के लिए ज्ञापन पर अपने हस्ताक्षर भी किए। प्रदर्शन में शामिल एक आंदोलनकारी हाकमदान ने कहा कि लद्दाख के पर्यावरण और देश के संवैधानिक अधिकारों को बचाने की यह लड़ाई अब सिर्फ लद्दाख तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश की जनता सोनम वांगचुक के साथ खड़ी है। जब तक उनकी जायज मांगें पूरी नहीं होतीं, देश के अलग-अलग हिस्सों में इसी तरह आवाज उठती रहेगी।

श्रीगंगानगर अस्पताल से फरार चोरी का आरोपी गिरफ्तार:गोलूवाला पुलिस ने कैंचिया से दबोचा, खिड़की की जाली तोड़कर भागा था

श्रीगंगानगर जिला अस्पताल के कैदी वार्ड से फरार हुए चोरी के एक आरोपी को गोलूवाला थाना पुलिस ने कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी रविवार को अस्पताल से खिड़की की जाली तोड़कर भागा था। पुलिस के अनुसार आरोपी गौरव को रविवार को तबीयत खराब होने पर श्रीगंगानगर जिला अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया था। शाम करीब साढ़े पांच बजे उसने शौचालय जाने का बहाना बनाया और मौके का फायदा उठाकर खिड़की की जाली तोड़कर फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पुरानी आबादी, श्रीगंगानगर निवासी गौरव के रूप में हुई है। उसे चोरी के एक मामले में जवाहरनगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गौरव पर 11 जुलाई को एसएसबी रोड स्थित एक मकान से सोने-चांदी के जेवर चोरी करने का आरोप है। कार्रवाई के बाद उसे शनिवार को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया था। फरार होने के बाद पुलिस ने जिलेभर में उसकी तलाश शुरू की और आसपास के थानों को भी सूचना दी गई। गोलूवाला पुलिस को आरोपी के कैंचियां क्षेत्र में होने की जानकारी मिली। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे कैंचियां स्थित एक मेडिकल स्टोर से दवा लेते हुए दबोच लिया। गोलूवाला थाना प्रभारी रजनदीप कौर ने बताया कि आरोपी को चोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया था और न्यायिक अभिरक्षा के दौरान अस्पताल ले जाया गया था, जहां से वह फरार हो गया था। आरोपी को श्रीगंगानगर पुलिस को सौंप दिया गया है। संबंधित थाने की पुलिस आगे की पूछताछ करेगी।