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सीमावर्ती जिलों में मस्जिद व मदरसों पर कार्रवाई का विरोध:चोपदार ने सरकार को घेरा, बोले-आस्था और संवैधानिक अधिकारों पर उठ रहे सवाल

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस (अल्पसंख्यक विभाग) के प्रदेश अध्यक्ष एमडी चोपदार ने जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर समेत सीमावर्ती जिलों में मस्जिदों, मजारों और मदरसों पर अतिक्रमण हटाने के नाम पर की जा रही कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में सदियों से गंगा-जमुनी तहज़ीब और सामाजिक सौहार्द की परंपरा रही है, वहां धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर की जा रही कार्रवाई चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। चोपदार ने कहा कि मस्जिदों, मदरसों और दरगाहों को चुनिंदा रूप से हटाया जाना केवल भवनों को तोड़ने का मामला नहीं है, बल्कि इससे लाखों लोगों की धार्मिक आस्था और संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 1965 और 1971 के युद्धों के दौरान इन सीमावर्ती इलाकों में सभी धर्मों और समुदायों के लोगों ने मिलकर देश की रक्षा में योगदान दिया था। ऐसे में स्थानीय नागरिकों की निष्ठा और धार्मिक भावनाओं पर संदेह पैदा करने वाली किसी भी कार्रवाई से बचना चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा कि संवेदनशील मामलों में अचानक नोटिस जारी कर कुछ ही घंटों के भीतर वर्षों पुराने ढांचों को ध्वस्त किए जाने से प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर प्रश्न उठते हैं। उन्होंने पूछा कि क्या यह कार्रवाई पूरी तरह निष्पक्ष जांच के आधार पर हो रही है या फिर किसी राजनीतिक दबाव के तहत की जा रही है। चोपदार ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि किसी भी कार्रवाई से पहले पारदर्शी जांच, स्थानीय समुदायों की सुनवाई और संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल किसी भी समुदाय की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का हिस्सा होते हैं और इनके प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण ही सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से भी अपील की कि सीमावर्ती जिलों में चल रही कार्रवाई की समीक्षा कराई जाए और निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। चोपदार ने कहा कि देश और उसकी सुरक्षा सर्वोपरि है तथा संविधान की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को कांग्रेस नेतृत्व के समक्ष भी उठाया गया है। उनके अनुसार, कांग्रेस अल्पसंख्यकों के साथ किसी भी प्रकार के अन्याय के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी और लोकतांत्रिक एवं कानूनी माध्यमों से लोगों की आस्था तथा थार की सांस्कृतिक विविधता की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

राज्य में 1.11 करोड़ गोवंश को लगाई जाएगी वैक्सीन:पशुपालन मंत्री ने ब्यावर में किया लम्पी टीकाकरण के दूसरे चरण का आगाज

राजस्थान में लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी) से गोवंश को सुरक्षित रखने के लिए राज्य स्तरीय टीकाकरण अभियान के दूसरे चरण का शुभारम्भ ब्यावर में किया गया।
पशुपालन, डेयरी एवं गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने तिजारती सर्राफान चैम्बर गोशाला में इस अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर मंत्री ने पशुपालकों से अपने पशुओं का ज्यादा से ज्यादा संख्या में टीकाकरण कराने का आह्वान किया। मंत्री कुमावत ने बताया कि 2 साल पहले लम्पी रोग के लिए अलग से कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं थी, तब गोट पॉक्स वैक्सीन का इस्तेमाल किया गया था, जिससे पशुओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हुई थी।
उन्होंने कहा कि अब लम्पी रोग के लिए विशेष वैक्सीन उपलब्ध है, जिससे यह अभियान और अधिक प्रभावी होगा। उन्होंने गोशालाओं में प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि बड़ी संख्या में गोवंशीय पशुओं को जल्द सुरक्षा मिल सके। ब्यावर में 1.23 लाख गोवंश को लगेगा टीका
उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 में प्रदेशभर में 108.95 लाख गोवंशीय पशुओं का टीकाकरण किया गया था। वहीं वर्ष 2026-27 के लिए 111.51 लाख पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ब्यावर जिले में इस वर्ष 1 लाख 23 हजार 936 गोवंशीय पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा। इस अभियान में होमोलॉगस रांची स्ट्रेन लाइव एटेन्यूएटेड वैक्सीन का उपयोग किया जा रहा है। इस मौके पर ब्यावर विधायक शंकर सिंह रावत ने कहा कि लम्पी टीकाकरण अभियान का राज्य स्तरीय शुभारम्भ ब्यावर से होना जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। विधायक ने क्षेत्र में नई गोशालाओं के संचालन और विस्तार की आवश्यकता पर भी बल दिया। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्म लाल जाट, पूर्व सभापति नरेश कनोजिया, पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, गोशाला संचालक, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

कोटा के किशोर सागर में फ्लड रेस्क्यू मॉक ड्रिल:मानसून से पहले एसडीआरएफ-एनडीआरएफ के जवानों ने दिखाया दम,एसडीआरएफ टीमों का डिप्लॉयमेंट हुआ

कोटा शहर के नयापुरा थाना क्षेत्र स्थित किशोर सागर तालाब में मानसून सीजन को देखते हुए फ्लड रेस्क्यू मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस संयुक्त अभ्यास में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आर्मी, सिविल डिफेंस सहित अन्य संबंधित एजेंसियों ने भाग लिया। मॉक ड्रिल का उद्देश्य बाढ़ और जलभराव जैसी आपात स्थितियों में बेहतर समन्वय और त्वरित बचाव कार्यों की तैयारियों को परखना था। एसडीआरएफ कोटा बी कंपनी की इंस्पेक्टर एकता हाड़ा ने बताया कि मानसून शुरू होने से पहले यह अभ्यास किया गया है ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में रेस्क्यू टीम पूरी तरह तैयार रहे। मॉक ड्रिल के दौरान किशोर सागर तालाब के बीच में कुछ लोगों के फंसे और डूबने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। इसके बाद जवानों ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नावों और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान रेस्क्यू में इस्तेमाल होने वाले सभी उपकरणों और संसाधनों की कार्यक्षमता भी जांची गई। जवानों ने बाढ़ के दौरान बचाव कार्यों से जुड़ी विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन किया। इस तरह के अभ्यास से आपदा के समय प्रतिक्रिया क्षमता और बेहतर होती है। इंस्पेक्टर एकता हाड़ा ने बताया कि मानसून सत्र के लिए एसडीआरएफ कोटा बी कंपनी की रेस्क्यू टीमें बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों के लिए रवाना की जा रही हैं। ये टीमें मानसून समाप्त होने तक संबंधित जिलों में तैनात रहेंगी। वहीं कोटा में भी कुछ टीमों को रिजर्व रखा गया है, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर तुरंत राहत और बचाव कार्यों के लिए भेजा जाएगा।

झालावाड़ में वन विभाग की नर्सरियां हुई हाईटेक:क्यूआर कोड से घर बैठे बुक करा सकेंगे मनपसंद पौधे

झालावाड़ में पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से वन विभाग ने एक नई पहल की है। जिले की नर्सरियों को अब हाईटेक बना दिया गया है, जिससे आमजन घर बैठे ही अपनी पसंद के पौधों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और उनकी ऑनलाइन बुकिंग भी कर पाएंगे। इसके लिए प्रत्येक नर्सरी के बाहर विशेष क्यूआर कोड लगाए गए हैं। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले की 8 वन रेंजों में कुल 19 नर्सरियां स्थापित की गई हैं। इन नर्सरियों में इस साल लगभग 12 लाख 20 हजार पौधे तैयार किए गए हैं। इनमें छायादार, फलदार, फूलदार और सजावटी प्रजातियों के पौधे शामिल हैं। विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों को पौधरोपण के लिए प्रेरित करना और पौधों की उपलब्धता को पारदर्शी व सुगम बनाना है। क्यूआर कोड स्कैन करते ही मिलेगी पूरी डिटेल
क्यूआर कोड स्कैन करने पर मोबाइल स्क्रीन पर संबंधित नर्सरी में उपलब्ध पौधों की संख्या, उनकी प्रजाति, ऊंचाई और अन्य आवश्यक विवरण तुरंत दिखाई देंगे। इससे लोगों को नर्सरी तक बार-बार जाने की आवश्यकता नहीं होगी और वे अपनी पसंद के अनुसार पौधों का चयन आसानी से कर सकेंगे।
पौधों के चयन के बाद ऑनलाइन बुकिंग भी की जा सकेगी। वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि ऑनलाइन सुविधा के लिए पोर्टल 5 जून से खोल दिया गया है। विभाग के एफएमडीएसएस (FMDSS) पोर्टल पर भी पौधों से संबंधित सभी जानकारी उपलब्ध है। पौधों की ऑनलाइन बुकिंग भी कर सकते है
नागरिक पोर्टल पर जाकर विभिन्न नर्सरियों में उपलब्ध पौधों का विवरण देख सकते हैं और ऑनलाइन भुगतान करके बुकिंग प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। ऑनलाइन भुगतान से प्राप्त राशि सीधे राजस्थान सरकार के राज्य स्तरीय खाते में जमा होगी, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी।
विभाग का मानना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से पौधों की बिक्री में वृद्धि होगी और अधिक से अधिक लोग पौधरोपण अभियान से जुड़ सकेंगे। वन विभाग की यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 2 से लेकर 10 फीट तक के पौधे उपलब्ध
वन विभाग की नर्सरी में 2 फीट से लेकर 10 फीट के ऊपर तक के पौधे उपलब्ध है, इनमें अधिकांश पौधे 5 से 25 रुपए तक की राशि में उपलब्ध हो सकेंगे। वन विभाग अधिकारी संजय शर्मा ने बताया कि ऑनलाइन सेवा से पौधारोपण के प्रति आमजन का रूझान बढ़ेगा। सागवान का पौधा हर नर्सरी में होगा तैयार
वन विभाग के अनुसार पंच गौरव में शामिल सागवान का पौधा अब प्रत्येक नर्सरी में उपलब्ध होगा, वन विभाग की ओर से प्रत्येक नर्सरी में 10-10 हजार के हिसाब से पौधे तैयार कराए जा रहे है। सागवान एक बेहतर गुणवत्ता का पौधा है। इसकी लकड़ी का उपयोग दरवाजे, सोफा, फर्नीचर के कई प्रकार के सामान बनाने में होता है। झालावाड़ में लगाए जाएंगे 26 लाख पौधे
हरियालो राजस्थान के तहत जिले में 26 लाख पौधे लगाए जाएंगे। इसमें वन विभाग 10 लाख 51 हजार पौधे लगाएगा। इसी प्रकार 24 विभागों को भी पौधे लगाने का टारगेट दिया गया है। इसमें शिक्षा, पंचायत राज, पुलिस, निकाय, कृषिविभाग, प्रदूषण नियंत्रण मंडल, उद्यानिकी विभाग, पीडब्ल्यूडी, जल संसाधन, सहकारिता ,आरएसआरडीसी को पौधे लगाने का टारगेट दिया गया है।

दस महीने पहले बनाए पुल में दरार की जांच शुरू:जनसुनवाई में शिकायत आई तो कलेक्टर मौके पर गए थे, अब काम के क्वालिटी की जांच

उदयपुर के नयागांव क्षेत्र में तीन पट्टा मोड से सरेरा जाने वाले रास्ते पर तालाब के पानी से गुजरने के लिए पुराने पुल पर बनाए नए पुल में दस महीने में ही दरार आ गई। मामला कलेक्टर की जनसुनवाई में आया तो कलेक्टर मौका देखकर आए और वहीं से जांच के आदेश दिए। अब जिला परिषद की एक टीम ने इस पुल निर्माण में क्वालिटी की जांच शुरू की। असल में ग्रामीणों से लेकर जनप्रतिनिधियों ने इस बात की शिकायत थी कि सरेरा ग्राम पंचायत में डाडमिया पुल के निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और उसका सीधा तौर पर पुल को नुकसान पहुंचा और आठ महीने में ही पुल में दरार आ गई। नयागांव में 11 जून को ​उदयपुर कलेक्टर गौरव अग्रवाल की जनसुनवाई थी। इस दौरान इस पुल का विषय उठाने वाले लोगों ने जनसुनवाई में कलेक्टर को ​पूरी स्थिति बताई। उन्होंने कहा कि दरारें बढ़ रही है कभी पुल ढह जाए तो हादसा हो जाएगा। जनसुनवाई खत्म होने के बाद कलेक्टर अग्रवाल वहां से पुल देखने मौके पर पहुंच गए। वहां से उन्होंने जिला परिषद को इसकी जांच कराने के निर्देश दिए। इसी क्रम में जिला परिषद उदयपुर से एक तकनीकी टीम जांच के लिए मौके पर पहुंची। टीम ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता का जायजा लिया और कोर कटिंग मशीन का उपयोग करते हुए तीन अलग-अलग स्थानों से कंक्रीट और अन्य सामग्री के नमूने इकट्ठा किए। उदयपुर जिला परिषद की इस जांच टीम में आशीष धाकड़, प्रियंका चपलोत, धर्मेश लोहार और हेमंत चौबीसा भी शामिल थे। मौके पर ग्राम पंचायत सरेरा के रोजगार सहायक नरेश लबाना, वार्ड पंच मनीष भगोरा, समाजसेवी शंकर परमार सहित गांव के अन्य ग्रामीण भी उपस्थित रहे और उन्होंने टीम को पुल में आई दरार बताई।

बारां में मोहर्रम को लेकर निकाला फ्लैग मार्च:रूट निरीक्षण कर की शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील

बारां में मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के उद्देश्य से बुधवार शाम को जिला प्रशासन और पुलिस ने शहर में फ्लैग मार्च निकाला। इस दौरान अधिकारियों ने मोहर्रम जुलूस के निर्धारित मार्ग का निरीक्षण किया और आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। फ्लैग मार्च का नेतृत्व जिला कलेक्टर बालमुकुंद असावा और एसपी अभिषेक अंदासु ने किया। अधिकारियों ने जुलूस मार्ग पर सुरक्षा, यातायात, बिजली और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों का भी दौरा कर विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। शांति, भाईचारे और कानून व्यवस्था बनाए रखने का दिया संदेश
फ्लैग मार्च में एएसपी डॉ. कमल जांगिड़, डीएसपी रोहिताश सिंह देवंदा, सीआई हीरालाल पुनिया सहित पुलिस विभाग के अधिकारी, बड़ी संख्या में पुलिस बल और विद्युत निगम के अधिकारी शामिल थे। यह मार्च शहर के प्रताप चौक से शुरू होकर धर्मादा चौराहा, सर्राफा बाजार, मीट मार्केट, सब्जी मंडी और इंद्रा मार्केट से होते हुए वापस प्रताप चौक पर समाप्त हुआ। इस दौरान पुलिस बल ने लोगों को शांति, भाईचारे और कानून व्यवस्था बनाए रखने का संदेश दिया। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि मोहर्रम पर्व के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जुलूस मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा और विशेष निगरानी रखी जाएगी। अधिकारियों ने आमजन से पर्व को आपसी सौहार्द और शांति के साथ मनाने की अपील की।

फर्जी-बॉस, फर्जी-नियामक संस्थाओं के नाम पर साइबर-ठगी का नया जाल:राजस्थान पुलिस ने जारी की एडवाइजरी, ZIP फाइल और तत्काल भुगतान के दबाव से बचने की अपील

डिजिटल युग में साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीकों से लोगों और संस्थानों को निशाना बना रहे हैं। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन और विभिन्न संस्थानों के कर्मचारियों को आगाह करते हुए बताया है कि इन दिनों साइबर ठग ‘फर्जी बॉस’ (Fake Boss) और ‘फर्जी नियामक संस्था’ (Fake Regulatory Body) बनकर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की कोशिश कर रहे हैं। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) वीके सिंह ने बताया कि साइबर अपराधी खुद को किसी वरिष्ठ अधिकारी, कंपनी प्रमुख, बैंकिंग या नियामक संस्था का प्रतिनिधि बताकर ईमेल, व्हाट्सएप संदेश या फोन कॉल करते हैं। इसके बाद वे कर्मचारियों, विशेषकर वित्त विभाग से जुड़े कार्मिकों पर तत्काल भुगतान या गोपनीय वित्तीय लेन-देन का दबाव बनाते हैं। पुलिस के अनुसार अपराधी पहले किसी ZIP फाइल, संदिग्ध लिंक या सॉफ्टवेयर को डाउनलोड करवाते हैं। फाइल खुलते ही मालवेयर सिस्टम या व्हाट्सएप वेब तक पहुंच बनाकर महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कर लेता है। इसके बाद अधिकारी के नाम से संदेश भेजकर खातों में धनराशि ट्रांसफर कराने का प्रयास किया जाता है। इन संकेतों को न करें नजरअंदाज साइबर क्राइम शाखा ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था तत्काल भुगतान, गोपनीय लेन-देन या दबावपूर्ण निर्देश दे रही हो, अनजान स्रोत से ZIP फाइल या सॉफ्टवेयर भेजा गया हो, संदिग्ध ईमेल आईडी या मोबाइल नंबर का उपयोग किया गया हो अथवा किसी नियामक संस्था के नाम से असामान्य संदेश प्राप्त हो रहे हों, तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। सुरक्षा के लिए अपनाएं ये उपाय राजस्थान पुलिस ने सलाह दी है कि किसी भी भुगतान संबंधी निर्देश की स्वतंत्र रूप से फोन कॉल या व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से पुष्टि अवश्य करें। अज्ञात स्रोतों से प्राप्त लिंक, फाइल या सॉफ्टवेयर को कभी डाउनलोड न करें। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) या अन्य नियामक संस्थाएं व्हाट्सएप के माध्यम से ZIP फाइल या सॉफ्टवेयर नहीं भेजती हैं। इसके अलावा व्हाट्सएप वेब और लिंक्ड डिवाइस की नियमित जांच करें, एंटीवायरस एवं सुरक्षा सॉफ्टवेयर को अपडेट रखें तथा वित्तीय लेन-देन में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) का उपयोग अनिवार्य रूप से करें। संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत करें शिकायत राजस्थान पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि इस प्रकार की कोई घटना घटित होती है या साइबर ठग धोखाधड़ी का प्रयास करते हैं तो तुरंत निकटतम पुलिस थाना, साइबर पुलिस थाना, साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 और 9257510100 पर सूचना दें। पुलिस ने कहा है कि सतर्कता ही साइबर सुरक्षा का सबसे बड़ा हथियार है। किसी भी संदिग्ध लिंक, फाइल या वित्तीय निर्देश पर बिना पुष्टि किए भरोसा न करें।

तेज-बारिश से बीसलपुर-बांध में हुई एक सेमी पानी की आवक:बांध का जलस्तर 313.55 आरएल मीटर, देवली में 24 घंटे में 22 एम एम बारिश

जिले में बीते 24 घंटे में भराव क्षेत्र समेत जिले के कई जगह हुई तेज बारिश के चलते बीसलपुर बांध में भी पानी की एक सेंटीमीटर आवक हुई है। इसके चलते बांध का जलस्तर गुरुवार को घटा नहीं है। गुरुवार को भी बांध का जल स्तर बुधवार की तरह 313.55 आर एल मीटर बना हुआ है। जबकि 17 मार्च से नहरें बंद होने के बाद टोंक, जयपुर और अजमेर में पेयजल के लिए बांध से की जा रही सप्लाई के कारण रोजाना एवरेज एक सेंटीमीटर बांध खाली हो रहा था, लेकिन बीते 24 घंटे में बांध के भराव क्षेत्र में हुई बारिश के चलते बांध में पानी आया है। तेज बारिश के कारण हुई आवक दो दिन से बांध का जल स्तर 314.55 आर एल मीटर पर स्थिर है। बीसलपुर बांध परियोजना एएनएन दिनेश बैरवा का कहना है कि बीते 24 घंटे में बांध के भराव क्षेत्र वाले इलाके में तेज बारिश हुई थी, इससे बांध में पानी की आवक बनी हुई है। बीसलपुर बांध के रेन गेज सेंटर पर गुरुवार सुबह 8 बजे तक पिछले 24 घंटे में 19 एमएम बारिश दर्ज की गई। बांध का जलस्तर 314.55 आर एल मीटर बीसलपुर बांध परियोजना के AEN दिनेश कुमार बैरवा ने बताया- दो दिन से बांध का जलस्तर 314.55 आर एल मीटर बना हुआ है। यानि कि करीब एक सेमी पानी बांध में गुरुवार सुबह 8 बजे तक आ गया है। अभी भी हल्के बादल छाए हुए हैं। दोपहर बाद मौसम बदलने में बाद बारिश हो सकती है। कई जगह बारिश हुई उधर के अन्य कस्बों और शहरी क्षेत्रों में भी कई तेज तो कई मध्यम गति की बारिश हुई है। इसमें सबसे ज्यादा बारिश जिले में पनवाड़ रेन गेज पर 22 MM दर्ज की गई ही। 24 घंटे में नासिरदा में पांच, लांबाहरिसिंह में 9 में, माशी डेम पर 3 एम एम बारिश हुई हैं।

मारपीट के 10 दिन बाद युवक की मौत:4 नामजद आरोपियों पर हत्या का आरोप, हमला कर की थी लूटपाट

धौलपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में मारपीट के बाद इलाज के दौरान एक युवक की मौत का मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों ने 4 नामजद लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक के छोटे भाई पवन पुत्र हजारीलाल ने बताया कि उनका बड़ा भाई रामवीर उर्फ बल्लो (43) टेम्पो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। आरोप है कि 14 जून की रात करीब 8:45 बजे रामवीर भीकाकापुरा गांव से धौलपुर लौट रहा था। हमला कर कैश-मोबाइल लूटा था
इसी दौरान बिछिया गांव के पास मोड़ पर कुछ लोगों ने उसे नाम लेकर रोका और लाठी-डंडों व सरियों से हमला कर दिया। परिजनों के अनुसार हमले में रामवीर के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। आरोपियों ने उसके पास से नकदी, मोबाइल फोन, ईयरफोन और चश्मा भी छीन लिया। इलाज के दौरान तोड़ा दम
घायल अवस्था में घर पहुंचने के बाद रामवीर का उपचार कराया गया। सिर का सीटी स्कैन कराने पर गंभीर चोट की पुष्टि हुई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत बिगड़ने पर 24 जून को उसे जयपुर रेफर किया गया, लेकिन एसएमएस अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आरोपी पहले भी मांगते थे शराब के लिए पैसे
परिजनों का आरोप है कि रामवीर की मौत मारपीट में आई गंभीर चोटों के कारण हुई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी पहले भी शराब के लिए पैसे मांगते थे और इसी विवाद के चलते इस घटना को अंजाम दिया गया।
पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है।

शहरी-शिविर के बीच आयुक्त छुट्टी पर, कलेक्टर ने थमाया नोटिस:यूआईटी सचिव विवेक व्यास को दिया अतिरिक्त प्रभार, आगामी आदेशों तक संभालेंगे कार्यभार

बाड़मेर नगर परिषद आयुक्त शहरी सेवा शिविर के बीच में अचानक बिना सूचना छुट्टी पर चले गए। 3 दिनों से बिना सूचना मुख्यालय से बाहर है, इसके चलते शिविर के काम प्रभावित हो रहा था। इस लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने आयुक्त भगवत सिंह परमार को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब-तलब किया है। कलेक्टर ने यूआईटी सचिव विवेक व्यास को बाड़मेर नगर परिषद आयुक्त का अतिरिक्त पद भार दिया है। दरअसल, बाड़मेर समेत राजस्थान भर में शहरी सेवा शिविर चल रहे है। इसमें शहर के भूखंडों के पट्‌टे, विवाह पंजीयन समेत आम लोगों से जुड़े काम किए जा रहे है। सरकार के महत्वपूर्ण शिविर में बाड़मेर नगर परिषद आयुक्त बिना सूचना छुट्‌टी पर जाना गंभीर लापरवाही दर्शाता है। एक वीक बाद होगे शिविर में आने वालों के काम आयुक्त परिहार तीन दिनों से अवकाश पर है वहीं आगामी चार दिनों तक प्रशासनिक अवकाश होने के कारण शिविर में आने वाले लोगों का काम अब एक सप्ताह बाद ही होगा। ऐसे में अपने काम के लिए शिविर में आने वाले लोगों को कोई राहत नहीं मिल पा रही है। जनता के काम न अटके और शिविर सुचारू रूप से चलता रहे इसके लिए कलेक्टर ने तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की है। यूआईटी सचिव व्यास को दिया अतिरिक्त कार्यभार जारी आदेशों के अनुसार नगर विकास न्यास बाड़मेर के सचिव और आरएएस अधिकारी विवेक व्यास को अपने वर्तमान पद के साथ-साथ नगर परिषद आयुक्त पद का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। व्यास अग्रिम आदेशों तक यह अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालेंगे। ताकि शिविर सुचारू रूप से संचालित हो सके।