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ग्रामीण-शहरी सेवा शिविर की अवधि 31 अगस्त तक बढ़ी:सीएम ने कहा- अधिकारी बहाने नहीं बनाएं, समय पर काम पूरा करें; 2 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई

प्रदेश में सरकार ने ग्रामीण-शहरी शिविर की अवधि 31 अगस्त तक बढ़ा दी है। एक बार फिर प्रदेशभर में यह शिविर मंगलवार से लगेंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को सीएमआर में राज उन्नति की 7वीं बैठक के दौरान शिविरों के समीक्षा करते हुए इनकी डेट बढ़ाने का फैसला लिया। बैठक में सीएम ने 7 विभागों की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। सीएम ने कहा- विकास परियोजनाओं को टाइमलाइन में पूरा कर जनता को समय पर लाभ पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों को संदेश दिया- वे काम में बहाने नहीं बनाएं और जनता के काम को समय पर पूरा करें। दो अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई मुख्यमंत्री भजनलाल ने बैठक में संपर्क पोर्टल पर दर्ज परिवादों की समीक्षा करते हुए बूंदी जिले में प्रसूति सहायता योजना के तहत लाभार्थी मनीषा मीणा को समय पर लाभ नहीं मिलने पर संयुक्त श्रम आयुक्त दीपक यादव और संकेत मोदी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। परिवादी ने साल 2023 में प्रसूति सहायता योजना के तहत आवेदन किया था, जिसे दस्तावेज अपूर्ण बताते हुए निरस्त कर दिया गया। वहीं प्रतापगढ़ में चुपना के राजीविका के जागृति क्लस्टर संगठन की शिकायत पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से चार्जशीट देने के निर्देश दिए। संगठन ने शिकायत दी थी कि ब्लॉक परियोजना प्रबंधक धर्मेन्द्र पंवार द्वारा उनके क्लस्टर संगठन का खाता बंद कर दिया गया और उनसे कमीशन की मांग की गई। इस संबंध में संगठन ने विभिन्न स्तरों पर परिवाद दर्ज कराया। शिकायत प्रथमदृष्टया सही पाई जाने के बावजूद लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। कार्रवाई में देरी पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को चार्जशीट दिए जाने के निर्देश दिए। 15 जुलाई तक 19 हजार से ज्यादा शिविर लगे प्रदेशभर में 12 जून से 15 जुलाई तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 19 हजार से ज्यादा शिविर आयोजित हो चुके हैं। शहरी सेवा शिविरों में 42 हजार से अधिक पट्टे जारी करने के साथ ही 13 हजार से अधिक नाम हस्तांतरण भी किए गए। वहीं, 1 लाख से अधिक जन्म-मृत्यु और विवाह पंजीकरण, पालनहार योजना में 12 हजार से अधिक सत्यापन, 18 हजार से अधिक पीएम स्वनिधि ऋण आवेदन तथा 41 हजार से अधिक विद्युत कनेक्शन उपलब्ध करवाए गए। इसी प्रकार ग्रामीण सेवा शिविरों में 1 लाख 97 हजार से अधिक नामांतरण, लगभग 48 हजार से अधिक पत्थरगढ़ी/सीमाज्ञान, 27 हजार से अधिक आपसी सहमति से विभाजन तथा 18 हजार से अधिक रास्तों के प्रकरणों का निस्तारण किया गया। साथ ही ग्रामीण सेवा शिविरों में 25 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार, 11 लाख से अधिक की टीबी स्क्रीनिंग तथा साढ़े 4 लाख से अधिक महिलाओं की ओरल, ब्रेस्ट एवं सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग भी की गई।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सचिवालय पर प्रदर्शन:मानदेय बढ़ाने और नियमित करने की मांग पर नारेबाजी, पुलिस ने किया डिटेन

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने सोमवार को अपनी मांगों को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशालय और शासन सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने नियमितिकरण, मानदेय बढ़ाने और आंगनवाड़ी कर्मियों से गैर-आईसीडीएस कार्य नहीं करवाने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को डिटेन कर गांधीनगर थाने पहुंचाया। बाद में सभी को थाने से छोड़कर उनके-अपने घरों के लिए रवाना कर दिया गया। 1 जुलाई से चल रहा था आंदोलन
अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के आह्वान पर आंगनवाड़ी कर्मियों का आंदोलन 1 जुलाई से शुरू हुआ था। 1 से 6 जुलाई तक कार्य बहिष्कार किया गया, जबकि 7 से 18 जुलाई तक आम हड़ताल और ताला बंदी रही। 18 जुलाई को हुआ था समझौता
18 जुलाई को विभाग और कर्मचारी संघ के बीच समझौता हुआ था। इसमें ग्रेच्युटी से जुड़े आदेश जल्द जारी करने और अन्य राज्यों में दिए जा रहे मानदेय का अध्ययन कर तीन महीने के भीतर मानदेय बढ़ाने पर निर्णय लेने पर सहमति बनी। समझौता पत्र पर विभाग की ओर से निदेशक वासुदेव मालावत और अतिरिक्त निदेशक दीनानाथ बब्बल, जबकि संघ की ओर से संस्थापक छोटीलाल बुनकर, संरक्षक विनीता शेखावत, प्रदेशाध्यक्ष रचना शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद हड़ताल समाप्त करने की घोषणा भी कर दी गई थी। मानदेय बढ़ोतरी पर स्पष्टता नहीं होने से नाराजगी
हालांकि, कुछ आंगनवाड़ी कर्मियों ने समझौते का विरोध किया। उनका कहना है कि समझौते में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि मानदेय कितना बढ़ाया जाएगा। इसी वजह से सोमवार को उन्होंने फिर से प्रदर्शन किया। दूसरे राज्यों से कम है राजस्थान का मानदेय
प्रदर्शनकारी कर्मियों का कहना है कि मध्य प्रदेश, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में आंगनवाड़ी कर्मियों को 11 हजार से 20 हजार रुपए तक मानदेय मिलता है, जबकि राजस्थान में कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को करीब 6,500 से 10,500 रुपए तक ही मानदेय दिया जा रहा है। उनका कहना है कि अन्य राज्यों के बराबर मानदेय तय कर जल्द आदेश जारी किए जाएं।

चित्तौड़गढ़ क्रिकेट एसोसिएशन का चुनाव, मतदान स्थल पर मिला ताला:नतीजों की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं; सदस्य बोले- प्रक्रिया संदेह के घेरे में

चित्तौड़गढ़ क्रिकेट एसोसिएशन का चुनाव अब बड़े विवाद की वजह बन गया है। चुनाव कराने का दावा किया गया, लेकिन जिस जगह मतदान होना बताया गया था, वहां चुनाव जैसी कोई गतिविधि नहीं मिली और चुनाव कार्यालय पर ताला लगा मिला। कई सदस्यों का कहना है कि उन्हें चुनाव की सूचना ही नहीं दी गई। जिला खेल अधिकारी और राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) तक को आखिरी समय में जानकारी मिली। इतना ही नहीं, चुनाव के बाद भी नतीजों की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई। ऐसे में पूरा चुनाव सवालों के घेरे में आ गया है और इसकी पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। तय जगह पर नहीं मिला चुनाव, दूसरे होटल में होने की चर्चा जानकारी के अनुसार, चित्तौड़गढ़ क्रिकेट एसोसिएशन पिछले करीब दो साल से तदर्थ (एडहॉक) कमेटी के जरिए संचालित हो रही है। कुछ सदस्यों ने चुनाव नहीं होने पर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद कोर्ट ने चुनाव कराने के निर्देश दिए। आरोप है कि 25 मई की तारीख का नोटिफिकेशन जारी दिखाया गया और 19 जुलाई को मतदान तय कर दिया गया, लेकिन इसकी जानकारी न तो एसोसिएशन के अधिकांश सदस्यों को दी गई और न ही समय पर संबंधित विभागों तक पहुंची। रविवार को जब सदस्य और अन्य लोग सांवलियाजी स्थित गोकुल विश्रांति गृह पहुंचे, जहां चुनाव होना बताया गया था, तो वहां चुनाव अधिकारी नहीं मिले और चुनाव कार्यालय बताए गए कमरे पर ताला लगा मिला। हालांकि चर्चा रही कि मंगलवाड़ क्षेत्र के एक होटल में कुछ लोगों की मौजूदगी में चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली गई, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी। 24 घंटे बाद भी नहीं आए नतीजे चुनाव को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर मतदान हो चुका था तो उसके बाद परिणाम सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए। आमतौर पर चुनाव पूरा होने के बाद चुनाव अधिकारी विजेताओं की घोषणा करता है, लेकिन यहां 24 घंटे से ज्यादा समय बीतने के बाद भी कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं हुई। चुनाव अधिकारी, तदर्थ समिति के अध्यक्ष और संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कई लोगों ने फोन नहीं उठाया। कुछ सदस्यों का आरोप है कि एसोसिएशन के पुराने सदस्यों को सूचना नहीं दी गई और नए सदस्यों को जोड़कर चुनाव कराने की कोशिश की गई। उनका यह भी कहना है कि तदर्थ समिति को नए सदस्य बनाने का अधिकार ही नहीं है। ऐसे में पूरे चुनाव की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। हाईकोर्ट के आदेश और प्रक्रिया पर भी उठे सवाल इस मामले में सदस्यों का कहना है कि हाईकोर्ट ने समय पर चुनाव कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन चुनाव की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से नहीं अपनाई गई। आरोप है कि मतदाता सूची सार्वजनिक नहीं की गई, सदस्यों को नोटिस नहीं भेजा गया और चुनाव की जानकारी भी अंतिम समय में दी गई। जिला खेल अधिकारी और आरसीए को भी समय पर सूचना नहीं मिलने की बात सामने आई है। अब एसोसिएशन के कई सदस्य पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और चुनाव प्रक्रिया की वैधता की जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि क्रिकेट जैसे महत्वपूर्ण खेल से जुड़े संगठन में चुनाव पूरी पारदर्शिता और तय नियमों के अनुसार होने चाहिए, ताकि खिलाड़ियों और खेल के हितों पर किसी तरह का सवाल खड़ा न हो।

गुजरात-राजस्थान में बाइक चुराकर स्नैचिंग करने वाली गैंग पकड़ी:17 साल से सक्रिय शातिर गिरोह को अजमेर से दबोचा, पर्स छीनने वाले 3 आरोपी भी गिरफ्तार

उदयपुर की हिरणमगरी और सूरजपोल थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 2 अलग-अलग मामलों में अंतरराज्यीय चेन स्नैचर गिरोह और पर्स छीनने वाले बदमाशों का पर्दाफाश किया है। हिरणमगरी पुलिस ने चोरी की बाइक से चेन स्नैचिंग करने वाले 2शातिर आरोपियों को अजमेर से गिरफ्तार किया है। वहीं, सूरजपोल पुलिस ने स्कूटी सवार महिला से पर्स छीनकर भागने वाले आरोपियों को भी पकड़ा है। एसपी डॉ अमृता दुहन ने बताया कि हिरणमगरी थाना पुलिस ने अहमदाबाद निवासी भौमिक उर्फ लाला और सूरत निवासी जितेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है। थानाधिकारी रविंद्र चारण के नेतृत्व में बनी स्पेशल ‘टारगेट टीम’ ने 9 दिनों की कड़ी मशक्कत और 400 से 500 किलोमीटर की दूरी तय कर आरोपियों को अगली वारदात को अंजाम देने से ठीक पहले पकड़ा। दोनों आरोपी पिछले 17 सालों से लगातार अपराध की दुनिया में सक्रिय हैं। ये आरोपी लूट और स्नैचिंग के पैसों से बेहद खर्चीली और विलासितापूर्ण लाइफस्टाइल जीते हैं। इनके खिलाफ राजस्थान और गुजरात के अलग-अलग थानों में हत्या, लूट, धोखाधड़ी, चोरी और चेन स्नैचिंग के करीब 18 मामले दर्ज हैं। ये वर्तमान में वडोदरा और सूरत पुलिस के मामलों में भी वांछित चल रहे थे। हेलमेट और रुमाल का इस्तेमाल करते थे एसपी ने बताया कि जांच में बदमाशों का बेहद हैरान करने वाला तरीका सामने आया है। आरोपी पुलिस को गुमराह करने के लिए गुजरात से बाइक चोरी कर राजस्थान में और राजस्थान से बाइक चुराकर गुजरात के शहरों में वारदात करते थे। पुलिस से बचने के लिए आरोपी वारदात वाले शहर से करीब 100 किलोमीटर पहले ही अपने मोबाइल बंद कर लेते थे। पहचान छिपाने के लिए वे हमेशा हेलमेट और रुमाल का इस्तेमाल करते थे। किसी भी शहर से वाहन चुराकर 400 से 500 किलोमीटर दूर जाकर वारदात करते थे और फिर उस वाहन को किसी सुनसान जगह पर छोड़कर दूसरे साधनों से भाग निकलते थे। हिरणमगरी पुलिस टीम ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर 9 दिनों तक घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में सुनसान जगह बाइक छोड़कर पैदल जाते बदमाशों का हुलिया भूपालपुरा की पुरानी वारदात से मैच हो गया। पुलिस ने ऑटो चालकों, ट्रैवल्स एजेंटों से पूछताछ और तकनीकी मदद से अहमदाबाद होते हुए अजमेर में आरोपियों को दबोच लिया। आरोपियों ने पूछताछ में जून महीने में हाथीपोल क्षेत्र से बाइक चुराने और भूपालपुरा में चेन स्नैचिंग की वारदात कबूल की है। एसपी दुहन ने बताया कि दूसरी बड़ी कार्रवाई में सूरजपोल पुलिस ने 18 जुलाई की रात हुई पर्स छीनने की वारदात का पर्दाफाश किया। भटियानी चौहटा से अपने घर जा रही महिला का पीछा कर बाइक सवार बदमाशों ने पर्स छीन लिया था। इस दौरान महिला चलती स्कूटी से नीचे गिर गई, जिससे उसके हाथ और शरीर पर गंभीर चोटें आई थीं। थानाधिकारी सूर्यभान सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी मदद के आधार पर बाघपुरा के जंगलों में दबिश देकर 19 साल के आरोपी ललित को गिरफ्तार किया। 2 बाल अपचारियों को डिटेन किया। पुलिस ने इनके कब्जे से छीना गया पर्स, चांदी की पायजेब, एटीएम कार्ड और वारदात में इस्तेमाल पावर बाइक बरामद की है।

बेटे को गोद में लेकर मां ट्रेन के आगे कूदी:घर से 500 मीटर दूर दोनों की दर्दनाक मौत; महिला का गुजरात में चल रहा था इलाज

बाड़मेर में एक मां ने अपने 6 साल के मासूम बेटे के साथ ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। हादसे में दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटना सदर थाना इलाके में धूड़ानियों की ढाणी के पास शाम करीब सवा चार बजे हुई। बाड़मेर-मुनाबाव रेलवे ट्रैक पर इंजन के सामने कूदी
सदर थाने के सीआई देवीचंद ढाका ने बताया कि धूड़ानियों की ढाणी निवासी सायर कंवर(45) पत्नी डूंगरसिंह सोमवार शाम करीब 4 बजे अपने 6 साल के बेटे राजू के साथ घर से निकली थी। घर से करीब 500 मीटर दूर बाड़मेर-मुनाबाव रेलवे ट्रैक पर मुनाबाव की तरफ से आ रहे एक इंजन के सामने शाम सवा चार बजे महिला अपने बेटे संग कूद गई। सीआई ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और दोनों के शवों को जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में भिजवाया। हादसे की खबर मिलते ही मृतका के पीहर और ससुराल पक्ष के लोग भी मौके पर पहुंच गए। प्रारंभिक जांच और परिजनों से पूछताछ में सामने आया है कि महिला का मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। परिजनों ने बताया कि पिछले तीन साल से गुजरात के पालनपुर में उसका इलाज चल रहा था। पीहर और ससुराल दोनों ही पक्षों ने किसी भी तरह की शंका जाहिर नहीं की है। पुलिस परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर मंगलवार को शवों का पोस्टमॉर्टम करवाएगी। फिलहाल मामले से जुड़े हर पहलू की जांच की जा रही है।

17 लाख की साइबर-ठगी कर स्टूडेंट्स के खातों में मंगवाए-रुपए:चाय की थड़ियों पर छात्रों को कमीशन का लालच देकर लेते अकाउंट डिटेल, दो बदमाश गिरफ्तार

जयपुर में पुलिस ने साइबर फ्रॉड गिरोह के दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के बैंक खातों की जांच में साइबर पोर्टल नंबर 1930 पर 13 अलग-अलग साइबर शिकायतें दर्ज मिली थीं। इनमें करीब 17 लाख रुपए की ठगी के रुपए आए थे। पुलिस ने आरोपियों से दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। उनके बैंक खातों में करीब 5 लाख रुपए की राशि फ्रीज कराई है। विशेष अभियान ‘ऑपरेशन म्यूल हंटर’ के तहत पुलिस ने यह कार्रवाई की। डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया- जांच में सामने आया कि आरोपी जयपुर के पॉश इलाकों में चाय की थड़ियों पर बैठकर स्कूल-कॉलेज के स्टूडेंट्स को कमीशन का लालच देते थे। इसके बदले स्टूडेंट्स के बैंक खाते किराए पर लेकर उनमें साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर कराई जाती थी। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर 19 जुलाई को दो आरोपी अरिहंत जैन (19) निवासी शांतिनगर दुर्गापुरा और युवराज सिंह उर्फ युवी (20) निवासी मानसरोवर को गिरफ्तार किया। एटीएम से रुपए निकाकर आरोपियों तक पहुंचाते आरोपी म्यूल अकाउंट वाले खातों में आए रुपयों को एटीएम से निकालकर गिरोह के मुख्य आरोपियों तक पहुंचाते थे। ताकि साइबर पोर्टल 1930 पर शिकायत दर्ज होने से पहले रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर ट्रेसिंग से बचाया जा सके। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ शिप्रापथ थाने में बीएनएस और आईटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस गिरोह के अन्य बदमाशों की तलाश कर रही है। ‘आपका मोबाइल फिर से आपका’ अभियान में 519 मोबाइल बरामद वहीं जयपुर साउथ पुलिस के विशेष अभियान ‘आपका मोबाइल फिर से आपका’ के तहत CEIR पोर्टल की मदद से 519 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। बरामद मोबाइलों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 1.75 करोड़ रुपए बताई गई है। पुलिस ने ये मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए हैं। 5 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी राशि होल्ड साल 2026 में जुलाई तक साइबर पोर्टल की सहायता से 5 करोड़ 3 लाख 83 हजार 876 रुपए की संदिग्ध राशि होल्ड कराई गई है। वहीं 26 लाख 96 हजार 69 रुपए पीड़ितों के खातों में रिफंड कराए गए। इसके अलावा साल 2025-26 के दौरान जयपुर दक्षिण पुलिस ने करीब 18 हजार साइबर शिकायतों का निस्तारण किया। 5,500 से अधिक लोगों को किया साइबर जागरूक साइबर अपराध की रोकथाम के लिए साइबर सेल जयपुर दक्षिण ने विशेष जागरूकता अभियान चलाते हुए 20 स्कूलों और कॉलेजों सहित विभिन्न स्थानों पर 5,500 से अधिक लोगों को साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन ठगी से बचाव के बारे में जागरूक किया।

दो बाइक की टक्कर में एक युवक की मौत:ससुराल जाते समय धातरी गांव में हादसा, एक घायल हायर सेंटर रेफर

चूरू जिले के रतनगढ़ थाना क्षेत्र के धातरी गांव में सोमवार शाम दो बाइक की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। इस हादसे में ससुराल आए एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरी बाइक पर सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है। पुलिस के अनुसार पड़िहारा निवासी डालाराम मेघवाल (27) अपने ससुराल धातरी आया हुआ था। उसकी बाइक की टक्कर धातरी निवासी अनिल नायक (25) की बाइक से हुई। दुर्घटना में दोनों युवक घायल हो गए, जिन्हें तुरंत पड़िहारा सीएचसी ले जाया गया। वहां से उन्हें रतनगढ़ रेफर कर दिया गया। रतनगढ़ के जालान अस्पताल में डॉ. सुखवीर कस्वां ने डालाराम को मृत घोषित कर दिया। वहीं, अनिल को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया। सूचना मिलने पर रतनगढ़ थाना के एएसआई रामकुमार कस्वां अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने डालाराम के शव को पोस्टमार्टम के लिए जालान अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है।

श्रीगंगानगर से दुबई भेजने के नाम पर ठगी:2 लाख रुपए की नौकरी लगवाने का झांसा देकर 5 लाख ठगे, दो एजेंटों के खिलाफ मामला दर्ज

विदेश में नौकरी लगवाने के नाम पर युवक से लाखों रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। एजेंटों ने युवक को हर महीने लाखों रुपए कमाने का झांसा दिया और पैसे हड़प लिए। मामला श्रीगंगानगर के सदर थाना क्षेत्र का है। पुलिस को दी रिपोर्ट में रिद्धि-सिद्धि प्रथम निवासी मनोज कुमार ने गुरविंद्र निवासी फिरोजपुर और खुशविंद्र सिंह निवासी गुरदासपुर(पंजाब) के खिलाफ ठगी व धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। मनोज कुमार ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया- वह काम की तलाश में थे। इसी दौरान उन्होंने अपनी परिचित अल्का चौधरी को अपनी परेशानी बताई। अल्का ने उन्हें गुरविंद्र सिंह से मिलवाया। गुरविंद्र सिंह ने खुद को बड़ा बिजनेसमैन बताया। उसने दावा किया कि उसका चंडीगढ़ और दुबई में अच्छा कारोबार है तथा एक कंपनी चल रही है, जिसमें 200 लोग काम कर रहे हैं। उसने मनोज कुमार को आश्वासन दिया कि वह उन्हें दुबई में 2 लाख रुपए प्रतिमाह वाली नौकरी दिलवा देगा। इसके लिए कुल 8 लाख रुपए खर्च आएगा। मनोज कुमार ने भरोसा कर लिया और अपनी प्रॉपर्टी बेचकर 8 लाख रुपए की व्यवस्था की। 11 जून 2025 को मनोज ने आरोपियों को पूरे पैसे दे दिए। साथ ही उनके पास जरूरी दस्तावेज भी जमा कर दिए। पैसे लेने के बाद आरोपियों ने मनोज को दुबई नहीं भेजा। जब मनोज ने पूछताछ की तो गुरविंद्र और खुशविंद्र सिंह ने बहाना बनाया कि विदेशों में युद्ध चल रहा है, इसलिए फ्लाइट में दिक्कत आ रही है। इस तरह 3-4 महीने निकल गए, लेकिन नौकरी और दुबई जाने का सपना अधूरा ही रहा। जब मनोज कुमार ने 8 लाख रुपए वापस मांगे तो आरोपियों ने सिर्फ 3 लाख रुपए लौटाए। बाकी 5 लाख रुपए लौटाने से साफ इनकार कर दिया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच सहायक उपनिरीक्षक दिनेश कुमार मीणा कर रहे हैं।

ग्रामीण सेवा शिविर के फॉलो-अप शिविर:21 जुलाई से 31 अगस्त तक लगेंगे, अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना लक्ष्य

कोटपूतली जिले में “ग्रामीण सेवा शिविर-2026” के फॉलो-अप शिविर आयोजित किए जाएंगे। ये शिविर 21 जुलाई 2026 से 31 अगस्त 2026 तक चलेंगे। राज्य सरकार ने इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इससे पहले 12 जून से 15 जुलाई तक प्रदेशभर में “ग्रामीण सेवा शिविर-2026” का आयोजन किया गया था। इन शिविरों में राजस्व विभाग सहित कुल 21 विभागों ने भाग लिया था और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाया था। शेष रह गए कार्यों का निस्तारण होगा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब आयोजित होने वाले फॉलो-अप शिविरों में मुख्य अभियान के दौरान शेष रह गए कार्यों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाएगा। इन शिविरों का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप समन्वित रूप से कार्य करें। उन्हें फॉलो-अप शिविरों का सफल संचालन सुनिश्चित करने और प्रत्येक पात्र नागरिक को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का समयबद्ध लाभ उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।

सीकर में स्कॉर्पियो सवार युवक पर जानलेवा हमला:दो कैंपर में सवार होकर आए बदमाशों ने घेरा, गाड़ी को टक्कर मारी, केस दर्ज

सीकर में दो कैंपर और एक स्कॉर्पियो में सवार होकर आए बदमाशों ने स्कॉर्पियो सवार युवक पर जानलेवा हमला कर दिया। बदमाशों ने लूट और जान से मारने की नीयत से युवक की गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे स्कॉर्पियो पीछे से क्षतिग्रस्त हो गई। सीकर शहर के नजदीकी पालवास निवासी गंगा सिंह पुत्र अर्जुन सिंह ने सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट में आरोप लगाया कि 2 कैंपर और 1 अन्य स्कॉर्पियो में आए हमलवारों ने उसकी गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया, फिर जोरदार टक्कर मार दी। आरोप है कि हमलावरों ने जान से मारने की नीयत से वारदात को अंजाम दिया, जिससे उसे अंदरूनी चोटें आईं और उसकी स्कॉर्पियो क्षतिग्रस्त हो गई। स्कॉर्पियो को लगातार टक्कर मारते रहे बदमाश रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित गंगा सिंह शनिवार शाम करीब 4 बजे पिपराली से अपनी स्कॉर्पियो लेकर अपने गांव पालवास लौट रहा था। इसी दौरान पालवास रोड पर जीणमाता होटल के पास पहुंचते ही कैंपर वाहन ने उसकी गाड़ी के आगे और दूसरी कैंपर गाड़ी ने पीछे से टक्कर मार दी। आरोप है कि दोनों वाहन लगातार उसकी स्कॉर्पियो को टक्कर मारते रहे। पीड़ित का आरोप है कि मौके पर मौजूद जीणमाता होटल के राजपाल और भवानी सिंह ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया तो आरोपियों ने राजपाल पर भी वाहन चढ़ाने की कोशिश की, जिससे उसके पैर में चोट आई। पीड़ित ने रिपोर्ट में ईश्वर सिंह, लोकेन्द्र सिंह, दीवान सिंह, अरविंद सिंह, सुनील सिंह सहित 2-3 अन्य लोगों पर हमला करने का आरोप लगाया है। इसके आरोप है कि ये लोग एक अन्य स्कॉर्पियो में भी सवार थे। मौका पाकर गाड़ी से उतरकर बचाई जान पीड़ित गंगा सिंह ने बताया कि मौका पाकर वह वाहन से उतरकर अपनी जान बचाने में सफल रहा। इस दौरान आरोपियों ने उसकी स्कॉर्पियो में रखा बैग, 2 हजार रुपए नकद और कपड़े भी ले लिए और जाते-जाते जान से मारने की धमकी दी। वहीं, सदर थाना पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपों की जांच कर रही है।