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फलोदी में 8 जुलाई को कांग्रेस का सर्व धर्म सम्मेलन:सीमावर्ती क्षेत्र में ऑपरेशन क्लीन का विरोध, कलेक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन

कांग्रेस ने 8 जुलाई को जिला मुख्यालय पर सर्व धर्म सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा की है। यह सम्मेलन सीमावर्ती क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों को निशाना बनाए जाने के विरोध में किया जा रहा है। सम्मेलन के बाद कलेक्टर को एक ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। वरिष्ठ नागरिक और जनप्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा इस सर्व धर्म सम्मेलन की तैयारियों के लिए बुधवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में एक बैठक हुई। पूर्व विधायक किसनाराम बिश्नोई की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सर्व धर्म समाज के वरिष्ठ नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। ऑपरेशन क्लीन का किया विरोध बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक किसनाराम बिश्नोई ने कहा कि ‘डबल इंजन’ सरकार में जनता परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार हिंदू-मुस्लिम की राजनीति कर रही है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिति विकट हो गई है। बिश्नोई ने ‘ऑपरेशन क्लीन’ के नाम पर मस्जिदों और मंदिरों को तोड़े जाने का भी जिक्र किया। ये रहे मौजूद इस बैठक में कांग्रेस जिलाध्यक्ष सलीम नागौरी, वरिष्ठ नेता प्रकाश छंगाणी, कुंभ सिंह पातावत, पीसीसी सदस्य महेश व्यास, पंचायत समिति प्रधान हाजी उमरदीन, ताज मोहम्मद, गोपाल शर्मा, शीशपाल बिश्नोई, कीर्ति सिंह भील, प्रेम सिंह राजपुरोहित, श्रीगोपाल व्यास, हरभज नोखडा, सतीश पुरोहित एडवोकेट, नटवर मेघवाल सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

42 लाख रुपए की लागत से बनेंगी सड़कें:शहर की तीन मुख्य सड़कों को सुधारने का काम शुरू; लोगों को मिलेगी गड्ढों से राहत

उदयपुर शहर के लोगों को जल्द ही खराब और गड्ढों वाली सड़कों से राहत मिलेगी। शहर विधायक ताराचंद जैन ने अलग-अलग वार्डों के लिए मंजूर हुए 42 लाख रुपए के सड़क निर्माण कामों का बुधवार को शिलान्यास किया। इस बजट से शहर की तीन मुख्य सड़कों का कायाकल्प किया जाएगा। इसमें महाराष्ट्र भवन रोड, सत्यनारायण मंदिर के पीछे वाली रोड और राज रानी रोड नंबर 2 शामिल हैं। इन सड़कों के नए सिरे से बनने और मजबूत होने से स्थानीय निवासियों को आने-जाने में आ रही बड़ी परेशानी से छुटकारा मिल जाएगा। कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए विधायक ताराचंद जैन ने कहा- उदयपुर शहर का चारों तरफ से विकास करना और आम जनता को पानी, बिजली, सड़क जैसी बेहतर बुनियादी सुविधाएं देना ही उनकी सबसे पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कार्यक्रम में आए लोगों को भरोसा दिलाया कि शहर के हर वार्ड और गली-मोहल्ले तक विकास के कामों को पहुंचाया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा- जनता की भलाई और विकास से जुड़े कामों में बजट की कोई कमी कभी आड़े नहीं आने दी जाएगी। हर इलाके की समस्या को दूर किया जाएगा। इस कार्यक्रम के दौरान विधायक के साथ बीजेपी नेता विजय गोधा, राकेश जैन, गिर्राज सालवी, कुसुम पंवार, शोभा मेहता, अनिल कटारिया, नीलम रमेजा, चौसर माली, भावना और विशाल साहू आदि लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री भजनलाल का देवमाली दौरा कल, तैयारियां तेज:विधायक कानावत व अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का 2 जुलाई को देवमाली दौरा प्रस्तावित है। इसे लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। बुधवार को मसूदा विधायक वीरेंद्र सिंह कानावत और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर कमल राम मीणा, जिला पुलिस अधीक्षक, जिला परिषद अजमेर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. गोपाल लाल मीणा, अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्म लाल जाट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता, मंच निर्माण और बैठक व्यवस्था सहित सभी आवश्यक तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का लक्ष्य मुख्यमंत्री के इस प्रस्तावित दौरे को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सफल बनाना है। इसके लिए सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

सीकर में देशभर की 11 यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर-स्पीकर जुटेंगे:शेखावाटी के इतिहास, कला-संस्कृति पर करेंगे चर्चा; अगस्त में होगी नेशनल कॉन्फ्रेंस

सीकर में देश की 11 यूनिवर्सिटी के टॉप प्रोफेसर, स्पीकर और शोधकर्ता जुटेंगे। अगस्त महीने में 3 दिन की नेशनल कॉन्फ्रेंस में शेखावाटी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, प्राचीन भित्ति चित्रों और मूर्तिकला पर शोध और चर्चा की जाएगी। सीकर स्थित त्रिलोक सिंह रीसर्च और डवलपमेंट संस्थान के तत्वावधान में यह कॉन्फ्रेंस होगी। इस एकेडमिक आयोजन में देश के विभिन्‍न इतिहासकार शेखावाटी के छिपे हुए ऐतिहासिक पहलुओं और नई खोज की संभावनाओं पर मंथन करेंगे। संस्थान के सचिव केडी नेहरा ने बताया- 3 दिन के आयोजन में विभिन्न सत्र होंगे, जिन्हें स्पीकर्स व प्रोफेसर संबोधित करेंगे। पहले दिन पूरा सत्र समग्र भारतीय इतिहास के विभिन्न पहलुओं, राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य और शोध प्रवृत्तियों पर फोकस रहेगा। दूसरे दिन सभी प्रतिभागी इतिहासकार और शोधार्थी शेखावाटी अंचल के ऐतिहासिक स्थलों का ऑन-फील्ड (धरातलीय) भ्रमण करेंगे। इस दौरान शेखावाटी क्षेत्र की विश्वप्रसिद्ध मूर्तिकला, प्राचीन शिलालेखों, महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों और शेखावाटी की हवेलियों में बने दुर्लभ भित्ति चित्रों (फेस्को पेंटिंग्स) की बारीकी से सर्वे व स्टडी की जाएगी। नेशनल कॉन्फ्रेंस का अंतिम दिन शेखावाटी के इतिहास पर केंद्रित होगा। अंतिम दिन शेखावाटी के नए ऐतिहासिक साक्ष्यों और भविष्य में खोज की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। 8 जुलाई को देंगे सूचना सचिव नेहरा ने बताया- इस सेमिनार की मुख्य थीम (विषय) और विस्तृत कार्यक्रम की आधिकारिक सूचना 8 जुलाई को जारी की जाएगी। 8 जुलाई को आयोजित होने वाले प्रारंभिक कार्यक्रम की अध्यक्षता अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के हिस्ट्री डिपार्टमेंट के Ex HOD बीएल भादानी करेंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बुधवार को शिक्षाविद् शिवनाथ सिंह भड़िया, संस्थान के चेयरमैन गणेश बेरवाल, और एडवोकेट (वकील) सूरजभान सिंह मौजूद थे।

पत्नी की हत्या करने वाला पति गिरफ्तार, जेल भेजा:गृहक्लेश को लेकर शराब के नशे में मारपीट कर दबाया था गला

अजमेर में गृहक्लेश के बाद पत्नी के साथ मारपीट और गला दबाकर हत्या करने वाले पति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आदर्शनगर थाना पुलिस के अनुसार- भीलवाड़ा हाल राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय के पास डेरा निवासी माया भील पत्नी काना बावरिया की 24 मई को हत्या हो गई थी। वह अपने पति के साथ झुग्गी में रहती थी। हादसे की रात को पति काना शराब के नशे में था। किसी बात पर गुस्से में आकर पति ने पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट कर दी। बाद में उसका गला दबा दिया। अन्य लोगों ने बीच-बचाव किया। उसे गंभीर हालत में जेएलएन अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना के बाद पुलिस पहुंची और आरोपी पति को शांतिभंग में गिरफ्तार किया। कोर्ट में किया पेश, जेल भेजा पुलिस ने माया के भाई ग्राम कालिया आसिंद भीलवाड़ा निवासी रमेश को बुलाया और जेएलएन अस्पताल में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव उसे सौंप दिया। मृतका के भाई रमेश भील ने बताया- हमारा माया से 4-5 साल से कोई संपर्क नहीं है। मेरी बहन माया को काना अपने साथ भगा लाया था। वह तब से काना के साथ रह रही थी। उनके यहां कोई आना-जाना नहीं था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

मनरेगा को फिर बहाल करने की मांग, कलेक्ट्रेट पर तनातनी:अखिल भारतीय किसान सभा का प्रदर्शन; अतिक्रमण कार्रवाई पर उठाए सवाल

अखिल भारतीय किसान सभा ने झुंझुनूं में प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला। शहर में बुधवार को रैली निकालकर मनरेगा बहाली समेत कई मांगें रखी गई। रैली मुख्य मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची। जहां प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट में घुसने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस-प्रदर्शनकारियों में तनातनी हो गई। राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन में कई अन्य प्रमुख मांगें रखी गई। किसान सभा ने आरोप लगाया कि सुनियोजित साजिश के तहत मनरेगा को खत्म किया जा रहा है। फंड में कटौती और नियमों में बदलाव के कारण यह योजना दम तोड़ रही है। सरकार योजना को फिर से बहाल करे। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई तनातनी ​रैली जैसे ही कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर पहुंची, प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और बैरिकेड्स लांघकर अंदर घुसने की कोशिश करने लगे। इस दौरान वहां तैनात पुलिस बल ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई और स्थिति आमने-सामने के टकराव जैसी बन गई। अतिक्रमण कार्रवाई पर उठाए सवाल वक्ताओं ने कहा- अतिक्रमण के नाम पर गरीबों के घरों और धार्मिक स्थलों को तोड़ा जा रहा है। यह कार्रवाई तत्काल बंद की जाए। किसानों को एमएस स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) को कानूनी गारंटी दी जाए। वर्ष 2022-23 की रबी फसल के शेष मुआवजे का भुगतान तुरंत किया जाए। फसल बीमा का क्लेम ‘क्रॉप कटिंग’ रिपोर्ट के आधार पर दिया जाए। पुलिस पर छात्र को अवैध हिरासत में रखने का आरोप किसान सभा के नेता फूलचंद बर्बर ने कहा- 21 जून को झुंझुनूं पुलिस ने पातूसर गांव के निवासी छात्र नवीन कुमार को बिना किसी ठोस कारण या जुर्म के उसके घर (किसान कॉलोनी) से उठा लिया। पुलिस ने छात्र के साथ मारपीट की और बिना परिवार को सूचित किए उसे पूरे दिन अवैध तरीके से हिरासत में रखा। पुलिस ने उसके मोबाइल फोन से डेटा चोरी किया। 22 जून को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है।

डॉक्टर्स-डे पर लगा चिकित्सा शिविर:आंखों से लेकर ईसीजी तक की फ्री जांच; दवाईयां भी दी

डॉक्टर्स डे के अवसर पर ग्लोबल हेल्थ एंड वेलफेयर सोसायटी की ओर से निर्माण नगर स्थित फिटयोग संस्थान में निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य जांच कराई और विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लिया। सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. मुकेश गुप्ता ने बताया कि शिविर का उद्देश्य डॉक्टर्स डे के अवसर पर आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था। महासचिव डॉ. ओम बालोदिया और आयोजन सचिव लाइफ कोच इशिता बिंद्रा ने बताया कि शिविर में करीब 450 लोगों ने विभिन्न स्वास्थ्य जांच कराईं। सभी मरीजों को उचित चिकित्सकीय परामर्श देने के साथ आवश्यक दवाइयां भी उपलब्ध कराई गईं। शिविर में डॉ. श्वेता टिक्कीवाल, डॉ. विकास मित्तल, डॉ. स्वाति जैन, डॉ. पीयूष त्रिवेदी, डॉ. आजाद सिंह, डॉ. विनोद शर्मा, डॉ. एस.के. जोशी, डॉ. अंजू कोठारी, डॉ. मो. अमान, डॉ. सायमा अली, डॉ. अंकिता माथुर, डॉ. रिया शर्मा और डॉ. निशिता सोनी सहित करीब दो दर्जन डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं दीं। इस दौरान आंखों की जांच, ऑडियोमेट्री, थायरॉइड, लिपिड प्रोफाइल, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और ईसीजी समेत कई जांचें निशुल्क की गईं।

30 दिन जेल में रहे तो PM-CM की कुर्सी जाएगी:संसदीय समिति प्रावधान हटाने के पक्ष में नहीं; मानसून सत्र में बिल दोबारा आ सकता है

अगर कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री या राज्य मंत्री किसी गंभीर अपराध के मामले में गिरफ्तार होने के बाद लगातार 30 दिन तक न्यायिक हिरासत में रहता है, तो उन्हें पद छोड़ना पड़ सकता है। इससे जुड़े बिलों को सरकार मानसून सत्र में दोबारा पेश कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक 130वें संविधान संशोधन बिल पर बनी संसद की संयुक्त संसदीय समिति (JPC) इससे जुड़े प्रावधानों को हटाने के पक्ष में नहीं है। समिति 17 जुलाई को अपनी रिपोर्ट को मंजूरी दे सकती है। गृहमंत्री अमित शाह ने इससे जुड़े 3 बिलों को पिछले मानसून सत्र में संसद के दोनों सदनों में रखा था, जिसके बाद इसे इन्हें JPC को भेजने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया गया था। इस प्रस्तावित कानून से जुड़े सवालों के जवाब- 1.मामला क्या है? 130वें संविधान संशोधन विधेयक में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों की गिरफ्तारी से जुड़े प्रावधानों को लेकर संसद की संयुक्त संसदीय समिति (JPC) अपनी रिपोर्ट को 17 जुलाई को मंजूरी दे सकती है। 2.130वें संविधान संशोधन विधेयक में प्रस्तावित कानून क्या कहता है? 130वें संविधान संशोधन विधेयक के मुताबिक अगर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री या राज्य मंत्री किसी गंभीर अपराध (जिसमें 5 साल या उससे ज्यादा की सजा का प्रावधान है) के मामले में गिरफ्तार होकर लगातार 30 दिन तक न्यायिक हिरासत में रहते हैं, तो उन्हें पद छोड़ना पड़ सकता है। 3. क्या सिर्फ गिरफ्तारी होते ही पद छिन जाएगा? नहीं। सिर्फ गिरफ्तारी से पद नहीं जाएगा। प्रस्तावित प्रावधान तभी लागू होगा, जब व्यक्ति लगातार 30 दिन तक न्यायिक हिरासत में रहे। 4. क्या यह हर मामले में लागू होगा? नहीं। यह केवल उन मामलों में लागू होगा, जिनमें 5 साल या उससे अधिक की सजा का प्रावधान है। छोटे अपराध इसके दायरे में नहीं होंगे। 5. सरकार इस कानून की जरूरत क्यों बता रही है? सरकार का कहना है कि इससे सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही बढ़ेगी। उनका तर्क है कि गंभीर आरोपों में लंबे समय तक जेल में रहने वाला व्यक्ति मंत्री पद पर बना रहे, यह लोकतांत्रिक नैतिकता के खिलाफ है। 7. आगे क्या होगा? अभी यह सिर्फ प्रस्तावित संविधान संशोधन विधेयक है। यदि 17 जुलाई को JPC से मंजूरी मिलती है तो इसे लोकसभा और राज्यसभा में पेश किया जाएगा। इसके बाद अगर बिल दोनों सदनों से पास हो जाता है तो यह कानून बन सकेगा। 8. क्या बिल का दुरुपयोग हो सकता है? नहीं। JPC रिपोर्ट में ऐसे सुरक्षा उपाय जोड़ सकती है, जिससे राजनीतिक बदले की भावना से झूठे मामलों में गिरफ्तारी कर किसी सरकार को अस्थिर करने के लिए इस कानून का दुरुपयोग न हो। 9. क्या बिल को कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है? सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एके पटनायक के मुताबिक प्रस्तावित बिल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी सकती है। CBI-ED ने 2014 के बाद 13 सिटिंग मंत्रियों को गिरफ्तार किया 2014 के बाद कम से कम 13 सिटिंग मंत्रियों को CBI-ED गिरफ्तार कर चुकी हैं। इनमें से 10 गिरफ्तारियां PMLA के कड़े प्रावधानों के तहत हुईं। ज्यादातर गिरफ्तारियां AAP शासित दिल्ली और TMC शासित पश्चिम बंगाल में हुईं। किसी भाजपाई मंत्री की गिरफ्तारी नहीं हुई है। सिर्फ उत्तर प्रदेश के मंत्री राकेश सचान को अवैध हथियार के मामले में एक वर्ष की सजा हुई थी। वह जमानत के बाद पर बने रहे। केजरीवाल ने गिरफ्तारी के 6 महीने बाद भी इस्तीफा नहीं दिया, 3 केस से समझिए पूरे मामले को ——————————— ये खबर भी पढ़ें… तमिलनाडु में विजय सरकार गिराने की साजिश, TVK का दावा- 15 विधायकों का एक साथ इस्तीफा कराने रिश्वत देने की कोशिश तमिलनाडु में एक्टर विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के विधायकों को 35 करोड़ रुपए का लालच देकर राज्य सरकार को गिराने की कथित साजिश का दावा किया गया है। राज्य के खुफिया विभाग ने कहा है कि इस योजना को समय रहते नाकाम कर दिया गया। पूरी खबर पढ़ें…

CM आवास जाने से रोका तो प्रदर्शनकारियों को पथराव किया:पुलिस ने लाठीचार्ज कर खदेड़ा, आंसू गैस के गोले छोड़े; 12 से ज्यादा लोगों को चोटें आई

जयपुर में बुधवार शाम घुमंतू और अर्धघुमंतू जातियों की महापंचायत के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। महापंचायत के बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। पथराव में 12 से ज्यादा लोगों (पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग) को चोटें आई हैं। तनाव को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में कर लिया। पुलिस ने कुछ उपद्रवी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। अब देखिए, हंगामे से जुड़ी PHOTOS… 10% आरक्षण की मांग को लेकर बुलाई गई थी महापंचायत
घुमंतू और अर्धघुमंतू समाज के लोग 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर बुधवार को जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में महापंचायत कर रहे थे। महापंचायत खत्म होने के बाद शाम करीब 6 बजे समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने की घोषणा कर दी। पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त कर रखे थे और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की हुई थी। जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की तो पुलिस ने उनको रोक दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प शुरू हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और स्थानीय लोगों पर किया पथराव
डीसीपी (DCP) नॉर्थ करण शर्मा ने बताया- प्रदर्शनकारियों की मांगों को लेकर पुलिस ने उनके एक प्रतिनिधिमंडल (डेलिगेशन) की सरकार के उच्च स्तर पर मुलाकात भी करवाई थी, जहां काफी सकारात्मक वार्ता हुई। इसके बावजूद कुछ प्रदर्शनकारी अचानक उग्र हो गए। डीसीपी ने बताया- सुरक्षा के लिहाज से धरनास्थल पर बैरिकेडिंग की गई थी, जिसे प्रदर्शनकारियों ने तोड़ने की कोशिश की। कुछ लोगों ने स्थानीय निवासियों के साथ बदतमीजी की। जब उन्हें ऐसा करने से रोका गया, तो उन्होंने पुलिस और स्थानीय लोगों पर पथराव कर दिया। इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर उपद्रवियों को खदेड़ा। पथराव में 12 से ज्यादा लोगों (पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग) को चोटें आई है। पुलिस के लाठीचार्ज में कुछ प्रदर्शनकारी भी चोटिल हुए हैं। पुलिस ने करीब 50 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है।