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हनुमानगढ़ पुलिस का महिला सुरक्षा संकल्प: 38 महिलाओं का सम्मान:'सुरक्षित महिला, सशक्त समाज' का दिया संदेश

हनुमानगढ़ जिला पुलिस ने शुक्रवार को टाउन स्थित सेंट्रल पार्क में आयोजित ‘महिला सुरक्षा संकल्प कार्यक्रम–संवाद एवं सम्मान समारोह’ में समाज सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 38 महिलाओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में महिलाओं को सुरक्षा कानूनों, हेल्पलाइन सेवाओं, साइबर अपराध से बचाव, राजकॉप सिटीजन ऐप और आत्मरक्षा के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। देर रात तक चले आयोजन में महिला सुरक्षा को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए जागरूकता और सम्मान का संदेश दिया गया। महिला सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना ने कहा कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों, कानूनों और तकनीकी संसाधनों की जानकारी होगी तो वे किसी भी संकट की स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त कर सकेंगी। उन्होंने समाज से महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार अपनाने और सुरक्षित माहौल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। हेल्पलाइन और सुरक्षा सेवाओं की दी जानकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एसआईयूसीएडब्ल्यू) राजकंवर ने महिला सुरक्षा अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए महिलाओं को राजकॉप सिटीजन ऐप, महिला गरिमा हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112, साइबर हेल्पलाइन 1930, वन स्टॉप सेंटर, POSH एक्ट, शी-बॉक्स, पॉक्सो ई-बॉक्स और महिला बीट अधिकारी योजना की जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं से राजकॉप ऐप डाउनलोड कर उसके एसओएस फीचर का उपयोग सीखने की अपील भी की। जिले में कालिका पेट्रोलिंग की नौ टीमें सक्रिय अधिकारियों ने बताया कि जिले में वर्तमान में कालिका पेट्रोलिंग की नौ इकाइयां कार्यरत हैं। इनमें हनुमानगढ़ जंक्शन और टाउन में तीन-तीन, जबकि रावतसर, नोहर और भादरा में एक-एक इकाई संचालित है। ये टीमें स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर नियमित गश्त कर महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं तथा शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई करती हैं। आत्मरक्षा प्रदर्शन बना आकर्षण कार्यक्रम में आत्मरक्षा प्रशिक्षण का लाइव प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहा। उप निरीक्षक संतोष ढाका और एएसआई गायत्री चौधरी के निर्देशन में मास्टर ट्रेनर हेड कांस्टेबल इन्द्रा ने महिलाओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन कर व्यावहारिक जानकारी दी। इस दौरान मूक-बधिर बालिका संगीता ने भी आत्मरक्षा का प्रदर्शन कर मौजूद लोगों को प्रेरित किया।

एक लापरवाही पर हो सकती है आईआईटी सीट निरस्त:चौथे राउंड की ऑनलाइन रिपोर्टिंग 13 जुलाई शाम 5 बजे तक, फाइनल एडमिशन का तरीका अलग

देश के आईआईटी, एनआईटी समेत 134 शीर्ष तकनीकी संस्थानों की 67,323 सीटों पर प्रवेश के लिए जोसा काउंसलिंग का दौर जारी है। चौथे राउंड के सीट आवंटन के बाद अब स्टूडेंट्स के पास 13 जुलाई शाम 5 बजे तक ऑनलाइन रिपोर्टिंग करने का मौका है। करियर एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर ऑनलाइन रिपोर्टिंग के दौरान अपलोड किए गए डॉक्यूमेंट्स में कोई कमी पाई जाती है, तो स्टूडेंट्स को 14 जुलाई शाम 5 बजे तक हर हाल में क्वेरी का जवाब देना होगा। ऐसा नहीं करने पर आवंटित सीट तुरंत निरस्त कर दी जाएगी। फाइनल एडमिशन की प्रक्रिया अलग एजुकेशन एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि पांचवें राउंड के बाद आईआईटी और एनआईटी सिस्टम में फाइनल एडमिशन की प्रक्रिया पूरी तरह अलग होगी। स्टूडेंट्स को इन नियमों को बारीकी से समझना होगा। जिन स्टूडेंट्स को IIT की सीटें अलॉट हुई हैं, उन्हें आवंटित आईआईटी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर शेष कॉलेज फीस और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी लेनी होगी। इसके बाद स्टूडेंट्स को अलॉटेड कॉलेज में फिजिकल रिपोर्टिंग (स्वयं उपस्थित होकर) के माध्यम से अपनी प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी। फीस जमा नहीं कराने पर सीट रद्द हर आईआईटी की फिजिकल रिपोर्टिंग की तारीखें अलग-अलग हैं। एनआईटी सिस्टम में सीट मिलने पर स्टूडेंट्स को सबसे पहले 22 से 24 जुलाई के बीच आंशिक प्रवेश फीस ऑनलाइन जमा करानी होगी। फीस जमा नहीं करने पर सीट रद्द हो जाएगी। आईआईटी सीट नहीं छोडी तो अगले साल एडवांस से बाहर एजुकेशन एक्सपर्ट ने बतया कि अगर स्टूडेंट इस साल मिली आईआईटी की सीट से संतुष्ट नहीं हैं और अगले साल जेईई एडवांस की परीक्षा में दोबारा बैठना चाहते हैं, तो आपके लिए 14 जुलाई शाम 5 बजे तक सीट विड्रॉल (सीट छोड़ना) करना अनिवार्य है। अगर तय समय तक आईआईटी की सीट विड्रॉल नहीं की, तो आप अगले साल जेईई-एडवांस्ड परीक्षा देने के लिए अपात्र हो जाएंगे। यह नियम एनआईटी सिस्टम पर लागू नहीं होता। एनआईटी की सीट छोड़ने या नहीं छोड़ने का असर अगले साल की जेईई-मेन या जेईई-एडवांस्ड की पात्रता पर नहीं पड़ता है।

विदेश भेजने वाली फ्रेंचाइजी देने के नाम पर 64-लाख ठगे:आरोपी को NIA ने गिरफ्तार किया तो पत्नी बोली- हमारे पक्ष में गवाही दोगे तो पैसे मिलेंगे

सीकर में विदेश भेजने वाली कंपनी की फ्रेंचाइजी दिलवाने के नाम पर करीब 64 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया के जरिए युवक आरोपियों के कॉन्टैक्ट में आया था। कंपनी का एक डायरेक्टर नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) के द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया। अब वह आरोपी खुद के पक्ष में गवाही देने पर ही पैसे लौटाने की बात कर रहा है। सीकर के बलारां थाना इलाके के बैरास गांव निवासी रविकांत शर्मा ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि सोशल मीडिया पर दिखे ऐड के कारण वह हरियाणा निवासी बलवंत कटारिया के कॉन्टैक्ट में आया। बलवंत ने रविकांत को कहा कि उसकी एक फर्म है, जो विदेश भेजने का काम करती है। आपको इसकी एक फ्रेंचाइजी अलॉट कर दूंगा। इसके बदले 50 लाख रुपए लगेंगे। इसके बाद तीन से चार दिन बलवंत ने रविकांत को कोई भी कॉल नहीं किया। बाद में नाम सहित अन्य जानकारी मांगी। रविकांत ने फ्रेंचाइजी लेने से मना कर दिया। कहा कि मेरे पास इतने पैसे नहीं है, मैं एक साधारण परिवार से हूं। तब बलवंत ने रविकांत को कहा कि मैं तुमसे मिलना चाहता हूं। आप सीकर हेडक्वार्टर पर ऑफिस की व्यवस्था करो। पैसे जैसे बनेंगे, वैसे मुझे देते रहना। फ्रेंचाइजी की फीस नहीं होने पर दोस्त से बात की रविकांत हरियाणा निवासी बलवंत की बातों में आ गया। सीकर में ऑफिस भी ले लिया। बलवंत की पत्नी रेणु और मंजू सिंह ने भी रविकांत को फ्रेंचाइजी लेने के लिए मोटिवेट किया। फ्रेंचाइजी की फीस अकेले नहीं दे पाने के कारण रविकांत ने अपने दोस्त विनोद कुमार से बात की। उसने फ्रेंचाइजी लेने के लिए हां कर दिया। इसके बाद विनोद कुमार ने आरवी कंसलटेंसी नाम की फर्म का गठन किया। उद्घाटन के वक्त बलवंत कटारिया भी मौजूद रहा। इसके बाद बलवंत की कंपनी और आर्मी कंसल्टेंसी के जरिए एक डीड तैयार करवाई गई। इसमें बिजनेस संबंधी एग्रीमेंट था। डीड होने के बाद रविकांत ने रेणु और मंजू को 56 लाख 86 हजार 785 रुपए दे दिए। मानव तस्करी के केस में गिरफ्तार हुआ बलवंत इसके बाद सामने आया कि नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी ने बलवंत कटारिया को मानव तस्करी, धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में गिरफ्तार किया गया। डायरेक्टर मंजू सिंह फरार हो गई। पूरा कारोबार बलवंत कटारिया की पत्नी रेणु ने संभाल लिया। रेणु ने रविकांत से पहले दिए गए पासपोर्ट का काम करने सहित अन्य काम का नाम लेकर 8 लाख रुपए ले लिए। इधर, जिन लोगों को विदेश भेजने के नाम पर रविकांत और विनोद को रुपए दिए थे। वह रुपए लेने के लिए वापस प्रेशर बनाने लगे। 5 अप्रैल 2026 को जब रविकांत बलवंत कटारिया के घर पर गया तो उसकी पत्नी रेणु ने कहा कि अभी वह नहीं मिल सकते। आप पहले लिखकर दो कि नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी कोर्ट में चल रहे मुकदमों में हमारे पक्ष में गवाही दोगे तब ही पैसे मिलेंगे। इसी दौरान बलवंत ने पिस्टल दिखाते हुए बातचीत की। फिलहाल बलारां पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।

झालावाड़ पुलिस 282 पुलिसकर्मियों के तबादले:250 कांस्टेबल, 18 हेड कांस्टेबल और 14 ASI के तबादले; SP ने दिए आदेश

झालावाड़ जिले में पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने तीन अलग-अलग आदेश जारी कर 250 कांस्टेबल, 18 हेड कांस्टेबल और 14 सहायक उप निरीक्षकों (एएसआई) का तबादला किया है। तबादले के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से नए पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। तीन आदेशों में हुए बड़े तबादले पुलिस अधीक्षक अमित कुमार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार जिले के विभिन्न पुलिस थानों, चौकियों और शाखाओं में कार्यरत पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण किया गया है। यह फेरबदल तीन अलग-अलग आदेशों के माध्यम से लागू किया गया। लंबे समय से जमे कार्मिक बदले सूची में ऐसे कई पुलिसकर्मी शामिल हैं जो लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात थे। उन्हें अन्य थानों में भेजा गया है। साथ ही, कई रिक्त पदों पर नई नियुक्तियां कर पुलिस बल की उपलब्धता बढ़ाने का प्रयास किया गया है। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की कवायद पुलिस विभाग के इस बड़े फेरबदल को कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने, प्रशासनिक कार्यों में गति लाने तथा पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि नई तैनातियों से विभिन्न क्षेत्रों में पुलिसिंग की कार्यक्षमता बढ़ेगी। तत्काल कार्यभार संभालने के निर्देश स्थानांतरण सूचियां जारी होने के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से नवीन पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय स्तर पर इन आदेशों की अनुपालना शुरू कर दी गई है। पहले भी हुए थे तबादले गौरतलब है कि कुछ समय पहले भी जिले में बड़ी संख्या में सहायक उप निरीक्षकों और हेड कांस्टेबलों के तबादले किए गए थे। मौजूदा आदेशों के साथ पुलिस विभाग में पुनर्गठन की प्रक्रिया और तेज हो गई है।

37 चोरी की बाइक बरामद, 5 आरोपी अरेस्ट:नोटरी से फर्जी RC बनाकर ग्रामीणों को बेचते थे, अन्नपूर्णा रसोई में खाने आते थे चोर

कोटा ग्रामीण पुलिस ने ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग के तहत दुपहिया वाहन चोर गिरोह के खिलाफ कर्रवाई करते हुए 37 चोरी की बाइक बरामद की हैं। ग्रामीण पुलिस एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि रामगंजमंडी, इटावा, मोडक थाना पुलिस और साइबर टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर 5 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान दिलराज उर्फ राकेश भील, टीकम भील, मुबारिक उर्फ अंगुरिया, रमेश कुमार उर्फ रामहेत बैरवा और रवि कुमार बैरवा के रूप में हुई है। सभी आरोपियों का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि विशेष अभियान के दौरान जिला कोटा ग्रामीण से चोरी हुई 8, कोटा शहर से 9, बूंदी से 6, झालावाड़ से 4 और मध्यप्रदेश के विभिन्न थाना क्षेत्रों से चोरी हुई 2 मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। जबकि 8 अन्य बरामद मोटरसाइकिलों के संबंध में जांच जारी है और उनके मालिकों की पहचान की जा रही है। रेकी कर देते थे वारदात को अंजाम पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह सार्वजनिक स्थानों, बाजारों और मुख्य सड़कों पर सुनसान जगहों पर खड़ी मोटरसाइकिलों की पहले रेकी करते थे और मौका मिलते ही उन्हें चुरा लेते थे। चोरी के बाद वाहनों के फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे और उन्हें नोटरी के जरिए वैध दिखाकर ग्रामीण क्षेत्रों के भोले-भाले लोगों को बेच दिया जाता था। गिरोह के सदस्य अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते थे। कोई वाहन चोरी करता था, कोई फर्जी आरसी तैयार करता था और अन्य आरोपी चोरी के वाहनों की बिक्री करवाते थे। पुलिस ने बताया कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए जिले के वाहन चोरी वाले हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए। सीसीटीवी फुटेज का तकनीकी विश्लेषण किया गया, मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया और पूर्व में चालानशुदा अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी गई। पहचान छुपाने के लिए अलग-अलग नामों का इस्तेमाल करते थे इसके अलावा अन्नपूर्णा रसोई पर भी निगरानी रखी गई, क्योंकि आरोपी पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग नामों से वहां भोजन करने आते थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें ट्रैक कर गिरफ्तार कर लिया।
पूरे अभियान में रामगंजमंडी, इटावा, मोडक थाना पुलिस, साइबर सेल और एमओबी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनसे वाहन चोरी की कई अन्य वारदातों का खुलासा होने की संभावना है। ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग के जरिए पुलिस ने अंतरजिला वाहन चोरी नेटवर्क पर बड़ी चोट करते हुए कई पीड़ितों की चोरी हुई मोटरसाइकिलें वापस दिलाने में सफलता हासिल की है।

बूंदी पुलिस में 18 निरीक्षक-उपनिरीक्षक के तबादले:कानून-व्यवस्था को धार देने की तैयारी, तालेड़ा-हिंडोली समेत कई थानों की बदली कमान

बूंदी पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने 18 निरीक्षक और उपनिरीक्षकों के तबादले किए हैं। इस बदलाव के तहत तालेड़ा, हिंडोली, कापरेन, रायथल, देवखेड़ा, महिला थाना और अन्य महत्वपूर्ण थानों में नए थानाधिकारी नियुक्त किए गए हैं। विभाग का मानना है कि इससे जिले की कानून-व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। तालेड़ा, हिंडोली और कापरेन में नए थानाधिकारी जारी आदेश के अनुसार, हिंडोली थानाधिकारी मुकेश कुमार यादव को तालेड़ा थाने की कमान सौंपी गई है। वहीं तालेड़ा में तैनात अरविंद कुमार को हिंडोली भेजा गया है। भगवान सहाय मीणा का तबादला कापरेन से गेण्डोली किया गया है, जबकि डीएसटी प्रभारी राजाराम जाट को कापरेन का नया थानाधिकारी बनाया गया है। अन्य थानों में भी हुए महत्वपूर्ण बदलाव तबादला सूची के अनुसार हरलाल मीणा को रायथल से पुलिस लाइन बूंदी भेजा गया है। दलवीर सिंह को रायथल और रामनरेश मीणा को देवखेड़ा का थानाधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं दिनेश कुमार शर्मा को पुलिस लाइन से महिला थाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा हनुमान सहाय को देई थानाधिकारी, हनुमानराम बिश्नोई को डीएसटी बूंदी का प्रभारी तथा रामलाल मीणा को डीएसबी बूंदी का प्रभारी बनाया गया है। देशराज सिंह को तालेड़ा से कोतवाली और हजारी सिंह को कोतवाली से नैनवां स्थानांतरित किया गया है। मुकेश कुमार यादव की तैनाती पर खास नजर तालेड़ा के नए थानाधिकारी बने मुकेश कुमार यादव पहले नैनवां में द्वितीय थानाधिकारी, करवर और कापरेन जैसे महत्वपूर्ण थानों में सेवाएं दे चुके हैं। उनकी कार्यशैली को लेकर जिले में चर्चा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, संवेदनशील माने जाने वाले तालेड़ा थाने की जिम्मेदारी उन्हें अनुभव और कार्यकुशलता को देखते हुए सौंपी गई है। उन्हें जनता से बेहतर संवाद स्थापित करने और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने वाले अधिकारी के रूप में जाना जाता है। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की कवायद पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी स्थानांतरण आदेशों की प्रतिलिपि आईजी कोटा रेंज, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बूंदी और संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है। पुलिस विभाग का मानना है कि इस प्रशासनिक फेरबदल से जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी तथा मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

डूंगरपुर पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल:13 सीआई, 11 एसआई सहित 289 पुलिसकर्मियों का तबादला

उदयपुर रेंज में पुलिस अधिकारियों के तबादलों के बाद अब डूंगरपुर जिले में भी पुलिसकर्मियों की बड़ी तबादला सूची जारी की गई है। इसमें सीआई से लेकर कॉन्स्टेबल तक के 289 पुलिसकर्मी शामिल हैं। इन तबादलों से जिले के कई थानों में थानाधिकारी और पुलिस बल में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेगा। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने शुक्रवार देर रात यह तबादला सूची जारी की। इसमें 13 पुलिस निरीक्षक (सीआई), 11 उप-निरीक्षक (एसआई), 92 सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई), 75 हेड कॉन्स्टेबल और 98 कॉन्स्टेबल शामिल हैं। नए पदस्थ किए गए सीआई, एसआई, एएसआई और हेड कॉन्स्टेबल को भी नई जगह पर तैनाती मिली है। इन तबादलों के परिणामस्वरूप कई थानों के प्रमुख बदल गए हैं। हिमांशु सिंह को डूंगरपुर शहर का नया कोतवाल नियुक्त किया गया है। महिला सीआई संगीता बंजारा को सदर थानाधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। देवेंद्र सिंह देवल को धम्बोला से बिछीवाड़ा थानाधिकारी बनाया गया है, जबकि चंद्रशेखर धम्बोला के सीआई होंगे। मुकेश मेघवाल को साइबर थाना, शिवराज गुर्जर को दोवड़ा थानाधिकारी और तेज सिंह को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसआईयूसीएडब्ल्यू कार्यालय में पदस्थ किया गया है। रामेशलाल चितरी थानाधिकारी, विनोद कुमार अपराध सहायक और शैलेंद्र सिंह सदर थाने से आसपुर थानाधिकारी बनाए गए हैं। रतनलाल को चौरासी थानाधिकारी, नारायणलाल को एएचटीयू कार्यालय और घनश्याम सिंह को साइबर थाना भेजा गया है। उप-निरीक्षकों में देवेंद्र सिंह को वरदा, रघुवीर सिंह को कुंआ, भरतलाल को निठाउवा, कांतिलाल को कोतवाली, अमृतलाल को दोवड़ा, लक्ष्मणलाल को पुनर्वास कॉलोनी सागवाड़ा, रमेशचंद्र को धम्बोला, कालूलाल को चौरासी, नारायणलाल को दोवड़ा अस्थायी चौकी बनकोड़ा, रमेशचंद्र हाजाजी को कोतवाली और रमेशचंद्र मोतीराम को चौकी देवल सदर थाना में स्थानांतरित किया गया है।

श्रीगंगानगर में थानाधिकारी से लेकर हेड कॉन्स्टेबल तक बदले:लंबे समय बाद हुआ फेरबदल, पढ़ें- पूरी लिस्ट

श्रीगंगानगर पुलिस अधीक्षक (एसपी) हरीशंकर ने शुक्रवार देर रात और शनिवार सुबह सीआई, एएसआई और हेड कॉन्स्टेबल के तबादले किए हैं। ट्रांसफर लिस्ट में जिले में 20 सीआई-एसएचओ, 139 एएसआई और 128 हेड कॉन्स्टेबल के तबादले किए गए हैं। हालांकि, कई थानाधिकारी यथावत रखे गए हैं। तेजवंत सिंह बराड़ को कोतवाली थाना प्रभारी लगाया गया है। तेजवंत सिंह इससे पहले गोलूवाला थाना प्रभारी थे। वहीं, कोतवाली थाना प्रभारी पृथ्वीपाल सिंह को मुकलावा थाना प्रभारी लगाया गया है। महिला थाना प्रभारी कलावती चौधरी का तबादला सूरतगढ़ किया गया है। कलावती चौधरी सूरतगढ़ शहर की थाना प्रभारी होंगी। वहीं, पुरानी आबादी थाना प्रभारी रमेश कुमार को पुलिस थाना साइबर प्रभारी लगाया गया है। जबकि साइबर थाना के प्रभारी रहे सतवीर मीणा का तबादला घमूड़वाली किया गया है। सतवीर मीणा अब घमूड़वाली थाना प्रभारी होंगे। चूनावढ़ थाना प्रभारी रामप्रताप/रतनाराम को हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया है। श्रीविजयनगर थाना प्रभारी सुमन परिहार को पुरानी आबादी थाना में लगाया गया है। वहीं, सुभाष बिश्नोई अब लालगढ़ जाटान थाना प्रभारी होंगे। रचना बिश्नोई को महिला थाना अधिकारी लगाया गया है। अब देखिए पुलिस निरीक्षक ट्रांसफर लिस्ट

कार से 117 किलो डोडा बरामद, बुजुर्ग गिरफ्तार:पिता-पुत्र कर रहे नशे की तस्करी, बाहर से लाकर इलाके में कर रहे सप्लाई

डांगियावास थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बिसलपुर के खातियासनी रोड पर एक बड़ी की है। पुलिस ने एक ढाणी के बाड़े में खड़ी सफेद रंग की वरना कार से भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ डोडापोस्त बरामद किया है । पुलिस ने मौके से करीब 117.370 किलोग्राम डोडापोस्त जब्त कर 60 साल के बुजुर्ग को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तस्करी में शामिल उसका बेटा मौके से फरार हो गया। हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस को कार के अंदर से 5 अलग-अलग नंबरों की फर्जी नंबर प्लेटें भी मिली हैं। डांगियावास थानाधिकारी दौलाराम ने बताया कि 9 जुलाई की शाम करीब 7 बजे मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि खातियासनी रोड पर भागीरथ विश्नोई की ढाणी के बाड़े में एक सफेद वरना कार खड़ी है, जिसमें अवैध मादक पदार्थ के कट्टे भरे हुए हैं। सूचना पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। वहां मकान मालिक भागीरथ तो नहीं मिला, लेकिन मौके पर लादूराम विश्नोई (60) और श्यामसुंदर मिले। बुजुर्ग ने कहा- मेरे पास चाबी नहीं है जब पुलिस ने बाड़े में खड़ी वरना कार के बारे में पूछा तो लादूराम ने बताया कि यह कार उसकी है, जिसे उसका बेटा नरेश विश्नोई कुछ समय पहले यहां छोड़कर गया था। पुलिस ने जब कार की चाबी मांगी तो लादूराम घबराने लगा और चाबी पास नहीं होने की बात कही। कार में दिख रहे थे कट्टे कार के शीशों से अंदर काले प्लास्टिक के कट्टे साफ नजर आ रहे थे। कड़ाई से पूछताछ करने पर लादूराम ने माना कि कार के अंदर उसका बेटा नरेश डोडापोस्त भरकर लाया है। इसके बाद पुलिस ने कार के बाएं तरफ का अगला शीशा तोड़ा और लॉक खोलकर तलाशी ली। डिक्की से 4 कट्टे बरामद पुलिस ने जब कार की तलाशी ली तो चालक सीट के पीछे से 2 कट्टे और कार की डिक्की से 4 कट्टे बरामद हुए। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से तोल करने पर सभी 6 कट्टों का कुल वजन 117.370 किलोग्राम निकला । इसके अलावा कार की सीट के नीचे से पुलिस को 5 संदिग्ध नंबर प्लेटें मिलीं, जो प्रथम दृष्टया फर्जी पाई गईं । पुलिस ने जब कार की बारीकी से जांच की तो उसके इंजन और चेसिस नंबर भी घिसे हुए मिले, जिससे अंदेशा है कि कार चोरी की भी हो सकती है। बाहर से लाकर इलाके में नशे की सप्लाई गिरफ्तार आरोपी लादूराम ने पुलिस पूछताछ में कबूल किया कि उसका 30 साल का बेटा नरेश विश्नोई बाहर से अवैध मादक पदार्थ की तस्करी कर लाता था और वह उसे यहां बेचने का काम करता था फिलहाल पुलिस ने अवैध डोडापोस्त, फर्जी नंबर प्लेटें, तस्करी में प्रयुक्त वरना कार और आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी लादूराम पुत्र राणाराम विश्नोई को एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसका बेटा नरेश विश्नोई फिलहाल फरार है।

सिरोही में 11 थानाधिकारियों का तबादला:एक स्थान से दूसरे स्थान पर लगाया, शिवगंज SHO को स्वयं की एप्लीकेशन पर लाइन में भेजा

सिरोही एसपी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने जिले में 11 थाना अधिकारियों का स्थानांतरण किया है। आदेश के अनुसार कई अधिकारियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा गया है। स्वरूपगंज थाना अधिकारी ओम प्रकाश चौधरी को शिवगंज थाना अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं, साइबर थाने से चैल सिंह को पिंडवाड़ा थाना अधिकारी बनाया गया है। शिवगंज थाना अधिकारी बाबूलाल को उनके स्वयं के प्रार्थना पत्र पर शिवगंज थाने से पुलिस लाइन सिरोही में संचित निरीक्षक के पद पर भेजा गया है। पैलेडियम थाना अधिकारी कैलाश स्थान को पुलिस थाने में स्थानांतरित किया गया है। SIUCAW कार्यालय से माया पंडित को महिला पुलिस थाना भेजा गया है, जबकि पुलिस लाइन सिरोही से गंगा प्रसाद को साइबर थाना सिरोही की जिम्मेदारी दी गई है। प्रतिस्थापन की प्रतीक्षा में चल रहे बंशीलाल को एससी-एसटी कार्यालय सिरोही में पदस्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त चंद्रवीर को जिला विशेष शाखा प्रभारी, शंकर राम कड़वा को AHTU कार्यालय प्रभारी और तेजकरण को अपराध सहायक, अपराध शाखा कार्यालय का प्रभार दिया गया है। पिंडवाड़ा थाना अधिकारी महेंद्र सीरवी को पुलिस लाइन भेजा गया है।